Sunday, September 27, 2020

हिन्दी सिर्फ एक भाषा ही नहीं बल्कि हम सबकी पहचान है-पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

सृजन एवं अभिव्यक्ति की दृष्टि से हिंदी दुनिया की अग्रणी भाषाओं में से एक है। हिन्दी सिर्फ एक भाषा ही नहीं बल्कि हम सबकी पहचान है, यह हर हिंदुस्तानी का हृदय है। भारतीय संस्कृति को अक्षुण्ण रखने में हिंदी का बहुत बड़ा योगदान है। जरूरत इस बात की है कि हम इसके प्रचार-प्रसार और विकास के क्रम में आयोजनों से परे अपनी दैनिक दिनचर्या से भी जोड़ें। उक्त उद्गार वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल एवं चर्चित साहित्यकार व ब्लॉगर श्री कृष्ण कुमार यादव ने डाक विभाग, वाराणसी द्वारा "हिंदी पखवाड़ा" के समापन समारोह में 28 सितंबर को व्यक्त किये। इस अवसर पर उन्होंने पखवाड़े के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित भी किया।

पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि हिन्दी अपनी सरलता, सुबोधता, वैज्ञानिकता के कारण ही आज विश्व में दूसरी सबसे बड़ी बोली जाने वाली भाषा है। हिन्दी सिर्फ साहित्य ही नहीं बल्कि विज्ञान से लेकर संचार-क्रांति, सूचना - प्रौद्योगिकी और नवाचार की भाषा भी  है। हिंदी हमारी मातृभाषा के साथ-साथ राजभाषा भी है और लोगों तक पहुँच स्थापित करने के लिए टेक्नॅालाजी स्तर पर इसका व्यापक प्रयोग करने की जरूरत है। श्री यादव ने कहा कि, आज परिवर्तन और विकास की भाषा के रूप में हिन्दी के महत्व को नये सिरे से रेखांकित किया जा रहा है। जैसे-जैसे विश्व में भारत के प्रति दिलचस्पी बढ़ रही है, वैसे-वैसे हिन्दी के प्रति भी रुझान बढ़ रहा है।

सहायक निदेशक (राजभाषा) श्री प्रवीण प्रसून ने  कहा कि संविधान में वर्णित सभी प्रांतीय भाषाओं का पूर्ण आदर करते हुए इस विशाल बहुभाषी राष्ट्र को एक सूत्र में बांधने में भी हिन्दी की एक महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे में हिन्दी भाषा के प्रयोग पर हमें गर्व महसूस करना चाहिए। वाराणसी मंडल के प्रवर डाकघर अधीक्षक श्री सुमीत कुमार गट्ट ने कहा कि  हिंदी पूरे देश को जोड़ने वाली भाषा है और सरकारी कामकाज में भी इसे बहुतायत में अपनाया जाना चाहिये। वाराणसी पश्चिमी मंडल के अधीक्षक डाकघर श्री राम मिलन ने  कहा कि यह हम सभी के लिए सौभाग्य का विषय है कि हमारे नवागत पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव जी ने  चर्चित साहित्यकार व ब्लॉगर रूप में अपनी रचनात्मक प्रतिबद्धता व अग्रणी सोच से हिंदी साहित्य जगत में एक नया मुकाम बनाया है। आपके नेतृत्व में वाराणसी परिक्षेत्र नई ऊँचाइयों को छुयेगा।

हिंदी पखवाड़ा के दौरान आयोजित कार्यक्रम के विजेताओं को पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने सम्मानित भी किया। हिंदी निबंध प्रतियोगिता में श्री प्रकाश गुप्ता, मनीष कुमार, कु. अभिलाषा राजन, हिंदी टंकण प्रतियोगिता में  कुमारी अजिता, राकेश कुमार,  विजय त्रिपाठी,  वाद-विवाद प्रतियोगिता में मनीष कुमार, शम्भू गुप्ता, ललित कुमार, हिंदी पत्र लेखन प्रतियोगिता में श्रवण कुमार, राहुल कुमार, विजय त्रिपाठी एवं काव्य पाठ प्रतियोगिता में कुमारी अजिता, श्रवण कुमार, राजीव वर्मा को क्रमशः प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में प्रवर अधीक्षक डाकघर पूर्वी मंडल वाराणसी सुमीत कुमार गट्ट, डाक अधीक्षक, वाराणसी पश्चिमी मंडल राम मिलन, सहायक निदेशक (राजभाषा) प्रवीण प्रसून , शम्भू राय,  सहायक अधीक्षक अजय कुमार, डाक निरीक्षक बृजेश कुमार शर्मा, राकेश कुमार, राजेन्द्र यादव सहित तमाम विभागीय अधिकारी - कर्मचारी उपस्थित रहे।








हिंदी को सिर्फ पखवाड़ा नहीं, रोजमर्रा से जोड़कर देखने की जरूरत-पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

भारतीय संस्कृति को अक्षुण्ण रखने में हिंदी का महत्वपूर्ण योगदान  - पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

हिन्दी सिर्फ एक भाषा ही नहीं बल्कि हम सबकी पहचान है-पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

पोस्टमास्टर जनरल कार्यालय, वाराणसी में हुआ हिंदी पखवाड़े का समापन


Saturday, September 26, 2020

Postal Dept. will open Philately Club in Schools to promote Stamp collection as hobby - Postmaster General Krishna Kumar Yadav

वाराणसी में डाक विभाग एक नई पहल करने जा रहा है। इसके तहत यहां के स्कूलों में फिलेटली क्लब खोले जाएंगे ताकि विद्यार्थियों में डाक टिकट संग्रह की अभिरुचि के प्रति उनकी प्रवृत्ति को विकसित किया जा सके। इससे छात्र-छात्राओं की शिक्षा में भी फायदा मिलेगा। यह पहल वाराणसी परिक्षेत्र के नवागत पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने की है। 


पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि इसका उद्देश्य बच्चों में रचनात्मकता के विकास के साथ-साथ यह भी है कि तमाम समसामयिक विषयों, घटनाओं, देश की विभूतियों, जैव विविधता आदि से बच्चे इन डाक टिकटों के माध्यम से रूबरू हो सकेंगे। साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में भी इससे मदद मिलेगी। फिलहाल अभी इसकी शुरुआत कक्षा 12 तक के बच्चों से होगी क्योंकि शुरू से ही इन डाक टिकटों के माध्यम से उनका सामान्य ज्ञान मजबूत होगा जो आगे काम आएगा।

फिलेटली को हॉबी की तरह किया जाए प्रमोट :

वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि डाक विभाग ने डाक टिकटों के माध्यम से छात्र-छात्राओं को रचनात्मक बनाने की भी तैयारी कर ली है। इसके लिए विभाग जल्द ही विभिन्न स्कूलों के प्रधानाचार्यों से संपर्क करेगा। स्कूली बच्चों को फिलेटली क्लब से जोड़ने के लिए विभाग शहर के सभी स्कूलों के प्रधानाचार्यों से मुलाकात कर इसकी शुरुआत करेगा। 


श्री यादव ने बताया कि, स्कूल अपने यहां फिलेटली डिपाजिट एकाउंट खोलें जिसका अवलोकन कर बच्चे इसे जान सकें और फिलेटली को हॉबी की तरह प्रमोट किया जाए यानी विद्यालय अपनी रचनात्मक कार्यों में इसे भी शामिल करें। वाराणसी में फिलेटली ब्यूरो प्रधान डाकघर विश्वेश्वरगंज में है जहां 200 रुपये में ये एकाउंट खुलता है। 

विद्यार्थियों को पुरस्कार स्वरूप खोलकर दें फिलेटली डिपॉजिट एकाउंट :

वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया स्कूलों का अपना फिलेटली डिपाजिट एकाउंट खुलने से डाक टिकट, सूचना विवरणिका इत्यादि हर माह पंजीकृत पत्र से  स्कूल को भेजा जाएगा। इससे स्कूल डाक टिकट कलेक्शन का डिस्प्ले भी कर सकेंगे। साथ ही इसे लाइब्रेरी में भी रख सकेंगे जिससे बच्चे इसे देख और पढ़ सकेंगे। इसके साथ ही बच्चों को व्यक्तिगत तौर पर भी फिलेटली डिपाजिट एकाउंट खोलने के लिए प्रेरित किया जाएगा। 

श्री यादव ने यह भी अपील की कि, स्कूल प्रबंधन बच्चों को जब भी कोई उपहार या पुरस्कार दे तो उसमें बच्चों को फिलेटली डिपाजिट एकाउंट खोलकर दें ताकि हर साल जब विद्यार्थियों के पास डाक टिकटों का संग्रह पहुंचे तो उन्हें स्कूल की तरफ से मिलने वाले सम्मान का अहसास हमेशा ताजा रहे।  








डाक टिकट संग्रह के प्रति अभिरुचि के लिए डाक विभाग स्कूलों में खोलेगा फिलेटली क्लब- पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव 

दैनिक जागरण : भारतीय डाक विभाग स्कूलों में खोलेगा फिलेटली क्लब, खोले जाएंगे फिलेटली डिपोजिट एकाउंट





Saturday, September 19, 2020

कृष्ण कुमार यादव ने वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल का पदभार संभाला

वाराणसी परिक्षेत्र के नवागत पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने 18 सितंबर, 2020 को लखनऊ से आकर कार्यभार ग्रहण कर लिया। भारतीय डाक सेवा के वर्ष 2001 बैच के अधिकारी श्री यादव इससे पहले लखनऊ मुख्यालय परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएँ पद पर कार्यरत थे। वाराणसी परिक्षेत्र के अधीन वाराणसी, भदोही, चंदौली, जौनपुर, गाजीपुर और बलिया जनपद शामिल हैं।

इस दौरान नवागत पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने विभागीय अधिकारियों से परिक्षेत्र में डाक सेवाओं की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने टीम भावना के साथ कार्य करते हुए विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से अधिकाधिक लोगों को जोड़ते हुए स्टाफ से कस्टमर फ्रेंडली एप्रोच अपनाने को कहा। विभिन्न योजनाओं की नियमित मानिटरिंग करते हुए जन  शिकायतों के त्वरित निस्तारण पर जोर दिया। ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष कैम्प आयोजित करते हुए वित्तीय समावेशन को बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण के दौर में डाक सेवाओं ने अहम भूमिका निभाई है, इसमें और भी नए आयाम जोड़े जाएंगे।


गौरतलब है कि श्री कृष्ण कुमार यादव चर्चित हिन्दी साहित्यकार, लेखक व ब्लाॅगर भी हैं और विभिन्न विधाओं में उनकी 7 पुस्तकें  प्रकाशित हो चुकी हैं। एक कुशल व संवेदनशील प्रशासक के रूप में लोकप्रिय श्री यादव इससे पूर्व सूरत (गुजरात), लखनऊ, कानपुर, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह, इलाहाबाद एवं जोधपुर (राजस्थान) में विभिन्न पदों पर कार्य कर चुके हैं।  

इस अवसर पर वाराणसी (पूर्वी) मंडल के प्रवर डाकघर अधीक्षक सुमीत गट्ट, वाराणसी (पश्चिमी) मंडल के डाकघर अधीक्षक राम मिलन, सहायक निदेशक शंभू राय, प्रवीण प्रसून, सीनियर पोस्टमास्टर वाराणसी प्रधान डाकघर आर.के. चौहान, राजेन्द्र प्रसाद यादव, राकेश कुमार सहित वाराणसी परिक्षेत्र के तमाम अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने नवागन्तुक पोस्टमास्टर जनरल का स्वागत किया।