Monday, February 23, 2015

Buy Mobile Phones at Post Offices now

These days a number of services are being offered through mobile phones. Even the concept of e-governance has been simplified with the help of mobile phones. For effective implementation of e-governance it is important that mobile phones are made available to everyone at economic rates. Keeping this in view sale of mobile phones have been started from the Post Offices.

Briefing about this Mr. Krishna Kumar Yadav, Director Postal Services, Allahabad Region said that under a contract with M/s Pantel Technology Private Ltd., Postal Department has started sale of ‘Penta Bharat Phones’ from Post Offices. These mobile phones are available for rupees 1199 (5 % VAT extra) with a number of features. Other than Bluetooth, Film and file sharing this phone also has FM. This mobile phone also have the features of free memory card, JAVA, Multimedia and games, digital camera, dual sim, dual standby, SMS alerts and torch. Other than this phone also have the feature to track mobile through SMS, 1200 minutes free talk time and facility to chat with friends through Whatsapp.

Mr. Krishna Kumar Yadav, Director Postal Services, said that Penta Bharat phones are being sold through 19 Post Offices in Allahabad Region. Penta Bharat Phones are available for sale in white and black colors in all Head Post Offices and identified Post Offices. It includes, Allahabad Head Post Office and Allahabad Kty. Head Post Office, Sirathu and Manjhanpur in Allahabad; Pratapgarh Head Post Office and Kunda in Pratapgarh; Mirzapur Head Post Office, Robertsganj, Shaktinagar, and Obra in Mirzapur; Ghazipur Head Post Office in Ghazipur; Jaunpur head Post Office and Manriyanhu in Jaunpur; Visheswarganj and Cantt. Head Post Office, Hindu Vishwa Vidyalaya, Chandauli, Gyanpur Bhadohi in Varanasi.


डाकघर से मोबाईल, वाट ऐन आइडिया सर जी !

आजकल मोबाइल फोन में तमाम सुविधाएं मिल रही हैं । यहाँ तक कि ई-गर्वनेंस की अवधारणा भी कहीं न कहीं मोबाइल के माध्यम से आसान हो गयी है। इसके लिए जरूरी है कि मोबाइल फोन को हर किसी तक किफायती मूल्य में पहुँचाया जाय ताकि जन सुविधाएं आसानी से लोगों को एक क्लिक पर उपलब्ध हो सकें। इसी के मद्देनजर डाकघरों से अब मोबाइल फोन की बिक्री भी आरंभ हो रही है। 

इस संबंध में जानकारी देते हुए इलाहाबाद परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि डाक विभाग मेसर्स पैन्टल टेक्नालाॅजी प्राइवेट लिमिटेड के साथ एक करार के तहत डाकघरों से  ’’पेंटा भारत फोन’’ की बिक्री कर रहा है। यह मोबाइल फोन 1199 रुपये (5 प्रतिशत वैट अतिरिक्त) की रियायती कीमत में कई खूबियों के साथ उपलब्ध हैं। ब्लूटूथ, फिल्म और फाइल्स शेयर करने के साथ ही एफएम का आनंद उठाया जा सकता है। फ्री मेमोरी कार्ड, जावा इन्बिल्ड, मल्टीमीडिया और गेम्स, डिजिटल कैमरा, डबल सिम, डबल स्टैंडबाई और एसएमएस अनुसूचक के साथ ही मोबाइल में टार्च की सुविधा भी है। यही नहीं मोबाइल ट्रैकर से एसएमएस के जरिए अपना मोबाइल खोजने और 1200 मिनट के मुफ्त टाक टाइम के साथ इससे वाट्सऐप के जरिए दोस्तों से चैैट किया जा सकेगा। 

डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि इलाहाबाद परिक्षेत्र में पेन्टा भारत फोन की बिक्री वर्तमान में 19 डाकघरो से की जा रही है। पेंटा भारत फोन सफेद और काले रंग में बिक्री के लिए सभी प्रधान डाकघरों व अन्य चिन्हित डाकघरों में उपलब्ध है। इनमें इलाहाबाद में इलाहाबाद प्रधान डाकघर, कचेहरी प्रधान डाकघर, सिराथू व मंझनपुर डाकघर, प्रतापगढ़ में प्रधान डाकघर व कुण्डा, मिर्जापुर में प्रधान डाकघर एवं रार्बटसगंज, शक्तिनगर व ओबरा,  गाजीपुर में गाजीपुर प्रधान डाकघर, जौनपुर में प्रधान डाकघर व मडि़याहूँ एवं वाराणसी में विश्वेश्वरगंज, कैंट प्रधान डाकघर व हिन्दू विश्वविद्यालय एवं चन्दौली, ज्ञानपुर व भदोही डाकघर शामिल हैं ।





Thursday, February 19, 2015

Sukanya Samriddhi Yojna in Post Offices for Happy future of Girl Child

The advancement of the girl child depends on her education. The future of society lies upon the happiness & prosperity of the girl child. A function was organised at Varanasi Head Post Office in order to spread the scheme among the masses. Mr.  Krishna Kumar  Yadav, Director Postal Services Allahabad Region was present as the chief guest.  

Speaking on the occasion Mr. Krishna Kumar Yadav, Director Postal Services Allahabad Region said that for the purpose of managing the higher education and marriage expenses of the girl child the Post Office has launched a new scheme called “Sukanya Samriddhi Yojna”.  Under this scheme an account can be opened in any Post Office in the name of the girl child whose age group falls between her birth and up to the age of 10 years.  A minimum of Rs. 1000/- & maximum 1.50 Lacs  can be deposited in any one financial year.  The present interest rate payable is 9.10% and there is a provision for income tax rebate as well.  This account can be transferred to any Post Office across the country.


Mr. KK Yadav, Director Postal Services told that this facility of Sukanya Samriddhi Yojana would be available up to two girl children.  But if twin daughters are born after the first daughter then in that case the facility of the scheme would be extended to the third daughter as well. This account would be opened and operated by the parents/guardians of the girl child.  The parents/guardians will operate the account up the age of 10 years.  The daughters can operate their account after the age of 10 years. Under the scheme the amount shall be deposited up to the 14 years from the date of opening. A penalty of Rs. 50/- is payable in case the minimum amount is not deposited in any financial year.  
Sr. Supdt. Of Post Offices Varanasi East Division Shri Raj Kishore said that under this scheme half the amount at credit in the account can be taken out as withdrawal when the girl child reaches the age of 18 years.  The account shall mature after 21 years or the date of marriage of the girl child whichever is earlier subject to the condition that the girl attains the age of 18 years.  The account shall stand closed on the death of the depositor and amount shall be paid to the guardian along with the interest up to the preceding month in which the account is closed.

Supdt. Varanasi West Dn. Mr. H.G. Verma said that the birth certificate of the girl child, passport size photo of parent/guardian, Id Proof of the depositor and proof of residence are compulsory documents to be submitted at time of opening account. Shri OP Singh , Sr. Postmaster was also present. 

During the period, a total of 200 accounts under this Scheme were opened. The passbooks of these accounts were presented by the Director Postal Services Allahabad Region Mr. Krishna Kumar Yadav and he wished them happy and prosperous life ahead.  

बेटियों के सुखद भविष्य के लिए डाकघरों में आरंभ हुयी सुकन्या समृद्धि योजना

बेटियांँ पढ़ेंगी तो बेटियांँ बढ़ेंगी। बेटियों की समृद्धि और खुशहाली में ही समाज का भविष्य टिका हुआ है। इसी के मद्देनजर बेटियों की उच्च शिक्षा और उनके विवाह के लिए डाकघरों में सुकन्या समृद्धि योजना आरंभ की गयी है। इस संबंध में जानाकारी देते हुए इलाहाबाद परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत बेटी के जन्म से लेकर 10 वर्ष की आयु तक कभी भी किसी भी डाकघर में यह खाता खोला जा सकता है। इसमें एक वित्तीय वर्ष में न्यूनतम 1,000 और अधिकतम डेढ़ लाख रूपये जमा किये जा सकते हैं । इस पर वर्तमान में 9.1 प्रतिशत ब्याज देय है और जमा धनराशि में आयकर छूट का भी प्राविधान है। इस खाते को देशभर में किसी भी डाकघर में स्थानांतरित किया जा सकता है।

 डाक निदेशक श्री यादव ने बताया कि सुकन्या समृद्धि योजना की सुविधा केवल 2 बेटियों के लिए ही मिलेगी। लेकिन, पहली बेटी के बाद यदि जुड़वा बेटियाँ पैदा होती है तो तीसरी बेटी को भी उसका लाभ मिलेगा। यह खाता बालिका के अभिभावकों द्वारा खोला या संचालित किया जायेगा। वे बालिका के दस साल का होने तक खाते का परिचालन करेंगे। 10 साल की आयु पूरी होने के बाद बालिका खुद खाते का परिचालन कर सकेगी। इस योजना में खाता खोलने से 14 वर्ष तक धन जमा कराना होगा। यदि किसी वित्तीय वर्ष खाते में किसी कारणवश न्यूनतम राशि जमा नहीं हो पाती है तो दंड के रूप में पचास रूपये जमा कर खाते को पुनः संचालित किया जा सकता है।  

 निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि बालिका की उच्चतर शिक्षा और विवाह आदि आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए इसमें से 50 फीसदी राशि बालिका के 18 वर्ष पूरा होने पर निकाली जा सकती है। खाते की परिपक्वता अवधि उसके खोले जाने से 21 वर्ष पूरे होने या बालिका के विवाह के वक्त जो भी पहले लागू हो तक होगी, बशर्ते बालिका की आयु न्यूनतम 18 वर्ष हो चुकी हो। खाताधारक की मृत्यु होने पर इसे तत्काल बंद कर दिया जाएगा और खाते में रखी राशि का खाता बंद होने के पिछले महीने तक के ब्याज के साथ अभिभावक को भुगतान कर दिया जाएगा।

प्रवर डाक अधीक्षक, इलाहाबाद मंडल श्री रहमतउल्लाह ने बताया कि खाता खोलने के लिए बालिका का जन्म प्रमाणपत्र, अभिभावक का फोटोग्राफ, जमाकर्ता की पहचान और आवासीय प्रमाण से संबंधित दस्तावेज देना अनिवार्य है।


Wednesday, February 18, 2015

इलाहाबाद में आरम्भ हुई थी 18 फरवरी 1911 को दुनिया की पहली हवाई डाक सेवा

डाक सेवाओं ने पूरी दुनिया एक लम्बा सफर तय किया है। डाक सेवाओं के क्षेत्र में इलाहाबाद का स्थान प्रमुख है। इलाहाबाद को यह सौभाग्य प्राप्त है कि दुनिया की पहली हवाई डाक सेवा यहीं से आरम्भ हुई। इलाहाबाद परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवायें कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि यह ऐतिहासिक घटना  104 वर्ष पूर्व 18 फरवरी 1911 को इलाहाबाद में हुई। संयोग से उस साल कुंभ का मेला भी लगा था। उस दिन दिन  फ्रेंच पायलट मोनसियर हेनरी पिक्वेट ने एक नया इतिहास रचा था। वे अपने विमान में इलाहाबाद से नैनी के लिए 6500 पत्रों को अपने साथ लेकर उडे। विमान था हैवीलैंड एयरक्राफ्ट और इसने दुनिया की पहली सरकारी डाक ढोने का एक नया दौर शुरू किया। 

डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव के अनुसार इलाहाबाद में उस दिन डाक की उड़ान देखने के लिए लगभग एक लाख लोग इकट्ठे हुए थे जब एक विशेष विमान ने शाम को साढ़े पांच बजे यमुना नदी के किनारों से उड़ान भरी और वह नदी को पार करता हुआ 15 किलोमीटर का सफर तय कर नैनी जंक्शन के नजदीक उतरा जो इलाहाबाद के बाहरी इलाके में सेंट्रल जेल के नजदीक था। आयोजन स्थल एक कृषि एवं व्यापार मेला था जो नदी के किनारे लगा था और उसका नाम ‘यूपी एक्जीबिशन’ था। इस प्रदर्शनी में दो उड़ान मशीनों का प्रदर्शन किया गया था। विमान का आयात कुछ ब्रिटिश अधिकारियों ने किया था। इसके कलपुर्जे अलग अलग थे जिन्हें आम लोगों की मौजूदगी में प्रदर्शनी स्थल पर जोड़ा गया। इलाहाबाद से नैनी जंक्शन तक का हवाई सफ़र आज से 104  साल पहले मात्र  13 मिनट में पूरा हुआ था।

निदेशक कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि हालांकि यह उडान महज छह मील की थी, पर इस घटना को लेकर इलाहाबाद में ऐतिहासिक उत्सव सा वातावरण था। ब्रिटिश एवं कालोनियल एयरोप्लेन कंपनी ने जनवरी 1911 में प्रदर्शन के लिए अपना एक विमान भारत भेजा थाए जो संयोग से तब इलाहाबाद आया जब कुम्भ का मेला भी चल रहा था। वह ऐसा दौर था जब जहाज देखना तो दूर लोगों ने उसके बारे में ठीक से सुना भी बहुत कम था। ऐसे में इस ऐतिहासिक मौके पर अपार भीड होना स्वाभाविक ही था। इस यात्रा में हेनरी ने इतिहास तो रचा ही पहली बार आसमान से दुनिया के सबसे बडे प्रयाग कुंभ का दर्शन भी किया। 

 निदेशक डाक सेवाएँ कृष्ण कुमार यादव के अनुसार कर्नल वाई विंधाम ने पहली बार हवाई मार्ग से कुछ मेल बैग भेजने के लिए डाक अधिकारियों से संपर्क किया जिस पर उस समय के डाक प्रमुख ने अपनी सहर्ष स्वीकृति दे दी। मेल बैग पर ‘पहली हवाई डाक’ और ‘उत्तर प्रदेश प्रदर्शनी, इलाहाबाद’ लिखा था। इस पर एक विमान का भी चित्र प्रकाशित किया गया था। इस पर पारंपरिक काली स्याही की जगह मैजेंटा स्याही का उपयोग किया गया था। आयोजक इसके वजन को लेकर बहुत चिंतित थे, जो आसानी से विमान में ले जाया जा सके। प्रत्येक पत्र के वजन को लेकर भी प्रतिबंध लगाया गया था और सावधानीपूर्वक की गई गणना के बाद सिर्फ 6,500 पत्रों को ले जाने की अनुमति दी गई थी। विमान को अपने गंतव्य तक पहुंचने में 13 मिनट का समय लगा।

भारतीय डाक पर एक पुस्तक लिख चुके श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया  कि इस पहली हवाई डाक सेवा का विशेष शुल्क छह आना रखा था और इससे होने वाली आय को आक्सफोर्ड एंड कैंब्रिज हास्टल इलाहाबाद को दान में दिया गया। इस सेवा के लिए पहले से पत्रों के लिए खास व्यवस्था बनाई गई थी। 18 फरवरी को दोपहर तक इसके लिए पत्रों की बुकिंग की गई। पत्रों की बुकिंग के लिए आक्सफोर्ड कैंब्रिज हॉस्टल में ऐसी भीड लगी थी कि उसकी हालत मिनी जीपीओ सरीखी हो गई थी। डाक विभाग ने यहां तीन चार कर्मचारी भी तैनात किए थे। चंद रोज में होस्टल में हवाई सेवा के लिए 3000 पत्र पहुंच गए। एक पत्र में तो 25 रूपये का टिकट लगा था। पत्र भेजने वालों में इलाहाबाद की कई नामी गिरामी हस्तियां तो थी हीं, राजा महाराजे और राजकुमार भी थे।









Please also read here : 
World's 1st Air Mail started during Maha Kumbh in 1911 (Courtesy : Times of India)


Friday, February 13, 2015

Passion for ICC World Cup Cricket on Postage Stamps also

Good news for cricket and philately aficionados of the India is that postal department will make available souvenir sheet released by the New Zealand Post Commemorate ICC Cricket World Cup-2015, begin on 14 February, 2015.The biggest cricketing event is being co-hosted by Australia and New Zealand.Passion for Cricket World Cup is growing around the world. Everyone wants to collects items related to it as souvenirs. To commemorate this occasion, New Zealand Post has brought a souvenir sheet which is being made available in India also.  

Briefing about this Mr. Krishna Kumar Yadav, Director Postal Services, Allahabad Region said that based on the theme of ‘14 teams, one champion’, this souvenir sheet of stamps depicts the logo of cricket World Cup and colours of 14 participating nations in the form of cricket ball shaped stamps. We all may have seen Postage Stamps in various shapes, but it will be the first time that postage stamps will be issued in ball shape. Mr. Yadav also said that keeping in view Indian Cricket fans, 2 World Cup victories by India in 1983 and 2011 have been depicted on this stamp. 
Director Postal Services Mr. Krishna Kumar Yadav said that this souvenir sheet of 14 Postage Stamps is available for sale for rupees 400. A discount of 20 percent will be provided on pack of five sheets. Mr. Yadav said that these postage stamps are available in all Philatelic Bureaus. In Allahabad Region these stamps are available at Philatelic Bureau at Allahabad Head Post Office and Varanasi Head Post Office situated at Visheswarganj. Mr. Yadav also said that if required these stamps will be also sold from other Post Offices.



(Courtesy : Hindustan Times)

Thursday, February 12, 2015

विश्व कप क्रिकेट के प्रति दीवानगी अब डाक टिकटों पर : क्रिकेट बाल के आकार में जारी हुए डाक टिकट

विश्व कप क्रिकेट के प्रति पूरी दुनिया में दीवानगी है। हर कोई इससे जुड़ी चीजों को यादगार रूप में सहेज कर रखना चाहता है। विश्व कप 14  फरवरी से आस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की मेजबानी में आरंभ होने जा रहा है और इसे यादगार बनाने हेतु न्यूजीलैंड ने डाक टिकटों की एक विशेष शीट जारी की है, जिसे कि भारत में भी उपलब्ध कराया जा रहा है।  

इस संबंध में जानकारी देते हुए इलाहाबाद परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि 14 टीम, एक चैंपियन थीम पर जारी इस विशेष डाक टिकट शीट पर विश्व कप का लोगो एवं विश्व कप किक्रेट में भाग लेने वाले 14 देशों को गेंदाकार रूप में रंगीन डाक टिकट पर प्रदर्शित किया गया है। अभी तक आपने भिन्न-भिन्न आकारों में डाक टिकट देखी होंगी, पर यह पहली बार है कि डाक टिकटों को किक्रेट की गेंद  के आकार में जारी किया गया है। श्री यादव ने बताया कि भारतीय किक्रेट प्रेमियों के मद्देनजर इस पर भारत द्वारा दो बार 1983 व 2011 में विश्व कप जीतने का भी उल्लेख है। 

डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि 14 डाक टिकटों की यह विशेष शीट 400 रूपये में बिक्री के लिए उपलब्ध है। 5 शीटों के पैक पर 20 प्रतिशत की छूट भी दी जायेगी। श्री यादव ने बताया कि यह डाक टिकटें सभी फिलेटलिक ब्यूरो में उपलब्ध हैं । इलाहाबाद परिक्षेत्र में यह प्रधान डाकघर इलाहाबाद एवं प्रधान डाकघर विशेश्वरगंज वाराणसी में स्थित फिलेटलिक ब्यूरो में उपलब्ध हैं। श्री यादव ने कहा कि आवश्यकतानुसार इनकी बिक्री अन्य डाकघरों से भी करायी जायेगी। ये डाक टिकटें ई-पोस्ट आफिस और स्नैपडील के माध्यम से भी उपलब्ध करायी जा रही हैं। 

Wednesday, February 11, 2015

प्रधानमंत्री मोदी के सांसद आदर्श ग्राम जयापुर में खुला डाकघर

सांसद आदर्श ग्राम के तहत प्रधानमंत्री माननीय श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा वाराणसी में गोद लिये गये जयापुर गांव में ग्रामवासियों की सुविधा हेतु 24 जनवरी 2015 को डाक विभाग द्वारा एक नया शाखा डाकघर खोला गया। इस डाकघर में डाक टिकट बिक्री, स्पीड पोस्ट, रजिस्ट्री बुकिंग, बचत योजना एवं ग्रामीण डाक जीवन बीमा इत्यादि जैसी प्रमुख सुविधाएं उपलब्ध करायी गयी हैं। 

इसका उद्घाटन ग्राम प्रधान श्रीमती दुर्गावती देवी ने डाक अधीक्षक, वाराणसी पश्चिमी श्री एच.जी. वर्मा की उपस्थिति में फीता काट कर किया। ग्राम प्रधान श्रीमती दुर्गावती देवी ने इस अवसर पर डाक विभाग की पहल को सराहा। उन्होंने कहा कि गाँव में डाकघर खुलने से तमाम कार्यों में सहूलियत होगी और इसके लिए अब दूर नहीं जाना होगा। उन्होंने इस अवसर पर ग्राम वासियों से डाक बचत योजनाओं में अधिकाधिक निवेश करने एवं ग्रामीण डाक जीवन बीमा के तहत अपना बीमा कराने की भी अपील की।

इस अवसर पर गांँव में ’’राष्ट्रीय बालिका दिवस’’ भी मनाया गया। इसके तहत गाँंव वालों ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदीजी के ’’बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’’ अभियान के तहत शपथ ली। इस अवसर पर ग्राम प्रधान श्रीमती दुर्गावती देवी ने ग्रामीणों से बेटियों को पढ़ाने एवं उनके नाम एक बचत खाता खोलने की भी अपील की। इस अवसर पर सहायक डाक अधीक्षक पश्चिम श्री संजय कुमार गुप्ता ने लोगों का स्वागत किया और आभार ज्ञापन शाखा डाकपाल श्री भुइधर राम द्वारा किया गया।

जयापुर शाखा डाकघर का लेखा कार्यालय जक्खिनी उपडाकघर है और इसका पिनकोड 221305 है। इस शाखा डाकघर द्वारा कुल 5 गाँवों-जयापुर, मुसेपुर, मानिकपुर, साहिल, वीरसिंहपुर, चंदापुर, पचई, सिंघई में सेवाएं दी जायेंगी। इसके तहत 1952 परिवार, जिनकी जनसंख्या 13681 है आच्छादित होंगे।

अल्प समय में ही डाकघर से तमाम लोग जुड़े हैं। हर दिन कई लोग डाकघर की सेवाओं की जानकारी लेने पहुँच  रहे हैं। 11 फरवरी तक जयापुर शाखा डाकघर में विभिन्न लघु बचत योजनाओं  के अन्तर्गत  ग्राम वासियों द्वारा 767 खाते खोले जा चुके हैं । गाँव के 5 लोगों ने ग्रामीण डाक जीवन बीमा भी कराया है। 

Tuesday, February 10, 2015

डाक विभाग का पहला एटीएम वाराणसी में

वाराणसी : भारतीय डाक विभाग ने पोस्टल बैंक की तरफ कदम बढ़ा दिए हैं। देश के सभी डाकघर जल्द ही बैंक की तरह काम करेंगे। इसी क्रम में केंद्रीय संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशकर प्रसाद ने रविवार, 8 फरवरी 2015  को उत्तर प्रदेश में डाक विभाग के पहले एटीएम का शुभारंभ वाराणसी कैंट प्रधान डाकघर में किया।

मुख्य अतिथि रविशंकर प्रसाद ने कहा कि देश में लगभग डेढ लाख डाकघर मौजूद होने के बावजूद इस संस्था का भरपूर उपयोग नहीं हुआ।  उन्होंने कहा डाक विभाग में सूचना प्रौद्योगिकी आधुनिकीकरण परियोजना के तहत नई प्रौद्योगिकी का समावेश किया जा रहा है, जिसमें भविष्य में सभी ग्रामीण क्षेत्रों के सभी शाखा डाकघरों में भी ऑनलाइन सेवा शुरू हो जाएगी।  
प्रसाद ने कहा कि एटीएम का बटन दबाने से आज डाक विभाग बैंकों के साथ प्रतिस्पर्धा में खड़ा हो
गया है।  डाक विभाग पोस्टल बैंक की तरफ मजबूती से बढ़ रहा है। डेढ़ लाख डाक घरों में पोस्टल बैंक होगा जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में पकड़ और मजबूत होगी। बोले, डाक विभाग में सूचना प्रौद्योगिकी आधुनिकीकरण परियोजना (आईटी माडर्नाइजेशन) के तहत नई प्रौद्योगिकी का समावेश किया जा रहा है। भारतीय डाक विभाग का नेटवर्क विश्व में सबसे बड़ा नेटवर्क है और मुझे लगता है कि संचार क्रांति के बाद डाकघरों की यह नेटवर्किंग दूसरी बड़ी क्रांति होगी। उन्होंने आश्वासन भी दिया कि आधुनिक प्रौद्योगिकी के कारण किसी डाककर्मी की नौकरी नहीं जाएगी। डाक कर्मी पारपंरिक कार्य करने के साथ  ही नए कार्य करनें की आदत डालें।

ई-कॉमर्स कारोबार 70 हजार करोड़

आज देश में ई- कॉमर्स का कारोबार 70 हजार करोड़ का है जिसमें डाक विभाग ने भी अपनी भागीदारी बढ़ा दी है। कैश ऑन डिलीवरी की सुविधा भी दे रहा है। रविशंकर प्रसाद ने बताया कि मंत्रालय संचार के क्षेत्र में ऐतिहासिक काम कर रहा है जिसके तहत देशभर के ग्राम पंचायतों को ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क से जोड़ा जाएगा जहा एक कॉमन सर्विस सेंटर के तहत कई काम किए जा सकेंगे। वही ई-कैश ट्रासफर की सुविधा भी मिल सकेगी जिससे दूर दराज का कोई भी व्यक्ति अपने परिजन को पैसा भेज सकता है।

डाक विभाग की उत्तर प्रदेश की प्रमुख पोस्टमास्टर जनरल डा.सरिता सिंह ने कहा कि जल्द ही उत्तर प्रदेश में 88 एटीएम स्थापित किए जाएंगे। बोलीं, बचत बैंक और बचत पत्रों से प्राप्त राजस्व के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश भारत का सर्वाधिक राजस्व अर्जित करने वाला परिमंडल है। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि विधायक श्यामदेव राय चौधरी, रवींद्र जायसवाल, संचार सचिव राकेश गर्ग, मण्डलायुक्त आर. एम. श्रीवास्तव,  पोस्टमास्टर जनरल कर्नल एफ़ एस रिजवी आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन इलाहाबाद परिक्षेत्र के  निदेशक डाक सेवाएं कृष्ण कुमार यादव ने किया।

इलाहाबाद परिक्षेत्र के  निदेशक डाक सेवाएं कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि डाक विभाग ने आईटी मार्डनाइजेशन प्रोजेक्ट के तहत डाकघरों को कोर बैंकिंग से जोड़ने की पहल की है। कोर बैंकिंग से जुड़ने के बाद ऐनीव्हेयर एनीटाइम बैंकिंग के तहत क्रमबद्ध रूप से धीरे-धीरे डाक घर के ग्राहकों को आनलाइन बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, नेट बैंकिंग और एटीएम आदि का लाभ देने की तैयारी है। उन्होंने बताया कि कैंट स्थित प्रधान डाकघर में प्रदेश का पहला डाक एटीएम लगा है। अब तक प्रदेश के 262 डाकघर कोर बैंकिंग सिस्टम से जुड़े चुके हैं। जिनमें वाराणसी डाक मंडल के आठ डाकघर शामिल हैं। इनमें कैंट प्रधान डाकघर के अलावा विशेश्वरगंज प्रधान डाकघर, काशी विद्यापीठ, बीएचयू हास्पिटल, डीरेका, बड़ागांव, भदोही और औराई डाकघर शामिल हैं। 





















Sunday, February 8, 2015

प्रधानमंत्री मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में डाक विभाग ने लगाया उत्तर प्रदेश में अपना पहला एटीएम : वाराणसी कैण्ट प्रधान डाकघर में संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने किया उद्घाटन

कोर बैंकिंग के बाद डाक विभाग ने अपने ग्राहकों को उन्नत सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशाा में एक कदम और आगे बढ़ाते हुए अब ए.टी.एम. की सौगात दी है। उत्तर प्रदेश डाक परिमंडल  के पहले डाक ए.टी.एम. का शुभारम्भ वाराणसी कैण्ट प्रधान डाकघर में 08 फरवरी को श्री रवि शंकर प्रसाद,  संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री, भारत सरकार द्वारा एक भव्य कार्यक्रम में किया गया। इस अवसर पर श्री रवि शंकर प्रसाद द्वारा फीता काट कर एवं शिलापट्ट का अनावरण कर ए.टी.एम. सुविधा के शुभारम्भ की घोषणा की गयी।इस अवसर पर संचार मंत्री ने डाक विभाग को बैंकिंग लाइसेंस दिए जाने की  बात करते हुए कहा कि इस वर्ष के अंत तक उत्तर प्रदेश में कुल 88 एटीएम लगा दिए जायेंगे।

इस अवसर पर श्री रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि डाक विभाग भारत के सबसे पुराने विभागों में से है और इसका व्यापक नेटवर्क तमाम नये अवसर भी खड़ा करता है। उन्होंने कहा कि देश में जितने भी संगठन वित्तीय सेवाएं मुहैया कराते हैं, उनमें डाक विभाग की ही सबसे ज्यादा पहुँच ग्रामीण क्षेत्रों और पिछड़े एवं दूर-दराज के इलाकों में है। ऐसे में देश के सामाजिक-आर्थिक विकास में डाक विभाग की अहम भूमिका है। सरकार की प्राथमिकताओं में वित्तीय समावेश की अहमियत को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि देश के ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी डाक विभाग इसमें प्रमुख भूमिका निभाता है और ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक पहुँच की बदौलत ही सरकारी योजनाओं के एक बड़े हिस्से को डाकघरों के जरिए ही सुलभ कराया जा रहा है।  उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ग्रामीण इलाकों में डाक विभाग कामन सर्विस सेंटर के रूप में अच्छी भूमिका निभा सकते हैं और इसके लिए ग्रामीण शाखा डाकघरों को भी हाईटेक किया जायेगा। 

संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि डाक विभाग में नई टेक्नालाॅजी का समावेश करने हेतु आईटी माॅडर्नाइजेशन प्रोजेक्ट चलाया जा रहा है।  इसके तहत आने वाले समय में ग्रामीण क्षेत्रों के सभी शाखा डाकघरों में भी काम आॅनलाइन होना शुरू हो जाएगा।  उन्होंने  कहा  कि भारतीय डाक विभाग का नेटवर्क विश्व में सबसे बड़ा नेटवर्क है और मुझे लगता है कि संचार क्रान्ति के बाद डाकघरों की यह नेटवर्किंग दूसरी बड़ी क्रान्ति होगी। श्री प्रसाद ने इस बात पर जोर दिया कि  आने वाले समय में डाक विभाग के सम्मुख जो चुनौतियाँ आ रही हैं उन्हें देखते हुए डाक विभाग में अब ई-कामर्स और अन्य नये व्यवसायों की ओर ध्यान देना होगा।  

  इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में  श्री राकेश भार्गव, दूरसंचार सचिव, भारत सरकार, श्री श्याम देव राय चौधरी, विधायक शहर दक्षिणी, श्री रविन्द्र नाथ जायसवाल, विधायक शहर उत्तरी, श्री आर एम श्रीवास्तव, मण्डलायुक्त वाराणसी मंडल भी उपस्थित रहे।  

कार्यक्रम के आरम्भ में उ.प्र. डाक परिमंडल की चीफ पोस्टमास्टर जनरल डाॅ सरिता  सिंह ने संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री रविशंकर प्रसाद जी का स्वागत करते हुए डाक सेवाओं के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की अहमियत को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि बचत बैंक और बचत पत्रों से प्राप्त राजस्व के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश भारत का सर्वाधिक राजस्व अर्जित करने वाला परिमण्डल है। 


आभार ज्ञापन इलाहाबाद क्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल कर्नल एस.एफ. रिजवी द्वारा किया गया।  कार्यक्रम का  संचालन निदेशक डाक सेवाएं, इलाहाबाद परिक्षेत्र  श्री कृष्ण कुमार यादव द्वारा किया गया।


Monday, February 2, 2015

India's oldest life insurance 'Postal Life Insurance' go online now

After having successfully implemented Core Banking Services in many Post Offices, Postal Department has now started roll out of Core Insurance Solution. Under which, Postal Life Insurance and Rural Postal Life Insurance will be made online. Briefing about this Mr. Krishna Kumar Yadav, Director Postal Services of Allahabad Region said that after implementation of Core Insurance Solution, Life Insurance schemes of the Postal Department will start functioning on McCamish software developed by Infosys. He further said that under Core Insurance Solution, Central Processing Centers are being established in all Head Post Offices of the country. To enable high tech and speedy processing of Postal Life Insurance related application and claims etc., these Central Processing Centers are equipped with high speed printers and scanners along with high speed internet connectivity. 

 Director Postal Mr. Krishna Kumar Yadav said that including Allahabad Head Post Office and Varanasi Cantt Head Post Office, total 15 Head Post Offices in Uttar Pradesh have been migrated online on 2nd February, Monday. In UP earlier 20 Head Post Offices have already migrated on. Postal Dept. is planning to migrate all Head Post Offices in UP within this financial year only. In Allahabad Head Post Office more than 28, 000 policy bond holders exists, whereas in Varanasi Cantt Head Post Office it’s more than 26,000, added Mr. Yadav.

Director Postal, Mr. Yadav told that currently insurance bonds are issued by Divisional Supdts. , but now it will be done by the Postmasters at Head Post Office level, which reduce the time taken in issuance of bonds. Apart from this, Postal Life Insurance policy holders will be now able to view their policy status, total deposited premium and other details online and also deposit their premium online. Mr. Yadav further said that not only new but all old policies will be also available online, which will ultimately ensure timely settlements of all claims related to Postal Life Insurance and Rural Postal Life Insurance.

It is worthwhile to mention here that Started on 1 February, 1884, Postal Life Insurance is India’s oldest insurance service and currently, employees of government, semi-government, and government controlled organizations are eligible for Postal Life Insurance. Postal Department has also introduced Rural Postal Life Insurance in 1995, for people in rural areas. Insurance schemes offered by Post Offices are secured under guaranteed return by Government, tax rebate under section 80 C, low premium, high bonus, loan against policies, facility to deposit premium at any Post Office in India, and 1 percent rebate on advance premium deposit of 6 months, 2 percent rebate on advance premium deposit of 12 months. Proponent is not burdened with any type of commission paid to agents, Yadav added.

भारत की सबसे पुरानी डाक जीवन बीमा योजना अब होगी ऑनलाइन

डाकघरों में कोर बैंकिंग सर्विसेस की शुरूआत करने के बाद डाक विभाग अब कोर इन्श्योरेन्स साल्यूशन लागू करने जा रहा है। इसके तहत विभाग की जीवन बीमा योजनाओं - डाक जीवन बीमा और ग्रामीण डाक जीवन बीमा को आॅनलाइन किया जायेगा। इस संबंध में जानकारी देते हुए इलाहाबाद परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि कोर इन्श्योरेन्स साल्यूशन के तहत डाक विभाग अपनी जीवन बीमा योजनाओं के लिए इन्फोसिस द्वारा निर्मित मैककैमिश साफ्टवेयर पर कार्य करना आंरभ करेगा। इसके लिए सभी प्रधान डाकघरों में सेन्ट्रल प्रोसेसिंग सेन्टर स्थापित किये जा रहे हैं और  इन सेन्टरों को हाईटेक रूप से कार्य करने हेतु कम्प्यूटर के साथ-साथ हाईस्पीड प्रिन्टर व स्कैनर उपलब्ध कराये गये हैं। डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि इलाहाबाद प्रधान डाकघर और वाराणसी कैंट प्रधान डाकघरों सहित उत्तर प्रदेश के 15 प्रधान डाकघरों में सोमवार,  2 फरवरी से यह व्यवस्था आरम्भ हो जाएगी, वहीं अन्य प्रधान डाकघरों को भी इसी वित्तीय वर्ष में कोर इन्श्योरेन्स साल्यूशन से जोड़ दिया जायेगा। फिलहाल उत्तर प्रदेश के 20 प्रधान डाकघर इसके तहत कार्य करना आरम्भ कर चुके हैं। इलाहाबाद प्रधान डाकघर में 28 हजार से ज्यादा पॉलिसी धारक हैं, वहीं वाराणसी कैंट प्रधान डाकघर में 26 हजार से ज्यादा पॉलिसी धारक हैं। 

डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि अभी बीमा बांड जारी करने का कार्य प्रवर अधीक्षक द्वारा मंडल स्तर पर किया जाता है, पर अब यह कार्य प्रधान डाकघर स्तर पर पोस्टमास्टरों द्वारा किया जायेगा, जिससे बांड जारी होने में तेजी आ सकेगी। इसके अलावा डाक जीवन बीमा और ग्रामीण डाक जीवन बीमा पालिसीधारक अब आॅनलाइन रूप में अपनी पालिसी का स्टेटस, कुल जमा प्रीमियम एवं अन्य विवरण देख सकेंगे व प्रीमियम का भुगतान भी आॅनलाइन कर सकेंगे। श्री यादव ने कहा कि डाक विभाग सिर्फ नयी ही नहीं बल्कि सभी पुरानी पालिसियों को भी आॅनलाइन करेगा, ताकि डाक जीवन बीमा एवं ग्रामीण डाक जीवन बीमा से संबंधित सभी प्रकार के दावों इत्यादि का  निस्तारण समयबद्धरूप से हो सके। 

गौरतलब है कि 1 फरवरी, 1884 को आरंभ डाक जीवन बीमा वर्तमान में भारत की सबसे पुरानी बीमा सेवा है, जिसके तहत अधिकतम 50 लाख रूपये की बीमित राशि के साथ वर्तमान में सरकारी/अर्द्ध सरकारी/सरकारी नियंत्रण वाली संस्थाओं  के कर्मी बीमा के पात्र हैं।  ग्रामीण लोगों हेतु डाक विभाग ने सर्वप्रथम 1995 में ग्रामीण डाक जीवन बीमा आरंभ किया, जिसके तहत कोई भी ग्रामीण व्यक्ति अपना बीमा करा सकता है। इन बीमा योजनाओं में निवेश की सुरक्षा पर सरकार की गांरटी, धारा 88 के तहत आयकर में छूट, कम प्रीमियम और अधिक बोनस, पाॅलिसी पर लोन की सुविधा, देश के किसी भी डाकघर में प्रीमियम जमा करने की सुविधा और 6 महीने के अग्रिम प्रीमियम पर 1 फीसदी की छूट, 12 माह अग्रिम जमा पर 2 फीसदी की छूट दी जाती है। 


Sunday, February 1, 2015

Postal Dept makes its presence known in Life Insurance business along with Mail business

Usually Postal Department is known for handling of letters, but Postal Department is also working in the field of Life Insurance for a long time. Postal Department is continuously achieving new milestones in the field of Life Insurance. Recently the maximum sum assured limit under Postal Life Insurance has been raised to 50 lakh from 20 lakh.

Mr. Krishna Kumar Yadav, Director Postal Services, Allahabad Region said that during the current financial year Postal Department has issued insurance policies to people worth rupees  1 billion 62 crore in Allahabad Postal Region. Which includes Postal Life Insurance of rupees 1 billion 5 crore and Rural Postal Life Insurance of rupees 57 crore. Mr. Yadav said that Postal Department is dedicated to provide better services to the people in rural areas.  To ensure maximum coverage, villages are being identified in rural areas of all Postal Divisions and they are covered as Postal Life Insurance Village. Whereas in cities important organizations are being identified as Postal Life Insurance Organizations.

Director Postal Services, Allahabad Region, Mr. Krishna Kumar Yadav, told that along with distribution of letters Postal Department has been working for a long time in the fields of Life Insurance and Saving Bank. Started on 1 February, 1884, Postal Life Insurance is India’s oldest insurance service. Postal Department has also introduced Rural Postal Life Insurance in 1995, for people in rural areas. Postal Life Insurance offers six schemes- ‘Suraksha’, ‘Santosh’, ‘Suwidha’, ‘Yugal Suraksha’, ‘Sumangal’, and Children Policy. Under this scheme employees of only government, semi-government and government owned institutions are eligible. 








पत्रों के साथ-साथ डाक जीवन बीमा के क्षेत्र में भी डाक विभाग की धाक


 डाक विभाग को लोग सामान्यतया चिट्ठी-पत्री के लिए ही जानते हैं, पर डाक विभाग एक लम्बे समय से जीवन बीमा के क्षेत्र में भी है। बीमा के क्षेत्र में डाक विभाग नित नये आयाम भी स्थापित कर रहा है। हाल ही में डाक जीवन बीमा की अधिकतम बीमित सीमा 20 लाख से बढ़ाकर अब 50 लाख रूपये कर दी गयी है। इलाहाबाद परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि इस वित्तीय वर्ष में इलाहाबाद परिक्षेत्र में डाक विभाग ने लोगों का 1 अरब 62 करोड़ रूपये से ज्यादा का जीवन बीमा किया है। इसमें डाक जीवन बीमा के तहत 1 अरब 5 करोड़ एवं ग्रामीण डाक जीवन बीमा के तहत 57 करोड़ रूपये का ग्रामीण डाक जीवन बीमा हो चुका है। श्री यादव ने कहा कि डाक विभाग ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के जीवन बीमा के लिए भी बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। अधिकाधिक लोगांे को बीमित करने हेतु हर डाक मण्डल में गाॅंवों को चिन्हित करके उन्हें ग्रामीण डाक जीवन बीमा ग्राम के रूप में कवर किया जा रहा है वही शहरों में प्रमुख सरकारी विभागों को डाक जीवन बीमा संगठन के तहत लाया जा रहा है।

निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि डाक विभाग पत्रों के वितरण के साथ-साथ जीवन बीमा के क्षेत्र में भी एक लम्बे समय से कार्यरत रहा है। 1 फरवरी, 1884 को आरंभ डाक जीवन बीमा वर्तमान में भारत की सबसे पुरानी बीमा सेवा है, वहीं ग्रामीण लोगों हेतु डाक विभाग ने सर्वप्रथम 1995 में ग्रामीण डाक जीवन बीमा आरंभ किया। ”डाक जीवन बीमा” में 6 योजनायें-सुरक्षा, संतोष, सुविधा, युगल सुरक्षा, सुमंगल व चिल्डेªन पालिसी हैं। इसके तहत वर्तमान में सरकारी/अर्द्ध सरकारी/सरकारी नियंत्रण वाली संस्थाओं  के कर्मी बीमा के पात्र हैं। इसमें निवेश की सुरक्षा पर सरकार की गांरटी, धारा 88 के तहत आयकर में छूट, कम प्रीमियम और अधिक बोनस, पाॅलिसी पर लोन की सुविधा, देश के किसी भी डाकघर में प्रीमियम जमा करने की सुविधा और 6 महीने के अग्रिम प्रीमियम पर 1 फीसदी की छूट, 12 माह अग्रिम जमा पर 2 फीसदी की छूट दी जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि जमा प्रीमियम पर किसी तरह का किसी प्रकार के एजेन्ट कमीशन का भार प्रस्तावक पर नहीं पड़ता है।