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Sunday, October 1, 2023

History of Postcard : पोस्टकार्ड ने पूरा किया 154 साल का सफर, इंटरनेट के दौर में भी पोस्टकार्ड का क्रेज बरकरार

सोशल मीडिया में खोई युवा पीढ़ी का पाला भले ही पोस्टकार्ड से न पड़ा हो, पर एक दौर में पोस्टकार्ड खत भेजने का प्रमुख जरिया था। शादी-ब्याह, शुभकामनाओं से लेकर मौत की ख़बरों तक तो इन पोस्टकार्डों ने सहेजा है। तमाम राजनेताओं से लेकर साहित्यकारों व आंदोलनकारियों ने पोस्टकार्ड का बखूबी प्रयोग किया है। अपना वही पोस्टकार्ड 1 अक्टूबर, 2023 को वैश्विक स्तर पर 154  साल का हो गया। वाराणसी एवं प्रयागराज परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि, दुनिया में पहला पोस्टकार्ड  एक अक्तूबर 1869 को ऑस्ट्रिया में जारी किया गया था।

इसके पीछे की कहानी के बारे में पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव बताते हैं कि, पोस्टकार्ड का विचार सबसे पहले ऑस्ट्रियाई प्रतिनिधि कोल्बेंस्टीनर के दिमाग में आया था, जिन्होंने इसके बारे में वीनर न्योस्टॉ में सैन्य अकादमी में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर डॉ. एमैनुएल हर्मेन को बताया। उन्हें यह विचार काफी आकर्षक लगा और उन्होंने 26 जनवरी 1869 को एक अखबार में इसके बारे में लेख लिखा। ऑस्ट्रिया के डाक मंत्रालय ने इस विचार पर बहुत तेजी से काम किया और पोस्टकार्ड की पहली प्रति एक अक्तूबर 1869 में जारी की गई। यहीं से पोस्टकार्ड के सफर की शुरुआत हुई। दुनिया का यह प्रथम पोस्टकार्ड पीले रंग का था।  इसका आकार 122 मिलीमीटर लंबा और 85 मिलीमीटर चौड़ा था।  इसके एक तरफ पता लिखने के लिए जगह छोड़ी गई थी, जबकि दूसरी तरफ संदेश लिखने के लिए खाली जगह छोड़ी गई। 

पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि भारत में पहला पोस्टकार्ड 1879 में जारी किया गया।  हल्के भूरे रंग में छपे इस पहले पोस्टकार्ड की कीमत 3 पैसे थी और इस कार्ड पर ‘ईस्ट इण्डिया पोस्टकार्ड’ छपा था।  बीच में ग्रेट ब्रिटेन का राजचिह्न मुद्रित था और ऊपर की तरफ दाएं कोने मे लाल-भूरे रंग में छपी ताज पहने साम्राज्ञी विक्टोरिया की मुखाकृति थी। अंदाज़-ए-बयां का यह  माध्यम लोगों को इतना पसंद आया कि साल की पहली तीन तिमाही में ही लगभग 7.5 लाख रुपए के पोस्टकार्ड बेचे गए थे।

गौरतलब है कि डाकघरों में चार  तरह के पोस्टकार्ड मिलते रहे हैं - मेघदूत पोस्टकार्ड, सामान्य पोस्टकार्ड, प्रिंटेड पोस्टकार्ड और कम्पटीशन पोस्टकार्ड। ये क्रमश : 25 पैसे, 50 पैसे, 6 रूपये और 10 रूपये में उपलब्ध हैं। कम्पटीशन पोस्टकार्ड फिलहाल बंद हो गया है। इन चारों पोस्टकार्ड की लंबाई 14 सेंटीमीटर और चौड़ाई 9 सेंटीमीटर होती है।

पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि कम लिखे को ज़्यादा समझना की तर्ज पर पोस्टकार्ड न सिर्फ व्यक्तिगत बल्कि तमाम सामाजिक-साहित्यिक-धार्मिक-राजनैतिक आंदोलनों का गवाह रहा है। पोस्टकार्ड का खुलापन पारदर्शिता का परिचायक है तो इसकी सर्वसुलभता लोकतंत्र को मजबूती देती रही है। आज भी तमाम आंदोलनों का आरम्भ पोस्टकार्ड अभियान से ही होता है। ईमेल, एसएमएस, फेसबुक, टि्वटर और व्हाट्सएप ने संचार की परिभाषा भले ही बदल दी हो, पर पोस्टकार्ड अभी भी आम आदमी की पहचान है।

पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि पोस्टकार्ड के प्रति अभी भी लोगों का क्रेज बरकरार है। वाराणसी परिक्षेत्र के डाकघरों द्वारा पिछले वित्तीय वर्ष में 2.12  लाख पोस्टकार्डों की बिक्री हुई थी, वहीं इस साल 1.29 लाख पोस्टकार्डों की बिक्री की जा चुकी है। वहीं प्रयागराज परिक्षेत्र के डाकघरों द्वारा पिछले वित्तीय वर्ष में 53 हजार पोस्टकार्डों की बिक्री हुई थी, वहीं इस साल अब तक 32 हजार पोस्टकार्डों की बिक्री की जा चुकी है।









पोस्टकार्ड ने पूरा किया 154  साल का सफर :  1 अक्टूबर, 1869 को ऑस्ट्रिया में जारी हुआ था पहला पोस्टकार्ड

शादी-ब्याह, शुभकामनाओं से लेकर विभिन्न आंदोलनों का गवाह रहा है पोस्टकार्ड - पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

इंटरनेट के दौर में भी पोस्टकार्ड का क्रेज बरकरार, वाराणसी परिक्षेत्र में गत वर्ष डाकघरों से बिके 2.12 लाख पोस्टकार्ड

Tuesday, June 20, 2023

International Day of Yoga : Digital Postcard by Department of Posts to make 9th IDY special

In order to celebrate the 9th International Yoga Day, various government departments, schools and institutions have already started preparations. The Department of Posts will also celebrate 9th International Yoga Day on 21st June with great enthusiasm. Mr. Krishna Kumar Yadav, Postmaster General of Varanasi Region told that this time the theme of Yoga Day is 'Yoga for Vasudhaiva Kutumbakam' and 'Har Aangan Yoga'. Department of Posts is working as an active partner in this programme and will organize programs on Yoga Day in Regional office, Divisional offices as well as in all Head Post Offices and Mukhya Dak Ghars. Departmental personnel and their families, SAS Agents and customers will also be invited in this programme.

Postmaster General Mr. Krishna Kumar Yadav said that a microsite has been developed by the Department of Posts to make the 9th International Yoga Day special and to explain the importance of Yoga. It includes content of the Ministry of Ayush for Common Yoga Protocol and Digital Post Card, developed by Postal Department. The URL of the Microsite created by the Department of Posts is www.indiapost4yoga.in . By clicking on this link, citizens can download Digital Postcard based on Yoga by entering name and email ID as well as citizens may send customized digital postcard to their dear ones, friends and colleagues through WhatsApp or any other social media platform. Postmaster General  appeal to send Digital Postcards to your loved ones in Digital form and also encourage others to be a part of this National Movement.


Digital Postcard by Department of Posts to make 9th International Yoga Day special

Postal Deptt. will celebrate 9th International Yoga Day on the theme of 'Yoga for Vasudhaiva Kutumbakam' and 'Har Aangan Yoga'

Saturday, December 3, 2022

Kashi Tamil Sangamam : दिल के तार जोड़ने के लिए भेजें पोस्टकार्ड - केंद्रीय शिक्षा राज्यमंत्री डॉ. सुभाष सरकार

वाराणसी में चल रहे "काशी तमिल संगमम" के दौरान भारत सरकार के केंद्रीय शिक्षा राज्यमंत्री डॉ. सुभाष सरकार ने उत्तर और दक्षिण भारत के लोगों के बीच परस्पर मेल बढ़ाने के लिए पोस्टकार्ड को जरिया बनाने का सुझाव दिया। मंत्री जी ने तमिलनाडु से आए लोगों से बी.एच.यू परिसर स्थित पोस्ट ऑफिस से पोस्टकार्ड खरीदने की अपील की। 2 दिसंबर, 2022 को उन्होंने तमिलनाडु से आए शिक्षकों, साहित्यकारों और शोधार्थियों के बीच अपना पता लिखा पोस्टकार्ड भी बंटवाया। उन्होंने कहा कि जितने भी लोग मुझे पोस्टकार्ड लिखेंगे मैं उन सभी का उत्तर दूंगा और उसके बाद मुझे अपने उत्तर पर आपके उत्तर का इंतजार रहेगा। पोस्टकार्ड हमें एक-दूसरे से हमेशा जुड़े होने का एहसास कराएगा।



Saturday, October 1, 2022

Story of Postcard : पोस्टकार्ड ने पूरा किया 153 साल का सफर , 1 अक्टूबर, 1869 को ऑस्ट्रिया में जारी हुआ था पहला पोस्टकार्ड


सोशल मीडिया में खोई युवा पीढ़ी का पाला भले ही पोस्टकार्ड से न पड़ा हो, पर एक दौर में पोस्टकार्ड खत भेजने का प्रमुख जरिया था। शादी-ब्याह, शुभकामनाओं से लेकर मौत की ख़बरों तक तो इन पोस्टकार्डों ने सहेजा है। तमाम राजनेताओं से लेकर साहित्यकार व आंदोलनकारियों ने पोस्टकार्ड का बखूबी प्रयोग किया है। अपना वही पोस्टकार्ड 1 अक्टूबर, 2022 को वैश्विक स्तर पर 153 साल का हो गया। वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि, दुनिया में पहला पोस्टकार्ड  एक अक्तूबर 1869 को ऑस्ट्रिया में जारी किया गया था।

(The Austrian Postal Administration authorized the world's first government postal card, known as Correspondz Karte on October 1, 1869. Example of a court card, postmarked 1899, showing Robert Burns and his cottage and monument in Ayr.)

(World's first Government Postal card : Picture of a Correspondenz-Karte. (Image: Wikimediacommons)

इसके पीछे की कहानी के बारे में पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव बताते हैं कि, पोस्टकार्ड का विचार सबसे पहले ऑस्ट्रियाई प्रतिनिधि कोल्बेंस्टीनर के दिमाग में आया था, जिन्होंने इसके बारे में वीनर न्योस्टॉ में सैन्य अकादमी में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर डॉ. एमैनुएल हर्मेन को बताया।  उन्हें यह विचार काफी आकर्षक लगा और उन्होंने 26 जनवरी 1869 को एक अखबार में इसके बारे में लेख लिखा। ऑस्ट्रिया के डाक मंत्रालय ने इस विचार पर बहुत तेजी से काम किया और पोस्टकार्ड की पहली प्रति एक अक्तूबर 1869 में जारी की गई। यहीं से पोस्टकार्ड के सफर की शुरुआत हुई। दुनिया का यह प्रथम पोस्टकार्ड पीले रंग का था।  इसका आकार 122 मिलीमीटर लंबा और 85 मिलीमीटर चौड़ा था।  इसके एक तरफ पता लिखने के लिए जगह छोड़ी गई थी, जबकि दूसरी तरफ संदेश लिखने के लिए खाली जगह छोड़ी गई। 


 पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि भारत में पहला पोस्टकार्ड 1879 में जारी किया गया।  हल्के भूरे रंग में छपे इस पहले पोस्टकार्ड की कीमत 3 पैसे थी और इस कार्ड पर ‘ईस्ट इण्डिया पोस्टकार्ड’ छपा था।  बीच में ग्रेट ब्रिटेन का राजचिह्न मुद्रित था और ऊपर की तरफ दाएं कोने मे लाल-भूरे रंग में छपी ताज पहने साम्राज्ञी विक्टोरिया की मुखाकृति थी। अंदाज़-ए-बयां का यह  माध्यम लोगों को इतना पसंद आया कि साल की पहली तीन तिमाही में ही लगभग 7.5 लाख रुपए के पोस्टकार्ड बेचे गए थे।


गौरतलब है कि डाकघरों में चार  तरह के पोस्टकार्ड मिलते रहे हैं - मेघदूत पोस्टकार्ड, सामान्य पोस्टकार्ड, प्रिंटेड पोस्टकार्ड और कम्पटीशन पोस्टकार्ड । ये क्रमश : 25 पैसे, 50 पैसे, 6 रूपये और 10 रूपये में उपलब्ध हैं। कम्पटीशन पोस्टकार्ड फिलहाल बंद हो गया है।  इन चारों पोस्टकार्ड की लंबाई 14 सेंटीमीटर और चौड़ाई 9 सेंटीमीटर होती है।

पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि कम लिखे को ज़्यादा समझना की तर्ज पर पोस्टकार्ड न सिर्फ व्यक्तिगत बल्कि तमाम सामाजिक-साहित्यिक- धार्मिक -राजनैतिक आंदोलनों का गवाह रहा है।  पोस्टकार्ड का खुलापन पारदर्शिता का परिचायक है तो इसकी सर्वसुलभता लोकतंत्र को मजबूती देती रही है। आज भी तमाम आंदोलनों का आरम्भ पोस्टकार्ड अभियान से ही होता है।  ईमेल, एसएमएस, फेसबुक, टि्वटर और व्हाट्सएप ने संचार की परिभाषा भले ही बदल दी हो, पर पोस्टकार्ड अभी भी आम आदमी की पहचान है।

पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि पोस्टकार्ड के प्रति अभी भी लोगों का क्रेज बरकरार है। वाराणसी परिक्षेत्र के डाकघरों द्वारा पिछले वित्तीय वर्ष में 3.20 लाख पोस्टकार्डों की बिक्री हुई थी, वहीं इस साल 51 हजार से ज्यादा पोस्टकार्डों की बिक्री की जा चुकी है।








शादी-ब्याह, शुभकामनाओं से लेकर विभिन्न आंदोलनों का गवाह रहा है पोस्टकार्ड

पोस्टकार्ड का क्रेज अभी भी बरकरार, वाराणसी परिक्षेत्र में गत वर्ष डाकघरों से बिके 3.20 लाख पोस्टकार्ड


Friday, December 10, 2021

75 Lakh Postcard Campaign : School children to write Post Card to Prime Minister on ‘Unsung Heroes of Freedom Struggle’ and ‘My vision for India in 2047’

As a part of ongoing celebrations of Azadi ka Amrit Mahotsav (AKAM), the Department of Posts in collaboration with the Department of School Education & Literacy, Ministry of Education is conducting the “75 Lakh Post Card Campaign”. The students will write a Post card to the Prime Minister of India on any of the two topics “Unsung Heroes of Freedom Struggle” and “My vision for India in 2047”. Sharing above information Mr. Krishna Kumar Yadav, Postmaster General of Varanasi Region said that all the students belonging to class IV to class XII from the schools affiliated to CBSE including Kendriya Vidyalayas and Navodaya Vidyalayas and schools affiliated to State Education Boards can participate up to 20th December 2021. The language used for Post card writing shall be English, Hindi and all scheduled languages.





Postmaster General Mr. Krishna Kumar Yadav told that during this campaign about 2 lakh students from Varanasi Region will participate and write Post card to the Prime Minister Shri Narendra Modi. For this, Postal department is organizing Post card writing competition in various schools by motivating the students. More than one lakh Post cards have been provided to the schools on their demand till now. This can be purchased @ 50 paisa per post card. Postal department is providing post cards to schools by putting a rubber stamped address of the Prime Minister's office on each Post card used in the campaign. Arrangements have been made by the Department of Posts to deliver all the Postcards through special bags to the Prime Minister’s Office on a specified date.

Postmaster General Mr. Krishna Kumar Yadav said that through this Post Card campaign youth will get an opportunity to know about the unsung heroes of freedom struggle and also share their views with the Prime Minister for the upliftment and development of India in 2047. The young generation will also have the experience of writing letters in the era of email and social media. After the campaign, respective schools will conduct a screening of all the entries in order to shortlist a maximum of 10 Post Cards with the best ideas. These Post cards will be scanned and uploaded by CBSE affiliated Schools on https://cbseit.in/cbse/2021/dak/frmlogin.aspx, whereas Schools affiliated to State education boards will upload on MyGov portal link https://innovateindia.mygov.in/postcardcampaign. 75 students who will contribute best ideas in Post card shall be invited for final event to be held at Vigyan Bhawan, New Delhi on 17th January 2022 and shall interact with Prime Minister. About 500-1000 post cards having best ideas will be displayed during the exhibition organized on this occasion, said Mr. Yadav.


Times of India : Now, students to share ‘mann ki baat’ with PM through postcard 

75 Lakhs Post Card Campaign under Azadi ka Amrit Mahotsav (AKAM), School children will share their Mann Ki baat with Prime Minister

School children will share their Mann Ki Baat to the Prime Minister through Postcard on ‘Unsung Heroes of Freedom Struggle’ and ‘My vision for India in 2047’

School children will write Post card to Prime Minister on ‘Unsung Heroes of Freedom Struggle’ and ‘My vision for India in 2047’

75 Lakh Post Card Campaign : पोस्टकार्ड द्वारा ‘स्वतंत्रता संग्राम के अकीर्तित नायक’ व ‘2047 में भारत के प्रति मेरा दृष्टिकोण’ पर स्कूली विद्यार्थी लिखेंगे प्रधानमंत्री को अपने मन की बात

‘आजादी का अमृत महोत्सव’ के अंतर्गत स्कूली विद्यार्थी अब देश के प्रधानमंत्री को पोस्टकार्ड के माध्यम से ‘स्वतंत्रता संग्राम के अकीर्तित नायक’ (Unsung Heroes of freedom Struggle) और ‘2047 में भारत के प्रति मेरा दृष्टिकोण’ (My vision for India in 2047) विषय पर अपना विचार भेजेंगे। इस प्रतियोगिता का आयोजन भारत सरकार के शिक्षा विभाग के अधीन स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग एवं डाक विभाग के तत्वावधान में होगा। इसमें देश भर से 75 लाख विद्यार्थी भाग लेंगे। उक्त जानकारी देते हुए वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि इसके लिए 1 दिसम्बर से आरम्भ होकर 20 दिसंबर तक विभिन्न स्कूलों में पोस्टकार्ड लेखन प्रतियोगिता का आयोजन हो रहा है। विद्यार्थियों को स्कूल के माध्यम से 50 पैसे में पोस्टकार्ड उपलब्ध कराया जायेगा, जिस पर पहले से ही प्रधानमंत्री कार्यालय का पता अंकित होगा। इसमें सीबीएसई बोर्ड, केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय और राज्य बोर्डों से सम्बद्ध स्कूलों के कक्षा 4 से 12 तक के विद्यार्थी शामिल होकर हिंदी, अंग्रेजी व अनुसूचित भाषा में पोस्टकार्ड लिखकर प्रधानमंत्री के पते पर भेज सकते हैं।






पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि वाराणसी परिक्षेत्र से करीब 2 लाख विद्यार्थी प्रधानमंत्री को पोस्टकार्ड  (Post card) लिखकर भेजेंगे। इसके लिए डाक विभाग सभी विद्यालयों से समन्वय बनाकर उक्त प्रतियोगिता के बारे में विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए पोस्टकार्ड लेखन प्रतियोगिता का आयोजन करा रहा है। अब तक एक लाख से ज्यादा पोस्टकार्ड स्कूलों को उनकी माँग पर दिए जा चुके हैं। श्री यादव ने कहा कि इस प्रतियोगिता के माध्यम से युवाओं को आजादी के गुमनाम नायकों के बारे में जानने का मौका मिलेगा, वहीं बच्चे जो इस देश के भविष्य हैं वह भारत के उत्थान के लिए, भारत के विकास के लिए अपनी सोच को प्रधानमंत्री के समक्ष रख सकेंगे। इसके साथ ही नयी पीढ़ी में पत्राचार करने और पत्र लिखने का अनुभव भी होगा एवं पत्रों की अनोखी दुनिया के बारे में जानने का मौका भी मिलेगा।

पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि प्रतियोगिता के बाद, राज्य सरकार से सम्बद्ध सभी स्कूल अपने यहाँ के सर्वोत्तम 10 लिखे पोस्टकार्ड को माई गव के लिंक https://innovateindia.mygov.in/postcardcampaign और सीबीएसई बोर्ड के स्कूल https://cbseit.in/cbse/2021/dak/frmlogin.aspx पर अपलोड करेंगे। डाक विभाग द्वारा एक निश्चित तिथि पर सभी पोस्टकार्ड को स्पेशल बैग के माध्यम से प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंचाने की व्यवस्था की गयी है। 17 जनवरी, 2021 को देश भर से चुने हुए सर्वश्रेष्ठ 75 पोस्टकार्ड के लेखक विद्यार्थियों को विज्ञान भवन, नई दिल्ली में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से मिलने का सुअवसर मिलेगा और उस दौरान वहाँ श्रेष्ठ विचारों वाले 500-1000 पोस्टकार्ड्स को प्रदर्शनी के माध्यम से प्रदर्शित भी किया जायेगा।




















‘आजादी का अमृत महोत्सव’ के तहत प्रधानमंत्री को पोस्टकार्ड लिखकर विद्यार्थी बताएँगे ‘2047 में भारत के प्रति मेरा दृष्टिकोण’

डाक विभाग व शिक्षा विभाग के तत्वावधान में 20 दिसंबर तक स्कूलों में पोस्टकार्ड लेखन प्रतियोगिता का आयोजन