Tuesday, December 29, 2015

जालोर जिले के 25 में से 24 डाकघर सीबीएस से जुड़े, एटीएम का निदेशक डाक सेवाएं कृष्ण कुमार यादव ने किया उद्घाटन


 डाकघर से जुड़े उपभोक्ताओं के लिए जालोर में बहुप्रतीक्षित एटीएम सेवा सोमवार  से शुरू हो गई। जालोर प्रधान डाकघर प्रांगण में लगे एटीएम का उद्घाटन राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर  के निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने 28 दिसम्बर, 2015 को शिलापट्ट का अनावरण कर एवं फीता काट कर किया।


इस अवसर पर निदेशक डाक सेवाएँ श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि डाक विभाग नवीन टेक्नोलाजी के तहत नित्य अपने ग्राहकों को अच्छी सेवा देने के लिए प्रतिबद्ध है और डाक विभाग की महत्वाकांक्षी परियोजना ’आईटी मार्डनाइजेशन प्रोजेक्ट’ के तहत सीबीएस (कोर बैंकिंग सॉल्यूशन) इस दिशा में एक मील का पत्थर है। उन्होंने  बताया कि राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र के अधीन 10 डाक मण्डलों के तहत 565 डाकघरों में से 519 डाकघरों में सीबीएस आरम्भ किया जा चुका है, जिनमें जालोर जनपद के 25 में से रानीवाङा के अतिरिक्त सभी 24 डाकघरों को सीबीएस से जोड़ा जा चुका है। इस साल के अंत तक जालौर में शत-प्रतिशत डाकघर  सीबीएस से जुड़ जायेंगे। 

 एटीएम सेवा का शुभारम्भ करते हुए निदेशक डाक सेवाएँ श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि इसके बाद डाकघरों में बचत खाता रखने वाले लोग भी अब डेबिट कार्ड का इस्तेमाल कर सकेंगे और बैंकों की तर्ज पर किसी भी डाकघर से लेन.देन और एटीएम सुविधा का उपयोग हो सकेगा। रकम निकासी के साथ ग्राहक अपना स्टेटमेंट भी ले सकेंगे।  उन्होंने कहा कि आरम्भिक तौर पर इस एटीएम का इस्तेमाल डाकघरों के खाताधारक ही कर सकेंगे।  इस एटीएम से एक दिन में 25 हजार रूपये और एक बार में 10 हजार रूपये निकालने की सुविधा होगी।  इस पर किसी प्रकार का निकासी शुल्क नहीं लगेगा।  मात्र 50 रूपये में बचत खाता खुलवाकर एटीएम सेवा का लाभ लिया जा सकता है।  निदेशक श्री यादव ने बताया कि सीबीएस से जुड़ने के बाद डाकघरों में एनीव्हेयर एनीटाइम बैंकिंग के तहत क्रमबद्ध रूप में धीरे-धीरे ग्राहकों को आनलाइन बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, नेट बैंकिंग इत्यादि की सुविधाएँ भी दी जाएँगी। 

 निदेशक डाक सेवायें श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि डाक विभाग का उद्देश्य समावेशी विकास के तहत शहरों के साथ-साथ सुदूर ग्रामीण अंचल स्थित लोगों को भी सेवाओं का त्वरित लाभ पहुँचाना है। इसी क्रम में आई. टी. मार्डनाइजेशन प्रोजेक्ट के तहत ग्रामीण शाखा डाकघरों को भी ग्रामीण सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी के अंतर्गत  हाईटेक किया जायेगा और वहाॅँ पर नेटबुक व हैण्डहेल्ड डिवाइस भी दिया जायेगा ।  इसके साथ-साथ मोबाइल थर्मल प्रिन्टर , स्मार्ट कार्ड रीडर, फिंगर प्रिन्ट स्कैनर, डिजिटल कैमरा एवं सिगनेचर व दस्तावेज स्कैनिंग के लिये यन्त्र भी मुहैया कराया जायेगा ताकि ग्रामीण लोगों को इन सुविधाओं के लिये शहरों की तरफ न जाना पडे । 

इस अवसर पर सिरोही मंडल के डाक अधीक्षक श्री देवाराम पुरोहित  ने बताया कि खाताधारकों को एटीएम की सुविधा लेने हेतु एटीएम कार्ड आवेदन फार्म भरकर जमा कराना होगा। इसमें केवाईसी और  नो योर कस्टमर के तहत खाता संख्या से जुड़े दस्तावेज, पहचानपत्र व घर के पते की प्रमाणित प्रति भी उपलब्ध करानी होगी। उन्होंने कहा कि डाकघरों में निवेश की तमाम योजनायें हैं, जिनमें बचत खाता, आवर्ती जमा, सावधि जमा, मासिक आय योजना, पी. पी. एफ., सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम, सुकन्या समृद्धि योजना एवं  राष्ट्रीय बचत पत्र व किसान विकास पत्र में निवेश किया जा सकता है। 

जालोर प्रधान डाकघर के पोस्टमास्टर श्री चूना राम मीना ने इस अवसर पर डाक निदेशक, अधीक्षक और अन्य अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि जालोर प्रधान डाकघर में 42 हजार से ज्यादा बचत खाते संचालित हो रहे हैं  और एटीएम सेवा आरम्भ होने के बाद ग्राहकों की संख्या और बढ़ेगी।

इस अवसर पर सहायक अधीक्षक डाकघर बी.एस. राजपुरोहित, निरीक्षक डाकघर राजेन्द्र सिंह भाटी, सुदर्शन सामरिया, मुकेश कुमार जांगिड़, दिलीप कुमार दवे एवं धीरेन्द्र सिंह सिंधल सहित तमाम अधिकारी-कर्मचारी, बचत अभिकर्तागण इत्यादि उपस्थित रहे।




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