Tuesday, March 31, 2015

डाकघरों में एटीएम की तैयारी

वक्त के साथ डाक सेवाओं में तमाम बदलाव  आए हैं। 160 साल से पुरानी भारतीय डाक सेवा अब नई टेक्नॉलाजी के साथ नए रूप में लोगों के सामने आ रही है।  सन 1882 से अनवरत बचत बैंक सेवाएं दे रहा डाक विभाग अब बदलते दौर के साथ डाकघरों में सीबीएस और एटीएम जैसी सुविधाएँ उपलब्ध कराने  रहा है। 

इस सम्बन्ध में जानकारी देते हुए राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने  कहा कि डाक विभाग नवीन टेक्नोलाजी के तहत नित्य अपने ग्राहकों को अच्छी सेवा देने के लिए प्रतिबद्ध है और डाक विभाग की महत्वाकांक्षी परियोजना ’आईटी मार्डनाइजेशन प्रोजेक्ट’ के तहत सीबीएस इस दिशा में एक मील का पत्थर है। उन्होंने  बताया कि राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र के अधीन 10 डाक मण्डलों के तहत् 568 डाकघरों में से 84 डाकघरों में सीबीएस आरम्भ किया जा चुका है, जिनमें 19 प्रधान डाकघर शामिल हैं। इनमें से  जोधपुर, जैसलमेर, बीकानेर, चुरू, पाली मारवाड़ व डीडवाना प्रधान डाकघरों में एटीएम लगाये जाने प्रस्तावित हैं, जिनमें जोधपुर व बीकानेर में ये सर्वप्रथम लगेंगे ।  

निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि सीबीएस से जुड़ने के बाद एनीव्हेयर एनीटाइम बैंकिंग के तहत क्रमबद्ध रूप में धीरे-धीरे ग्राहकों को आन लाइन बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, नेट बैंकिंग और एटीएम इत्यादि का लाभ मिल सकेगा। एटीएम के बाद डाक विभाग की काॅल सेंटर, इंटरनेट मोबाइल बैकिंग और नेट बैंकिंग शुरू करने की योजना है।

डाकघरों में लगने वाले एटीएम के सम्बन्ध में निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि  डाकघरों में बचत खाता रखने वाले लोग भी अब डेबिट कार्ड का इस्तेमाल कर सकेंगे। आरम्भिक तौर पर इस एटीएम का इस्तेमाल डाक घरों के खाताधारक ही कर सकेंगे। फिलहाल इस एटीएम से देश के किसी भी कोने में स्थित डाक घरों के सीबीएस बचत खाता धारक ग्राहक पैसे निकाल सकेंगे। इसके लिए उनके खाते में न्यूनतम 5000 रूपये की राशि होना जरुरी है। इस एटीएम से एक दिन में 25 हजार रूपये और एक बार में 10 हजार रूपये निकालने की सुविधा होगी । पुराने खाताधारकों को एटीएम की सुविधा लेने हेतु केवाईसी (नो योर कस्टमर) के तहत अपने पहचान संबंधित दस्तावेज भी उपलब्ध कराने होंगे।रकम निकासी के साथ ग्राहक अपना स्टेटमेंट भी ले सकेंगे। 

गौरतलब है कि डाकघरों के बचत खाताधारकों को यह सुविधा प्रदान करने के लिए केंद्र सरकार ने सरकारी बचत बैंक अधिनियम, 1875 के नियमों में हाल ही में बदलाव किया है। वित्त मंत्रलय ने इस आशय की अधिसूचना जारी कर दी है। इसके मुताबिक कोर बैंकिंग साल्यूशन प्लेटफार्म पर संचालित होने वाले डाकघरों में खातों का संचालन भी ग्राहक इलेक्ट्रानिक कर सकेंगे।





Tuesday, March 17, 2015

राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएं रूप में कृष्ण कुमार यादव ने संभाला कार्यभार

राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के नए निदेशक डाक सेवाएं के रूप में भारतीय डाक सेवा वर्ष 2001 बैच के अधिकारी श्री कृष्ण कुमार यादव ने  16 मार्च 2015 को कार्यभार ग्रहण कर लिया। इस क्षेत्र के अधीन कुल 10  डाक मंडल हैं।  इनमें जोधपुर-जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर, चुरू, झुंझुनू, नागौर, पाली, सीकर, सिरोही-जालोर, श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ शामिल हैं।


मूलतः उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के निवासी श्री यादव इससे पूर्व  इलाहाबाद परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएं के पद पर कार्यरत थे। एक कुशल प्रशासक के रूप में श्री यादव इससे पूर्व सूरत, लखनऊ, कानपुर, अंडमान निकोबार एवं इलाहाबाद में विभिन्न पदों पर कार्य कर चुके है।  श्री कृष्ण कुमार यादव चर्चित हिन्दी साहित्यकार व ब्लाॅगर भी हैं और विभिन्न विधाओं में उनकी 7 पुस्तकें  प्रकाशित हो चुकी हैं। 






साभार 

Thursday, March 5, 2015

डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव को इलाहाबाद से जोधपुर स्थानांतरण पर दी गयी भावभीनी विदाई

 प्रशासन के साथ-साथ सामाजिक व साहित्यिक सरोकरों से जुड़े अधिकारी विरले ही मिलते है। ऐसे अधिकारी न सिर्फ विभाग को नई पहचान देते हैं बल्कि अपनी सक्रियता से समाज में भी विशिष्ट मुकाम हासिल करते है। उक्त उद्गार इलाहाबाद परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव के विदाई समारोह में  वक्ताओं ने पोस्टमास्टर जनरल, इलाहाबाद परिक्षेत्र के कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में व्यक्त किये। श्री यादव को फूल-मालाओं से सुशोभित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि इन फूलों की खुशबू की तरह ही वे देश भर में अपने कार्यों से शोहरत बटोरें। 

गौरतलब है कि प्रशासन के साथ-साथ साहित्य लेखन और ब्लॉगिंग के क्षेत्र में भी चर्चित नाम श्री कृष्ण कुमार यादव का स्थानान्तरण निदेशक डाक सेवाएं, इलाहाबाद परिक्षेत्र से राजस्थान में  निदेशक डाक सेवाएं, जोधपुर परिक्षेत्र के पद पर हो गया है। इस अवसर पर पोस्टमास्टर जनरल कर्नल एस एफ रिजवी ने श्री यादव को उनके नये दायित्वों के बारे में शुभकामनायें देते हुए उज्जवल भविष्य की कामना की। श्री यादव को भावभीनी विदाई देते हुए इलाहाबाद मंडल के प्रवर डाक अधीक्षक रहमतुल्लाह ने कहा कि अपने तीन वर्ष के कार्यकाल में श्री यादव ने डाक सेवाओं को न सिर्फ लोगों  से जोड़ा बल्कि उसे व्यापक आयाम भी प्रदान किये। उन्होंने कहा कि श्री यादव स्टाफ और आमजन दोनों के प्रति संवदेनशील हैं । 


सहायक निदेशक श्री मधुसूदन प्रसाद मिश्रा ने कहा कि डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने अपनी भूमिका को सिर्फ विभागीय ही नहीं बल्कि विस्तृत परिप्रेक्ष्य में देखा। विभागीय कार्यों में तत्परता के साथ -साथ सामाजिक और साहित्यिक सरोकारों से उनका अटूट लगाव, उन्हें एक संवेदनशील और लोकप्रिय अधिकारी के रूप में प्रतिष्ठित करता है। सहायक निदेशक  श्री आर एल राजभर ने  कहा कि श्री कृष्ण कुमार यादव का  इलाहाबाद से जाना बेहद दुखद है, पर ऐसे कर्मठ व्यक्तित्व के कार्यकलापों का फायदा सभी को मिलना चाहिए।    
डाक निरीक्षक ब्रजेश शर्मा ने कहा कि निदेशक के रूप में श्री कृष्ण कुमार यादव जी ने सभी को सकारात्मक रूप में कार्य करने को प्रोत्साहित किया।  पंकज मौर्या ने श्री यादव को युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताया तो विक्रम सिंह ने उनके बहुमुखी व्यक्तित्व और कृतित्व से सीखने की बात कही। 

अपने विदाई-समारोह से अभिभूत डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि इलाहाबाद से उनका लगाव बेहद पुराना है। यहीं इलाहाबाद विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा ग्रहण करने के बाद वर्ष 2001 में सिविल सेवाओं में चयन के बाद दिल में तमन्ना थी कि इलाहाबाद में कभी कार्य करने का मौका मिलेगा तो सौभाग्य होगा। यह सौभाग्य रहा कि इलाहाबाद में तीन वर्षों तक निदेशक के रूप में कार्य करने का सु-अवसर प्राप्त हुआ। श्री यादव ने कहा कि इलाहाबाद अपने साहित्यिक सरोकारों के लिए भी विख्यात है और यहाँ रहते हुए अपने साहित्यिक और सामाजिक परिवेश को वृहत्तर करने में भी काफी मदद मिली। उन्होंने इलाहाबादियों की आत्मीयता की प्रशंसा करते हुए कहा कि जो भी यहाँ एक बार रह लिया, वह इसे भूल नहीं सकता। श्री यादव ने कहा कि प्रयाग  की बहुमूल्य स्मृतियाँ मेरे हृदय में अविरल गंगा और यमुना के साथ हमेशा ही प्रवाहित होती रहेंगी। इलाहाबाद ने मुझे जो अपनत्व और प्रेम दिया, उसका हमेशा ऋणी रहूँगा। 


इस अवसर पर श्री कृष्ण कुमार यादव को पोस्टमास्टर जनरल कर्नल एस एफ रिजवी ने कार्यालय की तरफ से स्मृति चिन्ह भेंट कर उनके सुखद भविष्य की कामना की। इस अवसर पर सीनियर पोस्टमास्टर श्री आर एन यादव, श्री राम सूरत, नंद किशोर, सहायक अधीक्षक श्री राम मिलन, निरीक्षक श्री ज्ञानेन्द्र कुमार, अशोक पांडेय, कमल पांडेय, विनीत टन्डन, लक्ष्मी, ज्योति, राम आसरे पाल सहित तमाम अधिकारी व कर्मचारीगण उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन ब्रजेश शर्मा ने किया। 

(प्रयाग की स्वर्णिम स्मृतियों के साथ विदा हुए डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव) 
नम आँखों से लोगों ने दी भावभीनी विदाई 


Monday, February 23, 2015

Buy Mobile Phones at Post Offices now

These days a number of services are being offered through mobile phones. Even the concept of e-governance has been simplified with the help of mobile phones. For effective implementation of e-governance it is important that mobile phones are made available to everyone at economic rates. Keeping this in view sale of mobile phones have been started from the Post Offices.

Briefing about this Mr. Krishna Kumar Yadav, Director Postal Services, Allahabad Region said that under a contract with M/s Pantel Technology Private Ltd., Postal Department has started sale of ‘Penta Bharat Phones’ from Post Offices. These mobile phones are available for rupees 1199 (5 % VAT extra) with a number of features. Other than Bluetooth, Film and file sharing this phone also has FM. This mobile phone also have the features of free memory card, JAVA, Multimedia and games, digital camera, dual sim, dual standby, SMS alerts and torch. Other than this phone also have the feature to track mobile through SMS, 1200 minutes free talk time and facility to chat with friends through Whatsapp.

Mr. Krishna Kumar Yadav, Director Postal Services, said that Penta Bharat phones are being sold through 19 Post Offices in Allahabad Region. Penta Bharat Phones are available for sale in white and black colors in all Head Post Offices and identified Post Offices. It includes, Allahabad Head Post Office and Allahabad Kty. Head Post Office, Sirathu and Manjhanpur in Allahabad; Pratapgarh Head Post Office and Kunda in Pratapgarh; Mirzapur Head Post Office, Robertsganj, Shaktinagar, and Obra in Mirzapur; Ghazipur Head Post Office in Ghazipur; Jaunpur head Post Office and Manriyanhu in Jaunpur; Visheswarganj and Cantt. Head Post Office, Hindu Vishwa Vidyalaya, Chandauli, Gyanpur Bhadohi in Varanasi.


डाकघर से मोबाईल, वाट ऐन आइडिया सर जी !

आजकल मोबाइल फोन में तमाम सुविधाएं मिल रही हैं । यहाँ तक कि ई-गर्वनेंस की अवधारणा भी कहीं न कहीं मोबाइल के माध्यम से आसान हो गयी है। इसके लिए जरूरी है कि मोबाइल फोन को हर किसी तक किफायती मूल्य में पहुँचाया जाय ताकि जन सुविधाएं आसानी से लोगों को एक क्लिक पर उपलब्ध हो सकें। इसी के मद्देनजर डाकघरों से अब मोबाइल फोन की बिक्री भी आरंभ हो रही है। 

इस संबंध में जानकारी देते हुए इलाहाबाद परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि डाक विभाग मेसर्स पैन्टल टेक्नालाॅजी प्राइवेट लिमिटेड के साथ एक करार के तहत डाकघरों से  ’’पेंटा भारत फोन’’ की बिक्री कर रहा है। यह मोबाइल फोन 1199 रुपये (5 प्रतिशत वैट अतिरिक्त) की रियायती कीमत में कई खूबियों के साथ उपलब्ध हैं। ब्लूटूथ, फिल्म और फाइल्स शेयर करने के साथ ही एफएम का आनंद उठाया जा सकता है। फ्री मेमोरी कार्ड, जावा इन्बिल्ड, मल्टीमीडिया और गेम्स, डिजिटल कैमरा, डबल सिम, डबल स्टैंडबाई और एसएमएस अनुसूचक के साथ ही मोबाइल में टार्च की सुविधा भी है। यही नहीं मोबाइल ट्रैकर से एसएमएस के जरिए अपना मोबाइल खोजने और 1200 मिनट के मुफ्त टाक टाइम के साथ इससे वाट्सऐप के जरिए दोस्तों से चैैट किया जा सकेगा। 

डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि इलाहाबाद परिक्षेत्र में पेन्टा भारत फोन की बिक्री वर्तमान में 19 डाकघरो से की जा रही है। पेंटा भारत फोन सफेद और काले रंग में बिक्री के लिए सभी प्रधान डाकघरों व अन्य चिन्हित डाकघरों में उपलब्ध है। इनमें इलाहाबाद में इलाहाबाद प्रधान डाकघर, कचेहरी प्रधान डाकघर, सिराथू व मंझनपुर डाकघर, प्रतापगढ़ में प्रधान डाकघर व कुण्डा, मिर्जापुर में प्रधान डाकघर एवं रार्बटसगंज, शक्तिनगर व ओबरा,  गाजीपुर में गाजीपुर प्रधान डाकघर, जौनपुर में प्रधान डाकघर व मडि़याहूँ एवं वाराणसी में विश्वेश्वरगंज, कैंट प्रधान डाकघर व हिन्दू विश्वविद्यालय एवं चन्दौली, ज्ञानपुर व भदोही डाकघर शामिल हैं ।





Thursday, February 19, 2015

Sukanya Samriddhi Yojna in Post Offices for Happy future of Girl Child

The advancement of the girl child depends on her education. The future of society lies upon the happiness & prosperity of the girl child. A function was organised at Varanasi Head Post Office in order to spread the scheme among the masses. Mr.  Krishna Kumar  Yadav, Director Postal Services Allahabad Region was present as the chief guest.  

Speaking on the occasion Mr. Krishna Kumar Yadav, Director Postal Services Allahabad Region said that for the purpose of managing the higher education and marriage expenses of the girl child the Post Office has launched a new scheme called “Sukanya Samriddhi Yojna”.  Under this scheme an account can be opened in any Post Office in the name of the girl child whose age group falls between her birth and up to the age of 10 years.  A minimum of Rs. 1000/- & maximum 1.50 Lacs  can be deposited in any one financial year.  The present interest rate payable is 9.10% and there is a provision for income tax rebate as well.  This account can be transferred to any Post Office across the country.


Mr. KK Yadav, Director Postal Services told that this facility of Sukanya Samriddhi Yojana would be available up to two girl children.  But if twin daughters are born after the first daughter then in that case the facility of the scheme would be extended to the third daughter as well. This account would be opened and operated by the parents/guardians of the girl child.  The parents/guardians will operate the account up the age of 10 years.  The daughters can operate their account after the age of 10 years. Under the scheme the amount shall be deposited up to the 14 years from the date of opening. A penalty of Rs. 50/- is payable in case the minimum amount is not deposited in any financial year.

Sr. Supdt. Of Post Offices Varanasi East Division Shri Raj Kishore said that under this scheme half the amount at credit in the account can be taken out as withdrawal when the girl child reaches the age of 18 years.  The account shall mature after 21 years or the date of marriage of the girl child whichever is earlier subject to the condition that the girl attains the age of 18 years.  The account shall stand closed on the death of the depositor and amount shall be paid to the guardian along with the interest up to the preceding month in which the account is closed.

Supdt. Varanasi West Dn. Mr. H.G. Verma said that the birth certificate of the girl child, passport size photo of parent/guardian, Id Proof of the depositor and proof of residence are compulsory documents to be submitted at time of opening account. Shri OP Singh , Sr. Postmaster was also present. 

During the period, a total of 200 accounts under this Scheme were opened. The passbooks of these accounts were presented by the Director Postal Services Allahabad Region Mr. Krishna Kumar Yadav and he wished them happy and prosperous life ahead.  

बेटियों के सुखद भविष्य के लिए डाकघरों में आरंभ हुयी सुकन्या समृद्धि योजना

बेटियांँ पढ़ेंगी तो बेटियांँ बढ़ेंगी। बेटियों की समृद्धि और खुशहाली में ही समाज का भविष्य टिका हुआ है। इसी के मद्देनजर बेटियों की उच्च शिक्षा और उनके विवाह के लिए डाकघरों में सुकन्या समृद्धि योजना आरंभ की गयी है। इस संबंध में जानाकारी देते हुए इलाहाबाद परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत बेटी के जन्म से लेकर 10 वर्ष की आयु तक कभी भी किसी भी डाकघर में यह खाता खोला जा सकता है। इसमें एक वित्तीय वर्ष में न्यूनतम 1,000 और अधिकतम डेढ़ लाख रूपये जमा किये जा सकते हैं । इस पर वर्तमान में 9.1 प्रतिशत ब्याज देय है और जमा धनराशि में आयकर छूट का भी प्राविधान है। इस खाते को देशभर में किसी भी डाकघर में स्थानांतरित किया जा सकता है।

 डाक निदेशक श्री यादव ने बताया कि सुकन्या समृद्धि योजना की सुविधा केवल 2 बेटियों के लिए ही मिलेगी। लेकिन, पहली बेटी के बाद यदि जुड़वा बेटियाँ पैदा होती है तो तीसरी बेटी को भी उसका लाभ मिलेगा। यह खाता बालिका के अभिभावकों द्वारा खोला या संचालित किया जायेगा। वे बालिका के दस साल का होने तक खाते का परिचालन करेंगे। 10 साल की आयु पूरी होने के बाद बालिका खुद खाते का परिचालन कर सकेगी। इस योजना में खाता खोलने से 14 वर्ष तक धन जमा कराना होगा। यदि किसी वित्तीय वर्ष खाते में किसी कारणवश न्यूनतम राशि जमा नहीं हो पाती है तो दंड के रूप में पचास रूपये जमा कर खाते को पुनः संचालित किया जा सकता है।  

 निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि बालिका की उच्चतर शिक्षा और विवाह आदि आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए इसमें से 50 फीसदी राशि बालिका के 18 वर्ष पूरा होने पर निकाली जा सकती है। खाते की परिपक्वता अवधि उसके खोले जाने से 21 वर्ष पूरे होने या बालिका के विवाह के वक्त जो भी पहले लागू हो तक होगी, बशर्ते बालिका की आयु न्यूनतम 18 वर्ष हो चुकी हो। खाताधारक की मृत्यु होने पर इसे तत्काल बंद कर दिया जाएगा और खाते में रखी राशि का खाता बंद होने के पिछले महीने तक के ब्याज के साथ अभिभावक को भुगतान कर दिया जाएगा।

प्रवर डाक अधीक्षक, इलाहाबाद मंडल श्री रहमतउल्लाह ने बताया कि खाता खोलने के लिए बालिका का जन्म प्रमाणपत्र, अभिभावक का फोटोग्राफ, जमाकर्ता की पहचान और आवासीय प्रमाण से संबंधित दस्तावेज देना अनिवार्य है।


Wednesday, February 18, 2015

इलाहाबाद में आरम्भ हुई थी 18 फरवरी 1911 को दुनिया की पहली हवाई डाक सेवा

डाक सेवाओं ने पूरी दुनिया एक लम्बा सफर तय किया है। डाक सेवाओं के क्षेत्र में इलाहाबाद का स्थान प्रमुख है। इलाहाबाद को यह सौभाग्य प्राप्त है कि दुनिया की पहली हवाई डाक सेवा यहीं से आरम्भ हुई। इलाहाबाद परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवायें कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि यह ऐतिहासिक घटना  104 वर्ष पूर्व 18 फरवरी 1911 को इलाहाबाद में हुई। संयोग से उस साल कुंभ का मेला भी लगा था। उस दिन दिन  फ्रेंच पायलट मोनसियर हेनरी पिक्वेट ने एक नया इतिहास रचा था। वे अपने विमान में इलाहाबाद से नैनी के लिए 6500 पत्रों को अपने साथ लेकर उडे। विमान था हैवीलैंड एयरक्राफ्ट और इसने दुनिया की पहली सरकारी डाक ढोने का एक नया दौर शुरू किया। 

डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव के अनुसार इलाहाबाद में उस दिन डाक की उड़ान देखने के लिए लगभग एक लाख लोग इकट्ठे हुए थे जब एक विशेष विमान ने शाम को साढ़े पांच बजे यमुना नदी के किनारों से उड़ान भरी और वह नदी को पार करता हुआ 15 किलोमीटर का सफर तय कर नैनी जंक्शन के नजदीक उतरा जो इलाहाबाद के बाहरी इलाके में सेंट्रल जेल के नजदीक था। आयोजन स्थल एक कृषि एवं व्यापार मेला था जो नदी के किनारे लगा था और उसका नाम ‘यूपी एक्जीबिशन’ था। इस प्रदर्शनी में दो उड़ान मशीनों का प्रदर्शन किया गया था। विमान का आयात कुछ ब्रिटिश अधिकारियों ने किया था। इसके कलपुर्जे अलग अलग थे जिन्हें आम लोगों की मौजूदगी में प्रदर्शनी स्थल पर जोड़ा गया। इलाहाबाद से नैनी जंक्शन तक का हवाई सफ़र आज से 104  साल पहले मात्र  13 मिनट में पूरा हुआ था।

निदेशक कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि हालांकि यह उडान महज छह मील की थी, पर इस घटना को लेकर इलाहाबाद में ऐतिहासिक उत्सव सा वातावरण था। ब्रिटिश एवं कालोनियल एयरोप्लेन कंपनी ने जनवरी 1911 में प्रदर्शन के लिए अपना एक विमान भारत भेजा थाए जो संयोग से तब इलाहाबाद आया जब कुम्भ का मेला भी चल रहा था। वह ऐसा दौर था जब जहाज देखना तो दूर लोगों ने उसके बारे में ठीक से सुना भी बहुत कम था। ऐसे में इस ऐतिहासिक मौके पर अपार भीड होना स्वाभाविक ही था। इस यात्रा में हेनरी ने इतिहास तो रचा ही पहली बार आसमान से दुनिया के सबसे बडे प्रयाग कुंभ का दर्शन भी किया। 

 निदेशक डाक सेवाएँ कृष्ण कुमार यादव के अनुसार कर्नल वाई विंधाम ने पहली बार हवाई मार्ग से कुछ मेल बैग भेजने के लिए डाक अधिकारियों से संपर्क किया जिस पर उस समय के डाक प्रमुख ने अपनी सहर्ष स्वीकृति दे दी। मेल बैग पर ‘पहली हवाई डाक’ और ‘उत्तर प्रदेश प्रदर्शनी, इलाहाबाद’ लिखा था। इस पर एक विमान का भी चित्र प्रकाशित किया गया था। इस पर पारंपरिक काली स्याही की जगह मैजेंटा स्याही का उपयोग किया गया था। आयोजक इसके वजन को लेकर बहुत चिंतित थे, जो आसानी से विमान में ले जाया जा सके। प्रत्येक पत्र के वजन को लेकर भी प्रतिबंध लगाया गया था और सावधानीपूर्वक की गई गणना के बाद सिर्फ 6,500 पत्रों को ले जाने की अनुमति दी गई थी। विमान को अपने गंतव्य तक पहुंचने में 13 मिनट का समय लगा।

भारतीय डाक पर एक पुस्तक लिख चुके श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया  कि इस पहली हवाई डाक सेवा का विशेष शुल्क छह आना रखा था और इससे होने वाली आय को आक्सफोर्ड एंड कैंब्रिज हास्टल इलाहाबाद को दान में दिया गया। इस सेवा के लिए पहले से पत्रों के लिए खास व्यवस्था बनाई गई थी। 18 फरवरी को दोपहर तक इसके लिए पत्रों की बुकिंग की गई। पत्रों की बुकिंग के लिए आक्सफोर्ड कैंब्रिज हॉस्टल में ऐसी भीड लगी थी कि उसकी हालत मिनी जीपीओ सरीखी हो गई थी। डाक विभाग ने यहां तीन चार कर्मचारी भी तैनात किए थे। चंद रोज में होस्टल में हवाई सेवा के लिए 3000 पत्र पहुंच गए। एक पत्र में तो 25 रूपये का टिकट लगा था। पत्र भेजने वालों में इलाहाबाद की कई नामी गिरामी हस्तियां तो थी हीं, राजा महाराजे और राजकुमार भी थे।









Please also read here : 
World's 1st Air Mail started during Maha Kumbh in 1911 (Courtesy : Times of India)


Friday, February 13, 2015

Passion for ICC World Cup Cricket on Postage Stamps also

Good news for cricket and philately aficionados of the India is that postal department will make available souvenir sheet released by the New Zealand Post Commemorate ICC Cricket World Cup-2015, begin on 14 February, 2015.The biggest cricketing event is being co-hosted by Australia and New Zealand.Passion for Cricket World Cup is growing around the world. Everyone wants to collects items related to it as souvenirs. To commemorate this occasion, New Zealand Post has brought a souvenir sheet which is being made available in India also.  

Briefing about this Mr. Krishna Kumar Yadav, Director Postal Services, Allahabad Region said that based on the theme of ‘14 teams, one champion’, this souvenir sheet of stamps depicts the logo of cricket World Cup and colours of 14 participating nations in the form of cricket ball shaped stamps. We all may have seen Postage Stamps in various shapes, but it will be the first time that postage stamps will be issued in ball shape. Mr. Yadav also said that keeping in view Indian Cricket fans, 2 World Cup victories by India in 1983 and 2011 have been depicted on this stamp. 
Director Postal Services Mr. Krishna Kumar Yadav said that this souvenir sheet of 14 Postage Stamps is available for sale for rupees 400. A discount of 20 percent will be provided on pack of five sheets. Mr. Yadav said that these postage stamps are available in all Philatelic Bureaus. In Allahabad Region these stamps are available at Philatelic Bureau at Allahabad Head Post Office and Varanasi Head Post Office situated at Visheswarganj. Mr. Yadav also said that if required these stamps will be also sold from other Post Offices.



(Courtesy : Hindustan Times)

Thursday, February 12, 2015

विश्व कप क्रिकेट के प्रति दीवानगी अब डाक टिकटों पर : क्रिकेट बाल के आकार में जारी हुए डाक टिकट

विश्व कप क्रिकेट के प्रति पूरी दुनिया में दीवानगी है। हर कोई इससे जुड़ी चीजों को यादगार रूप में सहेज कर रखना चाहता है। विश्व कप 14  फरवरी से आस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की मेजबानी में आरंभ होने जा रहा है और इसे यादगार बनाने हेतु न्यूजीलैंड ने डाक टिकटों की एक विशेष शीट जारी की है, जिसे कि भारत में भी उपलब्ध कराया जा रहा है।  

इस संबंध में जानकारी देते हुए इलाहाबाद परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि 14 टीम, एक चैंपियन थीम पर जारी इस विशेष डाक टिकट शीट पर विश्व कप का लोगो एवं विश्व कप किक्रेट में भाग लेने वाले 14 देशों को गेंदाकार रूप में रंगीन डाक टिकट पर प्रदर्शित किया गया है। अभी तक आपने भिन्न-भिन्न आकारों में डाक टिकट देखी होंगी, पर यह पहली बार है कि डाक टिकटों को किक्रेट की गेंद  के आकार में जारी किया गया है। श्री यादव ने बताया कि भारतीय किक्रेट प्रेमियों के मद्देनजर इस पर भारत द्वारा दो बार 1983 व 2011 में विश्व कप जीतने का भी उल्लेख है। 

डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि 14 डाक टिकटों की यह विशेष शीट 400 रूपये में बिक्री के लिए उपलब्ध है। 5 शीटों के पैक पर 20 प्रतिशत की छूट भी दी जायेगी। श्री यादव ने बताया कि यह डाक टिकटें सभी फिलेटलिक ब्यूरो में उपलब्ध हैं । इलाहाबाद परिक्षेत्र में यह प्रधान डाकघर इलाहाबाद एवं प्रधान डाकघर विशेश्वरगंज वाराणसी में स्थित फिलेटलिक ब्यूरो में उपलब्ध हैं। श्री यादव ने कहा कि आवश्यकतानुसार इनकी बिक्री अन्य डाकघरों से भी करायी जायेगी। ये डाक टिकटें ई-पोस्ट आफिस और स्नैपडील के माध्यम से भी उपलब्ध करायी जा रही हैं। 

Wednesday, February 11, 2015

प्रधानमंत्री मोदी के सांसद आदर्श ग्राम जयापुर में खुला डाकघर

सांसद आदर्श ग्राम के तहत प्रधानमंत्री माननीय श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा वाराणसी में गोद लिये गये जयापुर गांव में ग्रामवासियों की सुविधा हेतु 24 जनवरी 2015 को डाक विभाग द्वारा एक नया शाखा डाकघर खोला गया। इस डाकघर में डाक टिकट बिक्री, स्पीड पोस्ट, रजिस्ट्री बुकिंग, बचत योजना एवं ग्रामीण डाक जीवन बीमा इत्यादि जैसी प्रमुख सुविधाएं उपलब्ध करायी गयी हैं। 

इसका उद्घाटन ग्राम प्रधान श्रीमती दुर्गावती देवी ने डाक अधीक्षक, वाराणसी पश्चिमी श्री एच.जी. वर्मा की उपस्थिति में फीता काट कर किया। ग्राम प्रधान श्रीमती दुर्गावती देवी ने इस अवसर पर डाक विभाग की पहल को सराहा। उन्होंने कहा कि गाँव में डाकघर खुलने से तमाम कार्यों में सहूलियत होगी और इसके लिए अब दूर नहीं जाना होगा। उन्होंने इस अवसर पर ग्राम वासियों से डाक बचत योजनाओं में अधिकाधिक निवेश करने एवं ग्रामीण डाक जीवन बीमा के तहत अपना बीमा कराने की भी अपील की।

इस अवसर पर गांँव में ’’राष्ट्रीय बालिका दिवस’’ भी मनाया गया। इसके तहत गाँंव वालों ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदीजी के ’’बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’’ अभियान के तहत शपथ ली। इस अवसर पर ग्राम प्रधान श्रीमती दुर्गावती देवी ने ग्रामीणों से बेटियों को पढ़ाने एवं उनके नाम एक बचत खाता खोलने की भी अपील की। इस अवसर पर सहायक डाक अधीक्षक पश्चिम श्री संजय कुमार गुप्ता ने लोगों का स्वागत किया और आभार ज्ञापन शाखा डाकपाल श्री भुइधर राम द्वारा किया गया।

जयापुर शाखा डाकघर का लेखा कार्यालय जक्खिनी उपडाकघर है और इसका पिनकोड 221305 है। इस शाखा डाकघर द्वारा कुल 5 गाँवों-जयापुर, मुसेपुर, मानिकपुर, साहिल, वीरसिंहपुर, चंदापुर, पचई, सिंघई में सेवाएं दी जायेंगी। इसके तहत 1952 परिवार, जिनकी जनसंख्या 13681 है आच्छादित होंगे।

अल्प समय में ही डाकघर से तमाम लोग जुड़े हैं। हर दिन कई लोग डाकघर की सेवाओं की जानकारी लेने पहुँच  रहे हैं। 11 फरवरी तक जयापुर शाखा डाकघर में विभिन्न लघु बचत योजनाओं  के अन्तर्गत  ग्राम वासियों द्वारा 767 खाते खोले जा चुके हैं । गाँव के 5 लोगों ने ग्रामीण डाक जीवन बीमा भी कराया है। 

Tuesday, February 10, 2015

डाक विभाग का पहला एटीएम वाराणसी में

वाराणसी : भारतीय डाक विभाग ने पोस्टल बैंक की तरफ कदम बढ़ा दिए हैं। देश के सभी डाकघर जल्द ही बैंक की तरह काम करेंगे। इसी क्रम में केंद्रीय संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशकर प्रसाद ने रविवार, 8 फरवरी 2015  को उत्तर प्रदेश में डाक विभाग के पहले एटीएम का शुभारंभ वाराणसी कैंट प्रधान डाकघर में किया।

मुख्य अतिथि रविशंकर प्रसाद ने कहा कि देश में लगभग डेढ लाख डाकघर मौजूद होने के बावजूद इस संस्था का भरपूर उपयोग नहीं हुआ।  उन्होंने कहा डाक विभाग में सूचना प्रौद्योगिकी आधुनिकीकरण परियोजना के तहत नई प्रौद्योगिकी का समावेश किया जा रहा है, जिसमें भविष्य में सभी ग्रामीण क्षेत्रों के सभी शाखा डाकघरों में भी ऑनलाइन सेवा शुरू हो जाएगी।  
प्रसाद ने कहा कि एटीएम का बटन दबाने से आज डाक विभाग बैंकों के साथ प्रतिस्पर्धा में खड़ा हो
गया है।  डाक विभाग पोस्टल बैंक की तरफ मजबूती से बढ़ रहा है। डेढ़ लाख डाक घरों में पोस्टल बैंक होगा जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में पकड़ और मजबूत होगी। बोले, डाक विभाग में सूचना प्रौद्योगिकी आधुनिकीकरण परियोजना (आईटी माडर्नाइजेशन) के तहत नई प्रौद्योगिकी का समावेश किया जा रहा है। भारतीय डाक विभाग का नेटवर्क विश्व में सबसे बड़ा नेटवर्क है और मुझे लगता है कि संचार क्रांति के बाद डाकघरों की यह नेटवर्किंग दूसरी बड़ी क्रांति होगी। उन्होंने आश्वासन भी दिया कि आधुनिक प्रौद्योगिकी के कारण किसी डाककर्मी की नौकरी नहीं जाएगी। डाक कर्मी पारपंरिक कार्य करने के साथ  ही नए कार्य करनें की आदत डालें।

ई-कॉमर्स कारोबार 70 हजार करोड़

आज देश में ई- कॉमर्स का कारोबार 70 हजार करोड़ का है जिसमें डाक विभाग ने भी अपनी भागीदारी बढ़ा दी है। कैश ऑन डिलीवरी की सुविधा भी दे रहा है। रविशंकर प्रसाद ने बताया कि मंत्रालय संचार के क्षेत्र में ऐतिहासिक काम कर रहा है जिसके तहत देशभर के ग्राम पंचायतों को ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क से जोड़ा जाएगा जहा एक कॉमन सर्विस सेंटर के तहत कई काम किए जा सकेंगे। वही ई-कैश ट्रासफर की सुविधा भी मिल सकेगी जिससे दूर दराज का कोई भी व्यक्ति अपने परिजन को पैसा भेज सकता है।

डाक विभाग की उत्तर प्रदेश की प्रमुख पोस्टमास्टर जनरल डा.सरिता सिंह ने कहा कि जल्द ही उत्तर प्रदेश में 88 एटीएम स्थापित किए जाएंगे। बोलीं, बचत बैंक और बचत पत्रों से प्राप्त राजस्व के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश भारत का सर्वाधिक राजस्व अर्जित करने वाला परिमंडल है। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि विधायक श्यामदेव राय चौधरी, रवींद्र जायसवाल, संचार सचिव राकेश गर्ग, मण्डलायुक्त आर. एम. श्रीवास्तव,  पोस्टमास्टर जनरल कर्नल एफ़ एस रिजवी आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन इलाहाबाद परिक्षेत्र के  निदेशक डाक सेवाएं कृष्ण कुमार यादव ने किया।

इलाहाबाद परिक्षेत्र के  निदेशक डाक सेवाएं कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि डाक विभाग ने आईटी मार्डनाइजेशन प्रोजेक्ट के तहत डाकघरों को कोर बैंकिंग से जोड़ने की पहल की है। कोर बैंकिंग से जुड़ने के बाद ऐनीव्हेयर एनीटाइम बैंकिंग के तहत क्रमबद्ध रूप से धीरे-धीरे डाक घर के ग्राहकों को आनलाइन बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, नेट बैंकिंग और एटीएम आदि का लाभ देने की तैयारी है। उन्होंने बताया कि कैंट स्थित प्रधान डाकघर में प्रदेश का पहला डाक एटीएम लगा है। अब तक प्रदेश के 262 डाकघर कोर बैंकिंग सिस्टम से जुड़े चुके हैं। जिनमें वाराणसी डाक मंडल के आठ डाकघर शामिल हैं। इनमें कैंट प्रधान डाकघर के अलावा विशेश्वरगंज प्रधान डाकघर, काशी विद्यापीठ, बीएचयू हास्पिटल, डीरेका, बड़ागांव, भदोही और औराई डाकघर शामिल हैं।