Friday, December 9, 2016

सिरोही जिले का मोरली गाँव बना प्रथम “सम्पूर्ण सुकन्या समृद्धि योजना ग्राम”, डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव ने किया सम्मानित

सुकन्या समृद्धि योजना बेटियों के सपनों को पूरा करने का सशक्त माध्यम है।  हर बेटी को उसके जन्म पर माँ-बाप  द्वारा सुकन्या समृद्धि खाता उपहार स्वरूप देकर नई परम्परा का सूत्रपात करना चाहिये। बेटियों की उच्च शिक्षा, कैरियर और उनके विवाह में सुविधा के लिए 10 वर्ष तक की बेटियों हेतु डाकघरों में सुकन्या समृद्धि योजना आरंभ की गयी है। उक्त उद्गार राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने  राजस्थान के सिरोही  जिले के शिवगंज तहसील स्थित मोरली  गाँव में सुकन्या समृद्धि योजना के लिये 09  दिसंबर, 2016  को आयोजित मेले में व्यक्त किये। गाँव की 10 वर्ष तक की समस्त 144 योग्य बालिकाओं के सुकन्या खाते खोलकर मोरली  गाँव सिरोही  जिले का प्रथम “सम्पूर्ण सुकन्या समृद्धि योजना ग्राम” बन गया है।
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्र्म में मुख्य अतिथि के रूप में अपने सम्बोधन में निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने "बेटी बचाओ, बेटी पढाओ” के अंतर्गत बालिकाओं  के राष्ट्र निर्माण पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि आज बेटियाँ समाज में नित नये मुकाम हासिल कर रही हैं। बेटियों की समृद्धि और खुशहाली में ही समाज का भविष्य टिका हुआ है। इसीलिए सुकन्या समृद्धि योजना सिर्फ निवेश का एक माध्यम नहीं है, बल्कि यह बालिकाओं के उज्ज्वल व समृद्ध भविष्य से भी जुडा हुआ हैं। इस योजना के आर्थिक के साथ साथ सामाजिक आयाम महत्वपूर्ण हैं। इसमें जमा धनराशि पूर्णतया बेटियों के लिए ही होगी, जो उनकी शिक्षा, कैरियर  एवं विवाह में उपयोगी होगी। 

डाक विभाग की योजनाओं की चर्चा करते हुए डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि डाक विभाग का उद्देश्य समावेशी विकास के तहत शहरों के साथ-साथ सुदूर ग्रामीण अंचल स्थित लोगों को भी इन सभी योजनाओं के तहत लाना है। इसके तहत आने वाले दिनों में ग्रामीण डाक सेवकों सहित विभाग के सभी कर्मचारियों को सूचना प्रौद्योगिकी के माहौल में प्रभावकारी तरीके से कार्य करने के लिए तैयार करना है। इसी क्रम में ग्रामीण शाखा डाकघरों को भी तकनीकी तौर पर दक्ष बनाने के उद्देश्य से ग्रामीण आईसीटी के तहत हाईटेक किया जायेगा और वहाँ पर नेटबुक व हैण्डहेल्ड डिवाइस भी दिया जायेगा। शाखा डाकघरों को सोलर चार्जिंग उपकरणों से जोडने के साथ-साथ मोबाइल थर्मल प्रिन्टर, स्मार्ट कार्ड रीडर, फिंगर प्रिन्ट स्कैनर, डिजिटल कैमरा एवं सिगनेचर व दस्तावेज स्कैनिंग के लिये यन्त्र भी मुहैया कराया जायेगा ताकि ग्रामीण लोगों को इन सुविधाओं के लिये शहरों की तरफ न भागना पडे।


इस अवसर पर सिरोही मंडल के डाक अधीक्षक श्री डी. आर. पुरोहित ने बताया कि किसी भी डाकघर में दस साल तक की बालिकाओं का सुकन्या समृद्धि खाता खुलवा सकते है। इसमें एक वित्तीय वर्ष में न्यूनतम 1,000 और अधिकतम डेढ़ लाख रूपये तक जमा किये जा सकते हैं। इस योजना में खाता खोलने से मात्र 15  वर्ष तक धन जमा कराना होगा।  बेटी की उम्र 18 वर्ष होने पर जमा राशि का 50 प्रतिशत व सम्पूर्ण राशि 21 वर्ष पूरा होने पर निकाली जा सकती है। ब्याज दर 8.5 प्रतिशत हैं और जमा धनराशि में आयकर छूट का भी प्रावधान है।


इस अवसर पर ग्राम सरपंच सुश्री रेखा देवी ने डाक विभाग की इस पहल की सराहना की और कहा कि ग्रामवासियों के लिए यह अत्यन्त गर्व की बात हैं कि यह जिले  का प्रथम “सम्पूर्ण सुकन्या समृद्धि योजना ग्राम” बनकर “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” अभियान को मूर्त रूप दे रहा है।

डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने बालिकाओं को पासबुकें उपहार देकर उनके सुखी व समृद्ध भविष्य की कामना की। श्री यादव ने सरपंच सुश्री रेखा देवी के प्रयासों की सराहना की और आशा व्यक्त की कि बेटियों के लिए ऐसे प्रयास अन्य गांवों में भी किये जायेंगे।



इस अवसर पर सहायक डाक अधीक्षक अक्खा राम, राजेन्द्र सिंह भाटी, निरीक्षक मुकेश जांगिड़, पारसमल सुथार, शाखा डाकपाल महावीर सिंह  सहित तमाम स्थानीय जनप्रतिनिधि व गाँववासी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन श्री मुकेश जांगिड़  ने किया।

Thursday, December 8, 2016

यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन द्वारा अन्तर्राष्ट्रीय पत्र लेखन प्रतियोगिता-2017 का आयोजन

पत्र लेखन विधा को प्रोत्साहित करने के लिए हर वर्ष यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन द्वारा अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर पत्र लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है। इसी क्रम में इस बार भी 8 जनवरी, 2017 (रविवार ) को प्रातः  10.00 बजे से 11.00 बजे के दौरान  उक्त प्रतियोगिता का आयोजन किया जायेगा।  इस संबंध में जानकारी देते हुए राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर  के निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि डाक विभाग  द्वारा राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र के अधीन जोधपुर सहित सभी 10 डाक मंडल मुख्यालयों पर 15 वर्ष तक के स्कूली  विद्यार्थियों हेतु  46वीं यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन पत्र-लेखन प्रतियोगिता-2017 का आयोजन किया जायेगा। पत्र-लेखन का विषय “माना कि आप संयुक्त राष्ट्र संघ के नए महासचिव के सलाहकार हैं तो विश्व स्तर के किस मुद्दे को सर्वप्रथम सुलझाने में उनकी मदद करेंगे और इसके लिए क्या सलाह देंगे?" (Imagine you are an advisor to the new UN Secretary-General which world issue would you help him tackle first and how would you advise him to solve it) रखा गया है। पत्र हिंदी, अंग्रेजी या संविधान की आठवीं सूची में निर्दिष्ट किसी भी भाषा में 1000  शब्दों की सीमा में लिखना होगा।

 डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि प्रतियोगिता हेतु आवेदन करने की अन्तिम तिथि 21 दिसम्बर 2016 है। इच्छुक विद्यार्थी, जो 31 मार्च 2017  तक 15 वर्ष की आयु पूर्ण करेंगे, अपने विद्यालय के माध्यम से (जन्मतिथि सत्यापित करवाते हुए) निर्धारित आवेदन-पत्र (दो प्रतियों में) पासपोर्ट आकार की तीन नवीनतम फोटो साथ लगाकर संबंधित डाक अधीक्षक/प्रवर अधीक्षक को भेज सकते हैं।  प्रतियोगिता हेतु आवेदन करने का प्रारूप सम्बन्धित प्रवर अधीक्षक/अधीक्षक कार्यालय से प्राप्त किया जा सकता है, हालांकि सभी मण्डलीय अधीक्षकों को व्यापक प्रचार व प्रमुख स्कूलों को प्रारूप उपलब्ध कराने के निर्देश दिये गये हैं। 


 श्री यादव ने यह भी बताया कि यदि विभिन्न स्कूलों-कालेजों के प्रधानाचार्य चाहें तो उक्त प्रतियोगिता डाक विभाग से मिलकर अपने स्तर पर भी स्वतंत्र रूप से करा सकते है। डाक विभाग प्रतियोगी प्रविष्टियों को उनसे एकत्र कर परिमंडलीय कार्यालय, जयपुर को भेजेगा।

निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि पत्र लेखन प्रतियोगिता का मूल्यांकन परिमण्डलीय स्तर पर जयपुर में किया जायेगा तथा श्रेष्ठ तीन पत्र लेखन को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मिलित करने हेतु डाक निदेशालय, नई दिल्ली भेजा जायेगा। राष्ट्रीय स्तर पर श्रेष्ठ तीन प्रतियोगियों को क्रमशः रू0 5,000, रू0 3,000 व रू0 2,000 का प्रथम, द्वितीय व तृतीय पुरस्कार प्रमाणपत्र सहित दिया जायेगा। इसके अलावा हर डाक परिमंडल की  सर्वोत्कृष्ट प्रविष्टि   को सांत्वना पुरस्कार के रूप में 1,000 रूपये व प्रमाण पत्र दिया जायेगा। राष्ट्रीय स्तर के श्रेष्ठ पत्र लेखन को स्विटजरलैंड में यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन के पास आधिकारिक प्रविष्टि के रूप में भेजा जायेगा।  





Monday, December 5, 2016

बिस्तर पर लेटे 600 मरीजों के नोट बदलने खुद पहुँच गए डाक निदेशक


नोटबंदी से परेशान लोगों की मदद के लिए कई लोग कार्य कर रहे थे, लेकिन ये तीन अफ़सर ऐसे थे जिन्होंने आउट ऑफ़ वे जाकर न केवल हजारों लोगों की अपने-अपने तरीके से मदद की बल्कि नोटबंदी से परेशान लोगों की मदद के लिए दफ़्तरों से निकल उन्हीं के सामने पहुँच गए।
(बिस्तर पर लेटे 600 मरीजों के नोट बदलने खुद पहुँच गए डाक निदेशक) 

राजस्थान पश्चिम क्षेत्र डाक सेवा के निदेशक क़ृष्ण कुमार यादव के पास नोटबंदी मे जोधपुर सहित 13 जिलों  के 4452 डाकघरों की जिम्मेदारी थी। लोग करेंसी बदलवाने एटीएम और बेंकों की लाइनों मे खड़े थे तो सवाल उठा कि अस्पताल मे भर्ती मरीज कैसे नकदी लाएंगे? बस अगले दिन टीम के साथ पोस मशीन लेकर पहुँच गए जोधपुर के महात्मा गांधी राजकीय अस्पताल। 600 मरीजों को उनके बेड पर जाकर मनी एक्स्चेंज कर मुस्कान दी। फिर उम्मेद अस्पताल में  400 गर्भवतियों के पास जाकर मनी एक्स्चेंज की। ग्रामीणों की मदद के लिए भी जमा विड्राल की खास सुविधा की। 19 दिन में 50 हजार नए खाते खुलवा दिये।

(साभार : दैनिक भास्कर, 5 दिसंबर 2016)

Wednesday, November 23, 2016

पहल : डाक विभाग ने मरीजों का बांटा दर्द, नोटबंदी के बाद अस्पताल पहुँचकर बदली नकदी

नोटबंदी के बाद मरीजों और उनके परिजनों को हो रही परेशानियों को दूर करने के लिए जोधपुर में डाक विभाग के अधिकारी और कर्मचारी अब अस्पतालों में पहुँच रहे हैं। डाक विभाग की ओर से 22 नवम्बर को महात्मा गाँधी राजकीय अस्पताल, जोधपुर में भर्ती मरीजों के 500 और 1,000 रूपये के पुराने नोट बदले गए। राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएँ श्री कृष्ण कुमार यादव ने वार्ड में भर्ती कुछेक मरीजों को अपने हाथों से 100-100 रुपए के नोट देकर इसकी शुरुआत की और तत्पश्चात डाक विभाग के कर्मचारियों ने सभी मरीजों तक इस पहल को पहुँचाया। मरीजों को जब पुराने नोटों की जगह नई  नोटें मिलीं तो उनके चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ गई और परिजनों ने राहत की साँस ली। उन्होंने इसे डाक विभाग द्वारा आरम्भ की कई एक अनूठी और परोपकारी पहल बताया।


निदेशक डाक सेवाएँ श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि डाक विभाग लोगों के सुख-दुःख में बराबर भागीदार है और ऐसे में जो लोग अपने पुराने नोट बदलने के लिए डाकघर या बैंक तक जाने की स्थिति में नहीं हैं, अस्पतालों में उन्हें उनकी जरूरतों के मुताबिक खुले नोट देने के लिए यह पहल की गई है। श्री यादव ने कहा कि यह डाक विभाग के सामाजिक सरोकारों का भी परिचायक है।



महात्मा गाँधी राजकीय अस्पताल, जोधपुर के कार्यवाहक अधीक्षक डॉ. अजय मालवीय ने डाक विभाग की इस पहल की सराहना करते हुये कहा कि इससे मरीजों और उनके परिजनों को काफी सहूलियत होगी। जोधपुर प्रधान डाकघर के सीनियर पोस्टमास्टर श्री लाल शंकर पटेल ने कहा कि मरीजों को परेशानी न हो, इसलिए उनके फॉर्म भरने में भी डाक विभाग के कर्मचारियों ने मदद की, ताकि उन्हें 2000 रुपए तक के खुले पैसे दिये जा सकें। महात्मा गाँधी राजकीय अस्पताल, जोधपुर में भर्ती 300 से ज्यादा मरीजों के नोट बदले गए। दोपहर 11 बजे से आरंभ हुई यह प्रक्रिया शाम तक चली। गौरतलब है कि नोटबंदी के बाद दवा की दुकानों या बाहर जाँच घर में पुरानी नोट नहीं लेने से मरीजों और उनके परिजनों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ता है।

 इस दौरान राजकीय अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. अरुण पुरोहित, सहायक डाक अधीक्षक श्री विनय कुमार खत्री, डाक निरीक्षक श्री सुदर्शन सामरिया, राजेश व्यास, विजय सिंह, अब्दुल समद, हेमंत कुमार, लक्ष्मण सिंह, गोवर्धन राम, अशोक कुमार, मोहन सिंह सहित डाक विभाग और महात्मा गाँधी राजकीय अस्पताल, जोधपुर के तमाम अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे और नोटों के बदलने में सहयोग किया। 


















Tuesday, November 22, 2016

नोटबंदी के बाद जोधपुर के डाकघरों में जमा हुई 1 अरब रूपये से ज्यादा की राशि

भारत सरकार द्वारा 500 और 1,000 रूपये के नोटों के विमुद्रीकरण (demonetisation) और तदनुसार नोटबंदी के बाद डाकघरों में भी 500 और 1,000 रूपये के नोट खूब बदले गए और लोगों ने अपने खातों में  पुराने नोट  भी जमा कराये। राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएँ श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि 10 नवम्बर से आरम्भ हुए इस अभियान के तहत जोधपुर के डाकघरों में 21 नवम्बर तक अपने खातों  में लोगों ने 500 और 1,000 रूपये की  लगभग 1 अरब 9  करोड़ की राशि जमा की।  डाकघरों में एक्सचेंज के तहत इस दौरान  लगभग 28 करोड़ 94 लाख रूपये की राशि बदली गई। 

डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि डाकघर की तमाम बचत योजनाओं -बचत खाता, आवर्ती जमा खाता, सावधि खाता, मासिक जमा योजना, पीपीएफ, सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम, सुकन्या समृद्धि योजना, एन एस सी, किसान विकास पत्र में 500 और 1,000 रूपये के पुराने नोट स्वीकार किये जा रहे हैं। प्रधान डाकघर और उप डाकघरों के अलावा गाँवों में स्थित शाखा डाकघरों में भी  500 और 1,000 रूपये के पुराने नोट सभी बचत योजनाओं हेतु स्वीकार किये जा रहे हैं। ग्रामीण शाखा डाकघरों में पचीस हजार जमा करने की सीमा को भी वर्तमान परिस्थियों में डाक विभाग ने उदार बनाते हुए बढ़ा दिया है। अब गाँव के लोग अपने नजदीकी शाखा डाकघर में जाकर अपने खाते में 500 और 1,000 रूपये के  पुराने नोट जमा कर सकते हैं। जोधपुर डाक मंडल के अधीन कुल 558 डाकघरों में से 473 शाखा डाकघर हैं ।

डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि डाक विभाग द्वारा इस दौरान काफी संख्या में सभी तरह के खाते भी खोले जा रहे हैं। जोधपुर प्रधान डाकघर में खोले जा रहे बचत खातों में तत्काल निशुल्क एटीएम सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे लोग बिना किसी परेशानी के प्रधान डाकघर स्थित एटीएम से राशि निकाल सकते हैं। इसी प्रकार सुकन्या समृद्धि योजना के तहत लोग 10 साल तक की बेटियों का खाता खोलकर साल भर में  एक हजार से डेढ़ लाख रूपये तक जमा कर सकते हैं। इसमें आयकर छूट का भी प्रावधान है।




  

Wednesday, November 16, 2016

सुकन्या समृद्धि योजना बेटियों के सपनों को पूरा करने का सशक्त माध्यम : हनुमानगढ़ जिले का प्रथम “सम्पूर्ण सुकन्या समृद्धि योजना ग्राम” बना खोथांवाली

सुकन्या समृद्धि योजना बेटियों के सपनों को पूरा करने का सशक्त माध्यम है।  हर बेटी को उसके जन्म पर माँ-बाप  द्वारा सुकन्या समृद्धि खाता उपहार स्वरूप देकर नई परम्परा का सूत्रपात करना चाहिये। बेटियों की उच्च शिक्षा, कैरियर और उनके विवाह में सुविधा के लिए 10 वर्ष तक की बेटियों हेतु डाकघरों में सुकन्या समृद्धि योजना आरंभ की गयी है। उक्त उद्गार राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने  हनुमानगढ़ जिले के पीलीबंगा तह्सील में स्थित खोथांवाली गाँव में सुकन्या समृद्धि योजना के लिये 08 नवंबर को आयोजित मेले में व्यक्त किये। गाँव की 10 वर्ष तक की समस्त योग्य बालिकाओं के सुकन्या खाते खोलकर खोथांवाली गाँव हनुमानगढ़ जिले का प्रथम “सम्पूर्ण सुकन्या समृद्धि योजना ग्राम” बन गया है।


इस अवसर पर आयोजित कार्यक्र्म में मुख्य अतिथि के रूप में अपने सम्बोधन में निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने "बेटी बचाओ, बेटी पढाओ” के अंतर्गत बालिकाओं  के राष्ट्र निर्माण पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि आज बेटियाँ समाज में नित नये मुकाम हासिल कर रही हैं। बेटियों की समृद्धि और खुशहाली में ही समाज का भविष्य टिका हुआ है। इसीलिए सुकन्या समृद्धि योजना सिर्फ निवेश का एक माध्यम नहीं है, बल्कि यह बालिकाओं के उज्ज्वल व समृद्ध भविष्य से भी जुडा हुआ हैं। इस योजना के आर्थिक के साथ साथ सामाजिक आयाम महत्वपूर्ण हैं। इसमें जमा धनराशि पूर्णतया बेटियों के लिए ही होगी, जो उनकी शिक्षा, कैरियर  एवं विवाह में उपयोगी होगी। 


 डाक विभाग की योजनाओं की चर्चा करते हुए डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि डाक विभाग का उद्देश्य समावेशी विकास के तहत शहरों के साथ-साथ सुदूर ग्रामीण अंचल स्थित लोगों को भी इन सभी योजनाओं के तहत लाना है। इसके तहत आने वाले दिनों में ग्रामीण डाक सेवकों सहित विभाग के सभी कर्मचारियों को सूचना प्रौद्योगिकी के माहौल में प्रभावकारी तरीके से कार्य करने के लिए तैयार करना है। इसी क्रम में ग्रामीण शाखा डाकघरों को भी तकनीकी तौर पर दक्ष बनाने के उद्देश्य से ग्रामीण आईसीटी के तहत हाईटेक किया जायेगा और वहाँ पर नेटबुक व हैण्डहेल्ड डिवाइस भी दिया जायेगा। शाखा डाकघरों को सोलर चार्जिंग उपकरणों से जोडने के साथ-साथ मोबाइल थर्मल प्रिन्टर, स्मार्ट कार्ड रीडर, फिंगर प्रिन्ट स्कैनर, डिजिटल कैमरा एवं सिगनेचर व दस्तावेज स्कैनिंग के लिये यन्त्र भी मुहैया कराया जायेगा ताकि ग्रामीण लोगों को इन सुविधाओं के लिये शहरों की तरफ न भागना पडे।
             



 इस अवसर पर श्रीगंगानगर मण्डल के अधीक्षक डाकघर श्री गोपी लाल माली ने बताया कि किसी भी डाकघर में दस साल तक की बालिकाओं का सुकन्या समृद्धि खाता खुलवा सकते है। इसमें एक वित्तीय वर्ष में न्यूनतम 1,000 और अधिकतम डेढ़ लाख रूपये तक जमा किये जा सकते हैं। इस योजना में खाता खोलने से मात्र 15  वर्ष तक धन जमा कराना होगा।  बेटी की उम्र 18 वर्ष होने पर जमा राशि का 50 प्रतिशत व सम्पूर्ण राशि 21 वर्ष पूरा होने पर निकाली जा सकती है। ब्याज दर 8.5 प्रतिशत हैं और जमा धनराशि में आयकर छूट का भी प्रावधान है।

कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि श्रीमती ज्योति मेघवाल डायरेक्टर पंचायत समिति पीलीबंगा ने इस योजना की भूरि-भूरि प्रशंसा कर लोकप्रिय एवं कल्याणकारी योजना बताया तथा कहा कि बालिकाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में उठाया गया यह प्रयास एक मील का पत्थर साबित होगा।

इस अवसर पर श्री राजेंदर सिंह थोरी, सरपंच खोथांवाली ग्राम पंचायत ने डाक विभाग की इस पहल की सराहना की और कहा कि ग्रामवासियों के लिए यह अत्यन्त गर्व की बात हैं कि यह जिले  का प्रथम “सम्पूर्ण सुकन्या समृद्धि योजना ग्राम” बनकर “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” अभियान को मूर्त रूप दे रहा है।


डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने बालिकाओं को पासबुकें उपहार देकर उनके सुखी व समृद्ध भविष्य की कामना की। श्री यादव ने सरपंच श्री राजेंदर सिंह थोरी के प्रयासों की सराहना की और आशा व्यक्त की कि बेटियों के लिए ऐसे प्रयास अन्य गांवों में भी किये जायेंगे।
         
इस अवसर पर सहायक डाक अधीक्षक सर्वश्री राकेश कुमार धींगडा, डाक निरीक्षक सुदर्शन सामरिया, शाखाडाकपाल लेखराम सहारण, लोकेश मीणा, रतन लाल, सुखदेव सिंह, सोहन लाल, रामचन्द्र, सत्यनारायण शर्मा ग्रामीण डाक सेवक हेतराम, गुरदेव सिंह, मामराज सहित तमाम स्थानीय जनप्रतिनिधि व गाँववासी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन श्री जसपाल सिंह सेठी ने किया।