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Friday, November 12, 2021

टॉप हिंदी ब्लॉग्स में शामिल हुआ पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव यादव का ब्लॉग 'डाकिया डाक लाया'

 

देश-विदेश में इंटरनेट पर हिंदी के व्यापक प्रचार-प्रसार और ब्लॉगिंग के माध्यम से अपनी रचनाधर्मिता को विस्तृत आयाम देने वाले वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव के ब्लॉग 'डाकिया डाक लाया' (http://dakbabu.blogspot.com/) को टॉप हिंदी ब्लॉग्स में शामिल किया गया है। इंडियन टॉप ब्लॉग्स नामक सर्वे एजेंसी ने विश्व के हिंदी ब्लॉगों पर किये गए सर्वे के आधार पर इसे सर्वश्रेष्ठ हिंदी ब्लॉगों की डायरेक्टरी में सम्मिलित  किया है, जिसमें वर्ष 2021 में 107 हिंदी ब्लॉगों को स्थान मिला है। सौ से ज्यादा देशों में देखे-पढ़े जाने वाले 'डाकिया डाक लाया' पर अब तक 1226 पोस्ट प्रकाशित हैं। इसे 6.72 लाख से ज्यादा लोगों ने पढ़ा है। वर्ष 2008 से ब्लॉगिंग में सक्रिय एवम 'दशक के श्रेष्ठ हिंदी ब्लॉगर दम्पति' और सार्क देशों के सर्वोच्च 'परिकल्पना ब्लॉगिंग सार्क शिखर सम्मान' से सम्मानित श्री कृष्ण कुमार यादव हिंदी ब्लॉगिंग के क्षेत्र में जाना-पहचाना नाम बन चुके हैं। 'डाकिया डाक लाया' ब्लॉग अपनी विभिन्न पोस्ट के माध्यम से डाक सेवाओं की व्यापकता, विविधता और आधुनिक दौर में उनमें हो रहे तमाम बदलावों को रेखांकित करता है। इसके  माध्यम से डाक सेवाओं से सम्बंधित तमाम छुए-अनछुए पहलुओं को सामने लाने का प्रयास भी किया गया है। 

भारतीय डाक सेवा के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी होने के साथ-साथ साहित्य और लेखन में भी सक्रिय पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव की अब तक 7 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं- 'अभिलाषा' (काव्य-संग्रह), 'अभिव्यक्तियों के बहाने' व 'अनुभूतियाँ और विमर्श' (निबंध-संग्रह), 'India Post : 150 Glorious Years' (2006), 'क्रांति-यज्ञ : 1857-1947 की गाथा', 'जंगल में क्रिकेट' (बाल-गीत संग्रह) और '16 आने 16 लोग' (निबंध-संग्रह)। विभागीय दायित्वों और हिन्दी के प्रचार-प्रसार के क्रम में अब तक आप लंदन, फ़्रांस, जर्मनी, नीदरलैंड, दक्षिण कोरिया, भूटान, श्रीलंका, नेपाल जैसे देशों की यात्रा कर चुके हैं। 'शब्द सृजन की ओर' (http://kkyadav.blogspot.com) और  'डाकिया डाक लाया' (http://dakbabu.blogspot.com) आपके चर्चित ब्लॉग हैं। नेपाल, भूटान और श्रीलंका सहित तमाम देशों में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय ब्लॉगर्स सम्मेलन में आप सम्मानित हो चुके हैं। देश के विभिन्न भागों- सूरत (गुजरात), कानपुर, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह, इलाहाबाद, जोधपुर, लखनऊ में विभिन्न  पदों पर कार्य करने के उपरांत सम्प्रति वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल पद पर कार्यरत हैं।









Friday, November 15, 2019

Director Postal Services Krishna Kumar Yadav's Blog 'Dakiya Daak laya' in top Hindi Blogs

देश-विदेश में इंटरनेट पर हिंदी के व्यापक प्रचार-प्रसार और ब्लॉगिंग के माध्यम से अपनी रचनाधर्मिता को विस्तृत आयाम देने वाले लखनऊ (मुख्यालय) परिक्षेत्र, उत्तर प्रदेश  के निदेशक डाक सेवाएं कृष्ण कुमार यादव के ब्लॉग  "डाकिया डाक लाया" (http://dakbabu.blogspot.in/) को  टॉप हिंदी ब्लॉग्स में शामिल किया गया है। वर्ष 2008 से ब्लॉगिंग में सक्रिय एवम ''दशक के श्रेष्ठ हिंदी ब्लॉगर दम्पति'' और सार्क देशों के सर्वोच्च ''परिकल्पना ब्लॉगिंग सार्क शिखर सम्मान'' से सम्मानित  कृष्ण कुमार यादव के ब्लॉग को इंडियन टॉप ब्लॉग्स द्वारा हाल ही में जारी  हिंदी के सर्वश्रेष्ठ 83 ब्लॉगों की डायरेक्टरी में स्थान दिया गया है। सौ से ज्यादा देशों में देखे-पढ़े जाने वाले 'डाकिया डाक लाया' पर अब तक 1023 पोस्ट प्रकाशित हैं। इसे पाँच लाख सत्तर हजार से ज्यादा लोगों ने पढ़ा है।
 प्रशासन के साथ-साथ साहित्य व लेखन में भी सक्रिय डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव की अब तक 7 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। मूलत: आजमगढ़ निवासी एवं देश-विदेश में  शताधिक सम्मानों से विभूषित  श्री यादव एक लंबे समय से ब्लॉग और सोशल  मीडिया के माध्यम से हिंदी साहित्य एवं विविध विधाओं में अपनी रचनाधर्मिता को प्रस्फुटित करते हुये अपनी व्यापक पहचान बना चुके हैं। नेपाल, भूटान और श्रीलंका सहित तमाम देशों में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय ब्लॉगर्स सम्मेलन में भी सम्मानित हो चुके हैं। गौरतलब है कि श्री यादव इससे पूर्व पोर्टब्लेयर,अंडमान-निकोबार द्वीप समूह, इलाहाबाद व जोधपुर में भी निदेशक डाक सेवाएं के पद पर रह चुके हैं।  


















टॉप ब्लॉग्स में शामिल हुआ डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव यादव का ब्लॉग 'डाकिया डाक लाया'

 प्रशासन के साथ साहित्य व लेखन में भी सक्रिय डाक निदेशक की अब तक 7 पुस्तकें प्रकाशित 


Sunday, April 21, 2019

हिंदी ब्लॉगिंग में डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव के परिवार की तीन पीढ़ियाँ सक्रिय

न्यू मीडिया के इस दौर में सोशल मीडिया और ब्लॉगिंग लोगों के लिए अपनी बात कहने का सशक्त माध्यम बन चुका है। राजनीति की दुनिया से लेकर फिल्म जगत, साहित्य से लेकर कला और संस्कृति से जुड़े तमाम नाम ब्लॉगिंग से जुडे हुए हैं।  21 अप्रैल 2003 को हिंदी का  प्रथम ब्लॉग ’नौ दो ग्यारह’ बना था, तबसे इसने कई पड़ावों को पार किया है। हिंदी ब्लॉगिंग के क्षेत्र में एक ऐसा भी परिवार है, जिसकी तीन पीढ़ियाँ ब्लॉगिंग से जुडी हैं। 
लखनऊ मुख्यालय परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएं कृष्ण कुमार यादव, उनकी पत्नी आकांक्षा यादव और बिटिया अक्षिता ब्लॉगिंग के क्षेत्र में नित नए आयाम रच रहे हैं। मूलत: आजमगढ़ जनपद के निवासी श्री यादव के  पिता श्री राम शिव मूर्ति यादव भी ब्लॉगिंग से जुड़े हुए हैं।  सार्क देशों के सर्वोच्च 'परिकल्पना ब्लॉगिंग सार्क शिखर सम्मान' से सम्मानित एवं नेपाल, भूटान और श्रीलंका सहित तमाम देशों में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय ब्लॉगर्स सम्मेलन में सक्रिय भागीदारी निभाने वाले श्री यादव जहाँ अपने साहित्यिक रचनाधर्मिता हेतु "शब्द-सृजन की ओर" (http://kkyadav.blogspot.in/) ब्लॉग लिखते हैं, वहीं डाक विभाग को लेकर "डाकिया डाक लाया" (http://dakbabu.blogspot.in/) नामक उनका ब्लॉग भी चर्चित है।
 वर्ष 2015 में हिन्दी का सबसे लोकप्रिय ब्लॉग 'शब्द-शिखर' (http://shabdshikhar.blogspot.com) को चुना गया और इसकी मॉडरेटर  आकांक्षा यादव को  हिन्दी में ब्लॉग लिखने वाली शुरूआती महिलाओं में गिना जाता है। ब्लॉगर दम्पति कृष्ण कुमार यादव और आकांक्षा यादव को  'दशक के श्रेष्ठ ब्लॉगर दम्पति',  'परिकल्पना ब्लॉगिंग सार्क शिखर सम्मान' के अलावा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा नवम्बर, 2012 में ”न्यू मीडिया एवं ब्लॉगिंग” में उत्कृष्टता के लिए ”अवध सम्मान से भी विभूषित किया जा  चुका  है। 

इस दंपती ने वर्ष 2008 में ब्लॉग जगत में कदम रखा और  विभिन्न विषयों पर आधारित दसियों ब्लॉग का संचालन-सम्पादन करके कई लोगों को ब्लॉगिंग की तरफ प्रवृत्त किया और अपनी साहित्यिक रचनाधर्मिता के साथ-साथ ब्लॉगिंग को भी नये आयाम दिये। नारी सम्बन्धी मुद्दों पर प्रखरता से लिखने वालीं आकांक्षा यादव का मानना है कि न्यू मीडिया के रूप में उभरी ब्लॉगिंग ने नारी-मन की आकांक्षाओं को मुक्ताकाश दे दिया है। आज एक लाख  से भी ज्यादा हिंदी ब्लॉग में लगभग एक तिहाई ब्लॉग महिलाओं द्वारा लिखे जा रहे  हैं।
ब्लॉगर दम्पति यादव की 12  वर्षीया सुपुत्री अक्षिता (पाखी) को भारत की सबसे कम उम्र की ब्लॉगर माना जाता है। अक्षिता की प्रतिभा को देखते हुए भारत सरकार ने  वर्ष 2011 में उसे "राष्ट्रीय बाल पुरस्कार" से सम्मानित किया, वहीं अंतर्राष्ट्रीय ब्लॉगर सम्मेलन, श्री लंका में उसे  "परिकल्पना कनिष्ठ सार्क ब्लॉगर सम्मान" से भी सम्मानित किया गया। उसका ब्लॉग  'पाखी की दुनिया'  (http://pakhi-akshita.blogspot.in/)  को 100 से ज्यादा देशों में देखा-पढा जाता है।

हिंदी ब्लॉगिंग की दशा और दिशा पर पुस्तक लिख रहे चर्चित ब्लॉगर कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि,  आज ब्लाॅग सिर्फ जानकारी देने का माध्यम नहीं बल्कि संवाद, प्रतिसंवाद, सूचना विचार और अभिव्यक्ति का भी सशक्त ग्लोबल मंच है। आज हर आयु-वर्ग के लोग इसमें सक्रिय हैं, शर्त सिर्फ इतनी है कि की-बोर्ड पर अंगुलियाँ चलाने का हुनर हो ।






Sunday, November 25, 2018

टॉप ब्लॉग्स में शामिल हुआ डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव का ब्लॉग 'डाकिया डाक लाया'

देश-विदेश में इंटरनेट पर हिंदी के व्यापक प्रचार-प्रसार और ब्लॉगिंग के माध्यम से अपनी रचनाधर्मिता को विस्तृत आयाम देने वाले लखनऊ (मुख्यालय) परिक्षेत्र, उत्तर प्रदेश  के निदेशक डाक सेवाएं कृष्ण कुमार यादव के ब्लॉग  "डाकिया डाक लाया" (http://dakbabu.blogspot.in/) को  टॉप हिंदी ब्लॉग्स में शामिल किया गया है। वर्ष 2008 से ब्लॉगिंग में सक्रिय एवम  ''दशक के श्रेष्ठ हिंदी ब्लॉगर दम्पति'' और  सार्क देशों के सर्वोच्च ''परिकल्पना ब्लॉगिंग सार्क शिखर सम्मान'' से सम्मानित  कृष्ण कुमार यादव के ब्लॉग  को इंडियन टॉप ब्लॉग्स द्वारा हाल ही में जारी  हिंदी के सर्वश्रेष्ठ 125  ब्लॉगों की डायरेक्टरी में स्थान दिया गया है। वर्तमान में हिंदी में एक लाख से ज्यादा ब्लॉग संचालित हैं। श्री यादव इससे पूर्व पोर्टब्लेयर, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह, इलाहाबाद-वाराणसी, जोधपुर, राजस्थान  में भी निदेशक डाक सेवाएं के पद पर रह चुके हैं।   
 गौरतलब है  कि डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव नेपाल, भूटान और श्रीलंका सहित तमाम देशों में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय ब्लॉगर्स सम्मेलन में सम्मानित हो चुके हैं।  उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव द्वारा वर्ष  2012 में श्री यादव को  ”न्यू मीडिया एवं ब्लाॅगिंग” में उत्कृष्टता के लिए ''अवध सम्मान'' से भी विभूषित किया जा  चुका है। सौ से ज्यादा देशों में देखे-पढ़े जाने वाले इनके ब्लॉग 'डाकिया डाक लाया' पर अब तक 945 पोस्ट प्रकाशित हैं। इसे पाँच लाख से ज्यादा लोगों ने पढ़ा है। 

ब्लॉगिंग के साथ-साथ कृष्ण कुमार यादव साहित्य और लेखन में भी सक्रिय हैं।  विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित  होने के साथ-साथ, अब तक श्री यादव की 7 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। देश-विदेश में  शताधिक सम्मानों से विभूषित  कृष्ण कुमार यादव एक लंबे समय से ब्लॉग और सोशल  मीडिया के माध्यम से हिंदी साहित्य एवं विविध विधाओं में अपनी रचनाधर्मिता को प्रस्फुटित करते हुये अपनी व्यापक पहचान बना चुके हैं।
















Wednesday, April 26, 2017

हिंदी ब्लॉगिंग के 14 साल : ब्लॉगिंग में डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव के परिवार की तीन पीढ़ियाँ सक्रिय

न्यू मीडिया के इस दौर में ब्लॉगिंग लोगों के लिए अपनी बात कहने का सशक्त माध्यम बन चुका है। राजनीति की दुनिया से लेकर फिल्म जगत, साहित्य से लेकर कला और संस्कृति से जुड़े तमाम नाम ब्लॉगिंग से जुडे हुए हैं।  21 अप्रैल 2003 को हिंदी का  प्रथम ब्लॉग ’नौ दो ग्यारह’ बना था, तबसे इसने कई पड़ावों को पार किया है। हिंदी ब्लॉगिंग के क्षेत्र में एक ऐसा भी परिवार है, जिसकी तीन पीढ़ियाँ ब्लॉगिंग से जुडी हैं। राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएं कृष्ण कुमार यादव, उनकी पत्नी आकांक्षा यादव और बिटिया अक्षिता ब्लॉगिंग के क्षेत्र में नित नए आयाम रच रहे हैं। उनके परिवार में पिताश्री राम शिव मूर्ति यादव भी ब्लॉगिंग से जुड़े हुए हैं।  सार्क देशों के सर्वोच्च 'परिकल्पना ब्लॉगिंग सार्क शिखर सम्मान' से सम्मानित एवं नेपाल, भूटान और श्रीलंका सहित तमाम देशों में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय ब्लॉगर्स सम्मेलन में सक्रिय भागीदारी निभाने वाले श्री यादव जहाँ अपने साहित्यिक रचनाधर्मिता हेतु "शब्द-सृजन की ओर" (http://kkyadav.blogspot.in/) ब्लॉग लिखते हैं, वहीं डाक विभाग को लेकर "डाकिया डाक लाया" (http://dakbabu.blogspot.in/) नामक उनका ब्लॉग भी चर्चित है।

वर्ष 2015 में हिन्दी का सबसे लोकप्रिय ब्लॉग 'शब्द-शिखर' (http://shabdshikhar.blogspot.com) को चुना गया और इसकी मॉडरेटर  आकांक्षा यादव को  हिन्दी में ब्लॉग लिखने वाली शुरूआती महिलाओं में गिना जाता है। ब्लॉगर दम्पति कृष्ण कुमार यादव और आकांक्षा यादव को  'दशक के श्रेष्ठ ब्लॉगर दम्पति',  'परिकल्पना ब्लॉगिंग सार्क शिखर सम्मान' के अलावा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा नवम्बर, 2012 में ”न्यू मीडिया एवं ब्लॉगिंग” में उत्कृष्टता के लिए ”अवध सम्मान से भी विभूषित किया जा  चुका  है। इस दंपती ने वर्ष 2008 में ब्लॉग जगत में कदम रखा और  विभिन्न विषयों पर आधारित दसियों ब्लॉग का संचालन-सम्पादन करके कई लोगों को ब्लॉगिंग की तरफ प्रवृत्त किया और अपनी साहित्यिक रचनाधर्मिता के साथ-साथ ब्लॉगिंग को भी नये आयाम दिये। नारी सम्बन्धी मुद्दों पर प्रखरता से लिखने वालीं आकांक्षा यादव का मानना है कि न्यू मीडिया के रूप में उभरी ब्लॉगिंग ने नारी-मन की आकांक्षाओं को मुक्ताकाश दे दिया है। आज एक लाख  से भी ज्यादा हिंदी ब्लॉग में लगभग एक तिहाई ब्लॉग महिलाओं द्वारा लिखे जा रहे  हैं।

ब्लॉगर दम्पति यादव की 10  वर्षीया सुपुत्री अक्षिता (पाखी) को भारत की सबसे कम उम्र की ब्लॉगर माना जाता है। अक्षिता की प्रतिभा को देखते हुए भारत सरकार ने  वर्ष 2011 में उसे "राष्ट्रीय बाल पुरस्कार" से सम्मानित किया, वहीं अंतर्राष्ट्रीय ब्लॉगर सम्मेलन, श्री लंका में उसे  "परिकल्पना कनिष्ठ सार्क ब्लॉगर सम्मान" से भी सम्मानित किया गया। उसका ब्लॉग  'पाखी की दुनिया'  (http://pakhi-akshita.blogspot.in/)  को 100 से ज्यादा देशों में देखा-पढा जाता है।

हिंदी ब्लॉगिंग की दशा और दिशा पर पुस्तक लिख रहे चर्चित ब्लॉगर कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि,  आज ब्लाॅग सिर्फ जानकारी देने का माध्यम नहीं बल्कि संवाद, प्रतिसंवाद, सूचना विचार और अभिव्यक्ति का भी सशक्त ग्लोबल मंच है। आज हर आयु-वर्ग के लोग इसमें सक्रिय हैं, शर्त सिर्फ इतनी है कि की-बोर्ड पर अंगुलियाँ चलाने का हुनर हो।
ब्लॉगिंग मीडिया के दौर  का सशक्त माध्यम 
(साभार : कामयाब कलम, बीकानेर 22 अप्रैल, 2017)

हिन्दी ब्लॉगिंग ने पूरा किया  14  साल का सफर  :  21 अप्रैल को बना था हिंदी का पहला ब्लॉग
हिंदी ब्लॉगिंग में  डाक निदेशक  कृष्ण कुमार यादव  के परिवार की तीन पीढ़ियाँ सक्रिय 
(साभार : जनगण, राजस्थान 22 अप्रैल, 2017)

हिन्दी ब्लॉगिंग ने पूरा किया  14  साल का सफर,  
हिंदी ब्लॉगिंग में  डाक निदेशक केके  यादव के परिवार की तीन पीढ़ियाँ सक्रिय
 (साभार : जलते दीप, जोधपुर  22 अप्रैल, 2017)



 (साभार : दैनिक युगपक्ष, बीकानेर 22 अप्रैल, 2017)