Saturday, September 28, 2013

हिंदी सिर्फ भाषा ही नहीं, एक संस्कृति है

हिंदी पखवाड़ा के समापन अवसर पर विशेश्वरगंज स्थित वाराणसी प्रधान डाकघर और कैंट प्रधान डाकघर  में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के आरंभ में मुख्य अतिथि इलाहाबाद परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव का प्रवर डाक अधीक्षक श्री शिव सहाय मिश्रा ने स्वागत किया और हिंदी पखवाड़ा के दौरान आयोजित कार्यक्रमों की रूपरेखा पर प्रकाश डाला। 

 इलाहाबाद परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने इस अवसर पर अपने सम्बोधन में कहा कि हिंदी सिर्फ एक भाषा ही नहीं बल्कि एक संस्कृति है जो समूचे देश को जोड़ती है और विविधता में एकता की संकल्पना को परिलक्षित करती है। हिंदी को यदि राजभाषा का संवैधानिक दर्जा दिया गया है तो उसके पीछे इसके समृद्ध ऐतिहासिक विरासत एवं स्वत्रतंत्रता आदोलन में प्रखर भूमिका रही है। डाक निदेशक श्री यादव ने कहा कि हिन्दी को संस्कृत शब्द-संपदा एवं नवीन शब्द रचना सामथ्र्य विरासत में मिली है। वह देशी भाषाओं एवं अपनी बोलियों के साथ-साथ अन्य भाषाओं से भी शब्द लेने में संकोच नहीं करती। यही कारण है कि अंग्रेजी के मूल शब्द लगभग 10,000 हैं, जबकि हिन्दी के मूल शब्दों की संख्या ढाई लाख से भी अधिक है। ऐसे में हिंदी का महत्व सर्वविदित है।

  प्रवर डाक अधीक्षक वााराणसी (पूर्व) मंडल श्री शिव सहाय मिश्रा ने कहा कि हिंदी पखवाड़े का आयोजन का उद्देश्य सिर्फ हिंदी की चिंता के लिए नहीं होता बल्कि इसकी उन्नति व प्रगति कैसी हो इसे भी संज्ञान में लेने की आवश्यकता है। इसी क्रम में डाक अधीक्षक वाराणसी (पश्चिम) मंडल श्री आर॰एन॰यादव ने अधिकारियों व कर्मचारियों का आहवान किया कि सरकारी कार्य में हिंदी को बढ़ावा देने के लिए दिल से कार्य करें ताकि हिंदी को जो राष्ट्रभाषा का दर्जा दिया गया है वह सही मायने में प्राप्त हो सकें। सीनियर पोस्टमास्टर, प्रधान डाकघर वाराणसी श्री हर गोविन्द वर्मा ने कहा कि हिंदी पूरे देश को जोड़ने वाली भाषा है और सरकारी कामकाज में भी इसे बहुतायत में अपनाया जाना चाहिये। 

इस अवसर पर अधीक्षक डाकघर पश्चिम मण्डल आर0एन0यादव तथा प्रवर डाक अधीक्षक, वाराणसी (पूर्व) मण्डल वाराणसी शिव सहाय मिश्र द्वारा निदेशक डाक सेवाएं कृष्ण कुमार यादव, को उनके हिन्दी साहित्य में उत्कृष्ट योगदान के लिए शाल व स्मृति चिन्ह देकर सारस्वत सम्मानित किया गया.साथ ही, हिन्दी साहित्य सृजन कार्य में उल्लेखनीय योगदान के लिए गाय घाट उपडाकघर के पोस्टमास्टर केशव शरण, कार्यालय सहायक  मुरली मनोहर एवं डाक सहायक  गणेश प्रसाद ‘गम्भीर’ को हिन्दी साहित्य में उनके योगदान हेतु निदेशक डाक सेवाएं कृष्ण कुमार यादव ने शाल ओढ़ाकर व स्मृति चिन्ह देकर सारस्वत सम्मानित किया ।

निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने इस अवसर पर हिंदी पखवाड़ा के दौरान मंडलीय कार्यालय एवं वाराणसी प्रधान डाकघर में आयोजित कार्यक्रम के विजेताओं को सम्मानित भी किया। कार्यक्रम का संचालन श्री गणेश प्रसाद ‘गम्भीर’ द्वारा किया गया।  








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