Tuesday, March 29, 2016

अपनी भाषा से ही मौलिक चिन्तन व आविष्कार की स्वतंत्रता: डाक निदेशक केके यादव

वैज्ञानिक एवं तकनीकी शब्दावली आयोग, नई दिल्ली एवं हिंदी विभाग, जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय, जोधपुर द्वारा 27 मार्च, 2016 को एम. बी. एम. इंजीनियरिंग कॉलेज के इंटरनेशनल सभागार में आयोजित ''उच्च शिक्षा में तकनीकी शब्दावली का प्रयोग'' विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में विचार व्यक्त करते हुए चर्चित हिंदी लेखक  एवं राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएँ श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि भूमण्डलीकरण, उदारीकरण, उन्नत प्रौद्योगिकी एवं सूचना-तकनीक के बढ़ते इस युग में यदि सबसे बड़ी चुनौती भाषा के लिए पैदा हुई है तो इसी चुनौती स्वरूप भाषाओं का विकास भी हुआ है। हिन्दी और अन्य भारतीय भाषायें उच्च शिक्षा का माध्यम न होने के कारण भाषा के स्वाभाविक विकास की प्रक्रिया से लम्बे समय तक दूर रहीं हैं। इसलिए हिन्दी तथा भारतीय भाषाओं को विज्ञान तथा तकनीकी क्षेत्र में विकसित करने के लिए सुनियोजित प्रयास की जरूरत है। 

         
अपने सारगर्भित सम्बोधन में निदेशक डाक सेवाएँ श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि  भूमण्डलीकरण के दौर में तकनीकी शब्दावली की अधिकाधिक आवश्यकता है। दुनिया में जापान, फ्रांस जैसे तमाम विकसित देश अपनी भाषा के माध्यम से तकनीक के सिरमौर बने हुए हैं, ऐसे में  अपनी सभ्यता, विरासत और संस्कृति की अच्छी चीजों को सहेजकर ही विज्ञान को उन्नत बनाया जा सकता है और मौलिक चिन्तन व  आविष्कार की स्वतंत्रता के लिए स्वयं की भाषा को ही वरीयता देना होगा। हमारे देश के पास प्राचीन समय से ही अपार सम्पदा के रूप में शब्दावली मौजूद है उसको सुरक्षित और संरक्षित रखने की आवश्यकता है। विदेशी भाषा का ज्ञान रखना जो लोग शान समझते है उन्हें अपनी भाषा पर गर्व करना चाहिए क्योंकि भाषा हमारे मूल्यों, परम्पराओं और संस्कृति का संरक्षण करती है। निज भाषा में इनका संरक्षण संभव है। अपने महान ग्रंथों से मोती चुनकर, दुनिया की तमाम भाषाओँ में लिखे जा रहे शोधकार्यों को अपनी मातृभाषा में अनुवादित कर, विज्ञानं और प्रौद्योगिकी को सहज रूप में अपनी मातृभाषा के माध्यम से लोगों में विस्तारित करके, उच्च शिक्षा में अपनी भाषा में मौलिक शोधों को बढ़ावा देकर और तकनीक को हौव्वा की बजाय दिनचर्या और नवाचार से जोड़कर इसे और भी समृद्ध बनाया जा सकता है। श्री यादव ने कहा कि आम आदमी की भाषा विज्ञान और तकनीक की भाषा से पृथक हो सकती है पर इसका तात्पर्य यह नहीं कि जनसामान्य की भाषा में विज्ञान और तकनीक की बातें नहीं समझाई जा सकतीं। बस जरूरत हमें अपनी सोच और कार्य प्रणाली बदलने की है। 

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं प्रो. सुधि राजीव, अधिष्ठाता कला, शिक्षा एवं समाज विज्ञान संकाय,जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय , जोधपुर ने कहा कि हर भाषा अपने व्यक्तित्व का स्वरूप होती है यह वसुधैव कुटुम्बकम की भावना से पल्लवित और पोषित है। भाषा मनुष्य होने का प्रमाणिक दस्तावेज है जो हमारी और हमारे राष्ट्र की पहचान कराती है। 



सारस्वत वक्ता के रूप में वैज्ञानिक तथा तकनीकी शब्दावली आयोग, नई दिल्ली के सहायक निदेशक इंजी. मोहन लाल मीना ने वैज्ञानिक तथा तकनीकी शब्दावली आयोग की कार्यप्रणाली व उसके उद्देश्यों के बारे में प्रकाश डालते हुए कहा कि  विज्ञान व तकनीकी विषयों में हिन्दी शब्दों का प्रयोग प्रारम्भ में कठिन प्रतीत होते है लेकिन सतत् प्रयोग से इन्हें आसानी से समझा व प्रयोग में लाया जा सकता है। साथ ही उन्होंने कहा कि विषय के विकास हेतु अनुकूल शब्दावली की आवश्यकता होती है। आयोग के ही जय सिंह रावत ने तकनीकी शब्दावली का प्रयोग के सरलीकरण पर प्रकाश डाला। 

           

कार्यक्रम के  प्रारम्भ में कार्यशाला के संयोजक प्रो. श्रवण कुमार मीना ने कार्यशाला की रूपरेखा बताते हुए समस्त अतिथियों का स्वागत किया तथा हिन्दी विभाग के अध्यक्ष प्रो. देवेन्द्र कुमार सिंह गौतम ने धन्यवाद ज्ञापित किया संचालन डाॅ. कामिनी ओझा ने किया।  इस दौरान विभिन्न प्रांतों से आए हुए वैज्ञानिक, शिक्षक गण, विद्व्त जन एवं शोधार्थी उपस्थित रहे।  उद्घाटन सत्र के बाद विभिन्न वक्ताओं ने  उच्च शिक्षा में तकनीकी शब्दावली के  प्रयोग पर अपने विचार व्यक्त किये।

प्रथम तकनीकी सत्र् में सारस्वत वक्ता प्रो. रामलखन मीना, राजस्थान केन्द्रीय विश्वविद्यालय, अजमेर ने हिन्दी की तकनीकी शब्दावली के विविध पक्षों सामान्य, साहित्यिक प्रयोजन व तकनीकी पक्षों पर प्रकाश डाला। आपने कहा कि वैज्ञानिक शब्दावली का निर्माण होने के बावजूद इसका प्रयोग नहीं किया जा रहा है क्योंकि लोग मानते हैं कि ये आम बोलचाल की भाषा नहीं है। दूसरे वक्ता डाॅ. मोहर सिंह, प्रधान वैज्ञानिक आई.सी.ए.आर. ने अपने व्याख्यान में कहा कि तकनीकी शब्दावली के माध्यम से कृषि नवाचार को किसानों तक पहुंचाना असान बनाना होगा। डाॅ. रामराज ने अपने वक्तव्य में कहा की तकनीकी शब्दावली के माध्यम से किसानों तक अपनी बात को आसानी से पहुंचाया जा सकता है। जिससे वे कृषि उत्पाद को बढ़ा सके। वनस्पति विज्ञान के सेवानिवृत प्रो. नरपत सिंह शेखावत ने अपने उद्बोधन में कहा की कृषि विज्ञान में तकनीकी शब्दावली के माध्यम से शब्दों को सुगम बनाया जा रहा है जो वर्तमान संदर्भो में उपयोगी सिद्ध हो रहा है। कार्यक्रम का संचालन डाॅ. महेन्द्र सिंह ने किया तथा अंत में डाॅ. प्रवीण चंद ने धन्यवाद ज्ञापित किया। दूसरे तकनीकी सत्र में अजमेर से पधारे डाॅ. आलोक चतुर्वेदी ने पाॅवर प्रजेंटेशन के माध्यम से विज्ञान विषयों में तकनीकी शब्दावली के सरलीकरण पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला। डाॅ. आर. पी. मीना पादप रोग वैज्ञानिक, आनन्द गुजरात ने कृषि विषय में आने वाले शब्दों की कठिनाई को सरलता पूर्वक समझाया और कहा की किसानों के लिए भाषा का सरलीकरण अत्यन्त आवश्यक है। सत्र का संचालन प्रवीण चंद ने किया और डाॅ. कुलदीप मीना ने  धन्यवाद ज्ञापित किया।

(डाॅ. श्रवण कुमार मीना)
प्रो. हिन्दी विभाग एवं संयोजक, राष्ट्रीय कार्यशाला
हिंदी विभाग, जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय, जोधपुर 


Saturday, March 19, 2016

जैसलमेर में आयोजित हुआ डाक मेला, डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव ने किया शुभारम्भ

 डाक विभाग द्वारा जैसलमेर प्रधान डाकघर मुख्यालय पर 14 मार्च, 2016  को वृहद डाक मेले का आयोजन किया गया। इसमें डाक विभाग द्वारा चलाई जा रही नवीनतम योजनाओं की जानकारी देकर उनका लाभ उठाने के लिए लोगों को प्रेरित किया गया। मेले में दूर दराज से आए लोगों ने डाक विभाग की इस पहल को सराहा और तमाम योजनाओं में निवेश सुनिश्चित किया। डाक मेले का शुभारम्भ जोधपुर से पधारे राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने किया।  



डाक मेले में आये लोगों को सम्बोधित करते हुए राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि डाक विभाग देश के पुरातन विभागों में से है, जो लोगों के सुख-दुःख में बराबर रूप से जुड़ा हुआ है। आज भी देश के हर कोने में, हर दरवाजे पर डाक विभाग की पहुँच है और वह लोगों की विश्वसनीयता पर खरा उतरा है। जैसलमेर जैसे मरुस्थलीय इलाके में भी डाक सेवाएं प्राय: हर गाँव और ढाणी तक उपलब्ध हैं। श्री यादव ने कहा कि डाक विभाग का उद्देश्य समावेशी विकास के तहत शहरों के साथ-साथ सुदूर ग्रामीण अंचल स्थित लोगों को भी सभी योजनाओं के तहत लाना है। ऐसे में अपने को एक व्यावसायिक और उत्तरदायी संगठन में तब्दील करने और अपनी सेवाओं को ग्राहकों के लिए और विविधतापूर्ण, गुणवत्तापूर्ण और तत्पर सेवा में बदलने की पहल के तहत डाकघरों को ऐसी जगह के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहाँ ग्राहकों को एक ही जगह पर जनोपयोगी सेवाएँ मिल सकें और आम आदमी को अपने दरवाजे पर ही आसानी से और सस्ती सेवाएँ प्रदान की जा सकें। इसके लिए डाक सम्प्रेषण प्रणाली में आवश्यकतानुसार परिवर्तन के साथ डाक सेवाओं को आधुनिकतम टेक्नालजी और आई. टी. से जोड़ा जा रहा है। व्यवसायिकता के इस दौर में बिना प्रतिस्पर्धा के कोई भी संगठन उन्नति नहीं कर सकता और डाक विभाग भी इस क्षेत्र में तमाम नये कदम उठा रहा है। 


डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि डाक विभाग सिर्फ चिट्ठी-पत्री और मनीऑर्डर ही नहीं बाँटता बल्कि बचत और बीमा सेवाओं से भी लम्बे समय से जुड़ा हुआ है। आई. टी. मॉडर्नाइजेशन के तहत सभी डाकघरों को कोर बैंकिंग (सीबीएस) से जोड़ा जा रहा है, आने वाले दिनों में नेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग एवं एटीएम सुविधाओं का डाकघरों में भी लाभ उठा सकेंगे। जैसलमेर के 17 डाकघरों को  कोर बैंकिंग से जोडा जा चुका है और जैसलमेर प्रधान डाकघर में एटीएम सेवा भी आरम्भ हो चुकी है। श्री यादव ने कहा कि आने वाले दिनों में ग्रामीण डाक सेवकों सहित विभाग के सभी कर्मचारियों को सूचना प्रौद्योगिकी  के माहौल में प्रभावकारी तरीके से कार्य करने के लिए तैयार करना है। इसी क्रम में ग्रामीण शाखा डाकघरों को भी तकनीकी तौर पर दक्ष बनाने के उद्देश्य से ग्रामीण आईसीटी के तहत  हाईटेक किया जायेगा और वहाँ पर नेटबुक व हैण्डहेल्ड डिवाइस भी दिया जायेगा । शाखा डाकघरों को सोलर चार्जिंग उपकरणों से जोडने के साथ-साथ मोबाइल थर्मल प्रिन्टर, स्मार्ट कार्ड रीडर, फिंगर प्रिन्ट स्कैनर, डिजिटल कैमरा एवं सिगनेचर व दस्तावेज स्कैनिंग के लिये यन्त्र भी मुहैया कराया जायेगा ताकि ग्रामीण लोगों को इन सुविधाओं के लिये शहरों की तरफ न उन्मुख होने पड़े ।

डाक विभाग की योजनाओं की चर्चा करते हुए डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि डाकघरों में हर वर्ग और उम्र के हर पड़ाव के लिए अलग-अलग बचत और बीमा योजनाएँ हैं।  10 साल तक की बालिकाओं के लिए आरम्भ सुकन्या समृद्धि योजना की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि इससे बालिकाओं का आर्थिक सशक्तिकरण होगा और उनकी उच्च शिक्षा और  विवाह में काफी सुविधा होगी। देश में मुख्यधारा से वंचित लोगों व उनके परिवारों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से आरम्भ अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना एवं प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के सफलतापूर्वक क्रियान्वयन में भी डाकघरों द्वारा एक मुख्य व सक्रिय भूमिका का निर्वहन किया जा रहा है।

जोधपुर मंडल के प्रवर डाक अधीक्षक श्री पी.आर. कडेला ने कहा कि डाक विभाग अपने ग्राहकों को बेहतर सेवा देने के लिए तत्पर है और इस दिशा में लोगों से समय-समय पर संवाद के साथ-साथ विभाग ने अपनी सेवाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया है। उन्होंने कहा कि डाकघरों में निवेश की तमाम योजनायें हैं, जिनमें बचत खाता, आवर्ती जमा, सावधि जमा, मासिक आय योजना, पी.पी.एफ., वरिष्ठ नागरिक बचत योजना, सुकन्या समृद्धि योजना एवं राष्ट्रीय बचत पत्र व किसान विकास पत्र में निवेश किया जा सकता है। डाक जीवन बीमा में 50 लाख और ग्रामीण डाक जीवन बीमा में 20 लाख रूपये तक का जीवन बीमा कराया जा सकता है।

 विशिष्ट अतिथि के रूप में पधारे  शिक्षा अधिकारी श्री बंशीलाल सोनी ने इस अवसर पर कहा कि डाक विभाग देश के सबसे पुराने विभागों में से है और आज भी प्रायः यह हर किसी के जनजीवन से जुड़ा हुआ है। इस प्रकार के डाक मेले की सराहना करते हुये उन्होनें कहा कि ऐसे आयोजनों से जनता में जागरूकता बढ़ती है और लोग तमाम योजनाओं का फायदा उठा पाते हैं। 


इस अवसर पर लोगों ने तमाम बचत योजनाओं, डाक जीवन बीमा, ग्रामीण डाक जीवन बीमा, सुकन्या समृद्धि सहित तमाम योजनाओं का फायदा उठाया और नए खाते खोले।  निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने इस अवसर पर तमाम लोगों को मंच पर पासबुकें दे कर उनके सुखी व समृद्ध भविष्य की कामना की। इस अवसर पर  मेले में उत्कृष्ट कार्य करने वाले जैसलमेर एवं पोकरण  उपमण्ड़ल के कर्मचारियों को निदेशक डाक सेवाएँ श्री कृष्ण कुमार यादव द्वारा सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत प्रवर अधीक्षक डाकघर जोधपुर श्री पी.आर. कडेला, आभार ज्ञापन निरीक्षक डाक श्री सुमित कुमार सैनी और संचालन सहायक अधीक्षक डाक श्री विनय खत्री ने किया। इस अवसर पर क्षेत्रीय कार्यालय से डाक निरीक्षक श्री राजेन्द्र सिंह भाटी, निरीक्षक डाक श्री वासुराम मेघवाल, डाकपाल जैसलमेर श्री लालूराम भील सहित तमाम स्थानीय डाककर्मी, बचत अभिकर्तागण व नागरिकजन उपस्थित रहे।


आधुनिकतम  तकनीक से जुड़ेंगी डाक सेवाएं : जैसलमेर डाक मेले में बचत, बीमा, सुकन्या समृद्धि, अटल पेंशन सहित सभी योजनाओं की दी जानकारी। 
(साभार : दैनिक भास्कर, 15 मार्च 2016)

अब आधुनिक तकनीक से जुड़ेगी डाक व्यवस्था : जैसलमेर में आयोजित डाक मेले में डाक निदेशक केके यादव ने दी विभागीय योजनाओं की जानकारी। 
(साभार : राजस्थान पत्रिका, 15 मार्च 2016)

डाक सेवाएं आधुनिकतम टेक्नॉलॉजी और आई. टी. से जुड़ेंगी - कृष्ण कुमार यादव 
(साभार : दैनिक युगपक्ष, 15 मार्च 2016)


Tuesday, March 15, 2016

अब डाकघरों के एटीएम को बैंकों के एटीएम से जोड़ने की पहल

देश के डाकघरों में भी अब एटीएम का संचालन बखूबी होगा। डाक विभाग जल्द ही रिजर्व बैंक से अपने एटीएम की वाणिज्यिक बैंकों के साथ इंटरऑपरेबिल्‍टी (पारस्परिकता) के लिए मंजूरी मांगने के लिए आवेदन करेगा। भारतीय डाक विभाग ने इस साल के अंत तक 10,000 एटीएम लगाने की योजना बनाई है। इंटरऑपरेबिल्‍टी की सुविधा से दूसरे बैंक के एटीएम कार्ड का प्रयोग अन्य  बैंक के एटीएम में संभाव होता है।

डाक विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि संचार एवं आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने विभाग से यह प्रस्ताव प्राथमिकता के आधार पर रिजर्व बैंक के पास ले जाने को कहा है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग को लोकप्रिय बनाने में मदद मिलेगी। अधिकारी ने कहा कि इस साल के अंत तक डाक विभाग देशभर में 10,000 एटीएम और 20,000 माइक्रो एटीएम लगाएगा। इंटरऑपरेबिल्‍टी से डाक विभाग के एटीएम से लोग अपने बैंक खाते का भी पैसा निकाल सकेंगे। अभी तक इस तरह के एटीएम का इस्तेमाल सिर्फ वही व्यक्ति कर सकते हैं जिनका डाक विभाग में खाता है।

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने भी अपने 2016-17 के बजट भाषण में कहा है कि विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय सेवाओं तक बेहतर पहुंच उपलब्ध कराने के लिए सरकार अगले तीन साल में डाकघरों में राष्ट्रीय स्तर पर एटीएम और माइक्रो एटीएम लगाएगी। डाक विभाग पहले ही मार्च, 2016  तक 1,000 एटीएम लगाने की योजना की घोषणा कर चुका है।

2017 तक आएगा पेमेंट बैंक

वित्तीय समावेशन को प्रोत्साहित करने के लिए डाक विभाग मार्च, 2017 तक भुगतान बैंक भी स्थापित करने जा रहा है, जिसके लिए वह इस महीने के अंत तक सलाहकार के नाम को अंतिम रूप दे देगा। भुगतान बैंक ग्राहकों को भुगतान सेवाएं देने के साथ साथ एक ग्राहक से अधिकतम 1 लाख रुपए तक की जमा राशि भी प्राप्त कर सकते हैं। इतना ही नहीं ये इंटरनैट बैंकिंग, धन हस्तांतरण सुविधा और बीमा एवं म्यूचुअल फंड की बिक्री भी कर सकेंगे। वे एटीएम और डैबिट कार्ड जारी कर सकते हैं पर क्रेडिट कार्ड जारी करने की उन्हें छूट नहीं होगी।

Sunday, March 13, 2016

पोस्टमैन लेकर आएगा माइक्रो-एटीएम, अब घर से ही निपटा सकेंगे बैंक के काम

डाकघर अपने को नई भूमिका के लिए तैयार कर रहा है।  अब आपको पैसा निकालने के लिए एटीएम नहीं जाना पड़ेगा। साथ ही बैंक में पैसा जमा कराने के लिए ब्रांच के चक्कर काटने की भी जरूरत नहीं होगी। जल्द ही लोगों को घर पर ही पैसा निकालने और जमा करने की सुविधा  मिल सकती है। इसके लिए माइक्रो-एटीएम आपके घर पर आएगा। इसके लिए खाता किसी भी बैंक में हो सकता है। डाक विभाग  सितंबर 2016 से इस सर्विस को आरम्भ  करेगा। माइक्रो एटीएम हाथ से चलाने वाला इक्विपमेंट होगा। इसका ज्यादा इस्तेमाल गांवों में किया जाएगा, इसलिए इसे सोलर एनर्जी से चार्ज होने योग्य बनाया जाएगा। इसे इस्तेमाल करने के लिए पोस्टमैन्स को बाकायदा ट्रेनिंग दी जाएगी। 

संचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बताया कि माइक्रो एटीएम को बैंकों के सीबीएस सिस्टम से भी जोड़ा जाएगा। इसके चलते किसी भी बैंक अकाउंट से पैसा निकाला और जमा किया जा सकेगा। इस साल करीब 20 हजार माइक्रो एटीएम पोस्टमैन को दिए जाएंगे, जबकि अगले साल मार्च 2017 तक देश में करीब 1 लाख 30 हजार माइक्रो एटीएम उपलब्ध होंगे। सितंबर 2016 तक लोगों को यह सुविधा मिलने लगेगी। खास बात यह है कि इसके लिए ग्राहक को किसी तरह का शुल्क  नहीं देना होगा। इससे आपको ही नहीं बैंकों को भी फायदा होगा। फिलहाल देश में 1.55 लाख पोस्ट ऑफिस हैं और इनमें से एक हजार में बड़े एटीएम लगाए जा रहे हैं। घर पर माइक्रो-एटीएम पहुंचने से बैंकों को दूरदराज के इलाकों में एटीएम नहीं लगाने होंगे। एटीएम के लिए कर्मचारी और सिक्योरिटी गार्ड रखने का खर्च भी बचेगा।

Saturday, March 12, 2016

जोधपुर जिले का प्रथम “सम्पूर्ण सुकन्या समृद्धि योजना ग्राम” बना शिकारपुरा गाँव

आज का दौर बेटियों का है। बेटियाँ समाज में नित नये मुकाम हासिल कर रही हैं। बेटी को बोझ न समझे, और न ही उसके जन्म पर निराश हो, क्योंकि बिना बेटी के परिवार नामक संस्था का अस्तित्व ही खतरे में पड़ जायेगा। बेटियों की समृद्धि और खुशहाली में ही समाज का भविष्य टिका हुआ है। इसीलिए बेटियों की उच्च शिक्षा और उनके विवाह में सुविधा के लिए 10 वर्ष तक की बेटियों हेतु डाकघरों में सुकन्या समृद्धि योजना आरंभ की गयी है। उक्त उद्गार राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने जोधपुर के लूणी स्थित शिकारपुरा गाँव में सुकन्या समृद्धि योजना के लिये 12 मार्च, 2016 को आयोजित मेले में व्यक्त किये।


मुख्य अतिथि के रूप में अपने सारगर्भित सम्बोधन में राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने "बेटी बचाओ, बेटी पढाओ” के अंतर्गत बालिकाओं  के राष्ट्र निर्माण पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि सुकन्या समृद्धि योजना सिर्फ निवेश का एक माध्यम नहीं है, बल्कि यह बालिकाओं के उज्ज्वल व समृद्ध भविष्य से भी जुडा हुआ हैं। इस योजना के आर्थिक के साथ साथ सामाजिक आयाम महत्वपूर्ण हैं। इसमे जमा धनराशि पूर्णतया बेटियों के लिए ही होगी, जो उनकी शिक्षा, कैरियर  एवं विवाह में उपयोगी होगी। श्री यादव ने कहा कि 21 वीं  सदी में बेटियों की भूमिका अहम हो गई है। बेटियाँ समाज का अहम् अंग हैं, उनकी समृद्धतता समाज को सशक्त, सक्षम व सुसंस्कृत बनाती है।  वे अच्छे समाज का निर्माण करती हैं, अत: यदि देश का सर्वांगीण विकास करना है तो हमें अभी से सोचना होगा। ऐसे में सुकन्या समृद्धि योजना बेटियों के सपनों को पूरा करने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होने कहा कि हर बेटी को उसके जन्म पर अभिभावकों द्वारा सुकन्या समृद्धि खाता उपहार स्वरूप देकर नई परम्परा का सूत्रपात करना चाहिये। 


डाक विभाग की योजनाओं की चर्चा करते हुए डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि डाक विभाग का उद्देश्य समावेशी विकास के तहत शहरों के साथ-साथ सुदूर ग्रामीण अंचल स्थित लोगों को भी इन सभी योजनाओं के तहत लाना है। इसके तहत आने वाले दिनों में ग्रामीण डाक सेवकों सहित विभाग के सभी कर्मचारियों को सूचना प्रौद्योगिकी  के माहौल में प्रभावकारी तरीके से कार्य करने के लिए तैयार करना है। इसी क्रम में ग्रामीण शाखा डाकघरों को भी तकनीकी तौर पर दक्ष बनाने के उद्देश्य से ग्रामीण आईसीटी के तहत  हाईटेक किया जायेगा और वहाँ पर नेटबुक व हैण्डहेल्ड डिवाइस भी दिया जायेगा । शाखा डाकघरों को सोलर चार्जिंग उपकरणों से जोडने के साथ-साथ मोबाइल थर्मल प्रिन्टर, स्मार्ट कार्ड रीडर, फिंगर प्रिन्ट स्कैनर, डिजिटल कैमरा एवं सिगनेचर व दस्तावेज स्कैनिंग के लिये यन्त्र भी मुहैया कराया जायेगा ताकि ग्रामीण लोगों को इन सुविधाओं के लिये शहरों की तरफ न भागना पडे।
               
इस अवसर पर जोधपुर मण्डल के प्रवर अधीक्षक डाकघर श्री  पी.आर. कडेला  ने कहा कि किसी भी डाकघर  में बेटी के जन्म के समय या फिर दस साल की उम्र तक सुकन्या समृद्धि खाता खुलवा सकते है। इसमें एक वित्तीय वर्ष में न्यूनतम 1,000 और अधिकतम डेढ़ लाख रूपये तक जमा किये जा सकते हैं। इस योजना में खाता खोलने से मात्र 14 वर्ष तक धन जमा कराना होगा।  बेटी की उम्र 18 वर्ष होने पर जमा राशि का 50 प्रतिशत व सम्पूर्ण राशि 21 वर्ष पूरा होने पर निकाली जा सकती है। ब्याज दर 9.2 प्रतिशत हैं और जमा धनराशि में आयकर छूट का भी प्रावधान है।

कार्यक्रम के विशिष्ठ अतिथि श्री ढला राम , सरपंच शिकारपुरा ग्राम पंचायत ने इस योजना की भूरि-भूरि प्रशंसा कर लोकप्रिय एवं कल्याणकारी योजना बताया तथा कहा कि बालिकाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में उठाया गया यह प्रयास एक मील का पत्थर साबित होगा। उन्होने कहा कि यह अत्यन्त ही सौभाग्य की बात हैं कि इस गाँव की 10 वर्ष तक की समस्त योग्य बालिकाओं के सुकन्या खाते खोलकर, उनका गाँव जोधपुर जिले  का प्रथम “सम्पूर्ण सुकन्या समृद्धि योजना ग्राम” बन गया हैं।
  

इस दौरान शिकारपुरा गाँव  की समस्त कुल 250 बालिकाओं के खाते खोले गये। इसके बाद जोधपुर का शिकारपुरा गाँव जोधपुर का प्रथम सम्पूर्ण सुकन्या समृद्धि योजना गाँव बन गया है। उपस्थित बच्चियों व उनके अभिवावकों को निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने पासबुकें व उपहार देकर उनके सुखी व समृद्ध भविष्य की कामना की। इस अवसर पर श्री यादव ने सरपंच श्री ढेला राम के प्रयासों की सराहना की और आशा व्यक्त की कि बेटियों के लिए ऐसे प्रयास अन्य गांवों में भी किये जायेंगे।


इस अवसर पर  मेले में उत्कृष्ट कार्य करने वाले जोधपुर मण्ड़ल के कर्मचारियों को निदेशक डाक सेवाएँ श्री कृष्ण कुमार यादव द्वारा पारितोषिक प्रदान कर सम्मानित किया गया। इनमें  श्री प्रकाश भील, उपडाकपाल लूणी, श्री गिरधर शेजू, शाखा डाकपाल शिकारपुरा, श्री कृपा राम, ग्रामीण डाक सेवक डाक वितरक सतलाना, श्री रणजीत सिंह,ग्रामीण डाक सेवक डाक वितरक, लूणी को सुकन्या समृद्वि योजना के तहत् सर्वाधिक खाते खोलने बाबत एवं ग्रामीण डाक जीवन बीमा में उत्कृष्ट प्रदर्शन बाबत पारितोषिक प्रदान किया गया। इसके साथ-साथ सुकन्या समृद्धि योजना खाते खोलने में सहयोग करने हेतु प्रधानाध्यापक शिकारपुरा श्री गोपिकिशन, श्री विक्रम सिंह, श्री हुकुम सिंह को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया।


 कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत प्रवर अधीक्षक डाकघर जोधपुर श्री पी.आर. कडेला, आभार ज्ञापन सहायक डाक अधीक्षक श्री उदय शेजू और संचालन श्री विनय खत्री ने किया। इस अवसर पर क्षेत्रीय कार्यालय से डाक निरीक्षक श्री सुदर्शन सामरिया,सहायक अधीक्षक डाक श्री गोपीलाल माली,निरीक्षक डाक श्री रमेश कुमार जांगिड़ एवं श्री देवी चन्द कटारिया सहित तमाम स्थानीय डाककर्मी,बचत अभिकर्तागण व गाँव वासी  उपस्थित रहे।



जोधपुर जिले का प्रथम “सम्पूर्ण सुकन्या समृद्धि योजना ग्राम” बना शिकारपुरा गाँव
 (साभार : दैनिक भास्कर, 13 मार्च 2016)

शिकारपुरा बना जोधपुर जिले का प्रथम सम्पूर्ण सुकन्या समृद्धि गाँव
(साभार : राजस्थान पत्रिका, 13 मार्च 2016)


Friday, March 11, 2016

डाक विभाग लोगों के सुख-दुःख में बराबर रूप से जुड़ा हुआ है - डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव

 डाक विभाग देश के पुरातन विभागों में से है, जो लोगों के सुख-दुःख में बराबर रूप से जुड़ा हुआ है। आज भी देश के हर कोने में, हर दरवाजे पर डाक विभाग की पहुँच है और वह लोगों की विश्वसनीयता पर खरा उतरा है। उक्त उद्गार राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र,जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने  राजस्थान के सीकर मंडल में 11 मार्च, 2016  को आयोजित डाक मेले का उद्घाटन करते हुये कहा। 

उन्होंने कहा कि व्यवसायिकता के इस दौर में बिना प्रतिस्पर्धा के कोई भी संगठन उन्नति नहीं कर सकता और डाक विभाग भी इस क्षेत्र में तमाम नये कदम उठा रहा है। अपने को एक व्यावसायिक और उत्तरदायी संगठन में तब्दील करने और अपनी सेवाओं को ग्राहकों के लिए और विविधतापूर्णए गुणवत्तापूर्ण और तत्पर सेवा में बदलने की पहल के तहत डाकघरों को ऐसी जगह के रूप में विकसित किया जा रहा हैए जहाँ ग्राहकों को एक ही जगह पर जनोपयोगी सेवाएँ मिल सकें और आम आदमी को अपने दरवाजे पर ही आसानी से और सस्ती सेवाएँ प्रदान की जा सकें। इसके लिए डाक सम्प्रेषण प्रणाली में आवश्यकतानुसार परिवर्तन के साथ डाक सेवाओं को आधुनिकतम टेक्नालजी और आईटी से जोड़ा जा रहा है।

 डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि डाक विभाग सिर्फ चिट्ठी.पत्री और मनीऑर्डर ही नहीं बाँटता बल्कि बचत और बीमा सेवाओं से भी लम्बे समय से जुड़ा हुआ है। आई टी मॉडर्नाइजेशन के तहत सभी डाकघरों को कोर बैंकिंग (सीबीएस) से जोड़ा जा रहा है। आने वाले दिनों में नेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग एवं एटीएम सुविधाओं का डाकघरों में भी लाभ उठा सकेंगे। सीकर के 68 डाकघरों को  कोर बैंकिंग से जोडा जा चुका है और सीकर प्रधान डाकघर, श्रीमाधोपुर प्रधान डाकघर एवं फतेहपुर शेखावाटी मुख्य डाकघर में एटीएम सेवा भी आरम्भ हो चुकी है।  श्री यादव ने कहा कि आने वाले दिनों में ग्रामीण डाक सेवकों सहित विभाग के सभी कर्मचारियों को सूचना प्रौद्योगिकी  के माहौल में प्रभावकारी तरीके से कार्य करने के लिए तैयार करना है। इसी क्रम में ग्रामीण शाखा डाकघरों को भी तकनीकी तौर पर दक्ष बनाने के उद्देश्य से ग्रामीण आईसीटी के तहत  हाईटेक किया जायेगा और वहाँ पर नेटबुक व हैण्डहेल्ड डिवाइस भी दिया जायेगा । शाखा डाकघरों को सोलर चार्जिंग उपकरणों से जोडने के साथ.साथ मोबाइल थर्मल प्रिन्टर, स्मार्ट कार्ड रीडर, फिंगर प्रिन्ट स्कैनर, डिजिटल कैमरा एवं सिगनेचर व दस्तावेज स्कैनिंग के लिये यन्त्र भी मुहैया कराया जायेगा ताकि ग्रामीण लोगों को इन सुविधाओं के लिये शहरों की तरफ न भागना पडे।


डाक विभाग की योजनाओं की चर्चा करते हुए डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि डाक विभाग का उद्देश्य समावेशी विकास के तहत शहरों के साथ-साथ सुदूर ग्रामीण अंचल स्थित लोगों को भी इन सभी योजनाओं के तहत लाना है। 10 साल तक की बालिकाओं के लिए आरम्भ सुकन्या समृद्धि योजना की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि इससे बालिकाओं का आर्थिक सशक्तिकरण होगा और उनकी उच्च शिक्षा और  विवाह में काफी सुविधा होगी। देश में मुख्यधारा से वंचित लोगों व उनके परिवारों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से आरम्भ अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना एवं प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के सफलतापूर्वक क्रियान्वयन में भी डाकघरों द्वारा एक मुख्य व सक्रिय भूमिका का निर्वहन किया जा रहा है। डाक विभाग के व्यापक नेटवर्क को देखते हुए हाल ही में राजस्थान सरकार ने डाकघरों द्वारा ई-मित्र सेवाएं देने के लिए भी एग्रीमेंट किया है। डाक निदेशक श्री यादव ने विद्यार्थियों को डाक टिकटों के संग्रह अर्थात फिलेटली से जोड़ने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि डाक टिकट किसी भी देश की सभ्यताए, संस्कृति और वहाँ के महत्वपूर्ण व्यक्तित्वों और घटनाक्रम से भी अवगत कराते हैं।  मात्र 200 रूपये में फिलेटली डिपाजिट खाता खोलकर  घर बैठे हर माह नई डाक टिकटें प्राप्त की जा सकती हैं।  डाक विभाग की “माई स्टैम्प” सेवा के तहत हर कोई मात्र 300 रूपये में अपनी और अपने प्रियजनों की फोटो डाक टिकट पर लगवा सकता है।

सीकर मंडल के डाक अधीक्षक श्री बिहारी लाल ने कहा कि डाक विभाग अपने ग्राहकों को बेहतर सेवा देने के लिए तत्पर है और इस दिशा में लोगों से समय-समय पर संवाद के साथ-साथ विभाग ने अपनी सेवाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया है। उन्होंने कहा कि डाकघरों में निवेश की तमाम योजनायें हैं, जिनमें बचत खाता, आवर्ती जमा, सावधि जमा, मासिक आय योजना, पीपीएफ़, वरिष्ठ नागरिक बचत योजना, सुकन्या समृद्धि योजना एवं राष्ट्रीय बचत पत्र व किसान विकास पत्र में निवेश किया जा सकता है। डाक जीवन बीमा में 50 लाख और ग्रामीण डाक जीवन बीमा में 20 लाख रूपये तक का जीवन बीमा कराया जा सकता है। मेला कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि श्रीमती शोभा सक्सेना, प्रधानाचार्या, एज्युब्रैन ग्लोबल एकेडमी, सीकर ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए अपने शिक्षण संस्थान के छात्र-छात्राओं के सुकन्या समृद्धि खाते और  माय स्टॉम्प आदि बनवाने का आश्वासन दिया । 

कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत अधीक्षक डाकघर सीकर श्री बिहारी लाल, आभार ज्ञापन सहायक डाक अधीक्षक श्री आरए सोनी और संचालन श्री एमपी जैन ने किया। इस अवसर पर क्षेत्रीय कार्यालय से डाक निरीक्षक श्री राजेन्द्र सिंह भाटी, निरीक्षक डाक श्री राजेन्द्र प्रसाद सैनी, श्री सीताराम सैनी, संदीप पूनिया, तारा चन्द पुरोहित एवं विनोद कुमार सहित तमाम स्थानीय डाककर्मी, बचत अभिकर्तागण व नागरिकजन उपस्थित रहे।



Thursday, March 10, 2016

पिलानी डाकघर में एटीएम सेवा का डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव ने किया शुभारम्भ


वर्तमान परिदृश्य में बैंकिंग प्रणाली में ए.टी.एम. सुविधा ने आमजन की प्रमुख एवं प्रथम आवश्यकता का रूप धारण कर लिया है, इसी के मद्देनजर राजस्थान में कुल 62 एटीएम आरंभ हो चुके हैं। आई. टी. मॉडर्नाइजेशन के तहत सभी डाकघरों को कोर बैंकिंग (सीबीएस) से जोड़ा जा रहा है, आने वाले दिनों में नेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग एवं एटीएम सुविधाओं का डाकघरों में भी लोग बखूबी लाभ उठा सकेंगे।  उक्त उद्गार 10  मार्च, 2016 को राजस्थान के झुंझुनू जनपद स्थित पिलानी उप डाकघर में एटीएम का उद्घाटन करते हुये राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने व्यक्त किए। इस अवसर पर डाकघर प्रांगण में आयोजित डाक मेले का भी निदेशक श्री यादव ने शुभारम्भ किया और लोगों से रूबरू हुए।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि डाक विभाग सिर्फ चिट्ठी-पत्री और मनीऑर्डर ही नहीं बाँटता बल्कि बचत और बीमा सेवाओं से भी लम्बे समय से जुड़ा हुआ है। झुञ्झुनू के 60 डाकघरों को  कोर बैंकिंग से जोडा जा चुका है। उन्होंने कहा कि व्यवसायिकता के इस दौर में बिना प्रतिस्पर्धा के कोई भी संगठन उन्नति नहीं कर सकता और डाक विभाग भी इस क्षेत्र में तमाम नये कदम उठा रहा है। अपने को एक व्यावसायिक और उत्तरदायी संगठन में तब्दील करने और अपनी सेवाओं को ग्राहकों के लिए और विविधतापूर्ण, गुणवत्तापूर्ण और तत्पर सेवा में बदलने की पहल के तहत डाकघरों को ऐसी जगह के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहाँ ग्राहकों को एक ही जगह पर जनोपयोगी सेवाएँ मिल सकें और आम आदमी को अपने दरवाजे पर ही आसानी से और सस्ती सेवाएँ प्रदान की जा सकें। इसके लिए डाक सम्प्रेषण प्रणाली में आवश्यकतानुसार परिवर्तन के साथ डाक सेवाओं को आधुनिकतम टेक्नालजी और आई. टी. से जोड़ा जा रहा है। 



डाक निदेशक श्री यादव ने कहा कि आने वाले दिनों में ग्रामीण डाक सेवकों सहित विभाग के सभी कर्मचारियों को सूचना प्रौद्योगिकी  के माहौल में प्रभावकारी तरीके से कार्य करने के लिए तैयार करना है। इसी क्रम में ग्रामीण शाखा डाकघरों को भी तकनीकी तौर पर दक्ष बनाने के उद्देश्य से ग्रामीण आईसीटी के तहत  हाईटेक किया जायेगा और वहाँ पर नेटबुक व हैण्डहेल्ड डिवाइस भी दिया जायेगा। शाखा डाकघरों को सोलर चार्जिंग उपकरणों से जोडने के साथ-साथ मोबाइल थर्मल प्रिन्टर, स्मार्ट कार्ड रीडर, फिंगर प्रिन्ट स्कैनर, डिजिटल कैमरा एवं सिगनेचर व दस्तावेज स्कैनिंग के लिये यन्त्र भी मुहैया कराया जायेगा ताकि ग्रामीण लोगों को इन सुविधाओं के लिये शहरों की तरफ न भागना पडे।



 डाक विभाग की योजनाओं की चर्चा करते हुए निदेशक डाक सेवाएं  श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि डाक विभाग का उद्देश्य समावेशी विकास के तहत शहरों के साथ-साथ सुदूर ग्रामीण अंचल स्थित लोगों को भी इन सभी योजनाओं के तहत लाना है। 10 साल तक की बालिकाओं के लिए आरम्भ सुकन्या समृद्धि योजना की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि इससे बालिकाओं का आर्थिक सशक्तिकरण होगा और उनकी उच्च शिक्षा और  विवाह में काफी सुविधा होगी। देश में मुख्यधारा से वंचित लोगों व उनके परिवारों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से आरम्भ अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना एवं प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के सफलतापूर्वक क्रियान्वयन में भी डाकघरों द्वारा एक मुख्य व सक्रिय भूमिका का निर्वहन किया जा रहा है। पिलानी डाकघर में डाक विभाग की “माई स्टैम्प“ सेवा के तहत  हर कोई मात्र 300 रूपये में अपनी और अपने प्रियजनों की फोटो डाक टिकट पर लगवा सकता है। 
 डाक निदेशक  कृष्ण कुमार यादव ने विभाग के पोस्टमास्टरों से रूबरू होते हुए कहा कि फील्ड में  उनकी और पोस्टमैन की कार्य गतिविधियाँ ही विभाग के प्रति लोगों की अवधारणा (इमेज) बनाती हैं, ऐसे में उन्हें ग्राहकों के प्रति ज्यादा संवेदनशील होने की जरुरत है। आज के प्रतियोगी दौर में यह सोचना कि मात्र काउंटर पर सेवाएँ देकर जनता को आकर्षित किया जा सकता है, उचित नहीं है। ज्यादा राजस्व के लिए हमें खुद लोगों के पास जाना होगा, नियमित संवाद स्थापित करते हुए उन्हें सेवाओं और गुणवत्ता के बारे में जागरूक करना होगा, तभी लक्ष्यों की प्राप्ति हो सकेगी।

  इस मौके पर कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि श्रीमती चंद्रा शेखावत, प्रधानाध्यापिका उदयराम पाडिया विधा मंदिर पिलानी  ने भी बताया कि डाक विभाग की सुकन्या समृद्धि योजना प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदीजी द्वारा शुभारम्भ किये गये  “बेटी बचाओं, बेटी पढाओ” अभियान को मूर्त रूप देने का एक सशक्त माध्यम है, जिसमें निवेश करके अभिभावक अपनी बच्चियों की उच्च्तर शिक्षा एवं विवाह आदि आवश्यकताओं को पूरा कर सकते है। 
 झुञ्झुनू मंडल के डाक अधीक्षक श्री के. एल. सैनी ने इस अवसर पर कहा कि डाक विभाग अपने ग्राहकों को बेहतर सेवा देने के लिए तत्पर है और इस दिशा में लोगों से समय-समय पर संवाद के साथ-साथ विभाग ने अपनी सेवाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया है। उन्होंने कहा कि डाकघरों में निवेश की तमाम योजनायें हैं, जिनमें बचत खाता, आवर्ती जमा, सावधि जमा, मासिक आय योजना, पी.पी.एफ., वरिष्ठ नागरिक बचत योजना, सुकन्या समृद्धि योजना एवं राष्ट्रीय बचत पत्र व किसान विकास पत्र में निवेश किया जा सकता है। डाक जीवन बीमा में 50 लाख और ग्रामीण डाक जीवन बीमा में 20 लाख रूपये तक का जीवन बीमा कराया जा सकता है।



 इस अवसर पर लोगों ने तमाम बचत योजनाओं, डाक जीवन बीमा, ग्रामीण डाक जीवन बीमा, सुकन्या समृद्धि सहित तमाम योजनाओं का फायदा उठाया और नए खाते खोले। निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने इस अवसर पर तमाम लोगों को मंच पर पासबुकें दे कर उनके सुखी व समृद्ध भविष्य की कामना की। कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत सहायक अधीक्षक डाकघर श्री राधेश्याम चौहान, आभार ज्ञापन डाक अधीक्षक श्री के.एल. सैनी और संचालन श्री एस.के. पोरवाल ने किया। इस अवसर पर क्षेत्रीय कार्यालय से डाक निरीक्षक श्री राजेन्द्र सिंह भाटी, चिड़ावा उपमंडल के निरीक्षक डाक श्री एस.के. मोदी ,  नवलगढ़ उपमंडल के निरीक्षक डाक श्री आर.पी. कुमावत, खेतड़ी नगर उपमंडल के निरीक्षक डाक श्री हरी प्रसाद कुड़ी सहित तमाम स्थानीय डाककर्मी, बचत अभिकर्तागण व नागरिकजन उपस्थित रहे।

Sunday, March 6, 2016

Shiva's blessings through Speed Post on Mahashivatri

This Mahashivatri if you are unable to go for Bholenath's darshan then too there is no need to worry as you can easily get the prasad at your doorstep through postal services.Director postal services, Rajasthan Western Region, Jodhpur Krishna Kumar Yadav said as per an agreement between the Kashi Vishwanath Mandir Trust of Varanasi and Department of Posts, prasad of Kashi Vishwanath Mandir will be made available at the home of devotees through Speed post.

Under this scheme devotees will have to send a money order of Rs 60 to senior superintendent of post offices, Varanasi (East) and in return the devotee will get 'Bhabhuti' of the temple, 'Rudraksh' , a laminated photo of Lord Shiva and Shiva Chalisha as prasad from Kashi Vishwanath Mandir Trust, said Mr.  Yadav. 

Director postal services, Krishna Kumar Yadav  further added that similarly prasad of renowned Shri Mahakaleshwar Jyotirling Mandir, Ujjain can also be ordered by post. A person is required to send a money order of Rs 201 to Prashashak, Shri Mahakaleshwar Mandar Prabandhan Committee and in return prasad including 200 gm of dry fruits, 200 gm sweets, Bhabhuti and a photo of Lord Shri Mahakaleshwar will be sent to the person through Speed Post. Mr. KK Yadav said the Prasad is delivered in waterproof envelopes to ensure safety and purity during the delivery.

Saturday, March 5, 2016

स्पीड पोस्ट से घर बैठे पायें महाशिवरात्रि पर बाबा विश्वनाथ और महाकाल का प्रसाद

महाशिवरात्रि के पर्व पर बाबा भोलेनाथ की पूजा और उनके प्रसाद की बड़ी महिमा है। अक्सर लोगों की इच्छा होती है कि काश घर बैठे ही उन्हें बाबा का प्रसाद मिल सके। ऐसे में डाक विभाग ने इस बात के प्रबन्ध किये हैं कि देश के किसी भी कोने में बैठे शिवभक्त काशी विश्वनाथ मंदिर, बनारस और महाकालेश्वर मंदिर, उज्जैन का प्रसाद घर बैठे स्पीड पोस्ट द्वारा ग्रहण कर सकें। 

इस संबंध में जानकारी देते हुए राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएँ कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि डाक विभाग और काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट के बीच चल रहे एक एग्रीमेण्ट के तहत काशी विश्वनाथ मंदिर का प्रसाद स्पीड पोस्ट द्वारा लोगों को उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके तहत 61 रूपये का मनीआर्डर प्रवर डाक अधीक्षक, वाराणसी (पूर्वी) के नाम भेजना होता है और बदले में वहाँ से काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट के सौजन्य से मंदिर की भभूति, रूद्राक्ष, भगवान शिव की लेमिनेटेड फोटो और शिव चालीसा प्रेषक के पास प्रसाद रूप में भेज दिया जाता है। 

निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि काशी विश्वनाथ मंदिर के अलावा उज्जैन के प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर का प्रसाद भी डाक द्वारा मंगाया जा सकता है। इसके लिए प्रशासक, श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबन्धन कमेटी, उज्जैन को 251 रूपये का मनीआर्डर करना पड़ेगा और इसके बदले में वहाँ से स्पीड पोस्ट द्वारा प्रसाद भेज दिया जाता है। इस प्रसाद में 200 ग्राम ड्राई फ्रूट, 200 ग्राम लड्डू, भभूति और भगवान श्री महाकालेश्वर जी का चित्र शामिल है। 

डाक निदेशक श्री यादव ने बताया कि इस प्रसाद को प्रेषक के पास एक वाटर प्रूफ लिफाफे में स्पीड पोस्ट द्वारा भेजा जाता है, ताकि पारगमन में यह सुरक्षित और शुद्ध बना रहे। उन्होंने कहा कि भगवान शिव के इन  सर्वप्रमुख ज्योतिर्लिंग के दर्शन की कामना समस्त विश्व में भक्तों की होती है, लेकिन सभी के लिए यहाँ पहुँचकर भगवत आराधना करना संभव नहीं हो पाता और इसी बात को ध्यान में रखते हुए डाक विभाग के माध्यम से भक्तों को शिव का सानिध्य प्रदान करने की व्यवस्था की गई है।