Monday, February 2, 2015

भारत की सबसे पुरानी डाक जीवन बीमा योजना अब होगी ऑनलाइन

डाकघरों में कोर बैंकिंग सर्विसेस की शुरूआत करने के बाद डाक विभाग अब कोर इन्श्योरेन्स साल्यूशन लागू करने जा रहा है। इसके तहत विभाग की जीवन बीमा योजनाओं - डाक जीवन बीमा और ग्रामीण डाक जीवन बीमा को आॅनलाइन किया जायेगा। इस संबंध में जानकारी देते हुए इलाहाबाद परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि कोर इन्श्योरेन्स साल्यूशन के तहत डाक विभाग अपनी जीवन बीमा योजनाओं के लिए इन्फोसिस द्वारा निर्मित मैककैमिश साफ्टवेयर पर कार्य करना आंरभ करेगा। इसके लिए सभी प्रधान डाकघरों में सेन्ट्रल प्रोसेसिंग सेन्टर स्थापित किये जा रहे हैं और  इन सेन्टरों को हाईटेक रूप से कार्य करने हेतु कम्प्यूटर के साथ-साथ हाईस्पीड प्रिन्टर व स्कैनर उपलब्ध कराये गये हैं। डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि इलाहाबाद प्रधान डाकघर और वाराणसी कैंट प्रधान डाकघरों सहित उत्तर प्रदेश के 15 प्रधान डाकघरों में सोमवार,  2 फरवरी से यह व्यवस्था आरम्भ हो जाएगी, वहीं अन्य प्रधान डाकघरों को भी इसी वित्तीय वर्ष में कोर इन्श्योरेन्स साल्यूशन से जोड़ दिया जायेगा। फिलहाल उत्तर प्रदेश के 20 प्रधान डाकघर इसके तहत कार्य करना आरम्भ कर चुके हैं। इलाहाबाद प्रधान डाकघर में 28 हजार से ज्यादा पॉलिसी धारक हैं, वहीं वाराणसी कैंट प्रधान डाकघर में 26 हजार से ज्यादा पॉलिसी धारक हैं। 

डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि अभी बीमा बांड जारी करने का कार्य प्रवर अधीक्षक द्वारा मंडल स्तर पर किया जाता है, पर अब यह कार्य प्रधान डाकघर स्तर पर पोस्टमास्टरों द्वारा किया जायेगा, जिससे बांड जारी होने में तेजी आ सकेगी। इसके अलावा डाक जीवन बीमा और ग्रामीण डाक जीवन बीमा पालिसीधारक अब आॅनलाइन रूप में अपनी पालिसी का स्टेटस, कुल जमा प्रीमियम एवं अन्य विवरण देख सकेंगे व प्रीमियम का भुगतान भी आॅनलाइन कर सकेंगे। श्री यादव ने कहा कि डाक विभाग सिर्फ नयी ही नहीं बल्कि सभी पुरानी पालिसियों को भी आॅनलाइन करेगा, ताकि डाक जीवन बीमा एवं ग्रामीण डाक जीवन बीमा से संबंधित सभी प्रकार के दावों इत्यादि का  निस्तारण समयबद्धरूप से हो सके। 

गौरतलब है कि 1 फरवरी, 1884 को आरंभ डाक जीवन बीमा वर्तमान में भारत की सबसे पुरानी बीमा सेवा है, जिसके तहत अधिकतम 50 लाख रूपये की बीमित राशि के साथ वर्तमान में सरकारी/अर्द्ध सरकारी/सरकारी नियंत्रण वाली संस्थाओं  के कर्मी बीमा के पात्र हैं।  ग्रामीण लोगों हेतु डाक विभाग ने सर्वप्रथम 1995 में ग्रामीण डाक जीवन बीमा आरंभ किया, जिसके तहत कोई भी ग्रामीण व्यक्ति अपना बीमा करा सकता है। इन बीमा योजनाओं में निवेश की सुरक्षा पर सरकार की गांरटी, धारा 88 के तहत आयकर में छूट, कम प्रीमियम और अधिक बोनस, पाॅलिसी पर लोन की सुविधा, देश के किसी भी डाकघर में प्रीमियम जमा करने की सुविधा और 6 महीने के अग्रिम प्रीमियम पर 1 फीसदी की छूट, 12 माह अग्रिम जमा पर 2 फीसदी की छूट दी जाती है। 


1 comment:

Unknown said...

Bima ke bare me jankari