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Saturday, November 2, 2019

India Post stamps with fragrance of perfumes : Four stamps released on Agarwood and Orange Blossom

Everyone desires to send or receive fragrant letters and poets have also written a lot on fragrant letters. The Indian Postal Department has embodied this imagination of people by releasing perfumed postage stamps. Now people need not to send flowers or fragrances in envelopes, but the scented postage stamp affixed on the envelope to their loved ones will express all their feelings.
We all must have seen postage stamps, but it adds to the joy if postage stamps bear aromatic fragrance. In this context, the Postal Department issued aromatic postage stamps. Krishna Kumar Yadav, Director Postal Services, Lucknow HQ Region told that the Department of Posts released four fragrant commemorative postage stamps on Agarwood and Orange Blossom in the Indian Perfume category. The perfume extract is added during the paper making process thereby keeping the fragrance in postage stamps for a long time.The price of one set of these four postage stamps is Rs.100. This postage stamp is available for sale at Lucknow GPO and other Head Post Offices now.
Director Postal Services, Krishna Kumar Yadav added that India Posts had released perfumed stamps in 2006, 2007, 2008 and 2017 also. Agarwood and Orange Blossom is the fifth perfumed postage stamp released in the perfume category. In the year 1973, Bhutan became the first country to release perfumed postage stamps followed by New Zealand, Thailand and Switzerland. India released the first perfumed postage stamp on Sandal fragrance in year 2006, said Mr. Yadav.

He also told that unlike the regular postage stamps issued from time to time by the Department of Posts, these scented postage stamps have been issued under the category of commemorative postage stamps. This is the reason that these postage stamps cannot be reprinted and therefore have become invaluable for the stamp collectors. Apart from philatelists, the youth who passionate of collecting unique things are also attracted by these postage stamps.
Significantly, the scent of agarwood is exquisitely adorned with a strong sweet fragrance layered with deep aroma of wood. Agarwood is among the most precious perfumes in the world. At present, these trees are found in many countries like Bangladesh, Bhutan, Thailand, Vietnam including India. On the same hand, the fragrance of orange blossom i.e. orange flower is very sweet and captivating. Traditionally, it is considered a sign of good luck and brides use it passionately on the day of marriage. Today, orange trees are extensively grown in India, Brazil and China.

Postal Department's Aromatic Initiative: Now postage stamps will bear fragrance of perfumes

Four scented postage stamps released on Agarwood and Orange Blossom


These stamps to make communication a fragrant affair (Courtesy : Hindustan Times) 

Stamps released on Perfumes : अब डाक टिकटों से आएगी इत्र की सुगंध

यूँ मेरे खत का जवाब आया, लिफाफे में एक गुलाब आया...... खुशबू भरे खत भेजने और पाने की चाह किसे नहीं होती। खुशबू भरे खतों पर कवियों और शायरों ने बहुत कुछ लिखा है पर भारतीय डाक विभाग ने खुशबू वाले डाक टिकट जारी कर मानो लोगों की कल्पनाओं को ही मूर्त रूप दे दिया। अब लोगों को अपने चाहने वालों के लिए लिफाफे में कोई फूल या सुगंध रखकर भेजने की जरूरत नहीं बल्कि लिफाफे पर लगा डाक टिकट दूर से ही अपनी खुशबू से बता देगा कि अब इन्तजार की घडियाँ खत्म हो चुकी हैं।
डाक टिकट तो हम सभी ने देखें होंगे, पर यदि डाक टिकटों से खुशबू आती हो तो उसका आनंद ही कुछ और बढ़ जाता है। इसी कड़ी में डाक विभाग ने इत्र की सुगंध वाले डाक टिकट जारी किये हैं। इस संबंध में जानकारी देते हुए लखनऊ मुख्यालय परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएँ कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि, डाक विभाग ने भारतीय इत्र विषय पर ऊद (Agarwood) और नारंगी फूल (Orange Blossom) पर आधारित चार सुगंधित स्मारक डाक टिकट जारी किये हैं। डाक टिकट का कागज तैयार करते समय ही उसमें इत्र का अर्क मिला देने से यह सुगंध लम्बे समय तक बनी रहेगी। प्रति डाक टिकट 25 रूपये के हिसाब से इन चार डाक टिकटों के एक सेट की कीमत 100 रूपये है। यह डाक टिकट लखनऊ जीपीओ में भी बिक्री के लिए उपलब्ध है।
डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि भारतीय डाक विभाग इससे पहले 13 दिसम्बर 2006 को चंदन की सुगंध वाला एक डाक टिकट (15 रुपए),  7 फरवरी 2007 को गुलाब की सुगंध वाले चार डाक टिकट (5 और 15 रुपए) एवं 26 अप्रैल 2008 को जूही की सुगंध वाले दो डाक टिकट  (5 और 15 रुपए) और 23 अप्रैल, 2017 को कॉफी की सुगंध  वाले डाक टिकट (100 रुपए) जारी कर चुका है। भारतीय इत्र पर जारी डाक टिकट इस श्रेणी में पाँचवाँ  सुगन्धित डाक टिकट है। डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव  यादव ने बताया कि वर्ष 1973 में सुगन्धित डाक टिकट जारी करने वाला पहला देश  भूटान बना था और फिर न्यूजीलैंड, थाईलैंड और स्विट्ज़रलैंड जैसे देशों ने भी सुगन्धित डाक टिकट जारी किए। भारत ने अपना पहला खूशबूदार डाक टिकट वर्ष 2006 में चंदन पर जारी किया।

डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि डाक विभाग द्वारा समय-समय पर जारी नियमित डाक टिकटों के विपरीत ये सुगन्धित  डाक टिकट, स्मारक डाक टिकटों की श्रेणी के तहत जारी किये गये हैं। यही कारण है कि इन डाक टिकटों का पुनर्मुद्रण नहीं हो सकता और डाक टिकट संग्राहकों हेतु यह एक अमूल्य और रोचक निधि बन गया है। इन डाक टिकटों के प्रति फिलेटलिस्ट के अलावा युवाओं में भी काफी क्रेज होता है, जो अनूठी चीजों को अपने कलेक्शन का हिस्सा बनाना चाहते हैं। 

गौरतलब है कि, ऊद या अगरवुड की खुशबू तीखी मीठी, सुगन्धित काष्ठ की परत और गहरी नजाकत से सजी होती है। ऊद दुनिया के सबसे कीमती इत्रों में गिना जाता है। वर्तमान में ये वृक्ष भारत सहित बांग्लादेश, भूटान, थाईलैंड, वियतनाम जैसे देशों में खूब पाए जाते हैं।  वहीं, ऑरेंज ब्लॉसम यानी नारंगी फूल की खुशबू काफी मीठी और मनमोहक होती है।  पारम्परिक रूप से इसे सौभाग्य का सूचक मन गया है और विवाह के दिन दुल्हनें इसका बड़े शौक से इस्तेमाल करती हैं। आज भारत, ब्राजील और चीन में नारंगी वृक्षों को बड़े पैमाने पर उगाया जाता है।









डाक विभाग की सुगन्धित पहल : अब डाक टिकटों से आएगी इत्र की सुगंध  

ऊद और नारंगी फूल पर आधारित चार सुगंधित डाक टिकट हुए जारी





Friday, May 5, 2017

अब डाक टिकट में लीजिए कॉफी की खुशबू : चंदन, गुलाब व जूही की सुगंध के बाद भारत में कॉफी की सुगंध वाले डाक टिकट जारी

दुनिया भर में डाक टिकटों का संग्रह करने वालों की कमी नहीं है। डाक टिकट सिर्फ पोस्टेज ही नहीं होते हैं बल्कि समकालीन समाज का प्रतिबिंब भी होते हैं। यही कारण है कि देश-दुनिया में विभिन्न सरकारों द्वारा समय-समय पर विभिन्न विषयों पर डाक टिकट जारी किए जाते हैं। युवाओं को डाक टिकटों के प्रति आकर्षित करने और इसके संग्रह के प्रति अभिरुचि पैदा करने के लिए तमाम अनूठे डाक टिकट भी जारी किए गए हैं। राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएं कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि  भारतीय डाक विभाग ने 23 अप्रैल, 2017 को कॉफी की खुशबू वाले 2 लाख डाक टिकट जारी किए हैं। 100 रुपए मूल्य वाले इस डाक टिकट से काफी की भीनी-भीनी सुगंध आती है। जोधपुर प्रधान डाकघर स्थित पोस्ट शापी से इस डाक टिकट को प्राप्त किया जा सकता है।

निदेशक डाक सेवाएं कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि भारतीय डाक विभाग इससे पहले 13 दिसम्बर 2006 को चंदन की खुशबू वाला एक डाक टिकट (15 रुपए),  7 फरवरी 2007 को गुलाब की खुशबू वाले चार डाक टिकट (5 और 15 रुपए) एवं 26 अप्रैल 2008 को जूही की खुशबू वाले दो डाक टिकट  (5 और 15 रुपए) जारी कर चुका है।कॉफी पर जारी डाक टिकट इस श्रेणी में चौथा सुगन्धित डाक टिकट है, पर पेय पदार्थों की सुगंध वाला यह भारत में पहला डाक टिकट जारी हुआ है। डाक निदेशक  केके यादव ने बताया कि वर्ष 1973 में सुगन्धित डाक टिकट जारी करने वाला पहला देश  भूटान बना था और फिर न्यूजीलैंड, थाईलैंड और स्विट्ज़रलैंड जैसे देशों ने भी सुगन्धित डाक टिकट जारी किए। भारत ने अपना पहला खूशबूदार डाक टिकट वर्ष 2006 में चंदन पर जारी किया।
डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि डाक विभाग द्वारा समय-समय पर जारी नियमित डाक टिकटों के विपरीत ये सुगन्धित  डाक टिकट, स्मारक डाक टिकटों की श्रेणी के तहत जारी किये गये हैं। यही कारण है कि इन डाक टिकटों का पुनर्मुद्रण नहीं हो सकता और डाक टिकट संग्राहकों हेतु यह एक अमूल्य और रोचक निधि बन गया है। इन डाक टिकटों के प्रति फिलेटलिस्ट के अलावा युवाओं में भी काफी क्रेज होता है, जो अनूठी चीजों को अपने कलेक्शन का हिस्सा बनाना चाहते हैं। 

गौरतलब है कि कॉफी विश्व की महत्वपूर्ण पेय उपजों में से एक है। यह दक्षिणी इथोपिया की उच्चभूमि की देशी उपज है और इसका नाम भी उच्चभूमि पर स्थित काफा जिले से लिया गया है, जहाँ यह मूल रूप से पैदा होती थी। भारत में 16 किस्म की कॉफी का उत्पादन होता है। भारत में कॉफी उत्पादन में कर्नाटक राज्य अग्रणी है, उसके बाद तमिलनाडु और केरल हैं। आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पूर्वोत्तर राज्यों में भी कॉफी उगाई जाती है।

Sunday, February 12, 2017

रूप रजत विहार, मारवाड़ वार्षिकोत्सव महोत्सव के अवसर पर डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव ने जारी किया विशेष आवरण

भारतीय डाक विभाग के राजस्थान परिमंडल  ने रूप रजत विहार “कांठा प्रांत का गौरव”, वार्षिकोत्सव महोत्सव के अवसर पर विशेष आवरण व विरूपण जारी किया। राजस्थान पश्चिमी, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने  मारवाड़ जंक्शन, पाली में 11 फरवरी, 2017 को आयोजित  एक कार्यक्रम में लोकमान्य संत शेरे राजस्थान वरिष्ठ प्रवर्तक पूज्य गुरुदेव श्री रुपचन्द जी महाराजा साहेब ‘रजत’ की गौरवमयी उपस्थिति में उक्त विशेष आवरण व विरूपण जारी किया। 


इस अवसर पर अपने संबोधन में राजस्थान पश्चिमी, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि भारत वर्ष में ऋषियों-मुनियों की एक लंबी और समृद्ध परंपरा रही है। प्राचीन काल से ही इन लोगों ने अपने विचारों और कर्मों से समाज को नई राह दिखाई। ऐसे ऋषि-मुनि भले ही किसी जाति, धर्म या क्षेत्र विशेष में जन्म लेते हों, पर वक्त के साथ वे इन सबसे ऊपर उठकर पूरे समाज और राष्ट्र के लिए प्रेरणास्प्द बन जाते हैं। श्री यादव ने कहा कि राजस्थान अपनी शौर्य-गाथाओं के साथ-साथ संत परंपराओं के लिए भी जाना जाता है। इन संतों ने देश के विभिन्न हिस्सों का भ्रमण कर समाज की रुढ़िवादी मान्यताओं से परे एक प्रगतिशील समाज के निर्माण में भी अपना बहुमूल्य योगदान दिया। जीवन के यथार्थ से रूबरू होते हुये आध्यात्मिकता के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों से भी जुड़े और जनकल्याण की तमाम गतिविधियों में अपना योगदान दिया। समय-समय पर भारतीय डाक विभाग ने ऐसी तमाम गतिविधियों, उनसे जुड़े विषयों और व्यक्तितवों पर राष्ट्रीय स्तर पर डाक टिकट व प्रथम दिवस आवरण  तो स्थानीय स्तर पर विशेष आवरण जारी करके उनके अवदान को रेखांकित किया है। 
डाक विभाग द्वारा जारी इस विशेष आवरण पर जहाँ रूप रजत विहार के चित्र को प्रदर्शित किया गया है, वहीं इस पर लोकमान्य संत शेरे राजस्थान वरिष्ठ प्रवर्तक पूज्य गुरुदेव श्री रुपचन्द जी महाराजा साहेब ‘रजत’ के चित्र को भी ससम्मान स्थान दिया गया है। इस अवसर पर निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने  श्री रूप मुनि महाराज जी के चित्रों वाली माई-स्टैम्प की शीट भी हवा महल के साथ जारी की। गौरतलब है कि तमाम सम्मानजनक उपाधियों से अलंकृत एवं बहुभाषी पूज्य श्री रूपमुनि जी न सिर्फ बहुआयामी व्यक्तितव के स्वामी हैं, बल्कि आपका कृतित्व भी उतना ही विशाल है। सिर्फ वचनों से ही नहीं, बल्कि कर्मों के धरातल पर भी आपकी तमाम उपलब्धियाँ हैं। जाति-धर्म के बंधनों से परे समाज में सद्भाव कायम करने, शाकाहार की तरफ लोगों को प्रवृत्त करने, मानव मात्र की सेवा के लिए तमाम चिकित्सालयों के निर्माण तो जीवों की सेवा के लिए गौशाला का निर्माण, शिक्षण संस्थानों के निर्माण एवं तमाम बहुपयोगी भवनों के निर्माण में आपकी सदप्रेरणा रही है। गौरतलब  है कि  श्री रूपमुनि जी के गुरु जैन मुनि पूज्य श्री मिश्रीमल जी पर भारतीय डाक विभाग वर्ष 1991 में एक डाक टिकट जारी कर चुका है।

श्री कृष्ण कुमार यादव ने भारतीय डाक विभाग  पर प्रकाश डालते हुए कहा कि, अपने 162 वर्षों के गौरवशाली सफरनामे में डाक विभाग देश-दुनिया की तमाम महत्वपूर्ण घटनाओं और व्यक्तितवों से रूबरू हुआ है। अपनी सामाजिक प्रतिबद्धता के तहत डाक विभाग प्रति वर्ष राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय विषयों और व्यक्तितवों पर लगभग 50-60 डाक टिकट, प्रथम दिवस आवरण के साथ जारी करता है। ये डाक टिकट वक्त के साथ दस्तावेज में तब्दील हो जाते हैं और आने वाली पीढ़ियों को अपने इतिहास, परंपराओं, संस्कृति और विरासत से जोड़ने का कार्य करते हैं। इसी कड़ी में स्थानीय और क्षेत्रीय महत्व के विषयों पर विभिन्न डाक परिमंडल, व्यक्तियों और संस्थाओं के आग्रह पर विशेष आवरण और विरूपण जारी करते हैं। स्थानीय स्तर पर फिलेटली को प्रोत्साहित करने और तमाम महत्वपूर्ण गतिविधियों को रेखांकित करने में इन विशेष आवरणों की अहम भूमिका है।

कार्यक्रम में श्री अमरेश मुनि जी निराला ने डाक विभाग की  को सराहते हुए कहा कि वाट्सएप और सोशल मीडिया  दौर में भी हाथ से लिखे पत्रों और डाक टिकटों पर छपी तस्वीरों का अलग ही स्थान  है। 
पूज्य गुरुदेव श्री रुपचन्द जी महाराज ने अपने आशीर्वचन में जैन मुनियों पर जारी हुए डाक टिकटों को रेखांकित करते हुए कहा कि इससे उन्हें एक नई प्रतिष्ठा मिलती है। माई स्टैम्प पर अपनी फोटो देखकर उन्होंने डाक विभाग की इस अनूठी पहल की सराहना की। 

इस अवसर पर राजस्थान पश्चिमी, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव को रूप रजत विहार “कांठा प्रांत का गौरव”, वार्षिकोत्सव महोत्सव के अवसर पर सम्मानित भी किया गया। 


इस अवसर पर डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने लोगों से डाक टिकट संग्रह को एक  अभिरुचि के रूप में अपनाने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि आपमें से कई लोग डाक टिकटों के संग्रह का शौक रखते होंगे तो कई लोग डाक टिकट पर अपनी फोटो देखने की ख्वाहिश भी। डाक विभाग संग्रह का शौक करने वालों के लिए जहाँ मात्र 200/- में फिलेटली डिपोजिट एकाउंट की सुविधा उपलब्ध कराता है, वहीं “माई स्टैम्प” के तहत अब आपकी तस्वीर भी डाक टिकटों पर स्थान पा सकती है। एक शीट में कुल 12 डाक-टिकटों के साथ फोटो लगाई जा सकती है, जिसकी लागत मात्र 300/- निर्धारित है। पाँच रुपए के इन डाक-टिकट, जिस पर आपकी तस्वीर होगी, वह देशभर में कहीं भी पत्रों पर लगाकर भेजी जा सकती है। इस पर सिर्फ जीवित व्यक्तियों की ही तस्वीर लगाई जा सकती है। श्री यादव ने बताया  कि अब डाक विभाग खूशबूदार माई-स्टैम्प की सीरीज भी जारी करने जा रहा है। लाल गुलाबों वाली इस माई स्टैम्प के लिए मात्र 500/- निर्धारित किए गए हैं। 




Release of Postal Special Cover and Cancellation on Roop Rajath Vihar "Kantha Pranth ka gaurav", anniversary celebration ceremony at Marwad Junction, Pali (Rajasthan) by Shri Krishna Kumar Yadav, Director Postal Services, Rajasthan Westen Region, Jodhpur in the gracious presence of Poojya Gurudev Lokmanya Santh Shree Roopchand Ji Maharaj on 11th February, 2017.



रूप रजत विहार “कांठा प्रांत का गौरव”, वार्षिकोत्सव महोत्सव के अवसर पर मारवाड़ जंक्शन, पाली में लोकमान्य संत शेरे राजस्थान वरिष्ठ प्रवर्तक पूज्य गुरुदेव श्री रुपचन्द जी महाराजा साहेब ‘रजत’ की गौरवमयी उपस्थिति में विशेष आवरण व विरूपण जारी करते हुए श्री कृष्ण कुमार यादव, निदेशक डाक सेवाएं, राजस्थान पश्चिमी, जोधपुर (11 फरवरी, 2017)

Monday, February 6, 2017

अब खुशबूदार डाक टिकटों पर होगी आपकी फोटो, 500 रूपये में 12 खुशबूदार डाक-टिकटों की शीट

यूँ मेरे खत का जवाब आया, लिफाफे में एक गुलाब आया...... खुशबू भरे खत भेजने और पाने की चाह किसे नहीं होती। डाक विभाग ने चंदन, गुलाब और जूही की खुशबू वाले डाक टिकट पूर्व में जारी कर लोगों की कल्पनाओं को मूर्त रूप भी दिया है। पर अब बारी है, अपनी फोटो वाले डाक टिकट को खुशबुओं से सराबोर करने की। वसंत के रूमानी मौसम में और वेलेंटाइन डे के लिए कुछ सरप्राइज ढूंढ रहे लोगों के लिए यह एक सुनहरा अवसर है। राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि डाक विभाग शीघ्र ही गुलाब की खुशबू वाले माई स्टैम्प लांच करने जा रहा है, जिस पर लोग अपनी फोटो  लगा सकते हैं। जर्मनी से विशेष रूप से आयातित इन डाकटिकटों पर यह सुगंध कम से कम 10 साल तक बनी रहेगी। विभाग ने इसके लिए प्री-बुकिंग भी आरम्भ कर दी है।


डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने खुशबूदार माई स्टैम्प के बारे में बताया  कि मात्र 500 रूपये में 12 खुशबूदार डाक-टिकटों की शीट के साथ आपकी तस्वीर होगी। अब आप इसे चाहें अपने परिवारजनों को दें, मित्रों को या फिर अपने किसी करीबी को। चूँकि वेलेंटाइन-डे नजदीक है और हर कोई इसके लिए नायब गिफ्ट ढूंढता है, ऐसे में गुलाब की खुशबू वाले डाक टिकटों के साथ खूबसूरत तस्वीर एक खूबसूरत गिफ्ट भी हो सकता है। डाक निदेशक श्री यादव ने  कहा कि आज की युवा पीढ़ी के बीच सेल्फी का क्रेज खूब बढ़ रहा है, ऐसे में उनकी सेल्फ़ी  भी माई स्टैम्प के तहत  डाक टिकट पर स्थान पा सकती है। जन्मदिन से लेकर विवाह और जीवन की तमाम खुशियों के पलों को माई स्टैम्प पर लाया जा सकता है। 

 निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि प्री-बुकिंग हेतु प्रधान डाकघर और अन्य चिन्हित डाकघरों  में एक फार्म भरकर उसके साथ अपनी फोटो और 500 रुपये जमा करने होंगे । एक शीट में कुल 12 डाक-टिकटों के साथ फोटो लगाई जा सकती है।  पाँंच रुपए के डाक-टिकट, जिस पर आपकी तस्वीर होगी, वह देशभर में कहीं भी भेजी जा सकती है। इस पर सिर्फ जीवित व्यक्तियों की ही तस्वीर लगाई जा सकती है।

                                                      Craze of my stamp in Children


(Little Blogger Akshitaa  (Pakhi), Youngest  National Child Awardee of India on  First My Stamp with Fragrance of  roses by India Post)

(Cute girl Apurva on  Rose-scented My Stamp  by India Post)






The Department of Posts launched first My Stamp with fragrance (My Stamp sheets with the fragrance of rose). The fragrance of this would last a decade. Krishna Kumar Yadav, Director Postal services, Rajasthan Western Region, Jodhpur told that, those who want to give their photos to be printed as stamp under My Stamp, can do so on the fragrance sheets that cost ₹ 500 per sheet and it will have 12 stamps, whereas the cost of a normal my stamp sheet is ₹ 300 only. Director Krishna Kumar Yadav said, it's a beautiful gift for different occasions like-Birthday celebration, wedding, Marriage anniversary celebration etc. As the red rose is also symbol of love, so you can gift your loveone with fragrance of Red Roses on this Valentine Day. ‘Perfumed My Stamps’ can make Valentine’s Day rosy for many couples.


http://www.newsofrajasthan.com :This February, Send Letters With Rose Fragranced Stamps




 
Stamp with Fragrance : A set of 4 stamps on 'Fragrance of Roses' was released by  by India Post in February, 2007.