
ब्रिटेन में डाकिये अब मोटरसाइकिलों की बजाय फ्रैंच लुक वाली मोटर गाड़ियों (बग्घी) में सवार होकर पत्र बाँटेंगे। रायल मेल सेवा ने अंडे के आकार के इस वाहन का इस्तेमाल करने की अनुमति दे दी है। वाहन की अधिकतम गति 25 मील प्रति घंटे होगी। इससे ब्रिटेन में डाक सेवा में साइकिलों के युग का अंत हो जाएगा। माट्रा माडल फ्रांस में तैयार किया गया है। ब्रिटिश डाकियों ने इस कदम का गर्मजोशी से स्वागत किया है। बैटरी चालित यह गाड़ी एक बार चार्ज होने पर 30 से 35 मील की यात्रा कर सकती है। अन्य वाहनों की तरह इस गाड़ी में नंबर प्लेट की जरूरत नहीं होगी।.....अब इन्तजार कीजिए कि अपने देश में भी मोटर गाड़ियों में सवार होकर डाकिये पत्र बाँटेंगे।
वाह बहुत खूब..तब तो बड़ा मजा आयेगा डाकिया बाबू.
ReplyDeleteकाश इंडिया में ऐसा होता तो डाक भी जल्दी मिलती....खैर इंतजार.
ReplyDeleteनैनो कार के आने के बाद भारत में भी डाक विभाग को इस तरफ सोचना चाहिए.
ReplyDeleteडाकिया बाबू ने बताया और बाजीगर साहब ने रास्ता भी दिखा दिया...यही तो है इंडियन दिमाग...दाद देता हूँ.
ReplyDeleteAdbhut! Par pahle India men to aye.
ReplyDeleteaapka blog bahut achcha hai.. mera pahli baar aana hua ....
ReplyDeleteअपनी अपनी किस्मत।
ReplyDelete-----------
तस्लीम
साइंस ब्लॉगर्स असोसिएशन
वह..काश मैं भी ब्रिटिश डाकिया होता तो कम से कम कार में रोज घूमने का मौका तो मिलता.
ReplyDeleteफिर तो डाकियों की बल्ले-बल्ले है.
ReplyDelete