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Monday, January 25, 2016

अब ''पोस्ट इन्फो'' एप बताएगा डाक की लोकेशन

यदि आपने कोई महत्वपूर्ण डाक भेजी है और वह सही सलामत गंतव्य तक पहुंची है या नहीं ये जानकारी जानना चाहते हैं तो इसके लिए अब डाक घर  का  चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है, बल्कि एक एेप के जरिए ही आप घर बैठे-बैठे इस बारे में जान सकते हैं। इस सम्बन्ध में जानकारी देते हुए राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएँ कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि डाक विभाग ने ग्राहकों की सुविधा के लिए हाल ही में 'पोस्ट इन्फो एेप' का अपडेट वर्जन लांच किया  है, जो एंड्रॉयड और विंडोज दोनों ऑपरेटिंग सिस्टम पर  काम करेगा। इस ऐप को डाक विभाग के ही सेंटर फॉर एक्सीलेंस इन पोस्टल टेक्नॉलॉजी, मैसूर ने तैयार किया है। पोस्ट इन्फो एप डाककर्मियों के साथ-साथ ग्राहकों, बचत एजेंट, डाक बीमा एजेंटों सभी के लिए सुविधाजनक है।   
निदेशक डाक सेवाएँ कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि पोस्ट इन्फो एप में  6 तरह की जानकारियाँ उपलब्ध कराई जा रही हैं।  इनमें ट्रैकिंग,पोस्ट ऑफिस सर्च, पोस्टेज कैलकुलेटर, इंटरनेशनल स्पीड पोस्ट, बीमा के लिए प्रीमियम कैलकुलेटर और विभिन्न बचत योजनाओं पर ब्याज दर शामिल हैं।श्री यादव ने कहा कि ''ट्रैकिंग'' के तहत ग्राहक पोस्ट आॅफिस में बुक किये गए स्पीड पोस्ट,रजिस्टर्ड पोस्ट, रजिस्टर्ड पार्सल और ई-मनीआॅर्डर के बारे में इस एप के माध्यम से जान सकता है कि इनकी लोकेशन कहाँ है और ये कब वितरित हुए। ''पोस्ट ऑफिस सर्च'' में किसी भी डाकघर का नाम लिखकर उसका पिनकोड या किसी पिनकोड के अधीन कुल डाकघरों के नाम खोजे जा सकते हैं।
इससे पत्र भेजने में सहूलियत होगी। "'पोस्टेज कैलकुलेटर" में किसी आर्टिकल का वजन,  इंश्योरेंस अमाउंट, वीपी अमाउंट फीड करने के बाद उसे भेजने में कितना खर्च आएगा सब आपको बता देगा। इसके तहत -ई-मनीआॅर्डर , इंस्टेंट ई-मनीआॅर्डर और मोबाईल मनी ट्रांसफर की दरों के बारे में भी जाना  जा सकता है। ''इंटरनेशनल स्पीड पोस्ट'' को नए वर्जन में ही शामिल किया गया है। इसमें देश का नाम और आर्टिकल का वजन फीड करने पर यह एप उस पर आने वाले खर्च को तुरंत बता देगा। ''प्रीमियम कैलकुलेटर'' बीमित राशि और बीमाधारक की उम्र फीड करने पर डाक जीवन बीमा और ग्रामीण डाक जीवन बीमा के तहत जमा किये जाने वाले प्रीमियम को तुरंत कैलकुलेट करके बता देगा। इसके अलावा डाक विभाग की बचत खाता, आवर्ती जमा खाता, टाइम डिपाजिट, मासिक आय योजना, सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम, पब्लिक प्रॉविडेंट फंड, राष्ट्रीय बचत पत्र, किसान विकास पत्र और सुकन्या समृद्धि योजना पर मिलने वाले ब्याज को भी गणना कर पता किया जा सकता है।


निदेशक डाक सेवाएँ कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि आई. टी. माडर्नाइजेशन  के तहत डाक विभाग में कोर बैंकिंग, कोर इंश्योरेंस और रूरल आई. सी. टी. जैसी तमाम योजनाएं आरम्भ की जा रही हैं।  ऐसे में  इस डिजिटल दौर में अब छोटी-छोटी जानकारियों के लिए लोगों को पोस्ट ऑफिसेज का चक्कर लगाने की जरूरत नहीं, बल्कि ''पोस्ट इन्फो एप'' के माध्यम से लोग घर बैठे डाक सेवाओं के बारे में जान सकेंगें। डाकघरों के पिनकोड ढूंढने के साथ-साथ आर्टिकल को ट्रैक करने, डाक भेजने पर आने वाले खर्च, बीमा की प्रीमियम राशि, बचत योजनाओं में ब्याज दर जैसी जानकारियाँ अब खुद उनके मोबाईल में इस एप के माध्यम से उपलब्ध होंगी।

साभार :

Tuesday, May 12, 2015

अब एटीएम मशीन से कर सकेंगे स्पीड पोस्ट

एटीएम मशान से पैसे तो सभी निकालते हैं. अब एटीएम मशीन की मदद से आप अपने पार्सल और लेटर भी भेज पाएंगे. जी हां, भारतीय डाक  का आंध्र प्रदेश सर्किल जल्द  ही यह सेवा शुरू करने पर विचार कर रहा है. इसके लिए डाक विभाग स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के साथ करार करेगा. अभी हाल ही में डाक विभाग ने  पोस्ट ऑफिस  सेविंग बैंक सेवा एटीएम के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से करार किया है. इसके लिए एसबीआई ने आंध्र प्रदेश में 95 एटीएम उपलब्ध कराए हैं. इस बात की जानकारी आध्र प्रदेश सर्किल के चीफ पोस्ट मास्टर जनरल बी वी सुधाकर ने दी. 

इस नई योजना के तहत आपको स्पीड पोस्ट करने के लिए लिए डाक घर जाने के बजाए अपने नजदीकी एटीएम तक जाना होगा. एटीएम से स्पीड पोस्ट भेजने की प्रक्रिया में महज दो मिनट का समय लगेगा. व्यक्ति को एटीएम पर पहुंचकर उसमें स्पीड बुकिंग का विकल्प चुनना होगा। इसके बाद एटीएम मशीन से ही लगी एक मशीन से लेटर या पार्सल का भार मापा जाएगा।इसके तुंरत बाद एटीएम स्क्रीन पर जरूरी फीस दिखाई देगी, जिसका भुगतान क्रेडिट या डेबिट कार्ड से करना होगा। भुगतान के बाद बारकोड वाली दो रसीद मिल जाएंगी। इन दोनों रसीदों में से एक को पार्सल के साथ लगाना होता है और दूसरा रिकॉर्ड के लिए अपने पास रखना होगा। प्रक्रिया पूरी होने पर पार्सल को वहां इसके लिए बने बॉक्स में डालना होगा।  इसके बाद डाकिया वहां आएगा और भारतीय स्टेट बैंक के एटीएम से लेटर या पार्सल ले जाएगा और निर्धारित पते पर पहुंचा देगा। 

Monday, May 11, 2015

भारतीय डाक ऎप और ई-कॉमर्स केन्द्र शुरू

नई दिल्ली। संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने लोगों को स्मार्टफोन पर डाक विभाग की सेवाओं से जुड़ी जानकारियां उपलब्ध कराने के उद्देश्य से भारतीय डाक मोबाइल ऎप और ऑनलाइन कारोबार या खुदरा कारोबारियों के ग्राहकों तक त्वरित डिलिवरी के लिए देश के पहले ई-कॉमर्स केन्द्र का शुभारंभ किया। प्रसाद ने कहा कि देश में ई-कॉमर्स कारोबार तेजी से बढ़ रहा है और इस क्षेत्र में विश्वसनीयता के साथ समय पर आपूर्ति करने वालों की जरूरत है।

भारतीय डाक का 1.54 लाख केन्द्रों का विशाल नेटवर्क है और इसमें से 1.34 लाख डाकघर ग्रामीण क्षेत्रों में है जहां किसी की पहुंच नहीं है। उन्होंने कहा कि डाक विभाग ने ई-कॉमर्स आपूर्ति शुरू करने के साथ ही कैश ऑन डिलिवरी भी शुरू कर किया है, क्योंकि लोगों को माल मिलने पर भुगतान करने की आदत है। भारतीय डाक का कैश ऑन डिलिवरी अभी 500 करोड़ रूपए का है और आने वाले दिनों में इसमें भारी बढ़ोतरी की उम्मीद है। प्रसाद ने भारतीय डाक के कर्मचारियों से लोगों के बीच डाकघरों की विश्वसनीयता बढ़ाने, प्रौद्योगिकी का उपयोग बढ़ाने के साथ समय के हिसाब से बदलाव में भागीदार बनने का आ±वान किया और कहा कि इस प्रक्रिया में एक भी कर्मचारी की नौकरी नहीं जाएगी।

उन्होंने कहा कि समय के साथ बदलाव जरूरी है और ऎसा नहीं होने पर समय के साथ चलना संभव नहीं हो पाता है। प्रसाद ने कहा कि ई-कॉमर्स डिलिवरी में भारतीय डाक की सबसे बड़ी हिस्सेदारी होनी चाहिए और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित सभी डाकघरों के बाहर एक महीने के भीतर आकर्षक एवं बड़ा बोर्ड लग जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अब हर कोई मोबाइल फोन पर सभी तरह की जानकारी चाहता है और इसके मद्देनजर सेंटर फॉर एक्सलेंस इन पोस्टल टेक्नोलॉजी, मैसूर ने मोबाइल ऎप बनाया है जिसे एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम वाले स्मार्टफोन पर डाउनलोड किया जा सकता है। इसमें भारतीय डाक में बुक कराई गई वस्तुओं की ट्रैकिंग, डाकघरों के बारे में जानकारी, डाक टिकट का आंकलन, डाक जीवन बीमा के प्रीमियम की गणना के साथ ही डाक विभाग द्वारा संचालित लघु बचत योजनाओं पर ब्याज दरों की गणना करने की सुविधा उपलब्ध है।

इस मौके पर डाक विभाग की सचिव कावेरी बनर्जी ने कहा कि संफदरजंग एयरपोर्ट स्थित इस ई-कॉमर्स केन्द्र की क्षमता प्रतिदिन 30 हजार पैकेटों के हैंडलिंग की है और विमान एवं ट्रेन के माध्यम से 24 घंटे में पैकटों को गन्तव्य तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि डाक विभाग अमेजन, पेटीएम, येपमी, स्नैपडील, फ्लिपकार्ट जैसे ऑनलाइन कारोबार करने वाली कंपनियों के पैकटों की आपूर्ति की जा रही है और उनकी शिकायतों के निवारण की ऑनलाइन व्यवस्था की गई है। इसके तहत बुक पैकटों को बीमा कवर भी दिया जाता है और ग्राहकों के पास से पैकटों को यहां लाने की भी व्यवस्था की गई है।

Tuesday, February 10, 2015

डाक विभाग का पहला एटीएम वाराणसी में

वाराणसी : भारतीय डाक विभाग ने पोस्टल बैंक की तरफ कदम बढ़ा दिए हैं। देश के सभी डाकघर जल्द ही बैंक की तरह काम करेंगे। इसी क्रम में केंद्रीय संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशकर प्रसाद ने रविवार, 8 फरवरी 2015  को उत्तर प्रदेश में डाक विभाग के पहले एटीएम का शुभारंभ वाराणसी कैंट प्रधान डाकघर में किया।

मुख्य अतिथि रविशंकर प्रसाद ने कहा कि देश में लगभग डेढ लाख डाकघर मौजूद होने के बावजूद इस संस्था का भरपूर उपयोग नहीं हुआ।  उन्होंने कहा डाक विभाग में सूचना प्रौद्योगिकी आधुनिकीकरण परियोजना के तहत नई प्रौद्योगिकी का समावेश किया जा रहा है, जिसमें भविष्य में सभी ग्रामीण क्षेत्रों के सभी शाखा डाकघरों में भी ऑनलाइन सेवा शुरू हो जाएगी।  
प्रसाद ने कहा कि एटीएम का बटन दबाने से आज डाक विभाग बैंकों के साथ प्रतिस्पर्धा में खड़ा हो
गया है।  डाक विभाग पोस्टल बैंक की तरफ मजबूती से बढ़ रहा है। डेढ़ लाख डाक घरों में पोस्टल बैंक होगा जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में पकड़ और मजबूत होगी। बोले, डाक विभाग में सूचना प्रौद्योगिकी आधुनिकीकरण परियोजना (आईटी माडर्नाइजेशन) के तहत नई प्रौद्योगिकी का समावेश किया जा रहा है। भारतीय डाक विभाग का नेटवर्क विश्व में सबसे बड़ा नेटवर्क है और मुझे लगता है कि संचार क्रांति के बाद डाकघरों की यह नेटवर्किंग दूसरी बड़ी क्रांति होगी। उन्होंने आश्वासन भी दिया कि आधुनिक प्रौद्योगिकी के कारण किसी डाककर्मी की नौकरी नहीं जाएगी। डाक कर्मी पारपंरिक कार्य करने के साथ  ही नए कार्य करनें की आदत डालें।

ई-कॉमर्स कारोबार 70 हजार करोड़

आज देश में ई- कॉमर्स का कारोबार 70 हजार करोड़ का है जिसमें डाक विभाग ने भी अपनी भागीदारी बढ़ा दी है। कैश ऑन डिलीवरी की सुविधा भी दे रहा है। रविशंकर प्रसाद ने बताया कि मंत्रालय संचार के क्षेत्र में ऐतिहासिक काम कर रहा है जिसके तहत देशभर के ग्राम पंचायतों को ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क से जोड़ा जाएगा जहा एक कॉमन सर्विस सेंटर के तहत कई काम किए जा सकेंगे। वही ई-कैश ट्रासफर की सुविधा भी मिल सकेगी जिससे दूर दराज का कोई भी व्यक्ति अपने परिजन को पैसा भेज सकता है।

डाक विभाग की उत्तर प्रदेश की प्रमुख पोस्टमास्टर जनरल डा.सरिता सिंह ने कहा कि जल्द ही उत्तर प्रदेश में 88 एटीएम स्थापित किए जाएंगे। बोलीं, बचत बैंक और बचत पत्रों से प्राप्त राजस्व के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश भारत का सर्वाधिक राजस्व अर्जित करने वाला परिमंडल है। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि विधायक श्यामदेव राय चौधरी, रवींद्र जायसवाल, संचार सचिव राकेश गर्ग, मण्डलायुक्त आर. एम. श्रीवास्तव,  पोस्टमास्टर जनरल कर्नल एफ़ एस रिजवी आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन इलाहाबाद परिक्षेत्र के  निदेशक डाक सेवाएं कृष्ण कुमार यादव ने किया।

इलाहाबाद परिक्षेत्र के  निदेशक डाक सेवाएं कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि डाक विभाग ने आईटी मार्डनाइजेशन प्रोजेक्ट के तहत डाकघरों को कोर बैंकिंग से जोड़ने की पहल की है। कोर बैंकिंग से जुड़ने के बाद ऐनीव्हेयर एनीटाइम बैंकिंग के तहत क्रमबद्ध रूप से धीरे-धीरे डाक घर के ग्राहकों को आनलाइन बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, नेट बैंकिंग और एटीएम आदि का लाभ देने की तैयारी है। उन्होंने बताया कि कैंट स्थित प्रधान डाकघर में प्रदेश का पहला डाक एटीएम लगा है। अब तक प्रदेश के 262 डाकघर कोर बैंकिंग सिस्टम से जुड़े चुके हैं। जिनमें वाराणसी डाक मंडल के आठ डाकघर शामिल हैं। इनमें कैंट प्रधान डाकघर के अलावा विशेश्वरगंज प्रधान डाकघर, काशी विद्यापीठ, बीएचयू हास्पिटल, डीरेका, बड़ागांव, भदोही और औराई डाकघर शामिल हैं। 





















Wednesday, September 17, 2014

डाकघरों को नया अवतार देगी सरकार

देश में ई-क्रांति लाने को डिजिटल इंडिया मिशन लांच करने के बाद सरकार डाकघरों को नया अवतार देने की तैयारी कर रही है। संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने एक उच्च स्तरीय समिति बनाई है, जो मौजूदा दौर की जरूरतों के अनुसार डाकघरों को आधुनिक बनाने का सुझाव देगी। प्रसाद ने बताया कि इस उच्च स्तरीय समिति के अध्यक्ष पूर्व कैबिनेट सचिव टीएसआर सुब्रमण्यम होंगे तथा यह अगले छह महीनों में अपनी रिपोर्ट दे देगी। इस समिति में आईआईएम, अहमदाबाद के पूर्व निदेशक बकुल ढोलकिया सहित प्रबंधन जगत के कई अन्य विशेषज्ञ शामिल होंगे।
प्रसाद ने कहा कि मौजूदा वक्त में आम लोगों की आवश्यकताएं, प्राथमिकताएं और अपेक्षाएं तेजी से बदल रही हैं। इन्हीं अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए लंबे समय से डाकघरों की कार्यप्रणाली में बदलाव की आवश्यकता महसूस की जा रही है। उच्च स्तरीय समिति डाकघरों को आधुनिक बनाने के उपाय सुझाएगी। उल्लेखनीय है कि देश में लगभग डेढ़ लाख डाकघर हैं। सरकार की कोशिश है कि डाकघर बैंकिंग से लेकर डाक पहुंचाने तक की सुविधाएं लोगों को मुहैया कराएं। प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत डाकसेवकों को ही बैंकिंग करेस्पोंडेंट बनाने का प्रस्ताव है।

Monday, February 17, 2014

अब आरटीआई के शुल्‍क का भुगतान इलेक्‍ट्रॉनिक इंडियन पोस्‍टल ऑर्डर (ई-आईपीओ) द्वारा

भारतीय डाक विभाग  ने देश में रहने वाले भारतीय नागरिकों के लिए इलेक्‍ट्रॉनिक इंडियन पोस्‍टल ऑर्डर (ई-आईपीओ) की शुरूआत की है। इससे पहले पिछले साल 22 मार्च 2013 को डाक विभाग ने दुनियाभर में रहने वाले भारतीय नागरिकों के लिए ई-आईपीओ की सेवा शुरू की थी, जिससे विदेशों में रहने वाले भारतीय नागरिकों को आरटीआई अधिनियम 2005 के तहत कोई भी सूचना पाने के लिए ऑनलाइन भुगतान की सुविधा मिल सके। 

ई-आईपीओ एक ऐसी सुविधा है, जिसका इस्‍तेमाल आरटीआई के शुल्‍क का इलेक्‍ट्रॉनिक इंडियन पोस्‍टल ऑर्डर खरीदकर ऑनलाइन भुगतान करने के लिए किया जाता है। यह सुविधा ई-पोस्‍ट ऑफिस पोर्टल-www.epostoffice.gov.in अथवा इंडिया पोस्‍ट वेबसाइट- www.indiapost.gov.in से हासिल की जा सकती है। शुल्‍क का ऑनलाइन भुगतान करने के बाद भुगतान की रसीद की कॉपी आरटीआई आवेदन पत्र के साथ लगानी होती है। इस सेवा की शुरूआत करते हुए इंडिया पोस्‍ट की सचिव श्रीमती पी गोपीनाथ ने बताया कि सेवा को शुरू करने में डाक विभाग के अलावा एनआईसी और कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के संयुक्‍त प्रयास शामिल हैं। इस मौके पर उन्‍होंने भारत में रहने वाले एक भारतीय नागरिक के लिए पहला ई-आईपीओ जारी कर इसे एक आरटीआई कार्यकर्ता को सौंप दिया।

इस सेवा के तहत आवेदनकर्ता को इंडिया पोस्‍ट-www.epostoffice.gov.in के ई-पोस्‍ट ऑफिस अथवा इंडिया पोस्‍ट-www.indiapost.gov.in पर जाकर अपना नाम रजिस्‍टर कर पहली बार एक प्रोफाइल बनाना होगा। इस उद्देश्‍य के लिए किसी भी बैंक के डेबिड और क्रेडिट दोनों ही कार्डों का इस्‍तेमाल किया जा सकेगा।

श्रीमती पी गोपीनाथ ने दो अन्‍य सेवाओं की शुरूआत भी की है। एक है-स्‍थानीय आधारित पिन कोड सर्च डॉयरेक्‍टरी और दूसरा-ई-पोस्‍ट सर्विस के लिए मूल्‍य संवर्द्धन। स्‍थानीय आधारित पिन कोड सर्च डॉयरेक्‍टरी का इस्‍तेमाल स्‍थानीय लोग स्‍थानीय कोड और स्‍थानीय आवश्‍यकताओं के लिए कर सकेंगे। अपने पत्रों आदि सामग्री पर लोकल लेवल के पिन कोड के सही इस्‍तेमाल से पत्र भेजने की प्रक्रिया में काफी तेजी आएगी। इस सुविधा का इस्‍तेमाल इंडिया पोस्‍ट वेबसाइट के जरिए हो सकेगा। 

इस समय ई-पोस्‍ट अपने ग्राहकों को देशभर के 1,55,000 डाकघरों के एक बड़े नेटवर्क के जरिए देशभर में कहीं भी अपना संदेश भेजने की सुविधा प्रदान करता है। ये संदेश इलेक्‍ट्रॉनिक ट्रांसमिशन के जरिए भी भेजे जा सकते हैं और हार्ड कॉपी के जरिए भी। इसके अलावा कॉर्पोरेट वर्ग के ग्राहक विशेष दरों पर ई-पोस्‍ट और अन्‍य सुविधाएं भी ले सकते हैं। ई-पोस्‍ट सर्विस में जो नई सुविधाएं जोड़ी गई हैं वे हैं-अनेक से एक-इस सुविधा के तहत एक ही ई-पोस्‍ट संदेश को कई संदेश भेजने वालों की तरफ से किसी एक संदेशा पाने वाले के ई-मेल बॉक्‍स में भेजा जा सकेगा। एक से अनेक-इस सुविधा के जरिए एक ही ई-पोस्‍ट संदेश को एक भेजने वाले व्‍यक्ति से संदेश पाने वाले कई व्‍यक्तियों के ई-मेल में भेजा जा सकेगा। 

Saturday, December 15, 2012

भारतीय डाक विभाग की ऑनलाइन सेवाएँ

जमाना अब काफी हाईटेक हो गया है। हर क्षेत्र में ऑनलाइन सेवाओं की बढ़ोतरी हो रही है। समय एवं धन की बचत के लिए ऑनलाइन सेवाओं पर काफी जोर दिया जा रहा है। इस मामले में भारतीय डाक विभाग भी पीछे नहीं है। ग्राहकों की सहूलियत एवं सेवाओं में पारदर्शिता के मद्देनजर डाक विभाग अपनी अधिकतर सेवाएं ऑनलाइन तरीके से भी उपलब्ध कराने की कोशिश कर रहा है। गौरतलब है कि दुनिया में सबसे ज्यादा डाकघर भारत में हैं एवं भारतीय डाक विभाग काफी सफलतापूर्वक इसका संचालन भी कर रहा है। आज भी भारत में आधारभूत ढ़ांचों का पूर्ण विकास नहीं हो पाया है एवं देश के दूर-दराज के इलाकों में डाकघर ही लेन-देन जैसे महत्वपूर्ण कार्य को भी अंजाम देता है। इस लेख के जरिए हम डाकघर विभाग द्वारा प्रदान किए जा रहे कुछ महत्वपूर्ण ऑनलाइन सेवाओं की चर्चा कर रहे हैं।
ऑनलाइन मनी ऑर्डर
आम तौर पर मनी ऑर्डर भेजने के लिए आपको डाक घर में जाकर फार्म भरना होता है लेकिन क्या आप जानते हैं कि घर बैठे-बैठे भी आप मनी ऑर्डर भेज सकते हैं। ग्राहक अब ऑनलाइन तरीके से भी मनी ऑर्डर भेज सकते हैं। आईसीआईसीआई बैंक का स्मार्ट मनी ऑर्डर एक विशेष सेवा है जो ग्राहकों को भारत में कही भी यह सेवा उपलब्ध कराता है। इसके लिए आपको आईसीआईसीआई बैंक का अपना ऑनलाइन एकाउंट नंबर लॉगइन करने की आवश्यता होगी। ग्राहक को रकम एवं प्राप्तकर्ता का पता भी दर्ज कराना होगा। यह रकम भारतीय डाक विभाग द्वारा संबंधित पते पर (जिस पते पर ग्राहक भेजना चाहता है) पहुंचा दिया जाएगा। स्मार्ट मनी ऑर्डर में किसी तरह की कोई रूकावट नहीं है एवं इसे आप अपने गांव, शहर या अपने घर, कहीं से भी (जहां इंटरनेट की सुविधा हो) भेज सकते हैं।

एनआरआई भी उठा सकते हैं लाभ- इस सुविधा का लाभ एनआरआई भी उठा सकते हैं। पर उन्हें इसके लिए इंडिया का स्थानीय पता दर्ज कराना होगा। यह सेवा वर्ष भर चौबीसों घंटे उपलब्ध है। इंडिया पोस्ट इस सेवा के बदले मनी ऑर्डर की राशि का 5 फीसदी कमीशन के रूप में लेता है जबकि आईसीआईसीआई बैंक इस सेवा के बदले 25 रुपये प्रोसेसिंग फीस प्रति मनी ऑर्डर एवं सर्विस टैक्स के रूप में लेता है।

डिलिवरी टाइम-डिलिवरी प्राप्त होने में लगने वाला समय दरअसल डाक विभाग के पोस्टल सर्विस विभाग द्वारा तय होता (आमतौर पर 15 कार्यदिवस) है।

क्या होगा यदि मनी ऑर्डर प्राप्त न हो- मनी ऑर्डर जिस पते पर भेजा गया है एवं जिस व्यक्ति के लिए भेजा गया है यदि वह संबंधित पत पर न मिले तो उस सूरत में पोस्ट मास्टर प्राप्तकर्ता के पते पर मनी ऑर्डर आने का एक नोटिस देता है एवं उसे सात कार्यदिवस में पोस्ट ऑफिस से प्राप्त करना होता है। यदि तय कार्य दिवस में मनी ऑर्डर पोस्ट ऑफिस से प्राप्त नहीं किया तो विभाग इसे भेजने वाले को रिफंड कर देता है।

इंस्टेंट मनी ऑर्डर (आईएमओ)
इंस्टेंट मनी ऑर्डर भारतीय डाक विभाग द्वारा प्रदान किया जाने वाली एक महत्वपूर्ण सेवा है। इंस्टेंट ऑनलाइन मनी ट्रांसफर एक तेज, सुरक्षित एवं विश्वसनीय सर्विस है। आईएमओ, पोस्ट ऑफिस द्वारा शुरू किया गया एक वेब आधारित मनी ट्रांसफर सेवा है। आईएमओ की सुविधा युक्त पोस्ट ऑफिस के जरिए आप 1,000 रुपये से लेकर 50,000 रुपये तक की रकम ट्रांसफर कर सकते हैं। इस सेवा ने डाक विभाग की कार्य पद्धति में काफी परिवर्तन ला दिया है। इसने मनी ऑर्डर सेवा में आमूल-चूल बदलाव किए हैं।

इस सेवा के लिए एक फार्म भरना होता है। उसके बाद इसे आईएमओ पोस्ट ऑफिस के काउंटर पर जमा कराना होता है एवं काउंटर क्लर्क तुरंत आईएमओ बुक करता है एवं इसका एक प्रिंटेड रसीद ग्राहक को देता है जिसमें एक कम्प्यूटर जनित 16 अंको का गुप्त नंबर दर्ज होता है। इस अंक के बारे में क्लर्क को भी पता नहीं होता। मनी ट्रांसफर करने वाले व्यक्ति के लिए यह जरूरी है कि सुरक्षा मानकों एवं विश्वसनीयता के मद्देनजर इस नंबर को एसएमएस, ई-मेल या फोन के जरिए प्राप्तकर्ता (जिसे पैसे भेजे गए हैं) को बता दे ताकि उसकी सही पहचान की जा सके। क्योंकि इसी नंबर को उसे (प्राप्तकर्ता) पोस्ट ऑफिस में दिखाना पड़ता है।
 
ई-पोस्ट कॉरपोरेट सर्विस
भारतीय डाक विभाग ने ई-पोस्ट कॉरपोरेट सर्विस लांच किया है इसके जरिए कंपनियां पूरे देश में कही भी इंटरनेट के जरिए बिजनेस ईमेल भेज सकती है। इस सेवा का लाभ उठाने के लिए संबंधित कंपनियों को डाक विभाग के साथ एक बिजनेस एकाउंट खुलवाना होता ( इस पर कोई चार्ज नहीं लगता) है एवं इसके बाद कंपनी डाक विभाग को ईमेल भेजेगी। विभाग इस ईमेल का प्रिंट लेकर संबंधित पते पर पहुंचा देगा। डाक विभाग प्रिटिंग, पैकेजिंग, पोस्ट प्रिंटिंग एवं डिलीवरी सभी काम करता है। कंपनी ने इसके लिए दिल्ली एवं कोलकाता में दो प्रिंटिंग सेट अप भी स्थापित किए हैं। कंपनियों को बिजनेस ईमेल से संबंधित सारे डाटा उपलब्ध कराने होंते हैं। इसके बाद डाक विभाग प्रोग्रामिंग एवं लेआउट, प्रिंट, पैकेज एवं डिलीवरी से संबंधित सारे कार्य करता है एवं प्रति पेज के हिसाब से 6 रुपये चार्ज करता है। इस ईमेल सुविधा में क्रेडिट कार्ड स्टेटमेंट, मोबाइल फोन बिल एवं बाजार संबंधित अन्य सूचनाएं भी शामिल हो सकती हैं।

इंटरनेट न होने पर भी ई-पोस्ट सेवा- यदि आप ई-पोस्ट प्रीपेड कार्ड का इस्तेमाल कर रहे हैं तो चाहे दोनों पक्ष इंटरनेट के जरिए न भी जुड़ें हो तब भी आप ऑनलाइन तरीके से पत्र भेज सकते हैं। गौरतलब है कि इंडिया पोस्ट ई-पोस्ट सेवा के जरिए ग्राहकों को ऑनलाइन तरीके से भी लेटर भेजने की सेवा उपलब्ध करा रहा है। यह मैसेज पेन ड्राइव में भी दिया जा सकता है। डाक विभाग की ईपोस्ट सेवा देश के बाहर भी अपनी सेवाएं देता है। लेकिन देश के बाहर इस सेवा को डाक विभाग द्वारा सिर्फ इलैक्ट्रॉनिक फॉर्मेट में भेजा जाता है। इसकी हार्ड कॉपी नहीं भेजी जाती है।

ऑनलाइन भरें आवेदन फॉर्म
डाक विभाग अपने ग्राहकों को ऑनलाइन आवेदन फॉर्म जमा करने की इजाजत देता है। इस सेवा के जरिए अब अभ्यर्थी पोस्ट ऑफिस के जरिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए संबंधित ग्राहक को प्रति आवेदन के हिसाब से 20 रुपये चुकाना होगा। हालांकि आवेदन की हार्ड कॉपी आवेदक को बाद में रजिस्टर्ड डाक से भी भेजना पड़ता है।

ऑनलाइन जांचें स्पीड पोस्ट

भारतीय डाक विभाग ने स्पीड पोस्ट एवं एक्सप्रेस पार्सल के ऑनलाइन ट्रैकिंग की भी सुविधा दी है। इस सेवा के जरिए ग्राहक यह ट्रैक कर सकते हैं कि उनका पार्सल कहां तक पहुंचा है। इतना ही नहीं आप पार्सल एवं एक्सप्रेस पार्सल कंसाइनमेंट की डेलिवरी रिकार्ड को भी ट्रैक कर सकते हैं।


कौन-कौन सी सुविधाएं होंगी ट्रैक-स्पीड पोस्ट (डॉमेस्टिक ईएमएस), इंटरनेशनल ईएमएस, इलैक्ट्रॉनिक मनी ऑर्डर (ईएमओ), रजिस्टर्ड ईमेल, एक्सप्रेस पार्सल, इलैक्ट्रॉनिक वैल्यू पेबल पार्सल (ईवीपीपी) जैसी सुविधाओं को आप ऑनलाइन ट्रैक कर सकते हैं।

कैसे करें ट्रैक- ट्रैकिंग नंबर बॉक्स में पोस्टल आर्टिकल नंबर डालें। उसके बाद गो बटन पर क्लिक करें। ध्यान रहे ट्रैकिंग नंबर फॉर्मेट हमेशा 13 अंकों का होता है। कोई जल्दबाजी न करें एवं इन नंबर को सावधानीपूर्वक बॉक्स में डालें।

इस पर रखें ध्यान- यदि पार्सल को ट्रैक करना चाहते हैं एवं आपने इससे संबंधित प्रक्रिया भी अपनाई है पर इससे संबंधित कोई सूचना नहीं मिल रही तो घबराएं नहीं। यह न समझें कि आपका पार्सल भेजा ही नहीं गया है। यह संभव है कि स्कैनिंग में देरी हो रही हो, इसलिए ट्रैकिंग संबंधित सूचना नहीं प्राप्त हो रही हो। ऐसा नहीं है कि पार्सल भेजते ही आपको ट्रैकिंग संबंधित सूचना मिल जाए। इसमें थोडा़ समय लगता है।
 
एनएससी रिटर्न की ऑनलाइन गणना

डाक विभाग ने अपने ग्राहकों को एनएससी स्कीमों में मिलने वाली रिटर्न की गणना के लिए ऑनलाइन कैलकुलेटर की व्यवस्था की है। विभाग ने ऐसा संबंधित स्कीम में पारदर्शिता बरतने के मद्देनजर किया है।


 एसएमएस स्टेटस सेवा

ग्राहकों को बेहतर सेवा उपलब्ध कराने के लिए डाकविभाग ने स्पीड पोस्ट एवं ईएमओ (इलैक्ट्रॉनिक मनी ऑडर्र) के लिए एसएमएस ट्रैकिंग सुविधा लांच की है। इस सुविधा को अन्य डाक सेवाओं पर भी उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।

इंटरनेट बैंकिंग सुविधा

भारतीय डाक विभाग ग्राहकों के लिए जल्द ही इंटरनेट बैंकिंग सुविधा शुरू करने वाला है। इसके अलावा डाक विभाग एटीएम भी स्थापित करेगा। विभाग अपने ग्राहकों को डेबिट कार्ड भी जारी करने की योजना पर काम कर रहा है। इससे आसान ऑनलाइन ट्रांजैक्शन में मदद मिलेगी। इंडिया पोस्ट बैंकों से इस संबंध में समझौता करने की कोशिश कर रहा है ताकि उसके डेबिट कार्ड ग्राहकों को कोई परेशानी न हो। डाक विभाग जल्द ही दूर-दराज के इलाकों में अपनी पहुंच का फायदा उठाने के लिए स्वयं का बैंकिंग सेट-अप लगानेे के लिए भी जोर आजमाइश कर रहा है।

ऑनलाइन आरटीआई

डाक विभाग ने ऑनलाइन आरटीआई दायर करने की सुविधा भी दी है। आप चाहें तो घर बैठे-बैठे आरटीआई दायर कर सकते हैं। भारतीय नागरिक के अलावा देश के बाहर यात्रा पर गए लोग या एनआरआई भी दुनिया में कहीं से भी डाक विभाग के माध्यम से आरटीआई दायर कर सकते हैं।

डाक विभाग ने एक पोर्टल लांच किया जिसके जरिए देश के बाहर से भी ऑनलाइन आरटीआई दायर कर सकते हैं। पहले देश के बाहर रह रहे भारतीयों को आरटीआई दाखिल करने में काफी परेशानी होती थी क्योंकि इसके लिए आवश्यक फीस विदेशी करेंसी में कैसे जमा किया जाए इसका कोई स्पष्ट नियम नहीं था। इसलिए पहले ऐसे आवदेकों को भारत में रह रहे सगे -संबंधियों पर निर्भर रहना पड़ता था।

Courtesy : Money Mantra

Friday, March 18, 2011

अब भारत में भी ई-डाकघर अपनाएं


भारतीय डाक विभाग भी अब बदलते वक़्त के साथ रफ़्तार लगाने को तैयार है. केंद्रीय संचार और सूचना प्रौद्योगि‍की मंत्री कपि‍ल सि‍ब्‍बल ने पिछले दिनों भारतीय डाक के ई-कॉमर्स पोर्टल ई-डाकघर का शुभारंभ कि‍या। इस पोर्टल से उपभोक्‍ता कहीं भी कि‍सी भी समय डेबि‍ट कार्ड और क्रेडि‍ट कार्ड का इस्‍तेमाल करके डाक संबंधी कोई भी कार्य कर सकेंगे। इस अवसर पर श्री सि‍ब्‍बल ने कहा कि‍ बदलती दुनि‍या में रहन-सहन का तरीका भी बदल रहा है, ई-पोस्‍ट की शुरूआत इस दि‍शा में एक कदम है, जि‍ससे उपभोक्‍ताओं को वि‍भि‍न्‍न सेवाएं मि‍ल सकेंगी। इस पहल का स्‍वागत करते हुए संचार राज्‍य मंत्री सचि‍न पायलट ने कहा कि‍ ई-दवाएं, ई-वाणि‍ज्‍य, ई-शि‍क्षा के बाद ई-डाक एक वाजि‍ब कदम है। श्री पायलट ने इस बात पर भी जोर दिया कि यह पोर्टल क्षेत्रीय भाषा में भी उपलब्‍ध कराया जाना चाहि‍ए, ताकि‍ आम आदमी भी इससे लाभान्वित हो सके.

गौरतलब है कि प्रोजेक्ट एरो की सफलता के बाद भारतीय डाक विभाग की एक महत्‍वाकांक्षी परि‍योजना के रूप में शुरू कि‍या गया ई-डाकघर, पहले चरण में सात सेवाएं देगा। इनमें इलेक्‍ट्रॉनि‍क मनीआर्डर (ईएमओ), तत्‍काल मनीऑर्डर (आईएमओ), डाक टि‍कटों की बि‍क्री, डाक सूचना, जहाज से भेजे गए एक्‍सप्रेस और अंतरराष्‍ट्रीय सामान पर नजर, पि‍न कोड तलाश करना और जानकारी एवं शि‍कायतों की रजि‍स्‍ट्री शामि‍ल हैं। इस सेवा के शुरू होने के साथ ही डाक वि‍भाग ने डाक सेवा की देश के नागरि‍कों तक पहुंच बढ़ाने का अपना वादा पूरा करने की दि‍शा में एक महत्‍वपूर्ण कदम उठाया है।