Monday, September 9, 2019

Philately Club in Schools : सनबीम स्कूल, फैज़ाबाद में फिलेटली क्लब का डाक निदेशक केके यादव ने किया उद्घाटन

डाक टिकट किसी भी राष्ट्र की सभ्यता, संस्कृति एवं विरासत के संवाहक हैं। तभी तो डाक टिकट को नन्हा राजदूत कहा जाता है। हर डाक टिकट के पीछे एक कहानी छिपी है और इससे युवा पीढ़ी को रूबरू कराने की जरूरत है। यह विचार सनबीम स्कूल, फैज़ाबाद में फिलेटली क्लब का उद्दघाटन करते हुए मुख्य अतिथि लखनऊ (मुख्यालय) परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवायें श्री कृष्ण कुमार यादव ने व्यक्त किया। 
अब इस स्कूल के विद्यार्थी डाक-टिकटों के माध्यम से भी अध्ययन कर सकेंगे और फिलेटली की दुनिया से गुजरते हुए एक नवीन दृष्टि प्राप्त कर सकेंगे। पत्रों की खूबसूरत दुनिया से रूबरू होते हुए सनबीम स्कूल के बच्चों ने डाक विभाग की "ढाई आखर" राष्ट्रीय स्तर पत्र लेखन प्रतियोगिता में भी उत्साहजनक भागीदारी की । इसके तहत "‘प्रिय बापू, आप अमर हैं" विषय पर बच्चों ने ख़त लिखकर पोस्ट किया। 
डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि फिलेटली को "किंग आफ हाबी व हाबी आफ किंग" के रूप में जाना जाता है, जिसमें रूचि रखने पर अनंत विषयों पर डाक टिकटों का संग्रह कर सकते हैं। सूचना एवं प्रौद्योगिकी के बदलते दौर में आज की युवा पीढ़ी सोशल मीडिया को अधिक तरजीह दे रही है ऐसे में उनकी परम्परागत संचार शैली को बरकरार रखने के लिए बच्चों को फिलेटली (डाक टिकट संग्रह) से भी जुड़ना चाहिए। इससे उनका सामान्य ज्ञान भी विकसित होगा। श्री यादव ने कहा कि वक़्त के साथ छोटा सा कागज का टुकड़ा दिखने वाले ये डाक टिकट ऐसे अमूल्य दस्तावेज बन जाते हैं, जिनकी कीमत लाखों -करोड़ों में हो जाती है।   

 सनबीम स्कूल की निदेशिका सुश्री मेघा यादव ने स्कूल में फिलेटली क्लब बनाने के लिए डाक विभाग का आभार एवं हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि फिलेटली क्लब से हमारे स्कूली छात्र-छात्राओं को विश्व के इतिहास को एक ही टेबल पर डाक टिकटों के माध्यम से देखने का अवसर प्राप्त होगा। 
प्रधानाचार्या सुश्री स्वाति अचरजी ने कहा कि, फिलेटली के माध्यम से  पूरे विश्व में डाक टिकट संग्रह करने वालों के ज्ञानवर्धन तथा वैश्विक स्तर पर लगने वाली डाक टिकट प्रदर्शनियों के माध्यम से छात्रों को डाक विभाग की इस धरोहर से रूबरू होकर विश्व स्तर का ज्ञान प्राप्त हो सकेगा। 
इस अवसर पर स्कूली बच्चों ने तमाम सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किये।  कार्यक्रम के आरम्भ में सनबीम स्कूल की निदेशिका सुश्री मेघा यादव और ट्रस्टी श्री बृजेश यादव ने डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव को  पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया, वहीं विद्यार्थियों ने खूबसूरत पेंटिंग भेंट की।  समारोह की स्मृतिस्वरूप डाक निदेशक श्री केके यादव ने माई स्टैम्प भेंट किया। डाक विभाग के साथ-साथ स्कूल की निदेशिका सुश्री मेघा यादव, ट्रस्टी श्री बृजेश यादव, प्रधानाचार्या सुश्री स्वाति अचरजी ने बच्चों को प्रोत्साहित किया।







Sunday, September 8, 2019

डाक विभाग द्वारा नवोदय विद्यालय, लखनऊ में 'फिलेटलिक सेमिनार' व 'ढाई आखर' पत्र लेखन प्रतियोगिता का आयोजन


सोशल मीडिया और वाट्सएप के इस दौर में बच्चों में रचनात्मक अभिरुचि विकसित करना जरुरी है। फिलेटली अर्थात डाक टिकटों के संग्रह के प्रति उनमें अभिरुचि विकसित कर उनके दृष्टिकोण को व्यापक बनाया जा सकता है। हर डाक टिकट एक अहम एवं समकालीन विषय को उठाकर वर्तमान परिवेश से इसे जोड़ता है, इससे विद्यार्थियों को काफी फायदा होता है। डाक विभाग  "ढाई आखर " के माध्यम से पत्र-लेखन की परम्परा को आधुनिक पीढ़ी से भी जोड़ रहा है। उक्त उद्गार लखनऊ मुख्यालय परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने डाक विभाग द्वारा जवाहर नवोदय विद्यालय, पिपरसंड, लखनऊ में 7 सितंबर 2019 को आयोजित फिलेटलिक सेमिनार व क्विज  एवं 'ढाई आखर' राष्ट्रीय पत्र लेखन प्रतियोगिता  का शुभारम्भ  करते हुए व्यक्त किये।



डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने नवोदय विद्यालय में फिलेटली क्लब का  शुभारम्भ करते हुए कहा कि डाक टिकटों का शिक्षा प्रणाली को मजबूत करने में अहम योगदान है। इनके माध्यम से विद्यार्थियों  एवं युवाओं को तमाम रोचक जानकारी प्राप्त होती है जो कि उनके व्यक्तित्व एवं कैरियर निर्माण में सहायक है। डाक विभाग द्वारा फिलेटली के क्षेत्र में तमाम नए कदम उठाये जा रहे हैं। अब लोग अपनी तस्वीर वाली डाक टिकट भी बनवा सकते हैं। डाकघरों में मात्र 200 रूपये में फिलेटलिक डिपाजिट एकाउंट खोलकर घर बैठे नई डाक टिकटें व अन्य सामग्री प्राप्त की जा सकती हैं।  



जवाहर नवोदय विद्यालय, पिपरसंड, लखनऊ के प्रधानाचार्य श्री जेसी गुप्ता ने शैक्षणिक दृष्टि से डाक टिकटों व पत्रों से जुड़े संस्मरण सुनाते हुए बच्चों को इस ओर प्रोत्साहित किया।

कार्यक्रम के दौरान डाक टिकट संग्रह पर कार्यशाला को सीनियर फिलेटलिस्ट  दिनेश चन्द्र शर्मा एवं अशोक कुमार ने संबोधित किया। डा. जेके अवस्थी ने  दीन दयाल स्पर्श छात्रवृत्ति योजना और रमेश चंद्र प्रजापति ने 'ढाई आखर' पत्र लेखन प्रतियोगिता  के बारे में विस्तार से बताया। 125 बच्चों ने 'प्रिय बापू आप अमर हैं " विषय पर पत्र लिखे।  इसके उपरान्त फिलेटली पर सेमिनार आयोजित किया गया, जिसमें बच्चों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की।  

 फिलेटली सेमिनार में सृष्टि साहू व प्रत्यूष पाण्डेय एवं क्विज प्रतियोगिता में जूनियर वर्ग में पवन, अविराज कुशवाहा, अर्पित पटेल, अनामिका, आयुषी जायसवाल और सीनियर वर्ग में  सुशील, मोहिनी, साक्षी त्रिपाठी व  श्वेतांका को श्रेष्ठ प्रदर्शन हेतु डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने पुरस्कृत भी किया।

इस अवसर पर प्रधानाचार्य जेसी गुप्ता, उप प्रधानाचार्य प्रभात मारवाह, डॉ. वाई सी द्विवेदी, सुधा पाठक, सुमति श्रीवास्तव, पीपी शुक्ला, डॉ. मो. ताहिर सहित नवोदय विद्यालय के समस्त अध्यापकगण व स्कूली बच्चे उपस्थित रहे।









Tuesday, September 3, 2019

India Post Payments Bank celebrated First Anniversary in Lucknow GPO

इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक की स्थापना का प्रमुख उद्देश्य सम्पूर्ण भारत विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में सभी वर्ग एवं आय के लोगों को मूलभूत बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराना है। "आपका बैंक आपके द्वार" के तहत कार्य करते हुए इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक ने एक साल में भारत में एक करोड़ से अधिक खाते खोल कर   जनमानस में अपनी सुदृढ़ उपस्थिति दर्ज कराई है। उत्तर प्रदेश में 15 लाख से अधिक खाते खुले हैं। उक्त उद्गार लखनऊ मुख्यालय परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएँ श्री कृष्ण कुमार यादव ने इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक की प्रथम वर्षगाँठ पर लखनऊ जीपीओ में आयोजित कार्यक्रम में व्यक्त किये। इस अवसर पर केक-कटिंग, पौधरोपण और कस्टमर्स के लिए क़्विज प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। 

डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक ने अपनी वर्षगाँठ के अवसर पर सेवाओं का विस्तार करते हुए आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम (AEPS) सेवा का भी शुभारम्भ किया है। इसके माध्यम से अब कोई भी व्यक्ति अपने किसी भी बैंक के आधार-लिंक्ड खाते से धनराशि डाकघर से निकाल सकता है और बैलेंस इंक्वायरी की जानकारी ले सकता है। यही नहीं ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोग अपने इलाके के डाकिये के माध्यम से भी किसी बैंक से पैसे निकाल सकते हैं, बशर्ते खाता आधार से लिंक होना चाहिए। इसमें एक दिन में अधिकतम दस हजार रूपये निकाले जा सकते हैं। इस सुविधा के आने से घर-घर तक डाक पहुँचाने वाला डाकिया अब चलता फिरता एटीएम भी हो गया है। 

इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के सर्किल हेड श्री अविनाश सिन्हा ने बताया कि, बैंक अपनी वर्षगाँठ के अवसर पर 02 से 08  सितम्बर तक विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित करेगा, जिनमें प्रमुख रूप से स्वास्थ्य शिविर, स्कूली छात्रों की विभिन्न प्रतियोगिताएं, फोटो प्रतियोगिता इत्यादि शामिल हैं। 

चीफ पोस्टमास्टर श्री आरएन यादव ने बताया कि इसी क्रम में लखनऊ जीपीओ में प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसके माध्यम से ग्राहकों को बैंकिंग के विभिन्न माध्यम एवं सुविधाओं जैसे डिजिटल पेमेंट, कैशलेस लेनदेन, बिल पेमेंट आदि की भी जानकारी रुचिपूर्ण तरीके से प्रदान की गयी।  
इस अवसर पर लखनऊ ब्रांच की सीनियर मैनेजर सुश्री स्मृति श्रीवास्तव, डिप्टी चीफ पोस्टमास्टर राम बिलास, विनय श्रीवास्तव, हिमांशु शुक्ल, नेहा मिश्रा, सोनल गुप्ता, सत्यपाल सिंह, रतिका, स्नेहा गुप्ता, ज्योति  सहित तमाम अधिकारी-कर्मचारीगण और ग्राहक मौजूद रहे। 

गौरतलब है कि, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक का उद्घाटन गत वर्ष 1 सितम्बर को  राष्ट्रीय स्तर पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा एवं लखनऊ जीपीओ में तत्कालीन गृह मंत्री श्री राजनाथ सिंह द्वारा किया गया था।










इण्डिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक ने मनाई पहली वर्षगाँठ, लखनऊ जीपीओ में हुआ कार्यक्रम

साल भर में इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक में खुले एक करोड़ खाते, उत्तर प्रदेश में 15 लाख से अधिक खाते

आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम (AEPS) सेवा का शुभारम्भ :अब डाकघर से निकालें किसी भी बैंक का पैसा