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Thursday, November 3, 2022

Department of Posts launches e-Passbook service for Post Office Savings Bank account holders

Department of Posts has started e-passbook service for its account holders. Using e-passbook service, account holders of various Post office small savings schemes like Savings Bank (SB), Recurring Deposit (RD), Term Deposit (TD), Sukanya Samriddhi Account (SSA), Monthly Income Scheme (MIS), Public Provident Fund Account (PPF), NSC and KVP will be able to know the balances of their accounts as well as will also be able to get the mini statement of S.B., SSA & P.P.F accounts online free of cost. Mini statement will contain the particulars of the last 10 transactions. Highlighting this, Shri Krishna Kumar Yadav, Postmaster General, Varanasi Region said that now the account holders will be able to get information about their accounts at anytime without using net banking and mobile banking. To avail e-Passbook service, it is mandatory to have a mobile number linked in the respective account.

Postmaster General, Shri Krishna Kumar Yadav said that the Department of Posts is continuously upgrading its services and  making it customer friendly by adopting innovation and latest technology. No registration or ID/password is required for e-passbook. This is an important step towards making the post office investment even more secure. It will also be helpful in preventing fraud related activities.

Process of e-passbook-

Postmaster General, Shri Krishna Kumar Yadav said that for e-passbook facility, one has to click on the e-passbook link given on the website of the Department of Posts i.e.  www.indiapost.gov.in or India Post Payments Bank website i.e.  www.ippbonline.com or it can also be accessed directly through U.R.L https://posbseva.ippbonline.com/indiapost/signin. After opening of the webpage, the account holder will have to enter the linked mobile number in specified column. OTP will receive on the mobile after entering the captcha. After entering the OTP, option of Balance Enquiry and Mini Statement will be available for selection. Mini Statement can also be downloaded in PDF format through it.

Shri Yadav further informed that e-passbook service will add new dimension to digital banking. Now, Account holders will no longer have to visit post offices to enquire account balance or information about deposit and withdrawal. They can easily get mini statement and complete information about balances while sitting at home. e-Passbook facility will benefit 29.16 lakh account holders of Varanasi Region which includes 4.17 lakh of Varanasi (East) Division, 7.84 lakh of Varanasi (West) Division, 6.14 lakh of Ballia, 4.09 lakh of Ghazipur and 6.92 of Jaunpur.

e-Passbook facility for Post Office Savings account holders now

Now, check balance and mini statement of Post office Accounts sitting at home through e-Passbook service

Post Office Saving Schemes became Hi-Tech, Get Mini Statement and Balance with e-Passbook

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डाक विभाग ने अपने खाताधारकों के लिए ई-पासबुक सेवा की शुरुआत की है। ई-पासबुक सेवा का उपयोग कर जहाँ डाकघर की विभिन्न लघु बचत योजनाओं - बचत बैंक, आवर्ती जमा (आर.डी), सावधि जमा (टी.डी.), सुकन्या समृद्धि खाता (एस.एस.ए.), मासिक आय योजना (एम.आई.एस), लोक भविष्य निधि खाता (पी.पी.एफ), एन.एस.सी और के.वी.पी के खाताधारक अपने खातों के बैलेंस जान सकेंगे वही एस.बी.,सुकन्या व पी.पी.एफ खातों के मिनी स्टेटमेंट भी ऑनलाइन नि:शुल्क प्राप्त कर सकेंगे I मिनी स्टेटमेंट में अंतिम 10 लेन-देन की पूरी जानकारी होगी। उक्त जानकारी देते हुए वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि अब नेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग का प्रयोग किये बिना ही खाताधारक अपने खाते की जानकारी कभी भी  प्राप्त कर सकेंगे। इस सेवा का लाभ लेने के लिए खाते में मोबाइल नंबर लिंक होना अनिवार्य है।

पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि नवाचार और नवीनतम टेक्नोलॉजी को अपनाकर डाक विभाग अपनी सेवाओं को निरंतर हाई-टेक और कस्टमर फ्रेंडली बना रहा है। ई-पासबुक सेवा के लिए किसी भी प्रकार के पंजीकरण या आई.डी/पासवर्ड की आवश्यकता नहीं है। यह डाकघर में होने वाले निवेश को और भी ज्यादा सुरक्षित करने की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे फ्राड संबंधी गतिविधियों को भी रोका जा सकता है।

ई-पासबुक की प्रक्रिया-

पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि ई-पासबुक की सुविधा के लिए डाक विभाग की वेबसाइट www.indiapost.gov.in या इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक की वेबसाइट www.ippbonline.com पर दिए गए ई-पासबुक लिंक पर क्लिक करना होगा अथवा यू.आर.एल. https://posbseva.ippbonline.com/indiapost/signin का प्रयोग कर सीधे ई-पासबुक की वेबसाइट तक पहुँचा जा सकता है। लिंक खुलने के बाद खाताधारक को निर्दिष्ट कॉलम में पंजीकृत मोबाइल नंबर डालना होगा I कैप्चा दर्ज करके लॉगिन करते ही मोबाइल पर ओ.टी.पी आएगा I इसे दर्ज करने के बाद बचत योजना का चयन कर खाता संख्या दर्ज करनी होगी और पुनः मोबाइल पर प्राप्त ओ.टी.पी डालना होगा। इसके बाद  बैलेंस पूछताछ व मिनी स्टेटमेंट के विकल्प का चयन करते ही विवरण उपलब्ध हो जाएगा I मिनी स्टेटमेंट को पी.डी.एफ फॉर्मेट में डाउनलोड करने की सुविधा भी दी गयी है।   

श्री यादव ने आगे बताया कि ई-पासबुक सेवा, डिजिटल बैंकिंग को नई दिशा प्रदान करेगी। खाते के बैलेंस व जमा-निकासी की जानकारी हेतु खाताधारकों को अब डाकघर नही आना पड़ेगा और वह घर बैठे आसानी से मिनी स्टेटमेंट व बैलेंस की पूरी जानकारी प्राप्त कर सकेंगेI इस सुविधा से वाराणसी परिक्षेत्र के 29.16 लाख खाताधारक लाभान्वित होंगे जिसमें वाराणसी पूर्वी मंडल के 4.17 लाख, वाराणसी पश्चिमी मंडल के  7.84  लाख, बलिया के 6.14 लाख, गाजीपुर के 4.09 लाख व जौनपुर के 6.92 खाताधारक शामिल हैं।






डाकघर के खाताधारकों को मिलेगी ई-पासबुक की सुविधा-पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

ई-पासबुक द्वारा घर बैठे नि:शुल्क प्राप्त करें डाकघर खातों के बैलेंस की जानकारी व मिनी स्टेटमेंट-पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

डाकघर बचत योजनाएँ हुई और हाई-टेक : ई-पासबुक से पाएं मिनी स्टेटमेंट और बैलेंस


Wednesday, August 22, 2018

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 1 सितंबर को करेंगे इण्डिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक का शुभारंभ : आपका बैंक आपके द्वार

भारतीय डाक विभाग के अधीन इण्डिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 1 सितंबर, 2018 को  तालकटोरा स्टेडियम, नई दिल्ली में आयोजित एक समारोह में लॉन्च करेंगे। इसके बाद हर जिले में इण्डिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक की कम से कम एक शाखा होगी जो ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय सेवाओं पर फोकस करेगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा पहले 21 अगस्त को अखिल भारतीय स्तर पर इण्डिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक को लॉन्च किया जाना था, लेकिन पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन के चलते देश में 7 दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया गया है। इसी वजह से पोस्ट ऑफिस पेमेंट्स बैंक की लॉन्चिंग डेट आगे बढ़ाई गई है। 

गौरतलब है कि इण्डिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक की दो शाखाएं पहले से ही रायपुर और राँची में ऑपरेशनल हो चुकी हैं। शेष 648 शाखाएं देश भर में हर जिले में लॉन्च होगी। इण्डिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक 1.55 लाख डाकघर शाखाओं के जरिये ग्रामीण इलाकों के लोगों को बैंकिंग और वित्तीय सेवाएं उपलब्ध कराएगा।

एयरटेल और पेटीएम के बाद इण्डिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक तीसरी संस्था है जिसे पेमेंट बैंक शुरू करने के लिए मंजूरी मिली है। पेमेंट बैंक में एक व्यक्ति 1 लाख रुपए तक जमा कर सकता है। ये बैंक छोटे कारोबारी और आमजन की जरूरतों को पूरा करने के लिए बनाया गया है। इसमें इंटरनेट बैंकिंग की सुविधा भी मिलेगी।
सरकार की ओर से इस पेमेंट बैंक का इस्तेमाल नरेगा के भत्तों को बांटने, सब्सिडी और पेंशन आदि देने के काम में इस्तेमाल किया जाएगा। इसके जरिये कस्टमर फोन रीचार्ज, गैस कनेक्शन और बिजली के बिल का भुगतान, कॉलेज की फीस भरने, डीटीएस सर्विस सहित करीब 100 फर्मों के भुगतान कर सकेंगे।
भारत  सरकार इस साल के अंत 1.55 लाख डाकघर शाखाओं को इण्डिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक सेवाओं से जोड़ने का प्रयास कर रही है। इससे देश का सबसे बड़ा बैंकिंग नेटवर्क अस्तित्व में आएगा जिसकी गांवों के स्तर तक मौजूदगी होगी।


पूरे देश में इण्डिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक  650 शाखाओं के साथ शुरुआत करेगी।  इसके अतिरिक्त डाकघरों में 3,250 एक्सेस पॉइंट होंगे और साथ ही 11,000 डाकिये होंगे। ये ग्रामीण और शहरी इलाकों दोनों में घर के दरवाजे पर बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराएंगे। इण्डिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक को 17 करोड़ डाक बचत बैंक खाते को अपने खाते से जोड़ने की अनुमति है। इसके जरिए ग्राहकों की सुविधा बढ़ जाएगी और वो कोर बैंकिंग से जुड़ जाएंगे। (आईपीपीबी) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुरेश सेठी  के मुताबिक हमको RTGS, NEFT और IMPS ट्रांजैक्शन की मंजूरी मिल चुकी है। इसके जरिए ग्राहक किसी भी बैंक अकाउंट में रकम ट्रांसफर कर सकेंगे और खुद के अकाउंट में मंगा सकेंगे। ग्राहक IPPB की सेवा को मोबाइल एप के जरिए भी उपयोग कर सकेंगे।


Wednesday, April 11, 2018

पोस्ट ऑफिस अकाउंट्स को इंडियन पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) से लिंक करने की मिली अनुमति

यदि डाकघर में आपका बचत खाता है तो आपके लिए यह खुशखबरी है।  देश के करीब 34 करोड़ पोस्ट ऑफिस सेविंग्स अकाउंट होल्डर्स मई से सारी सर्विसेज ऑनलाइन ले पाएंगे। सरकार ने पोस्ट ऑफिस अकाउंट्स को इंडियन पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) से लिंक करने की अनुमति दे दी है। मई से पोस्ट ऑफिस के खाताधारकों को भी डिजिटल बैंकिंग सर्विसेज लेने का मौका मिल जाएगा। 
वित्त मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया, 'वित्त मंत्रालय  ने पोस्ट ऑफिस के बैंक खातों को IPPB से लिंक करने की अनुमति दे दी है। यानी अब पोस्ट ऑफिस के खाताधारक भी ऑनलाइन अपने अकाउंट से दूसरे अकाउंट में पैसे ट्रांसफर पाएंगे।' 34 करोड़ सेविंग अकाउंट्स में से 17 करोड़ पोस्ट ऑफिस सेविंग्स बैंक अकाउंट्स हैं और बाकी मासिक इनकम स्कीम्स और आरडी आदि के हैं।

सरकार के इस कदम से देश का सबसे बड़ा बैंकिंग नेटवर्क भी बनेगा क्योंकि भारतीय डाक 1.55 लाख पोस्ट ऑफिस की ब्रांचों को IPPB से लिंक करने की योजना भी बना रहा है। भारतीय डाक ने अहम बैंकिंग सर्विसेज की शुरुआत तो कर दी है लेकिन अभी पैसा ट्रांसफर केवल पोस्ट ऑफिस सेविंग्स बैंक अकाउंट्स में ही हो सकता है। 

आधिकारिक सूत्र ने बताया, 'IPPB को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया संभालता है वहीं पोस्ट ऑफिस की बैंकिंग सर्विसेज वित्त मंत्रालय के अंतर्गत आती हैं। IPPB कस्टमर्स NEFT, RTGS और अन्य मनी ट्रांसफर सर्विसेज इस्तेमाल कर पाएंगे जो अन्य बैंकिंग कस्टमर्स करते हैं। एक बार पोस्ट ऑफिस सेविंग्स अकाउंट्स IPPB से लिंक हो गए, तब सभी कस्टमर्स दूसरे बैंकों की तरह ही कैश ट्रांसफर की सभी सर्विसेज इस्तेमाल कर पाएंगे।'
सूत्र ने बताया कि भारतीय डाक  मई-2018 से  सभी खाताधारकों को इस सुविधा का लाभ उठाने का मौका देगा। यह सर्विस पूरी तरह से वैकल्पिक है, अगर पोस्ट ऑफिस खाताधारक इसे अपनाना चाहेंगे तो उनके खाते को IPPB से लिंक कर दिया जाएगा। 

भारतीय डाक की योजना  इस महीने से सभी 650 IPPB शाखाओं को शुरू करने की  है। ये सभी 650 ब्रांच जिलों के छोटे पोस्ट ऑफिसों से जुड़ेंगे। सभी IPPB ब्रांच और सभी एक्सेस पॉइंट्स पोस्ट नेटवर्क से जुड़ेंगे। देश में अभी 1.55 लाख पोस्ट ऑफिस हैं जिसमें से 1.3 लाख ग्रामीण इलाकों में हैं। 1.55 लाख शाखाओं के साथ भारतीय डाक देश का सबसे बड़ा बैंकिंग नेटवर्क बना लेगा। 

Post office savings account customers can soon avail full digital banking service through IPPB

Around 34-crore Post Office savings account holders will be able to avail a full-fledged digital banking service from May as the government has approved linking such accounts with that of India Post Payments Bank (IPPB). 

"The finance ministry has approved linking of savings bank accounts at post offices with IPPB accounts. This will enable post office account holders to transfer money from their account to any bank accounts...," an official source told PTI. 

The 34 crore  savings accounts comprise 17 crore post office savings bank accounts and rest are those subscribed monthly income scheme, recurring deposits etc. 

The move also paves the way for creating of country's largest banking network as India Post has plans to link all 1.55 lakh post office branches with the IPPB. 

India Post has has started core banking service but it offers money transfer service within post office savings bank (POSB) accounts. 

"IPPB is governed by Reserve Bank of India and banking service of post offices comes under the finance ministry. IPPB customers can use NEFT, RTGS and other money transfer services as available for any banking customers. Once POSB accounts are linked with IPPB, customers will be able to enjoy all money transfer service like other banks," the source said. 


He said that by May, India Post will give option to POSB account customers to avail this facility. 

"The service will be optional. If post office account holders opt for it, their account will be linked to their IPPB account," the source said. 

As per an official statement issued earlier, India Post plans to start functioning of all 650 IPPB branches from this month. All 650 branches will be connected to smaller post offices in the districts. 


"IPPB branches and all the access points will be linked to postal network which has 1.55 lakh post offices in total. Out of this, 1.3 lakh branches are in rural area," the source said. 

With 1.55 lakh branches, India Post will be able to create country's largest banking network. 

"In the second phase, starting September, account holders in post office will have an option to pay for post office products from their IPPB accounts including deposit money for Sukanya Samridhi Yojana,   recurring deposits, speed post, etc," he said. 

Also, the IPPB will start registering merchants who will accept payment from its customer with help of application. The IPPB customers will be able to make payments to various merchants like grocery store, tickets etc with help of their app, the source said. 

Courtesy : PTI

Monday, December 11, 2017

प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना की राशि अब डाकघर के खाते में, आधार नंबर से करवाना होगा अपडेट - डाक निदेशक केके यादव

कोर बैंकिंग सेवा से जुड़ने के बाद अब डाकघर बचत खातों में प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना (PMMVY) की राशि जमा होगी। इसके लिए गर्भवती और स्तनपान करने वाली माताओं को डाकघर में बचत खाता खुलवाकर आधार नंबर से अपडेट करवाना होगा।

इस संबंध में जानकारी देते हुए राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएं श्री क़ृष्ण कुमार यादव ने बताया कि केंद्र सरकार की डीबीटी (प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण) योजना के तहत प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के तहत दी जाने वाली राशि अब डाकघर के बचत खाते में भी सीधी जमा होगी। इस योजना के अंतर्गत सरकार पहले जीवित बच्चे के जन्म के लिए गर्भवती और स्तनपान करने वाली माताओं को 6,000 रुपए की सहायता प्रदान करवाती है। इसके लिए माताओं को डाकघर में बचत खाता खुलवाकर आधार नंबर से अपडेट करवाना होगा। इसके  तहत 6,000 रुपये की राशि महिलाओं के सीधे खाते में आएगी जिसे तीन बार की किस्त में दिया जाएगा। 

पहली किस्त: 1000 रुपए गर्भावस्था के पंजीकरण के समय
दूसरी किस्त: यदि लाभार्थी छह महीने की गर्भावस्था के बाद कम से कम एक प्रसवपूर्व जांच कर लेते हैं तो 2,000 रुपए मिलेंगे।
तीसरी किस्त: जब बच्चे का जन्म पंजीकृत हो जाता है और बच्चे को BCG, OPV, DPT और हेपेटाइटिस-B सहित पहले टीके का चक्र शुरू होता है।

प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना (PMMVY) निम्न श्रेणी के गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए लागू नहीं होगी।
1. जो केंद्रीय या राज्य सरकार या किसी सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम के साथ नियमित रोजगार में हैं।
2. जो किसी अन्य योजना या कानून के तहत समान लाभ प्राप्तकर्ता हैं।
प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के तहत फायदा लेने के लिए महिलाएं गर्भवस्था के दौरान पास की किसी आंगनवाड़ी में जाकर आवेदन कर सकतीं हैं। जिसके लिए उन्हें  अपने आधार कार्ड के साथ  खाते की जानकारी देनी होगी। प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के तहत उन्हें वक्त वक्त पर अपना चैकअप कराना होगा।

डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के तहत खाते खुलवाने हेतु डाकघरों को विशेष कैंप लगाने हेतु निर्देश दिये गए है। सभी पोस्टमैन एवं ग्रामीण डाक सेवकों को भी निर्देश दिये गए हैं  कि डाक वितरण के दौरान लोगों को इस संबंध में जागरूक करें तथा ग्रामीण क्षेत्रों में आंगनवाडी और आशा कार्यकर्ताओं से संपर्क कर गर्भवती और स्तनपान करने वाली माताओं के खाते खुलवायें जिससे योजना की राशि सीधी उनके खाते में जमा हो सके। 

प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के लिए सरकार ने जनवरी 2017 और मार्च 2020 तक के लिए 12,661 करोड़ का बजट बनाया है। प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना में 12661 करोड़ रुपये में से लगभव आठ करोड़ रुपये राज्य सरकार को दिए जाएंगे ताकि वो इस योजना को लोगों तक ज्यादा से ज्यादा पहुंचा सकें।

डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि केंद्र सरकार के निर्देशानुसार 31 दिसंबर तक डाकघर के प्रत्येक खाते एवं बचत पत्र को आधार नंबर से लिंक करवाना अनिवार्य है। उन्होने सभी से इसे तय सीमा के भीतर अपडेट कराने हेतु अपील भी की, ताकि भविष्य में लेन-देन में परेशानियों का सामना न करना पड़े।  






Pradhan Mantri Matritva Vandana Yojana 

Tuesday, June 6, 2017

डाकघर ही क्यों ?

उस गरीब रिक्शा चालक ने पाई-पाई जोड़कर बैंक में खाता खुलवाया था। बड़े जतन से ₹2000 खाते में जमा किये थे। एक साल आठ महीने बाद आज उसकी लड़की को लड़के वाले देखने आ रहे हैं । पूरी उम्मीद है कि उन्हें उसकी संस्कारी बिटिया जरूर पसन्द आयेगी। "लड़के वालों के स्वागत सत्कार में कोई कमी नहीं आनी चाहिए। अच्छे से अच्छा नाश्ता लाऊंगा, लड़के वालों को उपहार भी दूंगा, पैसे मैनें बचा रखे हैं इस दिन के लिए ,वो कब काम आएंगे, पूरे दो हजार रुपए हैं और कुछ ब्याज भी तो मिलेगा बीस महीने का" यही सोचते-सोचते एक धावक की भांति वह चला जा रहा था। दूर से ही बैंक का बोर्ड देख कर गजब की फुर्ती आ गई थी उसके पैरों में। वह जल्दी से भीतर दाखिल हुआ, तुरन्त विड्राल फार्म भरकर लाईन में लग गया। आज उसे अपने साक्षर होने पर सबसे ज्यादा गर्व हो रहा था। किसी की मान-मनौव्वल जो नहीं करनी पड़ी फार्म भरवाने के लिए। अपना नंबर आते ही उसने लपक कर फार्म और पासबुक उस छोटी सी खिड़की में प्रविष्ट करा दिए और इन्तजार करने लगा रुपए या यूं कह लें अपनी बेटी के सुनहरे दिन हाथ में आने का।

"आपके खाते में जमा रकम शून्य है, पैसे जमा कराइए नहीं तो खाता बन्द हो जाएगा"- क्लर्क की ये आवाज उसने भी सुनी पर वो पलट कर इधर उधर वाले व्यक्ति को देखने लगा कि शायद ये कथन उसके लिए कहा गया है, क्योंकि उसके अपने खाते में तो पूरे दो हजार रूपए जमा हैं ।

"मैं आप ही से कह रहा हूं रामस्वरूप जी, आपके खाते में चौदह रुपए पिचहत्तर नये पैसे हैं " 

सुनकर वो ऐसे स्तब्ध था मानो किसी ने पिघला हुआ कांच डाल दिया हो उसके कान में, "ऐसा कैसे हो सकता है बाबू जी, आप ठीक से देखिए पूरे दो हजार रूपए हैं मेरे खाते में"

इस बार क्लर्क थोडा़ मुखर हुआ, बोला-" आप दुरुस्त फरमा रहे हैं पर सरकार ने नियम बदल दिए हैं। अब आपको खाते में न्यूनतम जमाराशि ₹ 5000 रखनी होगी नहीं तो दण्डस्वरूप आपके खाते से प्रतिमाह 100 रुपए की राशि काट ली जाएगी। आपके साथ यही हुआ है रामस्वरूप जी! न्यूनतम राशि न होने से आपके खाते से भी प्रतिमाह 100 रूपया इस प्रकार 20 महीने में 2000 रुपए की कटौती की गयी है, रामस्वरूप जी"- कहकर क्लर्क उसके पीछे खड़े ग्राहक को पुकारने लगा।

संज्ञाशून्य उस गरीब को भीड़ ने कब लाईन के बाहर कर दिया उसे पता ही नहीं चला।

टूटे कदमों से वह बैंक से बाहर निकल ही रहा था कि उसे चिर परिचित आवाज सुनाई दी "राम राम भैया" 

अरे! राम राम बंशी काका !

उसने उखड़े मन से कहा ! 

बंशी काका की अनुभवी निगाहों से रामस्वरूप का दुख छुप न सका, बोले - क्या हुआ भैया? इतने दुखी क्यों हो?

क्या बताऊं काका, बड़े जतन से दो हजार रुपये बचाकर बैंक में जमा कराये थे, आज बेटी के लिये रिश्ता आनेवाला है तो सोचा थोड़ा पैसा निकाल आऊं, मेहमानों की आवभगत में काम आयेगा लेकिन....

इसके आगे उसके मुंह से बोल तो न फूटे पर हां आंखों से आंसू जरुर छलक पड़े। 

लेकिन हुआ क्या? यह तो बताओ? बंशी काका ने दिलासा देते हुए पूछा !

आंसुओं को काबू करने का प्रयास करते हुए उसने बताया कि कैसे उसके पसीने की कमाई बैंक डकार गया ! 

उसकी बात सुनकर बंशी काका के सामने अपने गांव के डाकिये की सूरत तैरने लगी ।

थोड़ा ठहर कर वे बोले- भैया पिछले साल ही मेरा डाकिया मेरे घर आया था और समझा रहा था कि आजकल डाकघर भी बैंक बन गये है। और हां यह भी बता रहा था कि डाकघर में बचत खाता खुलवाने के फायदे ही फायदे हैं जैसे कि डाकघर बचत खाता केवल पचास रुपये से खोल सकते हैं, हजारों रुपये बेलेंस रखने की बंदिश नहीं है। वह तो यह भी बता रहा था कि केवल 12 रुपये की सालाना किश्त कटती है और हमारा बीमा भी है अपने गांव के मेरे डाकघर खाते से देशभर में कहीं भी लेनदेन कर सकते हैं, डाकघर इसकी कोई फीस भी नहीं लेता है और हां, आजकल तो डाकघर बचत खाते पर एटीएम कार्ड भी फ्री मिल रहा है । बैंकों में चार पांच से ज्यादा लेनदेन कर लो तो उसका भी पैसा काट लेते हैं पर डाकघर में आप रोज लेनदेन करो तो भी एक धेला तक नहीं कटता । सबसे बड़ी बात तो यह है कि इस एटीएम कार्ड से किसी भी बैंक की एटीएम मशीन से पैसा निकाल सकते हैं.... चहकते हुए बंशी काका ने रामस्वरुप का हाथ पकड़ा और कहा आओ मेरे साथ ! 

बंशी काका की बातों से रामस्वरुप प्रभावित हो चला था, वह प्रतिकार न कर सका और न ही यह पूछ पाया कि कहां चलना है?

बैंक परिसर में लगे बैंक के एटीएम में जाकर बंशी काका ने अपनी जेब से डाकघर का एटीएम कार्ड निकाला और देखते ही देखते अपने डाकघर खाते से पांच सौ रुपये निकाले और धीरे से पांच सौ की वह नोट रामस्वरूप के हाथ में थमाते हुए बोले- ये लो और जाओ, मेहमानों का खुशी-खुशी स्वागत करो ! 

"पर काका.... " वह अचकचाते हुए बोला लेकिन बंशी काका तो अपनी सायकल पर सवार हो चुके थे । वह सोचने लगा इस बार तो बंशी काका भगवान बनकर आ गये वरना इन बैंक वालों ने तो नाक कटवाने में कोई कसर ना रखी थी और जरुरी नहीं कि हर बार बंशी काका जैसा फरिश्ता मिल ही जाये। उसने निश्चय किया कि वह आज ही डाकघर में अपना बचत खाता खुलवाकर रहेगा । बड़े आत्मविश्वास से अब वह अपने घर की ओर चल दिया था....!!

Sunday, May 21, 2017

अब डाकघर के खाते जुड़ेंगे आधार और मोबाईल नंबर से, इलाके के पोस्टमैन को देकर भी लोग लिंक करा सकेंगे अपना आधार और मोबाईल नंबर

कोर बैंकिंग से जुड़ने के बाद डाकघरों में खुले सभी पुराने खातों को आधार संख्या और मोबाईल नंबर से जोड़ने की कवायद आरम्भ हो गई है। इस हेतु राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर में 25 मई तक एक विशेष अभियान चलाकर  ग्राहकों को जागरूक कर उनके खातों को आधार और मोबाईल संख्या से जोड़ा जायेगा। 

इस सम्बन्ध में जानकारी देते हुए राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएँ  कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि डाकघर में खोले जा रहे नए खातों  में आधार संख्या और मोबाईल नंबर खाता खोलते समय ही लिए जा रहे हैं, पर डाकघर में पहले से खुले सभी प्रकार के खातों  को भी आधार और मोबाईल नंबर से जुडवाना आवश्यक है जिससे  भविष्य मे आने वाली सभी सरकारी योजनाओं का लाभ ग्राहकों को मिल सके। मोबाईल नंबर को खातों मे जुडवाने से  प्रत्येक जमा एवं निकासी की सूचना एसएमएस द्वारा उनके मोबाईल पर आ जाएगी। 

    डाक निदेशक कृष्ण कुमार  यादव ने कहा कि ग्राहकों की सुविधा के लिए के सभी पोस्टमैन एवं ग्रामीण डाक सेवकों  को भी निर्देश दिये गए हैं  कि डाक वितरण के दौरान लोगों  को इस सम्बन्ध में जागरूक करें और जो खाताधारक डाकघर नहीं आ सकते उनसे आधारकार्ड की फोटोप्रति संकलित कर संबंधित डाकघर मे जमा कराएं ताकि उनके खातों को भी आधार और मोबाईल नंबर से लिंक किया जा सके। इसके अलावा खाताधारक अपने आधार कार्ड की फोटो प्रति पर अपना खाता संख्या, नाम, मोबाईल संख्या और हस्ताक्षर दर्ज कर डाकघरों में जमा करा सकते हैं।

काउंटर के साथ-साथ प्रत्येक डाकघर मे इसके लिए ड्रॉप बॉक्स लगाने के भी निर्देश दिये गए हैं। डाकघर के बचत एजेंटों को भी इसके लिए लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं।  डाक विभाग ने इस कार्य को तेजी से अंजाम देने के लिए आधार और मोबाईल नंबर संकलित करने हेतु डाककर्मियों को 50 पैसे और इसे सिस्टम में फीड करने हेतु भी 50 पैसे  देने की घोषणा की है। 


Wednesday, June 15, 2016

डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव ने की राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र के डाक अधिकारियों के कार्यों की समीक्षा

राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र के सभी 44 उप डाक मंडलों के सहायक डाक अधीक्षकों/डाक निरीक्षकों एवं सभी 19 प्रधान डाकघरों के पोस्टमास्टरों को डाक विभाग में नित हो रहे परिवर्तनों से रूबरू कराने के लिए एक दिवसीय कार्यशाला एवं समीक्षा बैठक का आयोजन 15  जून, 2016 को जोधपुर कलेक्ट्रेट स्थित डीआरडीए कांफ्रेंस हॉल में किया गया। बैठक की अध्यक्षता राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएं कृष्ण कुमार यादव ने की।  इस अवसर पर विभिन्न डाक सेवाओं के बारे में पावर प्वाइंट द्वारा प्रस्तुति देकर डाक अधिकारियों को अद्यतन व प्रोत्साहित किया गया।


राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएं कृष्ण कुमार यादव ने बदलते परिवेश में डाकघरों की कार्य प्रणाली, डाक वितरण,  बचत और बीमा सेवाओं, कोर बैंकिंग सर्विस, राष्ट्रीय स्वच्छ्ता अभियान की सिलसिलेवार समीक्षा के साथ गत वित्तीय वर्ष में अर्जित लक्ष्यों की समीक्षा की तथा इस वित्तीय वर्ष में अधिक से अधिक नये बचत बैंक खाते, सुकन्या समृद्धि खाते खोलने एवं डाक जीवन बीमाध्ग्रामीण डाक जीवन बीमा के व्यवसाय अर्जन बाबत  विस्तार पूर्वक रणनीति पर चर्चा की। श्री यादव ने कहा कि पिछले वित्तीय वर्ष में बचत खातों, डाक जीवन बीमा बीमा और सुकन्या समृद्धि खातों के संबंध में राजस्थान में जोधपुर क्षेत्र ने काफी अच्छा कार्य किया है और अब जरूरत है कि इस वित्तीय वर्ष में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए अभी से प्रयास आरम्भ कर दिए जाएँ। जोधपुर क्षेत्र के सभी डाकघरों में  विभिन्न योजनाओं में कुल 70 लाख 65  हजार खाते संचालित हैं, जिनमें गत वित्तीय वर्ष में 8 लाख 30 हजार से ज्यादा खाते खोले गये। जोधपुर क्षेत्र के सभी 532 (19 प्रधान डाकघर एवं 513 उपडाकघर) सीबीएस हेतु उपयुक्त डाकघरों को कोर बैंकिंग सेवा से जोड़ा जा चुका है, वहीं 24 एटीएम भी सुचारु रूप से कार्य कर रहे हैं। इण्डिया पोस्ट पेमेंट बैंक के तहत प्रथम चरण में पश्चिमी क्षेत्र में  जोधपुर तथा बीकानेर को चिन्हित किया गया है। सुकन्या समृद्धि योजना के तहत जोधपुर क्षेत्र में डाकघरों द्वारा कुल 1,15,712 सुकन्या समृद्धि योजना खाते खोले गये हैं, जिनमें कुल 41.81 करोड़ रूपये जमा हैं। जोधपुर क्षेत्र के 07 गाँवों को “सम्पूर्ण सुकन्या समृद्धि ग्राम” बनाया जा चुका है।  

     
डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव कहा कि वक्त के साथ डाक सेवाओं  में तमाम बदलाव आये हैं और अब डाक विभाग इस बदलाव को ग्रामीण सूचना एंव संचार सेवा (रूरल आई सी टी) के तहत निचले स्तर तक ले जाने की प्रक्रिया में है। इसके तहत प्रत्येक ग्राम के डाकघर को ऑनलाइन सिस्टम से जोड़ा जाएगा जिससे वह गाँव में बैठे ही ऑनलाइन लेनदेन कर सकेंगे तथा साथ ही शाखा डाकघर माइक्रो एटीएम की तरह कार्य कर किसी भी बैंक के ट्रांजेक्शन करने, नरेगा भुगतान आदि कार्य करने में सक्षम होंगे। इस प्रोजेक्ट के तहत शाखा डाकघरों को नेटबुक व हैण्डहेल्ड डिवाइस के साथ-साथ मोबाइल थर्मल प्रिन्टर, स्मार्ट्कार्ड रीडर, फिंगर प्रिन्ट स्कैनर, डिजिटल कैमरा एवं सिगनेचर व दस्तावेज स्कैनिंग के लिए यन्त्र भी मुहैया कराया जायेगा, जिसके परिणामस्वरूप शाखा डाकघर तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर व सक्षम बनेंगे। सोलर चलित उपकरण प्रदान भी किए जायेंगे, ताकि विद्युत के अभाव में कार्य में बाधा न पडे ।  

सहायक डाक अधीक्षकों/डाक निरीक्षकों से रूबरू  हुए डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि वे अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच पुल की भांति कार्य करते हैं और इस पुल को सुदृढ़ बनाकर ही डाक सेवाओं का सम्यक क्रियान्वयन, उचित मानीटरिंग और अधिकाधिक राजस्व अर्जन किया जा सकता है। श्री यादव ने विशेष अभियान चलकर हर घर में हर किसी के पास एक बचत/आवर्ती  खाता खोलने,  पश्चिमी क्षेत्र  की 10 साल तक की सभी बालिकाओं को सुकन्या समृद्धि योजना से जोड़ने एवं सरकारी-अर्धसरकारी विभागों में डाक मेले लगाकर ”डाक जीवन बीमा” और ”ग्रामीण डाक जीवन बीमा” की लक्ष्य प्राप्ति पर  जोर दिया। भारत सरकार द्वारा आरंभ की गयी जन सुरक्षा योजनाओं मसलन, प्रधान मंत्री सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना एवं अटल पेंशन योजना से भी अधिकाधिक लोगों को जोडने का आह्वान किया। त्वरित  डाक वितरण के साथ-साथ सिस्टम में उसके तत्काल अपडेशन पर भी उन्होंने जोर दिया, ताकि लोग घर बैठे ही अपने स्पीड पोस्ट, रजिस्ट्री, पार्सल के वितरण के बारे में जानकारी कर सकें।  





प्रधान डाकघरों के सभी पोस्टमास्टरों से रूबरू होते हुए डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि फील्ड में उनकी कार्य गतिविधियाँ ही विभाग के प्रति लोगों की अवधारणा (इमेज) बनाती हैं, ऐसे में उन्हें ग्राहकों के प्रति ज्यादा संवेदनशील होने की जरुरत है। आज के प्रतियोगी दौर में यह सोचना कि  मात्र काउंटर पर सेवाएँ देकर जनता को आकर्षित किया जा सकता है, उचित नहीं है। ज्यादा राजस्व के लिए हमें खुद लोगों के पास जाना होगा, नियमित संवाद स्थापित करते हुए उन्हें सेवाओं और गुणवत्ता के बारे में जागरूक करना होगा, तभी लक्ष्यों की प्राप्ति हो सकेगी।

इस अवसर पर सहायक निदेशक इशरा राम, कान सिंह राजपुरोहित,  वरिष्ठ लेखा अधिकारी एम. जे. व्यास, सहायक डाक अधीक्षक  तरुण शर्मा, बी. आर. राठौड,  डाक निरीक्षक  राजेंद्र सिंह भाटी, सुदर्शन सामरिया इत्यादि ने विभिन्न सेवाओं के संबंध में लोगों को जानकारी दी।