Tuesday, November 3, 2015

डाक विभाग की बचत योजनाओं में निवेश द्वारा सामाजिक सरोकारों में भी वृद्धि

डाक विभाग का उद्देश्य समावेशी विकास के तहत शहरों के साथ-साथ सुदूर ग्रामीण अंचल स्थित लोगों को भी डाक बचत और बीमा योजनाओं के तहत लाना है। इसके तहत तमाम गाँवों को बचत बैंक ग्राम और सम्पूर्ण ग्रामीण डाक जीवन बीमा ग्राम के तहत भी आच्छादित किया जा रहा है। डाक विभाग की बचत योजनाओं में निवेश करके आप अपने सामाजिक सरोकारों में भी वृद्धि करते हैं, क्योंकि इन अल्प बचत योजनाओं से प्राप्त धनराशि को सरकारों द्वारा विकास कार्य हेतु उपयोग किया जाता है। उक्त उद्गार डाक विभाग द्वारा  श्रीगंगानगर जिले में 02 नवम्बर 2015  को आयोजित  डाक मेले का उद्घाटन करते हुए राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर  के निदेशक डाक सेवाएं  कृष्ण कुमार यादव ने व्यक्त किये। 

डाक विभाग की सेवाओं के बारे में बताते हुए निदेशक डाक सेवाएं  कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि डाकघरों में निवेश की तमाम योजनायें हैं, जिनमें बचत खाता, आवर्ती जमा, सावधि जमा, मासिक आय योजना, पी. पी. एफ., वरिष्ठ नागरिक बचत योजना, सुकन्या समृद्धि योजना एवं राष्ट्रीय बचत पत्र व किसान विकास पत्र में निवेश किया जा सकता है। हाल ही में आरम्भ सुकन्या समृद्धि योजना के सम्बन्ध में उन्होंने कहा कि बेटियों की समृद्धि और खुशहाली में ही समाज का भविष्य टिका हुआ है। ऐसे में बेटियों की उत्तम परवरिश, उच्च शिक्षा और उनके विवाह में सुविधा के लिए डाकघरों में यह योजना आरंभ की गयी है। 10 साल तक की बच्चियों के लिए आरम्भ इस योजना में एक वित्तीय वर्ष में न्यूनतम 1,000 और अधिकतम डेढ़ लाख रूपये तक जमा किये जा सकते हैं। 9.2 प्रतिशत ब्याज और आयकर छूट वाली इस योजना में  खाता खोलने से मात्र 14 वर्ष तक धन जमा कराना होगा। श्री यादव ने इस अवसर पर प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के बारे में जानकारी देते हुए यह बताया कि अब डाक विभाग के बचत खाताधारक भी इससे जुड सकते है। निदेशक डाक सेवाएं श्री यादव ने बीमा योजनाओं के संबंध में कहा कि” डाक जीवन बीमा”में 6 योजनायें-सुरक्षा, संतोष, सुविधा, युगल सुरक्षा, सुमंगल व चिल्ड्रेन पालिसी हैं। इसके तहत वर्तमान में सरकारी/अर्द्धसरकारी, सरकारी नियंत्रण वाली संस्थाओं  के कर्मी बीमा के पात्र हैं।इसके अलावा ग्रामीण लोगों के लिए ग्रामीण डाक जीवन बीमा सेवा है।डाक जीवन बीमा में 50 लाख और ग्रामीण डाक जीवन बीमामें 20 लाख रूपये तक का जीवन बीमा कराया जा सकता है।

डाक निदेशक  कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि डाकघरों को भी अब कोर बैंकिंग सोल्यूशन (सी.बी.एस.) से जोड़ा जा रहा है, जिससे कोई भी ग्राहक देश के किसी भी कोने में स्थित सी.बी.एस. डाकघर से अपना पैसा निकाल सकेगा। फिलहाल श्रीगंगानगर मण्डल के कुल 57 डाकघरों में से 40 डाकघरों को सी.बी.एस. प्लेटफार्म पर माईग्रेट किया जा चुका है। शीघ्र ही बचे हुए डाकघरों को भी सी.बी.एस. से जोडा जायेगा। इसके अलावा बीमा सेवा को भी मैककैमिश सॉफ्टवेयर के माध्यम से ऑनलाइन किया जा चुका है। इससे ग्रामीण स्तर पर भी बैंकिंग व बीमा क्षेत्रों में क्रान्तिकारी कदम का सूत्रपात होगा और डाकघरों के खाताधारक आने वाले दिनों में नेटबैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग एवं एटीएम सुविधाओं का लाभ उठा सकेेंगे। श्री यादव ने बताया कि डाक विभाग ने ऑनलाइन शापिंग के बढ़ते चलन के मद्दे नजर ई-कामर्स के इस दौर में पार्सल सेवाओं के व्यापक बाजार में अपनी पैठ बढ़ाने हेतु ‘कैश-आन-डिलेवरी’ सुविधा के साथ ’बिजनेस पार्सल’ सेवा की शुरुआत की है।

डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने इस अवसर पर उपस्थित युवाओं और बच्चों से रूबरू होते हुए उन्हें फिलेटली (डाक टिकट संग्रहण) से जुडने की अपील की और कहा कि विभाग ने ”माई-स्टैम्प” जैसी आकर्षक सेवा आरम्भ की है, जिसके तहत अब वे डाक टिकटों पर अपनी तस्वीर लगवा सकते हैं और इन डाक-टिकट लगे पत्रों को देश भर में कहीं भी भेज सकते हैं। मात्र 300 रूपये में उपलब्ध इस सेवा में एक शीट में कुल 12 डाक-टिकटों के साथ फोटो लगाई जा सकती है। यह सुविधा श्रीगंगानगर प्रधान डाकघर में उपलब्ध है।

इस मौके पर कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि श्रीमती कमला गोदारा, व्याख्याता राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, श्रीगंगानगर ने भी बताया कि डाक विभाग की सुकन्या समृद्वि योजना प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा शुभारम्भ किये गये ”बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” अभियान को मूर्त रूप देने का एक सशक्त माध्यम है, जिसमें निवेश करके अभिवावक अपनी बच्चियों की उच्चतर शिक्षा एवं विवाह आदि आवश्यकताओं को पूरा करा सकते है।

इस अवसर पर 120 लोगों ने डाक जीवन बीमा व 329 लोगों ने ग्रामीण डाक जीवन बीमा कराया। इसके तहत बीमित राशि क्रमशः रूपये 7.71 करोड़ व 3.3 करोड़ की गई। इसके अलावा सुकन्या समृद्धि के तहत 500 खाते एंव अन्य बचत योजनाओं के 11975 खाते खोले गये। निदेशक डाक सेवाएं कृष्ण कुमार यादव ने इस अवसर पर सुकन्याओं को मंच पर पासबुकें दे कर उनके सुखी व समृद्ध भविष्य की कामना की। इसी क्रम में, आज के मेले में उत्कृष्ट कार्य करने वाले श्रीगंगानगर मण्डल के कर्मचारियों को निदेशक डाक सेवाएं  द्वारा पारितोषिक प्रदान कर सम्मानित किया गया। इनमें सर्वश्री त्रिलोका राम शाखा डाकपाल 07 एलसी ,  जनकराज शाखा डाकपाल दानेवाला को सुकन्या समृद्वि योजना एंव ग्रामीण डाक जीवन बीमा में उत्कृष्ट प्रदर्शन बाबत् पारितोषिक प्रदान किया गया।

श्रीगंगानगर मंडल के  डाक अधीक्षक  भरत लाल मीणा ने इस अवसर पर निदेशक और अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि डाक विभाग का नेटवर्क काफी वृहद है और लोगों की सेवा के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। डाक विभाग दिनों-ब-दिन अपनी सेवाओं को उन्नत बना रहा है और इसका फायदा समाज के हर वर्ग को मिलेगा।

कार्यक्रम में स्वागत भाषण अधीक्षक डाकघर श्रीगंगानगर मण्डल श्री भरत लाल मीणा, आभार ज्ञापन और संचालन श्री जसपाल सिंह सेठी निरीक्षक परिवाद श्रीगंगानगर ने किया। इस अवसर पर सहायक अधीक्षक सर्व श्री बी.आर.राठौड, श्री जयसिंह वर्मा, श्री राकेश कुमार धींगडा, डाक निरीक्षक श्री राजेंद्र सिंह भाटी, दिनेश सिंह चारण, सुनील कुमार गर्ग, अरूण सोलंकी सहित तमाम अधिकारी, कर्मचारी, बचत अभिकर्तागण व नागरिक उपस्थित रहे।

डाक निदेशक के. के. यादव द्वारा श्रीगंगानगर में डाक मेले का उद्घाटन



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