Sunday, March 26, 2017

डाकघरों में मनाया गया 'ग्रामीण डाक जीवन बीमा दिवस’, ग्रामीण डाक जीवन बीमा के 22 वर्ष हुए पूरे

डाक विभाग पत्रों के वितरण के साथ-साथ जीवन बीमा के क्षेत्र में भी एक लम्बे समय से कार्यरत है। डाक विभाग अपने विस्तृत नेटवर्क के माध्यम से सुदूर क्षेत्र में रह रहे लोगों को भी बीमित करने के लिए कृत संकल्पित है। उक्त उद्गार राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने ग्रामीण डाक जीवन बीमा के गौरवशाली 22 वर्ष पूर्ण होने पर 24 मार्च, 2017 को ”ग्रामीण डाक जीवन बीमा दिवस” पर व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण लोगों की जरूरतों के अनुसार 24 मार्च 1995 को  'ग्रामीण डाक जीवन बीमा' आरम्भ किया गया।  

डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में बीमा अर्जन में भी डाक विभाग नित नये आयाम स्थापित कर रहा है। राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर में वर्तमान में कुल 7 लाख, 12 हजार 568 पॉलिसियाँ संचालित हैं। वर्तमान वित्तीय वर्ष में ग्रामीण डाक जीवन बीमा के अंतर्गत कुल 4200 पॉलिसियाँ जारी की गईं, जिनमें कुल बीमित राशि 58 करोड़ 60 लाख के सापेक्ष 2 करोड़ रूपये का नया प्रीमियम और 33 करोड़ 6 लाख रूपये का कुल प्रीमियम अर्जित किया गया।

निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि जीवन बीमा आज के दौर की एक अनिवार्य आवश्यकता है। डाकघरों में ग्रामीण लोगों की आयु और आवश्यकता के हिसाब से जीवन बीमा की तमाम योजनायें हैं, जिनमें ग्राम सुरक्षा, ग्राम संतोष, ग्राम सुविधा, ग्राम सुमंगल  व ग्राम प्रिया  शामिल हैं।  इस योजना में वे सभी व्यस्क व्यक्ति जो भारत  के निवासी हों  और ग्रामीण क्षेत्र में कहीं भी स्थाई निवासी हों, पात्र है।  ग्रामीण डाक जीवन बीमा में  अधिकतम बीमित राशि की सीमा 10 लाख है।

ग्रामीण डाक जीवन बीमा के अन्तर्गत लाभों की चर्चा करते हुए जोधपुर  मंडल के प्रवर डाक अधीक्षक श्री बी. आर. सुथार  ने बताया कि निवेश की सुरक्षा पर सरकार की गांरटी, धारा 88 के तहत आयकर में छूट, कम प्रीमियम व अधिक बोनस, पालिसी पर लोन की सुविधा, देश के किसी भी डाकघर में प्रीमियम जमा करने की सुविधा और अग्रिम प्रीमियम पर छूट दी जाती है। 

इस दौरान राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के अंतर्गत विभिन्न जगहों पर डाक बीमा मेले लगाकर ‘ग्रामीण डाक जीवन बीमा दिवस’  मनाया गया, जिसमें लोगों  को इसके बारे में जागरूक किया गया और लोगों का बीमा भी किया गया। बीमा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले विभिन्न ग्रामीण डाक कर्मियों को सम्मानित भी किया गया। 



(Rural Postal Life Insurance day celebration in Post Offices by India Post. RPLI completed it's glorious 22 Years on 24th March, 2017)


Wednesday, March 8, 2017

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस : राजस्थान के 10 जिलों के 30 गांवों में हर घर की बेटी के नाम सुकन्या समृद्धि खाता


राजस्थान के 10 जिलों के 30 गांवों में ऐसा कोई घर नहीं बचा, जहां 10 साल तक की बेटी का खाता नहीं हो। यहां पर डेढ़ लाख बेटियों के खाते खुले हैं।  सुखद पहलू ये है कि ये महिलाओं के इनिशिएटिव के कारण खुले। इसका परिणाम आने वाले सालों में बेटियों के समृद्ध होकर सफल महिला बनने के तौर पर आएगा। 

इसके पीछे बेटियों के सपने पूरे करने की सोच है और इसके पीछे तीन अहम किरदार है। पश्चिम राजस्थान क्षेत्र के डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव, जिनके मन में बेटियों के खाते खोलने की प्रधानमंत्री की सुकन्या समृद्धि योजना को नेक्स्ट लेवल पर ले जाने का ख्याल आया। उनकी पत्नी  आकांक्षा यादव, जिन्होंने इसे सरकारी योजना की तरह नहीं एक मिशन के तौर पर ऐसे गांवों को शत-प्रतिशत जोड़ने का आइडिया दिया जिनमें बेटियों के नाम खाते नहीं हैं। तीसरा किरदार हजारों माँ हैं, जिनकी सजगता से बेटियों के खाते खुले। 

ये सब संभव हुआ बीकानेर के साधासर जैतपुर, जोधपुर के शिकारपुरा, पाली के बांसिया, नोवी, बाड़ा, रोजाला खुर्द, गंगानगर के खोथावाली, बिजयनगर, बिशनपुरा, नागौर के भेड़, बेरवा, पदमपुरा, जाखेड़ा कडु, सिरोही के मोरली आबूरोड के 30 गांवों में। यहां का कोई घर ऐसा नहीं बचा, जिनमें बेटियों के खाते नहीं। खाते में एक वित्तीय वर्ष में न्यूनतम एक हजार और अधिकतम डेढ़ लाख रुपये तक जमा किये जा सकते हैं। वर्तमान में ब्याज दर 8.5 प्रतिशत हैं और जमा धनराशि में आयकर छूट का भी प्रावधान है। उच्चतर शिक्षा और विवाह आदि आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए इसमें से 50 फीसदी राशि बालिका के 18 वर्ष पूरा होने पर निकाली जा सकती है। 

थ्री स्टेप में समझिए, कैसे प्रधानमंत्री के विजन को महिलाओं ने साकार किया।  30 गांव ऐसे बना दिए जहां हर बेटी का सुकन्या समृद्धि योजना में खाता खुल गया-

1. दो बेटियों के पिता की सोच, प्रधानमंत्री के विजन को नेक्स्ट लेवल पर ले गए 

प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने करीब ढाई साल पूर्व हरियाणा से बेटियों के लिए  खाते खोलने की सुकन्या  समृद्धि योजना  का आगाज किया था। डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव ने इस योजना को अपने लेवल पर आगे बढ़ाने की सोची। उनके खुद अक्षिता और अपूर्वा दो बेटियां हैं । दोनों के खाते खुलवाकर उन्होंने सुकन्या समृद्धि योजना का आगाज किया और यहीं से उनके मन में प्रधानमंत्री  के विजन को नेक्स्ट लेवल पर ले जाने का आइडिया आया। वे हर बेटी काे इस योजना जोड़ने की सोचने लगे। 

2. पत्नी ने दिया इनिशिएटिव लेकर ऐसे गांव को समृद्ध बनाइये, जहां बेटियों के खाते नहीं 

डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव की पत्नी, चर्चित महिला ब्लॉगर आकांक्षा यादव ने जब सुकन्या समृद्धि योजना के बारे में सुना तो पति से बात की। उन्होंने सलाह दिया कि सरकारी योजना तो करानी है, अपने स्तर पर इनिशिएटिव लेकर ऐसी बेटियों के खाते खुलवाइए, जिनके खाते ही नहीं। बेटी अक्षिता, जो कि भारत की सबसे उम्र की राष्ट्रीय बाल पुरस्कार विजेता भी है ने पिता से हर बालिका को जोड़ने की बात कही। इस पर श्री यादव ने ' सम्पूर्ण सुकन्या समृद्धि ग्राम योजना' पहली बार शुरू की, जिसे बाद में देश कुछ शहरों ने भी अपनाया। 

3. 85 फीसदी खाते खोलने में बेटियों की मां की सजगता, ताकि भविष्य में अच्छी महिला बने 

निदेशक डाक सेवाएँ कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि सुकन्या समृद्धि ग्राम के तहत महिलाओं ने खूब सजगता दिखाई। राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र  के 30 गांवों में 1.5 लाख बेटियों के अकाउंट खुले, इनमें 90 फीसदी खाते में महिलाओं का योगदान रहा। जहां महिला सरपंच हैं, उन्होंने भी सहयोग किया। इतना ही नहीं, कई ऐसे मामले आए जब अपनी बचत के पैसे से बेटी के लिए मां ने खाता खोला। परिवार से विरोध सहना करना पड़ा तो भी किया। आकांक्षा यादव का कहना है कि नवरात्र में कन्याओं को खाना खिलाने के साथ ही उनके खातों के बारे में सोचे तो कोई बेटी ऐसी नहीं रहेगी जिसका खाता नहीं होगा। 

International Women Day : 30 Villages of Rajasthan Western Region covered under cent-percent  Sukanya Samriddhi Scheme by the efforts of Postal Officials and initiative of Women in villages.

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस : 
प्रधानमंत्री मोदी के विजन को डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव ने आगे ले जाने की सोची, महिलाओं ने आगे बढ़कर साकार किया 
राजस्थान के 10 जिलों के 30 गांवों में हर घर की बेटी के नाम सुकन्या समृद्धि खाता, 
डेढ़ लाख बेटियों के सुकन्या समृद्धि योजना खाते  खुलवाने में महिलाओं ने निभाई अहम भागीदारी 

राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र के अधीन डाक मंडलों में सुकन्या समृद्धि खातों की संख्या (28.02.2017 तक )

सिरोही 27,468
पाली 22,090
श्रीगंगानगर   16,938
सीकर 16,359
जोधपुर 14,221
झुञ्झुनु 13,624
नागौर 13,258
बीकानेर 11,307
चुरू     8,866
बाड़मेर 6,543
कुल 1,50,674

Saturday, March 4, 2017

अब डाकघर बिजली बचाने में भी देंगे योगदान : डाकघर में मिलेंगे एलईडी बल्ब, ट्यूबलाईट व पंखे

अब डाकघर बिजली बचाने में भी योगदान देंगे। चिट्ठी और मनीऑर्डर के साथ-साथ अब डाकिया घरों तक पंखे, एलईडी बल्ब और ट्यूबलाइट भी पहुंचाएगा। डाक विभाग इसे भारत सरकार की “उजाला”  योजना के तहत क्रियान्वित करेगा, जिसका शुभारम्भ प्रधानमन्त्री श्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2015 में किया था। 

इस संबंध में जानकारी देते हुये राजस्थान पश्चिम क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि इस हेतु डाक विभाग ने राजकॉम्प इन्फो सर्विसेस लिमिटेड तथा ऊर्जा दक्षता सेवा लिमिटेड के साथ एक समझौता किया है, जिसके तहत राजस्थान पश्चिम क्षेत्र के अधीन जोधपुर, पाली, जैसलमेर, बीकानेर, नागौर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, सिरोही, चुरू, सीकर सहित समस्त 19 प्रधान डाकघरों के ईमित्र कियोस्क पर एलईडी बल्ब, ट्यूब लाईट एवं पंखे बाज़ार दरों से बेहद कम दाम पर उपलब्ध करवाये जायेंगे। 

डाकघरों में उजाला योजना में फिलिप्स व सूर्या के 9 वाट के एलईडी बल्ब 65 रुपए, 20 वाट की एलईडी ट्यूबलाइट महज 230 रुपए में तथा 50 वाट के 48 इंच ब्लैड वाले ओरियंट पीएसपीओ पंखे 1150 रुपए में बिक्री किए जायेंगे। आने वाले दिनों में एयर कंडीशनर भी उपलब्ध करवाये जायेंगे।

डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि इस हेतु लोग प्रधान डाकघर में जाकर ई मित्र कियोस्क से सीधे ही एलईडी बल्ब, ट्यूब लाईट एवं पंखे खरीद सकते हैं। इसके लिए ग्राहक को मूल बिजली बिल एवं आधार कार्ड की छाया प्रति लानी होगी। इसके अलावा कोई भी नागरिक http://www.ebazaar.rajasthan.gov.in पर जाकर भी ऑनलाइन ऑर्डर कर सकता है। ऑनलाइन बुक किए गए ऑर्डर उस जिले के सम्बंधित प्रधान डाकघर स्थित ईमित्र कियोस्क पर प्रदर्शित होंगे और सम्बंधित प्रधान डाकघर उसे स्पीड पोस्ट से भेजेगा और इस हेतु कोई शुल्क नहीं लिया जायेगा। श्री यादव ने बताया कि ग्राहकों द्वारा ऑनलाइन ऑर्डर प्लेस करने पर उनके रजिस्टर्ड मोबाइल नम्बर पर एक ओटीपी प्राप्त होगा, जिसे सामान की डिलीवरी के समय पोस्टमैन को बताना होगा। 

घरों तक पंखे, ट्यूबलाईट व एलईडी बल्ब पहुँचायेंगे डाक बाबू 

डाकघर में मिलेंगे एलईडी बल्ब, ट्यूबलाईट व  पंखे

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