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Sunday, December 15, 2019

'Nanyatha' makes Letter Boxes smart : Post Offices begin e-monitoring of letter boxes by ‘Nanyatha’ in Lucknow

In the era of new technology now Letter Boxes will be getting smart. This is now possible with the implementation of the Electronic Monitoring of Letter Box Clearance through the Nanyatha software developed by Department of Posts. The programme helps to know the status of letters dropped in the box and functioning of the delivery system in the postal network through Internet.

Mr. Krishna Kumar Yadav, Director Postal Services, Lucknow HQ Region told that Real time based and GPS enabled mobile software ‘Nanyatha’ is aimed at monitoring the clearance of letter boxes planted at various locations attached to post offices. This application helps in uploading the data about the location of  Letter Box, date and time of clearance, Number of letters and the person who has cleared  to the web MIS having the address https://appost.in/nanyatha, when  the bar code is scanned using a smart phone.  
Explaining the system, Director Mr. Krishna Kumar Yadav said that in Lucknow City there are 201 letter boxes, each letter box is assigned a unique barcode consisting of a pin code followed by a twelve-digit serial number. After capturing the location, letter box attendant opens it, counts the number of letters inside, and scans the barcode fixed inside through the hand set by using the installed android application. Then the attendant enters his/her name and the number of articles cleared through the app on the smartphone, which gets uploaded on the server, said Mr. Yadav.

This software also facilitates the members of public to know the states of letter clearance which is posted in a particular letter box. With this software, customers by a click of mouse can know whether the letters dropped by them in letter boxes are collected or not. It is also possible to know the date, time and name of the postman who picked up the letters, said Mr. Yadav. It also provides MIS to the Postal department to know the volume of letters posted in a letter box and thereby to rationalize the letter boxes. 
'Nanyatha' makes Postal Letter Boxes smart (Courtesy : The Pioneer, Lucknow)

Department of Posts begins e-monitoring of letter boxes by ‘Nanyatha’ in Lucknow

Mobile app ‘Nanyatha’ for electronics clearance of letter boxes in Lucknow

Thursday, December 12, 2019

Letter Box clearance by Nanyatha : 'नन्यथा' द्वारा अब स्मार्ट हुई लखनऊ में लेटर बॉक्स से पत्रों की निकासी

वक़्त के साथ कदमताल करते हुए डिजिटल इण्डिया (Digital India) और स्मार्ट गवर्नेंस (Smart Governance) की तरफ कदम बढ़ाते हुए डाक विभाग अब लेटर बॉक्स को भी स्मार्ट बना रहा है। अब लेटर बॉक्स से  पत्रों की निकासी को सॉफ्टवेयर आधारित करके  इसे नई टेक्नालॉजी से जोड़ा जा रहा है। लखनऊ मुख्यालय परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव (Mr. Krishna Kumar Yadav, Director Postal Services, Lucknow HQ Region) ने  बताया  कि 'नन्यथा' (Nanyatha) सॉफ्टवेयर के जरिये लेटर बॉक्स की मेकेनाइज्ड निकासी व्यवस्था आरम्भ की गई है। श्री यादव ने कहा कि रीयल टाइम आधारित और जीपीएस से लैस इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से जहाँ पत्रों की निकासी की नियमित मॉनिटरिंग हो सकेगी, वहीं आम जन भी http://www.appost.in/nanyatha/ वेबसाइट पर जाकर अपने क्षेत्र के लेटर बॉक्स की अवस्थिति के साथ-साथ यह देख सकेंगे कि उनके क्षेत्र का लेटर बॉक्स प्रतिदिन नियमित रूप से खुलता है या नहीं और इसमें से कितने पत्र निकलते हैं। पारदर्शिता के साथ-साथ इससे डाक विभाग को लेटर बाक्सों के औचित्य स्थापन में भी सुविधा मिलेगी।  

डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने इसकी कार्यप्रणाली के बारे में बताया कि, इसके तहत हर लेटर बॉक्स (Letter Box) के अंदर 12 अंकों  का यूनिक बार कोड लगाया जाता है, जिसमें प्रारम्भिक 6 अंक पिनकोड (Pincode) को दर्शाते हैं। डाककर्मी किसी भी लेटर बॉक्स से पत्रों की निकासी करेगा तो पहले वह अपने पास स्थित एंड्रायड बेस्ड स्मार्ट मोबाइल फोन में  स्थित 'नन्यथा एप' (NANYATHA Mobile App) से उस लेटर बॉक्स के बार कोड को स्कैन करके उसमें निकले  कुल पत्रों की संख्या को उसी स्थान से अपलोड करेगा। इससे लेटर बॉक्स की लोकेशन सहित पत्रों की संख्या व निकासी की तारीख और समय सॉफ्टवेयर के माध्यम से तुरंत अपलोड हो जायेगा। फिलहाल, इसे नगरीय सीमा के भीतर अवस्थित डाकघरों में आरम्भ किया गया है। लखनऊ (Lucknow) में इस तरह के कुल 201 लेटर बॉक्स हैं, जिनमें से 155 लखनऊ मंडल के अधीन और 46 जीपीओ के अधीन हैं।  

निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि लेटर बॉक्स निकासी की इस  व्यवस्था से  आम जनता को यह आसानी से पता लग जाएगा कि जिस लेटर बॉक्स में पत्र डाला गया है उसकी निकासी कितने बजे हुई। इसके अलावा किसी क्षेत्र विशेष में  स्थित लेटर बॉक्स की निकासी प्रतिदिन समयानुसार हो रही है अथवा नहीं की सूचना विभाग के साथ साथ जनता को भी उपलब्ध हो जाएगी, जिससे इस कार्य  में  और अधिक पारदर्शिता आएगी।  यही नहीं इस व्यवस्था से प्रत्येक लेटर बॉक्स में  कितने पत्र (Letters) पोस्ट किए गए इत्यादि से संबंधित आँकड़ों का डाटाबेस उपलब्ध हो सकेगा तथा डाक विभाग (Department of Posts) को यह सुनिश्चित करने में आसानी रहेगी कि किस क्षेत्र में  लेटर बॉक्स लगवाने की अधिक आवश्यकता है। इससे जनता की शिकायतों में भी  कमी आएगी।











अब स्मार्ट हुई  लेटर बॉक्स से पत्रों की निकासी : 'नन्यथा' सॉफ्टवेयर के माध्यम से लेटर बॉक्स की मेकेनाइज्ड निकासी व्यवस्था

संचार के सबसे पुराने माध्यम 'लेटर बॉक्स' का नवीनतम माध्यम 'स्मार्ट फोन' से हुआ मिलन

पारदर्शिता के साथ-साथ डाक विभाग को लेटर बाक्सों के औचित्य स्थापन में भी हुई सुविधा-डाक निदेशक केके यादव



Friday, September 23, 2016

संचार के सबसे पुराने माध्यम 'लेटर बॉक्स' का नवीनतम माध्यम 'स्मार्ट फोन' से हुआ मिलन

लेटर बॉक्स किसी परिचय का मोहताज नहीं है। सड़क के किनारे, लाल रंग का एक बॉक्स, जो बिना किसी मौसम की परवाह किये हम-सभी के सुख-दुःख को आगे बढ़ाता है। पत्र, खत या चिट्ठी जो भी कहें,  कभी संचार का पर्याय माना जाता था यह लाल बॉक्स।  पर जैसे-जैसे टेक्नॉलाजी बदलती गई, लोग इसे भी भूलते गए।  पर लेटर बॉक्स अभी भी वहीं पर है।  हो सकता है, इसमें पड़ने वाली चिट्ठियों की संख्या कम हो गई हो, पर यह अभी भी लोगों की सेवा करने के लिए तत्पर है।  तभी तो लोग यह शिकायत लेकर आते हैं कि हमारे इलाके का लेटर बॉक्स कई दिनों से नहीं खुल रहा है या हमारे क्षेत्र में भी एक लेटर बॉक्स लगवा दीजिये। 

 लेटर बॉक्स लोगों के स्टेट्स का भी प्रतीक है। जिनके घर के सामने लेटर बॉक्स लगे होते हैं, वे लोगों को सगर्व बताते हैं कि लेटर बॉक्स के सामने वाला घर ही तो हमारा है या लेटर बॉक्स वाली गली से मुड़ लीजियेगा। पत्र लेखन की विधा को जिन्दा रखने में लेटर बॉक्स का बड़ा महत्व है।  न जाने कितनी खट्टी-मीठी यादें अपने में सहेजे हुए है लेटर बॉक्स। खुशामदी से लेकर शिकवा-शिकायत तक को अपने में सहेज कर रखता है। 

मुझे एक घटनाक्रम याद आता है, जब हर सुबह डाकिया लेटर बॉक्स से पत्र निकलने जाता तो उसे सिंदूरी रंग से रँगा हुआ और फूलों के हार के साथ पाता। जब यह लंबे समय तक यह होता रहा तो डाकिया ने एक दिन ठान ही लिया कि इसका पता लगाकर रहेगा। भोर में ही वह वहां छुपकर बैठ गया।  कुछ देर बाद देखा कि एक महिला वहां आकर लेटर बॉक्स को सिंदूरी रंग से पोतकर उस पर फूल चढ़ा रही है।  वह दौड़कर उस महिला के पास  गया और इसका कारण पूछा तो उस महिला का मासूम जवाब सुनकर डाकिया भी हतप्रभ रह गया-" यह लेटर बॉक्स तो हमारे लिए हनुमान जी का रूप है। इसमें हम परदेश  में रह रहे अपने पिया को चिट्ठी डालते हैं और यह हनुमान जी की तरह उनके पास पहुँचा आता है। मुझे अपने पिया से यह जोड़ता है।" 

खैर, वक़्त के साथ कदमताल करते हुए डाक विभाग अब लेटर बॉक्स को भी स्मार्ट बना रहा है। अब लेटर बॉक्स से पत्रों की निकासी को साफ्टवेयर आधारित मोबाईल एप 'नन्यथा' (Nanyatha) से जोड़कर  इसे नई टेक्नालॉजी से जोड़ा जा रहा है।  इसी क्रम में पिछले दिनों कई प्रधान डाकघरों में इसके शुभारम्भ के लिए जाना हुआ। फूल-माला से सजे-धजे लेटर बॉक्स अपनी अलग ही रंगत बिखेर रहे थे। स्टाफ के लोगों का कहना था कि डाक विभाग की सबसे बड़ी पहचान लेटर बॉक्स हैं, पर उन्होंने पहली बार इसे फूलों से इतना सजा-धजा और सुवासित देखा। डाकघर आने वाले लोग और रोड से गुजर रहे भी एकबारगी ठिठक कर इस पुष्पहार से सुसज्जित लेटर बॉक्स को जरूर देखते। कोई पूछता कि क्या आज लेटर बॉक्स का जन्मदिन है तो नई पीढ़ी के लोग इसके साथ शान से अपनी सेल्फी लेते। ...... आखिर, संचार के  सबसे पुराने माध्यम 'लेटर बॉक्स' का नवीनतम माध्यम 'स्मार्ट फोन' से मिलन जो हो रहा था। 


रीयल टाइम आधारित और जीपीएस से लैस इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से जहाँ लेटर बॉक्स से पत्रों की निकासी की नियमित मॉनिटरिंग हो सकेगी, वहीं आम जन भी http://www.appost.in/nanyatha/ वेबसाइट पर जाकर अपने क्षेत्र के लेटर बॉक्स की अवस्थिति के साथ-साथ यह देख सकेंगे कि उनके क्षेत्र का लेटर बॉक्स प्रतिदिन नियमित रूप से खुलता है या नहीं और इसमें से कितने पत्र निकलते हैं। पारदर्शिता के साथ-साथ इससे डाक विभाग को लेटर बाक्सों के औचित्य स्थापन में भी सुविधा मिलेगी।



इसके तहत हर लेटर बॉक्स के अंदर 12 अंकों  का यूनिक बार कोड लगाया जायेगा, जिसमें प्रारम्भिक 6 अंक पिनकोड को दर्शायेंगे। डाककर्मी किसी भी लेटर बॉक्स से पत्रों की निकासी करेगा तो पहले वह अपने पास स्थित एंड्रायड बेस्ड स्मार्ट मोबाइल फोन में  स्थित 'नन्यथा एप' से उस लेटर बॉक्स के बार कोड को स्कैन करके उसमें निकले  कुल पत्रों की संख्या को उसी स्थान से अपलोड करेगा | इससे लेटर बॉक्स की लोकेशन सहित पत्रों की संख्या व निकासी की तारीख और समय सॉफ्टवेयर के माध्यम से तुरंत अपलोड हो जायेगा।

Sunday, August 28, 2016

Mobile app ‘Nanyatha’ for electronics clearance of letter boxes in Jodhpur launched by Director Postal Services KK Yadav


In the era of new technology now Letter Boxes will be getting smart. This is now possible with the implementation of the Electronic Monitoring of Letter Box Clearance through the Nanyatha software developed by Department of Posts. The programme helps to know the status of letters dropped in the box and functioning of the delivery system in the postal network through Internet.


Launching the service at Jodhpur Head Post Office on 27 August, 2016 Krishna Kumar Yadav, Director Postal Services, Rajasthan Western Region, Jodhpur said that Real time based and GPS enabled mobile software ‘Nanyatha’ is aimed at monitoring the clearance of letter boxes planted at various locations attached to post offices. This application helps in uploading the data about the location of  Letter Box, date and time of clearance, Number of letters and the person who has cleared  to the web MIS having the address https://appost.in/nanyatha, when  the bar code is scanned using a smart phone.  




Explaining the system, Director Mr. Krishna Kumar Yadav said that each letter box is assigned a unique barcode consisting of a pin code followed by a twelve-digit serial number. After capturing the location, letter box attendant opens it, counts the number of letters inside, and scans the barcode fixed inside through the hand set by using the installed android application. Then the attendant enters his/her name and the number of articles cleared through the app on the smartphone, which gets uploaded on the server, said Mr. Yadav.


This software also facilitates the members of public to know the states of letter clearance which is posted in a particular letter box. With this software, customers by a click of mouse can know whether the letters dropped by them in letter boxes are collected or not. It is also possible to know the date, time and name of the postman who picked up the letters, said Mr. Yadav. It also provides MIS to the Postal department to know the volume of letters posted in a letter box and thereby to rationalize the letter boxes.

In Jodhpur City 113 letter boxes are installed, where everyday more than 3,000 letters are posted by public. In First phase 22 letter boxes in the jurisdiction of Jodhpur Head Post Office have been covered under this scheme. “We will implement it first in Jodhpur and later, scale it up to the entire Western Region,” Mr. Yadv said.

Saturday, August 27, 2016

अब स्मार्ट होगी लेटर बॉक्स से पत्रों की निकासी : 'नन्यथा' सॉफ्टवेयर के माध्यम से लेटर बॉक्स की मेकेनाइज्ड निकासी व्यवस्था का डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव ने जोधपुर में किया शुभारंभ

वक़्त के साथ कदमताल करते हुए डिजिटल इण्डिया और स्मार्ट गवर्नेंस की तरफ कदम बढ़ाते हुए डाक विभाग अब लेटर बॉक्स को भी स्मार्ट बना रहा है। अब लेटर बॉक्स से  पत्रों की निकासी को सॉफ्टवेयर आधारित करके  इसे नई टेक्नालॉजी से जोड़ा जा रहा है।  इसी क्रम में  राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने  जोधपुर प्रधान डाकघर में 27 अगस्त को 'नन्यथा' (Nanyatha) सॉफ्टवेयर के जरिये लेटर बॉक्स की मेकेनाइज्ड निकासी व्यवस्था का शुभारंभ किया। श्री यादव ने कहा कि रीयल टाइम आधारित और जीपीएस से लैस इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से जहाँ पत्रों की निकासी की नियमित मॉनिटरिंग हो सकेगी, वहीं आम जन भी http://www.appost.in/nanyatha/ वेबसाइट पर जाकर अपने क्षेत्र के लेटर बॉक्स की अवस्थिति के साथ-साथ यह देख सकेंगे कि उनके क्षेत्र का लेटर बॉक्स प्रतिदिन नियमित रूप से खुलता है या नहीं और इसमें से कितने पत्र निकलते हैं। पारदर्शिता के साथ-साथ इससे डाक विभाग को लेटर बाक्सों के औचित्य स्थापन में भी सुविधा मिलेगी। 


डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने  इस नई व्यवस्था के बारे में विस्तार से चर्चा करते हुए बताया कि, इसके तहत हर लेटर बॉक्स के अंदर 12 अंकों  का यूनिक बार कोड लगाया जायेगा, जिसमें प्रारम्भिक 6 अंक पिनकोड को दर्शायेंगे। डाककर्मी किसी भी लेटर बॉक्स से पत्रों की निकासी करेगा तो पहले वह अपने पास स्थित एंड्रायड बेस्ड स्मार्ट मोबाइल फोन में  स्थित 'नन्यथा एप' से उस लेटर बॉक्स के बार कोड को स्कैन करके उसमें निकले  कुल पत्रों की संख्या को उसी स्थान से अपलोड करेगा | इससे लेटर बॉक्स की लोकेशन सहित पत्रों की संख्या व निकासी की तारीख और समय सॉफ्टवेयर के माध्यम से तुरंत अपलोड हो जायेगा।  



निदेशक श्री यादव ने कहा कि लेटर बॉक्स निकासी की इस नई व्यवस्था के लागू होने से अब आम जनता को यह आसानी से पता लग जाएगा कि जिस लेटर बॉक्स में पत्र डाला गया है उसकी निकासी कितने बजे हुई। इसके अलावा किसी क्षेत्र विशेष में  स्थित लेटर बॉक्स की निकासी प्रतिदिन समयानुसार हो रही है अथवा नहीं की सूचना विभाग के साथ साथ जनता को भी उपलब्ध हो जाएगी, जिससे इस कार्य  में  और अधिक पारदर्शिता आएगी।  यही नहीं इस व्यवस्था से प्रत्येक लेटर बॉक्स में  कितने पत्र पोस्ट किए गए इत्यादि से संबंधित आँकड़ों का डाटाबेस उपलब्ध हो सकेगा तथा डाक विभाग को यह सुनिश्चित करने में आसानी रहेगी कि किस क्षेत्र में  लेटर बॉक्स लगवाने की अधिक आवश्यकता है। इससे जनता की शिकायतों में भी  कमी आएगी।

डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने यह भी बताया कि जोधपुर जिला मुख्यालय पर 113 लेटर बॉक्स लगे हुए है जिसमें आम जनता प्रतिदिन लगभग 3,000 से 3,500 तक पत्र पोस्ट करती है| उन्होंने कहा कि यह सेवा आरंभ मे जोधपुर प्रधान डाकघर में आरम्भ की जा रही है, जिसके अधीन कुल 22 लेटर बॉक्स लगे हुए हैं।  श्री यादव ने कहा कि शीघ्र ही शास्त्री नगर, नंदन वन, कचहरी, रेजीडेंसी रोड सहित तमाम डाकघरों में यह तकनीक आरम्भ की जाएगी। राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र के अधीन सभी 13 जिलों में भी इस सेवा को आरम्भ किया जायेगा, जिनमें जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर, चुरू, झुञ्झुनु, नागौर, पाली, सीकर, सिरोही, जालोर, हनुमानगढ़ एवं श्रीगंगानगर जिले शामिल है।

इस अवसर पर सीनियर पोस्टमास्टर एल. एस. पटेल, सहायक निदेशक इशरा राम, सहायक डाक अधीक्षक  विनय कुमार खत्री, डाक निरीक्षक राजेंद्र सिंह भाटी सहित तमाम विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

लेटर बॉक्स जीपीएस से जुड़े, घर बैठे जान सकेंगे कब निकली डाक (साभार : दैनिक भास्कर, 28 अगस्त 2016)

लेटर बॉक्स की मेकेनाइज्ड निकासी व्यवस्था शुरू (साभार : राजस्थान पत्रिका, 28 अगस्त 2016)

अब लेटर बॉक्स से पत्रों की निकासी होगी स्मार्ट (साभार : दैनिक नवज्योति, 28 अगस्त 2016)

अब स्मार्ट होगी लेटर बॉक्स से पत्रों की निकासी 
'नन्यथा' सॉफ्टवेयर के माध्यम से लेटर बॉक्स की मेकेनाइज्ड निकासी व्यवस्था का डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव ने जोधपुर में किया शुभारंभ (साभार : दैनिक युगपक्ष,28 अगस्त 2016)

स्मार्ट होगी लेटर बॉक्स से पत्रों की निकासी (साभार : राष्ट्रदूत, 28 अगस्त 2016)