Wednesday, March 8, 2017

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस : राजस्थान के 10 जिलों के 30 गांवों में हर घर की बेटी के नाम सुकन्या समृद्धि खाता


राजस्थान के 10 जिलों के 30 गांवों में ऐसा कोई घर नहीं बचा, जहां 10 साल तक की बेटी का खाता नहीं हो। यहां पर डेढ़ लाख बेटियों के खाते खुले हैं।  सुखद पहलू ये है कि ये महिलाओं के इनिशिएटिव के कारण खुले। इसका परिणाम आने वाले सालों में बेटियों के समृद्ध होकर सफल महिला बनने के तौर पर आएगा। 

इसके पीछे बेटियों के सपने पूरे करने की सोच है और इसके पीछे तीन अहम किरदार है। पश्चिम राजस्थान क्षेत्र के डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव, जिनके मन में बेटियों के खाते खोलने की प्रधानमंत्री की सुकन्या समृद्धि योजना को नेक्स्ट लेवल पर ले जाने का ख्याल आया। उनकी पत्नी  आकांक्षा यादव, जिन्होंने इसे सरकारी योजना की तरह नहीं एक मिशन के तौर पर ऐसे गांवों को शत-प्रतिशत जोड़ने का आइडिया दिया जिनमें बेटियों के नाम खाते नहीं हैं। तीसरा किरदार हजारों माँ हैं, जिनकी सजगता से बेटियों के खाते खुले। 

ये सब संभव हुआ बीकानेर के साधासर जैतपुर, जोधपुर के शिकारपुरा, पाली के बांसिया, नोवी, बाड़ा, रोजाला खुर्द, गंगानगर के खोथावाली, बिजयनगर, बिशनपुरा, नागौर के भेड़, बेरवा, पदमपुरा, जाखेड़ा कडु, सिरोही के मोरली आबूरोड के 30 गांवों में। यहां का कोई घर ऐसा नहीं बचा, जिनमें बेटियों के खाते नहीं। खाते में एक वित्तीय वर्ष में न्यूनतम एक हजार और अधिकतम डेढ़ लाख रुपये तक जमा किये जा सकते हैं। वर्तमान में ब्याज दर 8.5 प्रतिशत हैं और जमा धनराशि में आयकर छूट का भी प्रावधान है। उच्चतर शिक्षा और विवाह आदि आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए इसमें से 50 फीसदी राशि बालिका के 18 वर्ष पूरा होने पर निकाली जा सकती है। 

थ्री स्टेप में समझिए, कैसे प्रधानमंत्री के विजन को महिलाओं ने साकार किया।  30 गांव ऐसे बना दिए जहां हर बेटी का सुकन्या समृद्धि योजना में खाता खुल गया-

1. दो बेटियों के पिता की सोच, प्रधानमंत्री के विजन को नेक्स्ट लेवल पर ले गए 

प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने करीब ढाई साल पूर्व हरियाणा से बेटियों के लिए  खाते खोलने की सुकन्या  समृद्धि योजना  का आगाज किया था। डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव ने इस योजना को अपने लेवल पर आगे बढ़ाने की सोची। उनके खुद अक्षिता और अपूर्वा दो बेटियां हैं । दोनों के खाते खुलवाकर उन्होंने सुकन्या समृद्धि योजना का आगाज किया और यहीं से उनके मन में प्रधानमंत्री  के विजन को नेक्स्ट लेवल पर ले जाने का आइडिया आया। वे हर बेटी काे इस योजना जोड़ने की सोचने लगे। 

2. पत्नी ने दिया इनिशिएटिव लेकर ऐसे गांव को समृद्ध बनाइये, जहां बेटियों के खाते नहीं 

डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव की पत्नी, चर्चित महिला ब्लॉगर आकांक्षा यादव ने जब सुकन्या समृद्धि योजना के बारे में सुना तो पति से बात की। उन्होंने सलाह दिया कि सरकारी योजना तो करानी है, अपने स्तर पर इनिशिएटिव लेकर ऐसी बेटियों के खाते खुलवाइए, जिनके खाते ही नहीं। बेटी अक्षिता, जो कि भारत की सबसे उम्र की राष्ट्रीय बाल पुरस्कार विजेता भी है ने पिता से हर बालिका को जोड़ने की बात कही। इस पर श्री यादव ने ' सम्पूर्ण सुकन्या समृद्धि ग्राम योजना' पहली बार शुरू की, जिसे बाद में देश कुछ शहरों ने भी अपनाया। 

3. 85 फीसदी खाते खोलने में बेटियों की मां की सजगता, ताकि भविष्य में अच्छी महिला बने 

निदेशक डाक सेवाएँ कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि सुकन्या समृद्धि ग्राम के तहत महिलाओं ने खूब सजगता दिखाई। राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र  के 30 गांवों में 1.5 लाख बेटियों के अकाउंट खुले, इनमें 90 फीसदी खाते में महिलाओं का योगदान रहा। जहां महिला सरपंच हैं, उन्होंने भी सहयोग किया। इतना ही नहीं, कई ऐसे मामले आए जब अपनी बचत के पैसे से बेटी के लिए मां ने खाता खोला। परिवार से विरोध सहना करना पड़ा तो भी किया। आकांक्षा यादव का कहना है कि नवरात्र में कन्याओं को खाना खिलाने के साथ ही उनके खातों के बारे में सोचे तो कोई बेटी ऐसी नहीं रहेगी जिसका खाता नहीं होगा। 

International Women Day : 30 Villages of Rajasthan Western Region covered under cent-percent  Sukanya Samriddhi Scheme by the efforts of Postal Officials and initiative of Women in villages.

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस : 
प्रधानमंत्री मोदी के विजन को डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव ने आगे ले जाने की सोची, महिलाओं ने आगे बढ़कर साकार किया 
राजस्थान के 10 जिलों के 30 गांवों में हर घर की बेटी के नाम सुकन्या समृद्धि खाता, 
डेढ़ लाख बेटियों के सुकन्या समृद्धि योजना खाते  खुलवाने में महिलाओं ने निभाई अहम भागीदारी 

राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र के अधीन डाक मंडलों में सुकन्या समृद्धि खातों की संख्या (28.02.2017 तक )

सिरोही 27,468
पाली 22,090
श्रीगंगानगर   16,938
सीकर 16,359
जोधपुर 14,221
झुञ्झुनु 13,624
नागौर 13,258
बीकानेर 11,307
चुरू     8,866
बाड़मेर 6,543
कुल 1,50,674

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