Sunday, March 26, 2017

डाकघरों में मनाया गया 'ग्रामीण डाक जीवन बीमा दिवस’, ग्रामीण डाक जीवन बीमा के 22 वर्ष हुए पूरे

डाक विभाग पत्रों के वितरण के साथ-साथ जीवन बीमा के क्षेत्र में भी एक लम्बे समय से कार्यरत है। डाक विभाग अपने विस्तृत नेटवर्क के माध्यम से सुदूर क्षेत्र में रह रहे लोगों को भी बीमित करने के लिए कृत संकल्पित है। उक्त उद्गार राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने ग्रामीण डाक जीवन बीमा के गौरवशाली 22 वर्ष पूर्ण होने पर 24 मार्च, 2017 को ”ग्रामीण डाक जीवन बीमा दिवस” पर व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण लोगों की जरूरतों के अनुसार 24 मार्च 1995 को  'ग्रामीण डाक जीवन बीमा' आरम्भ किया गया।  

डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में बीमा अर्जन में भी डाक विभाग नित नये आयाम स्थापित कर रहा है। राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर में वर्तमान में कुल 7 लाख, 12 हजार 568 पॉलिसियाँ संचालित हैं। वर्तमान वित्तीय वर्ष में ग्रामीण डाक जीवन बीमा के अंतर्गत कुल 4200 पॉलिसियाँ जारी की गईं, जिनमें कुल बीमित राशि 58 करोड़ 60 लाख के सापेक्ष 2 करोड़ रूपये का नया प्रीमियम और 33 करोड़ 6 लाख रूपये का कुल प्रीमियम अर्जित किया गया।

निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि जीवन बीमा आज के दौर की एक अनिवार्य आवश्यकता है। डाकघरों में ग्रामीण लोगों की आयु और आवश्यकता के हिसाब से जीवन बीमा की तमाम योजनायें हैं, जिनमें ग्राम सुरक्षा, ग्राम संतोष, ग्राम सुविधा, ग्राम सुमंगल  व ग्राम प्रिया  शामिल हैं।  इस योजना में वे सभी व्यस्क व्यक्ति जो भारत  के निवासी हों  और ग्रामीण क्षेत्र में कहीं भी स्थाई निवासी हों, पात्र है।  ग्रामीण डाक जीवन बीमा में  अधिकतम बीमित राशि की सीमा 10 लाख है।

ग्रामीण डाक जीवन बीमा के अन्तर्गत लाभों की चर्चा करते हुए जोधपुर  मंडल के प्रवर डाक अधीक्षक श्री बी. आर. सुथार  ने बताया कि निवेश की सुरक्षा पर सरकार की गांरटी, धारा 88 के तहत आयकर में छूट, कम प्रीमियम व अधिक बोनस, पालिसी पर लोन की सुविधा, देश के किसी भी डाकघर में प्रीमियम जमा करने की सुविधा और अग्रिम प्रीमियम पर छूट दी जाती है। 

इस दौरान राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के अंतर्गत विभिन्न जगहों पर डाक बीमा मेले लगाकर ‘ग्रामीण डाक जीवन बीमा दिवस’  मनाया गया, जिसमें लोगों  को इसके बारे में जागरूक किया गया और लोगों का बीमा भी किया गया। बीमा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले विभिन्न ग्रामीण डाक कर्मियों को सम्मानित भी किया गया। 



(Rural Postal Life Insurance day celebration in Post Offices by India Post. RPLI completed it's glorious 22 Years on 24th March, 2017)


Wednesday, March 8, 2017

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस : राजस्थान के 10 जिलों के 30 गांवों में हर घर की बेटी के नाम सुकन्या समृद्धि खाता


राजस्थान के 10 जिलों के 30 गांवों में ऐसा कोई घर नहीं बचा, जहां 10 साल तक की बेटी का खाता नहीं हो। यहां पर डेढ़ लाख बेटियों के खाते खुले हैं।  सुखद पहलू ये है कि ये महिलाओं के इनिशिएटिव के कारण खुले। इसका परिणाम आने वाले सालों में बेटियों के समृद्ध होकर सफल महिला बनने के तौर पर आएगा। 

इसके पीछे बेटियों के सपने पूरे करने की सोच है और इसके पीछे तीन अहम किरदार है। पश्चिम राजस्थान क्षेत्र के डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव, जिनके मन में बेटियों के खाते खोलने की प्रधानमंत्री की सुकन्या समृद्धि योजना को नेक्स्ट लेवल पर ले जाने का ख्याल आया। उनकी पत्नी  आकांक्षा यादव, जिन्होंने इसे सरकारी योजना की तरह नहीं एक मिशन के तौर पर ऐसे गांवों को शत-प्रतिशत जोड़ने का आइडिया दिया जिनमें बेटियों के नाम खाते नहीं हैं। तीसरा किरदार हजारों माँ हैं, जिनकी सजगता से बेटियों के खाते खुले। 

ये सब संभव हुआ बीकानेर के साधासर जैतपुर, जोधपुर के शिकारपुरा, पाली के बांसिया, नोवी, बाड़ा, रोजाला खुर्द, गंगानगर के खोथावाली, बिजयनगर, बिशनपुरा, नागौर के भेड़, बेरवा, पदमपुरा, जाखेड़ा कडु, सिरोही के मोरली आबूरोड के 30 गांवों में। यहां का कोई घर ऐसा नहीं बचा, जिनमें बेटियों के खाते नहीं। खाते में एक वित्तीय वर्ष में न्यूनतम एक हजार और अधिकतम डेढ़ लाख रुपये तक जमा किये जा सकते हैं। वर्तमान में ब्याज दर 8.5 प्रतिशत हैं और जमा धनराशि में आयकर छूट का भी प्रावधान है। उच्चतर शिक्षा और विवाह आदि आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए इसमें से 50 फीसदी राशि बालिका के 18 वर्ष पूरा होने पर निकाली जा सकती है। 

थ्री स्टेप में समझिए, कैसे प्रधानमंत्री के विजन को महिलाओं ने साकार किया।  30 गांव ऐसे बना दिए जहां हर बेटी का सुकन्या समृद्धि योजना में खाता खुल गया-

1. दो बेटियों के पिता की सोच, प्रधानमंत्री के विजन को नेक्स्ट लेवल पर ले गए 

प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने करीब ढाई साल पूर्व हरियाणा से बेटियों के लिए  खाते खोलने की सुकन्या  समृद्धि योजना  का आगाज किया था। डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव ने इस योजना को अपने लेवल पर आगे बढ़ाने की सोची। उनके खुद अक्षिता और अपूर्वा दो बेटियां हैं । दोनों के खाते खुलवाकर उन्होंने सुकन्या समृद्धि योजना का आगाज किया और यहीं से उनके मन में प्रधानमंत्री  के विजन को नेक्स्ट लेवल पर ले जाने का आइडिया आया। वे हर बेटी काे इस योजना जोड़ने की सोचने लगे। 

2. पत्नी ने दिया इनिशिएटिव लेकर ऐसे गांव को समृद्ध बनाइये, जहां बेटियों के खाते नहीं 

डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव की पत्नी, चर्चित महिला ब्लॉगर आकांक्षा यादव ने जब सुकन्या समृद्धि योजना के बारे में सुना तो पति से बात की। उन्होंने सलाह दिया कि सरकारी योजना तो करानी है, अपने स्तर पर इनिशिएटिव लेकर ऐसी बेटियों के खाते खुलवाइए, जिनके खाते ही नहीं। बेटी अक्षिता, जो कि भारत की सबसे उम्र की राष्ट्रीय बाल पुरस्कार विजेता भी है ने पिता से हर बालिका को जोड़ने की बात कही। इस पर श्री यादव ने ' सम्पूर्ण सुकन्या समृद्धि ग्राम योजना' पहली बार शुरू की, जिसे बाद में देश कुछ शहरों ने भी अपनाया। 

3. 85 फीसदी खाते खोलने में बेटियों की मां की सजगता, ताकि भविष्य में अच्छी महिला बने 

निदेशक डाक सेवाएँ कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि सुकन्या समृद्धि ग्राम के तहत महिलाओं ने खूब सजगता दिखाई। राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र  के 30 गांवों में 1.5 लाख बेटियों के अकाउंट खुले, इनमें 90 फीसदी खाते में महिलाओं का योगदान रहा। जहां महिला सरपंच हैं, उन्होंने भी सहयोग किया। इतना ही नहीं, कई ऐसे मामले आए जब अपनी बचत के पैसे से बेटी के लिए मां ने खाता खोला। परिवार से विरोध सहना करना पड़ा तो भी किया। आकांक्षा यादव का कहना है कि नवरात्र में कन्याओं को खाना खिलाने के साथ ही उनके खातों के बारे में सोचे तो कोई बेटी ऐसी नहीं रहेगी जिसका खाता नहीं होगा। 

International Women Day : 30 Villages of Rajasthan Western Region covered under cent-percent  Sukanya Samriddhi Scheme by the efforts of Postal Officials and initiative of Women in villages.

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस : 
प्रधानमंत्री मोदी के विजन को डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव ने आगे ले जाने की सोची, महिलाओं ने आगे बढ़कर साकार किया 
राजस्थान के 10 जिलों के 30 गांवों में हर घर की बेटी के नाम सुकन्या समृद्धि खाता, 
डेढ़ लाख बेटियों के सुकन्या समृद्धि योजना खाते  खुलवाने में महिलाओं ने निभाई अहम भागीदारी 

राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र के अधीन डाक मंडलों में सुकन्या समृद्धि खातों की संख्या (28.02.2017 तक )

सिरोही 27,468
पाली 22,090
श्रीगंगानगर   16,938
सीकर 16,359
जोधपुर 14,221
झुञ्झुनु 13,624
नागौर 13,258
बीकानेर 11,307
चुरू     8,866
बाड़मेर 6,543
कुल 1,50,674

Saturday, March 4, 2017

अब डाकघर बिजली बचाने में भी देंगे योगदान : डाकघर में मिलेंगे एलईडी बल्ब, ट्यूबलाईट व पंखे

अब डाकघर बिजली बचाने में भी योगदान देंगे। चिट्ठी और मनीऑर्डर के साथ-साथ अब डाकिया घरों तक पंखे, एलईडी बल्ब और ट्यूबलाइट भी पहुंचाएगा। डाक विभाग इसे भारत सरकार की “उजाला”  योजना के तहत क्रियान्वित करेगा, जिसका शुभारम्भ प्रधानमन्त्री श्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2015 में किया था। 

इस संबंध में जानकारी देते हुये राजस्थान पश्चिम क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि इस हेतु डाक विभाग ने राजकॉम्प इन्फो सर्विसेस लिमिटेड तथा ऊर्जा दक्षता सेवा लिमिटेड के साथ एक समझौता किया है, जिसके तहत राजस्थान पश्चिम क्षेत्र के अधीन जोधपुर, पाली, जैसलमेर, बीकानेर, नागौर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, सिरोही, चुरू, सीकर सहित समस्त 19 प्रधान डाकघरों के ईमित्र कियोस्क पर एलईडी बल्ब, ट्यूब लाईट एवं पंखे बाज़ार दरों से बेहद कम दाम पर उपलब्ध करवाये जायेंगे। 

डाकघरों में उजाला योजना में फिलिप्स व सूर्या के 9 वाट के एलईडी बल्ब 65 रुपए, 20 वाट की एलईडी ट्यूबलाइट महज 230 रुपए में तथा 50 वाट के 48 इंच ब्लैड वाले ओरियंट पीएसपीओ पंखे 1150 रुपए में बिक्री किए जायेंगे। आने वाले दिनों में एयर कंडीशनर भी उपलब्ध करवाये जायेंगे।

डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि इस हेतु लोग प्रधान डाकघर में जाकर ई मित्र कियोस्क से सीधे ही एलईडी बल्ब, ट्यूब लाईट एवं पंखे खरीद सकते हैं। इसके लिए ग्राहक को मूल बिजली बिल एवं आधार कार्ड की छाया प्रति लानी होगी। इसके अलावा कोई भी नागरिक http://www.ebazaar.rajasthan.gov.in पर जाकर भी ऑनलाइन ऑर्डर कर सकता है। ऑनलाइन बुक किए गए ऑर्डर उस जिले के सम्बंधित प्रधान डाकघर स्थित ईमित्र कियोस्क पर प्रदर्शित होंगे और सम्बंधित प्रधान डाकघर उसे स्पीड पोस्ट से भेजेगा और इस हेतु कोई शुल्क नहीं लिया जायेगा। श्री यादव ने बताया कि ग्राहकों द्वारा ऑनलाइन ऑर्डर प्लेस करने पर उनके रजिस्टर्ड मोबाइल नम्बर पर एक ओटीपी प्राप्त होगा, जिसे सामान की डिलीवरी के समय पोस्टमैन को बताना होगा। 

घरों तक पंखे, ट्यूबलाईट व एलईडी बल्ब पहुँचायेंगे डाक बाबू 

डाकघर में मिलेंगे एलईडी बल्ब, ट्यूबलाईट व  पंखे

Save Energy : Sale of LED Bulb, Tube Lights and fans through Post Offices

Friday, February 24, 2017

डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव पर 'शेरगढ़ एक्सप्रेस' पत्रिका ने जारी किया विशेषांक


डाक विभाग में तमाम ऐसे अधिकारी हैं, जो प्रशासन के साथ-साथ अन्य क्षेत्रों में भी अपना परचम फहरा रहे हैं। भारतीय डाक सेवा के अधिकारी एवम सम्प्रति राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर  के निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव उन्हीं में से एक हैं। उनका पूरा परिवार ही  साहित्य और लेखन के क्षेत्र में सक्रिय है। साहित्य और लेखन के क्षेत्र में विरले ही ऐसे परिवार हैं, जो अपने व्यक्तित्व  और कृतित्व की बदौलत नित् नए मुकाम रच रहे हैं। हाल ही में जोधपुर से प्रकाशित हिंदी पत्रिका "शेरगढ़ एक्सप्रेस" ने अपना फरवरी-2017 अंक "साहित्य जगत  के चमकते सितारे" शीर्षक से  श्री कृष्ण कुमार यादव, उनकी पत्नी  श्रीमती आकांक्षा यादव और उनकी बिटिया एवं  भारत की सबसे कम उम्र की  राष्ट्रीय बाल पुरस्कार विजेता अक्षिता (पाखी) पर विशेषांक रूप में जारी किया है। श्री कृष्ण कुमार यादव पर इससे पूर्व भी इलाहाबाद से प्रकाशित 'गुफ्तगू' पत्रिका और कानपुर से प्रकाशित 'बाल साहित्य समीक्षा' ने विशेष अंक जारी किए हैं ।

बकौल पत्रिका के संपादक मनोज जैन, साहित्य और लेखन  के क्षेत्र में जहाँ एक-दो नहीं बल्कि तीन प्रतिभाएँ एक ही परिवार से हों और एक-दूसरे से बढ़-चढ़कर, तो  इसे दुर्लभ संयोग ही कहा जायेगा।  पत्रिका में 'प्रशासन और साहित्य के ध्वजवाहक : कृष्ण कुमार यादव',  'युवा पंखों की ऊँची उड़ान : आकांक्षा यादव',   'आँगन की रंगोली से क्षितिज तक : कृष्णाकांक्षा' और 'भारत की सबसे कम उम्र की राष्ट्रीय बाल पुरस्कार विजेता  नन्ही ब्लॉगर अक्षिता (पाखी)' शीर्षक से लिखे लेखों में विभिन्न विद्वानों ने इनके कृतित्व के विभिन्न पहलुओं को रेखांकित करने का महनीय प्रयास किया है।   

पत्रिका के इस विशेष अंक को राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने जारी किया।  इस अवसर पर संपादक मनोज जैन ने बताया कि उनका प्रयास जोधपुर से जुड़े या यहाँ पर रह रहे विभिन्न क्षेत्रों की हस्तियों के योगदान को रेखांकित करते हुए विभिन्न विशेषांक निकालना है।  इस क्रम में यहाँ के चिकित्सा, इंजीनियरिंग, चार्टेड अकाउंटेंट, शिक्षा, प्रशासन, न्याय, साहित्य, कला, संस्कृति और लोक रंग इत्यादि से जुड़े व्यक्तियों के बारे में अंक प्रकाशित किये जायेंगे।  डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि, मनोज जैन का प्रयास प्रशंसनीय है और इसके माध्यम से जोधपुर की माटी की खुशबू को बाहर भी महसूस किया जा सकेगा ।
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लेखन  के क्षेत्र में सक्रिय होकर अपनी प्रतिभा के दम  पर इस विशाल आसमान में अपनी चमक बिखेरने वाले विरले ही मिलते हैं। ऐसी ही एक दो नहीं तीन प्रतिभाएँ एक परिवार से हों और एक-दूसरे से बढ़-चढ़कर, तो  इसे दुर्लभ संयोग कहते हैं। कृष्ण कुमार यादव, निदेशक डाक विभाग, उनकी भार्या श्रीमती आकांक्षा यादव एवम लेखन के क्षेत्र में नन्ही कोपल अक्षिता (पाखी) यादव सबसे कम उम्र में राष्ट्रीय बाल पुरस्कार विजेता, साहित्य और लेखन क्षेत्र में अपना परचम फहरा रहे हैं। "शेरगढ़ एक्सप्रेस" में इनके प्रयासों, विद्वता और महान योगदान को विद्वानगणों की कलम से इस अंक में प्रकाशित करने का प्रयास किया गया है।  हमारा यह प्रयास महान विभूतियों के आगे काफी छोटा है।  जिसमें इनके प्रयासों के अथाह सागर को सारगर्भित रूप में पाठकों के समक्ष रखा जा रहा है - मनोज जैन, प्रधान संपादक, शेरगढ़ एक्सप्रेस 

प्रशासन और साहित्य के ध्वजवाहक : कृष्ण कुमार यादव 
(लेखक : डॉ. बद्री नारायण तिवारी, संयोजक- राष्ट्रभाषा प्रचार समिति-वर्धा, उत्तर प्रदेश, 
पूर्व अध्यक्ष-उ0प्र0 हिन्दी साहित्य सम्मेलन/संयोजक-मानस संगम,  शिवाला, कानपुर, उत्तर प्रदेश)


                 आँगन की रंगोली से क्षितिज तक : कृष्णाकांक्षा                        
( लेखक : यतीन्द्र नाथ ‘राही‘, रजत विहार, भोपाल (म.प्र.)



युवा पंखों की ऊँची उड़ान : आकांक्षा यादव 
(लेखिका : डॉ. कमल कपूर, अध्यक्षा : नारी अभिव्यक्ति मंच ’पहचान’ फरीदाबाद, हरियाणा)


भारत की सबसे कम उम्र की राष्ट्रीय बाल पुरस्कार विजेता  
नन्ही ब्लॉगर अक्षिता यादव (पाखी) 


पत्रिका का नाम : शेरगढ़ एक्सप्रेस (हिंदी मासिक)
प्रधान संपादक : मनोज जैन 
अंक : फरवरी, 2017  (वर्ष -5, अंक -09)
(साहित्य जगत के चमकते सितारे : कृष्ण कुमार यादव, आकांक्षा यादव, अक्षिता पाखी)
पृष्ठ - 32,     मूल्य : रूपये 20 /-
संपर्क : शेरगढ़ एक्सप्रेस कार्यालय, बस स्टैंड, शेरगढ़, जिला-जोधपुर (राजस्थान)-342022 


राजस्थान में जोधपुर से प्रकाशित मासिक हिंदी पत्रिका 'शेरगढ़ एक्सप्रेस' ने फरवरी-2017 अंक 'साहित्य जगत के चमकते सितारे' शीर्षक से हमारे ( कृष्ण कुमार यादव, आकांक्षा यादव, अक्षिता पाखी) व्यक्तित्व - कृतित्व पर केंद्रित कर प्रकाशित किया है। इसके लिए हार्दिक आभार !!
Shergarh Express, a Hindi Magazine, published from Jodhpur, Rajasthan (Editor-Manoj Jain) released it's special issue on Personality and literary creation of Krishna Kumar Yadav Director Postal Services, Rajasthan Western Region, Jodhpur, his wife Mrs. Akanksha Yadav, a well known Hindi blogger & writer and daughter  Akshitaa (Pakhi), Youngest National Child Awardee of India. February issue of magazine is depicting the picture of Yadav family with a slogan Shining stars of Hindi literature, on it. Issue of Shergarh Express magazine  was released by Krishna Kumar Yadav Director Postal Services, Rajasthan Western Region, Jodhpur.


डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव  पर जारी हुआ 'शेरगढ़ एक्सप्रेस' पत्रिका का विशेष अंक
पूरा परिवार ही है साहित्य और लेखन के क्षेत्र में सक्रिय, 
बेटी अक्षिता भारत की सबसे कम उम्र की राष्ट्रीय बाल पुरस्कार विजेता 


डाक निदेशक युवा साहित्यकार व् ब्लॉगर कृष्ण कुमार यादव, आकांक्षा यादव व् नन्ही ब्लॉगर अक्षिता पाखी के साहित्यिक अवदान पर 'शेरगढ़ एक्सप्रेस' पत्रिका का विशेषांक




Wednesday, February 22, 2017

अब मिलेंगे ई-डाक मतपत्र, कम समय में होगा मतदान

चुनावों के साथ ही डाक मत पत्र की चर्चा भी आरम्भ हो जाती है।  लोकतांत्रिक निर्वाचन व्यवस्था में यह एक ऐसी प्रणाली है जिसके माध्यम से मतदाता मतदान केन्द्र पर व्यक्तिशः उपस्थित न होते हुए भी अपना वोट डाल पाता है। दुनिया के कई देशों ने इसको लागू कर रखा है। इस व्यवस्था में सामान्यतया मतदाता के अनुरोध पर बैलट पेपर को उसके पास डाक द्वारा भेजा जाता है। ठप्पा लगाने के बाद मतदाता द्वारा फिर उसे वापस भेजना होता है। पहचान के लिए कुछ सत्यापन प्रक्रियाएं भी आवश्यक होती है। भारत में डाक मत पत्र की व्यवस्था केवल सीमित रूप से ही लागू है। यह सबके लिए नहीं है।

हाल ही में लंबे समय से लंबित मांग को स्वीकार करते हुए सरकार ने चुनाव नियमों में संशोधन किया है. इसके बाद सशस्त्र बल कर्मी और डाक मतपत्र के इस्तेमाल के लिए योग्य अन्य मतदाता, इलेक्ट्रॉनिक माध्यम के जरिए डाक मतपत्र प्राप्त कर सकेंगे. जिससे बेशकीमती समय की बचत हो सकेगी.इसका मतलब है कि सशस्त्र बल कर्मी और डाक मतपत्र के लिये अधिकृत अन्य मतदाता अब इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से भेजे गए सादा डाक मतपत्र को डाउनलोड कर सकते हैं. अपनी पसंद को बताकर भरा हुआ मतपत्र अपने संबद्ध निर्वाचन अधिकारियों को भेज सकते हैं.

वस्तुत: यह डाक सेवाओं द्वारा मतपत्र को दोतरफा भेजने की मौजूदा व्यवस्था में अनुभव किए जाने वाले विलंब को कम करने के लिए किया गया है, पर  चुनाव आयोग ने सुरक्षा और गोपनीयता की वजहों से दोतरफा इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसमिशन की सिफारिश नहीं की है. इससे  दूरस्थ और सीमावर्ती क्षेत्रों में काम करने वाले सशस्त्र बल कर्मियों को इससे काफी लाभ होगा. क्योंकि, डाक सेवाओं के जरिए मत पत्रों को दो तरफा भेजने की मौजूदा व्यवस्था सशस्त्र बलों में कार्यरत मतदाताओं की अपेक्षाओं को पूरा करने में सक्षम नहीं हो सकी है.

एक सूत्र ने बताया कि सरकार ने 21 अक्तूबर को अधिसूचना जारी की है, जिसमें चुनाव संचालन नियम, 1961 की नियम संख्या 23 में संशोधन किया गया है. इसके जरिए सशस्त्र बल में काम करने वाले मतदाताओं और अन्य को ई-डाक मतपत्र के जरिए चुनावों में अपना वोट डालने में सक्षम बनाया गया है.यह मुद्दा उच्चतम न्यायालय के समक्ष आया था जहां यह दलील दी गई थी कि सशस्त्र बल कर्मियों और उनके परिजनों के आसानी और प्रभावी तरीके से अपने मतदान के अधिकार का इस्तेमाल करने के लिए कारगर तंत्र बनाया जाए. सरकार ने चुनाव आयोग से संपर्क कर इस बारे में बात की थी.

सरकार ने अपने मताधिकार का प्रयोग करने के दौरान सशस्त्र बलों में काम करने वाले मतदाताओं के समक्ष पेश आने वाली कठिनाइयों को कम करने में मदद करने का आग्रह किया था. चुनाव आयोग की तकनीकी टीम ने एक व्यवस्था विकसित की है जिसके जरिए मतदाता को सादा मत पत्र इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से भेजा जा सकता है.
डाक मतपत्र के हकदार मतदाता यथा सशस्त्र बलों में काम करने वाले मतदाता डाक मतपत्र को डाउनलोड करके और सादा डाक मतपत्र का प्रिंट ले सकते हैं. सादा मतपत्र पर अपना वोट देने के बाद वह जैसे मौजूदा डाक मतपत्र प्रणाली के तहत संबद्ध निर्वाचन पदाधिकारी को डाक से मतपत्र भेजते हैं उसी तरह वह उसे भी भेज सकते हैं.

आयोग ने प्रस्ताव दिया था कि अधिक श्रेणियों के मतदाताओं को ई-डाक मतपत्र प्रणाली के योग्य बनाया जाए. हालांकि, प्रायोगिक आधार पर ई-डाक मतपत्र प्रणाली को सुरक्षा बलों में काम करने वाले मतदाताओं और केंद्र सरकार के सशस्त्र पुलिस बलों, सैन्य अधिनियम के प्रावधानों के तहत अन्य बलों, राज्य के बाहर काम कर रहे राज्य के सशस्त्र बलों और भारत के बाहर तैनात भारत सरकार के कर्मचारियों के लिए शुरू किया गया है.

सूत्रों ने कहा कि एकतरफा सादा मतपत्र को इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से भेजने से काफी लाभ होगा. मतदान के बाद डाक मतपत्र को निर्वाचन अधिकारियों को मतगणना की तारीख से पहले या उस दिन तक मिलने में लगने वाले समय को कम किया जा सकेगा.

Wednesday, February 15, 2017

आधुनिकतम तकनीक से जुड़ रही हैं डाक सेवाएं : डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव



डाक विभाग द्वारा पाली मंडल के मारवाड़ जंक्शन प्रधान डाकघर में  11  फरवरी, 2017 को वृहद डाक मेले का आयोजन किया गया। इसमें डाक विभाग द्वारा चलाई जा रही नवीनतम योजनाओं की जानकारी देकर उनका लाभ उठाने के लिए लोगों को प्रेरित किया गया। मेले में दूर दराज से आए लोगों ने डाक विभाग की इस पहल को सराहा और तमाम योजनाओं में निवेश सुनिश्चित किया। डाक मेले का शुभारम्भ राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने किया। 
डाक मेले  को सम्बोधित करते हुए  निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि आज भी देश के हर कोने में, हर दरवाजे पर डाक विभाग की पहुँच है और वह लोगों के सुख-दुःख में बराबर रूप से जुड़ा हुआ है। श्री यादव ने कहा कि डाकघरों में हर वर्ग और उम्र के हर पड़ाव के लिए अलग-अलग बचत और बीमा योजनाएँ हैं।  10 साल तक की बालिकाओं के लिए आरम्भ सुकन्या समृद्धि योजना की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि इससे बालिकाओं का आर्थिक सशक्तिकरण होगा और उनकी उच्च शिक्षा और  विवाह में काफी सुविधा होगी।
श्री यादव ने सुकन्या समृद्धि योजना में पाली मंडल की सराहना करते हुए बांसिया के बाद नोवी (बांकली), राजोला खुर्द ( सोजतरोड) तथा बाड़ा सोलंकिया (नाडोल) को भी सम्पूर्ण सुकन्या समृद्धि गांव घोषित किया। देश में मुख्यधारा से वंचित लोगों व उनके परिवारों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से आरम्भ अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना एवं प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के सफलतापूर्वक क्रियान्वयन में भी डाकघरों द्वारा एक मुख्य व सक्रिय भूमिका के  निर्वहन का उल्लेख किया।
डाक विभाग की नई योजनाओं की चर्चा करते हुए डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि  डाक विभाग को पेमेंट बैंक का दर्जा मिलने के बाद इसकी सेवा और पहुँच में और भी इजाफा होगा। पाली  मण्डल के अंतर्गत पाली  प्रधान डाकघर में भी इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक की शाखा खोली जाएगी। उन्होंने कहा कि ई-काॅमर्स को बढ़ावा देने हेतु कैश ऑन डिलीवरी, लेटर बाक्स से नियमित डाक निकालने हेतु नन्यथा मोबाईल एप एवं डाकघरों में कोर इंश्योरेंस, कोर बैंकिंग, एटीएम जैसी तमाम आधुनिक सेवाओं का समावेश हुआ है। उन्होंने कहा कि डाक सेवाएं  नवीनतम टेक्नालॉजी को अपनाते हुए नित्य नए आयाम रच रही हैं।

डाक निदेशक श्री यादव ने कहा कि रूरल इन्फॉर्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नालॉजी प्रोजेक्ट के तहत ग्रामीण शाखा डाकघरों को भी हाईटेक किया जायेगा और वहाँ पर  हैण्डहेल्ड डिवाइस  दिया जायेगा। अब पोस्टमैन चलता फिरता एटीएम  इसके लिए पाली में कार्य आरम्भ हो गया है।  इसके तहत  शाखा डाकघरों को सोलर चार्जिंग उपकरणों से जोडने के साथ-साथ मोबाइल थर्मल प्रिन्टर, स्मार्ट कार्ड रीडर, फिंगर प्रिन्ट स्कैनर, डिजिटल कैमरा एवं सिगनेचर व दस्तावेज स्कैनिंग के लिये यन्त्र भी मुहैया कराया जायेगा ताकि ग्रामीण लोगों को इन सुविधाओं के लिये शहरों की तरफ न भागना पडे और घर बैठे ही वे अपना भुगतान प्राप्त कर सकें।

पाली मंडल के डाक अधीक्षक श्री डी. आर. सुथार ने कहा कि डाक विभाग अपने ग्राहकों को बेहतर सेवा देने के लिए तत्पर है और इस दिशा में लोगों से समय-समय पर संवाद के साथ-साथ विभाग ने अपनी सेवाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया है। श्रीमती आशा सैनी, सरपंच ग्राम पंचायत मारवाड़ जंक्शन ने  इस प्रकार के डाक मेले की सराहना करते हुये  कहा कि ऐसे आयोजनों से जनता में जागरूकता बढ़ती है और लोग तमाम योजनाओं का फायदा उठा पाते हैं। श्री ओमप्रकाश जोशी, प्रधानाचार्य राजकीय उच्च मध्यमिक विद्यालय -मारवाड़ जंक्शन ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।


इस अवसर पर लोगों ने तमाम बचत योजनाओं, डाक जीवन बीमा, ग्रामीण डाक जीवन बीमा, सुकन्या समृद्धि सहित तमाम योजनाओं का फायदा उठाया और नए खाते खोले।  निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने इस अवसर पर तमाम लोगों को मंच पर पासबुकें दे कर उनके सुखी व समृद्ध भविष्य की कामना की। इस अवसर पर  पाली डाक मण्डल में वर्ष 2016-17 में  विभिन्न लक्ष्यों, योजनाओं  की प्राप्ति में उल्लेखनीय योगदान करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को निदेशक डाक सेवाएँ श्री कृष्ण कुमार यादव द्वारा सम्मानित किया गया।


कार्यक्रम  में श्री तरुण कुमार शर्मा, श्री संग्राम भंसाली, श्री राजेन्द्र सिंह भाटी सहायक अधीक्षक, श्री श्रवण कुमार भाटी, श्री जयदेव यादव, श्रीमती शहनाज खान निरीक्षक डाकघर, डाकपाल पाली श्री जेपाराम सांगर, डाकपाल मारवाड़ जंक्शन श्री भारमल गुर्जर, श्री लक्ष्मणनाथ, श्री एम.एल.सूचक, मण्डल कार्यालय पाली का समस्त स्टाफ, कई उपडाकपाल, डाक सहायक एवं ग्रामीण डाक सेवक एवं प्रबुद्ध नागरिकगण उपस्थित थे।