Thursday, July 9, 2020

Kashi Vishwanath Temple Prasad by Speed Post : सावन में घर बैठे स्पीड पोस्ट से मंगायें श्री काशी विश्वनाथ मंदिर का प्रसाद, मात्र 251 रुपए में

सावन का महीना इस बार कोरोना संक्रमण के साये के बीच आरंभ हो रहा है। सावन के महीने में भगवान शंकर की पूजा और उनके प्रसाद की बड़ी महिमा है। अक्सर लोगों की इच्छा होती है कि काश घर बैठे ही उन्हें बाबा भोलेनाथ का प्रसाद मिल सके। ऐसे में बाबा के भक्तों  को अब निराश नहीं होना पड़ेगा। अब वे घर बैठे स्पीड पोस्ट द्वारा श्री काशी विश्वनाथ मंदिर का प्रसाद प्राप्त कर सकेंगे। उक्त जानकारी लखनऊ (मुख्यालय) परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएँ श्री कृष्ण कुमार यादव ने दी।
इस संबंध में जानकारी देते हुए लखनऊ (मुख्यालय) परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएँ कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि डाक विभाग और श्री काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट के बीच हुये एक एग्रीमेण्ट के तहत नए स्वरूप में श्री काशी विश्वनाथ मंदिर का प्रसाद स्पीड पोस्ट सेवा द्वारा लोगों को उपलब्ध कराया जाएगा। इसके तहत अपने नजदीकी डाकघर से मात्र 251 रूपये का ई-मनीआर्डर प्रवर डाक अधीक्षक, वाराणसी (पूर्वी) मंडल के नाम भेजना होगा। ई-मनीऑर्डर प्राप्त होते ही डाक विभाग द्वारा तत्काल प्रसाद दिये गए पते पर भेज दिया जाएगा । 
निदेशक डाक सेवाएँ श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि, डिब्बा बंद प्रसाद टेंपर प्रूफ इनवेलप में होगा । इससे किसी भी तरह की छेड़छाड़ नहीं की जा सकेगी। प्रसाद में श्री काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग की छवि, महामृत्युंजय महायंत्रम, श्री शिव चालीसा, 108 दाने की रुद्राक्ष की माला, बाबा को चढ़ा बेलपत्र, माता अन्नपूर्णा से भिक्षाटन करते भोले बाबा की छवि अंकित सिक्का, मेवा, भस्म, चंदन, रक्षा सूत्र एवं मिश्री का पैकेट इत्यादि शामिल होंगे।

डाक विभाग की इस पहल को काफी सराहना मिल रही है। कोरोना के चलते जहाँ इससे सोशल डिस्टेनसिंग और 'स्टे होम, स्टे सेफ' का पालन हो सकेगा, वहीं लोगों की घर बैठे बाबा का प्रसाद पाने की मुराद भी पूरी हो सकेगी। डाक निदेशक श्री यादव ने कहा कि, डाक विभाग ने इस बात के भी प्रबंध किए हैं कि, भक्तों को मोबाइल नंबर पर स्पीड पोस्ट का विवरण एसएमएस के माध्यम से मिलेगा। इसके लिए भक्तों को ई-मनीऑर्डर में अपना पूरा पता, पिन कोड, मोबाइल नंबर और ईमेल लिखना अनिवार्य होगा।














डाक विभाग की पहल :  सावन में घर बैठे स्पीड पोस्ट से मंगायें श्री काशी विश्वनाथ मंदिर का प्रसाद, मात्र 251 रुपए में  

कोरोना के संक्रमण के बीच डाक विभाग की इस पहल से भक्त हुए गदगद 





5 Years of Digital India : डाक विभाग ने मनाई डिजिटल इण्डिया की 5वीं वर्षगाँठ

डाक  विभाग द्वारा डिजिटल इण्डिया की 5वीं वर्षगाँठ 1 जुलाई, 2020 को लखनऊ मुख्यालय परिक्षेत्र के अधीन मंडलों में मनाई गई। इस अवसर पर लखनऊ मुख्यालय परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएँ श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि,डाक विभाग ने डिजिटल टेक्नालाजी के साथ अपने को अपडेट करते हुये कस्टमर-फ्रेंडली सेवाओं का दायरा बढ़ाया है। शहर से लेकर ग्रामीण स्तर तक डाक सेवाओं में आमूलचूल परिवर्तन किए गए हैं। इस अवसर पर लखनऊ मुख्यालय परिक्षेत्र में लोगों को नेट बैंकिंग, इण्डिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक, आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम इत्यादि से जोड़ने के लिए अभियान चलाया गया। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 1 जुलाई, 2015 को 'डिजिटल इण्डिया' अभियान का आरम्भ किया था।
डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि डाकघर चिट्ठी-पत्री और मनी ऑर्डर के साथ-साथ बचत, बीमा, इण्डिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक, ई-कामर्स, आधार जैसी तमाम सेवाएँ दे रहे हैं। डाक सेवाओं को डिजिटल अभियान से जोड़कर इन्हें लोगों के और करीब लाया जा रहा है।  ई-पोस्ट, ई-मनीऑर्डर, ई-पेमेंट, नेट बैंकिंग के साथ-साथ ई-कामर्स को बढ़ावा देने हेतु कैश ऑन डिलीवरी, लेटर बाक्स से नियमित डाक निकालने हेतु नन्यथा मोबाईल एप, रियल टाइम डिलीवरी हेतु  पोस्टमैन मोबाइल एप, शाखा डाकघरों को  हाइटेक बनाने हेतु  'दर्पण' प्रोजेक्ट जैसे तमाम कदम डाक विभाग की "डिजिटल इण्डिया" के तहत की गई पहल हैं।
निदेशक डाक सेवाएँ श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया  कि डाकघरों में कोर इंश्योरेंस, कोर बैंकिंग, एटीएम जैसी तमाम आधुनिक सेवाओं के साथ-साथ  'इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक' के जरिये डाक विभाग अपने ग्राहकों को एनईएफटी/आरटीजीएस/आईएमपीएस तथा ऑनलाइन पेमेंट्स की सुविधाएँ भी उपलब्ध करा रहा है। डाक जीवन बीमा का प्रीमियम अब नेट बैंकिंग के द्वारा भी जमा किया जा सकता है।  'पोस्ट इन्फो' एप के माध्यम से अपने कन्साइनमेंट की ट्रैकिंग व  डाक जीवन बीमा प्रीमियम, ब्याज दरों तथा पोस्टेज की गणना अब अत्यधिक सरल व सुगम हो गया है।


लखनऊ जीपीओ के साथ-साथ लखनऊ चौक प्रधान डाकघर, फैज़ाबाद, अम्बेडकरनगर, रायबरेली, सीतापुर, बाराबंकी सहित तमाम जनपदों में डाकघरों द्वारा डिजिटल इण्डिया सम्बंधित कैम्प लगाकर लोगों को जागरूक किया गया। लखनऊ में इस अवसर पर प्रवर डाक अधीक्षक आलोक ओझा, चीफ पोस्टमास्टर आर.एन यादव, इण्डिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक एजीएम अविनाश सिन्हा, ब्रांच मैनेजर स्मृति श्रीवास्तव, आकाश सिंह, अखंड प्रताप सिंह  इत्यादि ने डिजिटल इण्डिया के सम्बन्ध में लोगों को जागरूक किया। 













डाक विभाग डिजिटल टेक्नालाजी के साथ कस्टमर-फ्रेंडली सेवाओं का  बढ़ा रहा दायरा- डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव 

डाक विभाग ने मनाई डिजिटल इण्डिया की 5वीं वर्षगाँठ 

India Post Payments Bank : सिर्फ आधार व मोबाईल नम्बर से मिनटों में खुलेंगे पेपरलेस खाते - डाक निदेशक केके यादव

जहाँ कोई नहीं पहुँचता, वहाँ डाकिया पहुँच रहा है। अब डाकिया चलता- फिरता एटीएम बन गया है। 'इंडिया पोस्ट पेमेंटस बैंक' के माध्यम से हर किसी के लिए घर से लेकर खेतों तक सहजता से डिजिटल बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम द्वारा अन्य बैंकों में प्राप्त राशि का भी माइक्रो एटीएम द्वारा भुगतान किया जा रहा है। उक्त जानकारी लखनऊ मुख्यालय परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएँ श्री कृष्ण कुमार यादव ने दी।
डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि 27 जून को लखनऊ मुख्यालय परिक्षेत्र के अधीन सभी 6 जनपदों लखनऊ, बाराबंकी, रायबरेली, सीतापुर, अयोध्या और अम्बेडकरनगर में  इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक की आधार इनेबल्ड पेमेंट्स सिस्टम के अंतर्गत भुगतान हेतु महाअभियान चलाया गया। इसमें एक दिन में 30 हज़ार से अधिक लोगों ने इस सेवा का लाभ लिया और 3 करोड़ 36 लाख से अधिक की राशि अपने बैंक खातों से निकाली। ग्रामीण डाक सेवकों और डाकियों ने लोगों के घर-घर, खेतों-खलिहानों में और श्रमिकों को उनके कार्यस्थल पर जाकर उन्हें उनके बैंक खाते से धनराशि निकाल कर उपलब्ध कराई। श्री यादव ने कहा कि, इस दौरान डाक विभाग द्वारा समाज के हर वर्ग के लोगों को लाभान्वित करने का प्रयास किया गया। साथ ही, अन्य प्रदेशों से आये प्रवासी मजदूरों तथा मनरेगा कामगारों का खास ध्यान रखा गया और उन्हें केंद्र व राज्य सरकारों से मिलने वाली धनराशि उनके कार्यस्थल पर ही तत्काल उनके खातों से निकालकर दी गयी।
डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि एईपीएस सेवा को गाँवों में ही नहीं बल्कि शहरों में भी काफी प्रशंसा मिल रही है। राज्य व केंद्र सरकारों के द्वारा विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत भेजी जा रही डीबीटी राशि लोग घर बैठे ही डाकिया के माध्यम से निकाल रहे हैं। साथ ही, असहाय लोग जो कि शारीरिक रूप से अक्षम हैं, वृद्ध या फिर सुदूर ग्रामीण क्षेत्र जहाँ पर एटीएम की सुविधा उपलब्ध नहीं है ववहाँ पर भी डाकिया और ग्रामीण डाक सेवक जाकर बैंक से पैसे निकाल कर लोगों को उपलब्ध करा रहे हैं।

डाक निदेशक श्री यादव ने बताया कि 27 जून के महाभियान में बाराबंकी मंडल ने सर्वाधिक 10,129  लोगों को एईपीएस सेवा के माध्यम से भुगतान किया, वहीं सीतापुर मंडल ने सर्वाधिक 1 करोड़ 5 लाख रूपये एईपीएस के माध्यम से वितरित किये।  लखनऊ मुख्यालय परिक्षेत्र की 6 में से 4 शाखाएं बाराबंकी, रायबरेली, सीतापुर व लखनऊ उत्तर प्रदेश में टॉप 10 में अपना स्थान बनाने में सफल रही।
डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि, इसी क्रम में 29 जून को महाअभियान चलाकर अधिक से अधिक लोगों  के आईपीपीबी खाते खोलकर उन्हें  इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक से जोड़ा जायेगा। मात्र आधार व मोबाईल नम्बर के आधार पर डिजिटल बैंकिंग को बढ़ावा देते ये पेपरलेस खाते खोले जाएंगे। इस अभियान में भी प्रवासी मजदूरों का खास ध्यान रखा जायेगा जिससे कि वे सरकार से प्राप्त होने वाली सहायता राशि बिना कहीं बाहर गए घर पर ही प्राप्त कर सकें।लखनऊ मुख्यालय परिक्षेत्र में अब तक 4 लाख 71 हजार से अधिक लोग इण्डिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के साथ जुड़ चुके हैं और घर बैठे इसकी सेवाओं का लाभ ले रहे हैं।



















इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक खाते खोलने का महाअभियान, सिर्फ आधार व मोबाईल नम्बर से मिनटों में खुलेंगे पेपरलेस खाते - डाक निदेशक केके यादव

डाक विभाग ने लखनऊ परिक्षेत्र में एक दिन में 30 हजार लोगों को 3.36 करोड़ की राशि का घर बैठे किया भुगतान-डाक निदेशक केके यादव

प्रवासी मजदूरों, मनरेगा श्रमिकों से लेकर धान रोपाई कर रही महिलाओं को डाक विभाग द्वारा कार्यस्थल पर किया जा रहा डीबीटी भुगतान