Monday, December 11, 2017

प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना की राशि अब डाकघर के खाते में, आधार नंबर से करवाना होगा अपडेट - डाक निदेशक केके यादव

कोर बैंकिंग सेवा से जुड़ने के बाद अब डाकघर बचत खातों में प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना (PMMVY) की राशि जमा होगी। इसके लिए गर्भवती और स्तनपान करने वाली माताओं को डाकघर में बचत खाता खुलवाकर आधार नंबर से अपडेट करवाना होगा।

इस संबंध में जानकारी देते हुए राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएं श्री क़ृष्ण कुमार यादव ने बताया कि केंद्र सरकार की डीबीटी (प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण) योजना के तहत प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के तहत दी जाने वाली राशि अब डाकघर के बचत खाते में भी सीधी जमा होगी। इस योजना के अंतर्गत सरकार पहले जीवित बच्चे के जन्म के लिए गर्भवती और स्तनपान करने वाली माताओं को 6,000 रुपए की सहायता प्रदान करवाती है। इसके लिए माताओं को डाकघर में बचत खाता खुलवाकर आधार नंबर से अपडेट करवाना होगा। इसके  तहत 6,000 रुपये की राशि महिलाओं के सीधे खाते में आएगी जिसे तीन बार की किस्त में दिया जाएगा। 

पहली किस्त: 1000 रुपए गर्भावस्था के पंजीकरण के समय
दूसरी किस्त: यदि लाभार्थी छह महीने की गर्भावस्था के बाद कम से कम एक प्रसवपूर्व जांच कर लेते हैं तो 2,000 रुपए मिलेंगे।
तीसरी किस्त: जब बच्चे का जन्म पंजीकृत हो जाता है और बच्चे को BCG, OPV, DPT और हेपेटाइटिस-B सहित पहले टीके का चक्र शुरू होता है।

प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना (PMMVY) निम्न श्रेणी के गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए लागू नहीं होगी।
1. जो केंद्रीय या राज्य सरकार या किसी सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम के साथ नियमित रोजगार में हैं।
2. जो किसी अन्य योजना या कानून के तहत समान लाभ प्राप्तकर्ता हैं।
प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के तहत फायदा लेने के लिए महिलाएं गर्भवस्था के दौरान पास की किसी आंगनवाड़ी में जाकर आवेदन कर सकतीं हैं। जिसके लिए उन्हें  अपने आधार कार्ड के साथ  खाते की जानकारी देनी होगी। प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के तहत उन्हें वक्त वक्त पर अपना चैकअप कराना होगा।

डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के तहत खाते खुलवाने हेतु डाकघरों को विशेष कैंप लगाने हेतु निर्देश दिये गए है। सभी पोस्टमैन एवं ग्रामीण डाक सेवकों को भी निर्देश दिये गए हैं  कि डाक वितरण के दौरान लोगों को इस संबंध में जागरूक करें तथा ग्रामीण क्षेत्रों में आंगनवाडी और आशा कार्यकर्ताओं से संपर्क कर गर्भवती और स्तनपान करने वाली माताओं के खाते खुलवायें जिससे योजना की राशि सीधी उनके खाते में जमा हो सके। 

प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के लिए सरकार ने जनवरी 2017 और मार्च 2020 तक के लिए 12,661 करोड़ का बजट बनाया है। प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना में 12661 करोड़ रुपये में से लगभव आठ करोड़ रुपये राज्य सरकार को दिए जाएंगे ताकि वो इस योजना को लोगों तक ज्यादा से ज्यादा पहुंचा सकें।

डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि केंद्र सरकार के निर्देशानुसार 31 दिसंबर तक डाकघर के प्रत्येक खाते एवं बचत पत्र को आधार नंबर से लिंक करवाना अनिवार्य है। उन्होने सभी से इसे तय सीमा के भीतर अपडेट कराने हेतु अपील भी की, ताकि भविष्य में लेन-देन में परेशानियों का सामना न करना पड़े।  






Pradhan Mantri Matritva Vandana Yojana 

बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ : डाक विभाग ने राजस्थान में श्री गंगानगर जिले के फकीरवाली गाँव को बनाया सम्पूर्ण सुकन्या समृद्धि गाँव

डाक विभाग प्रधानमंत्री मोदी जी की "डिजिटल इण्डिया" और "वित्तीय समावेशन" संकल्पना को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। देश के हर कोने में, हर दरवाजे पर डाक विभाग की पहुँच है और वह लोगों के सुख-दुःख में बराबर रूप से जुड़ा हुआ है। डाक सेवाएं नवीनतम टेक्नोलोजी अपनाते हुए नित्य नए आयाम रच रही हैं। उक्त उद्गार बतौर मुख्य अतिथि श्री कृष्ण कुमार यादव, निदेशक डाक सेवाएं, राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर ने 2 दिसंबर को श्रीगंगानगर में आयोजित वृहद डाक मेले में व्यक्त किये। इस अवसर पर श्री कृष्ण कुमार यादव, निदेशक डाक सेवाएं, राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर ने श्रीगंगानगर के फकीरवाली गाँव को सम्पूर्ण सुकन्या समृद्धि गाँव घोषित किया और सरपंच फकीरवाली, श्रीमती मैना कुमारी एवं शाखा डाकपाल श्री गोपी गिरी को सम्मानित किया । गाँव की समस्त 105 योग्य बालिकाओं के सुकन्या खाते खोले गए।
इस अवसर पर डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि डाक विभाग ने टेक्नोलोजी  के साथ अपने को अपडेट करते हुये कस्टमर-फ्रेंडली सेवाओं का दायरा भी बढ़ाया है। शहरी से लेकर ग्रामीण स्तर तक डाक सेवाओं में आमूलचूल परिवर्तन किए गए हैं। डाकघरों में पवित्र गंगाजल बिक्री, एलईडी बल्ब, ट्यूब लाइट, पंखों की अनुदानित दर पर बिक्री, सोवेरन गोल्ड बॉन्ड, पोस्ट शोपी, माई स्टैम्प, शाखा डाकघरों में स्पीड पोस्ट की बुकिंग, इंटरनेशनल ट्रैक्ड पैकेट सर्विस, डाकघरों में आधार कार्ड अपडेट जैसी तमाम अभिनव पहल की गई हैं। 
डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि ई-कामर्स को बढ़ावा देने हेतु कैश ऑन डिलीवरी, लेटर बाक्स से नियमित डाक निकालने हेतु नन्यथा मोबाईल एप, डाकियों द्वारा एण्ड्रोयड बेस्ड स्मार्ट फोन आधारित डिलीवरी, शाखा डाकघरों को ग्रामीण संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी के तहत  हाइटेक बनाने जैसे तमाम कदम विभाग की "डिजिटल इण्डिया" के तहत की गई पहल हैं। डाकघरों में कोर इंश्योरेंस, कोर बैंकिंग, एटीएम जैसी तमाम आधुनिक सेवाओं के बाद अब इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक भी आरंभ किया जाएगा। 
वित्तीय समावेशन की पहल पर डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि डाकघरों में हर वर्ग और उम्र के हर पड़ाव के लिए अलग-अलग बचत और बीमा योजनाएँ हैं और इनमें लोग पीढ़ी दर पीढ़ी पैसे जमा करते हैं। सुकन्या समृद्धि योजना के साथ-साथ देश में मुख्यधारा से वंचित लोगों व उनके परिवारों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से आरम्भ अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना एवं प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के सफलतापूर्वक क्रियान्वयन में भी डाकघरों द्वारा  सक्रिय भूमिका के निर्वहन का श्री यादव ने उल्लेख किया। 
कार्यक्रम में श्री संजय महिपाल, अध्यक्ष नगर विकास न्यास श्रीगंगानगर  ने कहा कि डाक विभाग भारत सरकार के सबसे पुराने विभागों में से है जो आज भी जन सरोकारों से जुड़ा हुआ है। 
श्रीगंगानगर  मंडल के डाक अधीक्षक  जी. एल. माली  ने बताया कि मेले के दौरान 5115 बचत बैंक खाते, 510 सुकन्या समृद्धि खाते, 2,000 प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, 29 अटल पेंशन योजना,  5 लाख रुपये डाक जीवन बीमा व 5 लाख रूपये ग्रामीण डाक जीवन बीमा का न्यू प्रीमियम एवं 110 माई स्टैम्प  शीट का व्यवसाय अर्जित किया गया। 


डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव ने इस अवसर पर तमाम योजनाओं  के लाभार्थियों को पासबुक/बॉन्ड प्रदान किये। इस दौरान डाकघरों के खातों को आधार से जोड़ने हेतु कैम्प भी लगाया गया, ताकि  आसानी से अपने खातों को आधार से लिंक करा सकें। 

इस अवसर पर सहायक डाक अधीक्षक सीता राम खत्री, अजय चुघ, राकेश धींगडा, डाक निरीक्षक मोहनलाल वर्मा, गौरव चलाना, सुनील गर्ग, श्रवण कुमार, पारस मल सुथार, श्रीगंगानगर प्रधान डाकघर के पोस्टमास्टर विशाल भारद्वाज सहित तमाम अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।



प्रधानमंत्री के 'डिजिटल इण्डिया' और 'वित्तीय समावेशन' में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है डाक विभाग - डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव

डाक विभाग रच रहा नित नए आयाम-डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव 

डाक विभाग नवीन टेक्नालाजी के साथ कस्टमर-फ्रेंडली सेवाओं का बढ़ा रहा दायरा- डाक निदेशक केके यादव


राजस्थान में हनुमानगढ़ का प्रथम 'संपूर्ण बीमा ग्राम’ और ‘सम्पूर्ण बचत ग्राम’ बना डबली खुर्द गाँव

जीवन बीमा और बचत आज के दौर की एक अनिवार्य आवश्यकता है। डाक विभाग अपने सामाजिक सरोकारों के तहत ग्रामीण लोगों को भी जीवन बीमा और बचत सेवाएँ देने के लिए प्रतिबद्ध है । उक्त उद्गार राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने हनुमानगढ़ जिले के डबली खुर्द  गाँव को जिले का प्रथम  'संपूर्ण बीमा ग्राम' और “सम्पूर्ण बचत ग्राम” घोषित करने के अवसर पर आयोजित समारोह में  बतौर मुख्य अतिथि 01 दिसंबर को व्यक्त किए।  गाँव में सभी 175 परिवारों में कुल 200 ग्रामीण डाक जीवन बीमा पॉलिसी और 374 बचत खाते खोले गए हैं । 'संपूर्ण बीमा ग्राम' योजना को अक्टूबर माह में ही संचार मंत्री श्री मनोज सिन्हा ने आरम्भ किया था।  

इस अवसर पर निदेशक डाक सेवाएं  श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि डाक विभाग ने यह कदम सामाजिक सुरक्षा कवरेज को बढ़ाने के साथ-साथ वित्तीय समावेशन में अभिवृद्धि के  प्रयासों के तहत किया है। इससे गाँव में रह रहे किसान एवं गरीब परिवारों को काफी फायदा होगा और उन्हें  जीवन सुरक्षा मिलेगी। श्री यादव ने कहा कि 'सम्‍पूर्ण बीमा ग्राम योजना' के तहत प्रत्‍येक जिले में कम से कम सौ परिवारों वाले एक गाँव का चयन कर हर परिवार के एक व्‍यक्ति को ग्रामीण डाक जीवन बीमा योजना के अंतर्गत लाया जाएगा। इसके साथ ही सभी सांसद आदर्श ग्रामों को भी इसके तहत लिया जायेगा। डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के लोगों हेतु विशेष रूप से  1995 में  'ग्रामीण डाक जीवन बीमा' आरम्भ की गई थी, ताकि बिना शहर जाये घर बैठे उन्हें इसका लाभ मिल सके।  
डाक  निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि डाक विभाग में बचत और बीमा सेवा के क्षेत्र में हर आयु वर्ग के अनुरूप विभिन्न सेवाएँ हैं। हाल ही में  'डाक जीवन बीमा' योजना का दायरा भी बढ़ा दिया है। पहले मात्र सरकारी व अर्द्धसरकारी कर्मचारियों तक सीमित  डाक जीवन बीमा अब निजी शिक्षण संस्थाओं /विद्यालयों/महाविद्यालयों आदि के कर्मचारियों, डॉक्टरों, इंजीनियरों, प्रबंधन सलाहकारों, चार्टेड एकाउंटेंट, वास्तुकारों, वकीलों, बैंकर  जैसे पेशेवरों और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज तथा बम्बई स्टॉक एक्सचेंज के सूचीबद्ध कम्पनी के कर्मचारियों के लिए भी उपलब्ध होगी। श्री यादव ने डाकघर में खुले समस्त खातों को आधार और मोबाईल नंबर से जोड़ने पर भी जोर दिया, जिससे भविष्य में आने वाली सभी सरकारी योजनाओं का लाभ ग्राहकों को मिल सके।
श्रीगंगानगर मंडल के डाक अधीक्षक श्री जी. एल. माली ने कहा कि लोगों की आयु और आवश्यकता के हिसाब से ग्रामीण डाक जीवन बीमा की ग्राम संतोष, ग्राम सुमंगल, ग्राम सुरक्षा, ग्राम सुविधा, ग्राम प्रिया योजनायें हैं। न्यूनतम 10 हजार रूपये  से अधिकतम 10 लाख रूपये तक का बीमा इसमें किया जा सकता है। इसमें निवेश की सुरक्षा पर सरकार की गांरटी, आयकर में छूट, कम प्रीमियम व अधिक बोनस, पालिसी पर लोन की सुविधा, ऑनलाइन प्रीमियम जमा कराने की सुविधा और अग्रिम प्रीमियम पर छूट दी जाती है।
डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने इस अवसर पर बीमाधारकों को ग्रामीण डाक जीवन बीमा के पॉलिसी बांड और बच्चियों को सुकन्या समृद्धि खाते की पासबुकें भी सौंपी। 
इस अवसर पर डबली खुर्द गाँव के सरपंच श्री केशराराम चौहान, सहायक डाक अधीक्षक सीताराम खत्री, अजय चुघ, राकेश धींगडा, डाक निरीक्षक पारसमल सुथार, मोहनलाल वर्मा, शाखा डाकपाल मुंशीराम सहित तमाम अधिकारीगण, स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्रामवासी उपस्थित रहे।





Monday, December 4, 2017

राजस्थान में बीकानेर का प्रथम 'संपूर्ण बीमा ग्राम’ बना बामनवाली गाँव, डाक निदेशक केके यादव ने दी लोगों को ग्रामीण डाक जीवन बीमा पॉलिसी

जीवन बीमा आज के दौर की एक अनिवार्य आवश्यकता है। डाक विभाग अपने सामाजिक सरोकारों के तहत ग्रामीण लोगों को भी जीवन बीमा देने के लिए प्रतिबद्ध है । उक्त उद्गार राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने बीकानेर के बामनवाली गाँव को 'संपूर्ण बीमा ग्राम' घोषित करने के अवसर पर आयोजित समारोह में  बतौर मुख्य अतिथि 30 नवंबर को व्यक्त किए।  गाँव में सभी परिवारों को न्यूनतम एक ग्रामीण डाक जीवन बीमा पॉलिसी जारी कर बामनवाली बीकानेर का प्रथम और राजस्थान का द्वितीय संपूर्ण बीमा ग्राम बन गया है। गाँव में कुल 177 पॉलिसी जारी की गई हैं । 'संपूर्ण बीमा ग्राम' योजना को अक्टूबर माह में ही संचार मंत्री श्री मनोज सिन्हा ने आरम्भ किया था।  

इस अवसर पर निदेशक डाक सेवाएं  श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि डाक विभाग ने यह कदम सामाजिक सुरक्षा कवरेज को बढ़ाने के साथ-साथ वित्तीय समावेशन में अभिवृद्धि के  प्रयासों के तहत किया है। इससे गाँव में रह रहे किसान एवं गरीब परिवारों को काफी फायदा होगा और उन्हें  जीवन सुरक्षा मिलेगी। श्री यादव ने कहा कि 'सम्पूर्ण बीमा ग्राम योजना' के तहत प्रत्येक जिले में कम से कम सौ परिवारों वाले एक गाँव का चयन कर हर परिवार के एक व्यवक्ति को ग्रामीण डाक जीवन बीमा योजना के अंतर्गत लाया जाएगा। इसके साथ ही सभी सांसद आदर्श ग्रामों को भी इसके तहत लिया जायेगा। डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के लोगों हेतु विशेष रूप से  1995 में  'ग्रामीण डाक जीवन बीमा' आरम्भ की गई थी, ताकि बिना शहर जाये घर बैठे उन्हें इसका लाभ मिल सके।  
डाक  निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि डाक विभाग ने नवीन टेक्नालॉजी अपनाते हुए कोर इंश्योरेंस सर्विस के तहत मैककेमिश सॉफ्टवेयर के माध्यम से बीमा सेवाओं को भी ऑनलाइन बनाया है। हालही में  'डाक जीवन बीमा' योजना का दायरा भी बढ़ा दिया है। पहले मात्र सरकारी व अर्द्धसरकारी कर्मचारियों तक सीमित  डाक जीवन बीमा अब निजी शिक्षण संस्थाओं /विद्यालयों/महाविद्यालयों आदि के कर्मचारियों, डॉक्टरों, इंजीनियरों, प्रबंधन सलाहकारों, चार्टेड एकाउंटेंट, वास्तुकारों, वकीलों, बैंकर  जैसे पेशेवरों और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज तथा बम्बई स्टॉक एक्सचेंज के सूचीबद्ध कम्पनी के कर्मचारियों के लिए भी उपलब्ध होगी। 
डाक  निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने डाकघर में खुले समस्त खातों को आधार और मोबाईल नंबर से जोड़ने पर भी जोर दिया, जिससे भविष्य मे आने वाली सभी सरकारी योजनाओं का लाभ ग्राहकों को मिल सके।
बीकानेर मंडल के डाक अधीक्षक जी. एन. कनवारिया ने कहा कि लोगों की आयु और आवश्यकता के हिसाब से ग्रामीण डाक जीवन बीमा की ग्राम संतोष, ग्राम सुमंगल, ग्राम सुरक्षा, ग्राम सुविधा, ग्राम प्रिया योजनायें हैं। न्यूनतम 10 हजार रूपये  से अधिकतम 10 लाख रूपये तक का बीमा इसमें किया जा सकता है। इसमें निवेश की सुरक्षा पर सरकार की गांरटी, आयकर में छूट, कम प्रीमियम व अधिक बोनस, पालिसी पर लोन की सुविधा, ऑनलाइन प्रीमियम जमा कराने की सुविधा और अग्रिम प्रीमियम पर छूट दी जाती है।
इस अवसर पर लूणकरणसर  के प्रधान  गोविन्द गोदारा, सहायक डाक अधीक्षक मीनू, डाक निरीक्षक अरुण कुमार सोलंकी,पारसमल सुथार, कमल कुमार गुप्ता, शाखा डाकपाल सांवरमल सारस्वत सहित तमाम अधिकारीगण, स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्रामवासी उपस्थित रहे। डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने इस अवसर पर बीमाधारकों को ग्रामीण डाक जीवन बीमा के पॉलिसी बांड भी सौंपे। 



Wednesday, November 29, 2017

राजस्थान का प्रथम 'संपूर्ण बीमा ग्राम' बना जोधपुर का शिकारपुरा गाँव

जीवन बीमा आज के दौर की एक अनिवार्य आवश्यकता है। डाक विभाग अपने सामाजिक सरोकारों के तहत ग्रामीण लोगों को भी जीवन बीमा देने के लिए प्रतिबद्ध है । उक्त उद्गार राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने जोधपुर के शिकारपुरा गाँव को 'संपूर्ण बीमा ग्राम' घोषित करने के अवसर पर आयोजित समारोह में  बतौर मुख्य अतिथि 28 नवंबर को व्यक्त किए।  गाँव में सभी परिवारों को न्यूनतम एक ग्रामीण डाक जीवन बीमा पॉलिसी जारी कर शिकारपुरा न सिर्फ जोधपुर बल्कि सम्पूर्ण राजस्थान का प्रथम संपूर्ण बीमा ग्राम बन गया है।  'संपूर्ण बीमा ग्राम' योजना को अक्टूबर माह में ही संचार मंत्री श्री मनोज सिन्हा ने आरम्भ किया था।  गौरतलब है कि इससे पूर्व शिकारपुरा गाँव "सम्पूर्ण सुकन्या समृद्धि ग्राम" भी बन चुका है। 
इस अवसर पर निदेशक डाक सेवाएं  श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि डाक विभाग ने यह कदम सामाजिक सुरक्षा कवरेज को बढ़ाने के साथ-साथ वित्तीय समावेशन में अभिवृद्धि के  प्रयासों के तहत किया है। इससे गाँव में रह रहे किसान एवं गरीब परिवारों को काफी फायदा होगा और उन्हें  जीवन सुरक्षा मिलेगी। श्री यादव ने कहा कि 'सम्‍पूर्ण बीमा ग्राम योजना' के तहत प्रत्‍येक जिले में कम से कम सौ परिवारों वाले एक गाँव का चयन कर हर परिवार के एक व्‍यक्ति को ग्रामीण डाक जीवन बीमा योजना के अंतर्गत लाया जाएगा। इसके साथ ही सभी सांसद आदर्श ग्रामों को भी इसके तहत लिया जायेगा। डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के लोगों हेतु विशेष रूप से  1995 में  'ग्रामीण डाक जीवन बीमा' आरम्भ की गई थी, ताकि बिना शहर जाये घर बैठे उन्हें इसका लाभ मिल सके।  
डाक  निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि डाक विभाग ने नवीन टेक्नालॉजी अपनाते हुए कोर इंश्योरेंस सर्विस के तहत मैककेमिश सॉफ्टवेयर के माध्यम से बीमा सेवाओं को भी ऑनलाइन बनाया है। हाल ही में  'डाक जीवन बीमा' योजना का दायरा भी बढ़ा दिया है। पहले मात्र सरकारी व अर्द्धसरकारी कर्मचारियों तक सीमित  डाक जीवन बीमा अब निजी शिक्षण संस्थाओं /विद्यालयों/महाविद्यालयों आदि के कर्मचारियों, डॉक्टरों, इंजीनियरों, प्रबंधन सलाहकारों, चार्टेड एकाउंटेंट, वास्तुकारों, वकीलों, बैंकर  जैसे पेशेवरों और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज तथा बम्बई स्टॉक एक्सचेंज के सूचीबद्ध कम्पनी के कर्मचारियों के लिए भी उपलब्ध होगी। श्री यादव ने बताया कि जोधपुर रीजन में वर्तमान में कुल 7 लाख, 92 हजार पॉलिसियाँ संचालित हैं, जिनमें  डाक जीवन बीमा और ग्रामीण डाक जीवन बीमा में क्रमश: 78,067 और 7,13,933 पॉलिसियाँ हैं। वर्तमान वित्तीय वर्ष में कुल 5,248 पॉलिसियाँ जारी की गईं, जिनमें कुल बीमित राशि 1 अरब 57 करोड़ 88 लाख के सापेक्ष 5 करोड़ 49 लाख रूपये का नया प्रीमियम अर्जित किया गया।
जोधपुर  मंडल के प्रवर डाक अधीक्षक बी. आर. सुथार ने कहा कि लोगों की आयु और आवश्यकता के हिसाब से ग्रामीण डाक जीवन बीमा की ग्राम संतोष, ग्राम सुमंगल, ग्राम सुरक्षा, ग्राम सुविधा, ग्राम प्रिया योजनायें हैं। न्यूनतम 10 हजार रूपये  से अधिकतम 10 लाख रूपये तक का बीमा इसमें किया जा सकता है। इसमें निवेश की सुरक्षा पर सरकार की गांरटी, आयकर में छूट, कम प्रीमियम व अधिक बोनस, पालिसी पर लोन की सुविधा, ऑनलाइन प्रीमियम जमा कराने की सुविधा और अग्रिम प्रीमियम पर छूट दी जाती है।

इस अवसर पर शिकारपुरा के सरपंच श्री ढला राम और राजाराम आश्रम के महंत श्री दयाराम ने डाक विभाग द्वारा  शिकारपुरा ग्राम को "सम्पूर्ण बीमा ग्राम योजना" से जोड़ने की पहल की सराहना की। डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने इस अवसर पर अतिथियों संग बीमाधारकों को ग्रामीण डाक जीवन बीमा के पॉलिसी बांड भी सौंपे।  सहायक डाक अधीक्षक विनय खत्री, राजेंद्र सिंह भाटी, संदीप मोदी, मुकेश सोनी, पारसमल सुथार, ग्राम सेवक महेंद्र सिंह, शाखा डाकपाल गिरिधर शेजू सहित तमाम अधिकारीगण, स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्रामवासी उपस्थित रहे।