Tuesday, May 19, 2020

उत्तर प्रदेश डाक परिमंडल ने बनाया रिकॉर्ड : एक दिन में सर्वाधिक 2.74 लाख लोगों को आधार इनेबल्ड पेमेंट्स सिस्टम से किया 30 करोड़ रुपये का भुगतान

लॉक डाउन में लोगों को घर बैठे  उनके दरवाजे पर पैसे निकालने की सुविधा देने के क्रम में डाक विभाग ने उत्तर प्रदेश में 11 मई को आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम का महाअभियान चलाकर एक दिन में 2.74 लाख लोगों को लाभान्वित किया। इसके तहत 30 करोड़ रूपये से अधिक की राशि लोगों को घर बैठे प्रदान की गई। इसी के साथ उत्तर प्रदेश डाक परिमंडल ने पूरे भारत में  एक दिन में सर्वाधिक लोगों को भुगतान करने का रिकॉर्ड बना लिया। विपदा के इस दौर में डाक विभाग की इस पहल को काफी सराहना मिल रही है। 
उत्तर प्रदेश परिमंडल के चीफ पोस्टमास्टर जनरल श्री कौशलेन्द्र कुमार सिन्हा ने कहा कि आईपीपीबी के माध्यम से डाक विभाग डाकिया और ग्रामीण डाक सेवक द्वारा घर-घर जाकर किसी भी बैंक से पैसा निकाल कर ग्राहकों को उपलब्ध करा रहा है। सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत भेजी गई रकम भी घर बैठे लोग डाकिया के माध्यम से निकाल पा रहे हैं।
श्री सिन्हा ने बताया कि लॉक डाउन के दौरान उत्तर प्रदेश में 19 लाख से अधिक लोगों को 2 अरब 78 करोड़ रुपये की राशि उनके  बैंक खातों से निकालकर घर बैठे डाकिया द्वारा प्रदान की जा चुकी है।
लखनऊ मुख्यालय परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएँ श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि, असहाय लोग जो कि शारीरिक रूप से अक्षम हैं, वृद्ध या फिर सुदूर ग्रामीण क्षेत्र जहां पर एटीएम की सुविधा उपलब्ध नहीं है वहां पर भी डाक विभाग का डाकिया जाकर बैंक से पैसे निकाल कर लोगों को उपलब्ध करा रहा है।
डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि, डाकियों के पास उपलब्ध माइक्रो एटीएम से प्रतिदिन एक व्यक्ति द्वारा आधार लिंक्ड अपने बैंक खाते से दस हजार रूपए तक की रकम निकाली जा सकती है। कोरोना महामारी के इस दौर में डाककर्मी सोशल डिस्टेंसिंग व पूरी एहतियात बरतते हुए समर्पण भाव के साथ कोरोना योद्धा के रूप में कार्य कर रहे हैं।








India Post delivers over Rs. 30 crore cash in a day at door step in Uttar Pradesh in Lockdown 

उत्तर प्रदेश डाक परिमंडल ने बनाया रिकॉर्ड : एक दिन में सर्वाधिक 2.74 लाख लोगों को आधार इनेबल्ड पेमेंट्स सिस्टम से  किया 30 करोड़ रुपये का भुगतान

डाक विभाग का महाअभियान : उत्तर प्रदेश में एक दिन में  2.74 लाख लोगों को 30 करोड़ रूपये से अधिक की राशि घर बैठे प्रदान की गई

Covid-19: लॉकडाउन के दौरान डाक विभाग दे रहा साथ, नाव पर बैंक खाते से निकालकर दिए पैसे

कोरोना संकट (Corona Crisis) के दौरान उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) सहित पूरे देश में लॉकडाउन (Lockdown) लागू है. इस दौरान सबसे ज्यादा समस्या समाज के निर्धन तबके को होती है. लेकिन संकट की इस घड़ी में भी डाक विभाग (Postal Department) इन लोगों के साथ खड़ा दिख रहा है. डाक विभाग ने अयोध्या (Ayodhya) में नाव पर मछुआरों को उनके बैंक खाते से पैसे निकाल कर दिए. डाक विभाग ने आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम के जरिए यह पेमेंट किया. 
डाक विभाग की इस पहल पर केंद्रीय संचार मंत्री श्री रविशंकर प्रसाद ने एक ट्वीट किया. अपने इस ट्वीट में उन्होंने स्वदेश फिल्म के गाने 'ये जो देश है तेरा, स्वदेश है मेरा' की लाइन भी लिखी. इस ट्वीट में उन्होंने जानकारी दी कि उत्तर प्रदेश के अयोध्या के मांझा कलां गांव के रहने वाले मछुआरों के लिए लॉकडाउन के कारण बैंक से पैसे निकालना संभव नहीं था. उनके अनुरोध पर भारतीय डाक विभाग ने एईपीएस के माध्यम से गांव में पैसे निकलवाने का विकल्प दिया.
अब बैंक या एटीएम जाने की नहीं है जरूरत
डाक विभाग की इस पहल के कारण नाव पर बैठे-बैठे गांव के ये मछुआरे एटीएम की सुविधा का लाभ उठा रहे हैं. इस लॉकडाउन के दौरान गांव से दूर बैंक ब्रांच या एटीएम जाने की ज़रूरत भी नहीं है. डाक विभाग की इस पहल से गांव के डाकिया लोगों तक बैंक की सुविधा लेकर जा रहा है. माना जा रहा है कि भारतीय डाक की डिजिटल होती ये तस्वीर संकट के समय में ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों के लिए वरदान साबित हो सकती है.


इनको मिलेगा इस सुविधा का लाभ
देश के कई इलाके ऐसे हैं जहां आज भी लोगों के पास अपने बैंक खाते से पैसे निकलवाने के लिए कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है. इस पहल से बूढ़े, दिव्यांग, अक्षम, गरीब, किसान और मज़दूरों को सबसे ज्यादा लाभ होगा. बस एक अंगूठा लगा कर ये लोग अपने घर पर ही किसी भी बैंक में अपने खाते से पैसे निकाल सकते हैं. डिजिटल इंडिया में अंगूठा छाप होना आधुनिकता का पर्याय बन रहा है.

Postman working as mobile ATM in lockdown : Providing money withdrawal service in Kitchens, Farms & boats also

In lockdown due to Corona Pandemic, the Department of Posts is reaching to more than 80 thousand people in villages and remote areas of Uttar Pradesh every day. Chief Postmaster General of Uttar Pradesh, Mr. Kaushalendra Kumar Sinha stated that the Postmen and Gramin Dak Sevaks in rural areas have disbursed more than Rs 140 Crore amount to the needy persons through Aadhaar Enabled Payment System. By this facility of the Postal Department, the State government of Uttar Pradesh has also got a lot of ease. With this service, beneficiaries of social security schemes are able to withdraw money at their doorstep through Postmen. 
Mr. Sinha said that this initiative of the Postal department is benefitting the Old, Disabled, Patients, poor, farmers and laborers. This initiative of India Post has also praised by the Union Communications Minister Shri Ravi Shankar Prasad on twitter.
Director Postal Services, Lucknow Headquarter Region, Mr. Krishna Kumar Yadav told that  Postmen are facilitating withdrawal of money from bank accounts through AEPS from the kitchen to the farms, from the streets of villages to the boat in the rivers. In coordination with District Administration peoples are being facilitated to withdraw money by organizing camps in various Schools and Panchayat buildings. Mr. Yadav said that in this phase of the epidemic, Postal employees are working with full dedication with observing precautions and proper social distancing.


Director Postal Services, Mr. Krishna Kumar Yadav, said that upto Rs. 10,000 can be withdrawn by a person from his Aadhaar linked bank account through micro ATM available with Postmen. There is no charge of any kind for this service.

No need to worry in lockdown: Post Office providing money withdrawal from any bank at door step without any charge

People withdraw Rs.140 Crore DBT amount from other banks through Post office at their door step during lock down in Uttar Pradesh

Postman working as mobile ATM in lockdown : Providing money withdrawal service in Kitchens, Farms & boats also

India Post : डाकिया बना चलता-फिरता एटीएम : रसोई, खेत, नाव तक पर दे रहा पैसे निकालने की सुविधा

कोरोना संक्रमण के चलते लॉक डाउन के समय उत्तर प्रदेश के गांवों और दूरदराज के क्षेत्रों में डाक विभाग हर रोज 80 हजार से अधिक लोगों तक पैसा पहुंचा रहा है। उत्तर प्रदेश परिमंडल  के चीफ पोस्टमास्टर जनरल श्री कौशलेन्द्र कुमार सिन्हा ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में डाकिए व ग्रामीण डाक सेवक आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम के माध्यम से दूसरे बैंकों से 140 करोड़ रुपए से अधिक की रकम निकालकर अब तक जरूरतमंदों को दे चुके हैं। डाक विभाग की इस सुविधा के चलते राज्य सरकार को भी काफी आसानी हुई है। इससे बैंकों में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत भेजी गई रकम घर बैठे लोग डाकिया के माध्यम से निकाल पा रहे हैं। श्री सिन्हा ने कहा कि डाक विभाग की इस पहल से वृद्धजनों, दिव्यांग, मरीज, अक्षम, गरीब, किसान व मजदूरों को सबसे ज्यादा लाभ हो रहा है। डाक विभाग की इस पहल की केंद्रीय संचार मंत्री श्री रवि शंकर प्रसाद ने भी ट्वीट करके तारीफ की है।
चीफ पोस्टमास्टर जनरल श्री कौशलेन्द्र कुमार सिन्हा ने कहा कि डाकघर की शाखाएँ प्रदेश के कोने-कोने में है। भारत सरकार द्वारा डाक सेवाओं को आवश्यक सेवा के रूप में रखने के बाद डाकघर सामान्यतया हर तरह की सुविधा प्रदान कर रहे हैं। दवाओं की बुकिंग, वितरण से लेकर पैसों को पहुंचाने के लिए रोड ट्रांसपोर्ट नेटवर्क द्वारा मेल वैन पूरे प्रदेश में चल रही हैं। डाकघर बचत खातों के जरिए इस दौरान 6,000 करोड़ रुपए से अधिक का ट्रांजेक्शन हुआ है।
लखनऊ मुख्यालय परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएँ श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि, घर की रसोई से लेकर खेतों तक, गाँव की गलियों से लेकर नदियों में नाव तक पर जाकर डाकिया लोगों को एईपीएस के माध्यम से उनके बैंकों से पैसे निकालने की सुविधा दे रहे हैं। जिला प्रशासन के साथ विभिन्न स्कूलों व पंचायत भवनों पर कैम्प लगाकर भी लोगों को रकम निकालने की सुविधा दी जा रही है। श्री यादव ने कहा कि, महामारी के इस दौर में डाककर्मी सोशल डिस्टेंसिंग व पूरी एहतियात बरतते हुए समर्पण भाव के साथ कार्य कर रहे हैं। 
डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि, डाकियों के पास उपलब्ध माइक्रो एटीएम से प्रतिदिन एक व्यक्ति द्वारा आधार लिंक्ड अपने बैंक खाते से दस हजार रूपए तक की रकम निकाली जा सकती है। इसके लिए किसी भी प्रकार का चार्ज नहीं लिया जाता है।
लॉक डाउन में डाक विभाग उ.प्र. में रोजाना 80 हजार लोगों को दरवाजे तक पहुँचा रहा पैसा

डाकिया बना चलता-फिरता एटीएम : रसोई, खेत, नाव तक पर दे रहा पैसे निकालने की सुविधा


रसोई से लेकर खेत तक, गलियों से लेकर नाव तक घर बैठे पैसे निकालने की सुविधा दे रहा डाक विभाग



उत्तर प्रदेश में डाक विभाग द्वारा लॉक डाउन में घर बैठे लोगों ने 140 करोड़ रुपये की डीबीटी राशि  दूसरे बैंकों से निकाली 


Thursday, April 30, 2020

Corona Fighters Postman : पुलिस उपायुक्त ने लखनऊ जीपीओ पहुँचकर डाकियों को किया सम्मानित

वैश्विक कोरोना महामारी और तदनुसार लागू लॉक डाउन की स्थिति से निपटने के लिए भारत सरकार के साथ-साथ राज्य सरकारों के तमाम विभाग भी आपस में समन्वय स्थापित करके कार्य कर रहे हैं। कोरोना के इलाज के लिए जहाँ डॉक्टर्स, नर्सेस व अन्य स्वास्थ्यकर्मी जुटे हुए हैं, वहीं इससे उत्पन्न विपदा से निपटने में  जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, डाक विभाग सभी एकजुट होकर कार्य कर रहे हैं। 
इसी क्रम में "मित्र पुलिस" की भूमिका निभाते हुए लखनऊ पुलिस के पुलिस उपायुक्त (मध्य), लखनऊ श्री दिनेश सिंह ने एडीसीपी श्री चिरंजीव नाथ सिन्हा, सर्विलांस प्रभारी श्री संजय शुक्ला, इंस्पेक्टर हजरतगंज श्री संतोष सिंह इत्यादि  के साथ लखनऊ जीपीओ पहुँचकर पोस्टमैन और अन्य डाककर्मियों को सम्मानित किया। पुलिस विभाग की तरफ से सम्मानस्वरूप पोस्टमैन स्टाफ को मास्क, फेस कवर, हैण्ड ग्लव्स, सेनिटाइजर, साबुन, फ़ूड पैकेट और फल प्रदान किये गए। 


इस अवसर पर लखनऊ (मुख्यालय) परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएँ श्री कृष्ण कुमार यादव ने चीफ पोस्टमास्टर श्री आरएन यादव संग पुलिस उपायुक्त और एडीसीपी को डाक टिकटों का एक खूबसूरत सेट भेंटकर उन्हें भी सम्मानित किया।  

इस अवसर पर पुलिस उपायुक्त (मध्य), लखनऊ श्री दिनेश सिंह ने कहा कि कोरोना फाइटर्स के रूप में डाककर्मियों की भूमिका अहम है। संकट की इस घड़ी में लोगों तक जरुरी दवाएँ पहुँचाने के साथ-साथ वे घर बैठे किसी भी बैंक से पैसे निकालने की सुविधा प्रदान कर रहे हैं।

लखनऊ (मुख्यालय) परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएँ श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि कोरोना की इस विपदा में सभी विभागों का समन्वय बेहद जरुरी है, ताकि लॉक डाउन और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए आमजन को उनके डोर-स्टेप पर सेवाएं दी जा सकें।

इस अवसर पर लखनऊ जीपीओ के चीफ पोस्टमास्टर श्री आर. एन. यादव, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (एडीसीपी) श्री चिरंजीव नाथ सिन्हा, डिप्टी चीफ पोस्टमास्टर श्री राम बिलास, सर्विलांस प्रभारी श्री संजय शुक्ला, इंस्पेक्टर हजरतगंज श्री संतोष सिंह, डाक निरीक्षक श्री सचिन कुमार ने भी लोगों की हौसला आफजाई की।







पुलिस उपायुक्त ने लखनऊ जीपीओ पहुँचकर डाककर्मियों को किया सम्मानित 

कोरोना फाइटर्स के रूप में डाककर्मियों की भूमिका अहम

Uttar Pradesh Police has acknowledged services of Postman as CoronaWarriors to fight with Covid19 during lockdown. Mr. Dinesh Singh, Deputy Commissioner of Police (Central), Lucknow along with Mr. Chiranjeev Nath Sinha, ADCP honoured the Postmen staff in Lucknow GPO in the gracious presence of Mr. Krishna Kumar Yadav, Director Postal Services, Lucknow HQ Region & Mr. R.N. Yadav, Chief Postmaster, Lucknow GPO.

COVID19 संकट: डाक कर्मियों के लिए बड़ा फैसला, कोरोना से हुई मौत तो मिलेगा 10 लाख का मुआवजा


कोरोना महामारी की इस वैश्विक विपदा में भारत सरकार द्वारा डाक सेवाओं को आवश्यक सेवाओं में रखने के बाद अब सरकार ने निर्णय लिया है कि, ग्रामीण डाक सेवकों समेत डाक विभाग के सभी कर्मचारियों को कोविड-19 के कारण मृत्यु होने की स्थिति में 10 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति दी जाएगी। 

डाक विभाग आवश्यक सेवाओं के तहत आता है।  ग्रामीण डाक सेवक सहित डाक कर्मचारी जनता को डाक पहुंचाने के साथ ही डाक घर बचत बैंक, डाक जीवन बीमा सेवाएं देने के अलावा इस वक्त खाने के पैकेट, राशन और जरूरी दवाओं के साथ ही अन्य जरूरी चीजों की आपूर्ति कर रहे हैं। डाककर्मियों द्वारा स्थानीय प्रशासन एवं पुलिस अधिकारियों के साथ संपर्क कर देशभर में कोविड-19 किट, फूड पैकेट, राशन एवं अनिवार्य दवाओं आदि की आपूर्ति भी की जा रही है।  

संचार मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘कोविड-19 की स्थिति के परिप्रेक्ष्य में फैसला किया गया है कि ग्रामीण डाक सेवक (जीडीएस) सहित सभी डाक कर्मचारियों को कर्तव्य निवर्हन के दौरान कोविड- 19 बीमारी का शिकार हो जाने पर 10 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति का भुगतान किया जाएगा. ये दिशानिर्देश जल्द प्रभावी हो जाएंगे और कोविड-19 के संकट की समाप्ति तक पूरी अवधि तक के लिए लागू रहेंगे.’’