आइये हम सभी आजादी के इस जश्न में शामिल हों और भारत को एक समृद्ध राष्ट्र बनायें.
स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनायें !! जय हिंद !! जय भारत !!


संदेश माध्यमों ने सुस्त-रफ़्तार कबूतरों से लेकर तेज -रफ़्तार ई-मेल और एस.एम.एस. तक का सफर तय कर लिया है। इंटरनेट और सेल-फोन जैसी अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी ने भले ही फौरन पैगाम भेजने और पाने की हमारी खवाहिश पूरी कर दी हो... लेकिन रफ़्तार के चक्कर में हम कहीं न कहीं अपनी लेखनी की धार खोते जा रहे हैं।
सावन का मौसम आरंभ हो गया। इस मौसम में पूरे मास भगवान शिव की पूजा होती है। बनारस को भगवान शिव की नगरी कहा जाता है और काशी विश्वनाथ मंदिर यहाँ का प्रमुख धार्मिक स्थल है। डाक विभाग और काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट के बीच वर्ष 2006 में हुए एक एग्रीमेण्ट के तहत काशी विश्वनाथ मंदिर का प्रसाद डाक द्वारा भी लोगों को उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके तहत साठ रूपये का मनीआर्डर प्रवर डाक अधीक्षक, बनारस (पूर्वी) के नाम भेजना होता है और बदले में वहाँ से काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट के सौजन्य से मंदिर की भभूति, रूद्राक्ष, भगवान शिव की लेमिनेटेड फोटो और शिव चालीसा प्रेषक के पास प्रसाद रूप में भेज दिया जाता है।
20 फरवरी 1958 को कॉलेज में पढ़ाई के दौरान एक अमेरिकी युवती को उसके प्रेमी ने डाक से प्रेम पत्र भेजा। महिला को यह खत अब जाकर है। उनकी उम्र अब 74 साल हो चुकी है और वह दादी मां हैं।
संदेशो के आदान प्रदान के लिए कपोत अर्थात कबूतर के प्रयोग के दिन लद चुके हैं। उस वक्त प्रशिक्षित कबूतरों के पैरों पर संदेश लिखकर बांध दिया जाता था। फिर वह गंतव्य तक पहुंचकर उसका जवाब लेकर आता था। कालांतर में कबूतरों का काम डाक विभाग ने आरंभ किया। परिवर्तन के दौर में राजनेताओं की निहित स्वार्थों की भूख से डाक विभाग को पटरी पर से उतार दिया कोरियर कंपनी वालों ने।


भारतीय डाक वक़्त के साथ कदमताल की प्रक्रिया में नित नई-नई योजनायें आरंभ कर रहा है. टेक्नालाजी का बढ़ता प्रयोग डाक विभाग को और असरदार बना रहा है. इसी क्रम में 1 जून को डाक विभाग ने मोबाइल फोन पर एसएमएस के माध्यम से मनीआर्डर भेजने की योजना चंडीगढ़ में आरंभ की । इसका शुभारम्भ केंद्रीय गृह राज्य राज्य एवं सूचना प्रोद्योगिकी मंत्री गुरुदास कामत ने किया. योजना के तहत देश भर में मोबाइल से मनीआर्डर भेजे जा सकेंगे। फिलहाल यह योजना पंजाब-बिहार के 20 डाक घरों में शुरू की गई है।


'प्यार की चिट्ठी' भला किसे न सुहाए. टेक्नालाजी कहाँ की कहाँ पहुँच गई, पर अभी भी उन प्यार भरे चिट्ठियों की बात होते ही मन में सिहरन सी उठने लगती है. ऐसी ही इक प्यार भरी चिट्ठी जनसत्ता के समान्तर स्तम्भ में 21 अप्रैल, 2011 को पढ़ी, तो सोचा की इसे यहाँ भी बांच लूं. इस प्यार भरी चिट्ठी के लेखक हैं सिद्धेश्वर जी. उनकी (प्रेम) पत्र - लेखन और (प्रेम) पत्र - पठन के (वे) दिन पोस्ट यहाँ पर साभार प्रस्तुत है !!
ब्रिटेन के राजकुमार प्रिंस विलियम और केट मिडिलटन की शाही शादी से पहले ब्रिटिश डाक विभाग ने उनके सम्मान में डाक टिकट निकालने की तैयारी की है। यह डाक टिकट दो तरह के होंगे जिन पर यह जोड़ी आलिंगनबद्ध दिखाई देगी। इसके लिए फोटोग्राफर मारिया टेस्टिनो द्वारा खींची गई तस्वीर का इस्तेमाल किया जाएगा। ‘डेली एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट के मुताबिक 1981 में चार्ल्स और डायना की शादी के समय उनके सम्मान में दो डाक टिकट जारी किए गए थे। विलियम इससे पहले भी दो बार डाक टिकटों पर दिख चुके हैं। पहली बार महारानी के 100वें जन्मदिन के उपलक्ष्य में। दूसरी बार अपने 21वें जन्मदिन के अवसर पर। इन टिकटों की बिक्री 21 अप्रैल से शुरु होगी। उल्लेखनीय है कि विलियम और केट की शादी 29 अप्रैल 2011 को होगी।
ब्रिटेन की राष्ट्रीय डाक सेवा रायल मेल भारतीय कार्पोरेट दिग्गज एवं सहारा समूह के अध्यक्ष सुब्रत राय के सम्मान में डाक टिकट जारी करेगी। ब्रिटेन ने उनकी उपलब्धियों को देखते हुए प्रथम श्रेणी का डाक टिकट जारी करने की घोषणा की है। इस सम्मान पर श्री राय ने कहा, ‘मेरे पास रायल मेल का आभार व्यक्त करने के लिए शब्द नहीं हैं, मुझे नहीं लगता कि मैं इसके लायक हूँ। मैं इस सम्मान की गरिमा बनाए रखने की कोशिश करुँगा।’ ब्रिटेन की संसद के प्रवक्ता जान बर्को ने शिक्षा, खेल और प्रौढ़ शिक्षा के क्षेत्र में समूह की उपलब्धियों का स्वागत करते हुए कहा, ‘हम आपकी उपलब्धियों को सलाम करते हैं।’
पत्र दिल के कितने करीब होते हैं, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि हाॅलीवुड की प्रख्यात अभिनेत्री एलिजाबेथ टेलर की कब्र में उनके पूर्व पति रिचर्ड बर्टन द्वारा उनके आखिरी दिनों में उन्हें भेजा गया पत्र भी रखा गया। अभिनेत्री एलिजाबेथ टेलर की मौत 23 मार्च 2011 को हुई थी और उन्हें लाॅस एंजिल्स के फारेस्ट लाॅन कब्रगाह में दफना दिया गया। हाॅलीवुड में दोनों का रोमांस यादगार माना जाता है। टेलर ने बर्टन के साथ दो बार शादी की थी। दूसरी बार टेलर से तलाक लेने के बाद बर्टन ने सुसान हंट से शादी की, लेकिन अपनी पहली पत्नी को नहीं भूल पाए। 1984 में उन्होंने टेलर को वापस लौटने के लिए प्यार भरा पत्र लिखा था। उसके बाद बर्टन की 58 साल की उम्र में मौत हो गई थी। टेलर पिछले 27 साल से यह पत्र अपने बिस्तर के पास रखती आ रही थीं। 





