Friday, September 16, 2022

Sukanya Samriddhi Mahotsav in Varanasi : डाक विभाग द्वारा 'सुकन्या समृद्धि महोत्सव' का आयोजन, बेटियों ने की उत्साहपूर्वक भागीदारी

आजादी के अमृत महोत्सव के तहत देश भर के 75 शहरों में 'सुकन्या समृद्धि योजना' की सफलता के आयामों को लेकर 15 सितंबर से 11 अक्टूबर तक 'सुकन्या समृद्धि महोत्सव' मनाया जायेगा। इसी क्रम में वाराणसी में आयोजित 'सुकन्या समृद्धि महोत्सव' का शुभारंभ पूर्व मंत्री एवं विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी ने पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव की अध्यक्षता एवं पद्मश्री डॉ. रजनीकांत के विशिष्ट आतिथ्य में आयोजित समारोह में किया। 





वाराणसी प्रधान डाकघर में आयोजित महोत्सव में 10 साल तक की बच्चियों के सुकन्या समृद्धि खाते खोलकर उनके उज्जवल भविष्य की कामना की गई और उन्हें पासबुक व  उपहार वितरित किये गए। 1000 से ज्यादा बालिकाओं ने इसके लिए आवेदन किया। वहीं वित्तीय समावेशन के तहत डाकघर बचत बैंक और इण्डिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक की तमाम योजनाओं से जनमनास को जागरूक करते हुए इन योजनाओं के भी खाते खुलवाए गए।


बतौर मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री एवं विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी ने अपने सम्बोधन में कहा कि, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने जनकल्याणकारी योजनाओं में सदैव महिलाओं को प्राथमिकता दी है। स्वच्छ भारत के तहत शौचालय, उज्ज्वला, जनधन खाता, कौशल विकास, प्रधानमंत्री आवास योजना, जैसी तमाम योजनाओं ने महिलाओं का सशक्तिकरण किया। इसी क्रम में बालिकाओं के सशक्तिकरण के लिए 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' के तहत 'सुकन्या समृद्धि योजना' के माध्यम से बेटियों की उच्च शिक्षा, कैरियर और विवाह के लिए आर्थिक स्वावलंबन भी सुनिश्चित किया। डाक विभाग की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि घर-घर अभियान चलाकर जिस तरह से इस योजना से बेटियों को जोड़ा जा रहा है, वह प्रशंसनीय है।

अध्यक्षीय सम्बोधन में पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि बालिकाओं के सशक्तिकरण में सुकन्या समृद्धि योजना अहम भूमिका निभा रही है। वाराणसी परिक्षेत्र के डाकघरों में अब तक 2.60 लाख बालिकाओं के सुकन्या समृद्धि खाते खोले जा चुके हैं, वहीं 755 गाँवों को सम्पूर्ण सुकन्या समृद्धि ग्राम बना दिया गया है।  


पद्मश्री डॉ. रजनीकांत ने कहा कि, डाक विभाग अब लोगों तक सिर्फ पत्र ही नहीं पहुँचा रहा, बल्कि सरकार की तमाम जनकल्याणकारी योजनाओं और इनके लाभों को भी लोगों तक पहुँचा रहा है। सुकन्या समृद्धि योजना के माध्यम से बेटियाँ आत्मनिर्भर बनेगीं तो 'आत्मनिर्भर भारत' की संकल्पना भी साकार होगी।


प्रवर डाक अधीक्षक राजन राव ने बताया कि 10 साल तक की बालिकाओं का मात्र 250 रूपये में सुकन्या समृद्धि खाता किसी भी डाकघर में खुलवाया जा सकता है। 7.6 फीसदी आकर्षक ब्याज दर वाली इस योजना में एक वर्ष में अधिकतम डेढ़ लाख जमा किये जा सकते हैं।



महोत्सव में स्वागत सम्बोधन प्रवर डाक अधीक्षक राजन राव, धन्यवाद ज्ञापन सीनियर पोस्टमास्टर सी.एस बरुआ और संचालन इण्डिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक मैनेजर सुबलेश सिंह ने किया। इस अवसर पर सहायक डाक अधीक्षक एसके चौधरी, दिलीप यादव, डाक निरीक्षक सर्वेश सिंह, रमेश यादव, श्रीकांत पाल, वी.एन द्विवेदी, राम रतन पांडेय, श्रीप्रकाश गुप्ता, जगदीश सडेजा, भूपेंद्र कुमार, विवेक कुमार, दीपमणि तिवारी, कमल भारती सहित तमाम अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधि और सुकन्याएँ व उनके अभिभावक उपस्थित रहे।






डाक विभाग द्वारा 'सुकन्या समृद्धि महोत्सव' का आयोजन, बेटियों ने की उत्साहपूर्वक भागीदारी

प्रधानमंत्री मोदी ने जनकल्याणकारी योजनाओं में सदैव महिलाओं को दी प्राथमिकता - डॉ. नीलकंठ तिवारी, पूर्व मंत्री एवं विधायक

बालिकाओं के सशक्तिकरण में अहम भूमिका निभा रही सुकन्या समृद्धि योजना -पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

सुकन्या समृद्धि योजना के माध्यम से बनेगीं बेटियाँ आत्मनिर्भर, 'आत्मनिर्भर भारत' की संकल्पना भी होगी साकार - पद्मश्री डॉ. रजनीकांत

Thursday, September 15, 2022

हिंदी दिवस का केन्द्रीय विद्यालय 39 गो.प्र.के. वाराणसी कैंट में पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने किया शुभारम्भ

सृजन एवं अभिव्यक्ति की दृष्टि से हिंदी दुनिया की अग्रणी भाषाओं में से एक है। हिन्दी सिर्फ एक भाषा ही नहीं बल्कि हम सबकी पहचान है, यह हर हिंदुस्तानी का हृदय है। भारतीय संस्कृति को अक्षुण्ण रखने में हिंदी का बहुत बड़ा योगदान है। उक्त उद्गार वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल एवं चर्चित साहित्यकार श्री कृष्ण कुमार यादव ने केन्द्रीय विद्यालय 39 गो.प्र.के. वाराणसी कैंट में आयोजित हिंदी दिवस समारोह में बतौर मुख्य अतिथि व्यक्त किये।

प्राचार्य श्री बैरिस्टर पांडेय ने हिन्दी दिवस पर केन्द्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेन्द्र प्रधान का संदेश पढ़ कर विद्यार्थियों को हिंदी के प्रति प्रेरित किया। 

विद्यार्थियों द्वारा सरस्वती वंदना एवं लोक विधा पर आधारित कजरी का भी प्रस्तुतिकरण किया गया तो छात्रा पल्लवी ने हिन्दी के महत्त्व एवं उपयोगिता पर अपना विचार प्रस्तुत किया।

पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने विद्यार्थियों से रूबरू होते हुए हिंदी को मातृ भाषा के रूप में जननी की तरह सम्मान देने और राष्ट्र निर्माण व आपसी भाईचारे के बढ़ाने में हिंदी की महत्ता पर जोर दिया। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में हिन्दी की अहम् भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि हिन्दी सिर्फ साहित्य ही नहीं बल्कि विज्ञान से लेकर संचार-क्रांति, सूचना प्रौद्योगिकी और नवाचार की भाषा भी है। संविधान में वर्णित सभी प्रांतीय भाषाओं का पूर्ण आदर करते हुए इस विशाल बहुभाषी राष्ट्र को एक सूत्र में बांधने में भी हिन्दी की एक महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे में हिन्दी भाषा के प्रयोग पर हमें गर्व महसूस करना चाहिए।




कार्यक्रम के आरम्भ में अतिथियों ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण किया। प्राचार्य श्री बैरिस्टर पांडेय ने  मुख्य अतिथि वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव को शाल, पुष्प गुच्छ और उनका चित्र भेंट कर सम्मानित किया। 

कार्यक्रम का संचालन श्री हरेन्द्रनाथ त्रिपाठी और धन्यवाद ज्ञापन हिन्दी विभाग के वरिष्ठ शिक्षक श्री सुरेन्द्र कुमार पाठक द्वारा किया गया।  इस अवसर पर सर्वश्री एस.के सिंह, पंकज शर्मा, राजबली सिंह, अरविन्द कुमार खरवार, के.एन.तिवारी सहित तमाम शिक्षक भी मौजूद रहे।






सृजन एवं अभिव्यक्ति की दृष्टि से हिंदी दुनिया की अग्रणी भाषाओं में - पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

भारतीय संस्कृति को अक्षुण्ण रखने में हिंदी का अहम योगदान-पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

हिंदी दिवस का केन्द्रीय विद्यालय 39 गो.प्र.के. वाराणसी कैंट में पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने किया शुभारम्भ


Tuesday, September 13, 2022

पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने पूर्व शिक्षा अधिकारी राम बचन सिंह यादव की तीन पुस्तकों का किया विमोचन

साहित्य समाज में संस्कारों व संस्कृति का संवाहक है। ऐसे में साहित्यकारों का दायित्व है कि ऐसा लेखन करें जो साहित्य के माध्यम से भारतीय संस्कृति को जन-जन तक पहुंचाए। उक्त उद्गार चर्चित साहित्यकार एवं वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने सेवानिवृत्त उप बेसिक शिक्षा अधिकारी श्री राम बचन सिंह यादव 'बेराही' की तीन पुस्तकों - नायाब नायक कर्ण (खंड काव्य), अंतर्बोध (काव्य संग्रह) और असुरवंश बनाम राजवंश (खंड काव्य) का विमोचन करते हुए व्यक्त किया। लाइफ लाइन हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, आजमगढ़ के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में श्री चंद्रजीत सिंह यादव, उप शिक्षा निदेशक, मिर्जापुर मंडल, प्रसिद्ध न्यूरोसर्जन डॉ. अनूप कुमार सिंह, डॉ. गायत्री सिंह, गीता सिंह भी मंचासीन रहे।

पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि एक तरफ रामायण काल की घटनाओं को सहेजे खंड-काव्य 'असुरवंश बनाम राजवंश' तो दूसरी तरफ महाभारत काल के 'नायाब नायक कर्ण' के जीवन के अंतर्द्वंदों को सहेजे खंड-काव्य की रचना, वहीं जीवन की तमाम अनुभूतियों व संवेदनाओं को सहेजता काव्य संग्रह 'अंतर्बोध'  एक कवि के रूप में श्री राम बचन सिंह यादव की आध्यात्मिक व दार्शनिक प्रवृत्ति, सांस्कृतिक विरासत से जुड़ाव, इतिहास बोध का भरपूर ज्ञान और महापुरुषों से युवा पीढ़ी को जोड़ने का सत्साहस दिखाता है। परिस्थिति और ऐतिहासिक चेतना के द्वंद से उबरते हुए उन्होंने लोग-मंगल से जुड़कर युगीन सत्य को भेदकर मानवीयता को खोजने का प्रयत्न किया। श्री यादव ने कहा कि रामायण और महाभारत जैसे महाकाव्यों ने ज्ञान, भक्ति और कर्म की त्रिवेणी प्रवाहित कर भारतीय जनमानस को जागृत किया। इनमें  जिन प्रगतिशील मूल्यों व समानता के भावों पर बल दिया है, उसे आज बार- बार उद्धृत करने की जरूरत है।

पोस्टमास्टर जनरल श्री यादव ने कहा कि सरकारी सेवाओं में रहते हुए भी साहित्य सृजन का कार्य व्यक्ति की दृष्टि को और भी व्यापक बनाता है। शिक्षा व्यक्ति में ज्ञान उत्पन्न करती है तो साहित्य संवेदना की संपोषक है। इसी कड़ी में श्री राम बचन सिंह यादव न केवल एक शिक्षक एवं पथ प्रदर्शक के रूप में रहे, बल्कि साहित्य के विकास एवं उन्नयन में भी महती भूमिका निभाने को तैयार हैं।

आजमगढ़ से जुड़े अपने अनुभवों को साझा करते हुए श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि तमाम ऋषियों-मुनियों, क्रांतिकारियों व साहित्यकारों की पावन धरा रहे आजमगढ़ में साहित्य की समृद्ध परंपरा रही है। राहुल सांकृत्यायन, अयोध्या सिंह उपाध्याय 'हरिऔध', आचार्य चंद्रबली, श्याम नारायण पांडेय,अल्लामा शिब्ली नोमानी, कैफी आजमी जैसे यहाँ के साहित्यकारों ने देश-दुनिया में ख्याति अर्जित की है। आज भी आजमगढ़ के तमाम साहित्यकार न सिर्फ उत्कृष्ट रच रहे हैं बल्कि समाज को एक नई राह दिखा रहे हैं।

श्री चंद्रजीत सिंह यादव, उप शिक्षा निदेशक, मिर्जापुर मंडल ने कहा कि श्री राम बचन सिंह यादव की कविताएं पाठक को खुद अपना अंतर्बोध कराती प्रतीत होती हैं। मानवीय मूल्यों के पतन और समाज की वर्तमान स्थिति को उन्होंने अपनी कविताओं में अक्षरक्ष: उतार दिया है।

न्यूरोसर्जन डॉ. अनूप कुमार सिंह ने कहा कि अच्छी पुस्तकें जीवन के लिए टॉनिक का कार्य करती हैं। इनके अध्ययन-मनन से  एकाकीपन, निराशा और अवसाद से भी बचा जा सकता है। युवाओं में पुस्तकें पढ़ने की आदत विकसित करनी होगी।

अपनी रचना प्रक्रिया पर श्री राम बचन सिंह यादव ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम और नायक कर्ण का व्यक्तित्व सदैव से प्रभावित करता रहा है, जिन्होंने तमाम संघर्षों और विपरीत परिस्थितियों के बावजूद भी जीवन में मूल्यों का साथ नहीं छोड़ा। इन पर खंड-काव्य लिखकर अपने को बेहद सौभाग्यशाली समझता हूँ। पिताजी के अंतिम दिनों की अवस्था देखकर भी मुझे जीवन का अंतर्बोध हुआ, जिसे काव्य संग्रह के रूप में परिणित किया।  

कार्यक्रम का संचालन डॉ. अभय प्रताप यादव, प्राचार्य, आर.के फार्मेसी, सठियांव, आजमगढ़ तो आभार ज्ञापन श्री प्रेम प्रकाश यादव ने किया।  इस अवसर पर प्रो.आरके यादव, सरोज, ऋषि मुनि राय, मिथिलेश तिवारी, घनश्याम यादव, संजय यादव, आलोक त्रिपाठी, सूर्य प्रकाश सहित तमाम साहित्यकार और गणमान्य जन उपस्थित रहे।








Sunday, September 11, 2022

डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए डाकघरों में 'प्रोजेक्ट फास्ट ट्रैक अभियान' - पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

भारत सरकार कैशलेस व्यवस्था को प्रोत्साहित करने हेतु डाकघरों में भी ऑनलाइन और डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा दे रही है।  'डाकिया डाक लाया' से 'डाकिया बैंक लाया' तक के सफर में जहाँ डाक विभाग के माध्यम से सरकार वित्तीय समावेशन को प्रोत्साहित कर रही है, वहीं अब देश भर में डाकघरों के माध्यम से 'डिजिटल पेमेंट' को भी बढ़ावा दिया जायेगा। सुदूर क्षेत्रों तक डाक विभाग की पहुँच होने के चलते ग्रामीण इलाकों के लोग भी डिजिटल पेमेंट करना सीख सकेंगे। उक्त जानकारी देते हुए वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि डाकघरों में डिजिटल पेमेंट की व्यवस्था के लिए क्यू.आर. कोड से यू.पी.आइ आधारित आनलाइन भुगतान की सुविधा उपलब्ध करा दी गई है। इसके प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए 'प्रोजेक्ट फास्ट ट्रैक" अभियान भी चलाया जा रहा है। इससे जहाँ डाक कर्मियों को डिजिटल भुगतान प्राप्त करने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है वहीं दूसरी ओर डाकघरों में आए ग्राहकों को डिजिटल भुगतान के लिए प्रेरित भी किया जा रहा है। वाराणसी परिक्षेत्र के डाकघरों में 16 हजार से अधिक डिजिटल ट्रांजैक्शन हो चुके हैं जो कि उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक हैं। 

वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि डाकघरों में हुए डिजिटल ट्रांजैक्शन की प्रगति की निगरानी हेतु ऑनलाइन पोर्टल भी बनाया गया है। वाराणसी परिक्षेत्र के सभी 6 प्रधान डाकघरों, 268 उप डाकघरों और 1209 शाखा डाकघरों में  क्यू.आर. कोड से डिजिटल पेमेंट की सुविधा उपलब्ध करा दी गई है। इसमें वाराणसी पूर्वी मंडल के 224, वाराणसी पश्चिमी मंडल के 211, जौनपुर के 402, गाजीपुर के 337 और बलिया के 309 डाकघर शामिल हैं। 

पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि डाकघरों में स्पीड पोस्ट, रजिस्ट्री पत्र, रजिस्टर्ड पार्सल, रजिस्टर्ड फॉरेन पत्र, व अन्य रजिस्टर्ड आर्टिकल्स, इंटरनेशनल एयर पार्सल, एरोग्राम इंटरनेशनल, फ्रैंकिंग मशीन रिचार्ज, बिजनेस पोस्ट, बिल मेल सेवा, विभागीय परीक्षा शुल्क  इत्यदि के चार्ज का भुगतान अब डिजिटल पेमेंट के माध्यम से हो सकेगा। पत्र/पार्सलों की बुकिंग के दौरान काउंटर क्लर्क द्वारा पॉइंट ऑफ सेल पर पत्र के प्रेषक व प्राप्तकर्ता की सभी जानकारियों को दर्ज करने के उपरांत ग्राहक को रकम बताई जायेगी और क्यू.आर. कार्ड को स्कैन कर भुगतान की प्रक्रिया संपन्न कराई जाएगी। उक्त क्यू आर कोड को स्कैन कर किसी भी यू.पी.आई पेमेंट मोबाइल एप्लीकेशन जैसे डाक पे, गूगल पे, फोन पे, पेटीएम, एमेजन पे, इण्डिया पोस्ट  पेमेंट्स बैंक आदि के द्वारा डिजिटल भुगतान किया जा सकेगा। भुगतान की प्रक्रिया ग्राहक द्वारा पूर्ण करने पर सॉफ्टवेयर सेन्ट्रल सर्वर से भुगतान संपन्न होने की जानकारी लेगा और ग्राहक की रसीद प्रिंट हो जाएगी।

पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि इस सेवा के शुरू होने से ग्राहकों की सुविधाओं में इजाफा होने के साथ-साथ डिजिटल अर्थव्यवस्था भी सुदृढ़ होगी। इससे डाकघरों में आए हुए ग्राहकों को फुटकर पैसों की समस्या से राहत मिल जाएगी और काउंटर पर बैठे डाक सहायक को भी नकद लेन-देन से छुटकारा प्राप्त हो जाएगा और समय की भी बचत होगी। ग्राहकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो इसलिए नकद रकम देकर भी डाक वस्तुओं की बुकिंग का कार्य पूर्व की ही भांति होता रहेगा।








डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए डाकघरों में 'प्रोजेक्ट फास्ट ट्रैक अभियान' -पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

अब डाकघरों में यूपीआई आधारित क्यूआर कोड से डिजिटल भुगतान, कैश की समस्या से छुटकारा -पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव