Showing posts with label डाक-टिकटों पर अभिनेत्रियाँ. Show all posts
Showing posts with label डाक-टिकटों पर अभिनेत्रियाँ. Show all posts

Monday, May 6, 2013

सुरैया, स्मिता पाटिल, देवानंद, राजेश खन्ना, यश चोपड़ा सहित 50 फ़िल्मी हस्तियाँ अब डाक-टिकटों पर




भारतीय सिनेमा के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में भारतीय डाक विभाग ने एक साथ 50 डाक टिकटों की श्रृंखला जारी की है जो कि अब तक का सबसे बड़ा डाक टिकट निर्गम है। इन्हें 6 मिनिएचर शीट में जारी किया गया है। इनमें हिंदी फिल्मों के अभिनेता, अभिनेत्रियाँ, निर्माता निर्देशक, पटकथा और संवाद लेखक, गीतकार- संगीतकार इत्यादि शामिल हैं। इससे पूर्व अभी तक सर्वाधिक 12 डाक टिकट ज्योतिष राशियों पर जारी किये गए थे । जिन प्रमुख हस्तियों पर डाक टिकट जारी हुए हैं, उनमें अभिनेत्रियों में सुरैया, स्मिता पाटिल, दुर्गा खोटे, गीता दत्त, भानुमती इत्यादि तो अभिनेता- निर्देशक में देवानंद, यश चोपड़ा, अशोक कुमार, भालजी पेंढारकर, राजेश खन्ना, शम्मी कपूर, सोहराब मोदी, तपन सिन्हा, सी . वी . श्रीधर इत्यादि शामिल हैं। 3 मई को इसे राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने जारी किया.

पूरी सूची आप यहाँ देख  सकते हैं-

M/S No. 1: Ashok Kumar, Bhalji Pendharkar, Dhirendranath Ganguly, B. N. Sirkar, Bhupen Hazarika, Durga Khote, B. R. Chopra, Dev Anand and Hrishikesh Mukherjee.

M/S No. 2: Majrooh Sultanpuri, Naushad, Nitin Bose, Prithviraj Kapoor, Raichand Boral, Ruby Myers, Sohrab Modi, Tapan Sinha and Yash Chopra.

M/S No. 3: Allu Ramalingiah, Balraj Sahni, C.V. Sridhar, Kamaal Amrohi, Ashok Mehta, Bhanumathi, Chetan Anand and Geeta Dutt.

M/S No. 4: Kannadasan, Mehmood, Nagesh, Prem Nazir, Madan Mohan, Motilal, O. P. Nayyar and R. D. Burman.

M/S No. 5: Raj Khosla, Rajesh Khanna, Salil Chowdhury, Shailendra, Rajendra Kumar, S. V. Ranga Rao, Sanjeev Kumar and Shakeel Badayuni.

M/S No. 6: Shammi Kapoor, Smita Patil, Tarachand Barjatya, Utpal Dutt, Shankar Jaikishan, Suraiya, T. R. Sundaram and Vishnu Vardhan.





Saturday, May 4, 2013

हिंदी सिनेमा के सौ साल पर राष्ट्रपति ने किए 50 फ़िल्मी हस्तियों पर डाक टिकट जारी


भारतीय सिनेमा के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में भारतीय डाक विभाग ने एक साथ पचास  डाक टिकटों की श्रृंखला जारी की है. हिंदी सिनेमा के तमाम प्रमुख स्तंभों को इनमें स्थान दिया गया है. दरअसल  सूचना प्रसारण मंत्रालय ने डाक विभाग से अनुरोध किया था कि वह ऐसे डाक टिकट जारी करे , जो सिनमा के 100 साल के बहुरेंगी पक्षों पर केंद्रित हो और उनकी छवि इनमें दिखे। डाक विभाग ने इस बारे में अपनी सहमति दी और तदनुसार राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने  3 मई को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्करों के वितरण के दौरान इन विशेष डाक टिकटों का अनावरण किया । गौरतलब है कि दादा साहेब फाल्के की पहली फीचर फिल्म राजा हरिश्चंद्र भी इसी दिन रिलीज हुई थी, जिसे पहली हिंदी फिल्म माना  जाता है. 

भारतीय डाक विभाग द्वारा इस अवसर पर पचास डाक टिकट जारी  किया जाना अब तक का सबसे बड़ा डाक टिकट निर्गम है। नमें हिंदी फिल्मों के अभिनेता, अभिनेत्रियाँ, निर्माता निर्देशक, पटकथा और संवाद लेखक, गीतकार- संगीतकार  इत्यादि शामिल हैं। इससे पूर्व अभी तक सर्वाधिक 12 डाक टिकट ज्योतिष राशियों पर जारी किये गए थे । जिन प्रमुख हस्तियों पर डाक टिकट जारी  हुए हैं, उनमें अभिनेत्रियों में सुरैया, स्मिता पाटिल, दुर्गा खोटे, गीता दत्त, भानुमती इत्यादि तो अभिनेता- निर्देशक में  देवानंद, यश चोपड़ा, अशोक कुमार, भालजी पेंढारकर, राजेश खन्ना, शम्मी कपूर, सोहराब मोदी, तपन सिन्हा, सी . वी  . श्रीधर  इत्यादि शामिल हैं।

- कृष्ण कुमार यादव @ www.dakbabu.blogspot.com/ 

(In Picture : The President, Shri Pranab Mukherjee releasing the commemorative postage stamp on 50 iconic film personalities of Indian cinema, at the 60th National Film Awards function, in New Delhi on May 03, 2013. The Union Minister for Communications and Information Technology, Shri Kapil Sibal and the Minister of State (Independent Charge) for Information & Broadcasting, Shri Manish Tewari and the Secretary, Ministry of Information & Broadcasting, Shri Uday Kumar Varma are also seen.)

Friday, May 3, 2013

'डाक टिकट' पर स्थान पाने वाली पहली हिंदी अभिनेत्री थीं नर्गिस दत्त



हिंदी सिनेमा जगत में फिल्म अभिनेत्रियों  में डाक टिकट पर सर्वप्रथम स्थान पाने का सम्मान नर्गिस दत्त को प्राप्त है ।30 दिसंबर, 1993 को अपने जमाने की मशहूर अभिनेत्री नर्गिस दत्त पर भारतीय डाक विभाग द्वारा 1 रुपये मूल्य का स्मारक डाक टिकट जारी किया गया। यही नहीं नर्गिस दत्त को  पद्मश्री से सम्मानित प्रथम हिंदी अभिनेत्री होने  का भी गौरव प्राप्त है।

1 जून, 1929 को ब्रिटिश अधीन भारत के कलकत्ता में जन्मी नर्गिस का वास्तविक नाम फातिमा राशिद था. नर्गिस की माता जद्दनबाई इलाहाबाद की रहने वाली एक शास्त्रीय संगीत गायिका थीं.  नर्गिस के पिता उत्तमचंद मोहनदास एक प्रतिष्ठित डॉक्टर थे. नर्गिस भी अपने पिता जी की तरह डाक्टर बनना चाहती थीं, पर उनकी मां उन्हें हिंदी फिल्मों की तरफ खींच लायीं।

बहुत छोटी उम्र में ही नर्गिस ने अपने फिल्मी सफर की शुरुआत कर ली थी. वर्ष 1935 में उन्होंने तलाश हक नाम की फिल्म में काम किया. इस फिल्म के बाद उन्हें बेबी नर्गिस के नाम से पहचान मिलने लग गई थी. पहली फिल्म के बाद नर्गिस के पास फिल्मों की लाइन लग गई थी. 1940-50 के समय में नर्गिस ने कई बड़ी हिंदी फिल्मों में काम किया जिनमें बरसात, अंदाज, आवारा, दीदार, श्री 420 और चोरी-चोरी आदि प्रमुख हैं. अपने फिल्मी कॅरियर में नर्गिस ने ज्यादातर राज कपूर और दिलीप कुमार के साथ काम किया.

वर्ष 1957 में प्रदर्शित महबूब खान की फिल्म 'मदर इंडिया', नर्गिस के जीवन में मील का पत्थर साबित हुई. इस फिल्म को ऑस्कर के लिए भी नामांकित किया गया. मदर इंडिया के लिए नर्गिस को फिल्म फेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के पुरस्कार से भी नवाजा गया.

 नर्गिस दत्त ने राजकपूर के साथ मिलकर परदे पर प्रेम की एक नई परिभाषा दी। दोनों ने कुल सोलह फिल्मों में एक साथ काम किया और  भारत में ही नहीं विदेशों  में भी यह जोड़ी  काफी लोकप्रिय हुई। बाद में 1958 में नर्गिस दत्त ने सुनील दत्त से शादी कर ली और  न केवल आर0 के0 फिल्म्स को  बल्कि फिल्मी दुनिया को  ही अलविदा कर दिया। नर्गिस दत्त की कई बेहतरीन फिल्में आज भी रुचि के साथ पंसद की जाती हैं। दिवंगत अभिनेत्री नर्गिस दत्त और सुनील दत्त की प्रेम कहानी ने कई लोगों के लिए प्रेरणा का काम किया है। हिंदी फिल्म अभिनेता संजय दत्त और सांसद प्रिया दत्त और नम्रता दत्त  नर्गिस की संतान हैं। दत्त परिवार की बेटियों प्रिया और नम्रता दत्त द्वारा अपने माता-पिता की यादों पर आधारित पुस्तक ‘मिस्टर एंड मिसेज दत्त मेमॉयर ऑफ अवर पैरेंट्स’ काफी चर्चित भी रही है।

अभिनय के साथ-साथ नर्गिस ने अपने सामाजिक दायित्वों को भी बखूबी निभाया था. अपने पति सुनील दत्त के साथ नर्गिस ने अजंता आर्ट्स कल्चर ट्रूप का गठन किया जो भारतीय सैनिकों के मनोरंजन के लिए अपने शो करता था. नर्गिस ने मानसिक रूप से कमजोर बच्चों के लिए भी काम किया. उन्होंने स्पेस्टिक्स सोसाइटी ऑफ इंडिया का निर्माण किया, जिसके बाद वह समाज सेविका के रूप में स्थापित हो गईं.

कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से एक लंबे समय तक जूझने के कारण वह कोमा में चली गईं. 3 मई, 1981 को मुंबई में नर्गिस का देहांत हो गया.

आज उनकी पुण्य तिथि और हिंदी सिनेमा के सौ साल पूरे  होने पर पुनीत स्मरण !!

Friday, March 4, 2011

जब खूबसूरत अभिनेत्रियाँ उतरीं डाक-टिकटों पर

भारतीय डाक विभाग समय-समय पर तमाम विभूतियों पर स्मारक डाक टिकट जारी करता है. इनमें हाल ही में INDIPEX-2011 के दौरान 13 फरवरी, 2011 को भारतीय सिनेमा की छह महान अभिनेत्रियों पर जारी डाक टिकटों का क्रेज खूब दिख रहा है. इन अभिनेत्रियों में मीना कुमारी, नूतन, कानन देवी, देविका रानी, लीला नायडू और सावित्री देवी शामिल हैं।




इससे पूर्व चर्चित अभिनेत्री मधुबाला पर भी वर्ष 2008 में डाक टिकट जारी हो चुका है.






मधुबाला का डाक टिकट तो सोने के डाक टिकट रूप में भी ढाला जा चुका है.


30 दिसंबर, 1993 को पद्मश्री से सम्मानित प्रथम हिंदी अभिनेत्री और अपने ज़माने की मशहूर अभिनेत्री नर्गिस दत्त पर जारी डाक टिकट तो अब ढूंढे हुए भी नहीं मिलते, वाकई बेहतरीन.





फ़िल्मी दुनिया से जुडी तमाम हस्तियों पर डाक टिकट जारी होते रहे हैं और अभी भी उनका क्रेज बरकरार है.