Tuesday, March 12, 2013

डाक विभाग ने कुम्भ पर्व के अंतिम स्नान महाशिवरात्रि पर जारी किया विशेष डाक आवरण

डाक विभाग द्वारा कुम्भ पर्व में महाशिवरात्रि के स्नान (10 मार्च) पर विशेष आवरण का विरूपण एवं विमोचन जारी किया गया। इलाहाबाद प्रधान डाकघर में आयोजित कार्यक्रम में राजर्षिटंडन मुक्तविश्वविधालय के कुलपति प्रो. ए॰ के॰ बक्शी ने पोस्टमास्टर जनरल लेफ्टिनेंट कर्नल ए॰ के. गुप्ता  निदेशक डाक सेवाएँ  कृष्ण कुमार यादव के साथ विशेष आवरण का विरूपण एवं विमोचन किया।
      इस अवसर पर अपने उदबोधन में मुख्य अतिथि प्रो॰ ए॰ के॰ बक्शी ने कहा कि भारत में प्राचीन काल से ही धर्म एवं आध्यात्म की एक लम्बी परंपरा रही है और कुम्भ उन सभी को आत्मसात करते हुए एक लघु भारत का एहसास है। उन्होने कुम्भ पर्व के अंतिम स्नान महाशिवरात्रि पर जारी विशेष आवरण की सराहना करते हुए कहा कि इनके माध्यम से प्रयाग एवं कुम्भ की संस्कृति देश ही नहीं विदेशों में भी सुवासित होगी। पोस्टमास्टर जनरल लेफ्टिनेंट कर्नल ए॰ के॰ गुप्ता ने महाशिवरात्रि पर्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि महाशिवरात्रि का पर्व फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी के दिन मनाया  जाता है। धर्मग्रंथों के अनुसार, इसी दिन भगवान शंकर और भगवती पार्वती का विवाह हुआ था। यह पर्व हमें कल्याणकारी कार्य करने के लिए प्रेरित करता है।
      इलाहाबाद क्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएँ  कृष्ण कुमार यादव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि जैसे कुम्भ में भिन्न मत-मतांतर एवं धर्मों के अनुयायियों का समावेश होता है वैसे ही भगवान शंकर की प्रकृति भी समस्त विरोधाभाषों को समावेशित करते हुए एकता का संदेश देती है। श्री यादव ने कहा कि धर्म जीवन का एक मूलभूत तत्व है पर इसे आज सामाजिक सरकारों के साथ जोड़ने की जरूरत है।
      कार्यक्रम का संचालन सहायक निदेशक  आर॰ एन॰ यादव, अतिथियों का स्वागत प्रवर अधीक्षक डाकघर इलाहाबाद  रहमतुल्लाह आभार ज्ञापन  ए॰ के॰ श्रीवास्तव, कुम्भ मेला अधिकारी (डाक) द्वारा किया गया। कार्यक्रम में सहायक निदेशक मधुसुदन प्रसाद मिश्रा, सीनियर पोस्टमास्टर टी. बी. सिंह, अधीक्षक आर॰ एन॰ यादव, निरीक्षक दीपक कुमार, अर्जित सोनी, रजनीश श्रीवास्तव सहित तमाम अधिकारी, कर्मचारी, फिलाटेलिस्ट, साहित्यकार आदि उपस्थित थे।
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