Wednesday, November 4, 2015

नई भूमिकाओं के लिए तैयार हो रहा है डाक विभाग

डाक विभाग नई टेक्नालाजी और नई सेवाओं के साथ बदलते परिवेश में नई भूमिकाओं के लिए  तैयार हो रहा है। डाकघरों को भी अब कोर बैंकिंग सोल्यूशन (सी.बी.एस.) से जोड़ा जा रहा है, जिससे कोई भी ग्राहक देश के किसी भी कोने में स्थित सी.बी.एस. डाकघर से अपना पैसा निकाल सकेगा। उक्त उद्गार राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने हनुमानगढ़ जंक्शन प्रधान डाकघर में 4 नवम्बर 2015  को डाक मेले का उद्घाटन करते हुए कहा। इस अवसर पर श्री यादव ने विभाग की सेवाओं के बारे में कहा कि डाकघरों में निवेश की तमाम योजनायें हैं, जिनमें बचत खाता, आवर्ती जमा, सावधि जमा, मासिक आय योजना, पी. पी. एफ., वरिष्ठ नागरिक बचत योजना, सुकन्या समृद्धि योजना एवं राष्ट्रीय बचत पत्र व किसान विकास पत्र में निवेश किया जा सकता है। 

हाल ही में आरम्भ सुकन्या समृद्धि योजना के सम्बन्ध में उन्होंने कहा कि बेटियों की समृद्धि और खुशहाली में ही समाज का भविष्य टिका हुआ है। ऐसे में बेटियों की उत्तम परवरिश, उच्च शिक्षा और उनके विवाह में सुविधा के लिए डाकघरों में यह योजना आरंभ की गयी है। 10 साल तक की बच्चियों के लिए आरम्भ इस योजना में एक वित्तीय वर्ष में न्यूनतम 1,000 और अधिकतम डेढ़ लाख रूपये तक जमा किये जा सकते हैं। 9.2 प्रतिशत ब्याज और आयकर छूट वाली इस योजना में  खाता खोलने से मात्र 14 वर्ष तक धन जमा कराना होगा। श्री यादव ने इस अवसर पर प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के बारे में जानकारी देते हुए यह बताया कि अब डाक विभाग के बचत खाताधारक भी इससे जुड सकते है। निदेशक डाक सेवाएं श्री यादव ने बीमा योजनाओं के संबंध में कहा कि “डाक जीवन बीमा” में 6 योजनायें-सुरक्षा, संतोष, सुविधा, युगल सुरक्षा, सुमंगल व चिल्ड्रेन पालिसी हैं। इसके तहत वर्तमान में सरकारी/अर्द्धसरकारी, सरकारी नियंत्रण वाली संस्थाओं  के कर्मी बीमा के पात्र हैं। इसके अलावा ग्रामीण लोगों के लिए ग्रामीण डाक जीवन बीमा सेवा है। डाक जीवन बीमा में 50 लाख और ग्रामीण डाक जीवन बीमा में 20 लाख रूपये तक का जीवन बीमा कराया जा सकता है। डाक विभाग का उद्देश्य समावेशी विकास के तहत शहरों के साथ-साथ सुदूर ग्रामीण अंचल स्थित लोगों को भी डाक बचत और बीमा योजनाओं से जोडना है। 

डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि डाकघरों को भी अब कोर बैंकिंग सोल्यूशन (सी.बी.एस.) से जोड़ा जा रहा है, जिससे कोई भी ग्राहक देश के किसी भी कोने में स्थित सी.बी.एस. डाकघर से अपना पैसा निकाल सकेगा। हनुमानगढ़ जनपद के 22 डाकघरों में से 14 डाकघरों को सी.बी.एस. से जोड़ा जा चुका है। इसके अलावा डाक जीवन बीमा सेवा को भी मैककैमिश सॉफ्टवेयर के माध्यम से ऑनलाइन किया जा चुका है। इससे ग्रामीण स्तर पर भी बैंकिंग व बीमा क्षेत्रों में क्रान्तिकारी कदम का सूत्रपात होगा और डाकघरों के खाताधारक आने वाले दिनों में नेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग एवं एटीएम सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे। श्री यादव ने बताया कि डाक विभाग ने ऑनलाइन शापिंग के बढ़ते चलन के मद्देनजर ई-कामर्स के इस दौर में पार्सल सेवाओं के व्यापक बाजार में अपनी पैठ बढ़ाने हेतु “कैश -आन-डिलेवरी” सुविधा के साथ ‘बिजनेस पार्सल’ सेवा की शुरुआत की है।

श्रीगंगानगर मंडल के डाक अधीक्षक श्री भरत लाल मीणा ने इस अवसर पर कहा कि डाक विभाग दिनों-ब-दिन अपनी सेवाओं को उन्नत बना रहा है और इसका फायदा समाज के हर वर्ग को मिलेगा। डाक विभाग नित का नेटवर्क काफी वृहद है और लोगों की सेवा के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने लोगों से डाक सेवाओं से अधिकाधिक जुड़ने की अपील की। श्री मीणा ने बताया कि डाक मेले के दौरान विभिन्न पोस्टमास्टरों द्वारा सौ से अधिक लोगों का सात करोड़ रूपये से अधिक का बीमा किया गया। इसके अलावा बचत योजनाओं के 2650 खाते और सुकन्या समृद्धि के तहत 550 खाते खोले गए। डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने इस अवसर पर सुकन्याओं को मंच पर पासबुकें दे कर उनके सुखी व समृद्ध भविष्य की कामना की। इस मौके पर कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि श्री लक्ष्मी नारायण कस्वां, प्रधानाचार्य दून महाविद्यालय हनुमानगढ़ जंक्शन ने कहा कि डाक विभाग अपनी विश्वसनीयता और घर-घर तक पहुँच के चलते एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

कार्यक्रम के दौरान ही राजस्थान साहित्य परिषद, हनुमानगढ़ की तरफ से इसके संस्थापक एवं अध्यक्ष श्री दीनदयाल शर्मा, वरिष्ठ बाल साहित्यकार  और सचिव श्री राजेंद्र ढाल ने निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव को प्रशासन के साथ-साथ साहित्य के क्षेत्र में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए शाल ओढ़ाकर एवं प्रशस्ति पत्र देकर अभिनन्दन और सम्मानित किया। शर्मा ने कहा कि श्री कृष्ण कुमार यादव का हनुमानगढ़ में आगमन सिर्फ एक अधिकारी के रूप में ही नहीं बल्कि साहित्यकार, लेखक और ब्लॉगर के रूप में भी हुआ है और उनके कृतित्व से हम सभी अभिभूत हैं। इस अवसर पर दीनदयाल शर्मा ने डाक विभाग की सुकन्या समृद्धि योजना के सन्दर्भ में बेटियों से संबंधित कविता सुनाकर लोगों को भावुक कर दिया।

इस अवसर पर मेले में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव द्वारा सम्मानित भी किया गया। इनमें हनुमानगढ़ उपमंडल के भंवरलाल शाखा डाकपाल पन्नीवाली, नथूराम शाखा डाकपाल मुन्डा एवं नोहर उपमंडल के दयानन्द बेनीवाल शाखा डाकपाल भिरानी, मनफूल राम शाखा डाकपाल हरदासवाली सम्मानित हुए।

इस अवसर पर सहायक अधीक्षक सर्वश्री जयसिंह वर्मा, देवी लाल सारण, डाक निरीक्षक राजेंद्र सिंह भाटी, मोहन लाल वर्मा, पोस्टमास्टर चरणजीत सिंह सहित तमाम अधिकारी, कर्मचारी, बचत अभिकर्तागण व नागरिकजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन जसपाल सिंह सेठी, परिवाद निरीक्षक ने किया।

राजस्थान पत्रिका (5 नवम्बर 2015)  : 
हर बाजी जीत बेटियाँ, घर में आकर हार जाती बेटियाँ 



दैनिक भास्कर (5 नवम्बर 2015) : 
सामाजिक बदलाव के साथ डाक विभाग भी हुआ हाईटेक - कृष्ण कुमार यादव 

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