Friday, April 28, 2017

अब डाकघर के जरिये मिलेगा रोजगार, डाकघरों में होगा बेरोजगार युवकों का पंजीकरण

बेरोजगार युवाओं के लिए पहल करते हुए पोस्ट ऑफिस अब उन्हें रोजगार उपलब्ध कराने की सहूलियत भी प्रदान करेगा। बेरोजगार युवकों  के पंजीकरण हेतु डाकघरों में शीघ्र ही  रोजगार पंजीयन केंद्र खोले जायेंगे। लोगों को इसके लिए अब सेवायोजन या रोजगार कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने होंगे।  राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएँ कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि इसके लिए भारतीय डाक विभाग एवं श्रम व रोजगार मंत्रालय ने एक एमओयू पर हस्ताक्षर किये हैं,  जिसके तहत  डाकघर आने वाले दिनों में रोजगार पंजीकरण केंद्र के रूप में  भी कार्य करेंगे। प्रधानमंत्री के निर्देश पर गवर्नेंस में नवाचार आइडिया के तहत विभिन्न विभागों के सचिवों की कमेटी के  सुझाव के आधार पर इसे लागू  किया जा रहा है।

डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि बेरोजगार युवक डाकघर में जाकर नेशनल कैरियर सर्विस (www.ncs.gov.in) ऑनलाइन पोर्टल पर अपना पंजीकरण करवा सकेंगे। डाकघरों में नए बेरोजगार पंजीकरण हेतु 15 रुपए, पंजीकृत प्रोफ़ाइल को अपडेट करवाने हेतु 5 रुपए और आवेदन-पत्र के प्रिंटआउट के लिए 10 रुपए लगेंगे। श्री यादव ने बताया कि पंजीकरण होने के पश्चात डाकघर द्वारा एक प्रिन्टआउट दिया जाएगा जिसमें रजिस्ट्रेशन नंबर और अन्य जानकारी दर्ज होगी। पंजीकरण हेतु किसी भी प्रकार के दस्तावेज बेरोजगार युवक-युवतियों को नहीं देने होंगे।

  निदेशक डाक सेवाएँ कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि यह पोर्टल रोजगार के इच्छुक, रोजगार प्रदाता, स्किल प्रवाइडर्स, कैरियर काउंसलर इत्यदि सभी के  सम्बन्ध में जानकारी उपलब्ध कराती है। इस पोर्टल पर पंजीकृत होने के बाद बेरोजगार युवक 52 सेक्टरों में  उपलब्ध 3,000 तरह के व्यवसायों  की अपडेट जानकारी सकेंगे। पोर्टल के जरिये यह जानकारी भी मिलेगी कि  किस कोर्स के लिए कौन सा सैक्टर ठीक होगा तथा रोजगार के अवसर कहाँ उपलब्ध है। इसके जरिये स्किल डेवलेपमेंट तथा कैरियर विकल्प बताए जायेंगे। श्री यादव ने कहा कि यह पोर्टल नेट कनेक्टेड शहरी क्षेत्र तथा नॉन कनेक्टेड ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारों के बीच सेतु का कार्य करेगी। इस सुविधा से जहाँ बेरोजगार युवकों को घर के पास ही पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध होगी, वहीं डाक विभाग को भी आमदनी होगी।
 गौरतलब है कि केंद्र सरकार के द्वारा आंध्रप्रदेश तथा तेलंगाना में 12 फरवरी, 2017 को रोजगार पंजीयन केंद्र खोलने का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया था। वहाँ मिली सफलता के बाद इसे अब राजस्थान सहित देश के नौ डाक सर्किल के प्रधान डाकघरों में आरंभ किया जाएगा।   डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि इसके लिए  स्टाफ को ट्रेनिंग दी जा चुकी है और इसके शुभारंभ की औपचारिक तिथि आते ही सभी प्रधान डाकघरों में पंजीकरण का कार्य आरंभ कर दिया जाएगा।  राजस्थान के साथ ही  उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, तमिलनाडु, जम्मू कश्मीर तथा उत्तर पूर्वी राज्य के प्रधान डाकघरों में रोजगार पंजीयन केंद्र खोले जायेंगे। शेष राज्यों में दूसरे चरण में यह केंद्र खोले जाएंगे।

अब डाकघर में होगा बेरोजगारों का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन


डाकघरों में होगा बेरोजगार युवकों का पंजीकरण, अब डाकघर के जरिये मिलेगा रोजगार
पोस्ट ऑफिस में खुलेंगे रोजगार पंजीयन केंद्र

अब डाकघर बनेगा बेरोजगार युवाओं का सारथी

अब डाकघर के जरिये मिलेगा रोजगार, डाकघरों में होगा बेरोजगार युवकों का पंजीकरण
पोस्ट ऑफिस में खुलेंगे रोजगार पंजीयन केंद्र





Wednesday, April 26, 2017

भारत में महात्मा गाँधी पर जारी डाक टिकट ब्रिटेन में 41़4 करोड़ रुपए में बिके

महात्मा गाँधी दुनिया भर के देशों में डाक टिकटों पर स्थान पाते रहे हैं और भारत में भी सबसे ज्यादा डाक टिकट गाँधी जी के ही विभिन्न रूपों, उनसे जुडी घटनाओं पर जारी हुए हैं। महात्मा गांधी आज भी दुनिया के लिए प्रेरणा का स्त्रोत हैं। लोगों के मन में उनके प्रति सम्मान में कमी नही आई है, उनसे जुड़ी चीजों के लिए उत्साह कम नहीं हुआ है। हाल ही में ब्रिटेन में भारतीय डाक टिकटों की सर्वाधिक बोली लगी है। महात्मा गांधी पर जारी दुर्लभ डाक टिकट रिकॉर्ड पांच लाख पौंड (लगभग 4.1 करोड़ रुपये) में बिका है। चार डाक टिकटों के सेट को एक ऑस्ट्रेलियाई ने खरीदा।

डाक टिकटों की खुदरा बिक्री करने वाली ब्रिटिश कंपनी स्टेनली गिबन्स ने बताया कि महात्मा गांधी पर 1948 में 10 रुपये का डाक टिकट जारी किया गया था। इसे तत्कालीन गवर्नर जनरल के सचिवालय ने आधिकारिक इस्तेमाल के लिए जारी किया था। इन पर अंग्रेजी भाषा में सर्विस’ लिखा हुआ है। इनमें से अब सिर्फ 13 डाक टिकट ही चलन में हैं। बैंगनी-भूरे रंग के इन डाक टिकटों पर महात्मा गांधी की तस्वीर है। इसके चार टिकटों का एक सेट डाक टिकटों का संग्रह करने वाले एक ऑस्ट्रेलियाई व्यक्ति ने खरीदा। उन्होंने भारतीय डाक टिकटों के लिए सर्वाधिक कीमत चुकाई।

गिबन्स के बयान के अनुसार, इसके अलावा चार डाक टिकटों का एक सेट महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के स्वामित्व वाले रॉयल फिलटेलिक कलेक्शन के पास है। इसे दुनिया के सबसे बड़े डाक टिकटों का निजी संग्रह माना जाता है। गौरतलब है  कि स्टैनली गिबन्स ने गांधीजी पर दस रुपये के एक डाक टिकट को पिछले साल उरुग्वे के एक व्यक्ति को 1.6 लाख पाउंड यानी करीब एक करोड़ 32 लाख रुपये में बेचा था। इस साल मार्च में 'चार आने' का एक दुर्लभ भारतीय डाक टिकट 1.1 लाख पौंड (करीब 91 लाख रुपये) में बेचा गया था। उस डाक टिकट पर महारानी विक्टोरिया के युवावस्था की तस्वीर गलत ढंग से लगी थी। हालांकि नीलामी में सर्वाधिक कीमत में बिकने का रिकॉर्ड ब्रिटिश गुयाना के एक सेंट के डाक टिकट के नाम है। इसे जून 2014 में एक अनाम खरीदार को 74 लाख पौंड (करीब 61 करोड़ रुपये) में बेचा गया था।
20 April, 2017

हिंदी ब्लॉगिंग के 14 साल : ब्लॉगिंग में डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव के परिवार की तीन पीढ़ियाँ सक्रिय

न्यू मीडिया के इस दौर में ब्लॉगिंग लोगों के लिए अपनी बात कहने का सशक्त माध्यम बन चुका है। राजनीति की दुनिया से लेकर फिल्म जगत, साहित्य से लेकर कला और संस्कृति से जुड़े तमाम नाम ब्लॉगिंग से जुडे हुए हैं।  21 अप्रैल 2003 को हिंदी का  प्रथम ब्लॉग ’नौ दो ग्यारह’ बना था, तबसे इसने कई पड़ावों को पार किया है। हिंदी ब्लॉगिंग के क्षेत्र में एक ऐसा भी परिवार है, जिसकी तीन पीढ़ियाँ ब्लॉगिंग से जुडी हैं। राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएं कृष्ण कुमार यादव, उनकी पत्नी आकांक्षा यादव और बिटिया अक्षिता ब्लॉगिंग के क्षेत्र में नित नए आयाम रच रहे हैं। उनके परिवार में पिताश्री राम शिव मूर्ति यादव भी ब्लॉगिंग से जुड़े हुए हैं।  सार्क देशों के सर्वोच्च 'परिकल्पना ब्लॉगिंग सार्क शिखर सम्मान' से सम्मानित एवं नेपाल, भूटान और श्रीलंका सहित तमाम देशों में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय ब्लॉगर्स सम्मेलन में सक्रिय भागीदारी निभाने वाले श्री यादव जहाँ अपने साहित्यिक रचनाधर्मिता हेतु "शब्द-सृजन की ओर" (http://kkyadav.blogspot.in/) ब्लॉग लिखते हैं, वहीं डाक विभाग को लेकर "डाकिया डाक लाया" (http://dakbabu.blogspot.in/) नामक उनका ब्लॉग भी चर्चित है।

वर्ष 2015 में हिन्दी का सबसे लोकप्रिय ब्लॉग 'शब्द-शिखर' (http://shabdshikhar.blogspot.com) को चुना गया और इसकी मॉडरेटर  आकांक्षा यादव को  हिन्दी में ब्लॉग लिखने वाली शुरूआती महिलाओं में गिना जाता है। ब्लॉगर दम्पति कृष्ण कुमार यादव और आकांक्षा यादव को  'दशक के श्रेष्ठ ब्लॉगर दम्पति',  'परिकल्पना ब्लॉगिंग सार्क शिखर सम्मान' के अलावा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा नवम्बर, 2012 में ”न्यू मीडिया एवं ब्लॉगिंग” में उत्कृष्टता के लिए ”अवध सम्मान से भी विभूषित किया जा  चुका  है। इस दंपती ने वर्ष 2008 में ब्लॉग जगत में कदम रखा और  विभिन्न विषयों पर आधारित दसियों ब्लॉग का संचालन-सम्पादन करके कई लोगों को ब्लॉगिंग की तरफ प्रवृत्त किया और अपनी साहित्यिक रचनाधर्मिता के साथ-साथ ब्लॉगिंग को भी नये आयाम दिये। नारी सम्बन्धी मुद्दों पर प्रखरता से लिखने वालीं आकांक्षा यादव का मानना है कि न्यू मीडिया के रूप में उभरी ब्लॉगिंग ने नारी-मन की आकांक्षाओं को मुक्ताकाश दे दिया है। आज एक लाख  से भी ज्यादा हिंदी ब्लॉग में लगभग एक तिहाई ब्लॉग महिलाओं द्वारा लिखे जा रहे  हैं।

ब्लॉगर दम्पति यादव की 10  वर्षीया सुपुत्री अक्षिता (पाखी) को भारत की सबसे कम उम्र की ब्लॉगर माना जाता है। अक्षिता की प्रतिभा को देखते हुए भारत सरकार ने  वर्ष 2011 में उसे "राष्ट्रीय बाल पुरस्कार" से सम्मानित किया, वहीं अंतर्राष्ट्रीय ब्लॉगर सम्मेलन, श्री लंका में उसे  "परिकल्पना कनिष्ठ सार्क ब्लॉगर सम्मान" से भी सम्मानित किया गया। उसका ब्लॉग  'पाखी की दुनिया'  (http://pakhi-akshita.blogspot.in/)  को 100 से ज्यादा देशों में देखा-पढा जाता है।

हिंदी ब्लॉगिंग की दशा और दिशा पर पुस्तक लिख रहे चर्चित ब्लॉगर कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि,  आज ब्लाॅग सिर्फ जानकारी देने का माध्यम नहीं बल्कि संवाद, प्रतिसंवाद, सूचना विचार और अभिव्यक्ति का भी सशक्त ग्लोबल मंच है। आज हर आयु-वर्ग के लोग इसमें सक्रिय हैं, शर्त सिर्फ इतनी है कि की-बोर्ड पर अंगुलियाँ चलाने का हुनर हो।
ब्लॉगिंग मीडिया के दौर  का सशक्त माध्यम 
(साभार : कामयाब कलम, बीकानेर 22 अप्रैल, 2017)

हिन्दी ब्लॉगिंग ने पूरा किया  14  साल का सफर  :  21 अप्रैल को बना था हिंदी का पहला ब्लॉग
हिंदी ब्लॉगिंग में  डाक निदेशक  कृष्ण कुमार यादव  के परिवार की तीन पीढ़ियाँ सक्रिय 
(साभार : जनगण, राजस्थान 22 अप्रैल, 2017)

हिन्दी ब्लॉगिंग ने पूरा किया  14  साल का सफर,  
हिंदी ब्लॉगिंग में  डाक निदेशक केके  यादव के परिवार की तीन पीढ़ियाँ सक्रिय
 (साभार : जलते दीप, जोधपुर  22 अप्रैल, 2017)



 (साभार : दैनिक युगपक्ष, बीकानेर 22 अप्रैल, 2017)

Wednesday, April 19, 2017

Special initiative by Jodhpur Postal Region to cover 54 villages as ‘Sampoorn Sukanya Samridhhi Village’ under 'Beti bachao, Beti padhao’

Under the ‘Beti bachao, Beti padhao’ drive started by the Prime Minister Shri Narendra Modi, Jodhpur Postal Region has taken special initiative to cover maximum eligible girls under the scheme by opening maximum number of accounts and making so many villages as ‘Sampoorn Sukanya Samridhhi Village’.

 Mr. Krishna Kumar Yadav, Director Postal Services, Rajasthan Western Region, Jodhpur told that we have covered 54 villages as ‘Sampoorn Sukanya Samridhhi Village’ by enrolling all eligible girls under the scheme and not only this, we are also making efforts to cover new born baby girls by approaching parents at the time of birth through Village  Postman. Presently One lakh fifty seven thousand accounts have been opened under the said scheme in the Post offices of Jodhpur Region in which an amount of Rs. 77 Crores approx has been deposited so far, said Mr. Yadav.

It is well known that under the ‘Beti bachao, Beti padhao’ drive, the Sukanya Samridhi Yojna was launched by the Prime Minister Narendra Modi in the year 2015 whereby an account can be opened at any Post Office in the name of girl child whose age group falls between her birth and up to the age of 10 year. A minimum of Rs. 1000/- & maximum Rs. 1.50 lacs can be deposited in one financial year and the amount shall be deposited up to the 15 years from the date of opening. Further discussing features of scheme, Mr. Yadav told that half of the amount at credit in the account can be taken out as withdrawal when the girl child reaches the age of 18 years and maturity amount can be withdrawn after completion of 21 years. The current rate of interest payable on the account is 8.4% and the amount deposited under the scheme throughout the year is Tax exempted.

Jodhpur Postal Division have declared eight villages as ‘Sampoorn Sukanya Samridhhi Village’, namely Shikarpura, Agolai, Ketu Kalla, Birai, Samrao, Sandelao, Dimpasaria, Jamba. We are making more efforts to cover maximum villages under the scheme, said Mr. Yadav,

Mr. Krishna Kumar Yadav, Director Postal Services, Rajasthan Western Region, Jodhpur said that Sukanya Samriddhi Yojna is not only medium of making investment but it is also helpful for the bright and prosperous future of girl child and to make them socially and economically strong. The amount deposited under the scheme would be beneficial for the higher education, career and marriage of the girl child and this is a step to save the girl child as well as to strengthen the Women Empowerment Mission of nation.


Jodhpur Postal Region has covered 54 villages as ‘Sampoorn Sukanya Samridhhi Village’ under the Prime Minister’s Modi drive  ‘Beti bachao, Beti padhao’



Tuesday, April 18, 2017

प्रधानमंत्री मोदीजी के 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' अभियान के तहत जोधपुर रीजन के 54 गाँवों को डाक विभाग ने बनाया शत-प्रतिशत सुकन्या समृद्धि ग्राम


'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' के तहत प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा आरम्भ की गई 'सुकन्या समृद्धि योजना' में जोधपुर पोस्टल रीजन ने पहल करते हुए नई इबारत लिखी है। एक तरफ इसके तहत 10 साल तक की बेटियों के खूब खाते  खोले गए हैं, वहीं कई गाँवों को सम्पूर्ण सुकन्या समृद्धि ग्राम बना दिया है। 

राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएँ श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि जोधपुर  रीजन में  54 गाँवों को शत-प्रतिशत सुकन्या समृद्धि ग्राम बना दिया गया है। इन गाँवों में दस साल तक की सभी योग्य बालिकाओं के सुकन्या खाते डाकघर में खोले जा चुके हैं। यही नहीं, इन गाँवों में यदि किसी घर में बेटी  के  जन्म की किलकारी गूँजती  है तो डाकिया तुरंत उसका सुकन्या खाता खुलवाने हेतु पहुँच जाता है। डाक निदेशक श्री यादव ने बताया  कि जोधपुर क्षेत्र  के डाकघरों  में सुकन्या समृद्धि योजना के तहत वर्तमान में लगभग 1 लाख 57  हजार  खाते खोले जा चुके हैं, जिनमें  करीब 77 करोड़ रूपये जमा हुए हैं।  
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री  श्री नरेंद्र मोदी ने जनवरी, 2015 में 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' (Beti bachao beti padhao) अभियान के तहत सुकन्या  समृद्धि योजना (Sukanya Samriddhi Yojna Scheme) का आगाज किया था। इसके तहत किसी भी डाकघर में दस साल तक की बालिकाओं का सुकन्या समृद्धि खाता खुलवा सकते है। डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि इसमें एक वित्तीय वर्ष में न्यूनतम 1,000 और अधिकतम डेढ़ लाख रूपये तक जमा किये जा सकते हैं। इस योजना में खाता खोलने से मात्र 15  वर्ष तक धन जमा कराना होगा।  बेटी की उम्र 18 वर्ष होने पर जमा राशि का 50 प्रतिशत व सम्पूर्ण राशि 21 वर्ष पूरा होने पर निकाली जा सकती है। वर्तमान में ब्याज दर 8.4  प्रतिशत हैं और जमा धनराशि में आयकर छूट का भी प्रावधान है। जोधपुर डाक मंडल के अंतर्गत 8 गाँवों - शिकारपुरा, आगोलाई, केतुकल्ला, बिराई, सामराऊ, सांदेलाव, डिम्पासरिया, जाम्बा  को  शत-प्रतिशत सुकन्या समृद्धि ग्राम बनाया जा चुका  है। 

डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव का कहना है सुकन्या समृद्धि योजना सिर्फ निवेश का एक माध्यम नहीं है, बल्कि यह बालिकाओं के उज्ज्वल व समृद्ध भविष्य से भी जुडा हुआ हैं। इस योजना के आर्थिक के साथ साथ सामाजिक आयाम महत्वपूर्ण हैं। इसमें जमा धनराशि पूर्णतया बेटियों के लिए ही होगी, जो उनकी शिक्षा, कैरियर  एवं विवाह में उपयोगी होगी। यह योजना बालिकाओं के सशक्तिकरण के द्वारा भविष्य में महिला सशक्तिकरण को भी बढ़ावा देगी। 

जोधपुर  रीजन के  54 गाँवों  को डाक विभाग ने बनाया शत-प्रतिशत सुकन्या समृद्धि ग्राम 
डाकघरों में  सुकन्याओं ने खोले 1 लाख 57 हजार  खाते - डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव

बेटी की किलकारी गूँजते ही डाक विभाग सक्रिय


जोधपुर  रीजन के  54 गाँव बने सुकन्या समृद्धि ग्राम 

प्रधानमंत्री मोदी का   'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' अभियान 
 तहत जोधपुर  रीजन के  54 गाँवों  को डाक विभाग ने बनाया शत-प्रतिशत सुकन्या समृद्धि ग्राम 
डाकघरों में  सुकन्याओं ने खोले 1 लाख 57 हजार  खाते - डाक निदेशक केके यादव




Jodhpur Postal Region has covered 54 villages as ‘Sampoorn Sukanya Samridhhi Village’ under the Prime Minister’s drive  ‘Beti bachao, Beti padhao’








Monday, April 3, 2017

पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र का झुंझुनू, राजस्थान में सांसद संतोष अहलावत ने किया उद्घाटन


झुंझुनू में डाक विभाग और विदेश मंत्रालय के संयुक्त तत्वावधान में बहुप्रतीक्षित पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र का शुभारम्भ 2 अप्रैल, 2017 को हुआ। रेल डाक सेवा के कार्यालय में इसका उद्घाटन झुंझुनू की सांसद श्रीमती संतोष अहलावत ने राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएँ श्री कृष्ण कुमार यादव और क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी, जयपुर श्री विवेक जैफ की उपस्थिति में किया।



उद्घाटन पश्चात् कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद श्रीमती संतोष अहलावत ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा झुंझुनू को पासपोर्ट सेवा केन्द्र के रूप में ऐतिहासिक सौगात दी गई है। यह केन्द्र शुरू होने के बाद झुंझुनू और चूरू के  नागरिकों के पासपोर्ट यहीं बन जाएंगे, लोगों को सीकर तक नहीं जाना पड़ेगा। ऑनलाइन आवेदन के बाद आवेदक को फिंगर प्रिंट्स, फोटो तथा दस्तावेज वेरिफिकेशन के लिए  पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र में ही सुविधा मुहैया कराई जाएगी। इससे आवेदकों को पुलिस वेरीफिकेशन के बाद स्पीड पोस्ट द्वारा उनके द्वारा दिए गए पते पर पासपोर्ट जल्द से जल्द जारी किए जाएंगे। 



सांसद श्रीमती संतोष अहलावत ने इसके लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी और विदेश मंत्री श्रीमती सुषमा स्वराज का आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की तमाम कल्याणकारी योजनाओं से आम जन को जोड़ने के लिए डाक विभाग एक अहम भूमिका निभा रहा है।


कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएँ श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि डाक विभाग की प्रकृति बहुआयामी और समावेशी सरोकारों की रही है। डाकघरों के विस्तृत नेटवर्क और लोगों से सीधे जुड़ाव के चलते पासपोर्ट सेवा को भी नए आयाम मिलेंगे। वर्ष 2001 में भी  डाकघरों के माध्यम से पासपोर्ट के आवेदन स्वीकारने की पहल हुई थी, पर अब सरकार द्वारा पहली बार डाक विभाग को पासपोर्ट एक्ट के तहत अधिकार दिए जा रहे हैं। इस योजना के तहत पासपोर्ट के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के बाद प्रोसेसिंग से लेकर डिलिवरी तक का सारा काम डाकघर से ही होगा।

 डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि डाक विभाग द्वारा शीघ्र स्थापित किये जाने वाले इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक की शाखा झुंझुनू प्रधान डाकघर में भी खोली जाएगी। ग्रामीण सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी प्रोजेक्ट के तहत झुंझुनू के ग्रामीण शाखा डाकघरों को भी शीघ्र हाईटेक किया जायेगा और वहाँ पर माइक्रो ए.टी.एम. के रूप में हैण्डहेल्ड डिवाइस दिया जायेगा। डाक निदेशक श्री यादव ने बताया कि झुंझुनू जिले का बाय गाँव राजस्थान का प्रथम "सम्पूर्ण सुकन्या समृद्धि गाँव" बना और उसके बाद अब तक 10 से ज्यादा गाँवों को इससे आच्छादित किया जा चुका है।




 क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी, जयपुर श्री विवेक जैफ ने कहा कि कोटा व बीकानेर के बाद झंझुनूं में पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केन्द्र प्रारम्भ होने से काफी आसानी होगी। जैसलमेर और झालावाड़ में भी शीघ्र ही इन्हें आरम्भ किया जायेगा।


कार्यक्रम के दौरान सांसद श्रीमती संतोष अहलावत और डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने बच्चियों को सुकन्या समृद्धि योजना की पासबुकें सौंपी। 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' के तहत डाकघरों में दस साल तक की बालिकाओं हेतु खोले जा रहे सुकन्या समृद्धि योजना की भी उन्होंने प्रशंसा की।


डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार श्री यादव ने सांसद श्रीमती संतोष अहलावत को उनके फोटो वाली डाक टिकट ‘माई स्टैम्प’ भी स्मृति चिन्ह के रूप में दिया।
 इस अवसर पर श्री शुभकरण चौधरी, विधायक - उदयपुरवाटी, श्री सुदेश अहलावत, सभापति नगर परिषद, श्री राजीव सिंह शेखावत, जिला अध्यक्ष भाजपा, श्री राजेश बाबल, जिला महामंत्री भाजपा, श्री सुरेंद्र कुमार गुप्ता, पुलिस अधीक्षक, श्री के. एल, सैनी, डाक अधीक्षक सहित तमाम जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी और संभ्रांतजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन सत्यवीर झाझड़िया ने किया।




(Inauguration of Post Office Passport Seva Kendra at Jhunjhunu on 2nd April, 2017 by Smt. Santosh Ahlawat, Hon'ble Member of Parliament in gracious presence of Shri Krishna Kumar Yadav, Director Postal Services, Rajasthan Western Region, Jodhpur and Shri Vivek Jaif, Regional Passport Officer, Jaipur.)