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Monday, April 3, 2023

उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान में 'उपनिधि' पत्रिका के डाक विभाग की साहित्यिक विभूतियां विशेषांक का हुआ लोकार्पण

ज्ञान गरिमा सेवा न्यास के तत्वावधान में उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान के निराला सभागार में 'उपनिधि' पत्रिका के डाक विभाग की साहित्यिक विभूतियां विशेषांक एवम गौरीशंकर वैश्य विनम्र की बाल पुस्तक फुर्र फुर्र का लोकार्पण, कवि सम्मान एवं काव्य संगम समारोह का आयोजन 2 अप्रैल, 2023 दिन रविवार को किया गया। 


पत्रिका व पुस्तक का लोकार्पण उत्तर प्रदेश के पूर्व चीफ पोस्टमास्टर जनरल श्री कौशलेन्द्र कुमार सिन्हा, वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव, समाज कल्याण विभाग के निदेशक श्री पवन कुमार, संयुक्त आयुक्त जीएसटी श्री पंकज के. सिंह और सम्पादक श्री सुबोध कुमार दुबे ने किया। इस अवसर पर डाक विभाग से जुड़े साहित्यकारों और उनके परिजनों को सम्मानित भी किया गया।

बतौर मुख्य अतिथि पूर्व चीफ पोस्टमास्टर जनरल श्री कौशलेन्द्र कुमार सिन्हा ने कहा कि डाक विभाग का जनसरोकारों से अटूट नाता है। डाक विभाग के तमाम अधिकारी -कर्मचारी साहित्य सृजन के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहे हैं।  'उपनिधि' पत्रिका ने डाक विभाग की साहित्यिक विभूतियों पर विशेषांक प्रकाशित कर महनीय कार्य किया है। डाक कर्मियों के साहित्य का राष्ट्रीय स्तर पर भी एक संकलन लाए जाने की आवश्यकता है।

चर्चित साहित्यकार एवं वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने बतौर मुख्य वक्ता कहा कि साहित्य और सृजन के क्षेत्र में डाक विभाग की विभूतियों का योगदान अहम् है। साहित्य और चिट्ठियों दोनों का ही संवेदनाओं से अटूट रिश्ता है। यही कारण है कि साहित्य, कला, संस्कृति की तमाम मशहूर शख्सियतें डाक विभाग की गोद में अपनी काया का विस्तार पाने में सफल रहीं। आज़ादी के अमृत काल में डाक टिकटों के माध्यम से साहित्यिक विभूतियों और सांस्कृतिक विरासत से युवा पीढ़ी को जोड़ने में डाक विभाग की अहम भूमिका है। पत्र-लेखन के माध्यम से भी डाक विभाग ने साहित्य को नए आयाम दिए। श्री यादव ने कहा कि देश की संचार व्यवस्था के साथ सामाजिक व्यवस्था, अर्थव्यवस्था, साहित्य, कला और संस्कृति के प्रसार और स्वाधीनता आंदोलन में भी डाक विभाग की अहम भूमिका रही है। जिस प्रकार से डाक विभाग देश भर के लोगों को जोड़ने का कार्य करता है, उसी प्रकार साहित्य भी संवेदना और संवाद के वाहक के रूप में लोगों को जोड़ने का कार्य करता है। साहित्य और प्रशासन दोनों ही पत्रों के बिना अधूरे हैं। इन पत्रों में छुपा मर्म कई बार नई राह दिखाता है। 

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए उत्तर प्रदेश शासन में निदेशक समाज कल्याण श्री पवन कुमार ने कहा कि डाक सेवाएँ आम जन से जुड़ी हुई हैं। पत्रों के माध्यम से न सिर्फ संवाद होता है बल्कि लोगों की कई समस्याओं का निस्तारण भी होता है। डाक विभाग की तत्परता और संवेदनशीलता के चलते सरकार की तमाम कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँच रहा है। उन्होंने डाक विभाग के वरिष्ठ अधिकारी रहे शमशुर्रहमान फारूकी की स्मृतियों को ताजा करते हुए बताया की उन्होंने उनकी पहली पुस्तक पर आशीर्वचन स्वरूप प्राक्कथन लिखा था।






ज्ञान गरिमा सेवा न्यास अध्यक्ष श्री सुबोध कुमार दुबे ने बताया कि उपनिधि पत्रिका ने अपने 24 वर्षों के सफर में तमाम महत्वपूर्ण विषयों पर अंक प्रकाशित किये। उत्तर प्रदेश डाक परिमंडल की साहित्यिक विभूतियाँ विशेषांक में स्मरण खंड के तहत कृष्ण बिहारी नूर, पद्मश्री शम्सुर्रहमान फ़ारूक़ी, डॉ. रामाश्रय सविता, राम देव लाल विभोर तो प्रेरणा खंड में सेवानिवृत्त हो चुके दयानंद जड़िया, राम किशोर तिवारी, ज्योति शेखर, गौरीशंकर वैश्य विनम्र और संभावना खंड के तहत वर्तमान में सेवारत पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव, अखंड प्रताप सिंह इत्यादि के साहित्यिक कृतित्व को सहेजा गया है।     


कार्यक्रम के अंत में कवि सम्मान एवं काव्य संगम समारोह का भी आयोजन किया गया। तमाम कवियों ने अपनी रचनाओं से शमां बांधा और श्रोताओं को मन्त्र मुग्ध कर दिया। संचालन राम किशोर तिवारी ने किया। इस दौरान  शुभम दुबे, विनोद सिंह, आकाश सिंह, श्रीकांत पाल, संदीप यादव सहित तमाम लोग उपस्थित रहे।









साहित्य के क्षेत्र में डाक विभाग की विभूतियों का योगदान अहम् - पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

साहित्य और चिट्ठियों दोनों का ही संवेदनाओं से अटूट रिश्ता - पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान में 'उपनिधि' पत्रिका के डाक विभाग की साहित्यिक विभूतियां विशेषांक का हुआ लोकार्पण

Tuesday, September 13, 2022

पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने पूर्व शिक्षा अधिकारी राम बचन सिंह यादव की तीन पुस्तकों का किया विमोचन

साहित्य समाज में संस्कारों व संस्कृति का संवाहक है। ऐसे में साहित्यकारों का दायित्व है कि ऐसा लेखन करें जो साहित्य के माध्यम से भारतीय संस्कृति को जन-जन तक पहुंचाए। उक्त उद्गार चर्चित साहित्यकार एवं वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने सेवानिवृत्त उप बेसिक शिक्षा अधिकारी श्री राम बचन सिंह यादव 'बेराही' की तीन पुस्तकों - नायाब नायक कर्ण (खंड काव्य), अंतर्बोध (काव्य संग्रह) और असुरवंश बनाम राजवंश (खंड काव्य) का विमोचन करते हुए व्यक्त किया। लाइफ लाइन हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, आजमगढ़ के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में श्री चंद्रजीत सिंह यादव, उप शिक्षा निदेशक, मिर्जापुर मंडल, प्रसिद्ध न्यूरोसर्जन डॉ. अनूप कुमार सिंह, डॉ. गायत्री सिंह, गीता सिंह भी मंचासीन रहे।

पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि एक तरफ रामायण काल की घटनाओं को सहेजे खंड-काव्य 'असुरवंश बनाम राजवंश' तो दूसरी तरफ महाभारत काल के 'नायाब नायक कर्ण' के जीवन के अंतर्द्वंदों को सहेजे खंड-काव्य की रचना, वहीं जीवन की तमाम अनुभूतियों व संवेदनाओं को सहेजता काव्य संग्रह 'अंतर्बोध'  एक कवि के रूप में श्री राम बचन सिंह यादव की आध्यात्मिक व दार्शनिक प्रवृत्ति, सांस्कृतिक विरासत से जुड़ाव, इतिहास बोध का भरपूर ज्ञान और महापुरुषों से युवा पीढ़ी को जोड़ने का सत्साहस दिखाता है। परिस्थिति और ऐतिहासिक चेतना के द्वंद से उबरते हुए उन्होंने लोग-मंगल से जुड़कर युगीन सत्य को भेदकर मानवीयता को खोजने का प्रयत्न किया। श्री यादव ने कहा कि रामायण और महाभारत जैसे महाकाव्यों ने ज्ञान, भक्ति और कर्म की त्रिवेणी प्रवाहित कर भारतीय जनमानस को जागृत किया। इनमें  जिन प्रगतिशील मूल्यों व समानता के भावों पर बल दिया है, उसे आज बार- बार उद्धृत करने की जरूरत है।

पोस्टमास्टर जनरल श्री यादव ने कहा कि सरकारी सेवाओं में रहते हुए भी साहित्य सृजन का कार्य व्यक्ति की दृष्टि को और भी व्यापक बनाता है। शिक्षा व्यक्ति में ज्ञान उत्पन्न करती है तो साहित्य संवेदना की संपोषक है। इसी कड़ी में श्री राम बचन सिंह यादव न केवल एक शिक्षक एवं पथ प्रदर्शक के रूप में रहे, बल्कि साहित्य के विकास एवं उन्नयन में भी महती भूमिका निभाने को तैयार हैं।

आजमगढ़ से जुड़े अपने अनुभवों को साझा करते हुए श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि तमाम ऋषियों-मुनियों, क्रांतिकारियों व साहित्यकारों की पावन धरा रहे आजमगढ़ में साहित्य की समृद्ध परंपरा रही है। राहुल सांकृत्यायन, अयोध्या सिंह उपाध्याय 'हरिऔध', आचार्य चंद्रबली, श्याम नारायण पांडेय,अल्लामा शिब्ली नोमानी, कैफी आजमी जैसे यहाँ के साहित्यकारों ने देश-दुनिया में ख्याति अर्जित की है। आज भी आजमगढ़ के तमाम साहित्यकार न सिर्फ उत्कृष्ट रच रहे हैं बल्कि समाज को एक नई राह दिखा रहे हैं।

श्री चंद्रजीत सिंह यादव, उप शिक्षा निदेशक, मिर्जापुर मंडल ने कहा कि श्री राम बचन सिंह यादव की कविताएं पाठक को खुद अपना अंतर्बोध कराती प्रतीत होती हैं। मानवीय मूल्यों के पतन और समाज की वर्तमान स्थिति को उन्होंने अपनी कविताओं में अक्षरक्ष: उतार दिया है।

न्यूरोसर्जन डॉ. अनूप कुमार सिंह ने कहा कि अच्छी पुस्तकें जीवन के लिए टॉनिक का कार्य करती हैं। इनके अध्ययन-मनन से  एकाकीपन, निराशा और अवसाद से भी बचा जा सकता है। युवाओं में पुस्तकें पढ़ने की आदत विकसित करनी होगी।

अपनी रचना प्रक्रिया पर श्री राम बचन सिंह यादव ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम और नायक कर्ण का व्यक्तित्व सदैव से प्रभावित करता रहा है, जिन्होंने तमाम संघर्षों और विपरीत परिस्थितियों के बावजूद भी जीवन में मूल्यों का साथ नहीं छोड़ा। इन पर खंड-काव्य लिखकर अपने को बेहद सौभाग्यशाली समझता हूँ। पिताजी के अंतिम दिनों की अवस्था देखकर भी मुझे जीवन का अंतर्बोध हुआ, जिसे काव्य संग्रह के रूप में परिणित किया।  

कार्यक्रम का संचालन डॉ. अभय प्रताप यादव, प्राचार्य, आर.के फार्मेसी, सठियांव, आजमगढ़ तो आभार ज्ञापन श्री प्रेम प्रकाश यादव ने किया।  इस अवसर पर प्रो.आरके यादव, सरोज, ऋषि मुनि राय, मिथिलेश तिवारी, घनश्याम यादव, संजय यादव, आलोक त्रिपाठी, सूर्य प्रकाश सहित तमाम साहित्यकार और गणमान्य जन उपस्थित रहे।








Sunday, January 6, 2019

डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव ने उत्तर प्रदेश के राज्यपाल को भेंट की अपनी पुस्तकें

लखनऊ मुख्यालय परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएँ एवं चर्चित साहित्यकार व ब्लॉगर कृष्ण कुमार यादव ने उत्तर प्रदेश के राज्यपाल श्री राम नाईक से राजभवन, लखनऊ में  भेंट कर उन्हें अपनी पुस्तक "16 आने,16 लोग" और अन्य कृतियाँ भेंट की। साथ में उन्होंने अपनी सहधर्मिणी श्रीमती आकांक्षा यादव की पुस्तक "आधी आबादी के सरोकार" भी भेंट की, जो कि हिंदुस्तानी एकेडमी, प्रयागराज द्वारा प्रकाशित हुई है। श्रीमती आकांक्षा यादव भी अग्रणी महिला ब्लॉगर और साहित्यकार हैं।

 इस अवसर पर राज्यपाल महोदय श्री राम नाईक ने श्री कृष्ण कुमार यादव को अपनी पुस्तक "चरैवेति! चरैवेति!!" भेंट करते हुए अपनी शुभकामनाएँ दी। देश-विदेश की तमाम प्रमुख पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित होने वाले श्री यादव की अब तक सात पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं, वहीं उनके जीवन पर भी एक पुस्तक "बढ़ते चरण शिखर की ओर" प्रकाशित हो चुकी है।
श्री कृष्ण कुमार यादव मूलत: तहबरपुर, आजमगढ़ जिले के निवासी हैं। लखनऊ से पूर्व वह इलाहाबाद, जोधपुर और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में डाक निदेशक के पद पर कार्य कर चुके हैं।


गौरतलब है कि श्री कृष्ण कुमार यादव के परिवार में तीन पीढ़ियाँ साहित्य व लेखन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उनकी पत्नी श्रीमती आकांक्षा यादव नारी सम्बन्धी मुद्दों पर प्रखरता से लिखती हैं तो बेटी अक्षिता (पाखी) भी ब्लॉगिंग के क्षेत्र में सक्रिय है। अक्षिता को भारत सरकार द्वारा  सबसे कम उम्र में "राष्ट्रीय बाल पुरस्कार" पाने का भी गौरव प्राप्त है। 

श्री कृष्ण कुमार यादव भारतीय डाक सेवा  के अत्यन्त ऊर्जस्वी और गतिमान युवा अधिकारी हैं। उच्च कोटि के चिंतक, लेखक एवं ब्लॉगर होने के साथ-साथ आपके व्यक्तित्व एवं कृतित्व की साम्यता अद्भुत एवं विलक्षण है। आपने विभिन्न विषयों पर कुल 7 पुस्तकें लिखी हैं, जिनमें   'अभिलाषा' (काव्य-संग्रह) 'अभिव्यक्तियों के बहाने' व 'अनुभूतियाँ और विमर्श' (निबंध-संग्रह), India Post : 150 glorious years , 'क्रांति-यज्ञ : 1857-1947 की गाथा' , ’जंगल में क्रिकेट’ (बाल-गीत संग्रह) एवं ’16 आने 16 लोग’(निबंध-संग्रह) शामिल हैं। श्री यादव के व्यक्तित्व-कृतित्व पर भी एक पुस्तक ‘‘बढ़ते चरण शिखर की ओर" (सं0 डाॅ0 दुर्गाचरण मिश्र) प्रकाशित हो चुकी  है।








Friday, February 24, 2017

डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव पर 'शेरगढ़ एक्सप्रेस' पत्रिका ने जारी किया विशेषांक


डाक विभाग में तमाम ऐसे अधिकारी हैं, जो प्रशासन के साथ-साथ अन्य क्षेत्रों में भी अपना परचम फहरा रहे हैं। भारतीय डाक सेवा के अधिकारी एवम सम्प्रति राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर  के निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव उन्हीं में से एक हैं। उनका पूरा परिवार ही  साहित्य और लेखन के क्षेत्र में सक्रिय है। साहित्य और लेखन के क्षेत्र में विरले ही ऐसे परिवार हैं, जो अपने व्यक्तित्व  और कृतित्व की बदौलत नित् नए मुकाम रच रहे हैं। हाल ही में जोधपुर से प्रकाशित हिंदी पत्रिका "शेरगढ़ एक्सप्रेस" ने अपना फरवरी-2017 अंक "साहित्य जगत  के चमकते सितारे" शीर्षक से  श्री कृष्ण कुमार यादव, उनकी पत्नी  श्रीमती आकांक्षा यादव और उनकी बिटिया एवं  भारत की सबसे कम उम्र की  राष्ट्रीय बाल पुरस्कार विजेता अक्षिता (पाखी) पर विशेषांक रूप में जारी किया है। श्री कृष्ण कुमार यादव पर इससे पूर्व भी इलाहाबाद से प्रकाशित 'गुफ्तगू' पत्रिका और कानपुर से प्रकाशित 'बाल साहित्य समीक्षा' ने विशेष अंक जारी किए हैं ।

बकौल पत्रिका के संपादक मनोज जैन, साहित्य और लेखन  के क्षेत्र में जहाँ एक-दो नहीं बल्कि तीन प्रतिभाएँ एक ही परिवार से हों और एक-दूसरे से बढ़-चढ़कर, तो  इसे दुर्लभ संयोग ही कहा जायेगा।  पत्रिका में 'प्रशासन और साहित्य के ध्वजवाहक : कृष्ण कुमार यादव',  'युवा पंखों की ऊँची उड़ान : आकांक्षा यादव',   'आँगन की रंगोली से क्षितिज तक : कृष्णाकांक्षा' और 'भारत की सबसे कम उम्र की राष्ट्रीय बाल पुरस्कार विजेता  नन्ही ब्लॉगर अक्षिता (पाखी)' शीर्षक से लिखे लेखों में विभिन्न विद्वानों ने इनके कृतित्व के विभिन्न पहलुओं को रेखांकित करने का महनीय प्रयास किया है।   

पत्रिका के इस विशेष अंक को राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने जारी किया।  इस अवसर पर संपादक मनोज जैन ने बताया कि उनका प्रयास जोधपुर से जुड़े या यहाँ पर रह रहे विभिन्न क्षेत्रों की हस्तियों के योगदान को रेखांकित करते हुए विभिन्न विशेषांक निकालना है।  इस क्रम में यहाँ के चिकित्सा, इंजीनियरिंग, चार्टेड अकाउंटेंट, शिक्षा, प्रशासन, न्याय, साहित्य, कला, संस्कृति और लोक रंग इत्यादि से जुड़े व्यक्तियों के बारे में अंक प्रकाशित किये जायेंगे।  डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि, मनोज जैन का प्रयास प्रशंसनीय है और इसके माध्यम से जोधपुर की माटी की खुशबू को बाहर भी महसूस किया जा सकेगा ।
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लेखन  के क्षेत्र में सक्रिय होकर अपनी प्रतिभा के दम  पर इस विशाल आसमान में अपनी चमक बिखेरने वाले विरले ही मिलते हैं। ऐसी ही एक दो नहीं तीन प्रतिभाएँ एक परिवार से हों और एक-दूसरे से बढ़-चढ़कर, तो  इसे दुर्लभ संयोग कहते हैं। कृष्ण कुमार यादव, निदेशक डाक विभाग, उनकी भार्या श्रीमती आकांक्षा यादव एवम लेखन के क्षेत्र में नन्ही कोपल अक्षिता (पाखी) यादव सबसे कम उम्र में राष्ट्रीय बाल पुरस्कार विजेता, साहित्य और लेखन क्षेत्र में अपना परचम फहरा रहे हैं। "शेरगढ़ एक्सप्रेस" में इनके प्रयासों, विद्वता और महान योगदान को विद्वानगणों की कलम से इस अंक में प्रकाशित करने का प्रयास किया गया है।  हमारा यह प्रयास महान विभूतियों के आगे काफी छोटा है।  जिसमें इनके प्रयासों के अथाह सागर को सारगर्भित रूप में पाठकों के समक्ष रखा जा रहा है - मनोज जैन, प्रधान संपादक, शेरगढ़ एक्सप्रेस 

प्रशासन और साहित्य के ध्वजवाहक : कृष्ण कुमार यादव 
(लेखक : डॉ. बद्री नारायण तिवारी, संयोजक- राष्ट्रभाषा प्रचार समिति-वर्धा, उत्तर प्रदेश, 
पूर्व अध्यक्ष-उ0प्र0 हिन्दी साहित्य सम्मेलन/संयोजक-मानस संगम,  शिवाला, कानपुर, उत्तर प्रदेश)


                 आँगन की रंगोली से क्षितिज तक : कृष्णाकांक्षा                        
( लेखक : यतीन्द्र नाथ ‘राही‘, रजत विहार, भोपाल (म.प्र.)



युवा पंखों की ऊँची उड़ान : आकांक्षा यादव 
(लेखिका : डॉ. कमल कपूर, अध्यक्षा : नारी अभिव्यक्ति मंच ’पहचान’ फरीदाबाद, हरियाणा)


भारत की सबसे कम उम्र की राष्ट्रीय बाल पुरस्कार विजेता  
नन्ही ब्लॉगर अक्षिता यादव (पाखी) 


पत्रिका का नाम : शेरगढ़ एक्सप्रेस (हिंदी मासिक)
प्रधान संपादक : मनोज जैन 
अंक : फरवरी, 2017  (वर्ष -5, अंक -09)
(साहित्य जगत के चमकते सितारे : कृष्ण कुमार यादव, आकांक्षा यादव, अक्षिता पाखी)
पृष्ठ - 32,     मूल्य : रूपये 20 /-
संपर्क : शेरगढ़ एक्सप्रेस कार्यालय, बस स्टैंड, शेरगढ़, जिला-जोधपुर (राजस्थान)-342022 


राजस्थान में जोधपुर से प्रकाशित मासिक हिंदी पत्रिका 'शेरगढ़ एक्सप्रेस' ने फरवरी-2017 अंक 'साहित्य जगत के चमकते सितारे' शीर्षक से हमारे ( कृष्ण कुमार यादव, आकांक्षा यादव, अक्षिता पाखी) व्यक्तित्व - कृतित्व पर केंद्रित कर प्रकाशित किया है। इसके लिए हार्दिक आभार !!
Shergarh Express, a Hindi Magazine, published from Jodhpur, Rajasthan (Editor-Manoj Jain) released it's special issue on Personality and literary creation of Krishna Kumar Yadav Director Postal Services, Rajasthan Western Region, Jodhpur, his wife Mrs. Akanksha Yadav, a well known Hindi blogger & writer and daughter  Akshitaa (Pakhi), Youngest National Child Awardee of India. February issue of magazine is depicting the picture of Yadav family with a slogan Shining stars of Hindi literature, on it. Issue of Shergarh Express magazine  was released by Krishna Kumar Yadav Director Postal Services, Rajasthan Western Region, Jodhpur.


डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव  पर जारी हुआ 'शेरगढ़ एक्सप्रेस' पत्रिका का विशेष अंक
पूरा परिवार ही है साहित्य और लेखन के क्षेत्र में सक्रिय, 
बेटी अक्षिता भारत की सबसे कम उम्र की राष्ट्रीय बाल पुरस्कार विजेता 


डाक निदेशक युवा साहित्यकार व् ब्लॉगर कृष्ण कुमार यादव, आकांक्षा यादव व् नन्ही ब्लॉगर अक्षिता पाखी के साहित्यिक अवदान पर 'शेरगढ़ एक्सप्रेस' पत्रिका का विशेषांक