Thursday, December 1, 2011

डाक घरों की बचत योजनाएं अब और भी आकर्षक

डाकघर अभी भी भारत में बचत के लिए सबसे मुफीद और सुरक्षित माने जाते हैं. रिजर्व बैंक द्वारा बचत खाते की ब्याज दरों को नियंत्रण मुक्त करने के बाद डाकघरों के बचत खातों में लोगों का उत्साह कम होने लगा था। इसे देखते हुए इन खातों की ब्याज दर बढ़ाने की मांग होने लगी थी। गौरतलब है कि ये बचत योजनाएं सरकार के उधारी कार्यक्रम में अहम भूमिका अदा करती हैं। पिछले साल रिजर्व बैंक की डिप्टी गवर्नर श्यामला गोपीनाथ की अध्यक्षता वाली समिति ने भी डाकघर के बचत खातों में ब्याज की दर को बैंकों के बराबर लाने की सिफारिश की थी। लघु बचत योजनाओं के प्रति लोगों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य सेफ़िलहाल इस सम्बन्ध में नए दिशा-निर्देश 1 दिसंबर, 2011 से लागू हो गए हैं.

1 दिसंबर, 2011 से सरकार ने डाकघर बचत खाते पर ब्याज दर 3.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 4 प्रतिशत कर दिया है। इसी प्रकार मासिक आय योजना व लोक भविष्य निधि (पीपीएफ) पर क्रमश: 8.2 प्रतिशत और 8.6 प्रतिशत सालाना दर से ब्याज मिलेगा।मासिक आय योजना की परिपक्वता अवधि को भी 6 वर्ष से घटाकर 5 वर्ष कर दिया गया है। अब मासिक आय योजना पर मिलने वाला बोनस ख़त्म कर दिया गया है. साथ ही पीपीएफ योजना में आयकर अधिनियम की धारा 80-सी के तहत कर छूट के दायरे में आने वाले निवेश की सीमा को भी 70 हजार से बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दिया है. पीपीएफ में निवेश की बढ़ी सीमा चालू वित्त वर्ष से प्रभावी हो गई है. इसके अलावा अब हर वित्त वर्ष के लिए ब्याज दर को एक अप्रैल से पहले अधिसूचित कर दिया जाएगा.लेकिन इसके साथ ही पीपीएफ के तहत ऋण पर ब्याज दर एक प्रतिशत से बढ़ाकर दो प्रतिशत कर दिया गया है।

सावधि योजनाओं में एक वर्ष की सावधि जमा पर सबसे ज्यादा ब्याज बढ़ाया गया है। इसे 6.25 से 7.7 प्रतिशत कर दिया गया है। वहीँ दो, तीन और पाँच वर्ष की सावधि जमा योजनाओं पर अब क्रमश: 7.8, 8.0 और 8.3 प्रतिशत ब्याज मिलेगा. 5 वर्षीय आवर्ती खाते पर 10 रूपये प्रतिमाह के अनुपात में कुल 738.62 रूपये मिलेंगें.

किसान विकास पत्र को 1 दिसंबर, 2011 से बंद कर दिया गया है। वहीँ राष्ट्रीय बचत पत्र (एनएससी) की परिपक्वता अवधि को 6 वर्ष से घटाकर 5 वर्ष कर दिया गया है। अब 100 रूपये के राष्ट्रीय बचत पत्र पर 5 साल में ब्याज सहित 150.90 रूपये मिलेंगें. अब 10-वर्षीय राष्ट्रीय बचत पत्र भी आरंभ हो गए हैं, इस पर 8.7 फ़ीसदी ब्याज मिलेगा. अर्थात 100 रूपये के मूल्य पर 10 साल की परिपक्वता अवधि पश्चात् ब्याज सहित 234.35 रूपये मिलेंगें.
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