Saturday, November 12, 2016

राजस्थान के शेखावटी अंचल में प्रथम डाक टिकट प्रदर्शनी झुञ्झुनु में, फ्रेस्को पेंटिंग पर जारी हुआ विशेष आवरण

डाक विभाग द्वारा राजस्थान के झुंझुनू जिले में  दो दिवसीय डाक टिकट प्रदर्शनी 'शेखावाटीपेक्स -2016'  का आयोजन 4 व 5  नवम्बर 2016 को किया गया। शेखावटी अंचल में यह प्रथम डाक टिकट प्रदर्शनी थी, जिसमें  झुंझुनू के अलावा सीकर और चूरू जिले भी शामिल हैं।
प्रदर्शनी का उद्घाटन 4 नवम्बर को राजस्थान डाक परिमंडल के मुख्य पोस्टमास्टर जनरल श्री बी.बी. दवे द्वारा राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र की पोस्टमास्टर जनरल श्रीमती शिउली बर्मन और  राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव के विशिष्ट आतिथ्य में किया गया।


इस अवसर पर ''शेखावटी हवेली पर फ्रेस्को पेंटिंग'' और स्वर्गीय श्री रामबिलास गजानंद शर्मा (हेडमास्टरजी) पर विशेष आवरण  और विरूपण भी जारी किया गया। मुख्य पोस्टमास्टर जनरल श्री बी.बी. दवे ने कहा कि शेखावाटी अंचल की फ्रेस्को पेंटिंग विश्व प्रसिद्ध है वहीं रामबिलास शर्मा ने अपने जीवन काल में शिक्षा के क्षेत्र में अनुपम योगदान दिया।



मुख्य पोस्टमास्टर जनरल श्री बी.बी. ने डाक टिकटों के बारे में कहा कि डाक टिकट सभ्यता, संस्कृति, विरासत, पर्यावरण, महापुरुषों और तमाम राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय घटनाक्रमों से अवगत कराता है, अत: इसे अभिरुचि के रूप में समृद्ध करने की जरुरत है। 

अपने संबोधन में  पोस्टमास्टर जनरल श्रीमती शिउली बर्मन ने कहा कि ऐसी प्रदर्शनियां निरंतर होती रहनी चाहिये, ताकि अधिक से अधिक लोग डाक टिकट संग्रह की अभिरुचि के प्रति आकर्षित हो सकें। 

राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि पत्रों और डाक टिकटों का संवेदना से गहरा रिश्ता है। डाक टिकट एक छोटा सा कागज का टुकड़ा भले ही दिखता है, पर इसका महत्व और कीमत दोनों ही काफी ज्यादा है। यही कारण है कि ई-मेल और सोशल मीडिया के इस दौर में भी आज हाथों से लिखे पत्रों और डाक टिकटों की लाखों-करोड़ों में नीलामी होती है। 

झुंझुनू मंडल के  डाक अधीक्षक श्री के. एल. सैनी  ने कहा कि डाक विभाग भारत के सबसे पुराने विभागों में है और इस प्रकार की पहल फिलेटली को युवाओं के और नजदीक लाती है। डाक टिकट संग्रहण के महत्व को उजागर करते हुए उन्होंने कहा कि दुर्लभ टिकटों का संग्रहण बेशकीमती होता है।


इस अवसर पर डाक विभाग द्वारा एक पत्र लेखन प्रतियोगिता व स्टाम्प डिजाईन प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया जिसमें 7 स्कूलों के  72 बच्चों ने भाग लिया | 
इस अवसर पर  श्री राजेश शर्मा , प्रधानाचार्य, केशव आदर्श उच्च माध्यमिक विद्यालय, ज्यूरी सदस्य  श्री श्री आर.के. भूतड़ा एवं अजय कुमार आचार्य,  सहायक डाक अधीक्षक जोधपुर श्री तरुण शर्मा, सहायक डाक अधीक्षक झुंझुनू श्री राधेश्याम चौहान एवं श्री धर्मपाल सिंह, कार्यालय सहायक श्रीमती हेमलता सैनी, डाक निरीक्षक श्री राजेंद्र कुमावत, हरी प्रसाद कुरी एवं संदीप मोदी सहित तमाम फिलेट्लिस्ट, स्कूली विद्यार्थी और प्रबुद्धजन उपस्थित थे। आभार ज्ञापन सहायक डाक अधीक्षक झुंझुनू श्री राधेश्याम चौहान द्वारा किया गया।



Thursday, November 10, 2016

राजस्थान में चूरु जिले का प्रथम “सम्पूर्ण सुकन्या समृद्धि योजना ग्राम” बना आनन्दसिंहपुरा गाँव, डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव ने बच्चियों को सौंपी पासबुकें


आज बेटियाँ समाज में नित नये मुकाम हासिल कर रही हैं। बेटियों की समृद्धि और खुशहाली में ही समाज का भविष्य टिका हुआ है। इसीलिए बेटियों की उच्च शिक्षा, कैरियर और उनके विवाह में सुविधा के लिए 10 वर्ष तक की बेटियों हेतु डाकघरों में सुकन्या समृद्धि योजना आरंभ की गयी है। उक्त उद्गार राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने चूरु जनपद  के तारानगर स्थित आनन्दसिंहपुरा गाँव में सुकन्या समृद्धि योजना के लिये 03 नवम्बर, 2016 को आयोजित मेले में व्यक्त किये।

मुख्य अतिथि के रूप में अपने सम्बोधन में  निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने "बेटी बचाओ, बेटी पढाओ” के अंतर्गत बालिकाओं  के राष्ट्र निर्माण पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि सुकन्या समृद्धि योजना सिर्फ निवेश का एक माध्यम नहीं है, बल्कि यह बालिकाओं के उज्ज्वल व समृद्ध भविष्य से भी जुडा हुआ हैं। इस योजना के आर्थिक के साथ साथ सामाजिक आयाम महत्वपूर्ण हैं। इसमें जमा धनराशि पूर्णतया बेटियों के लिए ही होगी, जो उनकी शिक्षा, कैरियर  एवं विवाह में उपयोगी होगी। सुकन्या समृद्धि योजना बेटियों के सपनों को पूरा करने का सशक्त माध्यम हैं। श्री यादव ने कहा कि कहा कि हर बेटी को उसके जन्म पर माँ-बाप  द्वारा सुकन्या समृद्धि खाता उपहार स्वरूप देकर नई परम्परा का सूत्रपात करना चाहिये। 


डाक विभाग की योजनाओं की चर्चा करते हुए डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि डाक विभाग का उद्देश्य समावेशी विकास के तहत शहरों के साथ-साथ सुदूर ग्रामीण अंचल स्थित लोगों को भी इन सभी योजनाओं के तहत लाना है। इसके तहत आने वाले दिनों में ग्रामीण डाक सेवकों सहित विभाग के सभी कर्मचारियों को सूचना प्रौद्योगिकी  के माहौल में प्रभावकारी तरीके से कार्य करने के लिए तैयार करना है। इसी क्रम में ग्रामीण शाखा डाकघरों को भी तकनीकी तौर पर दक्ष बनाने के उद्देश्य से ग्रामीण आईसीटी के तहत  हाईटेक किया जायेगा और वहाँ पर नेटबुक व हैण्डहेल्ड डिवाइस भी दिया जायेगा । शाखा डाकघरों को सोलर चार्जिंग उपकरणों से जोडने के साथ-साथ मोबाइल थर्मल प्रिन्टर, स्मार्ट कार्ड रीडर, फिंगर प्रिन्ट स्कैनर, डिजिटल कैमरा एवं सिगनेचर व दस्तावेज स्कैनिंग के लिये यन्त्र भी मुहैया कराया जायेगा ताकि ग्रामीण लोगों को इन सुविधाओं के लिये शहरों की तरफ न भागना पडे।
               
 इस अवसर पर चूरु मण्डल के अधीक्षक डाकघर श्री राम सिंह ने कहा कि किसी भी डाकघर में बेटी के जन्म के समय या फिर दस साल की उम्र तक सुकन्या समृद्धि खाता खुलवा सकते है। इसमें एक वित्तीय वर्ष में न्यूनतम 1,000 और अधिकतम डेढ़ लाख रूपये तक जमा किये जा सकते हैं। इस योजना में खाता खोलने से मात्र 15  वर्ष तक धन जमा कराना होगा। बेटी की उम्र 18 वर्ष होने पर जमा राशि का 50 प्रतिशत व सम्पूर्ण राशि 21 वर्ष पूरा होने पर निकाली जा सकती है। ब्याज दर 8.5 प्रतिशत हैं और जमा धनराशि में आयकर छूट का भी प्रावधान है।

 कार्यक्रम के विशिष्ठ अतिथि श्री नौरंग लाल धीनवाल, सरपंच आनन्दसिंहपुरा ने इस योजना की भूरि-भूरि प्रशंसा कर लोकप्रिय एवं कल्याणकारी योजना बताया तथा कहा कि बालिकाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में उठाया गया यह प्रयास एक मील का पत्थर साबित होगा। इस अवसर पर श्री धीनवाल आगे कहा कि यह अत्यन्त ही सौभाग्य की बात हैं कि आनन्दसिंहपुरा गाँव की 10 वर्ष तक की समस्त योग्य बालिकाओं के सुकन्या खाते खोलकर, उनका गाँव चूरू जिले  का प्रथम “सम्पूर्ण सुकन्या समृद्धि योजना ग्राम” बन गया हैं।

इस दौरान आनन्दसिंहपुरा गाँव की समस्त कुल 116 बालिकाओं के खाते खोले गये। इसके बाद चूरू का आनन्दसिंहपुरा गाँव चूरू जिले का प्रथम सम्पूर्ण सुकन्या समृद्धि योजना गाँव बन गया है। उपस्थित बच्चियों व उनके अभिवावकों को निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने पासबुकें व उपहार देकर उनके सुखी व समृद्ध भविष्य की कामना की। इस अवसर पर श्री यादव ने सरपंच आनन्दसिंहपुरा श्री नौरंग लाल धीनवाल के प्रयासों की सराहना की और आशा व्यक्त की कि बेटियों के लिए ऐसे प्रयास अन्य गांवों में भी किये जायेंगे।

 इसके साथ-साथ सुकन्या समृद्धि योजना खाते खोलने में सहयोग करने हेतु सरपंच आनन्दसिंहपुरा श्री नौरंग लाल धीनवाल एवं श्री राय सिंह उपडाकपाल तारानगर, श्री भंवरसिंह शाखा डाकपाल आनन्दसिंहपुरा व श्री फूलसिंह भूतपूर्व शाखा डाकपाल ढाणीआशा को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया।


 कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत अधीक्षक डाकघर चूरु श्री राम सिंह, आभार ज्ञापन निरीक्षक डाक श्री दिनेश सिंह और संचालन श्री रामावतार ने किया। इस अवसर पर क्षेत्रीय कार्यालय जोधपुर से निरीक्षक डाक श्री सुदर्शन सामरिया, उपखण्ड निरीक्षक डाक रतनगढ़ श्री विकास सैनी, उपडाकपाल तारानगर श्री राय सिंह, शाखाडाकपाल आनन्दसिंहपुरा श्री भंवर सिंह सहित तमाम स्थानीय डाककर्मी,बचत अभिकर्तागण व गाँव वासी उपस्थित रहे।




Thursday, October 27, 2016

राजस्थान के सर्वोच्च पर्वत शिखर 'गुरु शिखर' और 'नक्की झील' पर डाक विभाग ने जारी किया विशेष आवरण (लिफाफा) और विरूपण




माउण्ट आबू में स्थित 'गुरु शिखर'  राजस्थान ही नहीं, अरावली पर्वत श्रृंखला की सबसे ऊंची चोटी है। प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ एक धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक केंद्र के रूप में भी विख्यात माउण्ट आबू को राजस्थान का स्वर्ग माना जाता है। उक्त उद्गार राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने डाक विभाग द्वारा माउंट आबू में आयोजित दो दिवसीय डाक टिकट प्रदर्शनी 'आबूपेक्स-2016'  के  दौरान 25 अक्टूबर  2016 को राजस्थान के सर्वोच्च पर्वत शिखर 'गुरु शिखर' पर एक विशेष आवरण (लिफाफा) और विरूपण  जारी करते हुए कहा। 



डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव  ने कहा कि गुरु शिखर पर बना मंदिर भगवान विष्णु के अवतार दत्तात्रेय को समर्पित है तो यहाँ स्थित पीतल की घंटी माउंट आबू को देख रहे संतरी का आभास कराती है। स्वास्थ्यवर्धक जलवायु के साथ पौराणिक परिवेश से परिपूर्ण गुरु शिखर जीवन को नए अर्थ भी देता है। ऐसे में  5 रूपये मूल्य वर्ग में जारी इस विशेष आवरण को देश के तमाम प्रमुख फिलेटलिक ब्यूरो  में उपलब्ध कराया जायेगा।

डाक टिकट प्रदर्शनी के पहले दिन आबू स्थित नक्की झील और सेण्ट मेरीज हाई स्कूल पर भी विशेष आवरण (लिफाफा) और विरूपण  जारी किए गए।





कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में पधारे श्री सुरेश थिंगर, सभापति नगर पालिका आबू ने कहा कि डाक विभाग की यह अनूठी पहल माउन्ट आबू को पर्यटन की दृष्टि से नए आयाम देगी। 

इस अवसर पर सिरोही  मंडल के  डाक अधीक्षक श्री  देवाराम पुरोहित, जॉर्ज मैथ्यू, प्रधानाचार्य, सेंट जोसेफ स्कूल, आबू, ज्यूरी सदस्य  श्री जगत किशोर परिहार  व श्री आर.के. भूतड़ा, सहायक डाक अधीक्षक अक्खा राम, डाक निरीक्षक मुकेश कुमार, पारसमल सुथार, पोस्टमास्टर आबू जे.एल. माली, वी.के. दवे, जी.एस. मिश्र सहित तमाम फिलेट्लिस्ट, स्कूली विद्यार्थी और प्रबुद्धजन उपस्थित थे।



सभ्यता, संस्कृति एवं विरासत के संवाहक हैं डाक टिकट - डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव

डाक टिकट किसी भी राष्ट्र की सभ्यता, संस्कृति एवं विरासत के संवाहक हैं, जिनके माध्यम से वहाँ के इतिहास, कला, विज्ञान, व्यक्तित्व, वनस्पति, जीव-जन्तु, राजनयिक सम्बन्ध एवं जनजीवन से जुडे़ विभिन्न पहलुओं की जानकारी मिलती है। हर डाक टिकट के पीछे एक कहानी छुपी हुई है और इस कहानी से आज की युवा पीढ़ी को जोड़ने की जरूरत है। उक्त उद्गार राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने डाक विभाग द्वारा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, माउंट आबू (सिरोही), राजस्थान  में आयोजित दो दिवसीय डाक टिकट प्रदर्शनी 'आबूपेक्स-2016'  के  समापन समारोह में 25 अक्टूबर  2016 को बतौर मुख्य अतिथि अपने उद्बोधन में व्यक्त किये।  


डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव  ने कहा कि डाक टिकट सिर्फ भौतिक दूरियों को ही नहीं नापता बल्कि आत्मीयता भी बढ़ाता है। छोटा सा कागज का टुकड़ा दिखने वाले डाक टिकट वक्त के साथ एक ऐसे अमूल्य दस्तावेज बन जाते हैं, जिनकी कीमत लाखों से करोड़ों रुपए में होती है। भारत में 1852 में जारी प्रथम डाक टिकट 'सिंदे टिकट' की कीमत आज 4 लाख से 35 लाख रुपए तक है तो दुनिया का सबसे महंगा डाक टिकट ब्रिटिश गुयाना द्वारा  सन् 1856 में जारी किया गया एक सेण्ट का डाक-टिकट है जो वर्ष 2014 में रिकॉर्ड 9.5 मिलियन अमेरिकी डॉलर में बिका। श्री यादव ने कहा कि डाक टिकट वास्तव में एक नन्हा राजदूत है, जो विभिन्न देशों का भ्रमण करता है एवम् उन्हें अपनी सभ्यता, संस्कृति और विरासत से अवगत कराता है। यही कारण है कि ई-मेल और सोशल मीडिया के इस दौर में भी आज हाथों से लिखे पत्रों और डाक टिकटों की लाखों-करोड़ों में नीलामी होती है। 

 डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव  ने प्रदर्शनी में राजस्थान के सर्वोच्च पर्वत शिखर 'गुरु शिखर' पर एक विशेष आवरण (लिफाफा) और विरूपण भी जारी किया। श्री यादव ने कहा कि आबू में स्थित 'गुरु शिखर'  राजस्थान ही नहीं, अरावली पर्वत श्रृंखला की सबसे ऊंची चोटी है। प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ एक धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक केंद्र के रूप में भी विख्यात माउण्ट आबू को राजस्थान का स्वर्ग माना जाता है। गुरु शिखर पर बना मंदिर भगवान विष्णु के अवतार दत्तात्रेय को समर्पित है तो यहाँ स्थित पीतल की घंटी जो माउंट आबू को देख रहे संतरी का आभास कराती है। स्वास्थ्यवर्धक जलवायु के साथ पौराणिक परिवेश से परिपूर्ण गुरु शिखर जीवन को नए अर्थ भी देता है। ऐसे में  5 रूपये मूल्य वर्ग में जारी इस विशेष आवरण को देश के तमाम प्रमुख फिलेटलिक ब्यूरो  में उपलब्ध कराया जायेगा।

 सिरोही  मंडल के  डाक अधीक्षक श्री  देवाराम पुरोहित  ने कहा कि इस प्रदर्शनी के माध्यम से सिरोही मंडल में डाक टिकट संग्रहकर्ताओं को नए आयाम मिले हैं। जिस तरह डाक टिकटों के क्षेत्र में नित अनूठे परिवर्तन हो रहे हैं, वह सराहनीय हैं।

 कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में पधारे श्री सुरेश थिंगर, सभापति नगर पालिका आबू ने कहा कि डाक विभाग भारत के सबसे पुराने विभागों में है और इस प्रकार की पहल फिलेटली को युवाओं के और नजदीक लाती है।  


 आबूपेक्स-2016  के समापन अवसर पर डाक टिकट प्रदर्शनी प्रतियोगिता के विजेताओं को निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव द्वारा पुरस्कृत किया गया। इनमें  सीनियर सवंर्ग में  सर्वश्री वकार भाई, नारायण सिंह डाबी व अरविन्द शाह को क्रमश: प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त हुआ व जूनियर सवंर्ग में  सर्वश्री यशवंत रावल व कुशांक को क्रमश: प्रथम व द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ। स्कूली विद्यार्थियों  हेतु आयोजित पत्र लेखन प्रतियोगिता में सीनियर वर्ग में हवन दवे व निशांत माली एवम जूनियर वर्ग में रिन्जल पटेल व प्रांजल गौतम को क्रमश: प्रथम व द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ। डाक टिकट डिजाइन प्रतियोगिता में कक्षा 1-5 तक के वर्ग में समीर व  रावल सिंह,  कक्षा 6-8 तक के वर्ग में कृष्णा जयसिंह व नील पटेल को क्रमश: प्रथम व द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ। प्रश्नोतरी प्रतियोगिता में सीनियर वर्ग में स्नेह बारोठ व प्रह्लाद को क्रमश: प्रथम व द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ एवं जूनियर वर्ग में प्रांजल गौतम व अर्जित सिंह ने क्रमश: प्रथम व द्वितीय स्थान प्राप्त किया।




इस अवसर पर श्री जॉर्ज मैथ्यू, प्रधानाचार्य, सेंट जोसेफ स्कूल, आबू, ज्यूरी सदस्य  श्री जगत किशोर परिहार  व श्री आर.के. भूतड़ा, सहायक डाक अधीक्षक अक्खा राम, डाक निरीक्षक मुकेश कुमार, पारसमल सुथार, पोस्टमास्टर आबू जे.एल. माली, वी.के. दवे, जी.एस. मिश्र सहित तमाम फिलेट्लिस्ट, स्कूली विद्यार्थी और प्रबुद्धजन उपस्थित थे।


प्रदर्शनी के दौरान निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव विभिन्न  स्कूली बच्चों से भी रूबरू हुये और एक हॉबी के रूप में डाक टिकट संग्रह  के अध्ययन पर ज़ोर दिया। उन्होने विद्यार्थियों और उनके अध्यापकों को फिलेटली से जुड़े प्रोजेक्ट्स भी अपनी कार्यशालाओं में शामिल करने की बात कही। माई स्टैम्प सेवा का लाभ उठाने हेतु भी उन्होंने बच्चों और युवाओं को प्रेरित किया।