Friday, October 31, 2014

डाक टिकटों पर सरदार पटेल

सरदार वल्लभ भाई पटेल (31 अक्टूबर, 1875 - 15 दिसम्बर, 1950) (गुजराती: સરદાર વલ્લભભાઈ પટેલ) भारत के स्वतन्त्रता संग्राम सेनानी एवं स्वतन्त्र भारत के प्रथम गृहमंत्री थे।  उन्हें नवीन भारत का  निर्माता भी कहा जाता है । राष्ट्रीय एकता के बेजोड़ शिल्पी रहे पटेल वास्तव में  भारतीय जनमानस अर्थात किसान की आत्मा थे। भारत के  स्वतंत्रता संग्राम मे उनका महत्वपूर्ण योगदान है। भारत की आजादी के बाद वे प्रथम गृह मंत्री और उपप्रधानमंत्री बने। उन्हे भारत का 'लौह पुरूष' भी कहा जाता है।

वल्लभभाई पटेल का जन्म नडियाद, गुजरात में एक पाटीदार कृषक ज़मीदार परिवार में हुआ था। वे झवेरभाई पटेल एवं लदबा की चौथी संतान थे। सोमभाई, नरसीभाई और विट्टलभाई उनके अग्रज थे। उनकी शिक्षा मुख्यतः स्वाध्याय से ही हुई। लन्दन जाकर उन्होंने बैरिस्टर की पढाई की और वापस आकर अहमदाबाद में वकालत करने लगे। महात्मा गांधी के विचारों से प्रेरित होकर उन्होने भारत के स्वतन्त्रता आन्दोलन में भाग लिया। बारडोली में सशक्त सत्याग्रह करने के चलते ही वहां की महिलाओं ने उन्हें  'सरदार' की उपाधि दी।  

आजादी पश्चात गृह मंत्री के रूप में उनकी पहली प्राथमिकता देसी रियासतों (राज्यों) को भारत में मिलाना था। इसको उन्होने बिना कोई खून बहाये सम्पादित कर दिखाया। केवल हैदराबाद के आपरेशन पोलो के लिये उनको सेना भेजनी पडी। भारत के एकीकरण में उनके महान योगदान के लिये उन्हे भारत का लौह पुरूष के रूप में जाना जाता है। सरदार पटेल के ऐतिहासिक कार्यों में सोमनाथ मंदिर का पुनर्निमाण, गांधी स्मारक निधि की स्थापना, कमला नेहरू अस्पताल की रूपरेखा आदि कार्य सदैव स्मरण किए जाते रहेंगे। सन 1991  में उन्हें मरणोपरान्त भारत रत्न से सम्मानित किया गया। 

सरदार पटेल की स्मृति में उनके योगदान को रेखांकित करने के लिए भारत सहित तमाम देशों ने उन पर डाक-टिकट जारी किये हैं। 




(सरदार वल्लभभाई पटेल पर यह 'स्टैम्प बुकलेट' हमने तब जारी की थी, जब हम सूरत (गुजरात) मंडल में बतौर पहली पोस्टिंग, सीनियर सुपरिंटेंडेंट ऑफ़ पोस्ट ऑफिसेज के पद पर कार्यरत थे। 24 वर्षों बाद आयोजित 'सूरत डाक टिकट प्रदर्शनी' (22-23 दिसंबर, 2003) के दौरान इस स्टैम्प बुकलेट की मात्र 500 प्रतियाँ जारी की गई थीं और हर बुकलेट पर अलग नंबर अंकित था।)

(Detail : SURATPEX District Philatelic Exhibition, 22 Dec 2003, Rs.70/-, 12 special stamps, 3 sets of 4 different, of Greetings issue, Surat Division of Vadodara Region of Gujarat Circle, 500 Individually Numbered)










( Postage Stamp sheetlet released on Sardar Vallabhbhai  Patel by Palau country on 11 march, 2011)


( Souvenir Sheet  released on Sardar Vallabhbhai  Patel by Venezuela country on 26 January,  1998)

31 अक्टूबर 2013 को सरदार वल्लभ भाई पटेल की 137वीं जयंती के मौके पर गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुजरात के नर्मदा जिले में सरदार वल्लभ भाई पटेल के स्मारक का शिलान्यास किया। इसका नाम 'एकता की मूर्ति' (स्टैच्यू ऑफ यूनिटी) रखा गया है। यह मूर्ति 'स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी' (93 मीटर) से दुगनी ऊंची बनेगी। इस प्रस्तावित प्रतिमा को एक छोटे चट्टानी द्वीप पर स्थापित किया जाना है जो केवाड़िया में सरदार सरोवर बांध के सामने नर्मदा नदी के मध्य में है। सरदार वल्लभ भाई पटेल की यह प्रतिमा दुनिया की सबसे ऊंची मूर्ति होगी तथा यह 5 वर्ष में लगभग 2500 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होनी है.

लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती को आज पुरे देश में राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया गया।  सरदार पटेल जी की जयंती पर शत-शत नमन !!

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