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Saturday, March 4, 2017

अब डाकघर बिजली बचाने में भी देंगे योगदान : डाकघर में मिलेंगे एलईडी बल्ब, ट्यूबलाईट व पंखे

अब डाकघर बिजली बचाने में भी योगदान देंगे। चिट्ठी और मनीऑर्डर के साथ-साथ अब डाकिया घरों तक पंखे, एलईडी बल्ब और ट्यूबलाइट भी पहुंचाएगा। डाक विभाग इसे भारत सरकार की “उजाला”  योजना के तहत क्रियान्वित करेगा, जिसका शुभारम्भ प्रधानमन्त्री श्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2015 में किया था। 

इस संबंध में जानकारी देते हुये राजस्थान पश्चिम क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि इस हेतु डाक विभाग ने राजकॉम्प इन्फो सर्विसेस लिमिटेड तथा ऊर्जा दक्षता सेवा लिमिटेड के साथ एक समझौता किया है, जिसके तहत राजस्थान पश्चिम क्षेत्र के अधीन जोधपुर, पाली, जैसलमेर, बीकानेर, नागौर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, सिरोही, चुरू, सीकर सहित समस्त 19 प्रधान डाकघरों के ईमित्र कियोस्क पर एलईडी बल्ब, ट्यूब लाईट एवं पंखे बाज़ार दरों से बेहद कम दाम पर उपलब्ध करवाये जायेंगे। 

डाकघरों में उजाला योजना में फिलिप्स व सूर्या के 9 वाट के एलईडी बल्ब 65 रुपए, 20 वाट की एलईडी ट्यूबलाइट महज 230 रुपए में तथा 50 वाट के 48 इंच ब्लैड वाले ओरियंट पीएसपीओ पंखे 1150 रुपए में बिक्री किए जायेंगे। आने वाले दिनों में एयर कंडीशनर भी उपलब्ध करवाये जायेंगे।

डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि इस हेतु लोग प्रधान डाकघर में जाकर ई मित्र कियोस्क से सीधे ही एलईडी बल्ब, ट्यूब लाईट एवं पंखे खरीद सकते हैं। इसके लिए ग्राहक को मूल बिजली बिल एवं आधार कार्ड की छाया प्रति लानी होगी। इसके अलावा कोई भी नागरिक http://www.ebazaar.rajasthan.gov.in पर जाकर भी ऑनलाइन ऑर्डर कर सकता है। ऑनलाइन बुक किए गए ऑर्डर उस जिले के सम्बंधित प्रधान डाकघर स्थित ईमित्र कियोस्क पर प्रदर्शित होंगे और सम्बंधित प्रधान डाकघर उसे स्पीड पोस्ट से भेजेगा और इस हेतु कोई शुल्क नहीं लिया जायेगा। श्री यादव ने बताया कि ग्राहकों द्वारा ऑनलाइन ऑर्डर प्लेस करने पर उनके रजिस्टर्ड मोबाइल नम्बर पर एक ओटीपी प्राप्त होगा, जिसे सामान की डिलीवरी के समय पोस्टमैन को बताना होगा। 

घरों तक पंखे, ट्यूबलाईट व एलईडी बल्ब पहुँचायेंगे डाक बाबू 

डाकघर में मिलेंगे एलईडी बल्ब, ट्यूबलाईट व  पंखे

Save Energy : Sale of LED Bulb, Tube Lights and fans through Post Offices

Sunday, September 18, 2016

जोधपुर प्रधान डाकघर में आरंभ हुई पोस्ट शॉपी, सांसद गजेन्द्र सिंह शेखावत ने किया उद्घाटन


राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र की प्रथम पोस्ट शॉपी प्रधान डाकघर, जोधपुर  में आरम्भ हुई।  इसका  उद्घाटन 18 सितंबर, 2016 को जोधपुर के सांसद (लोकसभा) श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने किया। इस अवसर पर राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र की पोस्टमास्टर जनरल श्रीमती शिउली बर्मन और निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव भी मौजूद रहे।

सांसद श्री शेखावत ने  कहा कि पश्चिमी देशों में पोस्ट शॉपी का प्रचलन बहुतायत में है, पर भारत में इसका प्रयोग नया है। उन्होंने जोधपुर में पोस्ट शॉपी का शुभारम्भ किये जाने को एक शानदार पहल बताया। डाक विभाग की इस पहल से जोधपुर आने वाले पर्यटकों को काफी सहूलियत होगी, वहीं डाक विभाग को इससे राजस्व में भी बढ़ोत्तरी होगी। 

राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र की पोस्टमास्टर जनरल श्रीमती शिउली बर्मन ने कहा कि डाकघर में आनेवाले ग्राहकों एवं पर्यटकों की सहूलियत के लिए पैकिंग मैटीरियल व पार्सल  बुकिंग की सुविधा भी पोस्ट शॉपी पर उपलब्ध कारवाई जाएगी। जोधपुर के अलावा पश्चिमी क्षेत्र में बीकानेर और झुंझुनू में भी पोस्ट शॉपी आरम्भ की जाएगी। 


इस अवसर पर राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि पोस्ट शॉपी के माध्यम से डाक विभाग की विभिन्न योजनाओं  की विस्तृत जानकारी भी  आने वाले ग्राहकों को मिल सकेगी।  घर बैठे डाक टिकट प्राप्त करने की सुविधा के तहत फिलाटेलिक डिपॉज़िट अकाउंट खोलने  एवं मात्र 300/- रुपये  में अपनी फोटो वाली  डाक टिकट  की सुविधा भी पोस्ट शॉपी पर उपलब्ध होगी।  चूँकि, डाकघरों में बड़ी संख्या में लोग आते है, ऐसे में उनके  लिए पोस्ट शॉपी एक अभिनव कदम होगा।  डाक निदेशक  श्री क़ृष्ण कुमार यादव ने बताया कि पोस्ट शॉपी में डाक टिकट और डाक स्टेशनरी, फिलेटेलिक प्रोडक्टस, माई स्टैम्प सुविधा, डाक टिकट एल्बम, ग्रीटिंग कार्ड्स, स्टेश्नरी आइटम, प्रिंटेड मग, पिक्चर पोस्टकार्ड्स, पुस्तकें, गिफ्ट संबंधी आइटम्स  एवं  हैंडीक्राफ्ट उत्पादों की  बिक्री होगी। ऋषिकेश एवं गंगोत्री का पवित्र गंगाजल भी पोस्ट शॉपी पर बिक्री हेतु उपलब्ध रहेगा। इस योजना के माध्यम से स्कूली बच्चों और युवाओं को भी डाकघर के प्रति आकर्षित किया जा सकेगा।











Tuesday, July 5, 2016

राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र के पोस्टल मार्केटिंग एक्जिक्युटिवज की जोधपुर में हुई एक दिवसीय कार्यशाला

राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र के सभी 10 डाक मंडलों के मार्केटिंग एक्जिक्युटिवज को डाक विभाग में नित हो रहे परिवर्तनों से रूबरू कराने के लिए एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन 5 जुलाई, 2016  को पोस्टमास्टर जनरल कार्यालय स्थित कांफ्रेंस हॉल में किया गया। कार्यशाला का उद्घाटन राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएं कृष्ण कुमार यादव ने किया।  इस अवसर पर विभिन्न प्रीमियम सेवाओं के बारे में पावर प्वाइंट द्वारा प्रस्तुति देकर मार्केटिंग एक्जिक्युटिवज को अद्यतन व प्रोत्साहित किया गया।

कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए निदेशक डाक सेवायें श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि व्यवसायिकता के इस दौर में बिना स्वस्थ्य प्रतिस्पर्धा के कोई भी संगठन उन्नति नहीं कर सकता और इस क्रम में डाक सेवा को मूल्यवर्धित सेवाओं से जोड़ते हुए विभाग ने लोगों की वर्तमान एवं भावी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिये प्रौद्योगिकी आधारित तमाम नये उत्पाद एवं सेवायें भी आरम्भ की हैं। स्पीड पोस्ट आज एक विश्वनीय ब्रांड बन चुका है तो  बिजनेस पोस्ट के अंतर्गत सारी प्रीमेलिंग गतिविधियों को आसान तारीके से निपटाया जाता है। श्री यादव ने कहा कि ई-कामर्स के इस दौर में कैश अन डिलिवरी से जोड़ते हुए एक्सप्रेस पार्सल और बिजनेस पार्सल सेवा अारंभ की गई है, जिसका उद्देश्य दूरदराज व ग्रामीण इलाकों तक भी कम लागत में शीघ्र वितरण सेवा देकर ई-कामर्स बाजार को बढ़ावा देना है। 


डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने सेवाओं के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि व्यक्ति से लेकर व्यवसाय के हर सेक्टर की जरूरतों के मुताबिक डाक-सेवाओं का वर्गीकरण कर उन्हें उपलब्ध कराया जा रहा  है। मीडिया पोस्ट के अंतर्गत डाक स्टेशनरी, लेटर बाक्स, मेल गाड़ी व डाकघरों में विज्ञापन लगाने की सुविधा प्राप्त है तो  रिटेल पोस्ट की मार्फत डाकघर अपने काउन्टरों पर फार्म बेचने और बिल जमा करने की सुविधा प्रदान करते हैं।  बिल मेल सेवा हर तिमाही न्यूनतम 5000 प्रपत्र व बिल एक ही जिले में प्रेषित करने वालों हेतु सामान्य दरों से कम मात्र 3 रुपये में डाक भेजने की सुविधा उपलब्ध कराता है,  वहीं डायरेक्ट पोस्ट के तहत बिना पता लिखी डाक के लक्षित जनता के दरवाजे पर डाकियों द्वारा वितरण सुनिश्चित किया जाता है। शहर और गाँवों के बीच डिजिटल डिवाइड के अंतराल को कम करने के लिए ई-पोस्ट सेवा है, जिसमें ई-मेल द्वारा भेजे गए पत्र की हार्ड कॉपी निकालकर डाकिया द्वारा वितरित किया जाता है।  श्री  यादव ने कहा कि  आन-लाइन ट्रैकिंग, बुक नाउ-पे लेटर, बल्क मेल पर छूट, फ्री पिकअप,  कैश आन डिलेवरी जैसी स्कीमों के तहत डाक सेवाओं को और आकर्षक बनाया गया है। इसके अलावा  ई-पेमेण्ट, लाजिस्टिक पोस्ट, फिलेटली, माई स्टैंप इत्यादि के संबंध में भी उन्होंने जानकरी दी ।

निदेशक डाक सेवायें श्री कृष्ण कुमार यादव ने  विपणन अधिकारियों  से रूबरू होते हुए कहा कि  वर्तमान परिवेश में मजबूती से खड़े रहने के लिए हमें बाजार की आवश्यकताओं, संभावनाओं एवं जोखिम के प्रति अत्यन्त संवदेनशील रहने की जरूरत है। यह युग तकनीकी का युग है। तकनीक के प्रति पल-प्रतिक्षण अपडेट रहने की आवश्यकता है। श्री यादव ने जोर देकर कहा कि प्रतियोगिता के इस दौर में ग्राहक को अपने साथ जोड़े रखना सबसे बड़ी चुनौती है, इसलिए पारदर्शी, संवेदनशील एवं सम्मानजनक ग्राहक सेवा के साथ जरूरी है कि हम अपने ग्राहकों के सहयोगी एवं मार्गदर्शक बने।

इस अवसर पर सहायक निदेशक इशरा राम, वरिष्ठ लेखा अधिकारी बी. पी. टाक, सहायक डाक अधीक्षक  तरुण शर्मा, डाक निरीक्षक  सुदर्शन सामरिया इत्यादि ने  विभिन्न सेवाओं और उनके विभिन्न पहलुओं  के संबंध में लोगों को जानकारी दी।

Saturday, July 2, 2016

द्रुत गति से पार्सल पहुँचेगा आपके द्वार : डाक विभाग द्वारा पार्सल व ई-कॉमर्स वस्तुओं के त्वरित वितरण हेतु जोधपुर में नोडल मैकेनाइज्ड वितरण का शुभारंभ

डाक विभाग द्वारा  डाक वस्तुओं के त्वरित वितरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते  हुए डाक द्वारा प्राप्त पार्सल व  ‘ई-कॉमर्स’ डाक वस्तुओं को प्राप्तकर्ताओं को तुरन्त वितरण कराने के उद्देश्य से  जोधपुर में 'नोडल मैकेनाइज्ड वितरण' व्यवस्था का शुभारंभ किया गया।  राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर की पोस्टमास्टर जनरल श्रीमती शिउली बर्मन और निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने मोटर साइकिल पर सवार पोस्टमैनों को हरी झंडी दिखाकर जोधपुर प्रधान डाकघर में 1 जुलाई को इसका शुभारम्भ किया। 
     
  इस अवसर पर पोस्टमास्टर जनरल श्रीमती शिउली बर्मन ने कहा कि डाक विभाग सदैव अपनी उत्कृष्ट सेवाओं के माध्यम से लोगों तक पहुँचने के लिए प्रतिबद्ध है और इसी क्रम में जोधपुर में पार्सल व अन्य ‘ई-कॉमर्स’ डाक वस्तुओं को प्राप्तकर्ताओं को तुरन्त वितरण कराने के लिये 'नोडल मैकेनाइज्ड वितरण' व्यवस्था आरम्भ की गई  है। इसके तहत चिन्हित पोस्टमैन साइकिल की बजाय मोटर साइकिल से इन वस्तुओं का वितरण करेंगे, जिससे ग्राहकों को त्वरित सेवा मिल सकेगी और इसकी मानीटरिंग भी सुविधाजनक होगी। उन्होंने बताया कि जोधपुर शहर में प्रारम्भिक स्तर पर यह व्यवस्था जोधपुर प्रधान डाकघर, शास्त्री नगर मुख्य डाकघर एवं कचहरी डाकघर से शुरू की जा रही है और बाद में अन्य वितरण डाकघरों को भी इससे जोडा जाएगा।

  इस अवसर पर राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि वर्तमान में ऑनलाइन सेवाओं के चलते ई कॉमर्स और पार्सल के व्यवसाय में दिनों-ब-दिन वृद्धि हो रही है, ऐसे में अब इनके तीव्र वितरण और सिस्टम पर तत्काल अपडेशन के द्वारा इसे और भी बेहतर बनाया जा रहा है। श्री यादव ने कहा कि  इसके तहत एक्सप्रेस पार्सल, बिजनेस पार्सल, रजिस्टर्ड पार्सल, इन्श्योर्ड पार्सल,  कैश ऑन डिलीवरी पार्सल के साथ-साथ साधारण पार्सल भी पोस्टमैन द्वारा मोटरसाइकिल से  संबन्धित प्राप्तकर्ताओं तक पहुंचेंगे। श्री यादव ने बताया कि  रेलवे स्टेशन और प्रधान डाकघर मेंं स्थित  डाक छंटाई  केंद्र पर हर माह औसतन 70 हजार से ज्यादा पार्सल वितरण के लिए प्राप्त हो रहे हैं और  अाने वाले दिनों मेंं  इसके और भी बढ़ने की संभावना है। 

 इस अवसर पर जोधपुर मण्डल के प्रवर डाक अधीक्षक श्री पी॰आर॰ कडेला, सीनियर पोस्टमास्टर श्री एल॰एस॰ पटेल, सहायक निदेशक श्री इशरा राम, सहायक अधीक्षक श्री गोपीलाल माली, श्री बी आर राठौड, श्री विनय खत्री सहित तमाम अधिकारी-कर्मचारी,  विभिन्न डाकघरों के पोस्टमैन एवं नागरिक जन  उपस्थित रहे।


नवाचार : जोधपुर के तीन डाकघरों मेंं नोडल मैकेनाइज्ड वितरण व्यवस्था लागू 
डाकिया बाइक पर, चौंके लोग (साभार - राजस्थान पत्रिका, 2 जुलाई 2016)


प्रधान डाकघर,जोधपुर में नोडल मैकेनाइज्ड वितरण व्यवस्था शुरू (साभार - दैनिक नवज्योति, 2 जुलाई 2016)







Sunday, December 7, 2014

ई-कॉमर्स सेवाओं में अपना योगदान बढ़ाने के लिए डाक विभाग ने उठाये कदम

भारतीय डाक विभाग देश में तेजी से बढ़ रही ई-कॉमर्स सेवाओं में अपना योगदान बढ़ाने के लिए खुद को नए कलेवर में ढाल रहा है। इन सेवाओं के लिए वह डेटा केंद्र स्थापित कर रहा है, डाकियों को जरूरी उपकरण दिए जा रहे हैं और डिलीवरी पर नकदी मिलने जैसी सुविधाओं के लिए सॉफ्टवेयर लागू कर रहा है। सूत्रों के मुताबिक आधुनिकीकरण परियोजना पर एक अंतर मंत्रालई संचालन समिति द्वारा नजर रखी जा रही है। इस समिति में वित्त मंत्रालय, इलेक्ट्रॉनिक्स व सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के अधिकारी एवं अन्य भागीदार शामिल हैं। इसमें कोई शक नहीं कि  कि डाक और पार्सल गंतव्य तक पहुंचाने में विशाल नेटवर्क रखने वाला भारतीय डाक देशभर में डिलीवरी सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए सर्वोत्तम एजेंसी है।

पिछले दिनों दूरसंचार एवं आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने भारतीय डाक को एक ऐसा ढांचा तैयार करने को कहा  है जिससे स्थानीय कारीगरों को भी अपने उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री करने का अवसर मिले।  उन्होंने कहा कि 'मैंने भारतीय डाक से ऐसा ढांचा तैयार करने को कहा है जिसमें काशी के कारीगरों के अलावा मेरठ के हथकरघा व तिरूपुर के कारीगर डाक विभाग की पहुंच का फायदा उठा सकें और ई-कॉमर्स क्षेत्र में एक बड़ा ब्रांड बन सकें।' प्रसाद ने कहा कि सरकार की नीति संतुलित विकास की होनी चाहिए। ऐसा ढांचा लाने की जरूरत है जो एकतरफा न होकर भागीदारी वाला हो।

गौरतलब है कि  भारतीय डाक का डाक नेटवर्क दुनिया में सबसे बड़ा है। देश में भारतीय डाक के करीब 1.55 लाख डाक घर हैं। सूत्रों ने कहा कि इस परियोजना के तहत ई-कॉमर्स फर्मों को वेब आधारित एकीकरण प्रणाली और निगरानी सेवा उपलब्ध कराने की भी संभावना तलाशी जा रही है। भारतीय डाक करीब 15,000 डाकियों को हाथ में लेकर चलने वाले उपकरण एवं डाक कार्यालयों में अन्य हार्डवेयर उपलब्ध कराएगी जिनकी खरीद दिसंबर 2015 तक पूरी होने की संभावना है। इन उपकरणों से ग्रामीण इलाके इलेक्ट्रॉनिक संपर्क से जुड़ जाएंगे।

इस बीच  ई-कॉमर्स कंपनियों के साथ भागीदारी करने के बाद से विभाग के कारोबार में कई गुना का इजाफा हुआ है। डाक विभाग द्वारा साझा किए गए उद्योग के अनुमान के अनुसार देश में ई-कॉमर्स कारोबार 2012 में 6 अरब डालर था जिसके 2021 तक 76 अरब डॉलर पर पहुंच जाने की उम्मीद है। 


Friday, December 5, 2014

डाक विभाग का होगा कायाकल्प : बीमा, बैंक, ई-कॉमर्स के क्षेत्र में लाने की सिफारिश

डाकघरों का कायाकल्प करने के लिए बनी सुब्रमण्यम समिति ने तमाम ऐसे सुझाव दिए हैं, कि उसकी रिपोर्ट भी यदि उसी गंभीरता से सरकार लागू कर दे तो जल्द ही देश के डाकघरों का हुलिया ही बदल जाएगा।  भारतीय डाक में बदलाव करने पर सुझाव देने के लिए  पूर्व कैबिनेट सचिव टीएसआर सुब्रमण्यम की अध्यक्षता में गठित इस समिति ने तीन महीने के भीतर गुरुवार, 4 दिसंबर 2014  को अपनी रिपोर्ट दे दी। रिपोर्ट में डाक विभाग को तत्काल रूप से बैंकिंग, बीमा व ई-कॉमर्स क्षेत्र में लाने की सिफारिश की गई है। वहीं, आधार कार्ड व सरकारी पेंशन सेवा क्षेत्र में भी डाक विभाग की सेवा लेने की बात कही गई है।  साथ ही इंडिया पोस्ट में कॉरपोरेट सेक्टर के बीच बिजनेस टू बिजनेस सेवा देने के लिए एक नई शाखा बनाने का सुझाव दिया गया है। 

संचार व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने इन सुझावों के बारे में आश्वासन दिया कि सरकार इसे प्राथमिकता के तौर पर लेगी और जल्द से जल्द फैसला किया जाएगा।  उन्होंने यह भी कहा कि डाक विभाग की मदद से कॉमन सर्विस सेंटर के जरिए ई-डिलीवरी सेवा को अंजाम दिया जा सकता है। प्रसाद ने कहा कि ई-कॉमर्स के क्षेत्र में डाक विभाग बड़ी भूमिका निभा सकता है। डाक विभाग अपने नेटवर्क के माध्यम से मधुबनी पेंटिंग्स से लेकर तिरुपुर के टेक्सटाइल तक की बिक्री कर सकता है।

कमेटी की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय डाक विभाग के पास 1.55 लाख पोस्टमैन का नेटवर्क है जिसका इस्तेमाल बिजनेस कॉरस्पांडेंट के रूप किया जा सकता है। इनके माध्यम से ग्रामीण इलाके में स्वास्थ्य, फसल, दुर्घटना व अन्य प्रकार की बीमा सेवा को शुरू किया जा सकता है। डाक विभाग को इन सेवाओं से जोड़ने के लिए अलग-अलग सब्सिडियरी कंपनी बनाने की सिफारिश की गई है। समिति ने सुझाव दिया है कि भारतीय पोस्ट को पांच अलग-अलग सहयोगी इकाइयों (सब्सिडियरी) में बांट दिया जाना चाहिए। एक सब्सिडियरी डाक व्यवस्था का मौजूदा काम को जारी रखेगी। इसके अलावा बैंकिंग, बीमा व ई-कॉमर्स में अलग-अलग सहयोगी इकाइयां काम करेंगी। पांचवी सब्सिडियरी गांवों में शहरों जैसी सेवाओं का पहुंचाने व बिजनेस टू बिजनेस सेवाओं के लिए काम करेगी। समिति ने तीन सौ तरह की सेवाओं को चिन्हित किया है जो यह सब्सिडियरी कर सकती है। इनमें सिर्फ डाक वाली मुख्य सब्सिडियरी सब्सिडी वाले मॉडल पर काम करेगी, लेकिन अन्य सभी काम मुनाफे के आधार पर होगा।

सुब्रमण्यम ने बताया, 'हमारी सिफारिश के आधार पर अगर कदम उठाए जाते हैं तो भारतीय डाकघरों में कार्यरत किसी भी कर्मचारी की नौकरी नहीं जाएगी, बल्कि पांच लाख नई नौकरियां पैदा होंगी।' ग्रामीण जनता को बहुत ही तेजी से वित्तीय समावेश का फायदा पहुंचाया जा सकेगा। बैंकिंग से जुड़ी सब्सिडियरी का नाम पोस्ट बैंक ऑफ इंडिया (भारतीय डाक बैंक) रखा जा सकता है। यह बैंक हर तरह की बैंकिंग सेवा देगा। इसी तरह से बीमा क्षेत्र में गठित कंपनी जीवन बीमा, फसल बीमा व स्वास्थ्य बीमा की सुविधा दे सकती है। चूंकि ई-कॉमर्स भारत में तेजी से विकसित हो रहा है, इसलिए भारतीय डाक को इसका फायदा उठाने के लिए अभी से मुस्तैद हो जाना चाहिए।

देश भर में 1.50 लाख से ज्यादा डाकघर हैं, जो बैंक, बीमा व ई-कॉमर्स की शाखा के लिए रीढ़ की हड्डी का काम कर सकते हैं। फिलहाल भारतीय डाक के राजस्व में सालाना 48 फीसद की वृद्धि हो रही है। इसके उलट खर्चे में 78 फीसद का इजाफा हो रहा है। इसकी तमाम सेवाएं घाटे में चल रही हैं।

समिति के सुझाव--
1. बैंक, बीमा व ई-कॉमर्स के लिए तीन सब्सिडियरी बनाई जाएं
2. पोस्ट बैंक ऑफ इंडिया के नाम से शुरू करे बैंकिंग सेवा
3. कॉरपोरेट सेक्टर की मदद के लिए बने अलग इकाई
4. तीन सौ तरह की सेवाएं दे सकता है भारतीय डाक
5. गांवों में शहरों जैसी सेवा पहुंचाने में हो डाकघरों का इस्तेमाल

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देश भर में फैले डाकघरों के नेटवर्क का लाभ उठाने के लिए गठित कार्यबल ने बैंकिंग, बीमा और ई-कॉमर्स के क्षेत्र में डाकघर के सेवा-विस्तार के लिए संचार एवं सूचना प्रो़द्योगिकी  मंत्रालय के तहत डाक विभाग के मातहत होल्डिंग कंपनी के अंग के रुप में तीन सहायक कंपनियां गठित करने का सुझाव दिया है। पूर्व कैबिनेट सचिव श्री टीसीआर सुब्रमणियन के नेतृत्व में कार्यबल की रिपोर्ट आज नई दिल्ली में संचार एवं सूचना तकनीक मंत्री श्री रवि शंकर प्रसाद को सौंपी गई।

सभी पांच सहायक कंपनियों को रणनीतिक व्यापार इकाई – एस बी यू कहा जाएगा। दो अन्य सहायक कंपनियां व्यावसायिक आधार पर आम लोगों के लिए बिल संग्रहण और आवेदन पत्र, दस्तावेज़ एवं प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराने जैसेी ई-सेवाएं और थर्ड पार्टी उत्पाद के वितरण का काम करेंगी। अन्य सहायक कंपनी एजेंसी आधार पर आधार राशन कार्ड, विकास पत्र जैसी सरकारी सेवाएं वितरित करेंगी। रिपोर्ट में यह भी प्रस्तावित है कि प्रत्येक रणनीतिक व्यापार इकाई – एस बी यू का अपना स्‍वतंत्र बोर्ड होगा जो व्‍यावसायिक तौर पर लाभ के लिए काम करेगा। प्रत्‍येक एस बी यू समय-समय पर भागीदारी का आयोजन करेगा। इन कामों को कानूनी आधार देने के लिए एक नया डाक कानून लाना भी प्रस्‍तावित है।

रिपोर्ट स्‍वीकार करने के बाद संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कार्यबल की सिफारिशों पर प्राथमिकता के आधार पर संरचनात्‍मक प्रतिक्रिया दी जायेगी। उन्‍होंने बताया कि देश में डाक विभाग की संभावनाओं को निखारने की जरूर महसूस होने पर उन्‍होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी से आग्रह किया था जिस पर उन्‍होंने कार्यबल गठित करने की अनुमति देकर तुरंत प्रतिक्रिया दी थी। उन्‍होंने उम्‍मीद जताई कि डाक विभाग के विशाल नेटवर्क का देश में ई-कामर्स बूम को देखते हुए पूरा दोहन किया जायेगा। उन्‍होंने आश्‍वस्‍त किया कि विभाग की पुनर्संरचना के दौरान किसी भी कर्मचारी को हटाया नहीं जायेगा। उन्‍होंने यह भी बताया कि पोस्‍ट कार्ड और अन्‍य डाक सेवाओं की कीमत में किसी भी तरह की बढ़ोतरी नहीं की जायेगी।
इससे पहले कार्यबल के अध्‍यक्ष श्री टीसीआर सुब्रमणियन ने कहा कि देश के 6 लाख से ज्‍यादा गांवों में बैंकिंग और वित्‍तीय सेवाएं उपलब्‍ध नहीं हैं, ऐसे में यह महसूस किया गया कि ग्रामीण गरीबों के वित्‍तीय समावेशन में योगदान के लिए व्‍यावसायिक तौर पर संगठित भारतीय पोस्‍ट बैंक प्रमुख भूमिका निभायेगा। उन्‍होंने यह भी उम्‍मीद जताई कि अगले 3 से 5 साल में 5 लाख से ज्‍यादा नई नौकरियों उपलब्‍ध की जा सकेंगी।

इस साल 21 अगस्‍त को गठित कार्यबल के सदस्‍य निम्‍नलिखित थे :-

1. श्री टीसीआर सुब्रमणियन, पूर्व कैबिनेट सचिव-अध्‍यक्ष
2. श्री टी वी मोहन दास पाई, बैंगलोर-सदस्‍य
3. श्री जी एन बाजपई, मुंबई, सेबी के पूर्व अध्‍यक्ष-सदस्‍य
4. श्री रवीन्‍द्र एच. ढोलकिया, आईआईएम, अहमदाबाद-सदस्‍य
5. श्री आर एस शर्मा, सचिव (ई एण्‍ड आईटी), भारत सरकार – सदस्‍य
6. श्री एल सी गोयल, सचिव, ग्रामीण विकास विभाग, भारत सरकार – सदस्‍य
7. श्री राकेश गर्ग, सचिव दूरसंचार विभाग, भारत सरकार, - सदस्‍य
8. सुश्री कावेरी बनर्जी सचिव डाक विभाग- सदस्‍य
9. श्री कमलेश्‍वर प्रसाद, डाक विभाग – सदस्‍य
10. श्री वासुमित्र, सीपीएमजी, दिल्‍ली सर्कल, डाक विभाग –सदस्‍य सचिव   

Sunday, January 5, 2014

How India Post plans to stay relevant as emails take over


India Post has grand plans for 2014. It launched two new parcel services recently - Express Parcel and Business Parcel - which it hopes will generate Rs 100 crore in annual revenue. It is working closely with e-commerce players. It has also begun a campaign urging people to send New Year greeting cards by post. 

Ms. P Gopinath, Secretary, Department of Post, Ministry of Communications & Information Technology, lists out India Post's plans for 2014. "We will complete the networking of almost 25,000 departmental post offices across the country. The roll out of core banking solutions in the post office savings bank and an ATM network across the country is also on the cards. The other new initiatives include central server based applications for post offices, mail offices, administrative offices and pay and accounts offices and setting up of 28 new parcel hubs across the country to handle the e-commerce traffic."

There has been a lot of buzz around India Post's new positioning. Under Project Arrow, 2,515 post offices across the country have been modernised under a branding programme. 

"In the current financial year, 110 Post offices are being modernised under Project Arrow. The project, which has a core operations monitoring system for savings banking and mail services, has played an important role in enhancing the image of the Post office in the minds of the people," adds Gopinath. Project Arrow received the Prime Minister's Award for Excellence in Public Administration for year 2008/09. 

India Post, among its other new initiatives, plans to open 21 more Village Post Offices in 2013/14. By the end of 2015, it will add 80 more village post offices. 

With snail mail diminishing and emails taking over, what does India Post plan to do to retain its relevance? "There is no doubt that personal communication in printed form has declined and will further decline in the years to come," says Gopinath. "This is a global phenomenon and India is no exception. 

Mail, however, is being re-invented in its e-avatar. We are going to launch the e-Summons service for the judiciary wherein the acknowledgment for the delivery of court summons shall be transmitted and delivered through e-Post. 

The court server will be automatically updated after a particular summon has been delivered on a particular date. This will help speed up court cases as proof of those who have been summoned will be available with the judiciary in real time and no excuse for non-receipt of summons will come in the way of delay in court hearing." He adds: "Similarly, through e-post the education department can send communications to all its teachers who are located in various parts of a district/state."

Gopinath is also banking on physical greeting cards. "Greetings sent through email or SMS/MMS are generally deleted as these choke the inbox," she says. 

"The emotions conveyed through printed greeting cards are precious particularly if these are sent by near and dear ones and will be cherished by the receiver long after the sender may have forgotten them. The greeting card to a grandchild becomes more valuable if a My Stamp [personalised stamp] postage stamp containing the grand mother and grand father's photo is affixed. If a child is born, parents should affix his/her photo on a My Stamp and send a card announcing the new arrival. Not only will near and dear ones get the information about the new addition to the family, but they will also see the photo of the new born in My Stamp." 

-As told by Ms. P. Gopinath, Secretary, Department of Post, to Business Today's Arunima Mishra. 

Friday, January 3, 2014

Now 'Business Parcel' with cash on delivery by India Post

Postal Department has entered the ever growing market of parcel business with 'Cash on Delivery' now. Mr. Krishna Kumar Yadav, Director Postal Services, Allahabad Region said that this new 'Business Parcel' service aims to promote the e-commerce market in India by offering reliable and cost efficient delivery solutions. This service will provide add-on facilities to the customers, which include online end-to-end tracking of consignments, cash on delivery facility, insurance, etc.

Mr. Yadav further told that Business Parcel is only for Bulk Customers and is a contractual service designed to suit the requirements of business customers. It provides an economical and reliable distribution solution for bulk customers. Minimum chargeable weight for Business Parcel is 2 Kg and maximum is 35 Kg, whereas at present ordinary parcels and Registered Parcels can be booked for 4 kg and up to 20 kg respectively. Mr. Yadav further added that Business Parcels can be booked for delivery from any Post Office in the country providing a national coverage. All Business Parcel consignments will be given door to door delivery irrespective of their weight.

Director Postal Mr. Krishna Kumar Yadav said that Corporate Customers are also provided with pick-up
facility from premises, Corporate Customers can choose from Advance Deposit Facility, Credit facility, or payment at the time of booking. In order to meet the requirements of bulk customers for collection of amount for costlier goods, Cash on Delivery facility is available, which has become a pre-requisite today for e-commerce parcels. COD facility provides collection of amount up to Rs. 50,000/- at the time of delivery of consignments, added Mr. Yadav.

Mr. K K Yadav, told that for Business parcels, customers will have to pay in the range of Rs.45 to Rs.115 for items weighing up to 2 kg, Rs.12 to Rs.30 for additional 1 kg up to 5 kg and Rs.14 to Rs.32 thereafter for every 1 kg.    
              
Tariff of Business Parcel:
Weight Slab
Up to 2 Kgs
Every additional 1 Kg upto 5 Kgs.
Every additional 1Kg above 5 Kgs.
Distance
Local
Rs.45
Rs.12
Rs.14
Within State
Rs.80
Rs.20
Rs.22
Neighboring State
Rs.100
Rs.25
Rs.28
Other State
Rs.115
Rs.30
Rs.32
Between Metro and Sate Capital*
Rs.105
Rs.25
Rs.28
 National capital Region-Delhi/ Ghaziabad/ Noida/ Greater Noida/ Faridabad 
Rs.70
Rs.15
Rs.18
*provided it is not covered under within state or neighboring state.