Saturday, August 27, 2016

अब स्मार्ट होगी लेटर बॉक्स से पत्रों की निकासी : 'नन्यथा' सॉफ्टवेयर के माध्यम से लेटर बॉक्स की मेकेनाइज्ड निकासी व्यवस्था का डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव ने जोधपुर में किया शुभारंभ

वक़्त के साथ कदमताल करते हुए डिजिटल इण्डिया और स्मार्ट गवर्नेंस की तरफ कदम बढ़ाते हुए डाक विभाग अब लेटर बॉक्स को भी स्मार्ट बना रहा है। अब लेटर बॉक्स से  पत्रों की निकासी को सॉफ्टवेयर आधारित करके  इसे नई टेक्नालॉजी से जोड़ा जा रहा है।  इसी क्रम में  राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने  जोधपुर प्रधान डाकघर में 27 अगस्त को 'नन्यथा' (Nanyatha) सॉफ्टवेयर के जरिये लेटर बॉक्स की मेकेनाइज्ड निकासी व्यवस्था का शुभारंभ किया। श्री यादव ने कहा कि रीयल टाइम आधारित और जीपीएस से लैस इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से जहाँ पत्रों की निकासी की नियमित मॉनिटरिंग हो सकेगी, वहीं आम जन भी http://www.appost.in/nanyatha/ वेबसाइट पर जाकर अपने क्षेत्र के लेटर बॉक्स की अवस्थिति के साथ-साथ यह देख सकेंगे कि उनके क्षेत्र का लेटर बॉक्स प्रतिदिन नियमित रूप से खुलता है या नहीं और इसमें से कितने पत्र निकलते हैं। पारदर्शिता के साथ-साथ इससे डाक विभाग को लेटर बाक्सों के औचित्य स्थापन में भी सुविधा मिलेगी। 


डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने  इस नई व्यवस्था के बारे में विस्तार से चर्चा करते हुए बताया कि, इसके तहत हर लेटर बॉक्स के अंदर 12 अंकों  का यूनिक बार कोड लगाया जायेगा, जिसमें प्रारम्भिक 6 अंक पिनकोड को दर्शायेंगे। डाककर्मी किसी भी लेटर बॉक्स से पत्रों की निकासी करेगा तो पहले वह अपने पास स्थित एंड्रायड बेस्ड स्मार्ट मोबाइल फोन में  स्थित 'नन्यथा एप' से उस लेटर बॉक्स के बार कोड को स्कैन करके उसमें निकले  कुल पत्रों की संख्या को उसी स्थान से अपलोड करेगा | इससे लेटर बॉक्स की लोकेशन सहित पत्रों की संख्या व निकासी की तारीख और समय सॉफ्टवेयर के माध्यम से तुरंत अपलोड हो जायेगा।  



निदेशक श्री यादव ने कहा कि लेटर बॉक्स निकासी की इस नई व्यवस्था के लागू होने से अब आम जनता को यह आसानी से पता लग जाएगा कि जिस लेटर बॉक्स में पत्र डाला गया है उसकी निकासी कितने बजे हुई। इसके अलावा किसी क्षेत्र विशेष में  स्थित लेटर बॉक्स की निकासी प्रतिदिन समयानुसार हो रही है अथवा नहीं की सूचना विभाग के साथ साथ जनता को भी उपलब्ध हो जाएगी, जिससे इस कार्य  में  और अधिक पारदर्शिता आएगी।  यही नहीं इस व्यवस्था से प्रत्येक लेटर बॉक्स में  कितने पत्र पोस्ट किए गए इत्यादि से संबंधित आँकड़ों का डाटाबेस उपलब्ध हो सकेगा तथा डाक विभाग को यह सुनिश्चित करने में आसानी रहेगी कि किस क्षेत्र में  लेटर बॉक्स लगवाने की अधिक आवश्यकता है। इससे जनता की शिकायतों में भी  कमी आएगी।

डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने यह भी बताया कि जोधपुर जिला मुख्यालय पर 113 लेटर बॉक्स लगे हुए है जिसमें आम जनता प्रतिदिन लगभग 3,000 से 3,500 तक पत्र पोस्ट करती है| उन्होंने कहा कि यह सेवा आरंभ मे जोधपुर प्रधान डाकघर में आरम्भ की जा रही है, जिसके अधीन कुल 22 लेटर बॉक्स लगे हुए हैं।  श्री यादव ने कहा कि शीघ्र ही शास्त्री नगर, नंदन वन, कचहरी, रेजीडेंसी रोड सहित तमाम डाकघरों में यह तकनीक आरम्भ की जाएगी। राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र के अधीन सभी 13 जिलों में भी इस सेवा को आरम्भ किया जायेगा, जिनमें जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर, चुरू, झुञ्झुनु, नागौर, पाली, सीकर, सिरोही, जालोर, हनुमानगढ़ एवं श्रीगंगानगर जिले शामिल है।

इस अवसर पर सीनियर पोस्टमास्टर एल. एस. पटेल, सहायक निदेशक इशरा राम, सहायक डाक अधीक्षक  विनय कुमार खत्री, डाक निरीक्षक राजेंद्र सिंह भाटी सहित तमाम विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

लेटर बॉक्स जीपीएस से जुड़े, घर बैठे जान सकेंगे कब निकली डाक (साभार : दैनिक भास्कर, 28 अगस्त 2016)

लेटर बॉक्स की मेकेनाइज्ड निकासी व्यवस्था शुरू (साभार : राजस्थान पत्रिका, 28 अगस्त 2016)

अब लेटर बॉक्स से पत्रों की निकासी होगी स्मार्ट (साभार : दैनिक नवज्योति, 28 अगस्त 2016)

अब स्मार्ट होगी लेटर बॉक्स से पत्रों की निकासी 
'नन्यथा' सॉफ्टवेयर के माध्यम से लेटर बॉक्स की मेकेनाइज्ड निकासी व्यवस्था का डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव ने जोधपुर में किया शुभारंभ (साभार : दैनिक युगपक्ष,28 अगस्त 2016)

स्मार्ट होगी लेटर बॉक्स से पत्रों की निकासी (साभार : राष्ट्रदूत, 28 अगस्त 2016)





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