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Tuesday, July 5, 2016

राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र के पोस्टल मार्केटिंग एक्जिक्युटिवज की जोधपुर में हुई एक दिवसीय कार्यशाला

राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र के सभी 10 डाक मंडलों के मार्केटिंग एक्जिक्युटिवज को डाक विभाग में नित हो रहे परिवर्तनों से रूबरू कराने के लिए एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन 5 जुलाई, 2016  को पोस्टमास्टर जनरल कार्यालय स्थित कांफ्रेंस हॉल में किया गया। कार्यशाला का उद्घाटन राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएं कृष्ण कुमार यादव ने किया।  इस अवसर पर विभिन्न प्रीमियम सेवाओं के बारे में पावर प्वाइंट द्वारा प्रस्तुति देकर मार्केटिंग एक्जिक्युटिवज को अद्यतन व प्रोत्साहित किया गया।

कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए निदेशक डाक सेवायें श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि व्यवसायिकता के इस दौर में बिना स्वस्थ्य प्रतिस्पर्धा के कोई भी संगठन उन्नति नहीं कर सकता और इस क्रम में डाक सेवा को मूल्यवर्धित सेवाओं से जोड़ते हुए विभाग ने लोगों की वर्तमान एवं भावी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिये प्रौद्योगिकी आधारित तमाम नये उत्पाद एवं सेवायें भी आरम्भ की हैं। स्पीड पोस्ट आज एक विश्वनीय ब्रांड बन चुका है तो  बिजनेस पोस्ट के अंतर्गत सारी प्रीमेलिंग गतिविधियों को आसान तारीके से निपटाया जाता है। श्री यादव ने कहा कि ई-कामर्स के इस दौर में कैश अन डिलिवरी से जोड़ते हुए एक्सप्रेस पार्सल और बिजनेस पार्सल सेवा अारंभ की गई है, जिसका उद्देश्य दूरदराज व ग्रामीण इलाकों तक भी कम लागत में शीघ्र वितरण सेवा देकर ई-कामर्स बाजार को बढ़ावा देना है। 


डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने सेवाओं के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि व्यक्ति से लेकर व्यवसाय के हर सेक्टर की जरूरतों के मुताबिक डाक-सेवाओं का वर्गीकरण कर उन्हें उपलब्ध कराया जा रहा  है। मीडिया पोस्ट के अंतर्गत डाक स्टेशनरी, लेटर बाक्स, मेल गाड़ी व डाकघरों में विज्ञापन लगाने की सुविधा प्राप्त है तो  रिटेल पोस्ट की मार्फत डाकघर अपने काउन्टरों पर फार्म बेचने और बिल जमा करने की सुविधा प्रदान करते हैं।  बिल मेल सेवा हर तिमाही न्यूनतम 5000 प्रपत्र व बिल एक ही जिले में प्रेषित करने वालों हेतु सामान्य दरों से कम मात्र 3 रुपये में डाक भेजने की सुविधा उपलब्ध कराता है,  वहीं डायरेक्ट पोस्ट के तहत बिना पता लिखी डाक के लक्षित जनता के दरवाजे पर डाकियों द्वारा वितरण सुनिश्चित किया जाता है। शहर और गाँवों के बीच डिजिटल डिवाइड के अंतराल को कम करने के लिए ई-पोस्ट सेवा है, जिसमें ई-मेल द्वारा भेजे गए पत्र की हार्ड कॉपी निकालकर डाकिया द्वारा वितरित किया जाता है।  श्री  यादव ने कहा कि  आन-लाइन ट्रैकिंग, बुक नाउ-पे लेटर, बल्क मेल पर छूट, फ्री पिकअप,  कैश आन डिलेवरी जैसी स्कीमों के तहत डाक सेवाओं को और आकर्षक बनाया गया है। इसके अलावा  ई-पेमेण्ट, लाजिस्टिक पोस्ट, फिलेटली, माई स्टैंप इत्यादि के संबंध में भी उन्होंने जानकरी दी ।

निदेशक डाक सेवायें श्री कृष्ण कुमार यादव ने  विपणन अधिकारियों  से रूबरू होते हुए कहा कि  वर्तमान परिवेश में मजबूती से खड़े रहने के लिए हमें बाजार की आवश्यकताओं, संभावनाओं एवं जोखिम के प्रति अत्यन्त संवदेनशील रहने की जरूरत है। यह युग तकनीकी का युग है। तकनीक के प्रति पल-प्रतिक्षण अपडेट रहने की आवश्यकता है। श्री यादव ने जोर देकर कहा कि प्रतियोगिता के इस दौर में ग्राहक को अपने साथ जोड़े रखना सबसे बड़ी चुनौती है, इसलिए पारदर्शी, संवेदनशील एवं सम्मानजनक ग्राहक सेवा के साथ जरूरी है कि हम अपने ग्राहकों के सहयोगी एवं मार्गदर्शक बने।

इस अवसर पर सहायक निदेशक इशरा राम, वरिष्ठ लेखा अधिकारी बी. पी. टाक, सहायक डाक अधीक्षक  तरुण शर्मा, डाक निरीक्षक  सुदर्शन सामरिया इत्यादि ने  विभिन्न सेवाओं और उनके विभिन्न पहलुओं  के संबंध में लोगों को जानकारी दी।

Tuesday, April 1, 2014

Postal department to deliver pamphlets at voters' doorsteps

With election campaigning catching pace, candidates and their supporters need to be ready to face the heat, literally.The soaring mercury is set to trouble those campaigning door-to-door in both urban and rural areas. At such a time, the postal department is set to give some relief to political parties with a novel method. According to a new scheme, the department will deliver pamphlets of candidates in their chosen area through Direct Post.

The Director of Postal Services for the Allahabad Region, Krishna Kumar Yadav, said as it would not be possible for candidates to reach each and every house in their constituency and also follow restrictions on processions and road shows, the postal department scheme would help them in canvassing for votes.While social media has limited access in rural areas and there are limits enforced by operators on text messages on mobile phones, direct post may be the best choice for candidates campaigning for the Lok Sabha elections.

Under the scheme, candidates and parties can hand over election pamphlets to the post office and a postman will deliver them to all the houses in the area specified by them. The cost is just Rs 1.5 per pamphlet but there should be at least 1,000 of these for a package.The director KK Yadav further said that with increasing commercial activity, the need for direct advertising of products and services is growing.

Direct Post is the unaddressed component of Direct Mail and would comprise unaddressed postal articles like letters, cards, brochures, questionnaires, pamphlets, samples, promotional items like CDs, coupons, posters, or any other form of printed communication not prohibited by the Indian Post Office Act, 1898, or Indian Post Office Rules, 1933.

For local distribution, India Post would charge Rs 1.5 per article for the first 20 grams and Rs 2 per article for distribution anywhere in the country. However, for every additional 20 grams or less, in both local and inter-city cases, Rs 1 extra would be charged, Yadav added.


Courtesy : Hindustan Times.

Friday, March 28, 2014

अब चुनाव में नेताओं के संदेश भी लाएगा डाकिया

लोकसभा चुनाव की तैयारियों के साथ ही सभी राजनैतिक दल व नेता जनता तक पहुँचने की कवायद में लगे हुये हैं।  हर कोई जनता तक पहुँचना चाहता है। सोशल मीडिया से लेकर मोबाइल तक का इस्तेमाल इसके लिए किया जा रहा है। पर इनकी सीमित पहुँच और शब्दों की सीमा की आबद्धता आड़े आती है। ऐसे में इस चुनावी माहौल में डाक विभाग ने उम्मीदवारों को जनता से जोड़ने के लिए डायरेक्ट पोस्ट के रूप में एक नायाब तरीका उपलब्ध कराया है। डायरेक्ट पोस्ट के तहत बिना पता लिखी डाक को लक्षित जनता के दरवाजे तक पहुँचाया जाता है। ऐसे में यदि भाजपा को वोट दें, साइकिल पर मुहर लगाएँ या कांग्रेस का हाथ आपके साथ, ऐसे नारे लिखे पर्चे या अपीलें लेकर डाकिया आपके घर पहुँचे तो  हैरान होने की जरुरत नही। दरअसल अब नेताओं की बातें आप तक पहुँचाना उसकी  नौकरी में शामिल हो  गया है। डाक विभाग  यह काम मुफ्त में नही बल्कि व्यावसायिक नजरिये से पैसे लेकर करता है। ऐसी ही सेवाएँ प्रचार चाहने वाले अन्य कार्य-क्षेत्रों को भी दी जा रही हैं। 

इस संबध में इलाहाबाद परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएँ कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि  इसके तहत राजनैतिक दल ही नहीं उत्पादन, निर्माण और  सेवा क्षेत्र  के निजी या सरकारी संस्थान भी  प्रचार के लिए इसका सहारा ले सकते हैं। मसलन किसी कम्पनी को अपने उत्पादों की खासियत उपभोक्ताओं तक पहुंँचानी या फिर कोई  धार्मिक-समाजिक संस्था अपनी बात लोगों तक पहुँचाना चाहती है तो उसके लिए डायरेक्ट पोस्ट एक सशक्त माध्यम है। इसके जरिये पर्चे, प्रचार, साहित्य, अपीलें ही नहीं सीडी और कैसेट भी मनचाहे क्षेत्रों में लोगों तक पहुँचाने का दायित्व डाक विभाग लेता है। 

निदेशक श्री यादव ने यह भी जोड़ा कि इस सेवा का लाभ लेने से पहले सम्बन्धित संस्थान या व्यक्ति को कुछ शर्तों का पालन सुनिश्चित करना होगा। जैसे कि भेजने वाला निश्चित पते पर सामग्री नही भेज सकता। बस उसे इतनी छूट होगी कि वह क्षेत्र निर्धारित कर दे। उन्होंने कहा कि वही सामग्री स्वीकार की जायेगी जो इंडियन आफिस एक्ट-1898 और इंडियन पोस्ट  आफिस रुल्स 1933 में निषिद्ध नहीं की गयी है। इस सेवा में विभाग 1,000 से कम संख्या में सामग्री स्वीकार नहीं करेगा। एक जिले में अर्थात स्थानीय वितरण कार्य के लिए डेढ रुपये प्रति नग और अन्य जगहों के लिए 2 रूपये  प्रति 20 ग्राम की दर से शुल्क वसूला जायेगा। 20 ग्राम से अधिक वजन होने पर प्रति 20 ग्राम तक 1 रूपये ज्यादा चार्ज  देने होंगें। शर्त यह भी है कि सामग्री का आकार ए-3 से अधिक न हो। 

डाक निदेशक श्री यादव का मानना है कि डाकिया द्वारा वितरित की गयी ऐसी सामग्री निश्चिततः ज्यादा विश्वसनीय होगी। गौरतलब है कि अक्सर काॅलेज, चैराहे या प्रमुख बाजारों में थोक के भाव पब्लिक में पंफलेट आदि बाँंटे जाते है। बमुश्किल ही वह उस वर्ग विशेष तक पहुँच पाती है, जिसके लिए उसे तैयार किया गया होता है। डाक विभाग की डायरेक्ट पोस्ट सेवा इसी खामी को दूर करते हुए लक्षित समूह तक प्रचार सामग्री को पहुँचाएगी।



Sunday, October 27, 2013

New Look for 'feel good'

Market your products through Postal Dept. in just Rs. 1.50/-





स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के बिना कोई भी संगठन उन्नति नहीं कर सकता - कृष्ण कुमार यादव 

प्रतिस्पर्धा से निपटने को डाक विभाग तैयार 


New Look for feel good







Saturday, October 19, 2013

संचार क्रान्ति के दौर में नये उत्पाद एवं सेवायें आरम्भ कर रहा है डाक विभाग - कृष्ण कुमार यादव

इलाहाबाद डाक परिक्षेत्र के मार्केटिंग एक्जिक्युटिवज को डाक विभाग में नित हो रहे परिवर्तनों से रूबरू कराने के लिए एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन 19 अक्टूबर को सिविल लाइंस स्थित इलाहाबाद जीपीओ में किया गया। कार्यशाला का उद्घाटन इलाहाबाद परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवायें श्री कृष्ण कुमार यादव ने किया। इस अवसर पर इलाहाबाद, वाराणसी, प्रतापगढ, मिर्जापुर, जौनपुर, मिर्जापुर के मार्केटिंग एक्जिक्युटिवज के अलावा जनसंपर्क निरीक्षकों और सहायक डाक अधीक्षकों/डाक निरीक्षकों ने कार्यशाला में भाग लिया। इस अवसर पर विभिन्न डाक सेवाओं के बारे में पावर प्वाइंट द्वारा प्रस्तुति देकर उन्हें अद्यतन व प्रोत्साहित किया गया।

     कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए इलाहाबाद परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवायें श्री कृष्ण कुमार यादव ने जहाँ विभिन्न मंडलों में व्यवसाय की समीक्षा की, वहीं अपने संबोधन में कहा कि व्यवसायिकता के इस दौर में बिना स्वस्थ्य प्रतिस्पर्धा के कोई भी संगठन उन्नति नहीं कर सकता और डाक विभाग भी इस क्षेत्र में तमाम नये कदम उठा रहा है। डाक विभाग जहाँ नित् नई सेवायें लागू कर रहा है, वहीं विभाग ने अपनी परम्परागत छवि को प्रतिस्पर्धा के तहत कारपोरेट इमेज में भी तब्दील करने का प्रयास किया है। संचार क्रान्ति के दौर में अपनी सेवाओं को त्वरित बनाने और उनकी गुणवत्ता में वृद्वि हेतु डाक विभाग ने जहाँ सभी डाकघरों को  कम्प्यूटरीकृत  किया है, वहीं ग्राहकों की वर्तमान एवं भावी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिये प्रौद्योगिकी आधारित नये उत्पाद एवं सेवायें भी आरम्भ की हैं। 

   डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने सेवाओं के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि, जहाँ स्पीड पोस्ट व एक्सप्रेस पार्सल पोस्ट सेवा निश्चित समय के भीतर सुनिश्चित वितरण की गारण्टी देते हैं वहीं बिजनेस पोस्ट के अन्र्तगत सारी प्रीमेलिंग गतिविधियों को आसान तारीके से निपटाया जाता है। मीडिया पोस्ट के अन्र्तगत डाक स्टेशनरी, लेटर बाक्स, मेल गाड़ी व डाकघरों में विज्ञापन लगाने की सुविधा प्राप्त है तो  रिटेल पोस्ट की मार्फत डाकघर अपने काउन्टरों पर फार्म बेचने और बिल जमा करने की सुविधा प्रदान करते हैं।  बिल मेल सेवा हर तिमाही न्यूनतम 5000 प्रपत्र व बिल एक ही जिले में प्रेषित करने वालों हेतु सामान्य दरों से कम पर सुविधा उपलब्ध कराता है वहीँ डायरेक्ट पोस्ट के तहत बिना पता लिखी डाक के लक्षित जनता के दरवाजे पर डाकियों द्वारा वितरण सुनिश्चित किया जाता है।  श्री  यादव ने कहा कि  बुक नाउ-पे लेटर, बल्क मेल पर छूट, फ्री पिकअप जैसी स्कीमों के तहत डाक सेवाओं को और आकर्षक बनाया गया है। इसके अलावा ई-पोस्ट, ई-पेमेण्ट, लाजिस्टिक पोस्ट, डाक जीवन बीमा, तत्काल धनादेश सेवा, अन्तराष्ट्रीय धन अंतरण सेवा, बचत बैंक सेवायें, फिलेटली  इत्यादि के संबंध में भी  जानकरी दी । 

   निदेशक डाक सेवायें श्री कृष्ण कुमार यादव ने डाक अधिकारियों  से रूबरू होते हुए कहा कि फील्ड में उनकी कार्य गतिविधियाँ ही विभाग के प्रति अवधारणा (इमेज) बनाती हैं, ऐसे में उन्हें ग्राहकों के प्रति ज्यादा संवेदनशील होने की जरुरत है। आज के प्रतियोगी दौर में यह सोचना कि  मात्र काउंटर पर सेवाएँ देकर जनता को आकर्षित किया जा सकता है, उचित नहीं है। ज्यादा राजस्व के लिए हमें खुद लोगों के पास जाना होगा, नियमित संवाद स्थापित करते हुए उन्हें सेवाओं और गुणवत्ता के बारे में जागरूक करना होगा, तभी लक्ष्यों की प्राप्ति हो सकेगी।

  इलाहाबाद मंडल के प्रवर अधीक्षक डाकघर श्री रहतमउल्लाह ने कहा कि डाक सेवाओं की नियमित मानीटरिंग की जा रही है और इनके उन्नयन से जनता को काफी सहूलियत होगी एवं उन्हें डाक विभाग की आधुनिक सेवाओं का लाभ मिल सकेगा।

   इस अवसर पर सहायक निदेशक (व्यवसाय विकास) श्री टी बी सिंह, इलाहाबाद जीपीओ के सीनियर पोस्टमास्टर मधुसुदन प्रसाद मिश्र,  विनय यादव, सहायक डाक अधीक्षक,  आशीष श्रीवास्तव, सहायक डाक अधीक्षक, (व्यवसाय विकास), डाक निरीक्षक (प्रोजेक्ट ऐरो) दीपक कुमार ने विभिन्न पहलुओं पर  पावर प्वाइंट द्वारा प्रस्तुति दिया। 




Wednesday, June 20, 2012

Direct Post : Postal department offers alternate route to candidates

ALLAHABAD: Offering some respite to candidates contesting municipal elections, the postal department has provided a unique alternative to the candidates. As it will not be possible for candidates to reach each and every house in his /her ward and also following restrictions on processions and road shows, the scheme entitled 'Direct Post Scheme', offers to deliver pamphlets of candidates in any area of choice.

As per the scheme, candidates and parties can hand over their election pamphlets to the post office where the postman would then deliver it to all the houses in the area specified by them. The cost is a modest Rs 1.50 per pamphlet, but it is accompanied by a rider that the number of such leaflets and pamphlets should not be less than 1,000.

Giving this information director postal services, Allahabad region, Krishna Kumar Yadav said that with increasing commercial activity, the need for direct advertising of their products and services by the business organisations is growing. Direct Post is the un-addressed component of Direct Mail, and would comprise of un-addressed postal articles like letters, cards, brochures, questionnaires, pamphlets, samples, promotional items like CD's/floppies and Cassettes etc, coupons, posters, mailers or any other form of printed communication that is not prohibited by the Indian Post Office Act 1898 or Indian Post Office Rules 1933.

To avail the Direct Post scheme the organisation or the individual would have to give at least 1,000 articles. For the local distribution of articles, the India Post would charge Rs. 1.50 per articles for the first 20 grams, while Rs 2 per article for distribution anywhere in the country.However, for every additional 20 grams or part thereof both local and inter-city articles would be charged Rs. 1 extra. The India Post would not accept articles which exceed the length and width of an A3 size paper. Articles posted as Direct Post' should not bear any address or name and the same would be accepted only by the designated post offices and not in a letter box.

Yadav said that the article would certainly have more credibility, if the same is distributed at home by the postman, unlike it being distributed by a hired person on the roadside. Even in this scheme the senders of Direct Post can specify the numbers and areas, in which the sender wishes the Direct Post articles to be distributed. Besides, the department would also inform the sender that the articles handed over by him had been delivered according to his instructions.

Courtesy : Times of India