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Wednesday, October 2, 2019

महात्मा गाँधी पर अष्टकोणीय डाक टिकट का प्रधानमंत्री मोदी ने किया विमोचन



राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी की 150 वीं जयंती पर भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने साबरमती रिवर फ्रंट पर आयोजित स्वच्छ भारत दिवस के दौरान 2 अक्टूबर, 2019 को गाँधी जी पर छः डाक टिकटों का एक सेट जारी किया। 

इन डाक टिकटों में  गांधी जी के जीवन दर्शन और विचारों को दिखाया गया है। एक डाक टिकट में गाँधी जी के तीन बंदरों को भी दर्शाया गया है।  स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहली बार अष्टकोणीय डाक टिकट जारी किये।








Saturday, September 23, 2017

अब डाक टिकटों पर दिखेगा रामराज, डाक विभाग ने रामायण पर जारी किया 11 डाक टिकटों का सेट

रामायण को लोग अब डाक टिकटों पर भी देख सकेंगे।  भारतीय डाक विभाग ने रामायण के महत्वपूर्ण दृष्टांतों को दर्शाते 11 डाक टिकटों का सेट जारी किया है। 65 रूपये के इस खूबसूरत डाक टिकट सेट को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने तुलसी मानस मंदिर, वाराणसी में 22 सितंबर, 2017 को जारी किया।

राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि  मिनिएचर शीट और शीतलेट्स के रूप में जारी इन डाक टिकटों में सीता स्वयंवर, राम वनवास, भरत मिलाप, केवट प्रसंग, जटायु संवाद, शबरी संवाद, अशोक वाटिका में हनुमान-सीता संवाद, राम सेतु निर्माण, संजीवनी ले जाते हनुमान, रावण वध व राम के राजगद्दी पर बैठने के आकर्षक दृश्य समाहित हैं। राजगद्दी वाला डाक टिकट 15 रूपये का तो अन्य सभी 10 टिकट 5 रूपये के हैं। 


डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि डाक विभाग लोगों को अपनी विरासत और संस्कृति से जोड़ने के लिए तमाम डाक टिकटें जारी करता है।  इसी क्रम में अब रामायण को भी डाक टिकटों पर समाहित किया गया है, ताकि युवा पीढ़ी डाक टिकटों के माध्यम से अपनी संस्कृति से अवगत हो सके। ये डाक टिकट पत्रों पर लगकर विदेशों में भी जायेंगे, जहाँ रामायण की गाथा को लोगों तक फैलाएँगे।   
डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि राजस्थान के सभी फिलेटलिक ब्यूरो से इन डाक टिकटों की बिक्री आरम्भ हो गई है और लोगों में इसके प्रति काफी क्रेज है।  ये डाक टिकट बिक्री के लिए शीघ्र ही सभी प्रधान डाकघरों में उपलब्ध कराये जा रहे हैं। इसके लिए डाक विभाग ने पूरे देश में 3 लाख मिनिएचर शीट और 7 लाख शीतलेट्स जारी किये हैं। वेट ऑफसेट प्रक्रिया द्वारा इन डाक टिकटों को प्रतिभूति मुद्रणालय, हैदराबाद में मुद्रित किया गया है।
गौरतलब है कि नवरात्रि के पावन अवसर पर भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा श्री सत्यनारायण तुलसी मानस मंदिर, वाराणसी के परिसर में डाक विभाग के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में दिनांक 22 सितंबर, 2017 को "रामायण "के महत्वपूर्ण कथानकों पर स्मारक डाक टिकटों का अनावरण किया गया । मंच पर  प्रधानमंत्री के अतिरिक्त उत्तर प्रदेश के राज्यपाल श्री राम नाइक, उत्तर प्रदेश के  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेशाध्यक्ष भाजपा श्री महेंद्र नाथ पांडेय, सांसद चंदौली एवं  श्री ए एन नंदा, सचिव डाक विभाग, भारत सरकार, मानस मंदिर के ट्रस्टी श्री सुरेखा जी और प्रबंधक श्री बटुक प्रसाद की गरिमामयी उपस्थिति ने डाक विभाग के इस कार्यक्रम को गौरवान्वित किया ।


अब डाक टिकटों पर नजर आएगी रामायण, डाक विभाग ने जारी किया 11 डाक टिकटों का सेट  
डाक टिकटों पर दिखेगी रामायण 

अब डाक टिकटों पर दिखेगी रामायण 
रामायण वाले डाक टिकट सेट के लिए जोधपुर में भी दिखा क्रेज, प्रधान डाकघर से आरम्भ हुई बिक्री

Friday, September 22, 2017

Prime Minister Narendra Modi releases Postage Stamp On Lord Ram & Ramayana

Prime Minister Narendra Modi released a postage stamp on different aspects of Lord Ram's life at the historic Tulsi Manas Mandir Varanasi on 22nd September, 2017. On this occasion he said that Lord Rama was a source of inspiration for every individual. "There have been many stamps on Lord Ram, but this is the first of its kind stamp, which depicts different aspects of his life. This has not been done in the past. I am happy that I have got the opportunity to do this from the holy soil of Manas," he said.
The Tulsi Manas temple has great historical and cultural importance in Hinduism as it was here that Hindu epic Ramcharitmanas was said to have been originally written by poet-saint Goswami Tulsidas. "The life of Lord Ram is a source of inspiration for every individual. If we look at the life of Mahatma Gandhi, we see Lord Ram became a mantra for him since his childhood. Every aspect of the life of a great man (mahapurush) and chetnapurush (man who awakens consciousness) like him (Lord Ram) motivates us."

The Prime Minister said he could have released the stamp either at New Delhi's Vigyan Bhawan or his own residence, but then a thought came to his mind that it is the auspicious period of Navaratra, and in the life of Lord Ram, Navratra and Vijayadashami hold special significance.

"A place where memories of Tulsidas are still alive. There cannot be a better place than this Manas Mandir for releasing the postge stamp," he said.

He said postage stamps the world over contained history. A collection of such stamps would show what transformations a country went through, he said. The prime minister later visited the Durga Mata Mandir.


Friday, May 5, 2017

अब डाक टिकट में लीजिए कॉफी की खुशबू : चंदन, गुलाब व जूही की सुगंध के बाद भारत में कॉफी की सुगंध वाले डाक टिकट जारी

दुनिया भर में डाक टिकटों का संग्रह करने वालों की कमी नहीं है। डाक टिकट सिर्फ पोस्टेज ही नहीं होते हैं बल्कि समकालीन समाज का प्रतिबिंब भी होते हैं। यही कारण है कि देश-दुनिया में विभिन्न सरकारों द्वारा समय-समय पर विभिन्न विषयों पर डाक टिकट जारी किए जाते हैं। युवाओं को डाक टिकटों के प्रति आकर्षित करने और इसके संग्रह के प्रति अभिरुचि पैदा करने के लिए तमाम अनूठे डाक टिकट भी जारी किए गए हैं। राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएं कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि  भारतीय डाक विभाग ने 23 अप्रैल, 2017 को कॉफी की खुशबू वाले 2 लाख डाक टिकट जारी किए हैं। 100 रुपए मूल्य वाले इस डाक टिकट से काफी की भीनी-भीनी सुगंध आती है। जोधपुर प्रधान डाकघर स्थित पोस्ट शापी से इस डाक टिकट को प्राप्त किया जा सकता है।

निदेशक डाक सेवाएं कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि भारतीय डाक विभाग इससे पहले 13 दिसम्बर 2006 को चंदन की खुशबू वाला एक डाक टिकट (15 रुपए),  7 फरवरी 2007 को गुलाब की खुशबू वाले चार डाक टिकट (5 और 15 रुपए) एवं 26 अप्रैल 2008 को जूही की खुशबू वाले दो डाक टिकट  (5 और 15 रुपए) जारी कर चुका है।कॉफी पर जारी डाक टिकट इस श्रेणी में चौथा सुगन्धित डाक टिकट है, पर पेय पदार्थों की सुगंध वाला यह भारत में पहला डाक टिकट जारी हुआ है। डाक निदेशक  केके यादव ने बताया कि वर्ष 1973 में सुगन्धित डाक टिकट जारी करने वाला पहला देश  भूटान बना था और फिर न्यूजीलैंड, थाईलैंड और स्विट्ज़रलैंड जैसे देशों ने भी सुगन्धित डाक टिकट जारी किए। भारत ने अपना पहला खूशबूदार डाक टिकट वर्ष 2006 में चंदन पर जारी किया।
डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि डाक विभाग द्वारा समय-समय पर जारी नियमित डाक टिकटों के विपरीत ये सुगन्धित  डाक टिकट, स्मारक डाक टिकटों की श्रेणी के तहत जारी किये गये हैं। यही कारण है कि इन डाक टिकटों का पुनर्मुद्रण नहीं हो सकता और डाक टिकट संग्राहकों हेतु यह एक अमूल्य और रोचक निधि बन गया है। इन डाक टिकटों के प्रति फिलेटलिस्ट के अलावा युवाओं में भी काफी क्रेज होता है, जो अनूठी चीजों को अपने कलेक्शन का हिस्सा बनाना चाहते हैं। 

गौरतलब है कि कॉफी विश्व की महत्वपूर्ण पेय उपजों में से एक है। यह दक्षिणी इथोपिया की उच्चभूमि की देशी उपज है और इसका नाम भी उच्चभूमि पर स्थित काफा जिले से लिया गया है, जहाँ यह मूल रूप से पैदा होती थी। भारत में 16 किस्म की कॉफी का उत्पादन होता है। भारत में कॉफी उत्पादन में कर्नाटक राज्य अग्रणी है, उसके बाद तमिलनाडु और केरल हैं। आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पूर्वोत्तर राज्यों में भी कॉफी उगाई जाती है।

Saturday, October 8, 2016

अमेरिकी डाक सेवा ने दिवाली पर जारी किया डाक टिकट

प्रकाश पर्व दीपावली त्यौहार की स्वीकार्यता अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी बढ़ रही है। दुनिया के तमाम देशों में रहने वाले भारतीय दीपावली पर्व को धूमधाम से मनाते हैं। तमाम देशों ने इस दिवस की महत्ता के कारण इस पर डाक टिकट भी जारी किए हैं। इसी क्रम में अमेरिकी डाक सेवाओं द्वारा भी न्यूयार्क में 5 अक्टूबर, 2016 को दिवाली पर डाक टिकट जारी किया गया। भारतीय अमेरिकियों और प्रभावशाली अमेरिकी सांसदों के सात वर्षों के सतत प्रयासों के बाद प्रकाश के इस त्यौहार के उपलक्ष्य में यह मुमकिन हो सका। भारतीय वाणिज्य दूतावास में  एक समारोह के दौरान इस डाक टिकट का अनावरण किया गया। अमेरिकी डाक सेवा (यूएसपीएस) ने ‘दिवाली फॉरएवर' डाक टिकट जारी कर हिन्दुओं का यह त्यौहार मनाया। 

इस डाक टिकट में सुनहरे पृष्ठभूमि में जलते पारंपरिक दीपक को स्थान दिया गया है । साथ ही इसके नीचे अंकित है ‘फॉरएवर यूएसए 2016' । कार्यक्रम में वाणिज्य महादूत रीवा गांगुली दास, सांसद कैरोलिन मालोनी, दिवाली टिकट परियोजना अध्यक्ष रंजू बत्रा, यूएसपीएस उपाध्यक्ष :मेल एंटरी एंड पेमेंट टेक्नोलॉजी: पृथा मेहरा, संयुक्त राष्ट्र में भारत के पूर्व स्थायी प्रतिनिधि हरदीप सिंह पुरी और प्रतिष्ठित भारतीय अमेरिकी वकील रवि बत्रा शामिल हुए ।

इस अवसर पर सांसद कैरोलिन मालोनी ने कहा, ‘कई वर्षों की कठिन मेहनत और हिमायत के बाद आखिरकार प्रकाश की जीत हुई । आज दिवाली के उपलक्ष्य में बहु-प्रतीक्षित स्मारक डाक टिकट जारी किया गया और अब यह त्यौहार क्रिसमस, क्वांजा, हानुका और ईद जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक जैसे प्रमुख त्यौहारों की श्रेणी में शामिल हो गया है।' अमेरिकी डाक सेवा (यूएसपीएस) की उपाध्यक्ष (मेल एंटरी एंड पेमेंट टेक्नोलॉजी) पृथा मेहरा ने कहा कि अमेरिकी डाक सेवा दिवाली के उपलक्ष्य में फॉरेवर डाक टिकट जारी कर गौरवान्वित  महसूस कर रहा है ।

Thursday, October 22, 2015

डाक टिकटों पर भी रावण

रावण को भले ही बुराई का प्रतीक माना जाता हो, पर रावण पर तमाम देशों ने डाक-टिकट भी जारी किये हैं।  यहाँ तक कि भारत में भी रावण डाक-टिकटों पर अंकित हो चुका है। भारतीय मुखौटों की श्रृंखला के तहत 15 अप्रैल, 1974 को डाक विभाग ने सूर्य, चन्द्रमा, नरसिंह और रावण पर डाक टिकट जारी किये। ये डाक टिकट क्रमश: 20 पैसे, 50 पैसे, 1 रूपये और 2 रूपये के मूल्य वर्ग में जारी किये गए। इनमें रावण पर जारी डाक टिकट सबसे महँगा है। 

भारतीय डाक विभाग ने नवरात्र और दशहरा व दीपावली पर भी डाक टिकट जारी किये हैं। भारत के त्यौहार शीर्षक से वर्ष 2008 में जारी इन डाक टिकटों में दशहरा कोलकाता, दशहरा मैसूर और शुभ दीपावली शामिल हैं। डाक टिकटों के साथ जारी प्रथम दिवस आवरण पर रावण के पुतले का चित्र भी अंकित है। 


विजयदशमी बुराई पर अच्छाई की जीत प्रतीक है। यह दर्शाता है कि बुराई के भले कितने भी सिर क्यों न हो, अच्छाई के आगे सब झुक भी जाते हैं और कट भी जाते हैं। विजय दशमी के इस पर्व पर आइए हम दसों बुराईयों (काम, क्रोध, लोभ, मोह, मद, मत्सर, अन्याय, स्वार्थ, अहंकार और क्रूरता) पर यथासम्भव विजय प्राप्त करने को संकल्पित हों ! आप सभी विजय के पथ पर अग्रसर हों और आपका जीवन उन्नति और प्रगति के पथ पर सदैव बढ़ता रहे !! 
- कृष्ण कुमार यादव @ डाकिया डाक लाया 
Krishna Kumar Yadav @ http://dakbabu.blogspot.com/

Friday, August 14, 2015

जब देश की आजादी पर जारी हुआ डाक टिकट

आजादी के उपलक्ष्य में भारतीय डाक विभाग ने  साढ़े तीन आना (यानि चौदह पैसा) का एक डाक टिकट जारी किया था।  इस पर तिरंगे ध्वज के चित्र के साथ जय हिन्द शब्द मुद्रित है। कई लोग ऐसा सोचते हैं की यह डाक टिकट 15 अगस्त, 1947 को जारी हुआ होगा, पर ऐसा नहीं है।  स्वतंत्रता पश्चात 21नवंबर,1947 को प्रथम भारतीय डाक टिकट साढ़े तीन आने का ‘जयहिंद’ जारी किया गया। 



नेहरू जी ने आजादी के बाद, लाल किले से अपने पहले भाषण का समापन भी , 'जय हिन्द' से किया था। उस समय डाक विभाग को सूचना  भेजी गई कि नए डाक टिकट आने तक, डाक टिकट चाहे अंग्रेज राजा जॉर्ज की ही मुखाकृति की उपयोग में आए लेकिन उस पर मुहर 'जय हिन्द' की लगाई जाए। 31 दिसम्बर 1947 तक यही मुहर चलती रही। 

हिंदुस्तान अख़बार में डाकखाने की इस मुहर पर प्रथम पृष्ठ पर समाचार भी प्रकाशित था। 

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शताब्दियों की दासता के बाद जब भारत में स्वतंत्रता का मंगल प्रभात हुआ था तो सबकी आँखों में एक नई रोशनी टिमटिमाई थी।  नए सपने, नई सोच, नए जज्बे .... वाकई आज हमने एक लंबा सफ़र तय कर लिया है। आजादी के 69वें साल में प्रवेश कर रहे हैं। स्वतंत्रता दिवस पर हार्दिक शुभकामनायें !! 

Thursday, June 12, 2014

'फीफा विश्व कप - 2014' पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जारी किया विशेष डाक टिकट


ब्राजील में गुरुवार रात से शुरू हो रहे 20वें फीफा विश्व कप फुटबॉल टूर्नामेंट 'फीफा विश्व कप - 2014' पर भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज  12 जून को नई दिल्ली में चार स्मारक डाक टिकटों का विशेष सेट जारी किया।  यह पहला अवसर है जबकि किसी विश्व खेल आयोजन के मौके पर उसी दिन भारत में भी किसी प्रधानमंत्री ने कोई डाक टिकट जारी किया हो।

दिल्ली में आयोजित एक समारोह में मोदी ने डाक टिकट जारी करते हुए खेल की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि किसी भी इंसान का जीवन खेल के बिना अधूरा है। बच्चों को तेजस्वी बनाने में खेल अहमं भूमिका अदा करते हैं। हम चाहते हैं देश के फूल जैसे बच्चे खेल से जुड़े।

उन्होंने भारतीय डाक  विभाग को विश्व कप फुटबॉल पर टिकट जारी करने के लिए विशेष रूप से धन्यवाद देते हुए कहा कि हमारा ध्येय यही है कि यह डाक टिकट फुटबॉल प्रेमियों तक पहुंचे। 

प्रधानमंत्री ने कहा मेरा मानना है कि खेल अपनापन लाते हैं। मैं विश्व कप में भाग ले रही तमाम टीमों को अपनी तरफ से शुभकामनाएं देता हूं। 


(फीफा विश्व कप - 2014 : सूचना विवरणिका)


(फीफा विश्व कप - 2014 : प्रथम दिवस आवरण)


(फीफा विश्व कप - 2014 पर जारी डाक टिकट के साथ 
कृष्ण कुमार यादव, निदेशक डाक सेवाएं, इलाहाबाद परिक्षेत्र )


(फीफा विश्व कप - 2014 पर जारी डाक टिकट के साथ बिटिया अपूर्वा)

गौरतलब है कि देर शाम को जारी होने के चलते देश भर के फिलेटलिक ब्यूरोज़ में इनकी बिक्री शाम 6 : 30 बजे के बाद आरम्भ हुई।  फुटबॉल प्रेमियों से लेकर फिलेटलिस्ट्स और युवाओं में इसको लेकर काफी क्रेज़ था।  वैसे भी जारी होने के दिन ही डाक-टिकट खरीदने का अपना अलग आनंद है। हमने भी  आज ही इन डाक टिकटों को अपने संग्रह में शामिल कर लिया है !!

Thursday, December 5, 2013

सचिन तेंदुलकर पर जारी डाक टिकटों के लिए दिखा क्रेज


सचिन तेंदुलकर ने भले ही क्रिकेट से सन्यास ले लिया हो पर उनके चाहने वालों में उनका क्रेज अभी भी बरकरार है। सचिन से जुड़ी चीजों को उनके फैन्स यादगार रूप में संजो कर रखना चाहते हैं। भारतीय डाक विभाग ने सचिन तेंदुलकर के 200वें टेस्ट मैच पर 14 नवम्बर, 2013 को दो डाक टिकट जारी किये थे और इन डाक टिकटों को लोग हाथों-हाथ ले रहे हैं। इलाहाबाद परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि 200 टेस्ट मैच खेलने वाले एक मात्र खिलाड़ी सचिन रमेश तेंदुलकर को सम्मान देने की खातिर डाक विभाग ने दो डाक टिकटों का सेट, एक मिनीएचर शीट और एक मिक्स शीटलेट जारी की, जिसमें उनके टेस्ट कैरियर की शुरूआत से हाल के मैच की यात्रा को दर्शाया गया है। यह डाक टिकट 14 नवम्बर को ही जारी हो गया था, पर भारी संख्या में इसका प्रिंट आर्डर होने के चलते देशभर के डाकघरों के फिलेटलिक ब्यूरो में इसे फेज्ड मैनर में उपलब्ध कराया गया। 


डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि इलाहाबाद परिक्षेत्र में ये डाक टिकट इलाहाबाद और वाराणसी स्थित फिलेटलिक ब्यूरो में उपलब्ध हैं  और ब्यूरो में प्राप्ति के एक सप्ताह के भीतर ही 1,000 से ज्यादा लोगों ने सचिन के चित्र वाले इन डाक टिकटों को खरीदा है। इनमें सिर्फ क्रिकेट और सचिन के दीवाने स्कूली बच्चे और युवा पीढ़ी ही नहीं शामिल हैं, बल्कि विभिन्न कार्यक्षेत्रों में  कार्य करने वाले अधिकारी, जज, डाक्टर, इंजीनियर, वकील, खिलाड़ी से लेकर कारपोरेट जगत से जुड़े लोग तक शामिल हैं। सिर्फ इलाहाबाद ही नहीं, अगल-बगल के जिलों से भी लोग इन डाक टिकटों को खरीदने आ रहे हैं और इनमें से कई लोग तो इन डाक टिकटों को लोगों को गिफ्ट भी कर रहे हैं। इसके अलावा इलाहाबाद फिलेटलिक ब्यूरो से नियमित रूप से जुड़े 788 फिलेटलिक डिपाजिट एकाउंट होल्डर्स को भी यह डाक टिकट व अन्य सामग्री रजिस्टर्ड डाक से भेजी जा रही है। 

श्री यादव ने बताया कि ये डाक टिकट 20-20 रूपये के मूल्यवर्ग में उपलब्ध है। डाक विभाग ने सचिन तेंदुलकर से जुड़े इन डाक टिकटों को भारी संख्या में मुद्रित कराया है। इनमें 30.1 लाख डाक टिकटें, 24.1 लाख मिनीएचर शीट व 16.1 शीटलेट (16 डाक टिकटों की शीट) शामिल हैं । इसके अलावा इस पर प्रथम दिवस आवरण एवं विवरणिका भी जारी की गयी है, जिनका मूल्य क्रमशः 20 रूपये व 5 रूपये है। 

साभार :

Thursday, November 14, 2013

आखिर डाक टिकटों पर भी आ ही गए सचिन तेंदुलकर



जीवित होते हुए डाक-टिकटों पर आने का  भारत में विरले लोगों को ही सम्मान मिला है। आज 14 नवम्बर, 2013 को इस कड़ी में एक नाम जुड़ गया मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर का, जब उनके 200 वें टेस्ट मैच को यादगार बनाने के लिए भारतीय डाक विभाग ने दो स्मारक डाक टिकट जारी किए। 20 रूपये मूल्य वर्ग में जारी ये प्रत्येक दोनों डाक टिकट 30.1 लाख की  संख्या में मुद्रित हो रहे हैं, ताकि उनके चाहने  वाले इसे यादगार रूप में सहेज कर रख सकें। इसके साथ 24.1 लाख मिनिएचर शीट और 16 .1 लाख शीटलेट्स भी मुद्रित कराई जा रहे हैं।  पर अभी ये डाक टिकट पाने के लिए थोडा इंतज़ार करना होगा, आखिर इतनी ज्यादा संख्या में जो छाप रहे हैं। इन्हें फेज्ड  मैनर में विभिन्न फिलेटलिक ब्यूरोज में उपलब्ध कराया जायेगा। 





(Photos Courtesy : Mid day)




Monday, November 5, 2012

दीपावली पर्व पर जारी हुए भारत-इजराइल संयुक्त डाक टिकट


भारतीय डाक विभाग ने दीपावली पर्व के लिए अभी से तैयारियां आरंभ कर दी हैं। जहाँ एक ओर दीपावली पर आने वाले ग्रीटिंग कार्डो के त्वरित निस्तारण हेतु विशेष प्रबंध किये जा रहे है, वहीं डाक विभाग ने दीपावली पर केन्द्रित दो डाक टिकट भी जारी किये है। रू0 5/ मूल्य वर्ग में उपलब्ध ये डाक टिकट भारत और इजरायल के बीच राजनयिक संबंध के बीस वर्ष पूरा होने के उपलक्ष्य में दोनों देशों द्वारा जारी किये गये है, जो प्रकाश के दो पर्व, दीपावली और हनुका को दर्शाते है।
 
 जहाँ भारत में दीपावली रोशनी का त्योहार है जो कार्तिक मास की अमावस्या को मनाया जाता है, वहीं इजराइल में हनुका को प्रकाश पर्व के नाम से जाना जाता है। यह आठ दिन का यहूदी अवकाश होता है जो ईसा पूर्व की दूसरी सदी के मेक्केबिन विद्रोह के समय यरूशलम में होली टेम्पल के पुनः समर्पण के स्मरणोत्सव के रूप में मनाया जाता है। हनुका त्यौहार में भी खिड़कियों एवं दरवाजों पर मोमबत्तियां जलाने की परंपरा है और इसे नौ शाखाओं वाले मेनोराह अथवा हनुकिया नाम विशिष्ट दीप के रूप् में भी जलाया जाता है।
 
लोगों में दीपावली के लिए भेजी जाने वाली ग्रीटिंग कार्डो पर दीपावली वाले डाक टिकट लगाकर भेजने का उत्साह देखा जा रहा है। यही नही तमाम युवा एवं छात्रों में भी इन डाक टिकटों को ग्रीटिंग कार्ड के रचनात्मक रूप में भेजने की प्रवृत्ति देखी जा रही है। यह डाक टिकट सभी फिलेटली ब्यूरो में बिक्री के लिए उपलब्ध हैं !!

Saturday, June 2, 2012

डाक-टिकट पर आपकी खूबसूरत तस्वीर : माई स्टैम्प


भारतीय डाक विभाग डाक-टिकटों के क्षेत्र में नित नए और अनूठे प्रयोग कर रहा है. पिछले वर्षों में जहाँ चन्दन, गुलाब व जूही की सुगंध से सुवासित खुशबूदार डाक-टिकट और हालमार्क के साथ मिलकर सोने के डाक टिकट जारी किये गए, वहीँ अब 'माई स्टांप' या 'पर्सनालाईजड स्टैम्प' के साथ डाक-टिकट पर कोई व्यक्ति अपनी भी तस्वीर लगा सकता है. फ़िलहाल ये 17 डाक-टिकटों के साथ उपलब्ध हैं. इनमें ताजमहल, पंचतंत्र, एयरो फ्लाईट, स्टीम इंजन, वाइल्ड लाइफ डाक-टिकटों के साथ 12 राशियों के डाक टिकट भी उपलब्ध हैं.

दुनिया के कई देशों में 'माई स्टाम्प' सुविधा पहले से ही लागू है, पर भारत में पहली बार इसे भारतीय डाक विभाग द्वारा वर्ष 2000 में कोलकाता में 'इंदिपेक्स एशियाना' के आयोजन के दौरान जारी किया गया था. पर उस समय यह उतनी लोकप्रिय न हो सकी. पिछले वर्ष नई दिल्ली में विश्व डाक टिकट प्रदर्शनी (12-18 फरवरी 2011 ) के आयोजन के दौरान इसे पुन: लांच किया गया और लोगों ने इसे हाथों-हाथ लिया. नतीजन देखते ही देखते हजारों लोगों ने डाक टिकटों के साथ अपनी तस्वीर लगाकर इसका लुत्फ़ उठाया. उत्तर प्रदेश में 17 -19 दिसंबर, 2011 के दौरान लखनऊ में आयोजित राज्य स्तरीय डाक टिकट प्रदर्शनी में इसे जारी किया गया और अभी तक अकेले उत्तर प्रदेश में लगभग 5000 लोग इसे जारी करा चुके हैं, जिनमें से अधिकतर लोगों ने ताजमहल के साथ अपनी तस्वीर लगवानी पसंद की.

इस सेवा का लाभ उठाने के लिए अपने शहर में स्थित फिलाटेलिक ब्यूरो में पंजीकरण कराना होता है. एक फार्म भरकर उसके साथ अपनी फोटो और 300 /-जमा करने होते हैं. एक शीट में कुल 12 डाक-टिकटों के साथ फोटो लगाई जा सकती है. इसके लिए आप अपनी अच्छी तस्वीर डाक विभाग को दे सकते हैं, जो उसे स्कैन करके आपका खूबसूरत 'माई स्टांप' बना देगा. यदि कोई तत्काल भी फोटो खिंचवाना चाहे तो उसके लिए भी प्रबंध किया गया है. 'माई स्टैम्प' को ही 'पर्सनालाईजड स्टैम्प' भी कहा जाता है. इस पर सिर्फ जीवित व्यक्तियों की ही तस्वीर लगाई जा सकती है. सम्बंधित व्यक्ति को फिलाटेलिक ब्यूरो में व्यक्तिगत रूप से जाना पड़ता है, यदि किसी कारणवश न जा सके तो सम्बंधित संदेशवाहक से अपना फोटो युक्त परिचय पत्र भेजना पड़ता है.

तो अब देर किस बात की, किसी को उपहार देने का इससे नायब तरीका शायद ही हो. इसके लिए जेब भी ज्यादा नहीं ढीली करनी पड़ेगी, मात्र 300 रूपये में 12 डाक-टिकटों के साथ आपकी खूबसूरत तस्वीर. अब आप इसे चाहें अपने परिवारजनों को दें, मित्रों को या फिर अपने प्रेमी-प्रेमिका को. डाक-टिकट पर आप अपनों की तस्वीर भी छपवा कर उसे भेज सकते हैं. मतलब, आप किसी से बेशुमार प्यार करते हैं, तो इस प्यार को बेशुमार दिखाने का भी मौका है. पांच रुपए के डाक-टिकट, जिस पर आपकी तस्वीर होगी, वह देशभर में कहीं भी भेजी जा सकती है.

'माई स्टाम्प' पर सिर्फ आप अपनी तस्वीर ही नहीं देखते, बल्कि वक़्त की नजाकत के अनुसार इसे विभिन्न डाक-टिकटों के साथ देख सकते हैं. मसलन, प्रेम को दर्शाने के लिए ताजमहल, बच्चों के लिए पञ्चतंत्र, एडवेंचर के लिए वाइल्ड लाइफ से जुड़ा डाक टिकट या फिर एयरो फ्लाईट और स्टीम इंजन. यही नहीं अपनी राशि के अनुरूप भी डाक-टिकट पसंद कर उस पर अपनी फोटो लगवा सकते हैं!!

           (चित्र में : माई स्टैम्प के तहत ताजमहल के साथ कृष्ण कुमार यादव की तस्वीर)


- कृष्ण कुमार यादव
निदेशक डाक सेवाएँ, इलाहबाद परिक्षेत्र, इलाहबाद-211001