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Monday, October 4, 2010

डाक टिकटों में भी दिख रहा है राष्ट्रमंडल खेलों का जलवा


19वें राष्ट्रमंडल खेल-2010 को आकर्षक व यादगार बनाने के लिए भारतीय डाक विभाग ने टेनिस, तीरंदाजी, हाकी और एथलेटिक्स पर चार डाक-टिकटों का एक विशेष सेट इसके उद्घाटन दिवस पर 03 अक्टूबर,2010 को जारी किया है। 5 रू0 प्रति डाक टिकट मूल्य वाली ये डाक टिकटें इंडिया सिक्योरिटी प्रेस हैदराबाद में वेट-आफसेट तकनीक द्वारा मुद्रित हैं एवं कुल 4 लाख प्रत्येक डाक टिकट जारी किए गए हैं। इस डाक टिकट के साथ ही प्रथम दिवस आवरण व विवरणिका भी जारी की गई है। विवरणिका में 19वें राष्ट्रमंडल खेल, 2010 के बारे में संक्षिप्त जानकारी दी गई है, वहीँ प्रथम दिवस आवरण पर बैक-ग्राउंड में एयरोस्टेट के चित्र के साथ तीन पदक और राष्ट्रमंडल खेलों का लोगो अंकित है.

गौरतलब है कि इससे पूर्व भारतीय डाक द्वारा विभाग द्वारा शेरा, क्वींस बेटन, तालकटोरा स्टेडियम और जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम पर पहले ही डाक टिकट जारी किया जा चुका है । 25 जून 2010 को राष्ट्रमंडल खेलों पर दो डाक टिकट जारी किये गए थे. इसी दिन क्वीन्स बैटन सभी राष्ट्रमंडल देशों में भ्रमण के बाद भारत पहुँची। इन डाक टिकटों पर क्वीन्स बैटन एवं दूसरे डाक टिकट में दिल्ली के इंडिया गेट की पृष्ठभूमि में गौरवान्वित शेरा को बैटन पकड़े हुए चित्रित किया गया है। क्रमशः 20 और 5 रू0 में जारी ये डाक टिकट इंडिया सिक्योरिटी प्रेस नासिक में फोटोग्रेव्यार तकनीक द्वारा मुद्रित हैं एवं कुल 8 लाख डाक टिकट जारी किए गए. इन डाक टिकटों के साथ-साथ मिनिएचर शीट भी जारी की गई, जिसकी कीमत रू0 25/- है। इसके बाद तालकटोरा स्टेडियम और जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम पर 1 अगस्त, 2010 को 5-5 रूपये के डाक टिकट जारी किये गए, जो कि प्रति डाक टिकट 4-4 लाख जारी किये गए हैं और इंडिया सिक्योरिटी प्रेस नासिक में वेट-आफसेट तकनीक द्वारा मुद्रित हैं. इन डाक टिकटों के साथ भी मिनिएचर शीट जारी की गई.

सामान्यतः डाक टिकट एक छोटा सा कागज का टुकड़ा दिखता है, पर इसका महत्व और कीमत दोनों ही इससे काफी ज्यादा है. डाक टिकट वास्तव में एक नन्हा राजदूत है, जो विभिन्न देशों का भ्रमण करता है एवम् उन्हें अपनी सभ्यता, संस्कृति और विरासत से अवगत कराता है। यही कारण है कि इन डाक-टिकटों का लोगों में बखूबी क्रेज है और विदेशी खिलाड़ी इन्हें स्मृति-चिन्ह के रूप में अपने देश ले जाना चाहते हैं । आज इनकी कीमत भले ही पांच या 20 रुपए है लेकिन भविष्य में ये बहुमूल्य हो जाएंगे। डाक टिकट संग्रह का शौक रखने वाले लोग तो इन्हें भारी संख्या में खरीद रहे हैं। आने वाले दिनों में वाकई यह एक अमूल्य और ऐतिहासिक धरोहर होगी !!

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19वें राष्ट्रमंडल खेलों का आयोजन 3 अक्तूबर से 14 अक्तूबर, 2010 तक दिल्ली में किया जा रहा है । 1951 तथा 1982 में दिल्ली में हुए एशियाई खेलों के बाद दिल्ली में आयोजित होने वाला यह विशालतम बहुस्पर्धात्मक खेल आयोजन हो रहा है. यह भारत में राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन का पहला अवसर है, जिसमें 85 देश 17 खेल वर्गों में होने वाली 260 स्पर्धाओं में शामिल होंगें. राष्ट्रमंडल खेल, 2010 का आधिकारिक नारा है, “कम आऊट एंड प्ले“ अर्थात् “उठो, खेलो, जीतो“। यह भारत तथा राष्ट्रमंडल समूह के देशों के हर वर्ग के प्रत्येक व्यक्ति के लिए आमंत्रण है कि इन खेलों की सच्ची भावना के अनुरूप इनमें अपनी पूरी क्षमता के साथ शामिल हों।

राष्ट्रमंडल खेल गाँव में भी पोस्ट आफिस

संचार क्रांति के साथ दौड़ लगाती दुनिया कितनी भी तेज भाग ले, पर डाक-सेवाओं के बिना सब कुछ अधूरा है. तभी तो राष्ट्रमंडल खेल गाँव में भी पोस्ट आफिस अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहा है. इस डाक घर का पिन कोड 110090 है । यह कार्यालय इंटरनेशनल जोन की कई दुकानों के बीच स्थित है । 16 सितंबर को खुले इस कार्यालय में स्पीड पोस्ट और पंजीयन सहित सभी प्रमुख सुविधाएं मौजूद हैं । यहां विभिन्न आकार के डाक टिकट भी मौजूद हैं। पोस्ट आफिस को लेकर लोग काफी रोमांचित हैं ओर वे कई सारे डाक टिकट खरीद रहे हैं। गौरतलब है कि भारतीय डाक ने राष्ट्रमंडल खेलों को यादगार बनाने के लिए तमाम डाक टिकट जारी किये हैं. इनमें शेरा, क्वींस बेटन, तालकटोरा स्टेडियम और जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम भी शामिल हैं. खिलाड़ियों के बीच ये डाक टिकट काफी प्रसिद्ध हो रहे हैं और वे इन्हें स्मृति-चिन्ह के रूप में अपने देश ले जाना चाहते हैं । इंग्लैंड टीम की अधिकारी मैगी लिनेस का उत्साह तो देखने लायक है- ‘‘खेल गांव में पोस्ट आफिस होना बहुत फायदेमंद है । हर कोई यहां से अपने घर कुछ न कुछ भेजना चाहता है ।’’ मैगी ने कहा कि वह अपने घर रंगीन पोस्टकार्ड और पत्र भेज रही हैं ।....तो आप भी इस डाक-घर से अपने लोगों को खूबसूरत पत्र भेजिए, जिन पर राष्ट्रमंडल से जुड़े डाक-टिकट लगे हों, वाकई यह एक अमूल्य और ऐतिहासिक धरोहर होगी !!

Wednesday, August 4, 2010

कामनवेल्थ खेलों पर जारी डाक-टिकटों का क्रेज

भारत इस वर्ष राष्ट्रमंडल खेलों का आयोजन कर रहा है और काॅमनवेल्थ खेल-2010 को आकर्षक व यादगार बनाने के लिए भारतीय डाक विभाग ने भी दो स्मारक डाक टिकट जारी किए हैं। गौरतलब है कि क्वीन्स बैटन के साथ रत्नजड़ित बक्से में ब्रिटेन के महारानी के संदेश को रखा गया है और इस संदेश को प्राचीन भारतीय पत्रों के प्रतीक 18 कैरट सोने की पत्ती में लेजर से मीनिएचर के रूप में उकेरा गया है ताकि इसे आसानी से प्रयोग किया जा सके। इन डाक टिकटों पर क्वीन्स बैटन एवं दूसरे डाक टिकट में दिल्ली के इंडिया गेट की पृष्ठभूमि में गौरवान्वित शेरा को बैटन पकड़े हुए चित्रित किया गया है। क्रमशः 20 और 5 रू0 में जारी ये डाक टिकट इंडिया सिक्योरिटी प्रेस नासिक में फोटोग्रेव्याॅर तकनीक द्वारा मुद्रित है एवं कुल 8 लाख डाक टिकट जारी किए गए हैं। इन डाक टिकटों के साथ-साथ मिनिएचर शीट भी जारी की गई है, जिसकी कीमत रू0 25/- है। यह डाक टिकट 25 जून 2010 को जारी किए गए, जिस दिन क्वीन्स बैटन सभी राष्ट्रमंडल देशों में भ्रमण के बाद भारत पहुँची। फ़िलहाल लोगों में इन डाक टिकटों का खूब क्रेज देखा जा रहा है !!