Tuesday, January 15, 2019

Postal Services in Lucknow, Uttar Pradesh : लखनऊ में डाक सेवाओं में हुई तमाम नई पहल

वक़्त के साथ भारतीय डाक विभाग में तमाम परिवर्तन आये हैं।  चिट्ठी-पत्री और मनीऑर्डर के लिए जाने जाने वाला डाक विभाग आज बैंकिंग और ई-कॉमर्स के क्षेत्र में भी प्रवेश कर चुका है। संचार के बदलते साधनों के साथ पहले फोन, फिर ई-मेल और अब सोशल मीडिया ने पत्रों की दुनिया को सीमित कर दिया, ऐसे में बदलती टेक्नॉलाजी के साथ डाकघरों में भी व्यापक परिवर्तन हुए। लखनऊ (मुख्यालय) परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएं कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि, भारतीय डाक की पहुँच सर्वत्र है और भारत सरकार भी इस नेटवर्क को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से समाज के अंतिम व्यक्ति को जोड़ने हेतु इस्तेमाल करना चाहती है। ऐसे में राजधानी लखनऊ में भी डाक सेवाओं ने वर्ष 2018 में तमाम नई पहल की हैं -
इण्डिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक -
डाक विभाग अपनी बचत बैंक और बीमा सेवाओं को ऑनलाइन करने के बाद अब इण्डिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के माध्यम से बैंकिंग क्षेत्र में कदम रख चुका है। लखनऊ जीपीओ में गृह मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने 1 सितंबर को इसका उद्घाटन किया। देश भर में सभी जिलों में इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक की 650 शाखाओं और 3250  सेवा केंद्रों के माध्यम से समाज के अंतिम व्यक्ति का बैंक खाता खोलने के लिए केंद्र सरकार ने पहल की है, जिससे साल के अंत तक सभी डाकघरों को जोड़ दिया जायेगा। लखनऊ के 276 डाकघर इससे जुड़ रहे हैं। लखनऊ (मुख्यालय) परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएं कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि नए वर्ष में लखनऊ के सभी डाकघरों से इण्डिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक की सुविधा मिलने लगेगी और  डिजिटल हो रही दुनिया में अब चिट्ठी बाँटने वाला डाकिया 'मोबाइल एप' के माध्यम से लोगों के घर पर दस्तक देगा और "आपका बैंक, आपके द्वार" की संकल्पना को साकार करेगा।

डाकघर खाताधारकों को भी नेट बैंकिंग की सुविधा -
डाकघरों में कोर बैंकिंग के बाद अब  बचत खाताधारक नेट बैंकिंग के द्वारा भी अपने खातों में लेनदेन कर सकेंगे। यह सेवा दिसंबर माह में ही आरम्भ की गई है। लखनऊ में 11 लाख 15 हजार खाता धारक हैं। 

आधार नामांकन सुविधा -
जनसामान्य को आधार के लिए भटकना न पड़े, इसके लिए लखनऊ के 67 डाकघरों में आधार एनरोलमेंट एवं अपडेशन की सुविधा उपलब्ध कराई गई।  जिसके तहत औसतन प्रतिमाह 6,000 आधार एनरोलमेंट एवं अपडेशन किये गए।

डिजिटल इण्डिया अभियान : लखनऊ के डाकघर भी अब कोर सिस्टम इंटीग्रेटर (CSI) से जुड़े
भारत सरकार के डिजिटल इण्डिया अभियान से अब डाकघर भी जुड़ रहे हैं।  लखनऊ जीपीओ सहित लखनऊ के 120 विभागीय डाकघर,  20 नवम्बर 2018 को कोर सिस्टम इंटीग्रेटर से जुड़ गए।  लखनऊ (मुख्यालय) परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवायें  कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि  डाकघरों में बुकिंग, वितरण, बचत व बीमा सम्बन्धी विभिन्न कार्यों  के लिए अभी भिन्न-भिन्न  साॅफ्टवेयरों  का इस्तेमाल किया जाता था । इन सभी को एक ही प्लेटफार्म पर लाने से त्वरित और सुव्यवस्थित कार्य होगा।  इस प्रणाली से विभाग के कर्मचारियों के सभी रिकार्ड जैसे कर्मचारियों की उपस्थिति, व्यक्तिगत डाटा, सर्विस बुक, कर्मचारियों की छुट्टी आदि कार्य आनलाइन हो गया है। 

ग्रामीण शाखा डाकघर भी हो रहे हाई-टेक
 डिजिटल भारत के तहत डाक विभाग ने लखनऊ के ग्रामीण डाकघरों को भी हाईटेक बनाने की तरफ कदम उठाये। इसके तहत  'दर्पण'  प्रोजेक्ट के अंतर्गत  लखनऊ में स्थित  157 शाखा डाकघरों को ऑनलाइन और डिजिटल बनाने के लिए सोलर चार्जिंग उपकरणों से जोडने के साथ-साथ मोबाइल थर्मल प्रिन्टर, स्मार्ट कार्ड रीडर, फिंगर प्रिन्ट स्कैनर, डिजिटल कैमरा एवं सिगनेचर व दस्तावेज स्कैनिंग के लिये यन्त्र भी मुहैया कराए गए हैं  ताकि ग्रामीण लोगों को इन सुविधाओं के लिये शहरों की तरफ न भागना पडे और घर बैठे ही वे अपना भुगतान प्राप्त कर सकें।

अब स्पीड पोस्ट की सुविधा गाँव के शाखा डाकघरों से भी -
ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को अब स्पीड पोस्ट की बुकिंग  के लिए शहर का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। नए साल से अपने गाँव में स्थित शाखा डाकघर से ही वे स्पीड पोस्ट की बुकिंग करा सकेंगे। इससे उन तमाम बेरोजगारों को फायदा होगा, जो प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए स्पीड पोस्ट करने शहर के डाकघरों में आते हैं।  इससे उनका समय और पैसा दोनों ही बचेगा। यही नहीं अब ग्रामीण लोग शाखा डाकघर में अपने डाक जीवन बीमा की राशि भी सीधे अपनी पॉलिसी में जमा कर सकेंगे। निदेशक डाक सेवायें कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि इसके लिए इस साल के अंत तक लखनऊ के 121 शाखा डाकघरों को कोर सिस्टम इंटीग्रेटर से जोड़ दिया जायेगा, जिससे ये भी शहरी डाकघरों की तरह काम करने लगेंगे।
ई-कॉमर्स पार्सल सेंटर -
ई-कॉमर्स के दौर में डाक विभाग ने ऑनलाइन मंगाये जा रहे पार्सल्स के मद्देनजर लखनऊ जीपीओ कैम्पस में 'ई-कॉमर्स पार्सल सेंटर' आरम्भ किया, जिसका उद्घाटन संचार राज्य (स्वतंत्र प्रभार) मंत्री श्री मनोज सिन्हा ने 9 अप्रैल, 2018 को किया। नापतौल और अमेजन जैसी बड़ी कंपनियों के पार्सल्स की प्रोसेसिंग यहीं से होती है।

प्रधान डाकघरों से एलईडी बल्ब, ट्यूबलाइट और पंखों की  बिक्री
अब डाकघर बिजली बचाने में भी योगदान देंगे। लखनऊ जीपीओ और चौक प्रधान डाकघर के डाक घरों से विश्व डाक दिवस पर 9 अक्टूबर को  एलईडी बल्ब, ट्यूबलाइट और पंखों की बिक्री आरम्भ की गई। इसे अन्य डाकघरों के माध्यम से भी क्रियान्वित किया जायेगा।
लखनऊ जीपीओ को स्वच्छ्तम डाकघर का अवार्ड-
उत्तर प्रदेश डाक परिमंडल में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले डाककर्मियों को उत्तर प्रदेश के राज्यपाल श्री राम नाईक ने लखनऊ जीपीओ में आयोजित एक भव्य समारोह में राष्ट्रीय डाक सप्ताह के समापन अवसर पर 15 अक्टूबर, 2018 को ‘डाक सेवा अवार्ड-2018’ से सम्मानित किया।  लखनऊ जीपीओ को जहाँ स्वच्छ्तम डाकघर का अवार्ड मिला, वहीं जीपीओ के पोस्टमैन भरत सिंह को बेस्ट पोस्टमैन का अवार्ड मिला।
डाक विभाग दिनों-ब-दिन अपने को अद्यतन कर रहा है, चाहे वह सेवाओं का मामला हो या टेक्नालॉजी का। डाक विभाग ने इस वर्ष बैंकिंग और ई-कॉमर्स के क्षेत्र में प्रवेश किया है। नव वर्ष  में डाक विभाग अपने ग्राहकों को लखनऊ के सभी डाकघरों से इण्डिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक की सुविधा और गाँव के शाखा डाकघरों में भी स्पीड पोस्ट बुकिंग की सुविधा उपलब्ध कराकर सौगात देगा। लखनऊ का डाक सेवाओं के मामले में अग्रणी स्थान है और डाकघर लोगों की जरूरतों के मुताबिक सेवाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है। 
-कृष्ण कुमार यादव, 
निदेशक डाक सेवाएं, 
लखनऊ (मुख्यालय) परिक्षेत्र



राजधानी लखनऊ में डाक सेवाओं में हुई तमाम नई पहल, डाक विभाग ने बैंकिंग और ई-कॉमर्स के क्षेत्र में किया प्रवेश- डाक निदेशक केके यादव 


Sunday, January 6, 2019

Deen Dayal SPARSH Yojana Philately scholarship in Uttar Pradesh

उत्तर प्रदेश डाक परिमंडल द्वारा 35 विद्यार्थियों को दीन दयाल स्पर्श योजना के तहत 6000 रूपये वार्षिक स्कॉलरशिप  प्रदान की गई। इनमें 14 बालक और 21 बालिकाएं हैं। बच्चों में डाक टिकट एवं फिलेटली के प्रति रूचि बढ़ाने के उद्देश्य से डाक विभाग द्वारा यह स्कॉलरशिप योजना वर्ष 2017 में आरम्भ की गई थी। इसके तहत कक्षा 6 से 9 तक के विद्यार्थियों का चयन करके उन्हें स्कॉलरशिप दी जाती है।
विभिन्न स्कूली विद्यार्थियों को यह स्कॉलरशिप और प्रमाण पत्र उत्तर प्रदेश के चीफ पोस्टमास्टर जनरल श्री विनय प्रकाश सिंह ने लखनऊ (मुख्यालय) परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवायें श्री कृष्ण कुमार यादव, निदेशक मुख्यालय श्री राजीव उमराव सहित तमाम अधिकारियों-कर्मचारियों की उपस्थिति में मंथन हॉल में आयोजित एक कार्यक्र्म में दिया गया। 

इस अवसर को यादगार बनाने हेतु दीन दयाल स्पर्श योजना पर उत्तर प्रदेश डाक परिमंडल द्वारा  एक स्पेशल कवर (लिफाफा) भी जारी किया गया। 





संचार मंत्रालय, भारत सरकार ने देश भर में दीन दयाल स्पर्श (रुचि के रूप में डाक टिकटों में अनुसंधान के लिए छात्रवृत्ति) योजना नामक एक छात्रवृत्ति योजना शुरू की है। यह उन स्कूली बच्चों के लिए एक पैन इंडिया छात्रवृत्ति योजना है जिन्हें डाक टिकट इकठ्ठा करने में रुचि है। इस योजना का उद्देश्य स्कूली बच्चों की डाक टिकट संग्रहण में रूचि बढ़ाना है।
दीन दयाल स्पर्श स्कीम के अंतर्गत संचार मंत्रालय ने बच्चों को वार्षिक छात्रवृत्ति प्रदान करने का प्रस्ताव दिया है। इस योजना के अंतर्गत कक्षा VI से IX तक के छात्रों को शामिल किया जाएगा। हालांकि यह योजना केवल उन छात्रों को ही उपलब्ध है जो अच्छे शैक्षिक रिकॉर्ड रखते हैं और एक शौक के रूप में टिकट इकट्ठा करते हैं। यह योजना संचार मंत्रालय द्वारा डाक विभाग के माध्यम से कार्यान्वित की जा रही है।
स्पर्श योजना के अंतर्गत 920 छात्रों को एक रुचि के तौर पर डाक टिकट संग्रहण के लिए पुरस्कार दिए जाएंगे। नोटिस के अनुसार, प्रत्येक डाक सर्किल (राज्य) में एक प्रतियोगी चयन प्रक्रिया आयोजित की जाएगी जिसमें कक्षा VI, VII, VIII और IX प्रत्येक में से 10 छात्रों अर्थात अधिकतम 40 छात्रवृत्ति उपलब्ध कराई जाएगी। छात्रवृत्ति की कुल राशि 6000/- रुपये प्रति वर्ष अथवा 500/- रुपये प्रति माह होगी।

दीन दयाल स्पर्श योजना चयन प्रक्रिया

  • निष्पादन विभाग योजना के तहत सर्कल-वार छात्रों के नामांकन के लिए अधिसूचना प्रकाशित करेगा।
  • इस योजना की अधिसूचना जारी करते हुए विभाग परियोजनाओं के विषयों की सूची भी प्रदान करेगा।
  • इसके बाद, प्राधिकरण डाक-टिकट संग्रहण की एक सर्कल-वार प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित करेगा। प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का प्रदर्शन छात्र की योग्यता का मूल्यांकन करेगा।
  • विभाग सर्कल स्तर पर एक समिति बनायेगा जिसमें डाक अधिकारी और डाक टिकट संग्रहण करने वाले प्रसिद्ध लोग शामिल होंगे। यह समिति छात्रों द्वारा प्रस्तुत डाक टिकट संग्रहण के काम का मूल्यांकन करेगी।

दीन दयाल स्पर्श योजना के लिए योग्यता मापदंड

इच्छुक छात्र योजना का लाभ उठाने के लिए निम्न योग्यता मापदंड पढ़ सकते हैं
  • भारत में मान्यता प्राप्त विद्यालयों में पढ़ाई करने वाले क्षात्र ही योजना के लिए योग्य होंगे।
  • छात्र का चयन केवल उस स्कूल से किया जाएगा, जिसमें फिलेटली क्लब होगा और छात्र को उस क्लब का सदस्य होना चाहिए।
  • हालांकि अगर स्कूल में फिलेटली क्लब नहीं है और छात्र जिसके पास निजी पत्राचार जमा खाता है उसे भी योजना में शामिल करने पर विचार किया जाएगा।
  • छात्र को अंतिम वर्ष की परीक्षा में न्यूनतम 60% अंक प्राप्त होने चाहिए, अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति समुदाय से संबंधित छात्रों को 5% छूट दी जाएगी।
इसके अलावा प्रतियोगिता में भाग लेने वाले हर स्कूल के लिए प्रसिद्ध फिलैटेलिस्टों में से चुना गया एक फिलेटली गुरु नियुक्त किया जाएगा। ये चयनित डाक-टिकट सलाहकार स्कूल स्तरीय फिलेटीली क्लब के गठन में मदद करेंगे।
इसके अलावा वे युवा और इच्छुक फिलैटेलिस्टों को मार्गदर्शन भी प्रदान करेंगे। वे उनकी इस रुचि को आगे बढ़ाने और इच्छुक फिलैटेलिस्टों को उनकी डाक टिकट परियोजनाओं आदि पर मार्गदर्शन करेंगे।
इच्छुक उम्मीदवार नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करके इस योजना के दिशानिर्देश डाउनलोड कर सकते हैं।
दिशानिर्देश जानकारी PDF दस्तावेज में अंग्रेजी और हिंदी दोनों भाषा में उपलब्ध है।

Sunday, December 30, 2018

India Post Payments Bank में अब तक 19 लाख खाते खुले

इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक (आईपीपीबी) ने अब तक करीब 19 लाख खाते खोले हैं।  डाक विभाग के मुताबिक एक सितंबर 2017 से शुरुआत के बाद 24 दिसंबर 2018 तक इसने 18,96,410 खाते खोले हैं।  इनमें 4.23 लाख खातों के साथ बिहार पहले स्थान पर है, जबकि 3.24 लाख खातों के साथ ओडिशा दूसरे स्थान पर रहा।  वित्त राज्य मंत्री शिव प्रताप शुक्ला ने राज्यसभा को लिखित जवाब में यह जानकारी दी।  इसके मुताबिक इस साल 20 दिसंबर तक 9,75, 806 ट्रांजेक्शन हुए हैं.
आईपीपीबी ने 30 जनवरी, 2017 से रायपुर और रांची में पायलट आधार पर सेवा शुरू की थी।  2016-17 में कुल 1,654 खाते खोले गए थे, इनमें से 967 छत्तीसगढ़ में और 687 झारखंड में खोले गए। 2017-18 में 7,735 खाते खोले गए, इनमें 3,874 छत्तीसगढ़ में और 3,861 झारखंड में खोले गए। 


24 दिसंबर, 2018 तक बिहार, ओडिशा, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्रप्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, गुजरात, तमिलनाडु, छत्तीसगढ़ और झारखंड में 18 लाख, 96 हजार, 410 खाते खोले गए।  पहले दो वित्त वर्ष में प्राथमिकता दिए जाने के बावजूद झारखंड और छत्तीसगढ़ खातों के मामले में अन्य राज्यों से पिछड़ गए।  झारखंड में अब तक 66,762 और छत्तीसगढ़ में 18,804 खाते खोले गए।  इस साल आईपीपीबी की 650 शाखाओं और 3,250 डाकघरों ने पहले चरण के तहत एक सितंबर 2018 से काम करना शुरू किया था।  सरकार को उम्मीद है कि आने वाले समय में खाता खोलने में और तेजी आएगी। 

Friday, December 28, 2018

Director Postal Services KK Yadav visited Post Offices in Meerut Postal Division

देश के हर कोने में, हर दरवाजे पर डाक विभाग की पहुँच है और वह लोगों के सुख-दुःख में बराबर रूप से जुड़ा हुआ है। डाक सेवाएं नवीनतम टेक्नोलोजी अपनाते हुए नित्य नए आयाम रच रही हैं। इन सबसे जनसामान्य को जोड़ना हमारी प्राथमिकता में शामिल है। उक्त विचार मेरठ डाक मंडल  के दौरे पर आए  लखनऊ एवं बरेली परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएँ श्री कृष्ण कुमार यादव ने व्यक्त किये | मेरठ  डाक मंडल के प्रवर अधीक्षक श्री पी. डी. रैगर  ने  डाक निदेशक का स्वागत कर मंडल में डाक सेवाओं की प्रगति के बारे में जानकारी दी। डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने प्रवर अधीक्षक डाकघर, मेरठ मंडल कार्यालय के वार्षिक निरीक्षण के साथ-साथ मेरठ प्रधान डाकघर का विजिट भी किया। 

डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि डाकघरों में हर वर्ग और उम्र के हर पड़ाव के लिए अलग-अलग बचत और बीमा योजनाएँ हैं और इनमें लोग पीढ़ी दर पीढ़ी पैसे जमा करते हैं। डाक विभाग अपनी बचत बैंक और बीमा सेवाओं को ऑनलाइन करने के बाद अब इण्डिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के माध्यम से बैंकिंग क्षेत्र में भी कदम रख चुका है। मेरठ मंडल  में  इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक की सेवाएं प्रधान डाकघर मेरठ व बागपत मुख्य डाकघर सहित  10  डाकघरों के माध्यम से उपलब्ध है। लगभग 2000 खाते इसके तहत खुलवाए जा चुके हैं । डाक निदेशक श्री यादव ने कहा कि दिसंबर माह के अंत तक सभी डाकघरों में इसकी सेवाएं उपलब्ध कराई जाएँगी, जिससे विभाग की सेवा और पहुँच में और भी इजाफा होगा। इसके बाद आर्थिक और सामाजिक समावेशन के तहत ग्रामीण पोस्टमैन चलते-फिरते  एटीएम  के रूप में नई भूमिका निभाएगा।
डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि डाक विभाग का उद्देश्य समावेशी विकास के तहत शहरों के साथ-साथ सुदूर ग्रामीण अंचल स्थित लोगों को भी सभी योजनाओं के तहत लाना है। 'दर्पण'  प्रोजेक्ट के तहत गाँव में स्थित  शाखा डाकघरों को भी  हाईटेक करके  वहाँ पर  हैण्डहेल्ड डिवाइस  दिए जा रहे हैं । इसके तहत  शाखा डाकघरों को ऑनलाइन और डिजिटल बनाने के लिए सोलर चार्जिंग उपकरणों से जोडने के साथ-साथ मोबाइल थर्मल प्रिन्टर, स्मार्ट कार्ड रीडर, फिंगर प्रिन्ट स्कैनर, डिजिटल कैमरा एवं सिगनेचर व दस्तावेज स्कैनिंग के लिये यन्त्र भी मुहैया कराए गए हैं  ताकि ग्रामीण लोगों को इन सुविधाओं के लिये शहरों की तरफ न भागना पडे और घर बैठे ही वे अपना भुगतान प्राप्त कर सकें। डाक विभाग का यह कदम भारत सरकार के "डिजिटल इण्डिया" मिशन को भी पूरा करता है। श्री यादव ने बताया की अब स्पीड पोस्ट बुकिंग की सुविधा भी शाखा डाकघरों में उपलब्ध होगी, जो कि पहले मात्र उपडाकघरों या प्रधान डाकघर में ही थी।
डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि तमाम अग्रणी योजनाओं को डाक विभाग के माध्यम से प्रमुखता से लागू किया जा रहा है | इसीके तहत 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' योजना के तहत अब डाकिये भी घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करेंगे। सुकन्या समृद्धि योजना के इसके तहत मेरठ मंडल में अब तक लगभग 35000 खाते खोले जा चुके हैं | साथ ही देश में मुख्यधारा से वंचित लोगों व उनके परिवारों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से आरम्भ अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना एवं प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के सफलतापूर्वक क्रियान्वयन में भी डाकघरों द्वारा सक्रिय भूमिका के निर्वहन का श्री यादव ने उल्लेख किया। इसके अतिरिक्त डाक निदेशक श्री यादव ने डाकघरों में आधार एनरोलमेंट की संख्या बढ़ाने पर ज़ोर दिया । मेरठ में प्रधान डाकघर सहित  कुल 43 आधार एनरोलमेंट एवं अपडेशन सेंटर खोले गए हैं जिसके तहत अब तक लगभग 900 नए आधार बनाये जा चुके हैं तथा लगभग 17000 आधार का नवीकरण किया जा चुका है । श्री यादव ने यह भी बताया कि प्रधान डाकघर मेरठ कैंट में संचालित पासपोर्ट सेवा केंद्र से अब तब लगभग 7000 पासपोर्ट बनाये जा चुके हैं।


मेरठ डाक मंडल के दौरे पर आए बरेली परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएं कृष्ण कुमार यादव 
हर वर्ग और उम्र के हर पड़ाव के लिए है डाकघर -डाक निदेशक केके यादव 
(साभार : हिंदुस्तान)
गाँव के शाखा डाकघर से भी कर सकेंगे स्पीड पोस्ट बुकिंग - डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव 
(साभार : दैनिक जागरण)

डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव ने किया निरीक्षण
(साभार : अमर उजाला)

Saturday, December 15, 2018

उत्कृष्ट डाक सेवाओं हेतु 8 डाककर्मी 'मेघदूत पुरस्कार' से सम्मानित

डाक सेवाओं के लिए जाने वाला सर्वोच्च 'मेघदूत पुरस्कार' एक बार फिर से आरम्भ हो गया है। संचार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री मनोज सिन्हा ने 14 दिसंबर, 2018 को एक कार्यक्रम में डाक विभाग के कर्मचारियों और ग्रामीण डाक सेवकों को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए 8 श्रेणियों में मेघदूत पुरस्कार प्रदान किए। मेघदूत पुरस्कार 2011 के बाद फिर से शुरू किए गए हैं। पुरस्कार पाने वाले आठों विजेताओं में से प्रत्येक को 21,000/- रुपये नकद,  स्वर्ण पदक और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।

Friday, December 14, 2018

भारतीय डाक विभाग के ई-कॉमर्स पोर्टल का शुभारंभ

भारतीय डाक विभाग ने ग्रामीण कारीगरों और ऑनलाइन रिटेलरों को डाक विभाग के ई-कॉमर्स पोर्टल के जरिए अपने उत्पाद बेचने के लिए शुरूआत से अंत तक सहायता प्रदान करने हेतु नये ई-मार्केट क्षेत्र में कदम रखा है। संचार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री मनोज सिन्हा ने 14 दिसंबर, 2018 को एक कार्यक्रम में  डाक विभाग के ई-कॉमर्स पोर्टल का शुभारंभ किया। यह पोर्टल विक्रेताओं विशेषकर ग्रामीण कारीगरों/स्व-सहायता समूहों/ महिला उद्यमियों/राज्य और केन्द्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों/स्वायत निकायों आदि को अपने उत्पाद देश भर में बेचने के लिए एक ई-मार्केट प्लेस उपलब्ध कराएगा। छोटे और स्थानीय विक्रेता, जो ई-कॉमर्स के क्षेत्र में पीछे छूट चुके हैं, डाक विभाग के विशाल वास्‍तविक और आईटी नेटवर्क का लाभ उठाते हुए अब अपनी पहुंच और खुदरा ताकत को अधिकतम बना पाने में समर्थ हो सकेंगे। खरीददार विक्रेताओं द्वारा पोर्टल पर प्रदर्शित किए गए उत्पादों तक पहुंच कायम कर सकेंगे और डिजिटल भुगतान के जरिए ऑर्डर कर सकेंगे। उत्पादों को स्पीड पोस्ट के माध्यम से भेजा जाएगा। 

श्री सिन्हा ने इस अवसर पर नये सिरे से तैयार की गई भारतीय डाक की वेबसाइट को भी लांच किया। ये नई वेबसाइट विभाग की डिजिटल पहुंच बढ़ाने की दिशा में उठाया गया कदम है।  श्री सिन्हा ने कहा, “ये कदम शासन को नागरिकों की दहलीज तक पहुंचाने के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विजन को ध्यान में रखते हुए उठाए जा रहे हैं।”

श्री सिन्हा ने पोस्ट ऑफिस सेविंग बैंक (पीओएसबी) ग्राहकों के लिए इंटरनेट बैंकिंग सुविधा की भी शुरूआत की, जो कोर बैंकिंग सॉल्युशन (सीबीएस) के अंतर्गत आती है। अब लगभग 17 करोड़ पीओएसबी खाते अंतर-संचालित होंगे और ग्राहक अपनी रकम ऑनलाइन डाकघर के आरडी और पीपीएफ खातों में जमा करा सकेंगे। इस सुविधा से ग्राहकों को डाकघर जाए बिना ही लेन-देन करने में सहायता मिलेगी।

टिकट संग्रह को शिक्षा प्रणाली की मुख्यधारा में लाने और प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से 2017 में डाक विभाग ने स्कूली छात्रों के लिए दीन दयाल स्पर्श (अर्थात् स्कॉलरशिप फॉर प्रमोशन ऑफ एप्टीट्यूड एंड रिसर्च इन स्टैम्प्स ऐज ए हॉबी) छात्रवृत्ति कार्यक्रम की शुरूआत की थी। इस योजना ने देश भर के बच्चों का ध्यान अपनी ओर आकृष्ट किया। यह इसी बात से  जाहिर होता है कि 2017-18 में 20,652 बच्चों ने इसमें भाग लिया था, जबकि 2018-19 में इसमें भाग लेने वाले बच्चों की संख्या लगभग 4 गुना बढ़कर 74,555 तक पहुंच गई। इनमें से 920 छात्रों को सालाना 6000/- रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान करने के लिए चुना गया है। श्री सिन्हा ने दिल्ली सर्किल से चुने गए बच्चों को छात्रवृत्तियां प्रदान कीं और तमिलनाडु, बिहार और आंध्र प्रदेश डाक सर्किल के चुने गए बच्चों से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बात की।

श्री सिन्हा ने ग्रामीण डाक सेवकों और विभाग के कर्मचारियों को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए 8 श्रेणियों में मेघदूत पुरस्कार प्रदान किए। मेघदूत पुरस्कार 2011 के बाद फिर से शुरू किए गए हैं। यह कदम श्री मनोज सिन्हा के मार्गदर्शन के तहत उठाया गया है। पुरस्कार पाने वाले आठों विजेताओं में से प्रत्येक को 21,000/- रुपये नकद,  स्वर्ण पदक और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।

अब डाकिये "बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ" का भी करेंगे प्रचार-प्रसार

अब डाकिया डाक बाँटने के साथ-साथ भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना "बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ" का भी प्रचार-प्रसार करेंगे।  लखनऊ (मुख्यालय) परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएं कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि इसके लिए पोस्टमैन अपनी वर्दी पर  "बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ'' का बैज लगाकर डाक वितरण करेंगे, ताकि लोग इसके प्रति जागरूक हो सकें। इसके अलावा डाकिया लोगों को  सुकन्या  समृद्धि योजना के बारे में भी जागरूक करेंगे।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने जनवरी, 2015 में 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' अभियान का आरम्भ किया था और इसके तहत सुकन्या समृद्धि योजना का आगाज किया था। इसके तहत किसी भी डाकघर में दस साल तक की बालिकाओं का सुकन्या समृद्धि खाता खुलवा सकते है। डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि मात्र 250 रूपये में सुकन्या खाता खोला जा सकता है और इसमें अधिकतम डेढ़ लाख रूपये जमा किये जा सकते हैं। इस योजना में खाता खोलने से मात्र 15 वर्ष तक धन जमा कराना होगा।  बेटी की उम्र 18 वर्ष होने पर जमा राशि का 50 प्रतिशत व सम्पूर्ण राशि 21 वर्ष पूरा होने पर निकाली जा सकती है। वर्तमान में ब्याज दर 8.5 प्रतिशत है और जमा धनराशि में आयकर छूट का भी प्रावधान है। श्री यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में लगभग 15 लाख बेटियों के सुकन्या खाते डाकघरों में खोले जा चुके हैं। 
डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि सुकन्या समृद्धि योजना सिर्फ निवेश का एक माध्यम नहीं है, बल्कि यह बालिकाओं के उज्ज्वल व समृद्ध भविष्य से भी जुडा हुआ है। इस योजना के आर्थिक के साथ-साथ सामाजिक आयाम महत्वपूर्ण हैं। इसमें जमा धनराशि पूर्णतया बेटियों के लिए ही होगी, जो उनकी शिक्षा, कैरियर  एवं विवाह में उपयोगी होगी। यह योजना बालिकाओं के सशक्तिकरण के द्वारा भविष्य में महिला सशक्तिकरण को भी बढ़ावा देगी।

Wednesday, December 5, 2018

DARPAN CSI inaugurated by Director Postal KK Yadav in Sitapur Postal Division

गाँवों में स्थित शाखा डाकघर भी अब हाईटेक व डिजिटल बनेंगे। डिजिटल इण्डिया अभियान से अब ग्रामीण शाखा डाकघर भी जुड़ेंगे। दर्पण प्रोजेक्ट के तहत इन्हें भी अब नई टेक्नालॉजी से जोड़ते हुए डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाया जायेगा। उक्त उद्गार बतौर मुख्य अतिथि श्री कृष्ण कुमार यादव, निदेशक डाक सेवाएं लखनऊ (मुख्यालय) परिक्षेत्र, उ.प्र. ने  सीतापुर डाक मंडल में दर्पण परियोजना के तहत कोर सिस्टम इंटीग्रेटर ऐप  रोलऑउट का शुभारम्भ करते हुए 4  दिसंबर, 2018 को व्यक्त किये। शाखा डाकघर खगेसियामऊ में आयोजित कार्यक्रम में श्री यादव ने ग्राहकों को दर्पण सी.एस.आई जनरटेड रसीद भी प्रदान किया। इसी के साथ लखनऊ परिक्षेत्र में इसे लागू करने वाला सीतापुर पहला जिला बन गया। चरणबद्ध रूप में 31 दिसंबर को इसे लखनऊ जिले  के शाखा डाकघरों में भी क्रियान्वित किया जायेगा।
इस अवसर पर अपने सम्बोधन में डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि डाक विभाग का उद्देश्य समावेशी विकास के तहत शहरों के साथ-साथ सुदूर ग्रामीण अंचल स्थित लोगों को भी सभी सेवाएं प्रदान करना है। शाखा डाकघरों में पंजीकृत पत्रों व पार्सल बुकिंग, इलेक्ट्रानिक मनीऑर्डर, बचत बैंक व ग्रामीण डाक जीवन बीमा प्रीमियम व लोन इंस्टॉलमेंट सम्बन्धी विभिन्न कार्यो के लिए अभी तक उप डाकघरों या प्रधान डाकघरों पर निर्भरता थी, पर अब शाखा डाकघर खुद ही ये कार्य डिवाइस के माध्यम से संचालित कर सकेंगे। ग्रामीण डाक जीवन बीमा का प्रीमियम शाखा डाकघरों में अब सीधे ही पॉलिसी में जमा हो सकेगा। 
डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि स्पीड पोस्ट बुकिंग की सुविधा भी शाखा डाकघरों में उपलब्ध होगी, जो कि पहले मात्र उपडाकघरों या प्रधान डाकघर में ही थी। डाक वितरण को प्रभावी बनाने हेतु बल्क डिलीवरी की सुविधा भी दी गई है। कैश, डाक टिकट और अन्य मदों की आपूर्ति के लिए ब्रांच पोस्टमास्टर सी.एस.आई  ऐप के माध्यम से किसी भी समय अनुरोध भेज सकेगा। यही नहीं, गाँवों में स्थित ब्रांच पोस्टमास्टर अब इसके माध्यम से ही अवकाश के लिए भी आवेदन कर सकेंगे और अपना पे-रोल भी देख सकेंगे। 

डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया  कि दर्पण  प्रोजेक्ट  के तहत  शाखा डाकघरों में हैण्डहेल्ड डिवाइस प्रदान किये गए हैं।  इसके तहत  शाखा डाकघरों को सोलर चार्जिंग उपकरणों से जोडने के साथ-साथ मोबाइल थर्मल प्रिन्टर, स्मार्ट कार्ड रीडर, फिंगर प्रिन्ट स्कैनर, डिजिटल कैमरा एवं सिगनेचर व दस्तावेज स्कैनिंग के लिये यन्त्र भी मुहैया कराये गए हैं,  ताकि ग्रामीण लोगों को इन सुविधाओं के लिये शहरों की तरफ न भागना पडे और गाँव में ही वे तमाम सुविधाएँ पा सकें। 

सीतापुर मंडल के अधीक्षक डाकघर एच. के यादव ने कहा कि इससे  त्वरित और सुव्यवस्थित कार्य होगा तथा हम ग्राहकों को बेहतर सेवाएं प्रदान करने में सक्षम होंगे। सम्बंधित लेखा कार्यालय भी शाखा डाकघरों के कार्य पर ऑनलाइन रूप में सतत निगरानी रख सकेंगे। 

इस अवसर पर सहायक डाक अधीक्षक विकास मिश्रा, संदीप चौरसिया, डाक निरीक्षक जेपी त्रिवेदी, मो. इकबाल, शाखा डाकपाल श्रीमती मंजू मिश्रा  सहित तमाम स्थानीय जनप्रतिनिधिगण और अधिकारी  उपस्थित रहे।










Sunday, December 2, 2018

पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र, सीतापुर का सांसद राजेश वर्मा ने किया उद्घाटन


डाक अधीक्षक सीतापुर कार्यालय के नवनिर्मित भवन और प्रधान डाकघर सीतापुर में पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र का लोकार्पण सीतापुर के सांसद श्री राजेश वर्मा ने लखनऊ परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री आर. के. महाराज, निदेशक डाक सेवाएं लखनऊ परिक्षेत्र श्री कृष्ण कुमार यादव, क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी श्री पीयूष वर्मा व डाक अधीक्षक  एच. के. यादव  की उपस्थिति में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में 1 दिसंबर, 2018 को किया। इस अवसर पर आयोजित डाक मेले में सुकन्या समृद्धि योजना, डाक जीवन बीमा सहित तमाम सेवाओं के धारकों को पासबुक और बॉन्ड्स भी प्रदान किये गए।







इस अवसर पर अपने सम्बोधन में सीतापुर के सांसद श्री राजेश वर्मा ने कहा कि डाक विभाग देश के सबसे पुराने और महत्वपूर्ण विभागों में से है। सरकार की तमाम अहम योजनाओं के क्रियान्वयन में डाकघरों का महत्वपूर्ण योगदान है। यहाँ का डाक अधीक्षक कार्यालय अब किराये के भवन से अपने नवनिर्मित भवन में शिफ्ट हो रहा है।  इससे डाक विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ-साथ जनता को भी काफी सहूलियत होगी। श्री वर्मा ने कहा कि सीतापुर में केंद्र सरकार की तमाम योजनाओं को प्रमुखता से लागू किया गया है। पहले यहाँ के लोगों को पासपोर्ट बनवाने के लिए लखनऊ जाना होता था,पर अब सीतापुर प्रधान डाकघर में ही यह सुविधा आरम्भ हो गई है। इससे शिक्षा, नौकरी और पर्यटन के लिए विदेश जाने वाले लोगों का  यहीं अपने शहर में ही पासपोर्ट बन सकेगा। सांसद श्री वर्मा ने  इसके लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, विदेश मंत्री श्रीमती सुषमा स्वराज और संचार राज्य मंत्री श्री मनोज सिन्हा का आभार जताया।   
लखनऊ परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री आर. के. महाराज ने इस बात पर प्रसन्नता  व्यक्त की कि डाक अधीक्षक कार्यालय अब विभागीय भवन में कार्य करेगा। उन्होंने बताया  कि सीतापुर में अब तक 2000 से ज्यादा लोगों के पासपोर्ट डाकघर द्वारा बन चुके हैं। डाकघर की प्रचलित सेवाओं का लोग अधिक से अधिक लाभ उठायें, इसके लिए भी उन्होंने अपील की।


निदेशक डाक सेवाएँ, लखनऊ परिक्षेत्र श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि डाक विभाग का उद्देश्य समावेशी विकास के तहत शहरों के साथ-साथ सुदूर ग्रामीण अंचल स्थित लोगों को भी सभी योजनाओं के तहत लाना है।उत्तर प्रदेश में 28 पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र आरम्भ हो चुके हैं।  शीघ्र ही सीतापुर के मिश्रिख डाकघर में भी पासपोर्ट सेवा केंद्र शुरु किया जायेगा।  श्री यादव ने कहा कि डाक विभाग अपनी बचत और बीमा योजनाओं को ऑनलाइन करने के बाद अब इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक के माध्यम से बैंकिंग क्षेत्र में भी कदम रख चुका है। सीतापुर प्रधान डाकघर में इण्डिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक की शाखा आरम्भ हो चुकी है और 31 दिसंबर तक सभी डाकघरों को  पेमेंट्स बैंक की सुविधा से जोड़ दिया जायेगा।
 डाक निदेशक श्री यादव ने कहा कि डाक विभाग प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र  मोदी जी द्वारा आरम्भ सभी योजनाओं के क्रियान्वयन में अग्रणी रहा है। सीतापुर में 21 डाकघरों में आधार नामांकन व अद्यतन की सुविधा दी गई है, ताकि लोगों को इसके लिए भटकना न पड़े।  'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' के तहत सीतापुर  जिले में लगभग 37  हजार बेटियों के सुकन्या समृद्धि खाते डाकघरों में खोले गए हैं। सीतापुर में 8 गाँवों  को "सम्पूर्ण बीमा ग्राम" बनाया जा चुका है और शीघ्र ही 4 अन्य ग्रामों को भी इसके तहत कवर किया जायेगा। डाकघरों में  एलईडी बल्ब, ट्यूब लाइट व पंखों  की बिक्री द्वारा आमजन में ऊर्जा संरक्षण को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। 
क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी, लखनऊ  श्री पीयूष वर्मा ने कहा कि डाकघरों में पासपोर्ट सेवा केंद्र खुलने से समय और संसाधन दोनों की ही बचत होने लगी है। इससे ज्यादा से ज्यादा लोग पासपोर्ट के लिए आवेदन करने लगे हैं।
 अधीक्षक डाकघर सीतापुर  एच. के. यादव ने स्वागत संबोधन दिया और सहायक अधीक्षक   विकास मिश्र  ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर श्रीमती शीतल वर्मा जिलाधिकारी, सीतापुर, सहायक निदेशक आर. एन. यादव, डाक अधीक्षक बाराबंकी एस. के. अवस्थी, जेपी त्रिवेदी, मो. इकबाल, प्रधान डाकघर के पोस्टमास्टर अनिल कुमार शुक्ला सहित तमाम जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी और संभ्रांतजन उपस्थित रहे।