Sunday, November 30, 2014

SAARC Summit Award to Krishna Kumar Yadav

Famous blogger and currently posted as Director Postal Services of Allahabad Region, Mr. Krishna Kumar Yadav,  will be awarded with ‘Parikalpana SAARC Summit Award’ during the Fourth international blogger’s conference to be held in Bhutan from 15-18th January, 2015 for his work in Hindi literature and reminiscence writings on blog. Under this award he will be felicitated with rupees 25000/- cash prize, Commendation certificate, memento, and Aṅgavastra. This information was shared by Mr. Ravindra Prabhat,organizer of ‘International Bloggers Conference.’ 

Mr. Krishna Kumar Yadav started his blogging career in 2008, and has been since operating more than ten blogs on various issues. He has motivated a number of people to enter the field of blogging and gave blogging new dimensions through his literary creativity. Mr. Krishna Kumar Yadav have two personal blogs, i.e. ‘Shabd srijan ki oar’”( which covers contemporary issues, poems, informative and research based articles etc., whereas ‘Daakiya Daak laya’ ( covers history of Postal Services, information about famous personalities related with Postal services, letters, intriguing world of Postage Stamps. These blogs have been viewed by more than million people and are viewed and read from more than 100 countries across the world. 

It is worthwhile to mention here that Mr. Yadav have been awarded with a number of reputed awards for New Media and Blogging at national and international level, Which includes ‘Awadh Samman’ by Chief Minister of Uttar Pradesh Mr. Akhilesh Yadav, ‘Best blogger couple of the decade’ award together with his wife, ‘Parikalpana literary award’ in Nepal during the International Bloggers Conference.

During the conference to be held in Bhutan discussion will also be about propagation of Hindi, various dimensions of blogging as new media, role of social media in changing times. It is worthwhile to mention here that recently during his visit to Bhutan, Prime Minister Narendra Modi has highlighted historical and cultural relations between India and Bhutan and emphasized on mutual harmony and cooperation. This International Bloggers Conference to be held in Bhutan is also in effort in the same direction.

 Blogger Krishna Kumar Yadav to be awarded during International Bloggers meet in Bhutan
(Times of India, 29 November 2014)

Director Postal Services Krishna Kumar Yadav to get SAARC Summit Award
(Hindustan Times, 29 November 2014)

Wednesday, November 26, 2014

पत्र लेखन विधा के प्रोत्साहन हेतु 44वीं यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन पत्र लेखन प्रतियोगिता का 4 जनवरी, 2015 को आयोजन

युवाओं में पत्र लेखन विधा को प्रोत्साहित करने के लिए हर वर्ष यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन द्वारा अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर पत्र लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है। इसी क्रम में  15 वर्ष (31 मार्च 2015 के अनुसार) तक के बच्चों के लिए वैश्विक स्तर पर 4 जनवरी 2015, रविवार को 10.00 बजे से 11.00 बजे तक ‘‘उस संसार के बारे में हमें बताइये, जिसमें आप विकसित होना चाहते हैं’’ ¼Tell us about the world you want to grow up in½ विषय पर 44वीं यूपीयू पत्र लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया जायेगा। पत्र अंग्रेजी या संविधान की आठवीं सूची में निर्दिष्ट किसी भी भाषा में 800 शब्दों की सीमा में लिखना होगा।

इस संबंध में जानकारी देते हुए इलाहाबाद परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि  इस प्रतियोगिता का आयोजन सभी डाक सर्किल/परिक्षेत्रों के मुख्यालय पर किया जायेगा। उत्तर प्रदेश में इस प्रतियोगिता का आयोजन इलाहाबाद, लखनऊ, गोरखपुर, कानपुर, आगरा, बरेली और गाजियाबाद में किया जायेगा। श्री यादव ने यह भी बताया कि यदि विभिन्न स्कूलों-कालेजों के प्रधानाचार्य चाहें तो उक्त प्रतियोगिता डाक विभाग से मिलकर अपने स्तर पर भी स्वतंत्र रूप से करा सकते है। डाक विभाग प्रतियोगी प्रविष्टियों को उनसे एकत्र कर परिमंडलीय कार्यालय, लखनऊ को भेजेगा।

डाक निदेशक श्री यादव ने बताया कि प्रतियोगिता हेतु आवेदन करने की अन्तिम तिथि 22 दिसम्बर 2014 है। प्रतियोगिता हेतु आवेदन करने का प्रारूप सम्बन्धित प्रवर अधीक्षक/अधीक्षक कार्यालय से प्राप्त किया जा सकता है, हालांकि सभी मण्डलीय अधीक्षकों को व्यापक प्रचार व प्रमुख स्कूलों को प्रारूप उपलब्ध कराने के निर्देश दिये गये हैं ।

निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि पत्र लेखन प्रतियोगिता का मूल्यांकन परिमण्डलीय स्तर पर किया जायेगा तथा श्रेष्ठ तीन पत्र लेखन को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मिलित करने हेतु डाक निदेशालय, नई दिल्ली भेजा जायेगा। राष्ट्रीय स्तर पर श्रेष्ठ तीन प्रतियोगियों को क्रमशः रू0 5000, रू0 3000 व रू0 2000 का प्रथम, द्वितीय व तृतीय पुरस्कार प्रमाणपत्र सहित दिया जायेगा। इसके अलावा प्रत्येक परिमण्डल की सर्वश्रेष्ठ प्रविष्टि को 1000 रूपये का सांत्वना  पुरस्कार व प्रमाण पत्र दिया जायेगा। राष्ट्रीय स्तर पर सर्वोत्तम प्रविष्टि को यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन के पास आधिकारिक प्रविष्टि के रूप में भेजा जायेगा। 

44th Universal Postal Union Letter writing competition to be held on 4th January, 2015

To promote letter writing, Universal Postal Union organizes letter writing competition at International Level every year. Mr. Krishna Kumar Yadav, Director Postal Services, Allahabad Region told that school children of up to the age of 15 years (as on 31st March, 2015) may take part in this competition, which will be held on 4th of January, 2015 from 10:00 to 11:00 A.M. at the headquarter of all Postal Circles/ Regions. In Uttar Pradesh, apart from Allahabad it will be organized at Lucknow, Gorakhpur, Kanpur, Agra, Ghaziabad and Bareilly. 

The topic for 44th UPU letter writing competition is "Tell us about the world you want to grow up in." Composition must be presented in the form of letter not exceeding 800 words. It may be written in English or any language listed in the 8th schedule of the Constitution of India. Mr. Yadav further added that the reputed schools may organize this competition for their students independently as well. Concerned school principals may contact Sr. Supdt. of Post Offices for this. 

Last date of application for the competition is 22th December, 2014. He said that application forms for the competition may be obtained from the office of concerned Senior Supdt./ Supdt. of Post Offices, in the mean while all Divisional heads have been instructed to ensure wide publicity and supply of forms to all schools, said Mr. Yadav.

Director Mr. Krishna Kumar Yadav told that these letters will be evaluated in Lucknow at Circle level and three best letters will be sent to Postal Directorate, New Delhi for inclusion at National Level. Three best participants at National level will be awarded first, second and third prizes with a cash reward of Rs. 5,000, 3,000 and 2,000. While one best entry from each Circle will also be awarded with a cash reward of Rs. 1,000 as consolation prize. The best entry at the National level shall qualify as the official Indian entry for this International level competition. 


Tuesday, November 18, 2014

डाकघरों में 'किसान विकास पत्र' फिर से शुरू, 100 महीने में होगा धन दुगुना

छोटे निवेशकों के बीच कभी बेहद लोकप्रिय रहा किसान विकास पत्र (केवीपी) एक बार फिर से डाकघरों में मिलेगा। केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आज 18 नवम्बर, 2014 को  को इसे जारी किया। करीब तीन साल बाद 'किसान विकास पत्र' यानी केवीपी को नए कलेवर में मंगलवार को फिर से लॉन्च किया गया। इसमें कम से कम एक हजार रुपए निवेश करना होगा। फिर एक हजार के गुणक में जितना चाहें, उतना निवेश कर सकते हैं। नए रूप में किसान विकास पत्र 1,000, 5,000, 10,000 और 50,000 रुपये के मूल्य वर्ग में उपलब्ध होगा। इसे अकेले या संयुक्त नाम से खरीदा जा सकेगा। किसान विकास पत्र में ढाई साल का लॉक इन पीरियड रखा गया है, जबकि यह 100 महीने (आठ साल चार महीने) में परिपक्व (मेच्योर) होगा। परिपक्वता पर निवेशकों को दोगुनी रकम मिलेगी।

अनगिनत बार ट्रांसफर की सुविधा

इसके सर्टिफिकेट सिंगल या ज्वाइंट नामों से जारी किए जाएंगे। ये सर्टिफिकेट एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को अनगिनत बार ट्रांसफर किए जा सकेंगे। इसके अलावा, एक पोस्ट ऑफिस से देश में कहीं भी ट्रांसफर करने की सुविधा भी उपलब्ध होगी। इसके अलावा, इसके साथ नॉमिनेशन का विकल्प भी होगा। किसान विकास पत्र को गिरवी रख कर बैंकों से कर्ज भी लिया जा सकेगा।

ढाई साल बाद कैश कराने की सुविधा
इस बार निवेशकों को 1000, 5000, 10000 और 50000 रुपए के किसान विकास पत्र उपलब्ध होंगे। किसान विकास पत्र में निवेश की कोई ऊपरी सीमा नहीं होगी। इस बार लॉन्च किसान विकास पत्र की खासियत यह होगी कि अगर निवेशक चाहे तो इसे दो साल और छह महीने के लॉक इन पीरियड के बाद भुना सकेगा। इसके बाद इसे हर छह महीने की अवधि के बाद पूर्व निश्चित मैच्योरिटी वैल्यू पर भुनाया जा सकेगा। 

पोस्ट ऑफिस में होंगे उपलब्ध

शुरुआत में किसान विकास पत्र बिक्री के लिए पोस्ट ऑफिसों में उपलब्ध होंगे, लेकिन जल्दी ही इन्हें सरकारी बैंकों की चुनिंदा शाखाओं के जरिए भी लोगों को उपलब्ध कराया जाएगा।

विकास हेतु होगा इस्तेमाल 

वित्त मंत्रालय ने कहा कि केवीपी न सिर्फ छोटे निवेशकों के लिए निवेश का सुरक्षित विकल्प होगा, बल्कि इसके जरिये देश में बचत दर बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। वित्त मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि केवीपी से छोटे निवेशक धोखाधड़ी वाली योजनाओं से भी बच सकेंगे। इस योजना के तहत जुटाई गई राशि सरकार के पास रहेगी जिसका इस्तेमाल केंद्र और राज्यों की विकास योजनाओं में किया जाएगा।

साल 1988 में पहली बार हुआ था लॉन्च

किसान विकास पत्र को पहली बार एक अप्रैल 1988 को लॉन्च किया गया था। उस समय इसका मैच्योरिटी पीरियड साढ़े पांच साल था, यानी इतनी अवधि में इसमें लगाए गए पैसे दोगुने हो जाते थे। बाद में जब ब्याज दरें घटीं, तो मैच्योरिटी पीरियड बढ़ने लगा। साल 2011 में जब इसे बंद किया गया, तो इसका मैच्योरिटी पीरियड सात साल 11 महीने था।

बजट में हुई थी घोषणा

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने जुलाई में पेश बजट में इसे फिर से लॉन्च किए जाने की घोषणा की थी। श्यामला गोपीनाथ की रिपोर्ट सामने आने के बाद दिसंबर 2011 में इस पर रोक लगा दी गई थी। रिपोर्ट में कहा गया था कि इस स्कीम का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग के लिए किया जा रहा था।

गाजीपुर प्रधान डाकघर में कोर बैंकिंग सेवा का डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव ने किया उद्घाटन

गाजीपुर प्रधान डाकघर में कोर बैकिंग सोल्यूशन (सीबीएस) सेवा का उदघाटन 17 नवम्बर 2014 को इलाहाबाद परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव द्वारा किया गया। इस अवसर पर शिलापट्ट का अनावरण कर एवं दीप प्रज्जवलित कर गाजीपुर प्रधान डाकघर के सीबीएस से जुड़ने का उन्होंने शुभारंभ किया। 
उदघाटन करते हुए इलाहाबाद परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि गाजीपुर में गाजीपुर प्रधान डाकघर सीबीएस प्रणाली के तहत कार्य करने वाला प्रथम डाकघर है। प्रधान डाकघर के सीबीएस से जुड़ने पर यह देश के अन्य सीबीएस डाकघरों से जुड़ गया है। सीबीएस से जुड़ने के बाद एनीव्हेयर एनीटाइम बैंकिंग के तहत क्रमबद्ध रूप में धीरे-धीरे ग्राहकों को आन लाइन बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, नेट बैंकिंग और एटीएम इत्यादि का लाभ मिल सकेगा, जिससे गाजीपुर प्रधान डाकघर के 2 लाख 71 हजार से ज्यादा खाताधारक लाभान्वित होंगे। इनमें खाताधारकों का 3 अरब 21 करोड़ रूपये जमा है। इसके तहत यह अब संचय पोस्ट के बजाय फिनैकल साफ्टवेयर पर काम होगा और सेन्ट्रल सर्वर से प्रधान डाकघर सीधे जुड़ जायेगा, जिससे आॅनलाइन लेन-देन में सहूलियत होगी। 

डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि गाजीपुर प्रधान डाकघर में शीघ्र ही एटीएम सुविधा भी उपलब्ध करायी जायेगी। उन्होंने कहा कि अब सभी खाते 10 नंबरों के हो जायेंगे और सभी ग्राहकों को कम्प्यूटराइज्ड पासबुक मिलेगी। श्री यादव ने बताया कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश में गाजीपुर प्रधान डाकघर  को लेकर कुल 146 डाकघर सीबीएस के तहत कार्य करना आरंभ कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही गाजीपुर के अन्य डाकघरों को सीबीएस के तहत लाने का प्रयास किया जायेगा।

गाजीपुर मंडल के डाक अधीक्षक श्री आरपी सिंह ने कहा कि अब बचत अभिकर्ताओं को भी सहूलियत होगी और वे पोर्टल पर जाकर घर बैठे लोगों का पैसा जमा कर सकेंगे और तद्नुसार उत्पन्न कोड डाकघर आकर बताने पर, वह लिंक हो जायेगा। यही नहीं अब अभिकर्ताओं का कमीशन उनके डाकघर बचत खाता में सीधे जायेगा। 

कार्यक्रम में पोस्टमास्टर श्री जेबी राम, सहायक डाक अधीक्षक सर्वश्री पीके पाठक, डाक निरीक्षक बृजेश शर्मा, मारुत नंदन, श्री शत्रुघन शाह, सहित तमाम अधिकारी, कर्मचारी, बचत अभिकर्तागण व नागरिक उपस्थित थे।

CBS inaugurated in Ghazipur Head Post Office by Director Postal Services KK Yadav

Core banking service (CBS) was inaugurated at Ghazipur Head Post Office on 17th November, 2014 by Mr. Krishna Kumar Yadav, Director Postal Services, Allahabad Region. On this occasion, he announced launch of Core banking services at Ghazipur Head Post Office by unveiling inauguration stone and lighting lamp. 

In his inaugural address Director Postal Services, Mr. Krishna Kumar Yadav said that Ghazipur Head Post Office is the first Post Office in Ghazipur to start functioning under CBS. Under Core banking, as a part of any time anywhere banking, online banking, mobile banking and net banking facilities and ATM facilities etc. will be provided to customers, in a systematic manner. With the launch of this facility more than 2 lac 71 thousand account holders of  Ghazipur Head Post Office will be benefitted. Total deposits at Ghazipur Head Post Office amounts more than 3 Arab 21 Crore Rs.  Mr. Yadav further said that Under CBS work bill be now done on Finacle software in place of Sanchay Post, and this office will be now linked to central server at Mumbai. He further said that now new 10 digit account numbers will be allotted to all accounts and customers will get the facility of computerized passbook. Director Mr. Krishna Kumar Yadav told that now 146 Post offices in Uttar Pradesh has started functioning on CBS platform including Ghazipur HPO.

Superintendent of Post Offices, Ghazipur Division  Mr. RP singh said that after launch of CBS, Saving Agents can make deposit from their home using the agent portal, after showing the code provided at the portal money will be deposited in the accounts by Post office. Not only this, now commission of the agents will be directly credited to their Post Office Saving Bank Account. He also said that efforts will be made to bring more office of Ghazipur under Core banking.  
On this occasion Postmaster, Ghazipur HPO Mr. J. B Ram, Assistant Superintendent of Posts Mr. PK Pathak, Ram Saran and Inspector of Posts, Mr. Brijesh Sharma, Marut nandan, Shatrughan Shah and a number of officers, employees, and Saving Scheme agents were present. 

Friday, November 14, 2014

जब पहली बार जारी हुए बाल-दिवस पर डाक टिकट : 2014 रहा बाल दिवस डाक टिकट से अछूता

बाल दिवस को हर साल डाक विभाग डाक टिकट जारी कर यादगार बनाता है।  पर देश में इस बार 14 नवंबर को बाल दिवस के मौके पर डाक टिकट जारी नहीं किया जाएगा। वर्ष 1957 से 2013 तक लगातार 57 वर्षो से देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के जन्म दिन के अवसर पर डाक टिकट जारी होते आए हैं, लेकिन इस बार यह परम्परा टूट गई।

डाक विभाग की ओर से हर वर्ष स्कूली बच्चों की देशव्यापी चित्रकारी प्रतियोगिता आयोजित जाती है और उसके विजेता बच्चे की चित्रकारी पर बाल दिवस के अवसर पर डाक टिकट जारी किया जाता है। इस वर्ष  यह प्रतियोगिता भी नहीं आयोजित की गई ।

गौरतलब है कि वर्ष 1949 में संयुक्त राष्ट्र संघ ने सभी देशों को बाल दिवस मनाने के लिए कहा और इसके लिए सभी देशों को छूट दी गई कि वे अपने सामाजिक-सांस्कृतिक माहौल के हिसाब से किसी भी दिन को बालदिवस के लिए तय करें। सभी देशों ने अपने महापुरूषों, प्रतीक चिन्हों, धर्म, नस्ल आदि से जुड़ी तिथियों पर बाल दिवस घोषित कर रखे हैं। भारत ने प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के बच्चों से विशेष प्रेम और उनकी चाचा नेहरू की छवि के चलते उन्हीं के जन्म दिवस 14 नवंबर को बाल दिवस घोषित किया।

भारत में नेहरू के जीवनकाल में ही वर्ष 1954 से इसकी शुरूआत की गई। वर्ष 1957 से बाल दिवस के अवसर पर डाक टिकट जारी करने की शुरूआत की गई और पिछले साल (2013) तक इस परंपरा का निर्वाह किया गया। देश में 1977 से 1980, 1989 से 1991  और 1996 से 2004 के बीच गैर-कांग्रेसी सरकारें रही। उस दौरान भी बाल दिवस पर चित्रकारी प्रतियोगिता और डाक टिकट जारी होने की परम्परा को बरकरार रखा गया, लेकिन यह पहला मौका है, जब यह परम्परा निभाई नहीं गई और बाल दिवस बिना डाक टिकटों के रहा।

जब जारी हुए पहली बार बाल-दिवस पर डाक टिकट : 
भारतीय डाक विभाग प्रतिवर्ष बाल-दिवस पर डाक टिकट जारी करता रहा है।  यह सिलसिला वर्ष 1957 में आरम्भ हुआ, जब  बाल दिवस पर पहली बार तीन स्मारक डाक टिकट जारी किये गये, जो बाल पोषण (8 पैसे, केला खाता बालक), बाल शिक्षा (15 पैसे, स्लेट पर लिखती लड़की) व बाल मनोरंजन (90 पैसे, मिट्टी का बना बांकुरा घोड़ा) के प्रतीक थे। 

उस समय दस हजार फोटोग्राफ्स में से चयनित शेखर बार्कर व रीता मल्होत्रा को क्रमशः बाल पोषण व बाल शिक्षा पर जारी डाक टिकटों पर अंकित किया गया। स्लेट पर लिखती लड़की रीता मल्होत्रा कानपुर की थी। ठीक पचास वर्ष बाद वर्ष 2007 में बाल दिवस पर डाक टिकट जारी होने के दौरान शेखर बार्कर व रीता मल्होत्रा को भी आमंत्रित किया गया, पर रीता मल्होत्रा को शायद खोजा न जा सका। सोशल मीडिया और नेटवर्किंग के इस दौर में शायद किसी दिन संभवत: रीता मल्होत्रा का पता भी लग सके !!

Sunday, November 9, 2014

Young litterateur and Director Postal Services KK Yadav to be given Dushyant Kumar Award

A renowned literary and cultural organization, 'Aagman' has selected the Director Postal Services, Allahabad Region and a young litterateur, Krishna Kumar Yadav , for this year's 'Dushyant Kumar Award'. It will be conferred on him on November 23 in Noida during its annual felicitation function. This information was provided by Pawan Jain, founder of 'Aagman'.

It is worthwhile to mention here that Apart from being a Senior officer in Government service, Mr. Krishna Kumar Yadav is active in the field of literature, writing, blogging, and social media and has published 07 books namely 'Abhilasha' (Poem Collection), 'Abhivyaktiyon ke bahane' and 'Anubhutiyan aur vimarsh' (Eassay collection), India Post: 150 Glorious Years,  'Krantiyagya : 1857-1947 ki gatha',  'Jungle me cricket' (Children Poetry) and recently published '16 ane 16 log'. His creative works are published in various magazines and journals issued in country and abroad, web magazines published on the internet and blogs. 

 Mr. Yadav has been felicitated by more than hundred awards and honorary degrees by different literary and social institutions including 'Awadh Award' by Mr. Akhilesh Yadav, Chief Minister of Uttar Pradesh, 'Sahitya Samman' by Mr. Keshari Nath Tripathi, Governor of West Bengal, Vigyan Parishad Centenary Award by Mr. Shekhar Dutt, Governor of Chhattisgarh, ‘Best Couple Blogger of the Decade’,   Honorary Doctorate by Vikramshila Hindi Vidyapeeth, Bhagalpur-Bihar,  ‘Dr Ambedker National Fellowship’ Award by Bhartiya Dalit Sahitya Akademi, New Delhi.

(Courtesy : The Pioneer, 7 November 2014)

(Courtesy : Hindustan Times, 7 November 2014)

Saturday, November 8, 2014

Now get India Post's Philatelic Stamps through Snapdeal also

Department of Post has started online marketing and sell of its Stamps and Philatelic products with e-Commerce company Snapdeal. Under the tie-up Department of Post is offering a host of products on Snapdeal, which include Philatelic Stamps, Presentation Packs, Miniature Sheets, Special Albums and blow-up of popular stamps. Mr. Krishna Kumar Yadav, Director Postal Services, Allahabad Region told that in its effort to keep up with the changing taste of Indian Customers, Department of Post is evolving itself to serve its customers better. This tie-up is another step in this direction.

Mr. Krishna Kumar Yadav, Director Postal Services, Allahabad Region said that for a long time Dept. of Post has been offering Philatelic Products through Philatelic Bureaus and Philatelic Counters across the country. But with this tie-up with e-commerce companies like Snapdeal, India Post wants to broaden its reach to the new generation of tech savvy youths and netizens. Mr. Yadav added that to popularize Philately and offers its products in a better way Dept. of Post has also launched a dedicated website, which has all the details about philatelic stamps, such as History of Philately in India, link to purchase stamps online through Snapdeal and e-Post office portal, Stamps issue Calendar, details of Stamps since 1947, various guidelines, forms etc.

Mr. Yadav also told that the items offered by Department of Posts are available on under the category ‘Antiques and Collectibles’. The items on sale include, Philatelic Stamps issued by Department of Posts on Mahatma Gandhi, Sachin Tendulkar, FIFA World Cup, 100 years of Indian Cinema, Collector pack of the year-2013 and many other popular stamps.

अब घर बैठे स्नैपडील पर आॅनलाइन खरीदें डाक टिकट व फिलेटेलिक सामग्री

डाक विभाग भी अब अपने उत्पादों को ई-कामर्स के इस दौर में आॅनलाइन शापिंग के माध्यम से बिक्री करेगा। इसकी शुरूआत डाक टिकटों व अन्य फिलेटेलिक सामग्रियों से की गयी है। इस संबंध में जानकारी देते हुए इलाहाबाद परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि डाक विभाग और ई-कामर्स वेबसाइट ’स्नैपडील’ के मध्य हुए एक समझौते के तहत विभिन्न डाक टिकट, फिलेटलिक कलेक्टर्स पैक, डाक टिकट एलबम और फिलेटली से संबंधित पुस्तकें अब स्नैपडील के माध्यम से आॅनलाइन खरीदी जा सकती हैं। 

डाक निदेशक श्री यादव ने बताया कि डाक विभाग फिलेटलिक ब्यूरो और काउंटर्स के माध्यम से एक लम्बे समय से पूरे देश में डाक टिकट व अन्य फिलेटलिक सामग्री की बिक्री करता रहा है, लेकिन इस समझौते के बाद अब घर बैठे लोगोें के लिए डाक टिकट व अन्य उत्पाद खरीदना आसान हो जायेगा। युवा पीढ़ी जोकि आॅनलाइन शापिंग को हाथों-हाथ लेती है, इसके माध्यम से डाक टिकटों से जुड़ सकेगी। 

डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने यह भी बताया कि डाक विभाग ने फिलेटली को प्रोत्साहित करने के लिए एक समर्पित वेबसाइट आरंभ की है, जहाँ डाक टिकटों के बारे में जानकारी से लेकर फिलेटली का इतिहास एवं विकास, स्टैम्प इश्यू कैलेंडर और 1947 से लेकर अब तक जारी सभी डाक टिकटों को प्रदर्शित किया गया है। इस वेबसाइट पर ई-पोस्ट आॅफिस पोर्टल और स्नैपडील के माध्यम से आॅनलाइन खरीद का लिंक भी दिया गया है। डाक विभाग द्वारा उपलब्ध कराये जा रहे डाक टिकट और अन्य सामग्री स्नैपडील के ’एन्टीक एण्ड कलेक्टेबल्स’ (Antiques and Collectibles)  श्रेणी में जाकर आॅनलाइन खरीदी जा सकती है। यहाँ पर तमाम लोकप्रिय हस्तियों पर जारी डाक टिकट,  मसलन महात्मा बुद्ध, महात्मा गाँधी, सचिन तेंदुलकर, से लेकर सिनेमा के 100 वर्षों और फीफा वर्ल्ड  कप पर जारी डाक टिकटों के अलावा 2013 के सभी डाक टिकटों का संकलन पैक इत्यादि उपलब्ध हैं ।   

Tuesday, November 4, 2014

प्रधानमंत्री मोदी, चिठ्ठियाँ और मन की बात

चिट्ठियाँ भला किसे नहीं भातीं।  न शब्दों की बंदिश और न एक ही बार लिखने का झंझट।  चिट्ठियों के माध्यम से तो भाव भी अक्षर (जिसका क्षय नहीं होता) हो जाते हैं। उन अक्षरों को पढ़कर चिट्ठी पाने वाला लिखने वाले की मन:स्थिति का भी पता लगा लेता था। कभी राजनेताओं से लेकर फ़िल्मी सितारों की फैन-फॉलोइंग उनको प्राप्त चिट्ठियों से आंकी जाती थी। गांधी जी को  तो इतने ज्यादा पत्र प्राप्त होते थे कि वे दोनों हाथ से पत्रों का जवाब लिखा करते थे। देश के किसे भी कोने में मात्र गांधी लिखी चिट्ठियां उन तक डाक विभाग सकुशल पहुंचा देता था। जेल में रहते हुए नेहरू ने इंदिरा गांधी को जो पत्र लिखे, उन्होंने इंदिरा के व्यक्तित्व को गढ़ने में अहम भूमिका निभाई।  इन पत्रों ने न जाने कितने इतिहास रचे और आज भी लाखों रूपये में नीलम होते हैं।  

चिट्ठियां हमारे परिवेश का अभिन्न अंग रही हैं।  लोकगीतों में चिट्ठियों का बड़ा ही सटीक और मार्मिक वर्णन मिलता है। आधुनिक से लेकर पुरातन साहित्य में भी चिट्ठियों के तमाम वर्णन हैं। चिट्ठियाँ तब से लिखी जा रही हैं, जब से सभ्यता का प्रादुर्भाव हुआ होगा और मानव ने लिखना सीखा होगा। माना  जाता है कि रुक्मिणी द्वारा श्रीकृष्ण को लिखी गई चिट्ठी 'विश्व का पहला 'प्रेम पत्र' थी।  लोक गीतों में भी इसका वर्णन बखूबी मिलता  है।

'अंचरा में फाड़ी रु
रुक्मिणी कगजा बनाओल
नयन काजल मसिहान
चारों कोना लिखले
रुक्मिणी छेम कुशलवा
बीचे बीचे रुक्मिणी बयान।'

ऐसी ही न जाने कितने बातें और विरासत इन चिट्ठियों ने सहेज कर रखा है और इन चिट्ठियों के माध्यम से ही वे एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक संचारित होती रहती हैं। याद आती हैं हसरत मोहानी की लिखी पंक्तियाँ -

लिक्खा था अपने हाथों से जो तुमने एक बार।
अब तक हमारे पास है वो यादगार खत ।।

वर्तमान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तकनीक फ्रेंडली हैं । सोशल मीडिया और ई-मेल के माध्यम से लोगों से जुड़े रहते हैं, पर न तो हर कोई मेल करता है और न हर किसी का सोशल मीडिया पर एकाउंट है।  भारत जैसे देश में जहाँ अभी भी इंटरनेट की पहुँच बमुश्किल 15 फीसदी है, वहाँ तो पत्रों की अहमियत और भी बढ़ जाती है। ऐसे में लोगों से जुड़ने के लिए पत्र से बेहतर जरिया नहीं हो सकता। 

प्रधानमंत्री मोदी कितने ही टेक सेवी हों पर दूसरी तरफ यह भी एक सच्चाई है कि प्रधानमंत्री बनने के बाद उनके नाम आने वाली चिट्ठियों की आमद ने नए रिकार्ड बना दिए हैं। जुलाई के बाद से हर महीने प्रधानमंत्री मोदी के नाम औसतन डेढ़ लाख चिट्ठियाँ आ रही हैं। लोग अमूमन पाँच हजार पत्र प्रतिदिन मोदी को भेज रहे है। कभी-कभी यह आँकड़ा दस हजार तक पहुँच जाता है। 

राजधानी  दिल्ली के निर्माण भवन स्थित पोस्ट आॅफिस  यूँ तो पहले भी अतिविशिष्ट व्यक्तियों के लिए आने वाली चिट्ठियों  के लिए जाना जाता रहा है। लुटियन जोन स्थित अहम मंत्रालयों और अतिविशिष्ट व्यक्तियों के नाम की चिट्ठी भी इसी डाकखाने से जाती है। लेकिन जुलाई 2014 के बाद से यहाँ प्रधानमंत्री के नाम चिट्ठियों की बाढ़ सी आ गई है। जहाँ पूर्व प्रधानमंत्री  मनमोहन सिंह के कार्यकाल में प्रतिदिन करीब पांँच सौ से एक हजार चिट्ठियाँ आती थीं वहीँ  मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद इसमें कई गुना इजाफा हुआ है।  आमतौर पर सुबह 11 बजे छंटनी कर डाक पीएमओ  भेज दी जाती है। लेकिन कई बार दिन में दो बार भी चिट्ठियां पीएमओ पहुँचानी पड़ती हैं। चिट्ठियों की आवक देखते हुए डाक विभाग ने भी मुकम्मल इंतजाम किए हैं । प्रधानमंत्री के नाम आने वाले पत्रों की छंटाई और कंम्प्यूटर वर्गीकरण समेत अन्य इंतजामो को चुस्त करने के लिए दो सितंबर को पीएमओ और डाक विभाग के अधिकारियों के बीच एक बैठक भी हुई थी। 

दरअसल प्रधानमंत्री मोदी जनता से सीधे संवाद पर खासा जोर देते हैं। उन्होंने तीन अक्टूबर को ’मन की बात’ कार्यक्रम के जरिए जनता से रेडियो संवाद की परंपरा शुरू की थी। साथ ही लोगों को सरकार के साथ अपने अनुभव, शिकायतें ई-मेल व पत्रों  के जरिए भेजने को प्रोत्साहित भी किया था। प्रधानमंत्री ने जनता से मिले पत्रों और उनकी बातें पंसद आने पर अपने रेडियो संवाद में शामिल करने का भी वादा किया था। ऐसे में लोगों  ने भी अपने मन की बात देश के मुखिया  को चिट्ठियों के माध्यम से भेजनी आरम्भ कर दी। प्रधानमंत्री के नाम आने वाले पत्रों में जहाँ बड़ी संख्या सामाजिक संगठनों की है, वहीं दूर-दराज के गाँवों से आ रहे पत्रों की तादाद भी कम नहीं है। इंटरनेट के इस दौर में डाक से आ रही चिट्ठियों की संख्या डाक विभाग के लिए भी उत्साहजनक है, वहीं एक ख़त्म होती विधा 'पत्र लेखन' को जीवंत करने का प्रयास भी।

- कृष्ण कुमार यादव
निदेशक डाक सेवाएँ, 
इलाहाबाद परिक्षेत्र, इलाहाबाद -211001 

Sunday, November 2, 2014

इलाहबाद के डाकघरों से अक्टूबर माह में बिके सवा करोड़ रूपये के पोस्टल आर्डर, परीक्षार्थियों ने बढ़ाई माँग

जहाॅँ एक तरफ सरकार विभिन्न विभागों में नयी भर्तियों की घोषणा कर रही है, वहीं इलाहाबाद से इन भर्तियों हेतु सर्वाधिक आवेदन किये जा रहे हैं। डाकघरों में आवेदन करने हेतु तमाम अभ्यर्थी जुट रहे है। तमाम परीक्षाओं मसलन एलटी ग्रेड के आवेदन के क्रम में डाकघरों द्वारा इण्डियन पोस्टल आर्डर की रिकार्ड बिक्री की गयी है। डाकघरों से इतनी लम्बी बिक्री पिछले कई वर्षो में शायद ही कभी हुई हो। 

इलाहाबाद परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि डाकघरों से इण्डियन पोस्टल आर्डर की बिक्री में भारी वृद्धि हुई है। इलाहाबाद जनपद में अकेले अक्टूबर माह में अब तक सवा करोड़ रूपये (1.25 करोड़) से ज्यादा के इण्डियन पोस्टल आर्डरों की बिक्री हुई है। 

जहाॅंँ सामान्य महीनों  में बिक्री मात्र कुछेक लाख रूपयों में होती थी, वहीं उत्तर प्रदेश शासन की एलटी ग्रेड की परीक्षा हेतु आवेदकों द्वारा एक-एक दिन में 5 से 10 लाख रूपये तक के इण्डियन पोस्टल आर्डर खरीदे जा रहे हैं। गौरतलब है कि 100 रूपये के इण्डियन पोस्टल आर्डर के लिए डाकघरों में मात्र रू0 10/ कमीशन लिया जाता है। डाक निदेशक श्री यादव ने बताया कि अक्टूबर माह में   पोस्टल आर्डरों की बिकी से इलाहाबाद में लगभग साढ़े बारह लाख रू0 का कमीशन प्राप्त हुआ। 

Postal Orders worth more than one crore sold in Allahabad in October

While on one hand government is declaring new vacancies, maximum number of applications are being made in Allahabad. A huge number of applicants are gathering in Post Offices to apply for these vacancies. During the ongoing recruitment process of LT grade posts, a record number of Indian Postal Orders have been sold by the Post Offices. This amount of sale of Postal Orders is unprecedented. 

Mr. Krishna Kumar Yadav, Director Postal Services, Allahabad Region said that a huge increase have been observed in the sale of Indian Postal Orders. In Allahabad District itself, IPOs worth more than 1.25 crore have been sold in the month of October. While ordinarily Postal Orders worth a few lakh rupees are sold throughout the month, now after declaration of LT grade recruitments by UP Government, 5 to 10 lakh worth of  Postal Orders are being sold on daily basis. It is worthwhile to mention here that Postal Department charges Rs. 10 as commission on Postal Order of Rs. 100. Director Postal Services, Mr. Yadav said that in the month of October a commission of about 12.5 lakh have been collected.

डाकघरों में फिर से बिकेंगे 'किसान विकास पत्र'

सरकार ने बचत को प्रोत्साहित करने के लिए किसान विकास पत्र (केवीपी ) फिर से शुरू करने की घोषणा की है। सरकार किसान विकास पत्र (केवीपी) को नए रूप में जल्द ही जारी करेगी।वित्त मंत्रालय में संयुक्त सचिव (बजट) रजत भार्गव ने एक आयोजन के मौके पर कहा, हम किसान विकास पत्र (केवीपी) को बचत साधन के तौर पर नए रूप में पेश करने जा रहे हैं।

गौरतलब है कि वित्त मंत्री अरुण जेटली ने अपने बजट भाषण में कहा था कि वह किसान विकास पत्र (केवीपी) को फिर से पेश करेंगे, जो लघु बचतकर्ताओं में काफी लोकप्रिय था। इसलिए बचत को बढ़ावा देने के लिए इसे फिर शुरू किया जा रहा है। लोग बैंकों में रखे हुए और अन्य मदों में लगाये गये धन को इनमें लगा सकेंगे। किसान विकास पत्र देश के किसी भी डाकघर से खरीदे जा सकते हैं।

केवीपी में निश्चित रकम निवेश करने पर यह आठ साल और सात महीने में दोगुनी हो जाती है। इसे खरीदने के लिए बस आपको डाकघर जाकर एक फॉर्म भरना होगा। फॉर्म जमा करते वक्त अपनी तस्वीर जरूर ले जाएं। संबंधित राशि नकद अथवा चेक से जमा कर सकते हैं। इसके बाद पोस्ट ऑफिस किसान विकास पत्र नामक सर्टिफिकेट देगा। इसमें आवेदक का नाम, राशि, मैच्यूरिटी की तारीख और मिलने वाली रकम की जानकारी रहेगी।

इस योजना में न्यूनतम निवेश राशि 100 रूपए है। प्रमाण पत्र 100 रूपए, 500 रूपए, 1000 रूपए, 5000 रूपए, 10,000 रूपए और 50,000 रूपए के मूल्यवर्ग में उपलब्ध हैं। 50,000 रूपए का प्रमाण पत्र चुनिंदा पोस्ट ऑफिस में बेचा जाता है। इसे किसी भी समय खरीदकर परिपक्‍वता अवधि पूरी होने पर बेचा जा सकता है।