Saturday, August 26, 2017

अब बैंकिंग के क्षेत्र में कदम रखेगा डाक विभाग, डाकघरों में खुलेंगे इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक

डाक विभाग अपनी बचत बैंक और बीमा सेवाओं को ऑनलाइन करने के बाद अब बैंकिंग क्षेत्र में भी कदम रखने जा रहा है। डाक विभाग को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा पेमेंट्स  बैंक आरंभ करने का लाइसेंस मिल चुका है और इसके तहत सभी जिला मुख्यालयों पर इंडिया पोस्ट पेमेंट्स  बैंक खुलेगा। इसी क्रम में राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र में प्रस्तावित भारतीय डाक भुगतान बैंक हेतु तैयारियों का जायजा लेने हेतु जालोर, सिरोही और पाली प्रधान डाकघर का 24 व 25 अगस्त, 2017 को निरीक्षण किया।
डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि प्रथम फेज में राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र के अधीन के 7 जिलों- जोधपुर, जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर, श्रीगंगानगर, सीकर व झुञ्झुनु एवं द्वितीय फेज में 6 जिलों-पाली, सिरोही,जालौर, नागौर, चुरू व हनुमानगढ़ के प्रधान डाकघरों में इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक खुलेंगे।


डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि सरकार ने डाकघर और बैंकों के एटीएम को आपस में जोड़ दिया है, इससे लोगों को काफी सहूलियत हो गई है।  इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक आरंभ होने के के बाद इसकी सेवा और पहुँच में और भी इजाफा होगा। इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक से उपभोक्ताओं के लिए आसान, कम कीमतों, गुणवत्तायुक्त वित्तीय सेवाओं की आसानी से पहुंच के लिए विभाग के विस्तृत नेटवर्क और संसाधनों का लाभ मिलेगा।


डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि इण्डिया पोस्ट पेमेंट्स  बैंक  गांवों, कस्बों और दूरदराज के इलाकों में बैंकिंग सुविधाओं से वंचित तथा कम बैंकिंग वाले इलाकों में भुगतान बैंक के जरिए लोगों में अपनी पैठ बनाएगा। ये बैंक ग्राहकों से जमा ले सकते हैं किंतु लोन नहीं दे सकते। ये बैंक अपने ग्राहक से एक लाख रुपये तक की राशि जमा कर सकते हैं। ये एटीएम/डेबिट कार्ड जारी करेंगे, लेकिन क्रेडिट कार्ड नहीं। ये अपने ग्राहकों को इंटरनेट बैंकिंग के द्वारा भुगतान और धन भेजने की सेवाएं मुहैया कराएँगे। पेमेंट्स बैंक से डाक विभाग देश भर के सुदूर ग्रामीण हिस्सों तक अपने 1.55  लाख डाकघरों के जरिये पहुंच बनाएगा। डाक निदेशक श्री यादव ने कहा कि इंडिया पोस्ट पेमेंट्स  बैंक से मूल बैंकिंग, भुगतान और प्रेषण सेवाएं प्रदान करने के द्वारा वित्तीय समावेशन और बीमा, म्युचुअल फंड, पेंशन और ग्रामीण क्षेत्रों एवं बैंक रहित और बैंक के अंतर्गत कार्य करने वाले क्षेत्रों पर विशेष रूप से ध्यान देते हुए तीसरे पक्ष के वित्तीय प्रदाताओं के साथ समन्वय के माध्यम से ऋण तक पहुंच जैसी सुविधाएं भी मिलेंगी।

गौरतलब है कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 1 जून, 2016 को भारत सरकार की 100 प्रतिशत इक्विटी के साथ डाक विभाग के अंतर्गत एक सार्वजनिक लिमिटेड कंपनी के रूप में भारतीय डाक भुगतान बैंक (इण्डिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक)  की स्थापना को अपनी स्वीाकृति  दी । इस परियोजना का कुल व्यय 800 करोड़ रुपये है। इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक  को 17 अगस्त, 2016 को रजिस्ट्रार ऑफ़ कंपनीज, भारत द्वारा निगमन प्रमाणपत्र (Certificate of incorporation) प्रदान करने के बाद भारतीय डाक विभाग के अधीन संचालित यह प्रथम सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम : Public sector undertaking (PSU) बन गया है। इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (India Post Payments Bank IPPB) के दो पायलट ब्रांच 30 जनवरी, 2017 को रांची (झारखण्ड) और रायपुर (छत्तीसगढ़) में आरंभ हो चुकी हैं। इस योजना के तहत देश भर में सितंबर 2017 तक 650 शाखाओं में पेमेंट बैंक शुरू किए जाएंगे। देश के सभी 1.55 लाख पोस्ट ऑफिसेज, जिनमें 1.39 लाख ग्रामीण क्षेत्र  में हैं, को जिला मुख्यालय के आईपीपीबी ब्रांच के साथ अटैच किया जाएगा।


क्या है इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (आईपीपीबी)

- देशभर में फैले पोस्ट ऑफिस नेटवर्क के जरिए बैंकिंग सुविधाओं  को दूर-दराज के लोगों तक पहुंचाने के मकसद से यह प्रोजेक्ट शुरू किया गया है।
- रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के ऑर्डर के मुताबिक, इण्डिया पोस्ट पेमेंट बैंक के जरिए बेसिक फाइनेंशियल फेसेलिटीज दी जाएंगी।
- इसके तहत सोशल सिक्युरिटी समेत सभी तरह के पेमेंट्स आसान हो जाएंगे, जो बैंकिंग के जरिए कठिनाई से हो पाते थे।
- इनके अलावा इंश्योरेंस, म्यूचुअल फंड्स, पेंशन प्रोडक्ट्स के साथ-साथ दूसरे बैंकों के क्रेडिट प्रोडक्ट्स भी यहां से बेचे जाएंगे।
- अकाउंट होल्डर को एक डेबिट कार्ड देगा, जिससे एटीएम से पैसे निकाले जा सकेंगे और खरीददारी की जा सकेगी।

India Post Payments bank दूसरे बैंक से कैसे अलग है?

- इण्डिया पोस्ट पेमेंट बैंक तकनीक आधारित बैंकिंग सिस्टम है, जिसमें सेविंग अकाउंट में ज्यादा से ज्यादा एक लाख रुपए जमा कराए जा सकते हैं। ये बैंक कर्ज नहीं दे सकते।
- इसमें पोस्टमैन हैंडहेल्ड मशीन के जरिए घर-घर जाकर पैसों का लेनदेन करेंगे।
- जल्द ही पोस्ट ऑफिस के 1000 एटीएम भी खोले जाएंगे। शुरुआत में 1 लाख अकाउंट्स खोलने का टारगेट रखा गया है।
- एयरटेल और पेटीएम के बाद इण्डिया पोस्ट पेमेंट बैंक  तीसरी बैंक है, जिसे पेमेंट बैंक का परमिट मिला है।


सिरोही प्रधान डाकघर में खुलेगा इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक

पाली प्रधान डाकघर में खुलेगा इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक

जालोर  में खुलेगा इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक

पाली के प्रधान डाकघर में खुलेगा इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक

पाली प्रधान डाकघर में खुलेगा इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक

सिरोही प्रधान डाकघर में खुलेगा इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक





बेटियों के आर्थिक सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही 'सुकन्या समृद्धि योजना' - डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव

आज का दौर बेटियों का है। बेटियाँ समाज में नित नये मुकाम हासिल कर रही हैं। बेटियों की समृद्धि और खुशहाली में ही समाज का भविष्य टिका हुआ है। इसीलिए बेटियों की उच्च शिक्षा और उनके विवाह में सुविधा के लिए 10 वर्ष तक की बेटियों हेतु डाकघरों में सुकन्या समृद्धि योजना आरंभ की गयी है। बालिकाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में उठाया गया यह प्रयास एक मील का पत्थर साबित होगा। उक्त उदगार राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने पाली जनपद के नाडोल स्थित नीपल गाँव में सुकन्या समृद्धि योजना के लिये आयोजित मेले में 25 अगस्त, 2017 को व्यक्त किये। गाँव की 10 वर्ष तक की समस्त योग्य 182 बालिकाओं के सुकन्या खाते खोलकर नीपल गाँव पाली जिले का सातवाँ “सम्पूर्ण सुकन्या समृद्धि योजना ग्राम” बन गया है।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में अपने सारगर्भित सम्बोधन में राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' के अंतर्गत बालिकाओं  के राष्ट्र निर्माण पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि सुकन्या समृद्धि योजना सिर्फ निवेश का एक माध्यम नहीं है, बल्कि यह बालिकाओं के उज्ज्वल व समृद्ध भविष्य से भी जुड़ा हुआ है। इस योज़ना के आर्थिक के साथ साथ सामाजिक आयाम भी महत्वपूर्ण हैं। इसमे जमा धनराशि पूर्णतया बेटियों के लिए ही होगी, जो उनकी शिक्षा, कैरियर  एवं विवाह में उपयोगी होगी।

डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि डाक विभाग का उद्देश्य समावेशी विकास के तहत शहरों के साथ-साथ सुदूर ग्रामीण अंचल स्थित लोगों को सभी योजनाओं के तहत लाना है।  देश में मुख्यधारा से वंचित लोगों व उनके परिवारों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से आरम्भ अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना एवं प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के सफलतापूर्वक क्रियान्वयन में भी डाकघरों द्वारा एक मुख्य व सक्रिय भूमिका का निर्वहन किया जा रहा है। श्री यादव ने डाकघर में खुले समस्त खातों को आधार और मोबाईल नंबर से जोड़ने पर भी जोर दिया, जिससे  भविष्य मे आने वाली सभी सरकारी योजनाओं का लाभ ग्राहकों को मिल सके। मोबाईल नंबर को खातों मे जुडवाने से  प्रत्येक जमा एवं निकासी की सूचना एसएमएस द्वारा उनके मोबाईल पर आ जाएगी। 

इस अवसर पर पाली मण्डल के अधीक्षक डाकघर श्री डी. आर. सुथार ने कहा कि पाली डाक मंडल में सुकन्या समृद्धि योजना के तहत कुल 21,966 खाते खोले जा चुके हैं तथा सात गाँवों को सम्पूर्ण सुकन्या समृद्धि गाँव  घोषित किया जा चुका हैं। 

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि नीपल गाँव के सरपंच श्री केशा राम परमार ने कहा कि  ग्रामवासियों के लिए यह अत्यन्त गर्व की बात है कि “सम्पूर्ण सुकन्या समृद्धि योजना ग्राम” बनकर नीपल गाँव “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” अभियान को मूर्त रूप दे रहा है।

 डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने बालिकाओं को पासबुकें व उपहार देकर उनके सुखी व समृद्ध भविष्य की कामना की। नीपल गाँव के पंचायत भवन अटल सेवा केंद्र में राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने  स्मृतिस्वरूप पौधरोपण भी किया।


इस अवसर पर सहायक डाक अधीक्षक श्री संग्राम भंसाली, श्री रामलाल मूंड, श्री तरुण शर्मा, श्री राजेन्द्र सिंह भाटी, डाक निरीक्षक श्री श्रवण भाटी, शाखा डाकपाल नीपल श्री बाबूखान पठान,  श्री इंसाफ अली सहित डाक विभाग के तमाम अधिकारी-कर्मचारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि व गाँववासी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन श्री तरुण शर्मा ने किया।

Friday, August 25, 2017

बेटियों के उज्ज्वल व समृद्ध भविष्य से जुड़ी है डाकघर की "सुकन्या समृद्धि योजना" - डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव

आज का दौर बेटियों का है। बेटियाँ समाज में नित नये मुकाम हासिल कर रही हैं। बेटियों की समृद्धि और खुशहाली में ही समाज का भविष्य टिका हुआ है। इसीलिए बेटियों की उच्च शिक्षा और उनके विवाह में सुविधा के लिए 10 वर्ष तक की बेटियों हेतु डाकघरों में सुकन्या समृद्धि योजना आरंभ की गयी है। उक्त उदगार राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने जालोर जनपद के गुढ़ा बालोतान स्थित उम्मेदपुर गाँव में सुकन्या समृद्धि योजना के लिये आयोजित मेले में 24 अगस्त, 2017 को व्यक्त किये। गाँव की 10 वर्ष तक की समस्त योग्य 110 बालिकाओं के सुकन्या खाते खोलकर उम्मेदपुर गाँव जालोर जिले का तीसरा “सम्पूर्ण सुकन्या समृद्धि योजना ग्राम” बन गया है।


 इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में अपने सारगर्भित सम्बोधन में राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' के अंतर्गत बालिकाओं  के राष्ट्र निर्माण पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि सुकन्या समृद्धि योजना सिर्फ निवेश का एक माध्यम नहीं है, बल्कि यह बालिकाओं के उज्ज्वल व समृद्ध भविष्य से भी जुड़ा हुआ है। इस योज़ना के आर्थिक के साथ साथ सामाजिक आयाम भी महत्वपूर्ण हैं। इसमे जमा धनराशि पूर्णतया बेटियों के लिए ही होगी, जो उनकी शिक्षा, कैरियर  एवं विवाह में उपयोगी होगी।
डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि डाक विभाग का उद्देश्य समावेशी विकास के तहत शहरों के साथ-साथ सुदूर ग्रामीण अंचल स्थित लोगों को सभी योजनाओं के तहत लाना है।  देश में मुख्यधारा से वंचित लोगों व उनके परिवारों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से आरम्भ अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना एवं प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के सफलतापूर्वक क्रियान्वयन में भी डाकघरों द्वारा एक मुख्य व सक्रिय भूमिका का निर्वहन किया जा रहा है। श्री यादव ने डाकघर में खुले समस्त खातों को आधार और मोबाईल नंबर से जोड़ने पर भी जोर दिया, जिससे  भविष्य मे आने वाली सभी सरकारी योजनाओं का लाभ ग्राहकों को मिल सके। मोबाईल नंबर को खातों मे जुडवाने से  प्रत्येक जमा एवं निकासी की सूचना एसएमएस द्वारा उनके मोबाईल पर आ जाएगी। 
इस अवसर पर सिरोही मण्डल के अधीक्षक डाकघर श्री डी.आर. पुरोहित ने कहा कि सिरोही-जालोर डाक मंडल में सुकन्या समृद्धि योजना के तहत कुल 31,474 खाते खोले जा चुके हैं तथा सात गाँवों को सम्पूर्ण सुकन्या समृद्धि गाँव  घोषित किया जा चुका हैं। 


कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि सरपंच श्रीमती शारदादेवी ने कहा कि बालिकाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में उठाया गया यह प्रयास एक मील का पत्थर साबित होगा। पूर्व सरपंच उम्मेदपुर श्री ओटर मल ने कहा कि ग्रामवासियों के लिए यह अत्यन्त गर्व की बात है कि  “सम्पूर्ण सुकन्या समृद्धि योजना ग्राम” बनकर उम्मेदपुर “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” अभियान को मूर्तरूप दे रहा है।
इस अवसर पर डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने बालिकाओं को पासबुकें व उपहार देकर उनके सुखी व समृद्ध भविष्य की कामना की। इस अवसर पर सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्रिंसिपल श्री प्रतापा राम, डॉक्टर मनीराम, आयुर्वेद चिकित्सक, सहायक डाक अधीक्षक श्री राजेन्द्र सिंह भाटी, बी.एस. राजपुरोहित, शाखाडाकपाल उम्मेदपुर श्री जैसा राम सहित डाक विभाग के तमाम कर्मचारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि व गाँववासी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन सहायक डाक अधीक्षक श्री बी.एस.राजपुरोहित ने किया।
बेटियों की समृद्धि और खुशहाली में ही समाज का भविष्य सुरक्षित-डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव 

 जालोर जिले का उम्मेदपुर गाँव बना “सम्पूर्ण सुकन्या समृद्धि योजना ग्राम”, गाँव की सभी  110 बालिकाओं के खाते खोले

बेटियों की समृद्धि से भविष्य सुरक्षित-डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव