Monday, June 18, 2018

डाक विभाग द्वारा 'ढाई आखर' पत्र लेखन प्रतियोगिता, "मेरे देश के नाम ख़त" लिखिए और पाईये 50 हजार रूपये तक का ईनाम

अपने देश के प्रति आपके मन में कई खूबसूरत विचार उमड़ते होंगे। अब इन मनोभावों को आप खत के रूप में कागज पर भी लिख सकते हैं।  डाक विभाग की "ढाई आखर " राष्ट्रीय स्तर पत्र लेखन प्रतियोगिता के तहत "मेरे देश के नाम ख़त" लिखिए और  यदि आपका पत्र चुना गया तो पाँच हजार से पचास हजार रूपये तक का पुरस्कार भी मिलेगा। उक्त उद्गार राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएं  श्री कृष्ण कुमार यादव ने जोधपुर में इस प्रतियोगिता का शुभारम्भ करते हुए कहीं। 15 जून से 30 सितंबर तक चलने वाली इस प्रतियोगिता के बैनर का श्री यादव ने लोकार्पण किया और तमाम बच्चियों को लिफाफे देकर इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित भी किया। 
डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा  कि इस  'ढाई आखर' पत्र लेखन प्रतियोगिता में किसी भी उम्र के लोग भाग ले  सकते हैं। पहला वर्ग 18 वर्ष तक तथा दूसरा 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग का होगा। पत्र  डाक विभाग द्वारा जारी अंतर्देशीय पत्र अथवा लिफाफे में ही स्वीकार्य होगा,  जिसमें क्रमशः 500 और 1,000 शब्दों में अंग्रेजी, हिन्दी अथवा स्थानीय भाषा में हाथ से पत्र लिखा जा सकता है। 
शहरों में  पत्र को प्रधान डाकघर या अन्य वितरण डाकघरों में इसके लिए निर्दिष्ट लेटर बॉक्स में ही  डालना होगा, जबकि गाँवों में लोग इसे अपने ब्रांच पोस्टमास्टर के माध्यम से भेज  सकते हैं।  पत्र में अपना पूरा नाम, पता व जन्मतिथि  सहित  चीफ पोस्टमास्टर जनरल, राजस्थान परिमंडल, जयपुर-302007  के पते पर 30 सितंबर, 2018  तक निर्धारित लेटर बॉक्स में  डाल दें। 


डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया  कि  प्रतियोगिता के विजेताओं को राज्य और राष्ट्रीय स्तरों पर तीन-तीन पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। इनमें परिमंडलीय (राज्य) स्तर पर चयनित श्रेष्ठ पत्रों को प्रथम, द्वितीय व तृतीय श्रेणी में क्रमश: पचीस हजार, दस हजार व  पांच हजार रूपए का पुरस्कार दिया जायेगा। अखिल भारतीय स्तर पर चयनित श्रेष्ठ पत्रों को प्रथम, द्वितीय व तृतीय श्रेणी में क्रमश: पचास हजार, पचीस हजार व दस हजार रूपए का पुरस्कार दिया जायेगा। 

इस अवसर पर सहायक निदेशक इशरा राम,वरिष्ठ लेखाधिकारी डी.आर. सैनी, सहायक डाक अधीक्षक पुखराज राठौड़, विनय खत्री, जगदीश, ओपी चांदोरा, राहुल कुमार, अमित कुमार  सहित तमाम अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।  








Friday, June 15, 2018

वित्तीय समावेशन और सामाजिक सुरक्षा कवरेज को बढ़ायेगी ‘सम्पूर्ण बीमा ग्राम योजना’ : पाली का रुंदिया गाँव बना 'संपूर्ण बीमा ग्राम’

जीवन बीमा आज के दौर की एक अनिवार्य आवश्यकता है। डाक विभाग अपने सामाजिक सरोकारों के तहत ग्रामीण लोगों को भी जीवन बीमा देने के लिए प्रतिबद्ध है । डाकघरों में हर वर्ग और उम्र के हर पड़ाव के लिए अलग-अलग बचत और बीमा योजनाएँ हैं और इनमें लोग पीढ़ी दर पीढ़ी पैसे जमा करते हैं। उक्त उद्गार राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने पाली जिले के सोजत में स्थित रुंदिया गाँव को 'संपूर्ण बीमा ग्राम' घोषित करने के अवसर पर आयोजित समारोह में  बतौर मुख्य अतिथि 14 जून को व्यक्त किए। इस अवसर पर गाँव में सभी परिवारों को न्यूनतम एक ग्रामीण डाक जीवन बीमा पॉलिसी जारी कर रुंदिया पाली जिले का तीसरा संपूर्ण बीमा ग्राम बन गया है। गाँव में कुल 166 पॉलिसी जारी की गई हैं । 'संपूर्ण बीमा ग्राम' योजना को अक्टूबर 2017 में संचार मंत्री श्री मनोज सिन्हा ने आरम्भ किया था।

 डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि डाक विभाग ने यह कदम सामाजिक सुरक्षा कवरेज को बढ़ाने के साथ-साथ वित्तीय समावेशन में अभिवृद्धि के प्रयासों के तहत किया है। इससे गाँव में रह रहे किसान एवं गरीब परिवारों को काफी फायदा होगा और उन्हें जीवन सुरक्षा मिलेगी।
डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि डाक विभाग ने नवीन टेक्नालॉजी अपनाते हुए कोर इंश्योरेंस सर्विस के तहत मैककेमिश सॉफ्टवेयर के माध्यम से बीमा सेवाओं को भी ऑनलाइन बनाया है। हाल ही में  'डाक जीवन बीमा' योजना का दायरा भी बढ़ा दिया गया है। पहले मात्र सरकारी व अर्द्धसरकारी कर्मचारियों तक सीमित डाक जीवन बीमा अब निजी शिक्षण संस्थाओं /विद्यालयों/महाविद्यालयों आदि के कर्मचारियों, डॉक्टरों, इंजीनियरों, प्रबंधन सलाहकारों, चार्टेड एकाउंटेंट, वास्तुकारों, वकीलों, बैंकर  जैसे पेशेवरों और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज तथा बम्बई स्टॉक एक्सचेंज के सूचीबद्ध कम्पनी के कर्मचारियों के लिए भी उपलब्ध होगी।
इस अवसर पर डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि डाक विभाग का स्वरुप दिनों-ब-दिन बदल रहा है और इसका फायदा आमजन को मिल रहा है।  केंद्र सरकार की तमाम अग्रणी योजनाओं को डाक विभाग के माध्यम से प्रमुखता से लागू किया गया है। उन्होने कहा कि पाली प्रधान डाकघर  में पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र आरम्भ करने के पश्चात अब तक एक हजार से ज्यादा लोगों के पासपोर्ट बनाए गए हैं। आधार की सुगमता के लिए पाली के प्रधान डाकघर, सोजत डाकघर सहित सभी द्विपदीय डाकघरों में कुल 30 आधार एनरोलमेंट एवं अपडेशन सेटर खोले गए हैं। 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' के तहत पाली जिले में 29  हजार बेटियों के सुकन्या खाते खोलने के साथ-साथ 28 गाँवों को शत-प्रतिशत सुकन्या समृद्धि गाँव बनाया जा चुका है।
डाक निदेशक श्री यादव ने बताया कि ग्रामीण डाकघरों में  बुनियादी डाक सेवाओं के उन्नयन के साथ-साथ उन्हें भी हाईटेक बनाया जा रहा है। दर्पण प्रोजेक्ट  के तहत पाली के सभी शाखा डाकघरों को हैन्डहेल्ड डिवाइस के साथ हाईटेक किया जा रहा है। शाखा डाकघरों में स्पीड पोस्ट की बुकिंग आरम्भ की गई है। पाली प्रधान डाकघर में शीघ्र ही इण्डिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक खुलेगा और इससे सभी डाकघरों को कनेक्ट किया जायेगा, ताकि ग्रामीण आबादी को उनके द्वार पर  डिजिटल प्लेटफॉर्म पर वित्तीय सेवाएँ उपलब्ध कराई जा सकें।
श्री यादव ने कहा कि इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक से उपभोक्ताओं के लिए आसान, कम कीमतों, गुणवत्तायुक्त वित्तीय सेवाओं की आसानी से पहुंच के लिए विभाग के विस्तृत नेटवर्क और संसाधनों का लाभ मिलेगा। इण्डिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक गांवों, कस्बों और दूरदराज के इलाकों में बैंकिंग सुविधाओं से वंचित तथा कम बैंकिंग वाले इलाकों में भुगतान बैंक के जरिए लोगों में अपनी पैठ बनाएगा। श्री यादव ने ने बताया कि हाल ही में ग्रामीण डाक सेवकों के वेतन में सरकार ने औसतन 56 प्रतिशत वृद्धि की मंजूरी दी है, इससे ग्रामीण डाक सेवाओं को और बल मिलेगा। 
पाली मंडल के डाक अधीक्षक बी.आर. राठौड़ ने कहा कि डाकघर में लोगों की आयु और आवश्यकता के हिसाब से ग्रामीण डाक जीवन बीमा की ग्राम संतोष, ग्राम सुमंगल, ग्राम सुरक्षा, ग्राम सुविधा, ग्राम प्रिया योजनायें हैं। न्यूनतम 10 हजार रूपये  से अधिकतम 10 लाख रूपये   तक का बीमा इसमें किया जा सकता है। इसमें निवेश की सुरक्षा पर सरकार की गांरटी, आयकर में छूट, कम प्रीमियम व अधिक बोनस, पालिसी पर लोन की सुविधा, ऑनलाइन प्रीमियम जमा कराने की सुविधा और अग्रिम प्रीमियम पर छूट दी जाती है।
इस अवसर पर रुंदिया ग्राम पंचायत  के सरपंच श्री महेन्द्र राम एवं सोजत पंचायत समिति उप प्रधान श्रीमती ममता कँवर ने भी डाक विभाग द्वारा  रुंदिया ग्राम को "सम्पूर्ण बीमा ग्राम योजना" से जोड़ने की पहल की सराहना की। डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने बीमाधारकों को ग्रामीण डाक जीवन बीमा के पॉलिसी बांड सौंपकर उनके सुखी भविष्य की कामना की। सहायक डाक अधीक्षक पुखराज राठौड़, एफ.एम.भाटी, अनिल कौशिक, डाक निरीक्षक सरजीत कुमार चौहान, जयदेव यादव, पारसमल सुथार, शाखा डाकपाल रमेश कुमार, ग्रामीण डाक सेवक रामलाल सहित तमाम अधिकारीगण, स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्रामवासी इस अवसर पर उपस्थित रहे। 




पाली जिले का तीसरा 'संपूर्ण बीमा ग्राम’ बना रुंदिया गाँव, 166 लोगों को दी ग्रामीण डाक जीवन बीमा पॉलिसी
ग्रामीण स्तर पर वित्तीय समावेशन और सामाजिक सुरक्षा कवरेज को बढ़ाएगा ‘सम्पूर्ण बीमा ग्राम योजना’
इण्डिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक से ग्रामीण शाखा डाकघर भी जुड़ेंगे- डाक निदेशक केके यादव
ग्रामीण डाकघरों में  बुनियादी डाक सेवाओं के उन्नयन के साथ-साथ उन्हें बनाया जायेगा  हाईटेक-डाक निदेशक केके यादव

Saturday, June 9, 2018

डाक विभाग के ग्रामीण डाक सेवकों (जीडीएस) के वेतन भत्‍तों में हुई बढ़ोत्तरी


प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्‍यक्षता में केन्‍द्रीय मंत्रिमंडल ने 6 जून, 2018 को  डाक विभाग के ग्रामीण डाक सेवकों (जीडीएस) के वेतन भत्‍तों में संशोधन को मंजूरी दी है। वेतन भत्‍तों में संशोधन के लिए वर्ष 2018-19 के दौरान 1257.75 करोड़ रुपये (860.95 करोड़ रुपये के गैर-आवर्ती खर्च 396.80 करोड़ रुपये के आवर्ती खर्च) खर्च होने का अनुमान है। वेतन भत्‍तों में इस संशोधन से देश भर के 3.07 लाख ग्रामीण डाक सेवक लाभान्वित होंगे। 

विवरण :

-समय से संबंधित नियमित्‍ता भत्‍ता (टीआरसीए) ढांचा और स्‍लैब को युक्ति संगत बनाया गया है। कुल जीडीएस को इन दो श्रेणियों के तहत लाया गया है – ब्रांच पोस्‍ट मास्‍टर (बीपीएम) और ब्रांच पोस्‍टमास्टर से इतर जैसे असिस्‍टेंट ब्रांच पोस्‍ट मास्‍टर (एबीपीएम)।

-मौजूदा 11 टीआरसीए स्‍लैब को केवल तीन स्‍लैबों के तहत लाया गया है जिनमें बीपीएम एवं बीपीएम के इतर कर्मियों के लिए एक-एक स्‍तर होंगे।

-ग्रामीण डाक सेवक जिन्हें 2,295 रुपये प्रति माह की दर से मूल वेतन मिल रहा था उन्हें 10,000 रुपये का मूल वेतन मिलेगा. जिनका वेतन 2,775 रुपये था उनका वेतन 12,500 रुपये हो जाएगा. ’ इसी तरह जिन ग्रामीण सेवकों को 4,115 रुपये मिल रहे थे उन्हें 14,500 रुपये प्रति माह का मूल वेतन मिलेंगा.  संशोधित वेतनमान एक जनवरी 2016 से प्रभावी होंगे.

-समय से संबंधित नियमित्‍ता भत्‍ते (टीआरसीए) के रूपरेखा इस प्रकार होगी:

काम के घंटे/स्‍तर के अनुसार जीडीएस की प्रस्‍तावित दो श्रेणियों का न्‍यूनतम टीआरसीए

श्रेणी                 चार घंटे/स्‍तर 1 के लिए न्‍यूनतम टीआरसीए              पांच घंटे/स्‍तर 2 के लिए न्‍यूनतम टीआरसीए

बीपीएम                                  12,000 रुपये                                                       14,500 रुपये
एबीपीएम/डाक सेवक              10,000  रुपये                                                     12,000 रुपये


-महंगाई भत्‍ते का भुगतान अलग से जारी रहेगा और केन्‍द्रीय कर्मचारियों के लिए उसमें समय-समय पर बदलाव होता रहेगा।

-नई योजना के तहत 7000 रुपये की सीमा तक टीआरसीए+डीए की गणना के साथ अनुग्रह बोनस जारी रखने का निर्णय लिया गया है।

-01.01.2016 से संशोधित वेतनमान के लागू होने की तिथि तक की अवधि के लिए एरियर की गणना 2.57 गुणक के साथ बढ़े हुए बेसिक टीआरसीए के अनुसार की जाएगी। एरियर का भुगतान एकमुश्‍त किया जाएगा।

-वार्षिक बढ़ोतरी 3 फीसदी की दर से होगी और वह हर साल पहली जनवरी अथवा पहली जुलाई को दी जा सकती है जो जीडीएस के लिखित आग्रह पर आधारित होगी।

-एक नया जोखिम एवं कठिनाई भत्‍ता को भी लागू किया गया है। अन्‍य भत्‍ते जैसे कार्यालय रख-रखाव भत्‍ता एकीकृत ड्यूटी भत्‍ता, नकदी लाने-ले जाने का शुल्‍क, साइकिल रख-रखाव भत्‍ता, नाव भत्‍ता और निर्धारित स्‍टेशनरी शुल्‍क में संशोधन किया गया है। 


कार्यान्‍वयन रणनीति एवं लक्ष्‍य     

ग्रामीण डाक सेवकों के वेतन भत्‍तों में संशोधन किए जाने से ग्रामीण क्षेत्रों में कुशल एवं सस्‍ती बुनियादी डाक सुविधाओं को बेहतर करने में मदद मिलेगी। प्रस्‍तावित वेतन वृद्धि से वे  अपनी सामाजिक-आर्थिक स्थिति को सुधारने में समर्थ होंगे।

प्रभाव :       

डाकघरों की ग्रामीण शाखा गांवों एवं दूरदराज के क्षेत्रों में संचार एवं वित्‍तीय सेवाओं का आधार है। ग्राहकों को भुगतान के लिए पोस्‍ट मास्‍टर को काफी रकम का हिसाब रखना पड़ता है और इसलिए उनके काम की जिम्‍मेदारी पहले से ही निर्धारित है। इस वेतन वृद्धि से उनमें जिम्‍मेदारी का भाव और बढ़ेगा। कुल मिलाकर ग्रामीण आबादी के बीच वित्‍तीय समावेशीकरण की प्रक्रिया में भारतीय डाक भुगतान बैंक (आईपीपीबी), सीडीएस नेटवर्क की अहम भूमिका होने की उम्‍मीद है।

पृष्‍ठभूमि : 

  भारतीय डाक विभाग में अतिरिक्‍त विभागीय व्‍यवस्‍था की स्‍थापना 150 वर्ष पहले उन ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी आर्थिक एवं कुशल डाक सेवा मुहैया कराने के लिए की गई थी जहां पूर्णकालिक कर्मचारियों को बहाल करने का कोई औचित्‍य नहीं था। एक लाख उनतीस हजार तीन सौ छियालिस (1,29,346) अतिरिक्‍त विभागीय डाक शाखा का संचालन मुख्‍य तौर पर ग्रामीण डाक सेवक ब्रांच पोस्‍ट मास्‍टर के द्वारा किया जा रहा है। साथ ही, ग्रामीण डाक सेवक ब्रांच पोस्‍ट मास्‍टर के अलावा शाखा, उप एवं मुख्‍य डाक घरों में भी काम करते हैं। ग्रामीण डाक सेवकों को बहाल करने की मुख्‍य विशेषता यह है कि वे तीन से पांच घंटे प्रतिदिन अंशकालिक कार्य करते हैं और इससे प्राप्‍त आय उनके मुख्‍य आय का पूरक है जो उनके लिए अपने परिवार का भरण पोषण करने का एक पर्याप्‍त साधन है। वे 65 वर्ष की आयु तक सेवा में बने रह सकेंगे।  

Government of India hikes basic pay of Gramin Dak Sevaks to up to Rs 14,500 per month

The Cabinet on 6th June, 2018 approved the proposal of the Department of Posts to hike wages of Gramin Dak Sevaks (GDS) by more than 55%, a move which will benefit around 3.07 lakh GDS. As part of the wage hike, the government has rationalised the time-related continuity allowance structure and slabs. Also, Gram Dak Sevaks have been brought under two categories — Branch Postmasters (BPMs) and other than Branch Postmasters, Assistant Branch Postmaster (ABPMs).

Communication Minister Shri Manoj Sinha said, Gramin Dak Sevaks   who were getting Rs 2,775 will now get Rs 12,500 per month, while those being paid Rs 4,115 will get Rs 14,500. These revised wages will come with arrears with effect from January 1, 2016 in a single installment.

“The revision in the wage structure would entail an estimated expenditure of Rs 1,257.75 crore (non-recurring expenditure of Rs 860.95 crore and recurring expenditure of Rs 396.80 crore) during 2018-19,” an official statement said.

The Cabinet also decided that the annual hike at the rate of 3% will be provided and the same may be given on January 1 or July 1 of every year as the case may be based on the one-time written request of Gram Dak Sevaks.

On the benefits of the wage hike, Mr. Sinha said a higher remuneration will increase the sense of responsibility. Moreover, with the rollout of the India Post Payments Bank, the GDS network is expected to play a key role in financial inclusion of the rural population.

At present, around 1.29 lakh extra-departmental branch post offices are primarily being manned by GDS branch postmasters. In addition, GDS other than branch postmasters are working in various branch, sub and head post offices. India has a network of more than 1.55 lakh post offices.

Sunday, June 3, 2018

मशहूर ग़ज़ल गायक पंकज उधास को डाक निदेशक केके यादव ने माई स्टैम्प भेंट कर किया सम्मानित

चिट्ठी आई है' गीत से प्रसिद्धि पाने वाले  मशहूर ग़ज़ल गायक पंकज उधास के जोधपुर आगमन पर डाक विभाग की तरफ से राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएँ श्री कृष्ण कुमार यादव ने उन्हें 'माई स्टैम्प' भेंट कर सम्मानित किया । 

12 डाक टिकटों के इस माई स्टैम्प पर हवा महल के साथ पंकज उधास की तस्वीर लगाई गई है।  
जिस चिट्ठी पर गाये  गीत ने पंकज उधास को एक पहचान दी, उसी चिठ्ठी वाले डाक विभाग द्वारा अपने ऊपर पर्सनलाइज्ड डाक टिकट पाकर पंकज उधास काफी हर्षित हुए और डाक विभाग का आभार व्यक्त किया। 

1982 के बाद पहली बार जोधपुर आये पंकज उधास ने चिट्ठियों के बदलते चलन पर कहा कि हम सब ई-मेल के जमाने में जी रहे हैं, पर चिट्ठियों का अपना एक अलग अंदाज है, एक अपना रंग है। 
गौरतलब है कि पंकज उधास को फिल्म नाम में गायकी से प्रसिद्धि मिली, जिसमें उनका एक गीत चिठ्ठी आई है काफी लोकप्रिय हुआ था। उसके बाद से उन्होंने कई फिल्मों के लिए एक पार्श्व गायक के रूप में अपनी आवाज दी ।


मशहूर ग़ज़ल गायक पंकज उधास को डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव ने माई स्टैम्प भेंट कर किया सम्मानित 
चिट्ठियों का अपना एक अलग अंदाज है, एक अपना रंग है-मशहूर ग़ज़ल गायक पंकज उधास 










Mr. Krishna Kumar Yadav, Director Postal Services, Rajasthan Western Region, Jodhpur Presenting My Stamp to World-renowned Ghazal singer Pankaj Udhas in Jodhpur (Rajasthan).  Pankaj Udhas got fame for singing in the 1986 film Naam, in which his song "Chitthi Aayee Hai" became an instant hit. He performed in Jodhpur Festival on 26th May, 2018 organized by Dainik Bhaskar Media group at Hotel The Ummed Jodhpur.

Sunday, May 27, 2018

राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के अधीन सभी 13 जिलों में खुलेंगी ‘इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक’ की शाखायें -डाक निदेशक केके यादव

इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक से उपभोक्ताओं के लिए आसान, कम कीमतों, गुणवत्तायुक्त वित्तीय सेवाओं की आसानी से पहुंच के लिए डाक विभाग के विस्तृत नेटवर्क और संसाधनों का लाभ मिलेगा। डाक विभाग-आईपीपीबी प्रणाली के एकीकृत होने से डाकघर बचत बैंक के लाखों खाते, जो इस समय एक क्लोज्ड लूप प्रणाली में कार्यरत हैं, बैंकिंग प्रणाली से जुड़ जाएंगे, जिससे पूर्ण अंतर-प्रचालनात्मकता प्राप्त होगी। इससे, डाकघर बचत बैंक ग्राहक, विभिन्न बैंकों से 24X 7 इंटरनेट बैंकिंग सुविधा, मोबाइल बैंकिंग, इलैक्ट्रॉनिक निधि अंतरण, ऑनलाइन बिल भुगतान, डिजिटल भुगतान जैसी सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे। उक्त उद्गार राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएँ श्री कृष्ण कुमार यादव ने डाक विभाग व इण्डिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक की समन्वय बैठक का 25 मई को शुभारम्भ करते हुए कहीं। इस अवसर पर राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के अधीन सभी 13 जिलों के ‘इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक’ के मैनेजर्स व सभी मण्डलाधीक्षक मौजूद थे। 
डाक निदेशक श्री यादव ने कहा कि इण्डिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक विभिन्न माध्यमों द्वारा कार्य करेगा, जिनमें काउंटर प्रचालन, एटीएम/माइक्रो एटीएम, द्वार पर, मोबाइल और इंटरनेट बैंकिंग, आधार आधारित भुगतान, मोबाइल वॉलेट्स, पीओएस, एमपीओएस जैसे प्रीपेड यंत्र, यूएसएसडी/यूपीआई आदि शामिल होंगे। श्री यादव ने कहा कि इसका मुख्य फोकस ग्रामीण क्षेत्रों के सामाजिक क्षेत्र के कार्यरत लाभार्थियों, प्रवासी श्रमिकों, गैर-संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों, सूक्ष्म, लघु तथा मध्यम उद्यमों, पंचायतों, अल्प-आय वाले परिवारों तथा ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बैंकिंग सुविधा से वंचित तथा अल्प बैंकिंग सुविधा वाले वर्गों पर होगा। इसके द्वारा अल्प  बैंकिंग सुविधा वाली जनता के लिए वित्तीय समावेशन कार्यक्रम की भी शुरुआत की जाएगी। 

डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि  इण्डिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक  को शीघ्र ही चरणबद्ध तरीके से क्रियान्वित किया जायेगा, जिस हेतु सभी चरणों में रोल आउट होने वाले एक्सेस पॉइंट अर्थात प्रधान डाकघरों, उपडाकघरों एवं शाखा डाकघरों के चयन संबंधी प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है।  इसके अंतर्गत पायलट चरण में 5 डाकघरों का, जिनमें प्रधान डाकघर, आदर्श सांसद ग्राम के तहत चयनित उपडाकघर एवं शाखा डाकघर, द्विपदीय शाखा डाकघर तथा उनके सम्बंधित लेखा कार्यालय को वरीयता देते हुए, का चयन किया गया है।  कुल 7 चरणों में  प्रस्तावित रोल आउट में पायलट चरण में प्रत्येक इण्डिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक  शाखा के 5 एक्सेस पॉइंट, प्रथम चरण में प्रत्येक इण्डिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक शाखा के कुल एक्सेस पॉइंट का  10 %, दूसरे चरण में 20 % और इसी तरह से तीसरे, चौथे, पाँचवें  चरण में क्रमश: 20-20% एवं अंतिम चरण में बचे हुए शेष डाकघर रोल आउट किये जायेंगे ।  


आईपीपीबी के राजस्थान सर्किल के मैनेजर श्री गौतम मिश्र ने कहा की इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक आरंभ होने के बाद डाकघरों की सेवा और पहुँच में और भी इजाफा होगा। 
कार्यक्रम के आरम्भ में आईपीपीबी जोधपुर की सीनियर मैनेजर सुश्री लता चौहान ने डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव का बुके द्वारा स्वागत किया। 
तत्पश्चात दीप प्रज्वलन कर  डाक निदेशक ने कार्यक्रम का शुभारम्भ किया।  स्वागत सहायक निदेशक इशरा राम, आभार मैनेजर सुनील कुमार व संचालन सहायक अधीक्षक सुदर्शन सामरिया द्वारा किया गया। 
इस अवसर पर सीनियर पोस्टमास्टर गुमान सिंह शेखावत, डाक उपाधीक्षक ओपी सोडिया, लेखाधिकारी डीआर सैनी, सहायक अधीक्षक राजेंद्र सिंह भाटी, विनय खत्री, पारसमल सुथार, मुकेश सोनी, जितेंद्र गर्ग, अमित कुमार, ओपी चांदोरा, विजय सिंह सहित तमाम अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।   
डाक विभाग और इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के समन्वय बैठक का डाक निदेशक केके यादव ने किया शुभारम्भ