Wednesday, October 9, 2019

World Post Day : विश्व डाक दिवस' पर लखनऊ में जागरूकता रैली का आयोजन

50वें 'विश्व डाक दिवस' के अवसर पर डाक सेवाओं के बारे में जन-जागरूकता लाने और व्यापक प्रचार-प्रसार के क्रम में डाक विभाग द्वारा 9 अक्टूबर को राजधानी लखनऊ में एक विशाल रैली का आयोजन किया गया। उत्तर प्रदेश के चीफ पोस्टमास्टर जनरल श्री कौशलेन्द्र कुमार सिन्हा ने निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव और श्री राजीव उमराव की उपस्थिति में परिमण्डल कार्यालय से हरी झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया। 

इस संबंध में जानकारी देते हुए लखनऊ मुख्यालय परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि, रैली के दौरान डाक विभाग की तमाम योजनाओं को पोस्टर एवं बैनर के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। रैली के दौरान डाककर्मियों द्वारा डाकघरों में दी जा रही  तमाम सेवाओं- स्पीड पोस्ट, बिजनेस पार्सल, बचत बैंक, डाक जीवन बीमा, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक, सुकन्या समृद्धि योजना,  फिलेटली, आधार नामांकन और अपडेशन, पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना,इत्यादि से संबंधित जानकारी देकर लोगों का ध्यान आकृष्ट किया गया। डाक निदेशक श्री यादव ने बताया कि, रैली का उद्देश्य डाक सेवाओं के साथ-साथ भारत सरकार द्वारा चलाई जा रही अन्य योजनाओं- स्वच्छता अभियान, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, डिजिटल इंडिया, वित्तीय समावेशन, सिंगल यूज प्लास्टिक से मुक्ति के बारे में भी जागरूक करना था। 

हजरतगंज स्थित चीफ पोस्टमास्टर जनरल कार्यालय से निकलकर हजरतगंज मेट्रो स्टेशन, अटल चौक, जीपीओ, विधान भवन, भाजपा कार्यालय, नॉवेल्टी, लालबाग होते हुए   रैली चीफ पोस्टमास्टर जनरल कैम्पस में समाप्त हुई। इस अवसर पर चीफ पोस्टमास्टर आर एन यादव, प्रवर डाक अधीक्षक आलोक ओझा, सतर्कता अधिकारी शशि कुमार उत्तम, सहायक निदेशक भोला शाह, एपी अस्थाना, आरके वर्मा, विजेंद्र सहित तमाम अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि लखनऊ रीजन के सभी मंडलों में 9 से 15 अक्टूबर तक राष्ट्रीय डाक सप्ताह का आयोजन किया जाएगा और इस दौरान विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। इस क्रम में 9 अक्टूबर  को  ’विश्व डाक दिवस’, 10 अक्टूबर को बैंकिंग दिवस, 11  अक्टूबर को डाक जीवन बीमा दिवस, 12 अक्टूबर को फिलेटली दिवस, 14 अक्टूबर को व्यवसाय विकास दिवस और 15 अक्टूबर को मेल दिवस के रूप में मनाया जायेगा।

चीफ पोस्टमास्टर आर एन यादव ने बताया कि विश्व डाक दिवस पर विभिन्न स्कूलों के बच्चों ने जीपीओ और चौक प्रधान डाकघर का भ्रमण कर डाक सेवाओं और उनमें आ रहे परिवर्तन के बारे में जाना।

Happy World Post Day

विश्व डाक दिवस (9 अक्टूबर) पर आप सभी को हार्दिक बधाईयाँ और शुभकामनायें !!
Happy World Post Day.





World Post day & National Postal week : विश्व डाक दिवस और राष्ट्रीय डाक सप्ताह का आयोजन

डाक विभाग देश के सबसे पुराने विभागों में से एक है जो कि देश के सामाजिक-आर्थिक विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह एक ऐसा संगठन है जो न केवल देश के भीतर बल्कि देश की सीमाओं से बाहर अन्य देशों तक पहुँचने में भी हमारी  मदद करता है। भूमंडलीकरण की अवधारणा सबसे पहले दुनिया भर में भेजे जाने वाले पत्रों के माध्यम से ही साकार हुई। पूरे विश्व में हर वर्ष 9 अक्टूबर को "अंतर्राष्ट्रीय डाक दिवस" और उसी क्रम में 9-15 अक्टूबर तक भारत में राष्ट्रीय डाक सप्ताह मनाया जायेगा। उक्त जानकारी लखनऊ मुख्यालय परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएँ कृष्ण कुमार यादव ने दी। 


इसलिए मनाया जाता है विश्व डाक दिवस-
9 अक्टूबर को "अंतर्राष्ट्रीय डाक दिवस" मनाये जाने के बारे में लखनऊ (मुख्यालय) परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएं कृष्ण कुमार यादव ने कहा  कि 'एक विश्व-एक डाक प्रणाली' की अवधारणा को साकार करने हेतु 9 अक्टूबर, 1874 को 'यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन' की स्थापना बर्न, स्विटजरलैण्ड में की गई, जिससे विश्व भर में एक समान डाक व्यवस्था लागू हो सके। भारत प्रथम एशियाई राष्ट्र था, जो कि 1 जुलाई 1876 को इसका सदस्य बना। कालांतर में वर्ष 1969 में टोकियो, जापान में सम्पन्न यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन कांग्रेस में इस स्थापना दिवस को "विश्व डाक दिवस" के रूप में मनाने हेतु घोषित किया गया।  तब से पूरी दुनिया में  इस दिन को प्रतिवर्ष धूमधाम मनाया जाता है। विश्व डाक दिवस के क्रम में ही पूरे सप्ताह को राष्ट्रीय डाक सप्ताह के रूप में मनाया जायेगा, जिस दौरान तमाम कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे।
विश्व डाक दिवस के क्रम में राष्ट्रीय डाक सप्ताह का आयोजन-
डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव, ने बताया कि लखनऊ परिक्षेत्र के डाक मंडलों में भी 'विश्व डाक दिवस' और तदन्तर 9 से 15 अक्टूबर तक 'राष्ट्रीय डाक सप्ताह' का आयोजन किया जा रहा है। इस क्रम में 9 अक्टूबर  को  ’विश्व डाक दिवस’, 10 अक्टूबर को बैंकिंग दिवस, 11  अक्टूबर को डाक जीवन बीमा दिवस, 12 अक्टूबर को फिलेटली दिवस, 14 अक्टूबर को व्यवसाय विकास दिवस और 15 अक्टूबर को मेल दिवस के रूप में मनाया जायेगा।  श्री यादव ने कहा कि इस दौरान जहाँ  सेवाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार एवं राजस्व अर्जन में वृद्धि पर जोर दिया जायेगा, वहीं उत्कृष्टता हेतु डाक कर्मियों का सम्मान, कस्टमर मीट, डाक टिकट प्रदर्शनी, माई स्टैम्प, डाक सेवाओं की कार्य-प्रणाली को समझने हेतु स्कूली बच्चों द्वारा डाकघरों  का भ्रमण, पत्र लेखन प्रतियोगिता, बचत बैंक, सुकन्या समृद्धि योजना, इण्डिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक व डाक जीवन बीमा मेला, इत्यादि तमाम कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। 

बदल रहा है डाकघरों का चेहरा और भूमिका -
वक्त के साथ पत्रों का स्वरूप भी बदल गया है। व्यक्तिगत पत्रों का स्थान बिजनेस डाक और पार्सल ने ले लिया। ऐसे में डाक विभाग ने भी नई टेक्नालाजी आधारित सेवाएं शुरू की हैं । डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि, ट्रेक एंड ट्रेस सुविधा, ई-कामर्स को बढ़ावा देने हेतु कैश ऑन डिलीवरी, लेटर बाक्स से नियमित डाक निकालने हेतु नन्यथा मोबाईल एप एवं डाकियों द्वारा एण्ड्रोयड बेस्ड स्मार्ट फोन आधारित डिलीवरी जैसे तमाम कदम डाक विभाग की अभिनव  पहल हैं। डाकघरों में कोर बैंकिंग के बाद इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के माध्यम से वित्तीय समावेशन को बढ़ावा दिया जा रहा है । आधार इनेब्ल्ड पेमेंट सिस्टम लागू कर डाक विभाग ने बैंकिंग क्षेत्र में नई क्रांति ला दी है । डाक निदेशक श्री यादव ने कहा कि, डाकघरों की ब्रांडिंग के लिए  'प्रोजेक्ट एरो' के बाद टेकनालजी स्तर पर डाक विभाग अपने कार्यालयों में कोर सिस्टम इंटीग्रेशन प्रोजेक्ट लागू कर उन्हें पूर्ण रूप से डिजिटल और पेपरलेस बनाने की ओर अग्रसर है। ग्रामीण क्षेत्र के डाकघरों को दर्पण प्रोजेक्ट के माध्यम  से हाइटेक बनाकर डिजिटल इंडिया की संकल्पना को साकार किया जा रहा है । डाकघरों में जनसुविधा के मद्देनजर तमाम नई सेवाएं आरम्भ हुई हैं। आधार नामांकन व अपडेशन केंद्र, पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र, रेलवे के टिकटों की बिक्री,  गंगाजल की बिक्री, ऊर्जा संरक्षण हेतु एलईडी बल्बों की बिक्री जैसे तमाम कार्य आज डाकघरों के माध्यम से हो रहे हैं। 

सोशल मीडिया के दौर में भी पत्रों का क्रेज-
डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि, सोशल मीडिया ने भले ही संवाद के माध्यम बदल दिए हैं, पर आज भी पत्र लिखने वालों के उत्साह में कमी नहीं आई है। राजधानी लखनऊ के डाकघरों से प्रति माह औसतन 6 हजार अंतर्देशीय पत्र, 9 हजार लिफाफे और 10 हजार पोस्टकार्ड की बिक्री होती है। अंतर्देशीय पत्र  2.50 ₹ में, साधारण लिफाफा 5 ₹ में और साधारण पोस्टकार्ड 50 पैसे में मिलते हैं।

 2009 ईसा पूर्व लिखा गया था दुनिया का पहला पत्र -
पत्रों की अपनी एक खूबसूरत दुनिया है।  सभ्यता के आरंभ से ही मानव किसी न किसी रूप में पत्र लिखता रहा है। डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि दुनिया का सबसे पहला खत 2009 ईसा पूर्व बेबीलोन के खंडरों से मिला था, जो एक प्रेमी ने अपनी प्रेमिका के विरह के भाव से ओतप्रोत होकर लिखा था। भावनाओं की बयार इस कद थी कि प्रेमी ने मिट्टी के फर्श को खोदते हुए ‘मैं तुमसे मिलने आया था, पर तुम नहीं मिली’ का संदेश जाने से पहले प्रेमिका के लिए छोड़ा। इस संदेश में कितनी तड़प थी इसका अंदाजा वही लगा सकता है जिसके लिए वह लिखा गया।

विश्व डाक दिवस : समय के साथ बदल रहा डाकघर 

विश्व डाक दिवस : चिट्ठी-पत्री के सिवा डाकघर का लोगों से ढेरों सरोकार 


विश्व डाक दिवस : खत देखकर समझ आ जाता था मजमून 

देश के सामाजिक-आर्थिक विकास में डाकघर की अहम भूमिका-डाक निदेशक केके यादव 

Monday, October 7, 2019

डाक टिकटों के माध्यम से विश्व में बढ़ रही गाँधी जी की विरासत - उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा

महात्मा गाँधी विश्व के उन महान नेताओं में शामिल हैं जिन्होंने अपने विचार और कर्म से पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। दुनिया के तमाम देशों ने बापू की 150वीं जयंती पर डाक टिकट जारी करके उनकी विरासत व मूल्यों को  आगे बढ़ाने का कार्य किया है। गाँधी जी पर जारी डाक टिकटों के माध्यम से युवा पीढ़ी उनके व्यक्तित्व के तमाम आयामों से रूबरू हो प्रेरणा पा रही है। उक्त उद्गार उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने लखनऊ जीपीओ में आयोजित तीन दिवसीय गाँधी डाक टिकट प्रदर्शनी "अहिंसापेक्स-2019" के समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि व्यक्त किये। 


उत्तर प्रदेश के चीफ पोस्टमास्टर जनरल श्री कौशलेन्द्र कुमार सिन्हा और निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव के साथ उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने महात्मा गाँधी के चारबाग, लखनऊ में प्रथम आगमन और स्वच्छता ही सेवा (एक कदम प्लास्टिक मुक्त भारत की ओर) पर विशेष आवरण व विरूपण भी जारी किया। 
उप मुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा ने कहा कि, हिंसा को परम धर्म मानते हुए गाँधी जी ने शांति, बंधुत्व, सहिष्णुता, विकास और एकता पर जोर दिया। समाज के हर वर्ग के प्रति उनकी संवेदना में सर्वहित की भावना झलकती है। सतत विकास के साथ-साथ उन्होंने समावेशी विकास पर भी जोर दिया। 'स्वच्छ्ता ही सेवा' के प्रति लोगों को जागरूक करके गाँधी जी के विचारों को सरकार मूर्त रुप दे रही है। 

उत्तर प्रदेश परिमण्डल के चीफ पोस्टमास्टर जनरल श्री कौशलेन्द्र कुमार सिन्हा ने कहा कि, गाँधी जी का जीवन दर्शन समग्रता और समता का जीवन दर्शन है। समाज में सकारात्मक बदलाव के लिए गाँधी जी के विचार आवश्यक हैं।


लखनऊ मुख्यालय परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएँ श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि, गाँधी जी पर जारी  डाक टिकट पूरी दुनिया में घूमते हुए उनके विचारों व संदेशों का प्रसार कर रहे हैं। पीढ़ी दर पीढ़ी ये डाक टिकट बापू की सोच को नवाचार के साथ प्रस्तुत करते हैं।

ये हुए सम्मानित :-




इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने फिलेटली में श्रेष्ठ प्रदर्श हेतु पूनम गुप्ता, के.सी. गुप्ता आदित्य सिंह सीनियर वर्ग तथा अर्पिता जूनियर वर्ग में प्रथम  को क्रमशः प्रथम, द्वितीय व तृतीय सम्मान से पुरस्कृत किया। फिलेटली सेमिनार राज, स्नेहा, सृष्टि, प्रतियोगिता क्रमशः प्रथम, द्वितीय व तृतीय सम्मान से पुरस्कृत में एवं प्रश्नोत्तरी में प्रत्युष, अवि तथा साक्षी क्रमशः प्रथम, द्वितीय व तृतीय सम्मान से पुरस्कृत डिजाइन प्रतियोगिता में विवेक, चेष्टा, आस्तित्व, क्रमशः प्रथम, द्वितीय व तृतीय सम्मान से पुरस्कृत पिक द स्टैम्प एन्ड स्पीक प्रतियोगिता अनुभव सृष्टि लक्षित वर्मा क्रमशः प्रथम, द्वितीय व तृतीय सम्मान से पुरस्कृत सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति हेतु जवाहर नवोदय विद्यालय, लखनऊ के विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।





कार्यक्र्म के अंत में लखनऊ मुख्यालय परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने उप मुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा को स्मृतिस्वरूप चरखा भेंट किया । 

इस दौरान सभी अतिथियों का स्वागत लखनऊ जी.पी.ओ. के चीफ पोस्टमास्टर आर.एन.यादव ने किया तथा सहायक लखनऊ मंडल के प्रवर अधीक्षक डाकघर आलोक ओझा, प्रवर अधीक्षक रेल डाक सेवा बी.पी.त्रिपाठी,  सहायक अधीक्षक रत्ना कुमारी, सुनील कुमार, उमेश कुमार, धर्मेन्द्र मिश्रा, सचिन कुमार, कोमल दयाल,  सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे |











डाक टिकटों के माध्यम से विश्व में बढ़ रही गाँधी जी की विरासत - उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा

लखनऊ जीपीओ में 3 दिवसीय गाँधी डाक टिकट प्रदर्शनी "अहिंसापेक्स" का उप मुख्यमंत्री ने किया समापन

गाँधी जी के प्रथम लखनऊ आगमन की स्मृति में जारी हुआ विशेष डाक आवरण



Sunday, October 6, 2019

महात्मा गाँधी पर अष्टकोणीय डाक टिकट का प्रधानमंत्री मोदी ने किया विमोचन



राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी की 150 वीं जयंती पर भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने साबरमती रिवर फ्रंट पर आयोजित स्वच्छ भारत दिवस के दौरान 2 अक्टूबर, 2019 को गाँधी जी पर छः डाक टिकटों का एक सेट जारी किया। 

इन डाक टिकटों में  गांधी जी के जीवन दर्शन और विचारों को दिखाया गया है। एक डाक टिकट में गाँधी जी के तीन बंदरों को भी दर्शाया गया है।  स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहली बार अष्टकोणीय डाक टिकट जारी किये।








महात्मा गांधी पर पाकिस्तान और चीन ने आज तक जारी नहीं किया डाक टिकट

दुनिया के ऐसे देश जिनका आपने शायद कभी नाम भी नहीं सुना होगा उन्होंने भी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जीवन और कार्यों से प्रभावित होकर समय-समय पर डाक टिकट जारी किए हैं। अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, रूस, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, सऊदी अरब जैसे वो शक्तिशाली राष्ट्र हैं जिन्होंने बापू पर डाक टिकट जारी किए हैं। लेकिन पाकिस्तान और चीन उन कुछ राष्ट्रों में शामिल हैं, जिन्होंने आज तक बापू पर कोई डाक टिकट जारी नहीं किया।
डाक टिकट का विश्व इतिहास करीब 175 साल पुराना है। भारत में स्वतंत्रता के बाद पहला डाक टिकट 21 नवंबर 1947 को जारी हुआ था। जबकि महात्मा गांधी वह पहली शख्सियत थे, जिन पर भारत में पहला डाक टिकट 15 अगस्त 1948 को जारी किया। तब से लेकर दुनिया भर में महात्मा गांधी पर पांच सौ प्रकार के डाक टिकट जारी हो चुके हैं। भारत के बाद अमेरिका वह पहला विदेशी राष्ट्र था, जिसने बापू पर 26 जनवरी 1961 को डाक टिकट जारी किया। उसके बाद कांगो ने डाक टिकट जारी किया। जिस देश ब्रिटेन से बापू ने आजादी की लड़ाई लड़ी, उसने भी उनके निधन के 21 साल बाद डाक टिकट जारी किया।

1969 में करीब चालीस देशों ने बापू की जन्मशती मनाते हुए सत्तर प्रकार के डाक टिकट जारी किए। दक्षिण अफ्रीका जहां से गांधी के महात्मा बनने की शुरूआत हुई, उस महाद्वीप के भी तकरीबन सभी देशों ने बापू पर डाक टिकट जारी किए। इनके अलावा बांग्लादेश, श्रीलंका, भूटान, नेपाल, अफगानिस्तान, रुस, जर्मनी, फ्रांस, सऊदी अरब, तजाकिस्तान, डोमनिक गणराज्य जैसे देशों ने बापू पर डाक टिकट जारी कर सम्मान प्रकट किया है। रिटायर्ड आईएएस व बापू पर चार सौ से अधिक डाक टिकटों के प्रमुख संग्रहकर्ता एसके दास के अनुसार, कई अंजान देशों ने बापू पर डाक टिकट जारी किए हैं। लेकिन पाकिस्तान, चीन का ऐसा न करना हैरत में डालता है।

पाक, चीन में है प्रतिमा
विदेश मंत्रालय की वेबसाइट के अनुसार, बापू की 84 देशों में 110 स्थानों पर प्रतिमाएं स्थापित हैं। इनमें पाक और चीन भी शामिल हैं। जर्मनी-ब्रिटेन में 11-11, अमेरिका में आठ, दक्षिण अफ्रीका व कनाडा में 3-3 स्थानों पर बापू की प्रतिमाएं हैं। चीन में एकमात्र मूर्ति बीजिंग में लगी है। पाक के कराची में एक प्रतिमा बताई जाती है।

भारत ने सीमांत गांधी खान अब्दुल गफ्फार खान, मार्टिन लूथर किंग और नेल्सन मंडेला जैसी शख्सियतों पर भी टिकट जारी किए। दूसरे देशों की लोकप्रिय शख्सियत को सम्मान देने के लिए डाक टिकट जारी करने की परंपरा पूरे विश्व में है। तकरीबन सभी देशों ने बापू को सम्मान दिया है। 

ये अनजान देश भी जारी कर चुके डाक टिकट :

माइक्रोनेशिया (पैसाफिक ओशन में द्वीपों का समूह राष्ट्र), गिनी बिसाऊ, बेनिन, सोलोमन आईलैंड, जिब्राल्टर, सेंट विंसेंट, सांडा आईलैंड, स्कॉटलैंड(यूके अधिपत्य वाला राष्ट्र), बारामूडा, गुयाना, बाराबडोस, बहामास, सेंट लूसिया, जमैका, त्रिनिडाड एंड टोबेगो, एंटिगुआ(वेस्टइंडीज द्वीप समूह) 

उत्तराखंड के पूर्व मुख्य सचिव के पास डाक टिकटों का खजाना :

करीब 65 साल से डाक टिकटों का संग्रह कर रहे उत्तराखंड के पूर्व मुख्य सचिव सुरजीत के. दास के पास बापू से जुड़े करीब चार सौ डाक टिकट हैं। इनमें 1948 में बापू की हत्या के कुछ समय बाद एक साथ जारी चार बहुमूल्य टिकट भी हैं। इसमें आठ आना, 12 आना से लेकर दस रूपये तक के टिकट हैं। इस तरह के कुल 16 संग्रह प्रकाशित हुए थे। विदेश में ये संग्रह पांच लाख पाउंड (414 करोड़ रूपये) में बिक चुके हैं।

ये भी जानें-

-देश की 53 बड़ी व असंख्य छोटी सड़कें बापू के नाम से हैं
-विदेश में 48 सड़कें महात्मा गांधी के नाम पर हैं
-महात्मा गांधी ऐसे विदेशी शख्सियत हैं जिन पर सर्वाधिक डाक टिकट अनेकों देशों ने जारी किए हैं
-नोबल के लिए गांधी पांच पर बार नामांकित हुए, मगर उन्हें एक बार भी नहीं मिला
-गांधी पर डाक टिकट जारी करने का सिलसिला लगातार जारी है
- बापू और कस्तूरबा वह पहले दम्पत्ति थे जिन पर 1963 में भारत ने 20 पैसे का डाक टिकट जारी किया

Pakistan and China have not released any Postage stamp on Mahatma Gandhi till date.