Sunday, February 28, 2021

Director General, India Post presented Dak Seva awards to Postal staff of Uttar Pradesh Circle

उत्तर प्रदेश डाक परिमंडल में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले डाककर्मियों को 25 फरवरी, 2021 को लखनऊ जीपीओ में आयोजित एक कार्यक्रम में डाक विभाग के महानिदेशक श्री विनीत पाण्डेय ने 'डाक सेवा अवार्ड 2020' और डाक जीवन बीमा एवं ग्रामीण डाक जीवन बीमा में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मियों को सम्मानित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता चीफ पोस्ट मास्टर जनरल उत्तर प्रदेश परिमंडल श्री कौशलेंद्र कुमार सिन्हा ने की। इस दौरान वैयक्तिक श्रेणी में 8 और समूह श्रेणी में 3 अवार्ड सहित कुल 11 अवार्ड दिए गए।




'डाक सेवा अवार्ड' के तहत बलिया जनपद में रामगढ़ शाखा डाकघर के  शाखा डाकपाल प्रत्यय कुमार राय, कानपुर विश्वविद्यालय के पोस्टमैन राजेन्द्र सिंह, क्षेत्रीय कार्यालय आगरा में डाक सहायक प्रणय छिब्बर, हरदोई में लखनऊ रोड डाकघर के पोस्टमास्टर पोस्टमास्टर राजेश सिंह, उपमंडलीय निरीक्षक गोला, खीरी अमित कुमार, प्रवर डाकघर अधीक्षक, झांसी मंडल उग्रसेन, सिस्टम मैनेजर खीरी ज्ञानेंद्र कुमार सिंह और बाराबंकी प्रधान डाकघर की सुधा वर्मा को वित्तीय वर्ष 2019-20 में उत्कृष्ट कार्य हेतु डाक सेवा अवार्ड प्रदान किये गए। सामूहिक स्तर पर दिए गए अवार्ड में आगरा प्रधान डाकघर को स्वच्छ्तम डाकघर, बरेली आरएमएस को स्वच्छ्तम आरएमएस और आईसीएच झाँसी आरएमएस को स्वच्छ्तम स्पीड पोस्ट सेंटर का अवार्ड दिया गया। 


समारोह में अतिथियों का स्वागत पोस्टमास्टर जनरल लखनऊ विवेक दक्ष और आभार ज्ञापन पोस्टमास्टर जनरल वाराणसी कृष्ण कुमार यादव ने किया। 

समारोह में  पोस्टमास्टर जनरल इलाहाबाद सुवेंदु कुमार स्वाइन, पोस्टमास्टर जनरल गोरखपुर आकाशदीप चक्रवर्ती, पोस्टमास्टर जनरल कानपुर विनोद कुमार वर्मा, पोस्टमास्टर जनरल बरेली संजय सिंह, पोस्टमास्टर जनरल वाराणसी कृष्ण कुमार यादव, पोस्टमास्टर जनरल आगरा राजीव उमराव, पोस्टमास्टर जनरल लखनऊ विवेक दक्ष, निदेशक डाक सेवाएं मुख्यालय शाहनवाज अख्तर, निदेशक डाक सेवाएं गाजियाबाद सुनील कुमार, निदेशक डाक सेवाएं गोरखपुर बीबी शरण,  सतर्कता अधिकारी शशि कुमार उत्तम, प्रवर अधीक्षक डाकघर लखनऊ मंडल आलोक कुमार ओझा सहित तमाम अधिकारी-कर्मचारी  उपस्थित रहे। 





Saturday, February 20, 2021

Doordarshan, Uttar Pradesh will broadcast Interview of Krishna Kumar Yadav, Postmaster General, Varanasi Region

लखनऊ: प्रख्यात साहित्यकार एवं ब्लॉगर कृष्ण कुमार यादव से विशेष बातचीत का प्रसारण 21 फरवरी, रविवार को दोपहर 12 बजे दूरदर्शन उत्तर प्रदेश पर किया जाएगा। कार्यक्रम का संचालन देश दीपक सिंह व निर्देशन मयंक श्रीवास्तव ने किया है। प्रशासन के साथ-साथ साहित्यिक क्षेत्र में भी चर्चित कृष्ण कुमार यादव संप्रति वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल पद पर कार्यरत हैं।










कार्यक्रम के निर्देशक मयंक श्रीवास्तव ने बताया कि उक्त बातचीत का प्रसारण दूरदर्शन उत्तर प्रदेश के कार्यक्रम 'एक मुलाक़ात' के अंतर्गत किया जाएगा। कार्यक्रम में कृष्ण कुमार यादव की साहित्यिक जीवन की यात्रा व व्यस्ततम प्रशासनिक दायित्वों के साथ साहित्यिक अभिरुचि के समन्वय पर बात की जाएगी। गौरतलब है कि देश-विदेश की तमाम पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित और सात पुस्तकों के लेखक कृष्ण कुमार यादव को अवध सम्मान, परिकल्पना सार्क शिखर सम्मान, दशक के श्रेष्ठ ब्लॉगर दंपती सहित देश-विदेश में शताधिक सम्मानों से विभूषित किया जा चुका है।













जनसामना : पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव से विशेष बातचीत का प्रसारण करेगा दूरदर्शन उत्तर प्रदेश

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निष्पक्ष दस्तक : प्रशासन के साथ-साथ साहित्य व ब्लॉगिंग में भी चर्चित नाम हैं कृष्ण कुमार यादव

(साभार)



India Post unique initiative in Varanasi, now Aadhaar card updation of prisoners in Central jail, Varanasi

Now the prisoners in jail will not have to bother to update their Aadhar cards. Aadhaar updation of prisoners is also being done by the postal department. On the instructions of Postmaster, General Krishna Kumar Yadav of Varanasi Region, the Postal Officials of Cantt Head Post Office, Varanasi, performed special camp at the Central Jail, Varanasi in Shivpur, doing the Aadhaar updation of prisoners.

For this, the Senior Superintendent of Central Jail, Varanasi had requested the Department of Posts, on the basis of which Postmaster General Krishna Kumar Yadav gave its approval. Ram Milan, Superintendent of Post Office, Varanasi West Division  said that during this period Aadhaar of 237 prisoners were updated. This helped the prisoners, while the jail administration also got the facility.

It is worth noting that ever since Krishna Kumar Yadav took over as the Postmaster General in the Varanasi Region, work has been done to popularize the postal services and connecting people with it. In this order, people are being provided facility by conducting special campaigns in every division from time to time regarding Aadhaar enrollment and updation. 132 out of a total of 136 Aadhaar kits are active in Varanasi Postal Region, which is second in the entire Uttar Pradesh Circle with 97 percent.

Assistant Director of Postal Service Shambhu Rai said that, on the initiative of Postmaster General Krishna Kumar Yadav, the enrollment and updation work of more than 71,000 people has been done from January to 13th February this year by conducting special campaign in the post offices of Varanasi Postal Region. In this, 27,000 people got new Aadhaar and over 44,000 people got Aadhaar updated

Aadhaar cards are made free in post offices

The new Aadhaar is made completely free at the post offices. The fee is charged only for updating of old Aadhaar. It has to pay ₹ 50 / - for demographic modification (name, date of birth, gender, address, mobile and email) and ₹ 100 / - for biometric modification (fingerprint, iris and photo).




पहल : डाक विभाग द्वारा अब वाराणसी सेंट्रल जेल में भी कैदियों के आधार संशोधन का किया जा रहा कार्य, कैदियों को मिली सहूलियत

अब जेल में बंद कैदियों को आधार में संशोधन के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। डाक विभाग द्वारा अब जेल में भी कैदियों का आधार अपडेशन किया जा रहा है। वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव के निर्देश पर कैंट प्रधान डाकघर, वाराणसी के डाककर्मियों ने शिवपुर स्थित  केंद्रीय कारागार,  वाराणसी में विशेष कैम्प करके कैदियों के आधार अपडेशन का कार्य किया। 





इस हेतु केंद्रीय कारागार, वाराणसी के वरिष्ठ अधीक्षक ने डाक विभाग से अनुरोध किया था, जिसके आधार पर  पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने इसकी स्वीकृति दी। वाराणसी पश्चिमी मंडल के अधीक्षक डाकघर श्री राम मिलन ने बताया कि इस दौरान 237 कैदियों का आधार अपडेट किया गया। इससे जहाँ कैदियों को सहूलियत हुई, वहीं जेल प्रशासन को भी सुविधा मिली।

गौरतलब है कि वाराणसी परिक्षेत्र में जबसे श्री कृष्ण कुमार यादव ने पोस्टमास्टर जनरल का पदभार संभाला है, तबसे डाक सेवाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार और इससे लोगों को जोड़ने पर कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में आधार नामांकन व अपडेशन को लेकर हर मंडल में समय-समय पर विशेष अभियान चलाकर लोगों को सहूलियत दी जा रही है। वाराणसी परिक्षेत्र में कुल 136 आधार किट्स में से 132 सक्रिय हैं, जोकि 97 प्रतिशत के साथ पूरे उत्तर प्रदेश परिमंडल में द्वितीय स्थान पर है।

सहायक निदेशक शम्भु राय ने बताया कि, पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव की पहल पर वाराणसी परिक्षेत्र के डाकघरों में विशेष अभियान चलाकर इस साल जनवरी से 13 फरवरी तक 71,000 से ज्यादा लोगों का आधार इनरोलमेंट व अपडेशन का कार्य किया जा चुका है।  इसमें 27,000 लोगों ने नया आधार बनवाया और 44,000 से ज्यादा लोगों ने आधार में संशोधन कराया।

डाकघरों में निःशुल्क बनते हैं आधार कार्ड

 डाकघरों में नया आधार पूर्णतया नि:शुल्क बनाया जाता है। सिर्फ पुराने आधार में संशोधन हेतु ही शुल्क लगता है। इसमें डेमोग्राफिक संशोधन (नाम, जन्म तिथि, लिंग, पता, मोबाइल व ईमेल) हेतु ₹50/- और बायोमेट्रिक संशोधन (फिंगरप्रिंट, आईरिस व फोटो) हेतु ₹100/- शुल्क देना होता हैI










Friday, February 19, 2021

First airmail service in the world was started on 18 February, 1911 during Maha Kumbh in Allahabad, Prayagraj

Postal services have come a long way all over the world.  Uttar Pradesh occupies a prominent position in the development of Postal services. The city of Prayagraj, Uttar Pradesh has the privilege that the world's first air mail service started from here.  Postmaster General of Varanasi Region  Krishna Kumar Yadav said that this historic event took place 110 years ago on 18th February 1911 in Prayagraj.  Incidentally, Kumbh Mela was also held that year.  On that day, French pilot Monsieur Henri Pequet created a new history.  He took 6500 letters from Prayagraj to Naini with him in his plane.  The aircraft was Heavy land Aircraft and launched a new round of the world's first official postal carriage.


 According to Postmaster General Krishna Kumar Yadav, about one lakh people gathered at Prayagraj to see the Postal flight that day when a special aircraft took off from the banks of river Yamuna at around 5.30 PM, crossed the river after travelling for 15 kilometres and landed near Naini Junction which was near the Central Jail on the outskirts of Prayagraj. The venue of the event was an agricultural and trade fair which was on the banks of the river and was named 'UP Exhibition'. Two flying machines were on display at this exhibition.  The aircraft was imported by some British officers.  It's parts were unassembled which were assembled at the exhibition site in the presence of common people.  The air journey from Prayagraj to Naini Junction was completed 110 years ago in just 13 minutes.

 Postmaster General Krishna Kumar Yadav said that although this flight was just six miles, there was a historic festive atmosphere in Prayagraj.  In January 1911, the British and Colonial Aeroplane Company sent one of its aircraft to India, which incidentally came to Prayagraj when the Kumbh Mela was also going on.  It was such a time when people hardly heard about aeroplane.  In such situation, it was natural to be overcrouded on this historic occasion.  In this journey, Henry created history and for the first time, he also saw the world's largest Prayag Kumbh from the sky.



According to Postmaster General Krishna Kumar Yadav, Colonel Y. Wyndham approached the postal authorities for sending some mail bags by air, to which the then Postal head gave his approval.  The mail bag had 'First Air Mail' and 'Uttar Pradesh Exhibition, Allahabad' written on it.  A picture of an aircraft was also published on it.  Magenta ink was used instead of traditional black ink.  The organizers were very concerned about its weight, which could be easily carried in the aircraft.  Restrictions were also placed on the weight of each letter and only 6,500 papers were allowed to be carried after careful calculations.  It took the aircraft 13 minutes to reach its destination.

  Krishna Kumar Yadav, who has written several articles and a book 'India Post: 150 Glorious Years' on postal services in India, said that the special duty of this first air mail service was kept at six ana and the income from this was donated to Oxford and Cambridge hostels, Allahabad.  A special arrangement was made for this service in advance.  Letters were booked for this till noon on 18 February.  The Oxford Cambridge hostel was so crowded for booking of letters that its condition had become like mini GPO.  The postal department also deployed three-four employees here.  3000 letters for air service reached the hostel within a few days.  Among the letters, a letter was having postage stamp of Rs 25. There were many famous celebrities of Prayagraj, Raja Maharaja and Rajkumar among those who sent letters.






In February 1911, the first airmail service in the world was started in Prayagraj - Postmaster General Krishna Kumar Yadav

 Airmail service completed 110 years of journey, started in Prayagraj, Uttar Pradesh

Thursday, February 18, 2021

First Airmail Service : फरवरी 1911 में प्रयागराज में आरम्भ हुई थी दुनिया की पहली हवाई डाक सेवा, एयरमेल सेवा ने पूरा किया 110 सालों का सफरनामा

डाक सेवाओं ने पूरी दुनिया में एक लम्बा सफर तय किया है। डाक सेवाओं के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश का स्थान प्रमुख है। उ.प्र. के प्रयागराज शहर को यह सौभाग्य प्राप्त है कि दुनिया की पहली हवाई डाक सेवा यहीं से आरम्भ हुई। वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि यह ऐतिहासिक घटना 110 वर्ष पूर्व 18 फरवरी 1911 को प्रयागराज में हुई थी। संयोग से उस साल कुंभ का मेला भी लगा था। उस दिन दिन  फ्रेंच पायलट मोनसियर हेनरी पिक्वेट ने एक नया इतिहास रचा था। वे अपने विमान में प्रयागराज से नैनी के लिए 6500 पत्रों को अपने साथ लेकर उड़े। विमान था हैवीलैंड एयरक्राफ्ट और इसने दुनिया की पहली सरकारी डाक ढोने का एक नया दौर शुरू किया। 

पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव के अनुसार प्रयागराज में उस दिन डाक की उड़ान देखने के लिए लगभग एक लाख लोग इकट्ठे हुए थे जब एक विशेष विमान ने शाम को साढ़े पांच बजे यमुना नदी के किनारों से उड़ान भरी और वह नदी को पार करता हुआ 15 किलोमीटर का सफर तय कर नैनी जंक्शन के नजदीक उतरा जो प्रयागराज के बाहरी इलाके में सेंट्रल जेल के नजदीक था। आयोजन स्थल एक कृषि एवं व्यापार मेला था जो नदी के किनारे लगा था और उसका नाम ‘यूपी एक्जीबिशन’ था। इस प्रदर्शनी में दो उड़ान मशीनों का प्रदर्शन किया गया था। विमान का आयात कुछ ब्रिटिश अधिकारियों ने किया था। इसके कलपुर्जे अलग अलग थे जिन्हें आम लोगों की मौजूदगी में प्रदर्शनी स्थल पर जोड़ा गया।  प्रयागराज से नैनी जंक्शन तक का हवाई सफ़र आज से 110  साल पहले मात्र  13 मिनट में पूरा हुआ था।

पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि हालांकि यह उडान महज छह मील की थी, पर इस घटना को लेकर प्रयागराज में ऐतिहासिक उत्सव सा वातावरण था। ब्रिटिश एवं कालोनियल एयरोप्लेन कंपनी ने जनवरी 1911 में प्रदर्शन के लिए अपना एक विमान भारत भेजा थाए जो संयोग से तब प्रयागराज आया जब कुम्भ का मेला भी चल रहा था। वह ऐसा दौर था जब जहाज देखना तो दूर लोगों ने उसके बारे में ठीक से सुना भी बहुत कम था। ऐसे में इस ऐतिहासिक मौके पर अपार भीड़ होना स्वाभाविक ही था। इस यात्रा में हेनरी ने इतिहास तो रचा ही पहली बार आसमान से दुनिया के सबसे बडे प्रयाग कुंभ का दर्शन भी किया। 

 पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव के अनुसार कर्नल वाई विंधाम ने पहली बार हवाई मार्ग से कुछ मेल बैग भेजने के लिए डाक अधिकारियों से संपर्क किया जिस पर उस समय के डाक प्रमुख ने अपनी सहर्ष स्वीकृति दे दी। मेल बैग पर ‘पहली हवाई डाक’ और ‘उत्तर प्रदेश प्रदर्शनी, इलाहाबाद’ लिखा था। इस पर एक विमान का भी चित्र प्रकाशित किया गया था। इस पर पारंपरिक काली स्याही की जगह मैजेंटा स्याही का उपयोग किया गया था। आयोजक इसके वजन को लेकर बहुत चिंतित थे, जो आसानी से विमान में ले जाया जा सके। प्रत्येक पत्र के वजन को लेकर भी प्रतिबंध लगाया गया था और सावधानीपूर्वक की गई गणना के बाद सिर्फ 6,500 पत्रों को ले जाने की अनुमति दी गई थी। विमान को अपने गंतव्य तक पहुंचने में 13 मिनट का समय लगा।

 भारत में डाक सेवाओं पर तमाम लेख और एक पुस्तक 'इंडिया पोस्ट : 150 ग्लोरियस ईयर्ज़' लिख चुके श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया  कि इस पहली हवाई डाक सेवा का विशेष शुल्क छह आना रखा गया था और इससे होने वाली आय को आक्सफोर्ड एंड कैंब्रिज हॉस्टल, इलाहाबाद को दान में दिया गया। इस सेवा के लिए पहले से पत्रों के लिए खास व्यवस्था बनाई गई थी। 18 फरवरी को दोपहर तक इसके लिए पत्रों की बुकिंग की गई। पत्रों की बुकिंग के लिए आक्सफोर्ड कैंब्रिज हॉस्टल में ऐसी भीड लगी थी कि उसकी हालत मिनी जी.पी.ओ सरीखी हो गई थी। डाक विभाग ने यहाँ तीन-चार कर्मचारी भी तैनात किए थे। चंद रोज में हॉस्टल में हवाई सेवा के लिए 3000 पत्र पहुँच गए। एक पत्र में तो 25 रूपये का डाक टिकट लगा था। पत्र भेजने वालों में प्रयागराज की कई नामी गिरामी हस्तियाँ तो थी हीं, राजा महाराजे और राजकुमार भी थे।