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Monday, August 9, 2021

Indian Postal Service officer Meenakshi Yadav, reportedly committed suicide

भारतीय डाक सेवा-2001 बैच की वरिष्ठ अधिकारी श्रीमती मीनाक्षी यादव नहीं रहीं ........  8 अगस्त, 2021 की देर शाम उन्होंने अपनी इहलीला ख़त्म कर ली। विभिन्न रिपोर्टों में बताया जा रहा है कि वह लम्बे समय से डिप्रेशन में चल रही थीं और अपने घर में ही उन्होंने पंखे से लटककर आत्महत्या कर ली। मीनाक्षी यादव के पति हरियाणा कैडर IAS अधिकारी हैं और उनकी 16 साल की एक बेटी भी है।

जिंदगी बड़े सौभाग्य से मिलती है, आखिर किसी की जिंदगी में ऐसा भी क्या पल आ जाता है जब वह इस प्रकार का आत्मघाती कदम उठाने पर मजबूर हो जाये ? वाकई यह घटना बेहद दुःखद, अविश्वसनीय और अफसोसजनक है।  ईश्वर श्रीमती मीनाक्षी यादव की आत्मा को शांति प्रदान करें और उनके परिवारजनों को इस असीम दुःख को सहने की शक्ति दें। ॐ शांति !! 

The Tribune : Haryana-cadre IAS officer Nitin Kumar Yadav’s wife ends life in Chandigarh

Hindustan Times : Chandigarh: Woman civil servant dies by suicide

अमर उजाला : चंडीगढ़: हरियाणा कैडर के आईएएस नितिन यादव की पत्नी ने की आत्महत्या, नहीं मिला कोई सुसाइड नोट

News 18 हरियाणा : चंडीगढ़: हरियाणा कैडर के IAS अफसर की पत्नी ने किया सुसाइड, सरकारी बंगले में लटका मिला शव

Tuesday, May 18, 2021

Brigadier Yashpal S Mohan, an Ex. Officer of Indian Postal Service is no more

भारतीय डाक सेवा के अधिकारी रहे ब्रिगेडियर यशपाल एस. मोहन जी (Brigadier Yashpal S Mohan, VSM)  का भी कोरोना महामारी से लड़ते हुए 18 मई, 2021 को आकस्मिक देहांत हो गया। आर्मी पोस्टल सर्विस में 18 साल तक आपने कमीशंड ऑफिसर के रूप में सेवाएं दीं और अंतत: सितंबर 2013 में चीफ पोस्टमास्टर जनरल, दिल्ली परिमंडल के पद से सेवानिवृत्त हुए। बेहद सहज, हँसमुख एवं जिज्ञासु प्रवृत्ति के धनी ब्रिगेडियर Yashpal S Mohan वाई.पी.एस. मोहन उत्तर प्रदेश में बरेली परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल भी रहे। सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर एक जिंदादिल शख़्शियत होने के साथ-साथ आप एक अच्छे लेखक भी थे। ईश्वर आपकी आत्मा को शांति प्रदान करें और परिवारजनों को इस असीम दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करें। विनम्र श्रद्धांजलि।ॐ शांति।🙏  

An Officer of Indian Postal Service Brigadier Yashpal S Mohan, VSM is no more. He breathed his last early today May 18, 2021. Mr. Yashpal S.  Mohan joined the Indian Postal Service in Jul 1979. After holding a number of prestigious appointments in Department of Posts, he retired from the post of Chief Postmaster General of Delhi Circle in September 2013. He has served the Army Postal Service Corps of the Indian Army as a Commissioned Officer for over 18 years and as a senior Indian Postal officer in civil for over 16 years. He was a man of many talents- an author, a singer, a filmmaker, he had a heart of gold and a smile on his lips for everyone he met. His life embodied the saying, “zindagi badi honi chahiye, lambi nahi”.

Saturday, May 8, 2021

मेरठ मंडल के प्रवर अधीक्षक डाकघर उग्रसेन का कोरोना से निधन, बरेली में ली अंतिम सांस

मेरठ मंडल के प्रवर डाकघर अधीक्षक श्री उग्रसेन की कोरोना महामारी से लड़ते हुए 7  मई, 2021 को आकस्मिक मौत हो गई । विभागीय दायित्वों के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों को निभाने में निपुण श्री उग्रसेन बेहद कर्मठ अधिकारी थे। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें और परिवार को इस असीम दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करे। ॐ शांति !!🙏

Thursday, May 6, 2021

डाक अधीक्षक वाराणसी (पश्चिमी) मण्डल निर्मल कुमार श्रीवास्तव का कोरोना से निधन, पोस्टमास्टर जनरल केके यादव ने व्यक्त किया शोक


कोरोना महामारी ने तमाम लोगों की जिंदगी असमय ही खत्म कर दी। वाराणसी (पश्चिमी)  मंडल के अधीक्षक डाकघर श्री निर्मल कुमार श्रीवास्तव  कोरोना से लड़ते हुए दिवंगत हो गए। मूलतः बिहार में कटिहार जिले के निवासी 57 वर्षीय श्री श्रीवास्तव ने पटना से स्थानांतरण पश्चात 6 अप्रैल, 2021 को वाराणसी में डाकघर अधीक्षक का पदभार ग्रहण किया था। इसके बाद तबियत खराब होने पर वे अवकाश पर घर चले गए  और कोविड पॉजिटिव होने पर उपचार के दौरान 5 मई, 2021 की सुबह एम्स पटना में अंतिम साँसें लीं।

वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने डाक अधीक्षक श्री निर्मल श्रीवास्तव के आकस्मिक निधन पर गहरा शोक जताते हुए अपनी संवेदनाएँ व्यक्त कीं।  वहीं कैंट प्रधान डाकघर कैम्पस स्थित अधीक्षक कार्यालय में कार्यवाहक अधीक्षक श्री संजय कुमार वर्मा और डाक विभाग के तमाम अधिकारियों - कर्मचारियों ने  दो मिनट का मौन रखकर  उनको श्रद्धाजंलि व्यक्त की।






Saturday, May 1, 2021

दुःखद : चीफ पोस्टमास्टर जनरल बिहार परिमंडल अनिल कुमार का निधन

भारतीय डाक सेवा (1989 बैच) के वरिष्ठ अधिकारी एवं बिहार परिमंडल के चीफ पोस्टमास्टर जनरल 57 वर्षीय श्री अनिल कुमार नहीं रहे। कोरोना से लड़ते हुए एम्स पटना में 1 मई, 2021  की सुबह उन्होंने अंतिम साँसें लीं। बेहद सहज, विनम्र, कर्मठ एवं हमेशा दूसरों की सहायता के लिए तत्पर अनिल कुमार सर का जाना विभाग की एक बड़ी क्षति है। ईश्वर आपकी आत्मा को शांति प्रदान करें और परिवारजनों को इस असीम दुःख को सहने की शक्ति दें। ॐ शांति।🙏

हिंदुस्तान : पटना: डाक विभाग चीफ पोस्ट मास्टर जनरल अनिल कुमार का निधन, एम्स में थे भर्ती

Outlook  : Bihar chief post master general dies of COVID



Friday, April 30, 2021

डाक विभाग के साथ कुशल समन्वय स्थापित करते हुए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई अयोध्या शोध संस्थान के निदेशक योगेंद्र प्रताप सिंह ने, उनके निधन से मर्माहत

अयोध्या शोध संस्थान के निदेशक श्री योगेंद्र प्रताप सिंह को 30 अप्रैल, 2021 को कोरोना ने असमय काल कवलित कर दिया। बेहद सहज, आत्मीय व मिलनसार व्यक्ति होने के साथ-साथ उनमें भारतीय संस्कृति के प्रति गहरा अनुराग था। प्रभु श्री राम से जुड़े प्रसंगों में उनकी विशेष रुचि और आस्था थी। उनके कार्यकाल में अयोध्या शोध संस्थान राम व रामायण पर शोध करने वाला सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभरा। श्री राम की वैश्विक यात्रा पर उनके द्वारा की गई शोध मील का पत्थर साबित हुई। विभिन्न देेशों, भारत के कोने-कोने में व्याप्त राम संस्कृति को लेकर उन्होंने न सिर्फ गहन अध्ययन किया बल्कि उसका दस्तावेज भी तैयार करा रहे थे। वर्तमान में राम व रामायण पर आधारित अब तक के सबसे बड़े प्रोजेक्ट 'ग्लोबल इनसाइक्लोपीडिया ऑफ रामायण' पर काम कर रहे थे। हाल ही में 120 देेशों का रामायण समूह बनाने की तैयारी चल रही थी। इसके लिए ग्लोबल इंसाइक्लोपीडिया ऑफ रामायण का प्रकाशन होना था। दो सौ खंडों में इसका प्रकाशन होना है। पहले अंक का विमोचन कुछ ही महीनों पूर्व लखनऊ में मुख्यमंत्री द्वारा किया गया था। 

19 मई 2004 को अयोध्या शोध संस्थान में अनवरत रामलीला प्रारंभ की गई जो कि कोरोना काल से पहले तक संचालित रही। इस दौरान देश-विदेश की रामलीला का मंचन अयोध्या में हुआ तो भारतीय कलाकारों ने भी विश्व के कई देशों में रामलीला का मंचन किया। दो वर्षों से विदेशी कलाकारों को हिंदी में रामलीला का प्रशिक्षण देने का काम भी चल रहा था। अयोध्या शोध संस्थान के बैनर तले अयोध्या में सांस्कृतिक गतिविधियों को खूब बढ़ावा मिला तो इसका श्रेय भी श्री वाईपी सिंह को ही जाता है। दीपोत्सव में कई देशों की रामलीला सहित भारत की लोककला का प्रस्तुतीकरण उन्हीं के प्रयास का परिणाम रहा।

 प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि मंदिर के मॉडल पर कस्टमाइज्ड स्टैम्प जारी करना हो, चौरी चौरा शताब्दी अवसर पर कस्टमाइज्ड स्टैम्प जारी करना हो, अयोध्या में श्री राम कोदण्ड प्रतिमा पर मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा विशेष आवरण जारी करना हो, इनसाइक्लोपीडिया ऑफ रामायण पर प्रधानमंत्री जी द्वारा   विशेष आवरण जारी करना हो, ऐसे सभी अवसरों पर श्री वाई. पी. सिंह ने संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश की तरफ से डाक विभाग के साथ कुशल समन्वय स्थापित करते हुए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 

श्री वाईपी सिंह ने रामायण संस्कृति को रामलीला व सांस्कृतिक गतिविधियों के जरिए न सिर्फ देश के कोने-कोने बल्कि विदेशों में भी पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। उनका यूँ अकस्मात् चले जाना वाकई दर्दनाक है। प्रभु श्री राम उन्हें अपने चरणों में स्थान दें और उनके परिवार को इस असीम दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करें। ॐ शांति।

(चित्र में : अयोध्या शोध संस्थान में कोदण्ड राम मूर्ति के अनावरण पश्चात उ.प्र. के तत्कालीन चीफ पोस्टमास्टर जनरल श्री वीपी सिंह, अयोध्या शोध संस्थान के निदेशक श्री योगेंद्र प्रताप सिंह और लखनऊ मुख्यालय परिक्षेत्र के तत्कालीन निदेशक डाक सेवाएँ श्री कृष्ण कुमार यादव)