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Thursday, January 27, 2022

गणतंत्र दिवस परेड में डाक विभाग की झांकी में भारतीय डाक के आधुनिक रूप और महिला सशक्तीकरण को किया गया प्रदर्शित

डाक विभाग आम जन से जुड़ा हुआ है, ऐसे में गणतंत्र में इसकी भूमिका और भी अहम हो जाती है। 73वें गणतंत्र दिवस परेड में राजपथ पर विभिन्न राज्यों और सरकारी मंत्रालयों/विभागों की निकली झाँकियों (Tableau) में भारतीय डाक विभाग की झाँकी भी रही। इस झांकी का विषय “भारतीय डाक : संकल्‍प @75 - महिला सशक्‍तीकरण” रखा गया है। डाक विभाग की झांकी में भारतीय डाक की मजबूत पहुंच और आधुनिक रूप को प्रदर्शित किया। साथ ही इसमें लैंगिक समानता की दिशा में उठाए गए कदमों को प्रदर्शित करने के लिए महिला डाकघरों को भी दर्शाया गया।

डाक विभाग को गणतंत्र दिवस परेड में अपनी झांकी निकालने का अवसर 17 साल बाद प्राप्त हुआ है। इससे पहले डाक विभाग के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर 2005 में डाक विभाग ने अपनी झांकी निकाली थी। तब से अब तक डाक विभाग का चेहरा-मोहरा काफी बदल चुका है। न सिर्फ डाक विभाग ने अपनी सेवाओं में काफी विस्तार किया है, बल्कि कोरोना काल में तो ग्रामीण डाक सेवकों के जरिए ‘डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर’ योजनाओं के पैसे ग्रामीणों तक पहुंचाकर संकटकाल में उनका सबसे अच्छा साथी भी सिद्ध हुआ है।

आज जब देश अपनी स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है, तो इस कड़ी में भारतीय डाक गणतंत्र दिवस की अपनी झांकी के माध्यम से महिला सशक्‍तीकरण व तकनीक के प्रति अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित करता नजर आया।  इस झांकी के जरिए केवल महिला कार्मिकों द्वारा कंप्यूटर व डिजिटल सुविधाओं से संचालित डाकघरों के माध्यम से यह दिखाने की कोशिश की गई है कि विभाग किस प्रकार महिला सशक्तीकरण पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। महिला डाकघरों में महिला कर्मचारियों को पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर सेवा प्रदान करते हुए दिखाया गया। इसी के प्रतीक स्वरूप झांकी के अग्रभाग में एक महिला पोस्टमैन की प्रतिमा थी, जिसके एक हाथ में डिजिटल डिवाइस तो दूसरे हाथ में पोस्टमैन की पहचान उसका थैला था। यह प्रौद्योगिकी के साथ परंपरा के मेल को दर्शाता है। साथ ही, रैंप के माध्‍यम से दर्शाए गए ‘दिव्‍यांगजनों के लिए अनुकूल डाकघर’ भी विभाग की सामाजिक प्रतिबद्धता को दोहराते दिखाई दिए।

महिला पोस्टमैन के साथ ही हरकारे की उभरी हुई आकृति भी दर्शाई गई, जो पिछले कई दशकों के दौरान भारतीय डाक में हुए कायाकल्‍प का प्रतीक है। इन दोनों चित्रों को सबके जाने-पहचाने लेटर बाक्‍स के आगे दर्शाया गया। झांकी के मध्य  भाग में श्रीनगर का तैरता (फ्लोटिंग) डाकघर दिखाया गया। इसके माध्‍यम से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के महत्‍वाकांक्षी कार्यक्रम ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के अंतर्गत शुरू की गई ‘सुकन्‍या समृद्धि योजना’ पर बल दिया गया । गौरतलब है कि इंडिया पोस्‍ट पेमेंट्स बैंक के मामले में लगभग 50 प्रतिशत खाताधारक (2.24 करोड़) महिलाएं हैं, और ऐसे 98 प्रतिशत खाते उनके द्वार पर जाकर ही खोले गए हैं। झांकी के पिछले भाग में देश के सबसे पुराने जीपीओ, कोलकाता जीपीओ को दर्शाया गया, जोकि भारतीय डाक के गौरवशाली सफर का गवाह है, साथ ही देश की एक सुप्रसिद्ध इमारत भी है।

India Post tableau in Republic Day parade - India Post : 75 Years @ Resolve-Women Empowerment

The Department of Post's tableau at the Republic Day parade on 26th January, 2022 displayed the robust outreach and the modern face of India Post as well as all-women post offices to showcase the steps taken towards gender equality.

In its tableau, the department also displayed 'Divyang' friendly post offices. The front of the tableau featured a 'Post Woman', equipped with a digital device and a postman's bag, showcasing a perfect blend of technology and tradition with the the image of a 'Harkara' (foot Dak messenger) as side relief. The two images were set in the foreground of the ubiquitous red-letter box.

The middle part of the tableau featured the 'Floating Post Office' of Srinagar with girl child highlighting the Sukanya Samriddhi Yojna, a scheme under the "Beti Bachao-Beti Padhao" campaign of the Narendra Modi government.

The all-women post office showcased opportunities provided to women employees to serve shoulder-to-shoulder with men.

At the rear of the tableau was displayed Kolkata GPO, the oldest general post office at one of the iconic heritage buildings of India and a proud witness to the journey of India Post.

Adorning the tableau, there was a collage of stamps digitally printed on 'khadi', pertaining to the country's freedom struggle.

The Department of Post stands as a model employer of women, besides rendering financial inclusion services to women. Almost 50 per cent of account holders of the India Post payments bank, as well as the post office savings bank, are women.


Deccan Herald : Department of Post tableau showcases modern face of India Post, women empowerment

Republic Day Parade 2022: महिला सशक्तीकरण की झांकी प्रस्तुत करेगा भारतीय डाक विभाग

आजादी के पहले से गांव-गांव तक अपनी सेवाएं देता आ रहा भारतीय डाक विभाग इस बार गणतंत्र दिवस पर महिला सशक्तीकरण की झांकी प्रस्तुत करने जा रहा है। 26 जनवरी, 2022  को राजपथ पर निकलने वाली डाक विभाग की झांकी में एक युवा महिला पोस्टमैन हाथ में डिजिटल डिवाइस लिए हुए खड़ी दिखाई देगी। भारतीय डाक विभाग की ओर से इस झांकी के प्रोजेक्ट कोआर्डिनेटर की जिम्मेदारी निभा रहीं मुंबई क्षेत्र की पोस्टमास्टर जनरल (पीएमजी) स्वाती पांडे बताती हैं कि डाक विभाग को गणतंत्र दिवस परेड में अपनी झांकी निकालने का अवसर 17 साल बाद प्राप्त हुआ है। इससे पहले डाक विभाग के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर 2005 में डाक विभाग ने अपनी झांकी निकाली थी। तब से अब तक डाक विभाग का चेहरा-मोहरा काफी बदल चुका है। न सिर्फ डाक विभाग ने अपनी सेवाओं में काफी विस्तार किया है, बल्कि कोरोना काल में तो ग्रामीण डाक सेवकों के जरिए ‘डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर’ योजनाओं के पैसे ग्रामीणों तक पहुंचाकर संकटकाल में उनका सबसे अच्छा साथी भी सिद्ध हुआ है।


ये है झांकी का विषय

स्वाती पांडे बताती हैं कि आज जब देश अपनी स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है, तो इस कड़ी में भारतीय डाक गणतंत्र दिवस की अपनी झांकी के माध्यम से महिला सशक्‍तीकरण व तकनीक के प्रति अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित करने जा रहा है। इस झांकी के जरिए केवल महिला कार्मिकों द्वारा कंप्यूटर व डिजिटल सुविधाओं से संचालित डाकघरों के माध्यम से यह दिखाने की कोशिश की गई है कि विभाग किस प्रकार महिला सशक्तीकरण पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। इस झांकी का विषय भी “भारतीय डाक : संकल्‍प@75 - महिला सशक्‍तीकरण” रखा गया है। इसी के प्रतीक स्वरूप झांकी के अग्रभाग में एक महिला पोस्टमैन की प्रतिमा होगी, जिसके एक हाथ में डिजिटल डिवाइस तो दूसरे हाथ में पोस्टमैन की पहचान उसका थैला होगा। यह प्रौद्योगिकी के साथ परंपरा के मेल को दर्शाएगा। साथ ही, रैंप के माध्‍यम से दर्शाए गए ‘दिव्‍यांगजनों के लिए अनुकूल डाकघर’ भी विभाग की सामाजिक प्रतिबद्धता को दोहराते दिखाई देंगे।

झांकी में दिखेगा यहां का डाकघर

महिला पोस्टमैन के साथ ही हरकारे की उभरी हुई आकृति दर्शाई गई है, जो पिछले कई दशकों के दौरान भारतीय डाक में हुए कायाकल्‍प का प्रतीक है। इन दोनों चित्रों को सबके जाने-पहचाने लेटर बाक्‍स के आगे दर्शाया गया है। झांकी के ट्रेलर भाग में श्रीनगर का तैरता (फ्लोटिंग) डाकघर दिखाया गया है। इसके माध्‍यम से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के महत्‍वाकांक्षी कार्यक्रम ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के अंतर्गत शुरू की गई ‘सुकन्‍या समृद्धि योजना’ पर बल दिया गया है। इंडिया पोस्‍ट पेमेंट्स बैंक के मामले में लगभग 50 प्रतिशत खाताधारक (2.24 करोड़) महिलाएं हैं, और ऐसे 98 प्रतिशत खाते उनके द्वार पर जाकर ही खोले गए हैं। झांकी के पिछले भाग में देश के सबसे पुराने जीपीओ, कोलकाता जीपीओ को दर्शाया गया है, जोकि भारतीय डाक के गौरवशाली सफर का गवाह है, साथ ही देश की एक सुप्रसिद्ध इमारत भी है।

साभार : जागरण  -Republic Day Parade 2022: महिला सशक्तीकरण की झांकी प्रस्तुत करेगा भारतीय डाक विभाग

Friday, March 8, 2013

Marking of International Women’s Day : India gets first all-women post office

The government on Friday opened the country’s first all-women post office here and announced plans to open more such branches completely operated by women employees.
 
“In coming days, I believe there will be more all-women post offices across country for convenience of women,” Telecom and IT Minister Kapil Sibal said.
 
While inaugurating first ‘All Women Post office’ in the country on the eve of International Women’s Day, he said the new post office branch will be completely operated by women employees and provide all facilities that are available at any other post offices. “This is first office in the country where all employees will be women. The government is looking into problem faced by woman and this is just a symbolic step,” Sibal said.
 
In the Union Budget government announced to set up an all-women bank by October-end. P Gopinath, Secretary, Department of Posts, said the department has plans to have one such post office in every metro cities and subsequently include all the large towns. (PTI)
 
(In Picture :INDIA’S FIRST ALL-WOMEN POST OFFICE : Inaugurated on 8th March by Mr. Kapil Sibbal, Union Minister of Communications & IT. Staff members of India’s first all-women post office soon after its inauguratin at Shastri Bhavan in New Delhi, marking International Women’s Day)

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर देश में खुला पहला महिला डाकघर

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर सरकार ने महिलाओं को तोहफा देते हुए देश का पहला महिला डाकघर खोला. राष्ट्रीय राजधानी के शास्त्री भवन में खुले इस डाकघर में सभी कर्मचारी महिलाएं हैं। सरकार ने इस तरह की और शाखाएं खोलने की योजना की भी घोषणा की।

डाकघर का उद्घाटन दूरसंचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री कपिल सिब्बल ने किया. कपिल सिब्बल ने कहा, 'आने वाले दिनों में मुझे विश्वास है देश भर में महिलाओं की सुविधाओं के लिये और महिला डाकघर खोला जाएगा।' अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर देश में पहली महिला शाखा का उद्घाटन करते हुए उन्होंने कहा कि नये डाकघर का परिचालन पूरी तरह महिला कर्मचारी करेंगी और अन्य डाकघरों में मौजूद सभी सुविधाएं यहां उपलब्ध होंगी।

सिब्बल ने कहा, 'यह देश का पहला डाकघर है जहां सभी कर्मचारी महिलाएं होंगी। सरकार उन समस्याओं पर गौर कर रही है जिसका सामना महिलाओं को करना पड़ता है और उस दिशा में यह एक सांकेतिक कदम है।' वित्त वर्ष 2013-14 के बजट में अक्तूबर के अंत तक महिला बैंक स्थापित करने की घोषणा की गयी है।
 डाक विभाग की सचिव पी गोपीनाथ ने कहा कि विभाग की इस प्रकार का डाकघर हर महानगर में खोलने की योजना है और बाद में इसे उन सभी बड़े शहरों में खोला जाएगा जहां कामकाजी महिलाओं की संख्या ज्यादा है। उन्होंने कहा, 'जब महिलाएं आपास में बातचीत करती हैं तो उनमें अलग संतोष का बोध होता है। इन सभी बातों को ध्यान में रखकर हम उन जगहों पर डाकघर खोलेंगे जहां बड़ी संख्या में महिलाएं हैं। हमने शुरू में ऐसा डाकघर खोलने के लिये मुंबई, चेन्नै, चंडीगढ़, लखनऊ, हैदराबाद तथा बेंगलुरु की पहचान की है।' गोपीनाथ ने कहा कि विभाग पुरानी दिल्ली में एक पखवाड़े के भीतर और महिला डाकघर खोलेगा।