Sunday, January 4, 2015

इलाहाबाद में हुयी 44वीं यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन पत्र लेखन प्रतियोगिता

संसार के प्रति हर बच्चे की अपनी सोच होती है। किसी के लिए शिक्षित व स्वच्छ भारत प्राथमिकता है तो कोई भ्रष्टाचार मुक्त एवं सामाजिक सौहार्द से भरपूर संसार की कल्पना करता हैै। बाल श्रम उन्मूलन से लेकर बालिकाओं के प्रति हो रहे अत्याचार को रोकने तक की कल्पना आज का युवा करता है। एक तरह वह हाईटेक संसार की आशा रखता है वहीं वह पर्यावरण के प्रति भी सचेत है। ऐसे ही कई विचार उन बच्चों ने पन्नों पर उकेरे, जिन्होंने डाक विभाग द्वारा 4 जनवरी, 2015  को प्रधान डाकघर, इलाहाबाद  में आयोजित  44वीं यूपीयू पत्र लेखन प्रतियोगिता में भाग लिया, जिसका विषय था ”उस संसार के बारे में हमें बताइये, जिसमें आप विकसित होना चाहते हैं।’’  

इस अवसर पर इलाहाबाद परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि विश्व डाक संघ द्वारा प्रतिवर्ष पत्र लेखन विधा को प्रोत्साहित करने के लिए अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर 15 वर्ष तक के बच्चों के लिए पत्र लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है। इसी क्रम में  इलाहाबाद में आयोजित प्रतियोगिता में इलाहाबाद, वाराणसी, जौनपुर व गाजीपुर जनपदों के प्रतियोगी शामिल हुए। पत्र अंग्रेजी या संविधान की आठवीं सूची में निर्दिष्ट किसी भी भाषा में 800 शब्दों की सीमा में लिखना था।


निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि दरअसल पत्र लेखन एक प्रकार का चिंतन है, जो मस्तिष्क को स्थिरता देता है। पत्रों का संवेदनाओं से गहरा रिश्ता है। पत्र लिखना जितना मायने रखता है, उतना ही उसे पढ़ना भी। पत्रों का काम मात्र सूचना देना ही नहीं बल्कि इनमें एक अजीब रहस्य या गोपनीयता, संग्रहणीयता, लेखन कला एवं अतीत को जानने का भाव भी छुपा होता है। श्री यादव ने कहा कि पत्र-लेखन साहित्य की एक गंभीर विधा भी है। शब्दों के विस्तार के साथ बहुत सी अनकही भावनाएं मानो चिट्ठियों में सिमटती जाती हैं। 

निदेशक श्री यादव ने बताया कि पत्र लेखन प्रतियोगिता का मूल्यांकन परिमण्डलीय स्तर पर लखनऊ में किया जायेगा तथा श्रेष्ठ तीन पत्र लेखन को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मिलित करने हेतु डाक निदेशालय, नई दिल्ली भेजा जायेगा। राष्ट्रीय स्तर पर श्रेष्ठ तीन प्रतियोगियों को क्रमशः रू0 5000, रू0 3000 व रू0 2000 का प्रथम, द्वितीय व तृतीय पुरस्कार प्रमाणपत्र सहित दिया जायेगा। इसके अलावा प्रत्येक परिमण्डल की सर्वश्रेष्ठ प्रविष्टि को 1000 रूपये का सांत्वना  पुरस्कार व प्रमाण पत्र दिया जायेगा। राष्ट्रीय स्तर पर सर्वोत्तम प्रविष्टि को यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन के पास आधिकारिक प्रविष्टि के रूप में भेजा जायेगा। 

इस अवसर पर इलाहाबाद मंडल के वरिष्ठ डाक अधीक्षक श्री रहमतुल्लाह, प्रधान डाकघर के सीनियर पोस्टमास्टर श्री आर. एन. यादव, कार्यालय अधीक्षक श्री आर. पी. श्रीवास्तव सहित डाक अधिकारी-कर्मचारी, भागीदारी कर रहे बच्चों के अभिभावक, शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।




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