Friday, March 28, 2014

अब चुनाव में नेताओं के संदेश भी लाएगा डाकिया

लोकसभा चुनाव की तैयारियों के साथ ही सभी राजनैतिक दल व नेता जनता तक पहुँचने की कवायद में लगे हुये हैं।  हर कोई जनता तक पहुँचना चाहता है। सोशल मीडिया से लेकर मोबाइल तक का इस्तेमाल इसके लिए किया जा रहा है। पर इनकी सीमित पहुँच और शब्दों की सीमा की आबद्धता आड़े आती है। ऐसे में इस चुनावी माहौल में डाक विभाग ने उम्मीदवारों को जनता से जोड़ने के लिए डायरेक्ट पोस्ट के रूप में एक नायाब तरीका उपलब्ध कराया है। डायरेक्ट पोस्ट के तहत बिना पता लिखी डाक को लक्षित जनता के दरवाजे तक पहुँचाया जाता है। ऐसे में यदि भाजपा को वोट दें, साइकिल पर मुहर लगाएँ या कांग्रेस का हाथ आपके साथ, ऐसे नारे लिखे पर्चे या अपीलें लेकर डाकिया आपके घर पहुँचे तो  हैरान होने की जरुरत नही। दरअसल अब नेताओं की बातें आप तक पहुँचाना उसकी  नौकरी में शामिल हो  गया है। डाक विभाग  यह काम मुफ्त में नही बल्कि व्यावसायिक नजरिये से पैसे लेकर करता है। ऐसी ही सेवाएँ प्रचार चाहने वाले अन्य कार्य-क्षेत्रों को भी दी जा रही हैं। 

इस संबध में इलाहाबाद परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएँ कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि  इसके तहत राजनैतिक दल ही नहीं उत्पादन, निर्माण और  सेवा क्षेत्र  के निजी या सरकारी संस्थान भी  प्रचार के लिए इसका सहारा ले सकते हैं। मसलन किसी कम्पनी को अपने उत्पादों की खासियत उपभोक्ताओं तक पहुंँचानी या फिर कोई  धार्मिक-समाजिक संस्था अपनी बात लोगों तक पहुँचाना चाहती है तो उसके लिए डायरेक्ट पोस्ट एक सशक्त माध्यम है। इसके जरिये पर्चे, प्रचार, साहित्य, अपीलें ही नहीं सीडी और कैसेट भी मनचाहे क्षेत्रों में लोगों तक पहुँचाने का दायित्व डाक विभाग लेता है। 

निदेशक श्री यादव ने यह भी जोड़ा कि इस सेवा का लाभ लेने से पहले सम्बन्धित संस्थान या व्यक्ति को कुछ शर्तों का पालन सुनिश्चित करना होगा। जैसे कि भेजने वाला निश्चित पते पर सामग्री नही भेज सकता। बस उसे इतनी छूट होगी कि वह क्षेत्र निर्धारित कर दे। उन्होंने कहा कि वही सामग्री स्वीकार की जायेगी जो इंडियन आफिस एक्ट-1898 और इंडियन पोस्ट  आफिस रुल्स 1933 में निषिद्ध नहीं की गयी है। इस सेवा में विभाग 1,000 से कम संख्या में सामग्री स्वीकार नहीं करेगा। एक जिले में अर्थात स्थानीय वितरण कार्य के लिए डेढ रुपये प्रति नग और अन्य जगहों के लिए 2 रूपये  प्रति 20 ग्राम की दर से शुल्क वसूला जायेगा। 20 ग्राम से अधिक वजन होने पर प्रति 20 ग्राम तक 1 रूपये ज्यादा चार्ज  देने होंगें। शर्त यह भी है कि सामग्री का आकार ए-3 से अधिक न हो। 

डाक निदेशक श्री यादव का मानना है कि डाकिया द्वारा वितरित की गयी ऐसी सामग्री निश्चिततः ज्यादा विश्वसनीय होगी। गौरतलब है कि अक्सर काॅलेज, चैराहे या प्रमुख बाजारों में थोक के भाव पब्लिक में पंफलेट आदि बाँंटे जाते है। बमुश्किल ही वह उस वर्ग विशेष तक पहुँच पाती है, जिसके लिए उसे तैयार किया गया होता है। डाक विभाग की डायरेक्ट पोस्ट सेवा इसी खामी को दूर करते हुए लक्षित समूह तक प्रचार सामग्री को पहुँचाएगी।



Sunday, March 23, 2014

जब जेल से लिखा भगत सिंह ने पिताजी को पत्र

23 मार्च : आज ही के दिन  भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव ने देश की आजादी की ख़ातिर हँसते-हँसते फाँसी का फंदा चूम लिया था। उनकी शहादत रंग रंग लाई और देश आजाद हुआ।  पर किसने सोचा था कि यही आजाद देश उन्हें 'शहीद' का दर्जा तक नहीं दे पाएगा। आज भी किताबों में इन्हें उग्रवादी का दर्जा ही दिया जाता है। बहरी अंग्रेज सरकार को तो उन्होंने धमाकों से दहला कर अपनी आवाज़ सुना दी, पर आज उनकी आवाज़ कौन सुनेगा ?? .... खैर, सरकारी दस्तावेजों का क्या, आम जन की निगाह में तो ये सदैव शहीद क्रन्तिकारी ही बने रहेंगे।  आज इस दिन विशेष पर उन तीन महान आत्माओं को पुण्य श्रद्धांजलि और शत-शत नमन !!

यहाँ पर अमर शहीद सरदार भगत सिंह द्वारा अपने पिता को लिखे अंतिम पत्र को  पढ़कर उनके विचारों और मनोस्थिति को समझा जा सकता है -

पूज्य पिताजी,

मुझे यह जानकर आश्चर्य हुआ कि आपने स्पेशल ट्रिब्यूनल को मेरे बचाव के लिए प्रार्थना पत्र भेजा है। यह समाचार मेरे लिए इतना दु:खदायी था कि मैं इसे शांत रहकर सह नहीं सकता। इस समाचार ने मेरे हृदय की सारी शांति समाप्त कर दी। मेरी समझ में नहीं आता कि वर्तमान स्थिति में आप इस विषय पर किस प्रकार ऐसा प्रार्थना पत्र दे सकते हैं ?

आपके बेटा होने के नाते मैं आपकी भावनाओं एवं इच्छाओं का पूरा सम्मान करता हूं। परन्तु इसके साथ ही मैं समझता हूं कि आपको मेरे साथ परामर्श किए बिना मेरे विषय में कोई प्रार्थना पत्र देने का अधिकार न था। आप जानते हैं कि राजनीतिक क्षेत्र में मेरे विचार आपसे सर्वथा भिन्न है। मैं आपकी सहमति या असहमति का विचार किए बिना ही सदैव स्वतंत्रतापूर्वक कार्य करता हूं। मैंने कभी अपने बचाव के लिए स्पष्टीकरण देने की इच्छा प्रकट नहीं की और न मैंने कभी इस पर गंभीरतापूर्वक विचार ही किया था। यह बात गलत दृष्टिकोण का परिणाम थी या मेरे पास इन कार्यों के प्रमाण में उपस्थित करने के लिए कोई तर्क न था यह एक ऐसी बात है, जिस पर इस समय विचार नहीं किया जा सकता।

आप जानते हैं कि इस मुकदमें में हम एक निश्चित नीति पर चल रहे हैं। मेरा प्रत्येक कार्य उस नीति से मेरे सिध्दांतों से एवं हमारे कार्यक्रम से सामंजस्य रहते हुए होना चाहिए। आज परिस्थिति सर्वथा भिन्न है, परन्तु यदि परिस्थिति इसके अतिरिक्त कुछ और भी होती तो मैं अंतिम व्यक्ति होता जो अपना बचाव  उपस्थित करता। इस सारे मुकदमे में मेरे सामने एक ही विचार था और वह कि यह जानते हुए भी हमारे विरुध्द भयानक आरोप पत्र लगाए गए हैं। हम उस ओर से पूर्णतया अवहेलना की वृत्ति बनाए रखें। मेरा यह दृष्टिकोण रहा है कि समस्त राजनीतिक कार्यकर्ताओं को ऐसी दशा में अदालत की अवहेलना और उपेक्षा दिखानी चाहिए और उनको जो कठोर दण्ड दिया जाए, वह उन्हें हंसते-हंसते सहना चाहिए। इस पूरे मुकदमे के बीच हमारी नीति इस सिध्दांत पर आधारित हैं। हम ऐसा करने में सफल हुए हैं या नहीं, इसका निर्णय, करना हमारा काम नहीं है। हां, हम स्वार्थपरता को छोड़कर अपना काम करते रहे हैं।

वायसराय ने लाहौर षडयंत्र केस आर्डिनेस जारी करते हुए कहा था, इस षडयंत्र के अपराधी शांति सुव्यवस्था एवं कानून को समाप्त करने का प्रयत्न कर रहे थे। इससे जो वातावरण उत्पन्न हुआ, उसने हमें यह अवसर दिया कि हम जनता के समक्ष अपनी बात को उपस्थित करें। इस बात पर विभिन्न दृष्टिकोण हो सकते हैं। मगर इतना मूल्यवान नहीं हैं, जितना आप समझते हैं। कम-से-कम मेरे लिए इस जांच का महत्व नहीं है कि इसे सिध्दांतों की अमूल्य निधि बलिदान करके बचाया जाय हमारे साथियों ने सहमति नीति अपनायी है और हम एक-दूसरे के साथ अंतिम दम तक खड़े रहेंगे। हमें इस बात की चिंता नहीं है कि हमें व्यक्तिगत रूप से इस निश्चित का कितना मूल्य चुकाना पड़ता है। 

पिताजी, मैं बड़ी चिन्ता अनुभव कर रहा हूं। मुझे डर है कि आप पर दोष लगाते हुए इससे भी अधिक इस कार्य की निन्दा करते हुये मैं कहीं सभ्यता की सीमा न लांघ जाऊं तथा मेरे शब्द अधिक कठोर न हो जाए। फिर भी मैं स्पष्ट शब्दों में इतनी बातें अवश्य कहूंगा कि कोई दूसरा व्यक्ति मेरे प्रति इस प्रकार का कार्य करता तो मैं उसे देशद्रोही से कुछ कम न समझता, परन्तु आपके लिए मैं यह बात नहीं कह सकता। बस, इतना ही कहूंगा कि यह कम कमजोरी थी, निम्न कोटि की मानसिक दुर्बलता। यह एक ऐसा समय था जब हम सबकी परीक्षा हो रही थी। पिताजी, मैं यह कहना चाहता हं कि आप इस परीक्षा में असफल रहे।

- सरदार भगत सिंह 

Monday, March 10, 2014

डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव ने किया प्रतापगढ प्रधान डाकघर में सीबीएस का उद्घाटन

प्रतापगढ प्रधान डाकघर में कोर बैकिंग सोल्यूशन (सीबीएस) सेवा का उदघाटन 10 मार्च 2014 को इलाहाबाद परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव द्वारा किया गया। इस अवसर पर फीता काटकर एवं दीप प्रज्जवलित कर प्रतापगढ प्रधान डाकघर के सीबीएस से जुड़ने का उन्होंने शुभारंभ किया। इसी के साथ उत्तर प्रदेश में इलाहाबाद परिक्षेत्र अपने तीनों पायलट डाकघरों (इलाहाबाद, वाराणसी कैंट और प्रतापगढ़ प्रधान डाकघर) को सीबीएस से जोड़ने वाला प्रथम परिक्षेत्र बन गया। 

 उदघाटन करते हुए इलाहाबाद परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा सीबीएस से जुड़ने के बाद एनीव्हेयर एनीटाइम बैंकिंग के तहत क्रमबद्ध रूप में धीरे-धीरे ग्राहकों को आन लाइन बैंकिंग,
मोबाइल बैंकिंग, नेट बैंकिंग और एटीएम इत्यादि का लाभ मिल सकेगा, जिससे प्रधान डाकघर के डेढ लाख से ज्यादा खाताधारक लाभान्वित होंगे। इसके तहत यह अब संचय पोस्ट के बजाय फिनैकल साफ्टवेयर पर काम होगा और मुम्बई  स्थित सेन्ट्रल सर्वर से प्रधान डाकघर सीधे जुड़ जायेगा, जिससे आॅनलाइन लेन-देन में सहूलियत होगी। निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि प्रतापगढ प्रधान डाकघर में शीघ्र ही एटीएम सुविधा भी उपलब्ध करायी जायेगी। उन्होंने कहा कि अब सभी खाते 10 नंबरों के हो जायेंगे और सभी ग्राहकों को कम्प्यूटराइज्ड पासबुक मिलेगी। श्री यादव ने बताया कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश में प्रतापगढ प्रधान डाकघर  को लेकर कुल 14 डाकघर सीबीएस के तहत कार्य करना आरंभ कर चुके हैं और पूरे भारत में सीबीएस के तहत माईग्रेटेड यह 70वाॅंँ डाकघर है।

प्रवर डाक अधीक्षक श्री ए.पी. तिवारी ने कहा कि प्रतापगढ में प्रतापगढ प्रधान डाकघर सीबीएस प्रणाली के तहत कार्य करने वाला प्रथम डाकघर है। प्रधान डाकघर के सीबीएस से जुड़ने पर यह देश के अन्य सीबीएस डाकघरों से जुड़ गया है। उन्होंने बताया कि शीघ्र ही मण्डल के चार डाकघरों कुण्डा, लालगंज, भगवा की चुंगी, और मकन्द्रूगंज डाकघरों को सीबीएस के तहत लाने का प्रयास किया जायेगा।

सहायक निदेशक (सीबीएस) श्री वी.डी.दुबे ने बताया कि अब बचत अभिकर्ताओं को भी सहूलियत होगी और वे पोर्टल पर जाकर घर बैठे लोगों का पैसा जमा कर सकेंगे और तद्नुसार उत्पन्न कोड डाकघर आकर बताने पर, वह लिंक हो जायेगा। यही नहीं अब अभिकर्ताओं का कमीशन उनके डाकघर बचत खाता में सीधे जायेगा। 

कार्यक्रम में सीनियर पोस्टमास्टर श्री आरएल राजभर, सहायक डाक अधीक्षक श्री राजेश शर्मा, डाक निरीक्षक श्री दीपक कुमार, एवं श्री आरके श्रीवास्तव, सहित तमाम अधिकारी एवं कर्मचारी व बचत अभिकर्तागण मौजूद रहे। 

Saturday, March 8, 2014

अख़बारों में भी छाया : सीबीएस से जुड़ा इलाहाबाद जीपीओ, एटीएम की सुविधा जल्द

सीबीएस से जुड़ा इलाहाबाद जीपीओ, एटीएम की सुविधा जल्द !
( दैनिक जागरण, 6 मार्च 2014)


इलाहाबाद जीपीओ में शुरू हुई कोर बैंकिंग !
(हिंदुस्तान, 6 मार्च 2014)




Core Banking Services for Post Office Account Holders
(Times of India, 6 March 2014)

(Cor banking now at Post Office)
(Hindustan Times : 6 march 2014)





Core banking services inaugurated in Allahabad GPO, ATM services soon

Post Office Savings Bank account holders of Allahabad Head Post office can now avail Core banking services as Allahabad head Post Office was migrated to CBS platform under I T Modernization Project of the Department of Posts on 5th March, 2014. Chief Post Master General, Uttar Pradesh Mr. Ashutosh Tripathi inaugurated CBS at Allahabad Head Post office in presence of Mr. M. E. Haque, Postmaster General, Allahabad Region and Mr. Krishna Kumar Yadav, Director Postal Services, Allahabad Region by unveiling plaque and lighting lamp. 

In his inaugural address Chief Postmaster General, Uttar Pradesh Circle, Mr. Ashutosh Tripathi said that as on date 10 Post Offices of Uttar Pradesh Circle have been migrated to Core Banking Solution, under the ambitious ‘IT Modernization Project-2012’ and Allahabad Head Post Office is the 11th CBS enabled office. It is a continuous endeavor of the Postal Department to provide best in class services to its customers, and CBS is a milestone in this regard. After linking with CBS any where any time Internet Banking, Mobile Banking etc. will also be provided sequentially. The work of Saving Scheme agents will also be facilitated after launch of Core Banking.  

Postmaster General, Allahabad Region, Mr. M. E. Haque said that after migration to CBS platform Allahabad Head Post Office will be linked to other CBS Post Offices of the country. He also said that our efforts are to link 17 Post Offices of Allahabad Region to CBS by the end of this March.

Mr. Krishna Kumar Yadav, Director Postal Services, Allahabad Region said that under Core banking, now transaction will be made under Finacle in place of Sanchay Post, and Allahabad Head Post Office will now be linked directly with Central Server at Mumbai, which will pave the way for online transaction in future. He further said that now new 10 digit account numbers will be allotted to all accounts and customers will get the facility of computerized passbook. He told that ATM facility will be provided at Allahabad HO soon. Mr. Yadav also said that later in this month Pratapgarh and Varanasi Cantt Head Post office, and later Allahabad Kutchery Head Post Office and Varanasi Head Post Office will be migrated in a planned way.

On this occasion Senior Superintendent of Post Offices, Mr. Rahmatullah, Senior Postmaster, Mr. O. B. Singh, Assistant Directors, Mr. M. P. Mishra and T. B. Singh, Inspector of Posts, Mr. Brijesh Sharma and Deepak Kumar, and Pankaj Maurya, R. K. Srivastava, Shadab Alam, Rajesh Singh, Abhishek Karan etc. and a number of employees, and Saving Scheme agents were present. 

कोर बैंकिंग सोल्यूशंस (CBS) के तहत उत्तर प्रदेश के 11वें डाकघर, इलाहाबाद प्रधान डाकघर के शामिल होने की खुशी केक के साथ. Inaugurated by Mr. Ashutosh Tripathi, Chief Postmaster General, UP Circle with Mr. M. E. Haque, PMG Allahabad and Krishna Kumar Yadav, Director Postal Services, Allahabad Region.

Allahabad Head Post Office migrated to CBS platform on 05th March, 2014. Inaugrated by Mr. Ashutosh Tripathi, Chief Postmaster General, UP Circle with Mr. M. E. Haque, PMG Allahabad and Krishna Kumar Yadav, Director Postal Services, Allahabad Region. 

India's 69th Post Office Goes Live on Core banking platform (CBS) at Allahabad Head Post Office on 05.03.2014. Inaugurated by Mr. Ashutosh Tripathi, Chief Postmaster General, UP Circle with Mr. M. E. Haque, PMG Allahabad and Krishna Kumar Yadav, Director Postal Services, Allahabad Region.


Tuesday, March 4, 2014

डाकघर बचत खाता, ATM ऑनलाइन

दुनिया की सबसे बड़ी डाक सेवा भारतीय डाक को प्रौद्योगिकी के स्तर पर उन्नत बनाते हुये डाक बचत खातों को कोर बैंकिंग सोल्यूशंस (सीबीएस) से जोड़ने और ग्राहकों के लिए एटीएम कार्ड जारी करने की शुरूआत कर दी गयी. इसके साथ ही डाक जीवन बीमा का आनलाइन परिचालन भी शुरू कर दिया गया है. संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री कपिल सिब्ल ने यहां इंद्रप्रस्थ मुख्य डाकघर में एटीएम मशीन और डाकघर बचत खातों को ऑनलाइन करने की प्रौद्योगिकी कोर बैंकिंग सोल्यूशंस के साथ ही डाक जीवन बीमा के आन लाइन परिचालन की शुरूआत की. डाक एमटीएम धारक शीघ्र ही अपने कार्ड का उपयोग ऑनलाइन खरीद और दूसरी सेवाओं के लिए कर सकेंगें.

इस अवसर पर सिब्बल ने बताया कि पांच हजार करोड़ रूपये की लागत से डाकघरों को अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी से जोड़ने की योजना के तहत यह संभव हो सका है. उन्होंने बताया कि मार्च 2014 तक देश के 700 डाकघर कोर बैंकिंग से जुडे जायेंगे और मार्च 2015 तक 23207 डाकघर इस नेटवर्क से जुड़ जायेंगे. जुलाई 2015 तक देश के 25 हजार डाकघर इसके दायरे में आ जायेगें और अगले कुछ वर्षों में देश के कार्यरत सभी 1.60 लाख डाकघरों में यह सेवा उपलब्ध होगी. उन्होंने बताया कि इसी तरह से अगले कुछ महीने में डाकघर के एक हजार एटीएम होंगे और मार्च 2015 तक यह संख्या बढ़कर 2800 हो जायेगी. 

सिब्बल ने उम्मीद जतायी कि देश के सभी डाकघरों के कोर बैंकिंग सोल्यूशंस से जुड़ने से किसानों और छोटे कारोबारियों को बहुत अधिक लाभ होगा, क्योंकि सरकार की योजना इसके माध्यम से किसानों को अपने उपज को बेचने और कारोबारियों को अपने उत्पाद बेचने में भी मददगार बनने की है. केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि देश के सभी डाकघरों के कोर बैंकिंग से जुड़ने के बाद देश के सकल घरेलू उत्पाद में दोगुने की बढ़ोतरी हो सकती है, क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी कारोबारी और किसान घरो में रूपये रखते है, जो इसके बाद डाकघरों में जमा करायेंगे.

 इस मौके पर डाक सचिव पी गोपीनाथ ने बताया कि डाक विभाग को आधुनिक प्रौद्योगिकी के अनुरूप बनाने में टाटा कंसलटेंसी सर्विसेस, इंफोसिस, एनआईएसजी सिफी और असेंचर ने मदद की है. कोर बैंकिंग सोल्यूशंस के लिए इंफोसिस के फिनैकल का उपयोग किया गया है. उन्होंने बताया कि देश के अभी भारतीय डाक के चार एटीएम हो गये हैं, जिनमें से दो दिल्ली में है. अभी देश के 64 डाकघरों के 64 लाख खाते कोर बैंकिंग सोल्यूशंस से जुड़ चुके हैं. इनमें दिल्ली, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटकमहाराष्ट्र, असम और आंध्र प्रदेश शामिल है. देश में 28 करोड़ डाक बचत खाते हैं. सीबीएस से जुड़े डाकघरों के बचत खाताधारक अब अपने खातों को किसी भी डाकघर में प्रचालन कर सकेंगे तथा खाता संबंधित सेवाओं का लाभ ले सकेंगे. डाकघर के ग्राहक को कहीं भी कभी भी बैंकिंग, नेट बैंकिंग, आरजीटीएसएनईएफटी की भी सुविधायें भी उपलब्ध हो सकेंगें. सीबीएस का उद्देश्य इंटरनेट, मोबाइल फोन तथा एटीएम के माध्यम से तीव्र एवं सुलभ बैंकिंग सेवायें उपलब्ध कराने की है.

दिल्ली परिमंडल के मुख्य पोस्टमास्टर जनरल वसुमित्र ने बताया कि मार्च 2014 तक दिल्ली के 86 डाकघर सीबीएस से जुड़ जायेंगे और जुलाई 2015 तक राजधानी के सभी 600 डाकघर इसके दायरे में आ जायेंगे. मार्च 2015 तक राजधानी के 386 डाकघर सीबीएस से जुड़ जायेंगे.

Sunday, March 2, 2014

Country's first Post Office Savings Bank ATM inaugurated in Chennai


The country's first Post Office Savings Bank ATM was inaugurated in Chennai on Thursday, 27th February 2014  by Finance Minister Mr. P. Chidambaram as part of the government's Rs 4,909 crore IT modernisation scheme for the Department of Posts.

After launching the ATM service at Thiyagaraya Nagar Head Post Office (HPO), Chidambaram said that Rs 4,909 crore had been allocated for the IT modernisation of Department of Posts in the interim budget for 2014-15. "The IT modernisation scheme is aimed at making Department of Posts a completely technology-oriented one and today's initiative is a step in that regard," he said. The IT modernisation scheme would cover 1.55 lakh Post offices and would be implemented by next year, he added. 

Speaking about the newly launched ATM service at the HPO, Chidambaram said that while it will initially operate in a closed environment for about six months, it will later change to 'inter-operability,' on the lines of bank ATMs, allowing customers to withdraw money from any ATM. 

About Department of Posts, Chidambaram said that while questions were being raised about its future, especially in the wake of dip in use of letters and postcards, it was adopting new strategies and was therefore on the growth path. Still a large number of people believe that Department of Posts is the best in courier and parcel delivery areas, he added. 

An official release said the T Nagar HPO ATM is the first in the country and "four more ATMs are ready for operations" in Delhi and Mumbai. "It is proposed to install 1,000 ATMs across the country in 2014. Another 1,800 ATMs will be added in 2015," it said. It added that Rs 700 crore has been earmarked for implementing Core Banking Solution (CBS) for Post office Savings Bank. As on date, 51 HPOs and 11 Sub-post offices have "migrated" covering 64 lakh accounts. By March 31, 2014, a total of 700 more post offices will be covered and all 26,840 post offices will be functional under CBS in another two years, it said.


 Mr. S. Samuel, Sr. Postmaster, T'Nagar HO with his POSB ATM card


Friday, February 28, 2014

देश का पहला डाकघर बचत बैंक एटीएम चेन्नै के त्यागराय नगर स्थित मुख्य डाकघर में आरम्भ


देश के पहले डाकघर बचत बैंक एटीएम का उद्घाटन चेन्नै में वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने गुरुवार, 27 फरवरी 2014  को किया। चेन्नै के त्यागराय नगर स्थित मुख्य डाकघर में डाक विभाग की पहली एटीएम सेवा पेश करने के बाद चिदंबरम ने कहा कि 2014-15 के लिए अंतरिम बजट में डाक विभाग को सूचना प्रौद्योगिकी के लिहाज से आधुनिक बनाने के लिए 4,909 करोड़ रुपए का आवंटन किया गया है।

उन्होंने कहा, 'सूचना प्रौद्योगिकी योजना का लक्ष्य है, डाक विभाग को पूरी तरह से प्रौद्योगिकी उन्मुख बनाना और आज (गुरुवार) की पहल इसी दिशा में एक कदम है।' उन्होंने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी आधुनिकीकरण योजना के दायरे में 1.55 लाख डाकघर आएंगे और इसे अगले साल लागू किया जाएगा।

चिदंबरम ने कहा कि शुरुआत में छह महीने डाक विभाग की एटीएम सेवा केवल अपने आंतरिक ग्राहकों के लिए होगी। बाद में यह बैंकों के एटीएम की तरह काम करने लगेगी, जहां सभी बैंकों के एटीएम कार्ड काम करते हैं। डाक विभाग के बारे में चिदंबरम ने कहा कि चिट्ठी और पोस्टकार्ड के उपयोग में कमी के मद्देनजर इसके भविष्य के बारे में सवाल उठाए जा रहे हैं, ऐसे में नई रणनीतियां अपनाई जा रही हैं ताकि वृद्धि के मार्ग पर अग्रसर हुआ जा सके।

उन्होंने कहा कि अभी बड़ी तादाद में लोगों का मानना है कि डाक विभाग कुरियर और पार्सल पहुंचाने के काम में सबसे अच्छा है। एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि त्यागराय नगर के मुख्य डाकघर का एटीएम देश में डाक विभाग का पहला एटीएम है। दिल्ली और मुंबई में चार और एटीएम तैयार हैं और उन्हें चालू भर किया जाना है।

Thursday, February 27, 2014

Get Shiva's blessings through Speed Post

ALLAHABAD: This Mahashivatri if you are unable to go for Bholenath's darshan then too there is no need to worry as you can easily get the prasad at your doorstep through postal services.


Director postal services, Allahabad region Krishna Kumar Yadav said as per an agreement between the Kashi Vishwanath Mandir Trust of Varanasi and Department of Posts, prasad of Kashi Vishwanath Mandir will be made available at the home of devotees through post.



Under this scheme devotees will have to send a money order of Rs 60 to senior superintendent of post offices, Varanasi (East) and in return the devotee will get 'Bhabhuti' of the temple, 'Rudraksh' , a laminated photo of Lord Shiva and Shiva Chalisha as prasad from Kashi Vishwanath Mandir Trust.



Yadav further added that similarly prasad of renowned Shri Mahakaleshwar Jyotirling Mandir, Ujjain can also be ordered by post. A person is required to send a money order of Rs 151 to Prashashak, Shri Mahakaleshwar Mandar Prabandhan Committee and in return prasad including 200 gm of dry fruits, 200 gm sweets, Bhabhuti and a photo of Lord Shri Mahakaleshwar will be sent to the person through Speed Post.


Mr. KK Yadav said the Prasad is delivered in waterproof envelopes to ensure safety and purity during the delivery.



Wednesday, February 26, 2014

जब सचिन तेंदुलकर ने अंजलि को लिखा खत

खतों की भी अपनी एक खूबसूरत दुनिया है। दुनिया की तमाम नामचीन हस्तियों ने इन खतों के माध्यम से ही अपने प्रेम को भी जिया है। तथी तो महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने मोबाइल से पहले के उस जमाने को याद किया, जब वह अंजलि को खत लिखते थे और जब उन्हें खत का जवाब मिलता था तो वह अपनी पत्नी की ’खूबसूरत’ लिखावट में खो जाया करते थे। तेंदुलकर को अपनी पत्नी के लिए पत्र लिखने से पहले भी मेहनत करनी पड़ती थी।

 स्टार बल्लेबाज ने चेन्नई में 26 फ़रवरी  2014 को यहाँ हैंडराइटिंग को बढ़ावा देने के कार्यक्रम के दौरान मुस्कराते हुए कहा, ’क्रिकेट गेंद को हिट करना मेरे लिए नैसर्गिक था, लेकिन अंजलि को पत्र लिखते समय मैं यह जाँच करता रहता था कि मैं क्या लिख रहा हूँ।  उन दिनों मोबाइल नहीं हुआ करते थे तथा संचार के एम मात्र साधन लैंडलाइन फोन या पत्र हुआ करते थे। मैंने पत्र लिखने शुरू किए। 

मैंने अपने माता-पिता को पत्र लिखने से शुरूआत की और बाद में कुछ पत्र (पत्नी) अंजलि के लिए भी लिखे।’ उन्होंने याद किया कि किस तरह से उनके माता-पिता ने उन्हें पेन थामना और लिखना सिखाया था। 

Monday, February 24, 2014

Krishna Kumar Yadav’s book ’16 Aane 16 Log’ released in World Book Fair, New Delhi






‘16 Aane 16 Log’ Book written by Mr. Krishna Kumar Yadav, Director Postal Services, Allahabad Region who is also a writer and literator, was released at World Book Fair, New Delhi on 22 february, 2014. While releasing the book, senior critic and poet Mr. Om Nischal said that a live combination of literary sensibility and administrative responsibilities can be found in the works of Krishna Kumar Yadav. In this book 16 great personalities of literature, art and culture have been recited and Mr. Yadav has described them while linking with contemporary issues, which makes this book special.

Mr. Ashok Mishra, Editor of ‘Bahuwachan’ who arrived from Mahatma Gandhi International University, Vardha, said that all the writers included in this collection have been strong pillars of literature in their times and the way Mr. Krishna Kumar has compiled his articles published from time to time in the form of a book, makes this book even more important for scholars.

Senior writer Ms. Pushpita Awasthi pointed out that, in form of analyzing contributions of Amrita Preetam and Kurtul N. Haidar, Mr. Yadav has highlighted the contribution of woman litterateur and raised issues which concern woman.

Editor in National Book Trust, Mr. Laalitya Lalit said that Mr. Krishna Kumar Yadav has achieved sensory ease and intimacy with litterateur he has analyzed in his book.

On this occasion, Mr. Yadav highlighted the dimensions of his creativity. While describing about the book he said that in this book contributions of legendary personalities like Ravindra Nath Tagore, Nagarjun, Nirala, Premchandra, Rahul Sankrityayan, Ganesh Shankar Vidyarthi, Agyeya, Kamleshwar, Manohar Shyam Joshi, Ahmad Faraz, Kaifi Aazmi, Amrita Preetam, and Kurtul N. Haidar and currently active Abdul Rahman Raahi, Kunwar Narayan, Hopaldas Neeraj have been discussed.

On this occasion famous poet Madan Kashyap, Editor of second tradition Shushil Sidarth and others expressed their opinion. The programme was organized by Sahilesh Bharatwasi of Hindi Yugm. 



Sunday, February 23, 2014

विश्व पुस्तक मेला, नई दिल्ली में लोकार्पित हुई कृष्ण कुमार यादव की पुस्तक ’16 आने 16 लोग’


इलाहाबाद परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएं एवं लेखक व साहित्यकार कृष्ण कुमार यादव की किताब ’’16 आने 16 लोग’’ का विमोचन नई दिल्ली में आयोजित विश्व पुस्तक मेला में 22 फरवरी 2014 को किया गया। किताब का विमोचन करते हुए वरिष्ठ आलोचक एवं कवि ओम निश्चल ने कहा कि साहित्य की संवेदना और प्रशासनिक दायित्व का जीवंत मिश्रण कृष्ण कुमार यादव की लेखनी में बखूबी मिलता है। इस किताब में साहित्य-कला और संस्कृति के क्षेत्र की 16 महान विभूतियों के पुनर्पाठ के बहाने श्री यादव ने उन्हें समकालीन सरोकारों के साथ व्याख्यायित किया है, जो इस किताब को महत्वपूर्ण बनाती है। 

महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय विश्विद्यालय, वर्धा से पधारे बहुवचन के संपादक अशोक मिश्र ने कहा कि इस संग्रह में शामिल सभी लेखक अपने समय के सशक्त स्तम्भ रहे हैं और समय-समय पर कृष्ण कुमार ने विभिन्न स्तम्भों में इन विभूतियों पर प्रकाशित अपने आलेखों को जिस तरह एक पुस्तक में गूँथा है, वह इस पुस्तक को शोधार्थियों के लिए भी महत्वपूर्ण बनाती है। 

वरिष्ठ लेखिका पुष्पिता अवस्थी ने इस बात को उद्धृत किया कि किताब में अमृता प्रीतम और कुर्रतुल ऐन हैदर जैसी लेखिकाओं केे बहाने महिला साहित्यकारों के अवदान को शामिल करके उन मुद्दों को भी उठाया गया है जो आज नारी विमर्श की पडताल करते हैं। 

नेशनल बुक ट्रस्ट में संपादक लालित्य ललित ने कहा कि पुनर्पाठ की परम्परा में पुस्तक में शामिल साहित्यकारों के साथ संवेदनात्मक सहजता व अनुभवीय आत्मीयता जोडते हुए कृष्ण कुमार ने उनका सटीक विश्लेषण किया है। 

इस अवसर पर कृष्ण कुमार यादव ने अपनी सृजनधर्मिता के आयामों पर प्रकाश डाला। उन्होंने किताब के बारे मेें बताया कि इसमें रवीन्द्रनाथ टैगोर, नागार्जुन, निराला, प्रेमचंद, राहुल सांकृत्यायन, गणेश शंकर विद्यार्थी, अज्ञेय, कमलेश्वर, मनोहर श्याम जोशी, अहमद फराज, कैफी आजमी, अमृता प्रीतम और कुर्रतुल ऐन हैदर जैसी अमर शख्सियतों के अलावा वर्तमान समय में सक्रिय अब्दुल रहमान राही, कुंवर नारायण, गोपालदास नीरज के अवदानों की भी चर्चा की गयी है। 

इस अवसर पर चर्चित कवि मदन कश्यप, दूसरी परम्परा के संपादक सुशील सिद्धार्थ,  आधुनिक साहित्य  के सम्पादक आशीष खंडेलवाल, वंदना गुप्ता, मनोज भावुक  इत्यादि ने भी विचार व्यक्त किए।  कार्यक्रम का संयोजन हिन्द युग्म के शैलेश भारतवासी द्वारा किया गया।

Wednesday, February 19, 2014

Director Postal K K Yadav’s book ’16 Aane 16 Log’ in World Book Fair, New Delhi

Allahabad’s presence is being noticed at World Book Fair (15-23 February) at  New Delhi . During this time many books by authors related to Allahabad is being released, which includes Director Postal Services of Allahabad Region Mr. Krishna Kumar Yadav’s book ’16 Aane 16 Log’. Published by Hindi Yugm Prakashan, New Delhi, in this book Mr. Yadav has described various aspects of 16 thinkers, litterateur, and writers from various time periods and related them with contemporary issues. Mr. Krishna Kumar Yadav said that it will be his seventh book. In this book he has discussed contributions of legendary personalities like Ravindranath Tagore, Nagarjun, Nirala, Premchandra, Rahul Sankrityayan, Ganesh Shankar Vidyarthi, Agyey, Kamleshwar, Manohar Shyam Joshi, Ahmad Faraz, Kaifi Aazmi, and currently active Abdul Rahman Raahi, Kunwar Narayan, Gopaldas Neeraj. Other than these, efforts have also been made to understand contributions by women writers like Amrita Preetam and Kurtul N. haidar.

            It is worthwhile to mention here that apart from being a Senior officer in Government service, Mr. Krishna Kumar Yadav is active in the field of literature, writing, blogging, and social media and has published 06 books namely “Abhilasha” (Poem Collection), “Abhivyaktiyon ke bahane” and “Anubhutiyan aur vimarsh” (essay collection), India Post: 150 Glorious Years (2006) and “Krantiyagya: 1857-1947 ki gatha” (2007), “Jungle me cricket” (Children Poetry). A book on his work and personality ‘Badhate Charan Sikhar Ki aur: Krishna Kumar Yadav’ has been published (Dr. Durgacharan Mishra, 2009, Alok Prakashan, Allahabad). His creative works are published in various magazines and journals issued in country and abroad, web magazines published on the internet and blogs.


विश्व पुस्तक मेला, नई दिल्ली में 'हिंद युग्म' के स्टॉल पर डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव यादव की पुस्तक ’16 आने 16 लोग’



प्रगति मैदान, नई दिल्ली में चल  रहे विश्व पुस्तक मेला (15-23 फरवरी) में  तमाम पुस्तकें जारी/लोकार्पित की जायेंगी। इनमें इलाहाबाद परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएं कृष्ण कुमार यादव की पुस्तक ’’16 आने 16 लोग’’ भी शामिल है। हिन्द युग्म प्रकाशन, नई दिल्ली द्वारा प्रकाशित इस पुस्तक में उन्होंने विभिन्न कालखंड के 16 चिंतकों, साहित्यकारों, लेखकों को समकालीन सरोकारों से जोड़ते हुए उनकी रचनाधर्मिता के फलक को विस्तृत किया है। श्री कृष्ण कुमार यादव ने इस सम्बन्ध में बताया कि यह उनकी 7वीं पुस्तक/कृति होगी। इस पुस्तक में रवीन्द्रनाथ टैगोर, नागार्जुन, निराला, प्रेमचंद, राहुल सांकृत्यायन, गणेश शंकर विद्यार्थी, अज्ञेय, कमलेश्वर, मनोहर श्याम जोशी, अहमद फराज, कैफी आजमी जैसी अमर शख्सियतों के अलावा वर्तमान समय में सक्रिय अब्दुल रहमान राही, कुंवर नारायण, गोपालदास नीरज के अवदानों की भी चर्चा की गयी है। इसके अलावा इस पुस्तक में अमृता प्रीतम और कर्रतुल ऐन हैदर जैसी लेखिकाओं के व्यक्तित्व और कृतित्व के बहाने आज के स्त्री-विमर्श को जानने-समझने का भी गंभीर प्रयत्न है।

गौरतलब है कि सरकारी सेवा में उच्च पदस्थ अधिकारी होने के साथ-साथ साहित्य, लेखन और ब्लागिंग के क्षेत्र में भी चर्चित श्री यादव की अब तक कुल 6 पुस्तकें 'अभिलाषा' (काव्य-संग्रह, 2005) 'अभिव्यक्तियों के बहाने' व 'अनुभूतियाँ और विमर्श'  (निबंध-संग्रह, 2006 व 2007), 'India Post : 150 Glorious Years'(2006),'क्रांति-यज्ञ : 1857-1947 की गाथा' व जंगल में क्रिकेट (बाल-गीत संग्रह,2012) प्रकाशित हो चुकी हैं। विभिन्न सामाजिक-साहित्यिक संस्थाओं द्वारा शताधिक सम्मान और मानद उपाधियाँ प्राप्त कृष्ण कुमार यादव के व्यक्तित्व-कृतित्व पर 'बाल साहित्य समीक्षा'(सं. डा. राष्ट्रबंधु, कानपुर, सितम्बर 2007) और 'गुफ्तगू' (सं. मो. इम्तियाज़ गाज़ी, इलाहाबाद, मार्च 2008 द्वारा विशेषांक जारी किया जा चुका है। उनके व्यक्तित्व-कृतित्व पर एक पुस्तक 'बढ़ते चरण शिखर की ओर : कृष्ण कुमार यादव'  (सं0 डा0 दुर्गाचरण मिश्र, 2009, आलोक प्रकाशन, इलाहाबाद) भी प्रकाशित हो चुकी  है। श्री यादव देश-विदेश से प्रकाशित तमाम रिसर्च जनरल, पत्र पत्रिकाओं एवं इंटरनेट पर भी प्रमुखता से प्रकाशित होते रहते हैं।
विश्व पुस्तक मेले में लोकार्पित होगी कृष्ण कुमार यादव Krishna Kumar Yadav की पुस्तक। 
(साभार : पायनियर, 15 फरवरी 2014) 


दिल्ली के पुस्तक मेले में कृष्ण कुमार यादव Krishna Kumar Yadav की पुस्तक भी शामिल।
(साभार : पंजाब केसरी, 16 फरवरी 2014)
 


Krishna Kumar Yadav's '16 Aane 16 Log' to be released at World Book Fair, New Delhi. (Courtesy : Hindustan Times, 15 February 2014) 

विश्व पुस्तक मेला, नई दिल्ली में 'हिंद युग्म' के स्टॉल पर हमारी  पुस्तक ’’16 आने 16 लोग’’ विक्रय और प्रदर्शन के लिए उपलब्ध है। 


Monday, February 17, 2014

आधुनिक प्रौद्योगिकी से लैस होंगे सभी डाकघर: चिदंबरम

वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि देश के सभी 1.55 लाख डाकघर अगले साल से आधुनिक प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल शुरू करेंगे।

चिदंबरम ने कहा कि डाक विभाग की आईटी आधुनिकीकरण परियोजना सभी 1.55 लाख स्थलों पर 2015 तक परिचालन में आ जाएगी। यह परियोजना 4909 करोड़ रुपये के परिव्यय की है।

आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने आईटी आधुनिकीकरण परियोजना को नवंबर 2012 में मंजूरी दी थी। इसे आठ योजनाओं के जरिए कार्यान्वित किया जाएगा, जिनमें कोर बैंकिंग प्रणाली, डाकघरों का आईटी आधारित प्रबंधन शामिल है।

इस परियोजना का उद्देश्य देश के 1.55 लाख डाकघरों में दक्षता तथा पारदर्शिता को बढ़ावा देना है। इस परियोजना के तहत ग्रामीण डाकघरों को वित्तीय लेन देन के लिए हैंडहेल्ड डिवाइस, इसे चार्ज करने के लिए सौर पैनल, बायोमैट्रिक रीडर तथा थर्मल प्रिंटर जैसे उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे।

अब आरटीआई के शुल्‍क का भुगतान इलेक्‍ट्रॉनिक इंडियन पोस्‍टल ऑर्डर (ई-आईपीओ) द्वारा

भारतीय डाक विभाग  ने देश में रहने वाले भारतीय नागरिकों के लिए इलेक्‍ट्रॉनिक इंडियन पोस्‍टल ऑर्डर (ई-आईपीओ) की शुरूआत की है। इससे पहले पिछले साल 22 मार्च 2013 को डाक विभाग ने दुनियाभर में रहने वाले भारतीय नागरिकों के लिए ई-आईपीओ की सेवा शुरू की थी, जिससे विदेशों में रहने वाले भारतीय नागरिकों को आरटीआई अधिनियम 2005 के तहत कोई भी सूचना पाने के लिए ऑनलाइन भुगतान की सुविधा मिल सके। 

ई-आईपीओ एक ऐसी सुविधा है, जिसका इस्‍तेमाल आरटीआई के शुल्‍क का इलेक्‍ट्रॉनिक इंडियन पोस्‍टल ऑर्डर खरीदकर ऑनलाइन भुगतान करने के लिए किया जाता है। यह सुविधा ई-पोस्‍ट ऑफिस पोर्टल-www.epostoffice.gov.in अथवा इंडिया पोस्‍ट वेबसाइट- www.indiapost.gov.in से हासिल की जा सकती है। शुल्‍क का ऑनलाइन भुगतान करने के बाद भुगतान की रसीद की कॉपी आरटीआई आवेदन पत्र के साथ लगानी होती है। इस सेवा की शुरूआत करते हुए इंडिया पोस्‍ट की सचिव श्रीमती पी गोपीनाथ ने बताया कि सेवा को शुरू करने में डाक विभाग के अलावा एनआईसी और कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के संयुक्‍त प्रयास शामिल हैं। इस मौके पर उन्‍होंने भारत में रहने वाले एक भारतीय नागरिक के लिए पहला ई-आईपीओ जारी कर इसे एक आरटीआई कार्यकर्ता को सौंप दिया।

इस सेवा के तहत आवेदनकर्ता को इंडिया पोस्‍ट-www.epostoffice.gov.in के ई-पोस्‍ट ऑफिस अथवा इंडिया पोस्‍ट-www.indiapost.gov.in पर जाकर अपना नाम रजिस्‍टर कर पहली बार एक प्रोफाइल बनाना होगा। इस उद्देश्‍य के लिए किसी भी बैंक के डेबिड और क्रेडिट दोनों ही कार्डों का इस्‍तेमाल किया जा सकेगा।

श्रीमती पी गोपीनाथ ने दो अन्‍य सेवाओं की शुरूआत भी की है। एक है-स्‍थानीय आधारित पिन कोड सर्च डॉयरेक्‍टरी और दूसरा-ई-पोस्‍ट सर्विस के लिए मूल्‍य संवर्द्धन। स्‍थानीय आधारित पिन कोड सर्च डॉयरेक्‍टरी का इस्‍तेमाल स्‍थानीय लोग स्‍थानीय कोड और स्‍थानीय आवश्‍यकताओं के लिए कर सकेंगे। अपने पत्रों आदि सामग्री पर लोकल लेवल के पिन कोड के सही इस्‍तेमाल से पत्र भेजने की प्रक्रिया में काफी तेजी आएगी। इस सुविधा का इस्‍तेमाल इंडिया पोस्‍ट वेबसाइट के जरिए हो सकेगा। 

इस समय ई-पोस्‍ट अपने ग्राहकों को देशभर के 1,55,000 डाकघरों के एक बड़े नेटवर्क के जरिए देशभर में कहीं भी अपना संदेश भेजने की सुविधा प्रदान करता है। ये संदेश इलेक्‍ट्रॉनिक ट्रांसमिशन के जरिए भी भेजे जा सकते हैं और हार्ड कॉपी के जरिए भी। इसके अलावा कॉर्पोरेट वर्ग के ग्राहक विशेष दरों पर ई-पोस्‍ट और अन्‍य सुविधाएं भी ले सकते हैं। ई-पोस्‍ट सर्विस में जो नई सुविधाएं जोड़ी गई हैं वे हैं-अनेक से एक-इस सुविधा के तहत एक ही ई-पोस्‍ट संदेश को कई संदेश भेजने वालों की तरफ से किसी एक संदेशा पाने वाले के ई-मेल बॉक्‍स में भेजा जा सकेगा। एक से अनेक-इस सुविधा के जरिए एक ही ई-पोस्‍ट संदेश को एक भेजने वाले व्‍यक्ति से संदेश पाने वाले कई व्‍यक्तियों के ई-मेल में भेजा जा सकेगा। 

Tuesday, February 4, 2014

विशेष स्पीड पोस्ट से जाएंगे दिल्ली हाईकोर्ट के सम्मन


दिल्ली उच्च न्यायालय के नोटिस/सम्मन की बुकिंग और वितरण के लिए ने विशेष स्पीड पोस्ट सेवा का शुभारंभ किया है । केंद्रीय संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री कपिल सिब्बल ने  एक समारोह में 3  फरवरी, 2014 को इसका शुभारम्भ किया। इस सेवा के अंतर्गत उच्च न्यायालय को वापसी संप्रेषण के जरिए वितरण का सबूत भी प्राप्त होगा। उच्च न्यायालय परिसर में आयोजित इस समारोह के अवसर पर उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमण भी उपस्थित थे।

स्पीड पोस्ट की इस विशेष सेवा के मुख्य पहलू इस प्रकार हैं-दिल्ली उच्च न्यायालय के परिसर में डिस्पैच सैक्शन के पास ग्राहकों की सुविधा के लिए डाकघर का एक विशेष एक्सटेंशन काउंटर खोला गया है। इस एक्सटेंशन काउंटर पर ऐसे विशेष लिफाफे उपलब्ध होंगे, जिन पर 'पीओडी' (प्रूफ ऑफ डिलीवरी) अंकित होगा। इस विशेष स्पीड पोस्ट सेवा से भेजी जाने वाली सामग्री के लिए पृथक बार-कोड सीरीज आवंटित की गई है। विशेष स्पीड पोस्ट सेवा से भेजी जाने वाली सामग्री के वितरण और वितरण के सबूत (पीओडी) की स्थिति की जानकारी भारतीय डाक की वेबसाइट-www.indiapost.gov.in से प्राप्त की जा सकेगी। लोधी रोड स्थित मुख्य डाकघर से दिल्ली उच्च न्यायालय की एक निर्धारित ई-मेल आईडी पर 'पीओडी' की एक स्केंड कॉपी भी भेजी जाएगी। इस सेवा के अंतर्गत स्पीड पोस्ट की बुकिंग के लिए समुचित सॉफ्टवेयर तैयार कर लिया गया है।

(In Picture : The Union Minister for Communications & Information Technology and Law & Justice, Kapil Sibal launching the Speed Post service for summons/ Notices of High Court of Delhi, in New Delhi on February 03, 2014. The Chief Justice, High Court of Delhi, Justice N.V. Ramana and other dignitaries are also seen.)