Monday, November 3, 2008

ई-मनीआर्डर से झट मिलेगा धन

डाक विभाग की मनीआर्डर सेवा अब इलेक्ट्रनिक नेटवर्क से जुड़ गई है। जहाँ पहले मनीआर्डर देश के विभिन्न भागो में मैनुअली भेजा जाता था, वहीं अब यह कम्प्यूटर नेेटवर्क के माध्यम से भेजा जायेगा, ताकि मनीआर्डर प्रेषण की गति को तीव्रतम किया जा सके। इस सेवा में मनीआर्डर भेजने वाले को कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा। मनीआर्डर प्रेषक को बुकिंग कार्यालय द्वारा 18 अंक का एक पी0एन0आर0 नम्बर उपलब्ध कराया जायेगा, जिसके माध्यम से वह मनीआर्डर के पेमेन्ट के संबंध में ट्रैक एवं ट्रेस द्वारा जानकारी प्राप्त कर सकता है। भुगतानकर्ता डाकघर द्वारा प्रिन्टआउट निकाल कर डाकिया द्वारा तत्काल पेमेन्ट कराया जायेगा और उसी दिन भुगतानकर्ता डाकघर द्वारा नेट पर पेमेन्ट के संबंध में जानकारी डाल दी जायेगी और बुकिंग आफिस के पास भुगतान की सूचना तत्काल इलेक्ट्रानिक नेटवर्क द्वारा पहुँच जायेगी। इलेक्ट्रानिक मनीआर्डर सर्विस में साधारण मनीआर्डर फार्म की जगह अलग तरह के फार्म प्रयुक्त होंगे, जिसके लिए कोई शुल्क नहीं लिया जायेगा। मनीआर्डर में सन्देश की जगह को भी Standardised कर दिया गया है और विभिन्न कार्यो हेतु कुल 21 तरह के संदेश भेजे जा सकते हैं। मनीआर्डर भेजने वाला फार्म पर इस कोड मात्र को अंकित कर देगा।

गौरतलब है कि वर्तमान में एक बार में 5000 रूपये तक के मनीआर्डर भेजे जा सकते हैं और इसके लिए प्रति 20 रूपये हेतु मात्र 1 रूपये शुल्क रूप में लिये जाते हैं। इलेक्ट्रानिक मनीआर्डर के तहत भी मात्र यही शुल्क लिया जायेगा और इलेक्ट्रानिक ट्रान्समिशन हेतु ग्राहकों से कोई भी अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जायेगा।

धन प्रेषण हेतु डाक विभाग की अन्य प्रचलित सेवायें :-
१- तत्काल धनादेश सेवा- डाक विभाग की इस आनलाइन मनी ट्रान्सफर सेवा में न्यूनतम 1,000 रूपये से अधिकतम 50,000 रूपये तक एक बार में भारत में कहीं भी भेजे जा सकते हैं। इसमें प्रथमतः 1,000 - 5,000 हेतु रूपये 150 एवं तद्ोपरान्त प्रति 5,000 पर 20 रूपये अतिरिक्त शुल्क जुड़ते जायेंगे। अर्थात् मात्र 330 रूपये में 50,000 रूपये की राशि भेजी जा सकती है।

२-स्पीड पोस्ट मनीआर्डर सेवा- यह साधारण मनीआर्डर सेवा में वैल्यू-एडीशन है। साधारण मनीआर्डर शुल्क में मात्र 10 रूपये अतिरिक्त जोड़कर उसे स्पीड पोस्ट के माध्यम से भारत में भेजा जा सकता है।

३- इण्टरनेशनल मनी ट्रान्सफर सेवा- वेस्टर्न यूनियन कम्पनी के साथ समझौते के तहत विदेशों से चिन्हित डाकघरों के माध्यम से धन की प्राप्ति।

2 comments:

राजीव थेपड़ा ( भूतनाथ ) said...

डाकिया भाई.......आप तो ये बड़ा ही अच्छा काम कर रहे है....आपकी पिछली कहानी भी अच्छी लगी....और सामान्य ज्ञान को बढाती ये रचना भी......!!

हिंदी साहित्य संसार : Hindi Literature World said...

Chaliye Dakiya Babu letters ke sath-sath nai-nai jankari bhi de rahe hain.