Tuesday, November 11, 2008

क्या है पिन कोड ??

हम सबका सामना कभी न कभी चिट्ठियों से जरूर होता है। इन चिट्ठियों में चाहे वे पोस्टकार्ड हों, लिफाफे या अंतर्देशीय पत्र, एक पता लिखने का स्थान तय होता है। इस स्थान में सबसे नीचे छह खाने बने होते हैं, जिस पर पिनकोड लिखा जाता है। आप जानते हैं कि यह पिन कोड क्या है और इसे लिखना क्यों जरूरी होता है? पिन कोड का अर्थ है- पोस्ट इंडेक्स नंबर और इसे लिखने से पत्र को सही स्थान पर पहुँचाने में मदद मिलती है।

दरअसल, हमारा देश अति विशाल है। यहाँ लाखों गाँव व कस्बे हैं। यहाँ एक ही नाम वाले दो या इससे भी अधिक स्थान हो सकते हैं। जैसे-औरंगाबाद महाराष्ट्र में है और बिहार में भी। जयपुर एक शहर भी है और एक गाँव भी। ऐसी स्थिति में डाक विभाग को चिट्ठी सही जगह और समय से पहुँचाने में बड़ी परेशानी होती थी। इससे बचने के लिए ही पिन कोड की व्यवस्था 15 अगस्त, 1972 से शुरू की गई। इस व्यवस्था के अंतर्गत देश को कुल आठ मुख्य क्षेत्रों में बांटा गया। फिर इसके उपक्षेत्र बनाए गए। अंत में डाक बांँटने वाले डाकघरों को भी एक कोड द्वारा निर्धारित किया गया। इस व्यवस्था में छह अंकों के पिन कोड का पहला अंक क्षेत्र को, दूसरा और तीसरा उपक्षेत्र या स्थान को तथा अंतिम तीन अंक वितरण केंद्रों को दर्शाता है। आठ मुख्य क्षेत्रों को एक से लेकर आठ संख्या तक निर्धारित किया गया है, जिसके अंतर्गत निम्न स्थान या क्षेत्र आते हैं-

अंक 1- दिल्ली, चंडीगढ़, पंजाब, हरियाणा, हिमांचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर
अंक 2- उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड
अंक 3- राजस्थान, गुजरात, दमन-दीव, नागर-हवेली
अंक 4- मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, गोवा
अंक 5- कर्नाटक, आंध्र प्रदेश
अंक 6- तमिलनाडु, लक्षद्वीप, केरल
अंक 7- पश्चिम बंगाल, उड़ीसा, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह, मणिपुर, नागालैंड, मेघालय, त्रिपुरा, सिक्किम, असम, अरूणाचल प्रदेश
अंक 8- बिहार, झारखंड

6 comments:

Anonymous said...

Interesting information abt Pin Code System...Thanks.

Ram Shiv Murti Yadav said...

पिन कोड का इस्तेमाल तो खूब किया है, पर इतनी उम्दा जानकारी पहली बार मिली है.

Unknown said...

बहुत खूब डाकिया बाबू...लगे रहिये. पिन कोड सही रहेगा तो पत्र भी जल्दी पहुचेंगे.

Bhanwar Singh said...

चलिए इस पोस्ट के बहाने पिन कोड का राज तो खुला.

Amit Kumar Yadav said...

डाक विभाग से जुडी जानकारियों को आप रोचक रूप में पेश कर रहे हैं...प्रशंशनीय प्रयास.

Amit Kumar Yadav said...

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