Monday, February 28, 2022

Now, Get Mahashivratri Prasad From Kashi Vishwanath Through Speed Post

After inauguration of rejuvenated and transformed Shri Kashi Vishwanath Corridor, devotees keep thronging. Devotees consider themselves blessed after receiving the prasad of Shri Kashi Vishwanath. On Mahashivratri, Shiva devotees from all over the country have a desire to pay visit here and get the Prasad of Shri Kashi Vishwanath. Now, devotees will will be able to have the offerings of Shri Kashi Vishwanath Temple by Speed Post through Postal Department at their doorstep. The above information was given by the Postmaster General of Varanasi Region Mr. Krishna Kumar Yadav.

Postmaster General Mr. Krishna Kumar Yadav said that under an agreement between the Department of Posts and Shri Kashi Vishwanath Temple Trust, Prasad of Shri Kashi Vishwanath Temple in new format is being made available to the people through Speed Post Service. To avail this service, an e-money order of  ₹ 251 has to be remit in the favour of Senior Superintendent of Post Offices, Varanasi (East) Division from the nearest post office. Prasad will be sent to the addressee  immediately as soon as the e-money order is received. The prasad will be in the temper proof envelope with proper packaging. In this Financial year more than 1500 devotees have availed this facility, said Mr. Yadav.

Postmaster General Mr. Krishna Kumar Yadav said that the Prasad will include the image of Shri Kashi Vishwanath Jyotirlinga, Mahāmrityunjaya Yantra, Shri Shiva Chalisa, 108 beads of Rudraksha's garland, Bel Patra,  coin having Bhole Baba's image inscribed with Mata Annapurna, Bhabhuti, Raksha Sutra, Rudraksha bead, Dry Fruits and Mishri packet.

Senior Superintendent Post Offices, Varanasi East Division Mr. Rajan told that Prasad can also be obtained from the counter of Varanasi City Post Office for just ₹ 201 during working hours. For remitting eMO it will be mandatory to mention complete address, pin code and mobile number, so that Speed Post booking details may be sent through SMS to the concern devotees.

Now, get Mahashivratri prasad from Kashi Vishwanath through speed post


Mahashivratri : महाशिवरात्रि में घर बैठे स्पीड पोस्ट से मंगायें श्री काशी विश्वनाथ मंदिर का प्रसाद, डाक विभाग ने की पहल

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के नव्य-दिव्य स्वरूप में आने के बाद बाबा भोलेनाथ के दर्शन के लिए भक्त खूब उमड़ रहे हैं। श्री काशी विश्वनाथ का प्रसाद पाकर लोग अपने को धन्य समझते हैं।महाशिवरात्रि में भी देश भर से शिव भक्तों की इच्छा यहाँ दर्शन करने और फिर प्रसाद लेकर अपनी को तृप्त करने की होती है। अक्सर लोगों की इच्छा होती है कि काश घर बैठे ही उन्हें बाबा भोलेनाथ का प्रसाद मिल सके। ऐसे में लोगों को अब निराश नहीं होना पड़ेगा। अब वे घर बैठे डाक विभाग के माध्यम से स्पीड पोस्ट द्वारा श्री काशी विश्वनाथ मंदिर का प्रसाद प्राप्त कर सकेंगे। उक्त जानकारी वाराणसी  परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने दी। 

इस संबंध में जानकारी देते हुए वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि डाक विभाग और श्री काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट के बीच हुये एक एग्रीमेण्ट के तहत नए स्वरूप में श्री काशी विश्वनाथ मंदिर का प्रसाद देश भर में स्पीड पोस्ट सेवा द्वारा लोगों को उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके तहत अपने नजदीकी डाकघर से मात्र ₹ 251 रूपये का ई-मनीआर्डर प्रवर अधीक्षक डाकघर, वाराणसी (पूर्वी) मंडल-221001 के नाम भेजना होगा। ई-मनीऑर्डर प्राप्त होते ही डाक विभाग द्वारा तत्काल दिए गए पते पर स्पीड पोस्ट द्वारा प्रसाद भेज दिया जाएगा। डिब्बा बंद प्रसाद टेंपर प्रूफ इनवेलप में होगा। इससे किसी भी तरह की छेड़छाड़ नहीं की जा सकेगी। इसके अलावा इसे मात्र ₹ 201 में वाराणसी सिटी डाकघर के काउंटर से भी प्राप्त किया जा सकता है। इस वित्तीय वर्ष में देश के विभिन्न भागों में लगभग 1500 लोगों को यह प्रसाद भेजा जा चुका है।

प्रसाद में शामिल होंगी ये वस्तुएं-

पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि प्रसाद में श्री काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग की छवि, महामृत्युंजय यंत्र, श्री शिव चालीसा, 108 दाने की रुद्राक्ष की माला, बेलपत्र, माता अन्नपूर्णा से भिक्षाटन करते भोले बाबा की छवि अंकित सिक्का, भभूति, रक्षा सूत्र, रुद्राक्ष मनका, मेवा, मिश्री का पैकेट इत्यादि शामिल होंगे। 

प्रवर अधीक्षक डाकघर, वाराणसी पूर्वी मंडल श्री राजन ने बताया कि, डाक विभाग ने इस बात के भी प्रबंध किए हैं कि, भक्तों को मोबाइल नंबर पर स्पीड पोस्ट का विवरण एसएमएस के माध्यम से मिलेगा। इसके लिए भक्तों को ई-मनीऑर्डर में अपना पूरा पता, पिन कोड और मोबाइल नंबर  लिखना अनिवार्य होगा।



Saturday, February 19, 2022

Postmaster General Krishna Kumar Yadav did annual inspection of Ghazipur Division

डाक विभाग अब सिर्फ पत्रों व मनीऑर्डर से नहीं जुड़ा है, बल्कि एक ही छत के नीचे तमाम सेवाएं उपलब्ध करा रहा है। बचत बैंक, जीवन बीमा, आधार, पासपोर्ट, कॉमन सर्विस सेंटर, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक, वाहनों का बीमा, डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट, प्रधानमंत्री फसल बीमा, ई-श्रम कार्ड,  गंगाजल की बिक्री, रेल टिकट बुकिंग जैसी तमाम जनोन्मुखी सुविधाएं उपलब्ध करा रहा है। वित्तीय समावेशन और डिजिटल इंडिया को आगे बढ़ाने में डाकघरों की अहम भूमिका है। उक्त उद्गार गाजीपुर डाक मंडल का वार्षिक निरीक्षण करने पहुँचे वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने व्यक्त किये। डाक अधीक्षक श्री दिनेश साह ने पोस्टमास्टर जनरल   को  गाजीपुर में डाक सेवाओं की प्रगति के संबंध के बारे में जानकारी दी।

पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने अधीक्षक डाकघर कार्यालय के वार्षिक निरीक्षण के दौरान समस्त अभिलेखों के समुचित रख-रखाव और स्वच्छता पर भी जोर दिया। उन्होंने गाजीपुर प्रधान डाकघर का भी विजिट किया और सभी अधिकारियों व कर्मचारियों से लोगों के प्रति अच्छे व्यवहार और विभिन्न सेवाओं में आवंटित लक्ष्यों की प्राप्ति पर जोर दिया।

गजीपुर मण्डल के कार्यों की समीक्षा के बाद पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि वित्तीय समावेशन के तहत गाजीपुर के डाकघरों में 4.59 लाख बचत खाते, 1.10 लाख आईपीपीबी खाते और  48.5 हजार बेटियों के सुकन्या समृद्धि खाते संचालित हैं। गाजीपुर में अब तक 107 गाँवों को संपूर्ण सुकन्या समृद्धि ग्राम, 60 गाँवों को  संपूर्ण बीमा ग्राम व 14 गाँवों को फाइव स्टार विलेज बनाया गया है। प्रधान डाकघर में संचालित पॉसपोर्ट केंद्र के माध्यम से गाजीपुर में 16 हजार से ज्यादा लोगों का पासपोर्ट बनाया गया। वर्तमान वित्तीय वर्ष में गाजीपुर में 1.27 लाख लोगों को घर बैठे आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम के माध्यम से 42 करोड़ रुपये  का भुगतान किया गया। 41 हजार लोगों ने डाकघर के माध्यम से नया आधार बनवाया या अपडेट किया, वहीं 27 हजार लोगों ने इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के माध्यम से सीएलसी के अंतर्गत इसका लाभ उठाया।

पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि आर्थिक और सामाजिक समावेशन के तहत ग्रामीण पोस्टमैन चलते-फिरते एटीएम के रूप में नई भूमिका निभा रहे हैं। अब डाकिए के हाथ में स्मार्ट फोन है और बैग में एक डिजिटल डिवाइस भी है। अब घर बैठे पोस्टमैन के माध्यम से 5 वर्ष तक के बच्चों का आधार कार्ड निःशुल्क बनवाया जा सकता है। पोस्टमैन घर बैठे लोगों का मोबाइल नम्बर भी अपडेट कर रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी पोस्ट ऑफिस कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से 73 से अधिक सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। गाजीपुर के 380 डाकघरों में रेल टिकट बुकिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

गाजीपुर मण्डल के अधीक्षक डाकघर श्री दिनेश साह ने पोस्टमास्टर जनरल को मण्डल में डाक सेवाओं  की प्रगति के बारे में जानकारी देते हुए आश्वस्त किया कि जनमानस से नियमित संवाद कर एवं  ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा से ज्यादा डाक मेला लगाकर विभिन्न क्षेत्रों में ज्यादा से ज्यादा व्यवसाय अर्जित किया जायेगा ताकि सभी विभागीय लक्ष्यों की समय से पूर्ति हो सके। 

इस अवसर पर सहायक अधीक्षक डाकघर एम.आर. रश्दी, परमानन्द, अजय कुमार, निरीक्षक डाकघर जयगोपाल पांडेय, अंजनी राय, विशम्भरनाथ द्विवेदी, पोस्टमास्टर पुष्पेन्द्र कुमार राय सहित तमाम अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।







वित्तीय समावेशन में अहम भूमिका निभा रहा डाक विभाग - पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

Thursday, February 17, 2022

Electoral Photo Identity Cards (EPIC) through Speed Post at doorstep via India Post

While the number of youth voters has increased in the elections of the Uttar Pradesh Legislative Assembly, the number of new applications for Electoral photo Identity Card (EPIC) has also increased rapidly. The Election Commission is dispatching the EPIC Cards through Department of Posts. Mr. Krishna Kumar Yadav, Postmaster General, Varanasi Region told that in order to expand public-oriented services, BNPL agreement is signed between Department of Posts and the Election Commission, Uttar Pradesh for booking and delivery of EPIC Cards through Speed Post by the Post Offices. EPIC cards are being sent directly to the voters through Speed Post at their address.

Postmaster General Mr. Krishna Kumar Yadav said that the work of booking and delivery of Electoral photo Identity Cards through Speed Post by the Post Offices of 38 assembly constituencies of 6 districts (Varanasi, Chandauli, Bhadohi, Jaunpur, Ghazipur and Ballia) under Varanasi Region is being done promptly. So far more than 4 lakh EPIC cards have been booked. It includes booking of 57.22 thousand in Varanasi, 22.13 thousand in Bhadohi, 14.10 thousand in Chandauli, 73 thousand in Jaunpur, 42.50 thousand in Ballia and 1.92 lakh in Ghazipur District, which are being delivered on the next working day. Out of this, 3.61 lakh EPIC cards have been delivered by the Post Offices of Varanasi Region. Last week, about 50 to 60 thousand EPIC cards were booked per day in the Post Offices of Varanasi Region. Delivery of these cards are being regularly monitored by the concerned Superintendent of Post Offices and for if any reason EPIC cards which could not be delivered are being sent for re-attempting the delivery.

Postmaster General Mr. Krishna Kumar Yadav said that the booking of EPIC cards is being done on top priority through Speed Post. For this, instructions have been issued to the identified Post Offices. In order to availability of delivery data online, EPIC cards are being delivered through the Postman mobile app. Due to this, EPIC cards are being received by the people at their doorstep in a transparent manner.


Electoral Photo Identity Cards (EPIC) through Speed Post at doorstep via India Post

More than 4 lakh Electors Photo Identity Cards (EPIC) booked by the Post Offices of Varanasi Region

Wednesday, February 16, 2022

Uttar Pradesh Election : घर बैठे मतदाताओं को डाक विभाग से प्राप्त हो रहे मतदाता फोटो पहचान पत्र

उत्तर प्रदेश विधान सभा के चुनावों में जहाँ युवा मतदाताओं की संख्या बढ़ी है, वहीं वोटर आईडी कार्ड के आवेदनों की संख्या में भी तेजी से इजाफ़ा हुआ है। निर्वाचन आयोग डाक विभाग के माध्यम से मतदाता फोटो पहचान पत्रों का प्रेषण कर रहा है। वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि जनोन्मुखी सेवाओं के विस्तार के क्रम में डाक विभाग और निर्वाचन आयोग, उत्तर प्रदेश के बीच हुए बीएनपीएल एग्रीमेंट के तहत मतदाता फोटो पहचान पत्रों की डाकघरों में स्पीड पोस्ट के माध्यम से बुकिंग और वितरण का कार्य तेजी से किया जा रहा है। मतदाताओं को राहत देने के लिए इस बार मतदाता पहचान पत्र स्पीड पोस्ट के माध्यम से सीधे उनके घर भेजे जा रहे हैं।

पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि वाराणसी परिक्षेत्र के अधीन 6 जिलों (वाराणसी, चंदौली, भदोही, जौनपुर, गाजीपुर और बलिया) की 38 विधानसभा क्षेत्रों के मतदाता पहचान पत्रों की डाकघरों में स्पीड पोस्ट के माध्यम से बुकिंग और वितरण का कार्य तेजी से किया जा रहा है। अब तक 4 लाख से ज्यादा मतदाता पहचान पत्रों की बुकिंग हो चुकी है। इनमें वाराणसी में 57.22 हजार, भदोही में 22.13 हजार, चंदौली में 14.10 हजार, जौनपुर में 73 हजार, बलिया में 42.50 हजार और गाजीपुर में 1.92 लाख मतदाता पहचान पत्रों की बुकिंग शामिल है। जिनका वितरण अगले कार्यदिवस में कराया जा रहा है। इसमें से 3.61 लाख मतदाता पहचान पत्रों का वितरण भी वाराणसी परिक्षेत्र के डाकघरों द्वारा किया जा चुका है। विगत सप्ताह प्रतिदिन लगभग 50 से 60 हजार मतदाता पहचान पत्र की बुकिंग वाराणसी परिक्षेत्र के डाकघरों में की गई। मतदाता पहचान पत्र के वितरण की सभी डाक अधीक्षकों द्वारा दैनिक निगरानी की जा रही है और किन्हीं कारणों से वितरित न हो पाने वाले मतदाता पहचान पत्रों को दुबारा भी वितरण के लिए भेजा जा रहा है।

 पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि मतदाता पहचान पत्रों की बुकिंग स्पीड पोस्ट के माध्यम से प्राथमिकता से की जा रही है। इस हेतु चिन्हित डाकघरों को निर्देश जारी किये गए हैं। मतदाता पहचान पत्रों के वितरण का डाटा ऑनलाइन उपलब्ध रहे इसके लिए इनका वितरण पोस्टमैन मोबाइल ऐप के माध्यम से किया जा रहा है। इस व्यवस्था के लागू होने से मतदाता फोटो पहचान पत्र (ईपिक कार्ड) एक पारदर्शी व्यवस्था के तहत लोगों को घर बैठे प्राप्त हो रहे हैं।



Friday, February 4, 2022

Republic Day Parade 2022: डाक विभाग की झांकी केन्द्रीय मंत्रालयों और विभागों में सर्वश्रेष्ठ झांकी के रूप में घोषित

गणतंत्र दिवस परेड 2022 की सर्वश्रेष्ठ झांकियों और सर्वश्रेष्ठ मार्चिंग टुकड़ियों के लिए परिणाम घोषित किए गए हैं. तीनों सेनाओं, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF), अन्य सहायक बलों और विभिन्न राज्यों एवं संघ शासित क्षेत्रों (यूटी) की झांकियों के मार्चिंग दलों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करने के लिए निर्णायकों के तीन पैनल बनाए गए थे.

पैनलों के आकलन के आधार पर भारतीय नौसेना के मार्चिंग दस्ते को तीनों सेनाओं के बीच सर्वश्रेष्ठ मार्चिंग दस्ते के रूप में चुना गया है. केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) को सीएपीएफ/अन्य सहायक बलों के बीच सर्वश्रेष्ठ मार्चिंग दस्ता नामित किया गया है.

उत्तर प्रदेश की झांकी को 26 जनवरी, 2022 को गणतंत्र दिवस परेड में भाग लेने वाले 12 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में से सर्वश्रेष्ठ झांकी के रूप में चुना गया है. उत्तर प्रदेश की झांकी 'एक जिला एक उत्पाद और काशी विश्वनाथ धाम' विषय पर केंद्रित थी. दूसरा स्थान 'पारंपरिक हस्तशिल्प का पालना' पर आधारित झांकी के लिए कर्नाटक को मिला. तीसरा स्थान मेघालय को 'मेघालय का 50 वर्षों का राज्यत्व और महिला संचालित सहकारी संघो और स्वयं सहायता समूहों के लिए सम्मान’ पर अपनी झांकी के लिए गया.

नौ झांकियां गणतंत्र दिवस परेड में हुई थीं शामिल

शिक्षा मंत्रालय और कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय तथा नागर विमानन मंत्रालय की झांकियों को केन्द्रीय मंत्रालयों की श्रेणी में संयुक्त विजेता घोषित किया गया है. शिक्षा मंत्रालय और कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय की झांकी का मंत्रालय की झांकी का विषय 'राष्ट्रीय शिक्षा नीति' था, जबकि नागर विमानन मंत्रालय की झांकी 'उड़े देश का आम नागरिक' विषय पर केंद्रित थी. केंद्रीय मंत्रालयों की नौ झांकियां गणतंत्र दिवस परेड में शामिल हुई थीं.

आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय (सीपीडब्ल्यूडी) की 'सुभाष @125' विषय पर केंद्रित झांकी को और 'वंदे भारतम्' नृत्य समूह को विशेष पुरस्कार श्रेणी के लिए चुना गया है.

लोकप्रिय श्रेणी

इसके अलावा, पहली बार, आम जनता को माईगॉव मंच के माध्यम से लोकप्रिय पसंद श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ मार्चिंग दस्ते और सर्वश्रेष्ठ झांकियों के लिए मतदान करने के लिए आमंत्रित किया गया. ऑनलाइन मतदान 25-31 जनवरी, 2022 के बीच आयोजित किया गया.

अंतिम परिणामों के अनुसार, भारतीय वायु सेना के मार्चिंग दल को तीनों सेनाओं के बीच सर्वश्रेष्ठ मार्चिंग दस्ते के रूप में चुना गया है. केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल को केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों एवं अन्य सहायक बलों के बीच सर्वश्रेष्ठ मार्चिंग दल के रूप में घोषित किया गया.

डाक विभाग की झांकी  केन्द्रीय मंत्रालयों और विभागों में सर्वश्रेष्ठ झांकी के रूप में घोषित 

महाराष्ट्र को राज्यों और संघ शासित क्षेत्रों में सर्वश्रेष्ठ झांकी के रूप में चुना गया. महाराष्ट्र की झांकी ' महाराष्ट्र की जैव विविधता एवं जैव-प्रतीक' विषय पर आधारित थी. दूसरा स्थान उत्तर प्रदेश को मिला, जबकि 'जम्मू एवं कश्मीर बदलता रूप’ विषय पर केंद्रित जम्मू-कश्मीर की झांकी तीसरे स्थान पर रही. संचार मंत्रालय व डाक विभाग की झांकी को केन्द्रीय मंत्रालयों और विभागों में सर्वश्रेष्ठ झांकी के रूप में घोषित किया गया. इस झांकी का विषय 'भारतीय डाक:संकल्प @ 75 वर्ष- महिला सशक्तीकरण' था.

Thursday, January 27, 2022

गणतंत्र दिवस परेड में डाक विभाग की झांकी में भारतीय डाक के आधुनिक रूप और महिला सशक्तीकरण को किया गया प्रदर्शित

डाक विभाग आम जन से जुड़ा हुआ है, ऐसे में गणतंत्र में इसकी भूमिका और भी अहम हो जाती है। 73वें गणतंत्र दिवस परेड में राजपथ पर विभिन्न राज्यों और सरकारी मंत्रालयों/विभागों की निकली झाँकियों (Tableau) में भारतीय डाक विभाग की झाँकी भी रही। इस झांकी का विषय “भारतीय डाक : संकल्‍प @75 - महिला सशक्‍तीकरण” रखा गया है। डाक विभाग की झांकी में भारतीय डाक की मजबूत पहुंच और आधुनिक रूप को प्रदर्शित किया। साथ ही इसमें लैंगिक समानता की दिशा में उठाए गए कदमों को प्रदर्शित करने के लिए महिला डाकघरों को भी दर्शाया गया।

डाक विभाग को गणतंत्र दिवस परेड में अपनी झांकी निकालने का अवसर 17 साल बाद प्राप्त हुआ है। इससे पहले डाक विभाग के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर 2005 में डाक विभाग ने अपनी झांकी निकाली थी। तब से अब तक डाक विभाग का चेहरा-मोहरा काफी बदल चुका है। न सिर्फ डाक विभाग ने अपनी सेवाओं में काफी विस्तार किया है, बल्कि कोरोना काल में तो ग्रामीण डाक सेवकों के जरिए ‘डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर’ योजनाओं के पैसे ग्रामीणों तक पहुंचाकर संकटकाल में उनका सबसे अच्छा साथी भी सिद्ध हुआ है।

आज जब देश अपनी स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है, तो इस कड़ी में भारतीय डाक गणतंत्र दिवस की अपनी झांकी के माध्यम से महिला सशक्‍तीकरण व तकनीक के प्रति अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित करता नजर आया।  इस झांकी के जरिए केवल महिला कार्मिकों द्वारा कंप्यूटर व डिजिटल सुविधाओं से संचालित डाकघरों के माध्यम से यह दिखाने की कोशिश की गई है कि विभाग किस प्रकार महिला सशक्तीकरण पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। महिला डाकघरों में महिला कर्मचारियों को पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर सेवा प्रदान करते हुए दिखाया गया। इसी के प्रतीक स्वरूप झांकी के अग्रभाग में एक महिला पोस्टमैन की प्रतिमा थी, जिसके एक हाथ में डिजिटल डिवाइस तो दूसरे हाथ में पोस्टमैन की पहचान उसका थैला था। यह प्रौद्योगिकी के साथ परंपरा के मेल को दर्शाता है। साथ ही, रैंप के माध्‍यम से दर्शाए गए ‘दिव्‍यांगजनों के लिए अनुकूल डाकघर’ भी विभाग की सामाजिक प्रतिबद्धता को दोहराते दिखाई दिए।

महिला पोस्टमैन के साथ ही हरकारे की उभरी हुई आकृति भी दर्शाई गई, जो पिछले कई दशकों के दौरान भारतीय डाक में हुए कायाकल्‍प का प्रतीक है। इन दोनों चित्रों को सबके जाने-पहचाने लेटर बाक्‍स के आगे दर्शाया गया। झांकी के मध्य  भाग में श्रीनगर का तैरता (फ्लोटिंग) डाकघर दिखाया गया। इसके माध्‍यम से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के महत्‍वाकांक्षी कार्यक्रम ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के अंतर्गत शुरू की गई ‘सुकन्‍या समृद्धि योजना’ पर बल दिया गया । गौरतलब है कि इंडिया पोस्‍ट पेमेंट्स बैंक के मामले में लगभग 50 प्रतिशत खाताधारक (2.24 करोड़) महिलाएं हैं, और ऐसे 98 प्रतिशत खाते उनके द्वार पर जाकर ही खोले गए हैं। झांकी के पिछले भाग में देश के सबसे पुराने जीपीओ, कोलकाता जीपीओ को दर्शाया गया, जोकि भारतीय डाक के गौरवशाली सफर का गवाह है, साथ ही देश की एक सुप्रसिद्ध इमारत भी है।

India Post tableau in Republic Day parade - India Post : 75 Years @ Resolve-Women Empowerment

The Department of Post's tableau at the Republic Day parade on 26th January, 2022 displayed the robust outreach and the modern face of India Post as well as all-women post offices to showcase the steps taken towards gender equality.

In its tableau, the department also displayed 'Divyang' friendly post offices. The front of the tableau featured a 'Post Woman', equipped with a digital device and a postman's bag, showcasing a perfect blend of technology and tradition with the the image of a 'Harkara' (foot Dak messenger) as side relief. The two images were set in the foreground of the ubiquitous red-letter box.

The middle part of the tableau featured the 'Floating Post Office' of Srinagar with girl child highlighting the Sukanya Samriddhi Yojna, a scheme under the "Beti Bachao-Beti Padhao" campaign of the Narendra Modi government.

The all-women post office showcased opportunities provided to women employees to serve shoulder-to-shoulder with men.

At the rear of the tableau was displayed Kolkata GPO, the oldest general post office at one of the iconic heritage buildings of India and a proud witness to the journey of India Post.

Adorning the tableau, there was a collage of stamps digitally printed on 'khadi', pertaining to the country's freedom struggle.

The Department of Post stands as a model employer of women, besides rendering financial inclusion services to women. Almost 50 per cent of account holders of the India Post payments bank, as well as the post office savings bank, are women.


Deccan Herald : Department of Post tableau showcases modern face of India Post, women empowerment

Republic Day Parade 2022: महिला सशक्तीकरण की झांकी प्रस्तुत करेगा भारतीय डाक विभाग

आजादी के पहले से गांव-गांव तक अपनी सेवाएं देता आ रहा भारतीय डाक विभाग इस बार गणतंत्र दिवस पर महिला सशक्तीकरण की झांकी प्रस्तुत करने जा रहा है। 26 जनवरी, 2022  को राजपथ पर निकलने वाली डाक विभाग की झांकी में एक युवा महिला पोस्टमैन हाथ में डिजिटल डिवाइस लिए हुए खड़ी दिखाई देगी। भारतीय डाक विभाग की ओर से इस झांकी के प्रोजेक्ट कोआर्डिनेटर की जिम्मेदारी निभा रहीं मुंबई क्षेत्र की पोस्टमास्टर जनरल (पीएमजी) स्वाती पांडे बताती हैं कि डाक विभाग को गणतंत्र दिवस परेड में अपनी झांकी निकालने का अवसर 17 साल बाद प्राप्त हुआ है। इससे पहले डाक विभाग के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर 2005 में डाक विभाग ने अपनी झांकी निकाली थी। तब से अब तक डाक विभाग का चेहरा-मोहरा काफी बदल चुका है। न सिर्फ डाक विभाग ने अपनी सेवाओं में काफी विस्तार किया है, बल्कि कोरोना काल में तो ग्रामीण डाक सेवकों के जरिए ‘डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर’ योजनाओं के पैसे ग्रामीणों तक पहुंचाकर संकटकाल में उनका सबसे अच्छा साथी भी सिद्ध हुआ है।


ये है झांकी का विषय

स्वाती पांडे बताती हैं कि आज जब देश अपनी स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है, तो इस कड़ी में भारतीय डाक गणतंत्र दिवस की अपनी झांकी के माध्यम से महिला सशक्‍तीकरण व तकनीक के प्रति अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित करने जा रहा है। इस झांकी के जरिए केवल महिला कार्मिकों द्वारा कंप्यूटर व डिजिटल सुविधाओं से संचालित डाकघरों के माध्यम से यह दिखाने की कोशिश की गई है कि विभाग किस प्रकार महिला सशक्तीकरण पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। इस झांकी का विषय भी “भारतीय डाक : संकल्‍प@75 - महिला सशक्‍तीकरण” रखा गया है। इसी के प्रतीक स्वरूप झांकी के अग्रभाग में एक महिला पोस्टमैन की प्रतिमा होगी, जिसके एक हाथ में डिजिटल डिवाइस तो दूसरे हाथ में पोस्टमैन की पहचान उसका थैला होगा। यह प्रौद्योगिकी के साथ परंपरा के मेल को दर्शाएगा। साथ ही, रैंप के माध्‍यम से दर्शाए गए ‘दिव्‍यांगजनों के लिए अनुकूल डाकघर’ भी विभाग की सामाजिक प्रतिबद्धता को दोहराते दिखाई देंगे।

झांकी में दिखेगा यहां का डाकघर

महिला पोस्टमैन के साथ ही हरकारे की उभरी हुई आकृति दर्शाई गई है, जो पिछले कई दशकों के दौरान भारतीय डाक में हुए कायाकल्‍प का प्रतीक है। इन दोनों चित्रों को सबके जाने-पहचाने लेटर बाक्‍स के आगे दर्शाया गया है। झांकी के ट्रेलर भाग में श्रीनगर का तैरता (फ्लोटिंग) डाकघर दिखाया गया है। इसके माध्‍यम से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के महत्‍वाकांक्षी कार्यक्रम ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के अंतर्गत शुरू की गई ‘सुकन्‍या समृद्धि योजना’ पर बल दिया गया है। इंडिया पोस्‍ट पेमेंट्स बैंक के मामले में लगभग 50 प्रतिशत खाताधारक (2.24 करोड़) महिलाएं हैं, और ऐसे 98 प्रतिशत खाते उनके द्वार पर जाकर ही खोले गए हैं। झांकी के पिछले भाग में देश के सबसे पुराने जीपीओ, कोलकाता जीपीओ को दर्शाया गया है, जोकि भारतीय डाक के गौरवशाली सफर का गवाह है, साथ ही देश की एक सुप्रसिद्ध इमारत भी है।

साभार : जागरण  -Republic Day Parade 2022: महिला सशक्तीकरण की झांकी प्रस्तुत करेगा भारतीय डाक विभाग

डाक विभाग ने मनाया 73वां गणतंत्र दिवस, वाराणसी में पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने फहराया राष्ट्रीय ध्वज


डाक विभाग द्वारा वाराणसी परिक्षेत्र में 26 जनवरी, 2022 को 73वां  गणतंत्र  दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने  कैंट प्रधान डाकघर कैम्पस स्थित क्षेत्रीय कार्यालय पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया और सराहनीय सेवाओं के लिए 20 डाककर्मियों को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित भी किया।

पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि डाक विभाग आम जन से जुड़ा हुआ है, ऐसे में गणतंत्र में इसकी भूमिका और भी अहम हो जाती है। इस बार 73वें गणतंत्र दिवस पर  राजपथ पर विभिन्न राज्यों और सरकारी मंत्रालयों/विभागों की निकली झाँकियों (Tableau) में 'आजादी का अमृत महोत्सव : भारतीय डाक' की झाँकी भी रही। महिला सशक्तिकरण पर केंद्रित इस झाँकी में डाक सेवाओं में हुए तमाम बदलावों को भी प्रदर्शित किया गया।

 पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि संविधान हमारे देश की आत्मा है। भारतीय संविधान की उद्देशिका में निहित शब्दों और उनमें निहितार्थ भाव को अंगीकार करने की जरूरत है, जिसकी शुरुआत 'हम भारत के लोग' से हुई है। यही हमारे लोकतंत्र और गणतंत्र का मूल है। भारतीय डाक विभाग भी समाज के अंतिम व्यक्ति तक अपनी पहुँच सुनिश्चित कर लोक कल्याणकारी योजनाओं से लोगों को जोड़ता है।

पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि आज ही के दिन हमने संविधान के तहत लोकतान्त्रिक व्यवस्था को अंगीकार कर देश के प्रत्येक नागरिक के कल्याण एवं सर्वोन्मुखी विकास का संकल्प लिया था। ऐसे में संविधान में प्रदत्त अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों का भी विवेकपूर्ण अनुपालन आवश्यक है। एक जिम्मेदार नागरिक और सरकारी व्यवस्था के अंग दोनों रूप में, संविधान द्वारा स्थापित तंत्र की मजबूती हेतु कार्य करते हुए  हमारा दायित्व होना चाहिए कि सरकार की सभी कल्याणकारी योजनाएं आम जन तक पहुंचें और इसके लिए हमें अधिक प्रभावी और प्रतिबद्ध रूप में कार्य करना होगा। गणतंत्र दिवस के दिन हम सभी को लोकतंत्र की उपलब्धियों का उत्सव मनाना चाहिए और एक शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं प्रगतिशील भारत के निर्माण में स्वयं को समर्पित करने का संकल्प लेना चाहिए।

इस अवसर पर प्रवर डाक अधीक्षक राजन राव, डाक अधीक्षक संजय वर्मा, सहायक निदेशक राम मिलन, सहायक अधीक्षक आर के चौहान, अजय कुमार, डाक निरीक्षक श्रीकांत पाल, वीएन द्विवेदी, संतोषी राय, पोस्टमास्टर कैंट प्रधान डाकघर रमाशंकर वर्मा सहित तमाम लोग उपस्थित रहे।  

उत्कृष्ट कार्य करने वाले डाककर्मियों का हुआ सम्मान 


पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने सराहनीय सेवाओं हेतु विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले डाककर्मियों को सम्मानित किया। इनमें वाराणसी (पूर्वी) मण्डल से सिटी महिला डाकघर की पोस्टमास्टर सी. अनिथा, सन्नी कुमार गुप्ता, कुलभूषण तिवारी, रवीन्द्र पासवान, अनिल कुमार शर्मा, ग्रामीण डाक सेवक संदीप सरोज, पोस्टमैन राजेश सिंह पटेल, डायरेक्ट एजेंट राम आशीष सिंह, मेल ओवरसियर राम प्रसाद तो वाराणसी (पश्चिम) मंडल से डाक सहायक सिद्धार्थी, शिव शंकर राम, ग्रामीण डाक सेवक दीपू शर्मा, मिथिलेश सिंह, हाफिज़ अहमद, कमलेश कुमार, पोस्टमैन कुमारी नीलम, पवन कुमार, डायरेक्ट एजेंट नीलेश जायसवाल और क्षेत्रीय कार्यालय से एमटीएस नागेंद्र यादव, इंद्रजीत गौतम को सम्मानित  किया गया।

Live Vns : डाक विभाग ने वाराणसी परिक्षेत्र में मनाया 73वां गणतंत्र दिवस, पोस्टमास्टर जनरल ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले डाककर्मियों को किया सम्मानित

निष्पक्ष दस्तक : डाक विभाग ने मनाया 73वां गणतंत्र दिवस

Tuesday, January 25, 2022

National Girl Child Day observed by India Post, felicitated girls by opening Sukanya Samriddhi account in Varanasi

India is celebrating the Azadi Ka Amrit Mahotsav and girls have a significance importance in our country. Girls are the future of tomorrow. There is need to strengthen them financially and socially for their bright future. 'Sukanya Samriddhi Yojana' launched under 'Beti Bachao, Beti Padhao' is playing an important role in this. These thoughts were expressed by Mr. Krishna Kumar Yadav,  Postmaster General, Varanasi Region in a program organized to celebrate 'National Girl Child Day' in Varanasi Cantt Head Post Office. He also distributed Sukanya Samriddhi Yojana passbooks to girl child beneficiaries and felicitated them. Mr. Yadav told that 2.32 lakh girls have been opened Sukanya Samriddhi accounts in Varanasi Region so far, while 520 villages have been made Sampoorna Sukanya Samriddhi Grams by covering all eligible girl child in these villages.

Postmaster General Mr. Krishna Kumar Yadav said that the family, society and ultimately the nation becomes strong by the empowerment of the girl child. Now the Aadhaar card of girls up to 5 years of age can be made through the Postal Department at doorstep. Under the 'My Stamp' service, stamps with girls picture can be made and given to them. Sukanya Samriddhi Yojana, which is opened in the Post Office for the girl child up to 10 years with only ₹ 250, is not only a medium of investment, but it is also linked to the bright and prosperous future of the girl child. The economic as well as social dimensions of this scheme are important. The amount deposited in this will be completely for the girl child, which will be useful in her education, career and marriage. This scheme will also promote women empowerment in future by empowering the girl child. He also appealed to the people to take a new initiative by opening Sukanya Samriddhi account for the girl child of poor and deprived family.


Assistant Director (Postal Services) Mr. Ram Milan informed about the importance of celebrating National Girl Child Day. Mr. Sanjay Kumar Verma, Superintendent of Post Office, Varanasi West Division, said that the interest rate in Sukanya Samriddhi Yojana is 7.6 percent and there is also income tax exemption on the amount deposited and the interest earned. A maximum of 1.5 lakh rupees can be deposited in this scheme in a financial year. Up to 50 percent of the deposit amount can be withdrawn after the girl child attains the age of 18 years or has passed class 10th. The maturity period of the account is 21 years from the date of opening of the account, however it can be closed at the time of marriage after the girl child attains the age of 18 years.

On this occasion, Superintendent Post Office Sanjay Kumar Verma, Assistant Director Ram Milan, Assistant Superintendent of Posts RK Chauhan, Postal Inspector Shrikant Pal, Postmaster RS Verma, Sriprakash Gupta, Rajendra Yadav, Abhilasha Gupta, Ajita Kumari etc. were present for the encouragement of the girl child.


National Girl Child Day observed (The Pioneer)


National Girl Child Day : 520 villages in Varanasi Region become Sampoorna Sukanya Samriddhi Grams (Hindustan Times)