Monday, October 30, 2017

India Post Payments Bank (IPPB) will be opening soon in Nagaur, Rajasthan

डाक विभाग अपनी बचत बैंक और बीमा सेवाओं को ऑनलाइन करने के बाद अब बैंकिंग क्षेत्र में भी कदम रखने जा रहा है। डाक विभाग को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा पेमेंट बैंक आरंभ करने का लाइसेंस मिल चुका है और इसके तहत नागौर प्रधान डाकघर में भी इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक खुलेगा। यह बात नागौर  दौरे पर आये  राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर  के निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने कही। 

डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि सरकार ने डाकघर और बैंकों के एटीएम को आपस में जोड़ दिया है, इससे लोगों को काफी सहूलियत हो गई है।  इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक आरंभ होने के के बाद इसकी सेवा और पहुँच में और भी इजाफा होगा। इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक से उपभोक्ताओं के लिए आसान, कम कीमतों, गुणवत्तायुक्त वित्तीय सेवाओं की आसानी से पहुंच के लिए विभाग के विस्तृत नेटवर्क और संसाधनों का लाभ मिलेगा।
डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि इण्डिया पोस्ट पेमेंट बैंक  गांवों, कस्बों और दूरदराज के इलाकों में बैंकिंग सुविधाओं से वंचित तथा कम बैंकिंग वाले इलाकों में भुगतान बैंक के जरिए लोगों में अपनी पैठ बनाएगा। ये बैंक ग्राहकों से जमा ले सकते हैं किंतु लोन नहीं दे सकते। ये बैंक अपने ग्राहक से एक लाख रुपये तक की राशि जमा कर सकते हैं। ये एटीएम/डेबिट कार्ड जारी करेंगे, लेकिन क्रेडिट कार्ड नहीं। ये अपने ग्राहकों को इंटरनेट बैंकिंग के द्वारा भुगतान और धन भेजने की सेवाएं मुहैया कराएँगे। पेमेंट बैंक से डाक विभाग देश भर के सुदूर ग्रामीण हिस्सों तक अपने 1.55  लाख डाकघरों के जरिये पहुंच बनाएगा। डाक निदेशक श्री यादव ने कहा कि इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक से मूल बैंकिंग, भुगतान और प्रेषण सेवाएं प्रदान करने के द्वारा वित्तीय समावेशन और बीमा, म्युचुअल फंड, पेंशन और ग्रामीण क्षेत्रों एवं बैंक रहित और बैंक के अंतर्गत कार्य करने वाले क्षेत्रों पर विशेष रूप से ध्यान देते हुए तीसरे पक्ष के वित्तीय प्रदाताओं के साथ समन्वय के माध्यम से ऋण तक पहुंच जैसी सुविधाएं भी मिलेंगी।

ग्रामीण क्षेत्र के डाकघरों के सम्बन्ध में  डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि ग्रामीण सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी प्रोजेक्ट  के तहत नागौर जिले  के ग्रामीण शाखा डाकघरों को  हाईटेक किया जा रहा है और वहाँ पर  हैण्डहेल्ड डिवाइस  दिये गए हैं। इसके तहत  शाखा डाकघरों को सोलर चार्जिंग उपकरणों से जोडने के साथ-साथ मोबाइल थर्मल प्रिन्टर, स्मार्ट कार्ड रीडर, फिंगर प्रिन्ट स्कैनर, डिजिटल कैमरा एवं सिगनेचर व दस्तावेज स्कैनिंग के लिये यन्त्र भी मुहैया कराये जा रहे हैं, ताकि ग्रामीण लोगों को इन सुविधाओं के लिये शहरों की तरफ न भागना पडे और घर बैठे ही वे अपना भुगतान प्राप्त कर सकें। शाखा डाकघरों को पेमेंट बैंक से जोड़ने पर आने वाले दिनों में आर्थिक और सामाजिक समावेशन के तहत ग्रामीण पोस्टमैन चलते -फिरते  एटीएम  के रूप में नई भूमिका निभाएगा।  
डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि पहले मात्र सरकारी और अर्द्ध सरकारी कर्मचारियों तक सीमित डाक बीमा योजना में अब निजी क्षेत्र के कार्मिकों को भी जोड़ा गया है। निजी शिक्षण संस्थाओं /विद्यालयों/महाविद्यालयों आदि के कर्मचारियों, डॉक्टरों, इंजीनियरों, प्रबंधन सलाहकारों, चार्टेड एकाउंटेंट, वास्तुकारों, वकीलों, बैंकर  जैसे पेशेवरों और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज तथा बम्बई स्टॉक एक्सचेंज के सूचीबद्ध कम्पनी के कर्मचारियों के लिए भी डाक जीवन बीमा अब उपलब्ध होगी। डाक विभाग ने यह कदम सामाजिक सुरक्षा कवरेज को बढ़ाने, वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने तथा लोगों को किफायती जीवन बीमा उपलब्ध कराने के प्रयासों के तहत किया है ।

इस अवसर पर डाक अधीक्षक नागौर जी. एस. शेखावत, सहायक डाक अधीक्षक आर. ए. सोनी, एफ़. एम. भाटी, जय सिंह, साजन राम चौधरी, राजेंद्र सिंह भाटी, नागौर प्रधान डाकघर के पोस्टमास्टर  निम्बा राम सहित तमाम अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।




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