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Sunday, January 22, 2017

शुभकामना संदेशों में भी प्रधानमंत्री मोदी जी भ्रष्टाचार और काला धन के विरुद्ध लड़ने का कर रहे आह्वान

भ्रष्टाचार और काला धन के विरुद्ध प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी अपने अभियान के प्रति दृढ संकल्पित दिखते हैं। तभी तो इस बार नव वर्ष के शुभकामना सन्देश के साथ वे इसके विरुद्ध भी अलख जगाने का आह्वान कर रहे हैं। इसी क्रम में राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएँ श्री कृष्ण कुमार यादव सहित तमाम अधिकारियों को स्पीड पोस्ट द्वारा भेजे गए पत्र में  जहाँ प्रधानमंत्री मोदी जी ने नव वर्ष की शुभकामनाओं के लिए आभार व्यक्त करते हुए अपनी तरफ से भी शुभकामनाएँ प्रेषित की हैं, वहीं भ्रष्टाचार और काला धन को समाज से ख़त्म करने के लिए कंधा से कन्धा मिलाने का भी आह्वान किया है। उन्होंने लिखा है कि जिस तरह भारत की 125 करोड़ जनता ने इस अभियान को समर्थन दिया है, वह देश को नई ऊँचाइयों की तरफ ले जायेगा। मोदी जी ने अपने पत्र में यह भी आग्रह  किया है कि जहाँ तक सम्भव हो आर्थिक लेनदेन के लिए डिजिटल साधनों का इस्तेमाल करें और अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रोत्साहित करें। 

डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि प्रायः हर साल तमाम प्रतिष्ठित शख्शियतों को शुभकामना सन्देश भेज जाता है और उनके जवाब भी आते हैं। परंतु शुभकामना पत्रों के माध्यम से किसी सन्देश को प्रसारित करने की यह शैली अनोखी है और इससे संवाद का एक नया जरिया भी मिलता है। 





Tuesday, December 13, 2016

नोटबंदी के बाद जोधपुर रीज़न के डाकघरों में खुले साढ़े 36 हजार से ज्यादा नये खाते, लगभग 8 अरब 71 करोड़ रूपये की राशि हुई जमा

नोटबंदी के बाद डाकघरों में लोगों ने तमाम नये खाते खुलवाये। एक तरफ डाकघरों के माध्यम से पुराने नोट एक्सचेंज करवाये गये वहीं अपने खातों में लोगों ने 500 व 1000 रूपये के पुराने सीरीज के नोट भी जमा किये।

राजस्थान पश्चिम क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि नोटबंदी के बाद डाक विभाग ने लोगों को डाकघरों में खाते खुलवाने हेतु विशेष कैंप लगाए तथा ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर जाकर लोगों को खाते खोलने हेतु प्रेरित किया। इसके तहत अकेले नवम्बर माह में साढ़े 36 हजार से ज्यादा नये खाते खोले गये, जबकि अक्टूबर माह में मात्र 27 हजार नये खाते ही खुले थे। गौरतलब है कि वर्तमान में जोधपुर रीज़न के अधीन डाकघरों में लगभग साढ़े 78 लाख खाते संचालित हैं। डाकघरों में मात्र 50 रूपये में बचत खाते खुलवाये जा सकते हैं और जहाँ पर एटीएम सुविधा उपलब्ध है, वहाँ तत्काल ही इन खातों को एटीएम से भी जोड़ा जा रहा है, ताकि पैसे निकालने में खाताधारकों को परेशानी न हो।  

डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि नोटबंदी के बाद जोधपुर रीज़न के डाकघरों में 500 व 1000 रूपये की पुरानी सीरीज के कुल 01 अरब 63 करोड़ 26 लाख रूपये लोगों द्वारा एक्सचेंज कराये गये। इसी प्रकार अब तक 500 व 1000 रूपये के लगभग 08 अरब 71 करोड़ 54 लाख  रूपये लोगों द्वारा अपने खातों में जमा करवाये गये।

डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि सामाजिक और आर्थिक समावेशन में डाक विभाग की अहम भूमिका है। ऐसे में विशेषकर ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को बचत योजनाओं के तहत प्रोत्साहित करते हुये उनके खाते डाकघरों में खुलवाने का अभियान चलता रहेगा। ग्रामीण लोगों को अटल पेंशन योजना और प्रधानमंत्री जन सुरक्षा बीमा योजना के लाभों से रूबरू कराते हुये इससे भी जोड़ा जा रहा है।





Monday, December 5, 2016

बिस्तर पर लेटे 600 मरीजों के नोट बदलने खुद पहुँच गए डाक निदेशक


नोटबंदी से परेशान लोगों की मदद के लिए कई लोग कार्य कर रहे थे, लेकिन ये तीन अफ़सर ऐसे थे जिन्होंने आउट ऑफ़ वे जाकर न केवल हजारों लोगों की अपने-अपने तरीके से मदद की बल्कि नोटबंदी से परेशान लोगों की मदद के लिए दफ़्तरों से निकल उन्हीं के सामने पहुँच गए।
(बिस्तर पर लेटे 600 मरीजों के नोट बदलने खुद पहुँच गए डाक निदेशक) 

राजस्थान पश्चिम क्षेत्र डाक सेवा के निदेशक क़ृष्ण कुमार यादव के पास नोटबंदी मे जोधपुर सहित 13 जिलों  के 4452 डाकघरों की जिम्मेदारी थी। लोग करेंसी बदलवाने एटीएम और बेंकों की लाइनों मे खड़े थे तो सवाल उठा कि अस्पताल मे भर्ती मरीज कैसे नकदी लाएंगे? बस अगले दिन टीम के साथ पोस मशीन लेकर पहुँच गए जोधपुर के महात्मा गांधी राजकीय अस्पताल। 600 मरीजों को उनके बेड पर जाकर मनी एक्स्चेंज कर मुस्कान दी। फिर उम्मेद अस्पताल में  400 गर्भवतियों के पास जाकर मनी एक्स्चेंज की। ग्रामीणों की मदद के लिए भी जमा विड्राल की खास सुविधा की। 19 दिन में 50 हजार नए खाते खुलवा दिये।

(साभार : दैनिक भास्कर, 5 दिसंबर 2016)

Wednesday, November 23, 2016

पहल : डाक विभाग ने मरीजों का बांटा दर्द, नोटबंदी के बाद अस्पताल पहुँचकर बदली नकदी

नोटबंदी के बाद मरीजों और उनके परिजनों को हो रही परेशानियों को दूर करने के लिए जोधपुर में डाक विभाग के अधिकारी और कर्मचारी अब अस्पतालों में पहुँच रहे हैं। डाक विभाग की ओर से 22 नवम्बर को महात्मा गाँधी राजकीय अस्पताल, जोधपुर में भर्ती मरीजों के 500 और 1,000 रूपये के पुराने नोट बदले गए। राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएँ श्री कृष्ण कुमार यादव ने वार्ड में भर्ती कुछेक मरीजों को अपने हाथों से 100-100 रुपए के नोट देकर इसकी शुरुआत की और तत्पश्चात डाक विभाग के कर्मचारियों ने सभी मरीजों तक इस पहल को पहुँचाया। मरीजों को जब पुराने नोटों की जगह नई  नोटें मिलीं तो उनके चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ गई और परिजनों ने राहत की साँस ली। उन्होंने इसे डाक विभाग द्वारा आरम्भ की कई एक अनूठी और परोपकारी पहल बताया।


निदेशक डाक सेवाएँ श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि डाक विभाग लोगों के सुख-दुःख में बराबर भागीदार है और ऐसे में जो लोग अपने पुराने नोट बदलने के लिए डाकघर या बैंक तक जाने की स्थिति में नहीं हैं, अस्पतालों में उन्हें उनकी जरूरतों के मुताबिक खुले नोट देने के लिए यह पहल की गई है। श्री यादव ने कहा कि यह डाक विभाग के सामाजिक सरोकारों का भी परिचायक है।



महात्मा गाँधी राजकीय अस्पताल, जोधपुर के कार्यवाहक अधीक्षक डॉ. अजय मालवीय ने डाक विभाग की इस पहल की सराहना करते हुये कहा कि इससे मरीजों और उनके परिजनों को काफी सहूलियत होगी। जोधपुर प्रधान डाकघर के सीनियर पोस्टमास्टर श्री लाल शंकर पटेल ने कहा कि मरीजों को परेशानी न हो, इसलिए उनके फॉर्म भरने में भी डाक विभाग के कर्मचारियों ने मदद की, ताकि उन्हें 2000 रुपए तक के खुले पैसे दिये जा सकें। महात्मा गाँधी राजकीय अस्पताल, जोधपुर में भर्ती 300 से ज्यादा मरीजों के नोट बदले गए। दोपहर 11 बजे से आरंभ हुई यह प्रक्रिया शाम तक चली। गौरतलब है कि नोटबंदी के बाद दवा की दुकानों या बाहर जाँच घर में पुरानी नोट नहीं लेने से मरीजों और उनके परिजनों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ता है।

 इस दौरान राजकीय अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. अरुण पुरोहित, सहायक डाक अधीक्षक श्री विनय कुमार खत्री, डाक निरीक्षक श्री सुदर्शन सामरिया, राजेश व्यास, विजय सिंह, अब्दुल समद, हेमंत कुमार, लक्ष्मण सिंह, गोवर्धन राम, अशोक कुमार, मोहन सिंह सहित डाक विभाग और महात्मा गाँधी राजकीय अस्पताल, जोधपुर के तमाम अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे और नोटों के बदलने में सहयोग किया। 


















Tuesday, November 22, 2016

नोटबंदी के बाद जोधपुर के डाकघरों में जमा हुई 1 अरब रूपये से ज्यादा की राशि

भारत सरकार द्वारा 500 और 1,000 रूपये के नोटों के विमुद्रीकरण (demonetisation) और तदनुसार नोटबंदी के बाद डाकघरों में भी 500 और 1,000 रूपये के नोट खूब बदले गए और लोगों ने अपने खातों में  पुराने नोट  भी जमा कराये। राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएँ श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि 10 नवम्बर से आरम्भ हुए इस अभियान के तहत जोधपुर के डाकघरों में 21 नवम्बर तक अपने खातों  में लोगों ने 500 और 1,000 रूपये की  लगभग 1 अरब 9  करोड़ की राशि जमा की।  डाकघरों में एक्सचेंज के तहत इस दौरान  लगभग 28 करोड़ 94 लाख रूपये की राशि बदली गई। 

डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि डाकघर की तमाम बचत योजनाओं -बचत खाता, आवर्ती जमा खाता, सावधि खाता, मासिक जमा योजना, पीपीएफ, सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम, सुकन्या समृद्धि योजना, एन एस सी, किसान विकास पत्र में 500 और 1,000 रूपये के पुराने नोट स्वीकार किये जा रहे हैं। प्रधान डाकघर और उप डाकघरों के अलावा गाँवों में स्थित शाखा डाकघरों में भी  500 और 1,000 रूपये के पुराने नोट सभी बचत योजनाओं हेतु स्वीकार किये जा रहे हैं। ग्रामीण शाखा डाकघरों में पचीस हजार जमा करने की सीमा को भी वर्तमान परिस्थियों में डाक विभाग ने उदार बनाते हुए बढ़ा दिया है। अब गाँव के लोग अपने नजदीकी शाखा डाकघर में जाकर अपने खाते में 500 और 1,000 रूपये के  पुराने नोट जमा कर सकते हैं। जोधपुर डाक मंडल के अधीन कुल 558 डाकघरों में से 473 शाखा डाकघर हैं ।

डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि डाक विभाग द्वारा इस दौरान काफी संख्या में सभी तरह के खाते भी खोले जा रहे हैं। जोधपुर प्रधान डाकघर में खोले जा रहे बचत खातों में तत्काल निशुल्क एटीएम सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे लोग बिना किसी परेशानी के प्रधान डाकघर स्थित एटीएम से राशि निकाल सकते हैं। इसी प्रकार सुकन्या समृद्धि योजना के तहत लोग 10 साल तक की बेटियों का खाता खोलकर साल भर में  एक हजार से डेढ़ लाख रूपये तक जमा कर सकते हैं। इसमें आयकर छूट का भी प्रावधान है।