Saturday, December 24, 2022

डाकघर की सभी बचत योजनाओं में जमा व निकासी के लिए मोबाइल नंबर हुआ अनिवार्य, मोबाइल लिंकिंग हेतु अंतिम तिथि 31 मार्च, 2023

भारत सरकार ने डाकघर की सभी बचत योजनाओं में मोबाइल लिंकिंग अनिवार्य कर दिया है। इससे डाकघर बचत योजनाओं में जमा राशि और भी सुरक्षित हो जायेगी। वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि ऐसे खाताधारक जिनके खातों में मोबाइल नंबर लिंक नहीं है, उन्हें डाकघरों में जाकर अपना केवाईसी अपडेट कराना होगा और अपने खातों को मोबाइल नंबर से लिंक कराना होगा। इस हेतु अंतिम तिथि 31 मार्च, 2023 निर्धारित की गयी है। डाकघरों में खुल रहे नए खातों और एनएससी/केवीपी में मोबाइल नंबर अनिवार्यत: लिया जाता है, परन्तु तमाम ऐसे पुराने खाते और एनएससी/केवीपी भी हैं जिसमें अभी तक मोबाइल नंबर लिंक नहीं किया गया है। 31 मार्च तक अपने खातों में मोबाइल नंबर लिंक न कराने वाले खाताधारक अपने खातों से न तो रुपयों को निकाल पाएंगे, न ही जमा कर पाएंगे और न ही खाता को बंद कर पाएंगे। डाकघर बचत योजनाओं में बचत खाता, आरडी, टीडी, एमआईएस, पीपीएफ, सीनियर सिटिज़न सेविंग्स स्कीम, सुकन्या समृद्धि योजना, एनएससी, केवीपी शामिल हैं। वाराणसी परिक्षेत्र में एनएससी/केवीपी के अलावा लगभग 30 लाख खाते संचालित हैं।

मोबाइल लिंकिंग के लाभों के बारे में बताते हुए पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि इससे ई-बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग जैसे आधुनिक डिजिटल बैंकिंग सेवाओं का लाभ लिया जा सकता है, वहीं समय-समय पर खातों में हुए लेन-देन की जानकारी भी मैसेज के माध्यम से घर-बैठे प्राप्त होती है। इससे   किसी भी प्रकार के गबन से भी बचा जा सकता है। खातों में मोबाइल नंबर लिंक होने से जहाँ टोल फ्री नंबर का प्रयोग कर आई.वी.आर.एस सेवा के माध्यम से खाते के विषय में जानकारी प्राप्त की जा सकेगी वहीं हाल में शुरू की गई ई-पासबुक सेवा का प्रयोग कर खातों में हुए लेन-देन की जानकारी व मिनी स्टेटमेंट भी ऑनलाइन प्राप्त किये जा सकेंगे।


पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि वित्तीय समावेशन और अंत्योदय में डाकघरों की अहम भूमिका है। ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी अधिकांश लोगों के खाते डाकघरों में खुले हुए हैं। अब डाकघरों में भी एन.ई.एफ.टी की सुविधा उपलब्ध है, जिससे लोग बैंक खातों में राशि ट्रांसफर कर सकते हैं। इसमें  न्यूनतम सीमा 1 रुपये तथा अधिकतम 15 लाख रुपये है। डाकघर के माध्यम से एन.ई.एफ.टी सेवा का शुल्क निर्धारित है। इंटरनेट बैंकिंग अथवा मोबाइल बैंकिंग के तहत एन.ई.एफ.टी सुविधा 24 घण्टे मुफ्त में उपलब्ध है। डाकघर खातों में धनराशि के ट्रांसफर के लिए देश के सभी डाकघरों के लिए केवल एक ही आई.एफ.एस.सी कोड  IPOS0000DOP है। पूरे भारत के सभी डाकघरों का एक ही आई.एफ.एस.सी कोड होने से ग्राहकों को प्रत्येक डाकघर का अलग से आई.एफ.एस.सी कोड नहीं ढूँढना पड़ेगा।








डाकघर की सभी बचत योजनाओं में जमा व निकासी के लिए मोबाइल नंबर हुआ अनिवार्य, मोबाइल लिंकिंग हेतु अंतिम तिथि 31 मार्च, 2023

डाकघर खातों में मोबाइल लिंकिंग से मिलेगी ई-बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, ई-पासबुक और एनईएफटी की सुविधा-पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव


Thursday, December 22, 2022

Postal Life Insurance के दायरे में विस्तार, अब मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय/संस्था के सभी स्नातक/डिप्लोमा धारक भी करवा सकेंगे डाक जीवन बीमा

सरकारी और अर्द्ध सरकारी कर्मियों के लिए सामाजिक सुरक्षा के कवच के रूप में आरंभ डाक जीवन बीमा का दायरा भारत सरकार ने अब बढ़ा दिया है। उक्त जानकारी देते हुए वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि, अब केंद्र सरकार व राज्य सरकारों से मान्यता प्राप्त किसी भी विश्वविद्यालय/संस्था के सभी स्नातक/डिप्लोमा धारक भी डाक जीवन बीमा का लाभ उठा सकेंगे। डाक जीवन बीमा के तहत 20 हजार से 50 लाख रुपए तक का बीमा करवाने की सुविधा देश भर के डाकघरों में उपलब्ध है। बोनस की दर आकर्षक होने के कारण यह योजना बेहद लोकप्रिय है। पॉलिसी पर बोनस की दर रुपये 52 प्रति हजार से लेकर रुपए 76 प्रति हजार के मध्य है। वाराणसी परिक्षेत्र में वर्तमान में डाक जीवन बीमा और ग्रामीण डाक जीवन बीमा की कुल 1.50 लाख से ज्यादा पॉलिसियाँ हैं।

पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि जीवन बीमा आज के दौर की एक अनिवार्य आवश्यकता होने के साथ-साथ बचत और निवेश का एक सुरक्षित माध्यम है। डाक जीवन बीमा देश की सबसे पुरानी बीमा योजना है, जिसकी शुरुआत 1884 में हुई थी। डाक जीवन बीमा हेतु पात्रता में अभी तक केंद्र व राज्य सरकारों के कर्मचारी, सार्वजनिक उपक्रमों, सरकारी सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों, राष्ट्रीयकृत बैंकों, रक्षा सेवाओं, अर्ध-सैन्य बलों तथा निजी क्षेत्र के पेशेवरों जैसे इंजीनियर, डॉक्टर, बैंकर, वकील, आर्किटेक्ट, पत्रकार और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) तथा बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) में सूचीबद्ध कंपनियों के कर्मचारी ही शामिल थे। डाक जीवन बीमा में सुरक्षा (आजीवन बीमा), संतोष (स्थायी निधि जमा), सुविधा, सुमंगल, युगल सुरक्षा और बच्चों की पॉलिसी शामिल हैं। इसमें निवेश की सुरक्षा पर सरकार की गांरटी, धारा 80-सी के तहत आयकर में छूट, कम प्रीमियम व अधिक बोनस, पालिसी पर लोन की सुविधा, ऑनलाइन प्रीमियम जमा के अलावा देश के किसी भी डाकघर में प्रीमियम जमा करने की सुविधा और अग्रिम प्रीमियम पर छूट दी जाती है।

पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि डाक जीवन बीमा सेवा को नवीन टेक्नोलॉजी अपनाते हुए ऑनलाइन बनाया गया है। पॉलिसीधारकों के लिए ई-पीएलआई बॉण्ड की सुविधा प्रारंभ की गयी है जो डिजिलॉकर पर उपलब्ध है। अब डाक विभाग द्वारा पॉलिसी बांड जारी करने के तुरंत बाद पॉलिसी बॉण्ड को डाउनलोड किया जा सकता है। नवाचार करते हुए जहाँ अब प्रीमियम के ऑनलाइन जमा की सुविधा है, वहीं अब प्रीमियम को आई.पी.पी.बी. मोबाइल ऐप से भी जमा किया जा सकता है।






Sunday, December 18, 2022

जन सरोकारों से डाक विभाग का है पुराना नाता, डाकघर कर रहे तमाम जनोन्मुखी कार्य - पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

डाक विभाग अब पत्र व पार्सलों के साथ-साथ सरकार की तमाम जनकल्याणकारी योजनाओं और इनके लाभों को भी लोगों तक पहुँचा रहा है। वित्तीय सशक्तिकरण और अंत्योदय में डाक विभाग की अहम भूमिका है। एक ही छत के नीचे तमाम सेवाएं उपलब्ध कराकर डाकघरों को बहुद्देशीय बनाया गया है। बचत, बीमा, आधार, पासपोर्ट, कॉमन सर्विस सेंटर, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक, गंगाजल बिक्री, क्यूआर कोड आधारित डिजिटल भुगतान जैसी तमाम जनोन्मुखी सुविधाएं डाकघरों में उपलब्ध हैं। इण्डिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के माध्यम से लोगों को घर बैठे बैंकिंग सहित तमाम सुविधाएँ प्राप्त हो रही हैं। उक्त उद्गार वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने बलिया में आयोजित 'वित्तीय सशक्तिकरण महोत्सव' का शुभारम्भ करते हुए बतौर मुख्य अतिथि व्यक्त किये। इस दौरान 10,000 से अधिक खाते खोले गए। 




बेटियों को 'सुकन्या समृद्धि योजना' की पासबुक वितरित करते हुए कहा कि जहाँ इसके माध्यम से बेटियाँ आत्मनिर्भर बनेंगी वहीं 'आत्मनिर्भर भारत' की संकल्पना भी साकार होगी। 


पोस्टमास्टर जनरल ने सीईएलसी प्रतियोगिता के विजेता- श्री शिवजी यादव, शाखा डाकपाल खरहाटार, गडवार का स्कूटी देकर उत्साहवर्धन किया | इसके अतिरिक्त उत्कृष्ट कार्य करने वाले अन्य कर्मचारियों को भी सम्मानित किया। बच्चियों को सुकन्या समृद्धि योजना की पासबुकें सौंपकर उनके सुखद भविष्य की कामना की और समृद्ध सुकन्या- समृद्ध समाज का संदेश भी दिया।


पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि आकर्षक ब्याज दरों के कारण डाकघर की बचत योजनाएँ बेहद लोकप्रिय हैं और इनमें लोग पीढ़ी दर पीढ़ी सुरक्षित निवेश करते आ रहे हैं। इण्डिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के माध्यम से डाकिया और ग्रामीण डाक सेवक आज एक चलते फिरते बैंक के रूप में कार्य कर रहे हैं। किसानों सहित अन्य तमाम लाभार्थियों के बैंक खातों में आने वाली डीबीटी राशि की निकासी के लिए अब किसी को भी बैंक या एटीएम जाने की जरूरत नहीं, बल्कि घर बैठे ही अपने आधार लिंक्ड बैंक खाते से डाकिया के माध्यम से निकासी कर सकते हैं। आईपीपीबी में खाता होने पर डाकघर की सुकन्या, आरडी, पीपीएफ, डाक जीवन बीमा में भी ऑनलाइन जमा किया जा सकता है। ई-श्रम, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, वाहनों का बीमा, स्वास्थ्य बीमा, दुर्घटना बीमा, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना जैसी तमाम सेवाओं का लाभ भी डाकिया के माध्यम से लिया जा सकता है। सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाने हेतु आधार जरूरी है, ऐसे में अब घर बैठे डाकिया के माध्यम से ही आधार से लिंक मोबाइल नम्बर भी अपडेट किया जा सकता है। डाकिया अब घर बैठे पेंशनर्स का जीवित प्रमाण पत्र भी बना रहे हैं, जिसका शुल्क मात्र 70 रुपये निर्धारित है। इससे पेंशनरों को जीवित प्रमाण पत्र कोषागार या सम्बंधित विभाग में जमा करने  के लिए कोषागार/सम्बंधित बैंकों या जनसेवा केन्द्रों के चक्कर लगाने से निजात मिलेगी।

पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को 'डाक जीवन बीमा' का लाभ प्राप्त हो सके, इसके लिए डाक जीवन बीमा के दायरे में विस्तार किया गया है। अब केंद्र सरकार व राज्य सरकारों से मान्यता प्राप्त किसी भी विश्वविद्यालय/संस्था के सभी स्नातक/डिप्लोमा धारक भी डाक जीवन बीमा का लाभ उठा सकेंगे।ग्राहक केंद्रित सेवाओं के विस्तार के क्रम में डाकघरों में काॅमन सर्विस सेंटर की स्थापना से अब एक साथ केंद्र व विभिन्न  राज्य सरकारों की 73 सेवाएँ आसानी से मिल रही हैं। डाकघर में एक ही छत के नीचे बचत, बीमा और डिजिटल बैंकिंग उपलब्ध होने से लोगों के पास सुरक्षित निवेश के ढेरों विकल्प मौजूद हैं। डाक विभाग ने अपने खाताधारकों के लिए ई-पासबुक सेवा की शुरुआत की है। ई-पासबुक सेवा का उपयोग कर जहाँ डाकघर की विभिन्न लघु बचत योजनाओं के खाताधारक अपने खातों के बैलेंस जान सकेंगे वही एसबी, सुकन्या व पीपीएफ खातों के मिनी स्टेटमेंट भी ऑनलाइन नि:शुल्क प्राप्त कर सकेंगे।

बलिया मंडल के डाकघर अधीक्षक श्री संजय त्रिपाठी ने कहा कि बलिया डाक सेवाओं से जनमानस को जोड़ने  में सदैव अग्रणी रहा है। विभिन्न डाक योजनाओं के प्रति लोगों को जागरूक करने हेतु जनसम्पर्क किया जा रहा है तथा अभियान भी चलाए जा रहे हैं।

इस कार्यक्रम में डाकघर अधीक्षक श्री संजय त्रिपाठी, ग्राम प्रधान जीराबस्ती श्रीमती गुड़िया तिवारी, सहायक डाक अधीक्षक मारुतनंदन, पीके पाठक, अजय कुमार, उपमंडलीय निरीक्षक अंगद कुमार यादव, रविन्द्र कुमार साह, श्रीकान्त पाल, पोस्टमास्टर बलिया प्रधान डाकघर अब्दुल कलाम, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक मैनेजर आलोक कुमार सिंह सहित तमाम अधिकारियों - कर्मचारियों एवं जनमानस ने भागीदारी की।






जन सरोकारों से डाक विभाग का है पुराना नाता, डाकघर कर रहे तमाम जनोन्मुखी कार्य - पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

'वित्तीय सशक्तिकरण महोत्सव' का पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने बलिया में किया शुभारंभ, खुले 10 हजार खाते

डाकिया के माध्यम से घर बैठे बैंकिंग सहित तमाम सुविधाएँ हो रही प्राप्त- पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

'सुकन्या समृद्धि योजना' से बेटियाँ बनेंगी आत्मनिर्भर, 'आत्मनिर्भर भारत' की संकल्पना भी होगी साकार - पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव


Saturday, December 17, 2022

पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने बलिया में डाक सेवाओं की प्रगति का लिया जायजा, लक्ष्यों की प्राप्ति पर दिया जोर

डाक विभाग नित नवाचार के साथ अपनी सेवाओं को व्यापक बना रहा है तथा एक ही छत के नीचे तमाम सेवाएं उपलब्ध कराकर कस्टमर-फ्रेंडली वातावरण में कार्य कर रहा है। उक्त उद्गार वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने डाक अधीक्षक, बलिया मण्डल कार्यालय के वार्षिक निरीक्षण के दौरान व्यक्त किए। समीक्षा के दौरान पोस्टमास्टर जनरल द्वारा वाराणसी परिक्षेत्र के अंतर्गत सर्वाधिक बचत खाते खोलने हेतु बलिया मंडल के प्रयासों की सराहना की। डाकघर अधीक्षक श्री संजय त्रिपाठी ने पोस्टमास्टर जनरल को बलिया में डाक सेवाओं की प्रगति के संबंध के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने अधीक्षक डाकघर कार्यालय के वार्षिक निरीक्षण के दौरान समस्त अभिलेखों के समुचित रख-रखाव और स्वच्छता पर भी जोर दिया। उन्होंने बलिया प्रधान डाकघर का विजिट भी किया और सभी अधिकारियों व कर्मचारियों से लोगों के प्रति अच्छे व्यवहार और विभिन्न सेवाओं में आवंटित लक्ष्यों की प्राप्ति पर जोर दिया। 

पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने डाक अधीक्षक कार्यालय में बैठक कर चालू वित्तीय वर्ष में बलिया में डाक सेवाओं की विस्तृत समीक्षा  की। बलिया के डाकघरों में 6.19 लाख बचत खाते, 1.39 लाख आईपीपीबी खाते और 59.5 हजार बेटियों के सुकन्या समृद्धि खाते संचालित हैं। प्रधान डाकघर में संचालित पासपोर्ट सेवा केंद्र के माध्यम से बलिया में 21 हजार से ज्यादा लोगों का पासपोर्ट बन चुका है। बलिया में इस वित्तीय वर्ष में अब तक लगभग 76 हजार बचत खाते, 5,105 सुकन्या समृद्धि खाते व 21,242 आईपीपीबी खाते खोले गए हैं। 42.5 हजार लोगों को घर बैठे आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम के माध्यम से 18 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। 52 हजार लोगों ने डाकघर के माध्यम से नया आधार बनवाया या अपडेट किया, वहीं 63 हजार लोगों ने इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के माध्यम से सीएलसी के अंतर्गत इसका लाभ उठाया। इस साल 4 हजार से ज्यादा लोगों ने पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट केंद्र बलिया में पासपोर्ट बनवाया। बलिया में अब तक 203 गाँवों को संपूर्ण सुकन्या समृद्धि ग्राम, 75 गाँवों को संपूर्ण बीमा ग्राम और 17 गाँवों को फाइव स्टार विलेज बनाया जा चुका है। 

निरीक्षण के दौरान पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने विभागीय लक्ष्यों की प्राप्ति के साथ स्वच्छता अभियान, विभिन्न सेवाओं से आम जन को जोड़ने, जन परिवाद के त्वरित निस्तारण और ग्राहकों के प्रति संवेदनशीलता पर जोर दिया। 

बलिया मण्डल के अधीक्षक डाकघर श्री संजय त्रिपाठी ने पोस्टमास्टर जनरल को आश्वस्त किया कि जनमानस से नियमित संवाद कर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा से ज्यादा डाक मेला लगाकर विभिन्न क्षेत्रों में ज्यादा से ज्यादा व्यवसाय अर्जित किया जायेगा ताकि सभी विभागीय लक्ष्यों की समय से प्राप्ति हो सके।

इस अवसर पर सहायक डाकघर अधीक्षक मारुतनंदन, पी के पाठक, अजय कुमार, उपमंडलीय निरीक्षक अंगद कुमार यादव, रविन्द्र कुमार साह, श्रीकान्त पाल, पोस्टमास्टर बलिया प्रधान डाकघर अब्दुल कलाम, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक मैनेजर आलोक कुमार सिंह, पोस्टमास्टर अब्दुल कलाम सहित तमाम अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।




Saturday, December 10, 2022

Union Minister of Railways, Communications, Electronics & IT Ashwini Vaishnaw at Varanasi

Hon'ble Union Minister of Railways, Communications, Electronics & Information Technology, Government of India Shri Ashwini Vaishnaw arrived at Varanasi on 9th December, 2022. He was received and welcomed at LBS Airport Varanasi by Mr. Krishna Kumar Yadav, Postmaster General, Varanasi Region along with senior officers of Railways, Telecom, BSNL, Electronics & IT  Department. On arrival, offerings of Shri Kashi Vishwanath was also presented to Hon'ble MoC.







Saturday, December 3, 2022

Kashi Tamil Sangamam : दिल के तार जोड़ने के लिए भेजें पोस्टकार्ड - केंद्रीय शिक्षा राज्यमंत्री डॉ. सुभाष सरकार

वाराणसी में चल रहे "काशी तमिल संगमम" के दौरान भारत सरकार के केंद्रीय शिक्षा राज्यमंत्री डॉ. सुभाष सरकार ने उत्तर और दक्षिण भारत के लोगों के बीच परस्पर मेल बढ़ाने के लिए पोस्टकार्ड को जरिया बनाने का सुझाव दिया। मंत्री जी ने तमिलनाडु से आए लोगों से बी.एच.यू परिसर स्थित पोस्ट ऑफिस से पोस्टकार्ड खरीदने की अपील की। 2 दिसंबर, 2022 को उन्होंने तमिलनाडु से आए शिक्षकों, साहित्यकारों और शोधार्थियों के बीच अपना पता लिखा पोस्टकार्ड भी बंटवाया। उन्होंने कहा कि जितने भी लोग मुझे पोस्टकार्ड लिखेंगे मैं उन सभी का उत्तर दूंगा और उसके बाद मुझे अपने उत्तर पर आपके उत्तर का इंतजार रहेगा। पोस्टकार्ड हमें एक-दूसरे से हमेशा जुड़े होने का एहसास कराएगा।



Tuesday, November 29, 2022

नज़ीर 'बनारसी' की शायरी व कविताएँ आगामी पीढ़ियों के लिए धरोहर - पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

गंगा-जमुनी तहजीब और बनारसी मिजाज के मशहूर शायर नज़ीर 'बनारसी' की 113वीं जयंती के उपलक्ष्य में 28 नवम्बर, 2022 को नज़ीर बनारसी एकेडमी और डॉ. अमृत लाल इशरत मेमोरियल सोसाइटी के संयुक्त तत्वाधान में नागरी नाटक मंडली, वाराणसी में आयोजित समारोह में 'नज़ीर बनारसी यादों के आईने में' पुस्तक का विमोचन संकट मोचन मंदिर के महंत प्रो. विश्वम्भरनाथ मिश्र, मुख्य अतिथि पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव और गणमान्य अतिथियों द्वारा किया गया।

अध्यक्षता करते हुए संकट मोचन मंदिर, वाराणसी के महंत प्रो. विश्वम्भरनाथ मिश्र ने कहा कि नज़ीर 'बनारसी' बेनजीर थे। वे काशी के फकीर थे। उन्होंने बनारस की रूह को समझा इसलिए इस शहर ने उन्हें स्वीकार किया। नज़ीर 'बनारसी' ने बनारसीपन को निभाया। अपनी शायरी में भी गंगा को जिया। अपनी रचनाओं के माध्यम से वे सदैव जिंदा रहेंगे।  

मुख्य अतिथि वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि नज़ीर 'बनारसी' की सबसे बड़ी ख़ूबी उनकी भाषा की जन-सम्प्रेषणीयता है। मुहब्बत, भाईचारा, देशप्रेम उनकी शायरी और कविताओं की धड़कन है। नज़ीर 'बनारसी' की शायरी और उनकी कविताएँ आगामी पीढ़ियों के लिए धरोहर हैं। इससे युवाओं को जोड़ने की जरुरत है। अगर हम इस मुल्क और उसके मिज़ाज को समझना चाहते हैं, तो नज़ीर 'बनारसी' को जानना और समझना होगा।


मुफ़्ती-ए-बनारस मौलाना अब्दुल बातिन नोमानी ने कहा कि मोहब्बत के नाजुक एहसासों और जरूरतों को नज़ीर 'बनारसी' ने बड़े सलीके से शायरी और गजलों की शक्ल दी। वे मजहबी एकता कायम करने के फनकार थे। बीएचयू उर्दू विभाग के अध्यक्ष प्रो. आफताब अहमद आफाकी ने बीएचयू में अमृत लाल इशरत और नज़ीर 'बनारसी' के नाम पर गोल्ड मेडल की शुरुआत करने की जरूरत बताई। प्रख़्यात शायर डॉ. माजिद देवबंदी ने कहा कि हम बच्चों को आधुनिक तालीम तो दें लेकिन हिंदी और उर्दू जुबान भी पढ़ाएं। डॉ. अमृत लाल इशरत मेमोरियल के अध्यक्ष दीपक मधोक ने नज़ीर 'बनारसी' और अपने पिता अमृतलाल इशरत का संस्मरण सुनाया। प्रसिद्ध गीतकार डॉ. बुद्धिनाथ मिश्र ने नज़ीर 'बनारसी' की रचनाधर्मिता पर प्रकाश डालते हुए उनसे जुड़े प्रसंगों को साझा किया। नज़ीर बनारसी एकेडमी के अध्यक्ष मो. सगीर ने बताया कि नज़ीर  'बनारसी' की प्रमुख किताबों में गंगो जमन, जवाहिर से लाल तक, ग़ुलामी से आज़ादी तक, चेतना के स्वर, किताबे ग़ज़ल, राष्ट्र की अमानत राष्ट्र के हवाले, कौसरो ज़मज़म शामिल हैं। लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट निदेशक आर्यमा सान्याल ने जीवन में उत्सव नामक अपनी रचना सुनाई। स्वागत अकादमी के अध्यक्ष मो. सगीर, संचालन इशरत उस्मानी और धन्यवाद रेयाज अहमद ने किया।






मशहूर शायर नज़ीर 'बनारसी' की 113वीं जयंती पर 'नज़ीर बनारसी यादों के आईने में' पुस्तक का विमोचन

बेनज़ीर थे नज़ीर 'बनारसी' - संकट मोचन मंदिर महंत प्रो. विश्वम्भरनाथ मिश्र

नज़ीर 'बनारसी' की शायरी व कविताएँ आगामी पीढ़ियों के लिए धरोहर - पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

Sunday, November 27, 2022

Constitution Day : डाक विभाग ने मनाया 'संविधान दिवस', 'भारत : लोकतंत्र की जननी' थीम पर हुआ आयोजन

डाक विभाग द्वारा वाराणसी परिक्षेत्र के सभी डाकघरों और प्रशासनिक कार्यालयों में 'संविधान दिवस' मनाया गया। क्षेत्रीय कार्यालय में वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने सभी अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ, संविधान की उद्देशिका का पाठ और वाचन किया, जिसे सभी ने दोहराते हुए संविधान में निहित मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की। इस वर्ष 'संविधान दिवस' की थीम 'भारत : लोकतंत्र की जननी' है। तमाम डाककर्मियों ने ऑनलाइन उद्देशिका का वाचन और क्विज प्रतियोगिता में भी भाग लिया।

इस अवसर पर पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि, भारतीय संविधान विश्व का सबसे बड़ा संविधान ही नहीं, विश्व के लोकतान्त्रिक इतिहास का अद्वितीय दस्तावेज है। हमारे संविधान का प्रत्येक अनुच्छेद हर नागरिक के अधिकारों की गारंटी है और कर्तव्य का पवित्र स्मरण है। श्री यादव ने कहा कि हमारा संविधान समानता के अधिकार और लोकतांत्रिक दृष्टिकोण के साथ प्रगति व समृद्धि का रास्ता दिखाता है। संविधान में निहित भावना को अंगीकार करके ही हम लोगों का कल्याण कर सकते हैं।

इस अवसर पर सहायक निदेशक राम मिलन, ब्रजेश शर्मा, लेखाधिकारी महेंद्र प्रताप वर्मा, डाक निरीक्षक श्रीकान्त पाल, वीएन द्विवेदी, निजी सचिव राकेश कुमार, राजेन्द्र प्रसाद यादव, राहुल वर्मा, शम्भु प्रसाद गुप्ता, शशिकांत वर्मा, रामचंद्र यादव, अजिता कुमारी, अभिलाषा  सहित तमाम अधिकारियों-कर्मचारियों ने संविधान दिवस पर शपथ ली।





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Department of Posts celebrated 'Constitution Day', organized on the theme 'India: The Mother of Democracy'

Beautiful coordination of rights and duties in the Constitution of India - Postmaster General Krishna Kumar Yadav

'Constitution Day' was celebrated by the Department of Posts in all the post offices and administrative offices of Varanasi Region. In the Regional office, Postmaster General of Varanasi Region Shri Krishna Kumar Yadav, along with all the officers and employees, read and recited the Preamble of the Constitution, reiterating the same everyone expressed their commitment to the values ​​enshrined in the Constitution. This year the theme of 'Constitution Day' is 'India: The Mother of Democracy'. Postal employees also took part in online preamble reading and quiz competition.

Highlighting about the Indian Constitution, Postmaster General Mr. Krishna Kumar Yadav said that the Constitution of India is not only the largest constitution in the world but also a unique document in the democratic history of the world. Each article of our Constitution is a guarantee of the rights of every citizen and a sacred reminder of the duty. Mr. Yadav said that rights and duties are correlative and inseparable. Our constitution shows the path of progress and prosperity with equal rights and democratic approach. We can do the welfare of the people only by adopting the spirit enshrined in the constitution.

On this occasion, Assistant Director Ram Milan, Brijesh Sharma, Senior Accounts Officer Mahendra Pratap Verma, Inspector Posts Shrikant Pal, VN Dwivedi, Private Secretary Rakesh Kumar, Rajendra Prasad Yadav, Rahul Verma, Shambhu Prasad Gupta, Shashikant Verma, Ramchandra Yadav, Ajita Kumari, Abhilasha Including all the officers and employees took pledge on the Constitution Day to promote the constitutional values in our society .