Wednesday, June 12, 2013

डाकघर के माध्यम से विदेशों से पैसे मंगाने पर मिलेगा सुनिश्चित उपहार

डाकघरों के माध्यम से विदेशों से पैसे मंगाना अब और भी आकर्षक हो गया है। अब जब भी विदेशों में रहने वाले आप के परिजन आपको पैसे भेजें तो किसी चुनिन्दा पोस्ट ऑफिस जाइये, यहाँ आप को आसानी से पैसे तो मिलेंगे ही, साथ में आप को एक सुनिश्चित उपहार भी मिलेगा। उपरोक्त जानकारी इलाहाबाद परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएँ, कृष्ण कुमार यादव ने दी।

निदेशक डाक सेवाएँ कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि भारतीय डाक विभाग ने वेस्टर्न यूनियन सर्विसेस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के साथ मिल कर डाकघरों के माध्यम से विदेशों से पैसा मंगाने वाले ग्राहकों के लिए यह विशेष योजना शुरू की है। 30 सितंबर तक चलने वाली इस योजना के अंतर्गत अब जब भी ग्राहक विदेश से भेजे गए अपने पैसे का भुगतान लेने किसी चुनिंदा डाकघर जाएंगे तो डाकघर द्वारा उन्हें एक सुनिश्चित उपहार भी दिया जाएगा।डाक निदेशक श्री यादव ने बताया कि इस योजना की खास बात यह है कि उपरोक्त समयावधि के दौरान ग्राहक जितनी बार पैसे लेने आएगा उतनी बार उसे डाकघर द्वारा उपहार दिया जाएगा।इसके अतिरिक्त ग्राहकों के पास मौका होगा कि वो लकी ड्रॉ में शामिल हो कर मोबाइल भी जीत सकते हैं।


गौरतलब है कि पिछले एक दशक से भी ज्यादा समय से भारतीय डाक वेस्टर्न यूनियन मनीट्रान्सफर सेवा के तहत अपने ग्राहकों को विदेश से पैसे मंगाने की सुविधा दे रहा है। डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव ने बताया पूरे भारत में ये सुविधा लगभग 7100 डाकघरों के माध्यम से दी जा रही है। वहीं इलाहाबाद परिक्षेत्र में आने वाले 10 जिलों के 97 प्रमुख डाकघरों में वर्तमान में ये सुविधा दी जा रही है। इलाहाबाद जनपद में इलाहाबाद प्रधान डाकघर व इलाहाबाद कचहरी प्रधान डाकघर के अलावा ये सुविधा हंडिया, इलाहाबाद सिटी (जोनसेनगंज) , कवेलरी लाइंस (तेलियरगंज), जी. टी. बी. नगरहाईकोर्टबहादुरगंजफाफामऊअतरामपुरसिराथूदारागंजमुट्ठीगंजलालगोपालगंजसोरांव व सैदाबाद डाकघरों में उपलब्ध है।
       
निदेशक श्री यादव ने बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष में वेस्टर्न यूनियन मनी ट्रान्सफर सेवा के द्वारा इलाहाबाद परिक्षेत्र में डाकघरों के माध्यम से कुल 15231 भुगतान किए गए,जिसमें से सबसे ज्यादा 4992 लेनदेन इलाहाबाद डाक मंडल में किए गए। गौरतलब है कि सबसे ज्यादा पैसे सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात आदि खाड़ी देशों में काम करने वाले अप्रवासी भारतीयों द्वारा भेजा जाता है।



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